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पलामू के मेडिकल कॉलेज में मची अफरातफरी, मेस में एलपीजी खत्म होने से बंद हुई छात्रों की चाय और अंडा

 मेदिनीनगर झारखंड के पलामू के पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एलपीजी गैस की किल्लत से मेडिकल कालेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता में कटौती की गई है. चाय और अंडा बंद कर दिया गया है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. छात्र हुए नाराज छात्रों ने बताया कि पिछले एक माह से नाश्ता में केला दिया जा रहा है. एलपीजी गैस की सुविधा रहने से अंडा, केला और चाय सुबह में मिलता था. गैस की कमी के कारण मेस संचालक को काफी परेशानी हो रही है. छात्रों ने बताया कि मेंस संचालक ने छात्रों को जानकारी दिया था कि गैस की कमी के कारण खाना तैयार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अल्टीमेटम दिया है कि सुबह का नाश्ता और खाना उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है. इससे छात्र काफी नाराज हो गए थे. संचालक को मेस चलाना मुश्किल मेस संचालक ने ब्लैक में गैस लेकर नाश्ता और खाना बनाना शुरू किया. जो काफी महंगा पड़ रहा है. ब्लैक में गैस लेने के कारण में संचालक को मेस चलाना मुश्किल हो रहा है. उसने विद्यार्थियों को पैसा बढ़ाने की बात कही, जिससे इस समस्या से निजात मिल सके. लेकिेन छात्र संचालक के बात से सहमत नहीं हुए. इस कारण मेस संचालक को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. मेडिकल कालेज मेस में हर तीन सिलिंडर की खपत मेदिनीराय मेडिकल कालेज के मेस में खाना बनाने के लिए हर दिन 40 केजी गैस की जरूरत है. कालेज में करीब 500 छात्र और छात्राएं पढ़ाई करते हैं. सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना बनाने के लिए हर दिन गैस की जरूरत पड़ती है. इसके लिए महीने में 60 सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है. गैस की किल्लत के कारण मेस संचालक को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण उन्हें ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने के कारण मेस का खर्च बढ़ जा रहा है. मेस का खर्च बढ़ने के कारण संचालक काफी परेशान हैं. मेस संचालक ने बताया कि गैस की किल्लत होने के कारण लकड़ी या कोयले से खाना बनाना पड़ सकता है. इससे काफी परेशानी होगी. समय पर भोजन नहीं मिल पाएगा. मेडिकल कॉलेज जिला प्रशासन को भेजेगा पत्र मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जक्का श्रीनिवासन राव ने कहा कि मेस संचालक को आवेदन देने के लिए कहा गया है. आवेदन को जिला प्रशासन को भेजा जाएगा, जिससे कि गैस की उपलब्धता आसानी से हो सके.

LPG की किल्लत दूर, ‘ग्रीन आशा’ टैंकर लेकर मुंबई पहुंची 15,400 टन रसोई गैस

 मुंबई नवी मुंबई के समुद्री तट से एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है. मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे युद्ध और तनाव के बीच रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) लेकर एक भारतीय जहाज सुरक्षित भारत पहुंच गया है. जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (Jawaharlal Nehru Port Authority) ने गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को बताया कि 15,400 टन एलपीजी लेकर आ रहा एक बड़ा जहाज नवी मुंबई के पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच चुका है. यह खबर इसलिए खास है, क्योंकि इस जहाज ने इस वक्त दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पार किया है, जहां इस समय ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी जंग की वजह से भारी तनाव बना हुआ है।  जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि ग्रीन आशा (Green Asha) नाम का यह भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से अपनी मंजिल पर पहुंच गया है. इस जहाज को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के उस विशेष हिस्से (बर्थ) पर खड़ा किया गया है, जिसका संचालन भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Bharat Petroleum Corporation Limited) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil Corporation) मिलकर करते हैं. पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से यह इस तरह का पहला जहाज है, जो इतने खतरनाक माहौल के बावजूद वहां से निकलकर सीधे इस पोर्ट पर पहुंचा है. अधिकारियों का कहना है कि यह भारत के लिए एक बड़ी जीत जैसा है क्योंकि युद्ध के कारण इस रास्ते से गुजरना बहुत मुश्किल हो गया था । सुरक्षित हैं कर्मचारी और जरूरी सामान इस पूरे मिशन की सबसे अच्छी बात यह रही कि जहाज पर मौजूद चालक दल (क्रू) के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं. जहाज में लदी 15,400 टन एलपीजी और खुद जहाज को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. पोर्ट अथॉरिटी ने अपने बयान में कहा है कि ग्रीन आशा का सुरक्षित आना यह दिखाता है कि मुश्किल अंतरराष्ट्रीय हालातों और लड़ाई के बावजूद भारत अपनी समुद्री ताकत के दम पर देश के लिए जरूरी चीजों की सप्लाई जारी रखने में सक्षम है. यह जहाज भारत में रसोई गैस की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण था  क्यों खास है यह पोर्ट और समुद्री रास्ता नवा शेवा पोर्ट (Nhava Sheva Port) के नाम से मशहूर यह बंदरगाह भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बहुत बड़ा रोल निभाता है. यहां से पूरे देश में गैस और तेल की सप्लाई की जाती है।  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वह समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपनी तेल और गैस की जरूरतें पूरी करता है, लेकिन ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने इस रास्ते को जोखिम भरा बना दिया है. ऐसे में भारतीय तिरंगे वाले जहाज का वहां से सुरक्षित निकल आना यह भरोसा दिलाता है कि भविष्य में भी भारत अपनी ऊर्जा सप्लाई को इसी तरह बरकरार रखेगा। 

एमपी में किसानों के लिए बड़ी राहत: चार संभागों में शुरू हुई गेहूं खरीदी, सरकार देगी बोनस

भोपाल   न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी आज से भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग के जिलों में हुई शुरू । इसके लिए तीन दिन पहले से स्लॉट बुकिंग शुरू हो गई थी, जिन किसानों ने गेहूं तुलाई की तारीख 9 अप्रेल चुनी होगी, उनका ही गेहूं खरीदा जाएगा। शेष संभागों में खरीदी 15 अप्रेल से होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को किसानों व जनप्रतिनिधियों से वर्चुअल चर्चा की। बारिश-धूप से बचाव के इंतजाम किए जाएं सीएम ने कहा कि मप्र किसान जब उपज लेकर केंद्रों तक आएं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्रों की होगी। बेमौसम बारिश में किसानों की उपज न भीगे। गर्मी में उन्हें परेशान न होना पड़े, इसका ध्यान रखा जाए। अगले वर्षों में 2700 रुपए देंगे सीएम ने किसानों से कहा कि सरकार हर किसान का गेहूं खरीदेगी। भुगतान समय पर करेंगे। इस साल बोनस मिलाकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान होगा। आगामी वर्षों में राशि 2700 प्रति क्विंटल तक लेकर जाएंगे।  बता दें कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त बोनस के रूप में 40 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है। इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3 हजार 627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अपना पंजीयन कराया था। हेल्प डेस्क बनाए, सीएम ने किसानों को भी दिए निर्देश सीएम मोहन यादव ने बताया कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पंप्लेट और होर्डिंग के जरिए भी किसानों को व्यवस्था के संबंध में जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। बताते चलें कि वर्ष 2026 से किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उनके कल्याण तथा हितों से जुड़ी शासन की योजनाओं से भी अवगत कराए जाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कार्यालयों को घेरने की तैयारी में कांग्रेस मध्य प्रदेश में देरी से गेहूं की खरीद शुरू होने के मामले में एमपी कांग्रेस, किसान कांग्रेस के पदाधिकारी और सभी जिलों के अध्यक्ष कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करने की तैयारी कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी छतरपुर जिले में प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। आज से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। 15 अप्रैल से प्रदेश के दूसरे संभागों में गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी।

शिक्षा में सख्त नियम: पटना के प्राइवेट स्कूलों को चेतावनी, गरीब बच्चों के दाखिले से इनकार पर भारी जुर्माना

पटना. शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के प्रविधानों के तहत राज्य सरकार से प्रस्वीकृति प्राप्त निजी विद्यालयों की मनमानी पर नकेल कसेगी। ऐसे विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीट पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं अलाभकारी समूह के बच्चों का नामांकन नहीं लेने वाले विद्यालय प्रबंधन पर एक लाख रुपये तक आर्थिक जुर्माना लगाने की कार्रवाई होगी। विद्यालय द्वारा नर्सरी या कक्षा एक में नामांकन के लिए लाभुक वर्ग के बच्चे की साक्षात्कार या टेस्ट (स्क्रीनिंग प्रक्रिया) लिया तो आर्थिक दंड भी लगेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान) को निर्देश पत्र भेजकर कहा है कि आरटीई कानून का पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके बाद विद्यालय द्वारा दूसरी बार उल्लंधन करने पर 50 हजार रुपये आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सरकार ने बिना स्वीकृति प्राप्त किए कोई प्रारंभिक विद्यालय संचालित रखने पर दोषी व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। निर्धारित तिथि के बाद भी विद्यालय संचालित रखने पर प्रतिदिन 10-10 हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूल किया जाएगा।

रोजगार दिवस पर ‘मोर गांव मोर पानी’ योजना से जल संरक्षण को नई दिशा, युवाओं की भागीदारी पर जोर

रोजगार दिवस पर मोर गांव मोर पानी से जल संरक्षण को नई धार, युवाओं की भागीदारी पर जोर बिलासपुर जिले की समस्त 486 ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देशानुसार रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “मोर गांव मोर पानी” एवं “मोर तरिया” अभियान के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान “नवा तरिया-आय के जरिया” थीम के अंतर्गत नए तालाब (तरिया) निर्माण हेतु संभावित स्थलों का चिन्हांकन प्लॉट एवं जीआईएस टूल के माध्यम से किए जाने की जानकारी दी गई तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।      हितग्राहियों को योजना अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को सामग्री आपूर्ति एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो सकें।कार्यक्रम में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जियो टैगिंग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया गया। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की जानकारी भी दी गई। उक्त आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।  

ट्रेन सफर पर सख्त एडवाइजरी: बगैर टिकट यात्रा और चलती ट्रेन में चढ़ना पड़ेगा भारी

फिरोजपुर. फिरोजपुर मंडल द्वारा रेलयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इस अभियान के तहत रेल विभाग ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचें और ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही प्लेटफॉर्म से सुरक्षित तरीके से चढ़े या उतरे। यह जानकारी देते हुए मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि आरक्षित कोच के अलावा दिव्यांग, महिला कोच, गार्ड ब्रेक या पार्सल वैन में अनधिकृत यात्रा करना रेल अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान को सुरक्षित रखें, खिड़की और दरवाजों के पास सतर्क रहें तथा कीमती वस्तुओं को खिड़की से दूर रखें। अनजान व्यक्तियों से खाने-पीने की वस्तुएं लेने से भी परहेज करें। चलती ट्रेन के दरवाजे या पायदान पर खड़े होकर यात्रा करना या सेल्फी लेना जानलेवा हो सकता है। साथ ही, यात्रा के दौरान ज्वलनशील वस्तुएं ले जाना भी प्रतिबंधित है। डी.आर.एम. फिरोजपुर ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तुरंत टी.टी.ई., आर.पी.एफ. या जी.आर.पी. को सूचित करें अथवा रेलवे हैल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि लापरवाही न केवल ट्रेन संचालन को प्रभावित करती है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें। 

भर्ती परीक्षा की तैयारी पूरी: 19 अप्रैल को 21 केंद्रों पर होगी परीक्षा, 5,720 परीक्षार्थी शामिल

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा परिवहन विभाग के अन्तर्गत परिवहन आरक्षक के रिक्त पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन आगामी रविवार 19 अप्रैल 2026 को किया जा रहा है। बस्तर जिले में इस परीक्षा के सफल संचालन हेतु कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 01ः15 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस भर्ती परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, जिसमें कुल 5,720 परीक्षार्थी शामिल हांेगे। जिसके तहत परीक्षा केंद्र शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज धरमपुरा में 360, झाड़ा सिरहा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में 360, शासकीय दन्तेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय में 360, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल क्र.-1 में 360, और शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर में 360, सेजेस शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल क्र.-2 में 360, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल धरमपुरा में 360, स्वामी विवेकानंद एक्सीलेंट स्कूल संजय मार्केट में 360, स्वामी आत्मानंद हिन्दी मीडियम स्कूल रेल्वे कालोनी में 300 और धरमु माहरा शासकीय महिला पॉलिटेक्निक में 240, शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय भगत सिंह पथरागुड़ा में 300, पोटानार में 300, बिलोरी में 240, आसना में 300, बोरपदर में 180, हाईस्कूल केवरामुण्डा में 120, घाटलोहंगा में 120, आड़ावाल में 240, कालीबाड़ी हाईस्कूल में 120, पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 240 और शासकीय आईटीआई जगदलपुर में 140 परीक्षार्थी शामिल होंगे अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उन्हें परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 2 घंटा पूर्व केंद्र पहुंचना होगा, क्योंकि मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले, यानी सुबह 10ः30 बजे अनिवार्य रूप से बंद कर दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर से गहन जांच की जाएगी। परीक्षार्थियों को अपने साथ इंटरनेट से प्राप्त साफ-सुथरा मूल प्रवेश पत्र और एक मूल पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड लाना अनिवार्य है, पहचान पत्र न होने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि प्रवेश पत्र पर फोटो स्पष्ट न हो, तो दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखना आवश्यक है। ड्रेस कोड का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े, टी-शर्ट और पैरों में चप्पल पहनकर आना होगा, जबकि जूते-मोजे, बेल्ट, घड़ी, चश्मा, स्कार्फ और किसी भी प्रकार के आभूषण जैसे बाली या झूमका पहनना पूरी तरह वर्जित है। परीक्षा हॉल में केवल काले या नीले बॉल पॉइंट पेन की ही अनुमति होगी।

कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया भरोसा, पात्रता परीक्षा पर सरकार सुप्रीम कोर्ट में रखेगी पक्ष

भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य कर्मचारी संघ और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि तकनीकी एवं विधि सम्मत कार्यवाही की प्रकिया के उपरांत सरकार शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखेगी। सरकार जल्दबाजी में शिक्षकों की विपरीत कोई भी निर्णय नहीं करेगी। शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ एवं शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप से मुलाकात कर समस्याएं बताईं। प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रूप शिक्षा मंत्री से पात्रता परीक्षा को लेकर प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखा तथा सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट मे पक्ष रखने का आग्रह किया। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार शिक्षकों के साथ है, हम शिक्षकों के पक्ष में पूरी तरह से खड़े हुए हैं। सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं करेगी राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनिल भार्गव वायु ने जानकारी दी है कि तकनीकी एवं विधि सम्मत कार्यवाही की प्रकिया के उपरांत सरकार शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखेगी। सरकार जल्दबाजी में कोई भी शिक्षकों की विपरीत निर्णय नहीं करेगी। प्रतिनिधि मंडल मे भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौड़, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव एवं प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। प्रदेश के समस्त शिक्षक एकजुट हैं मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि “प्रदेश के समस्त शिक्षक एकजुट हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। हमें विश्वास है कि सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए न्याय दिलाएगी।” शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखेंगे मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौड़ ने भी कहा कि “शिक्षकों का पक्ष पूरी मजबूती से रखा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि “सरकार के सकारात्मक रुख से प्रदेश के शिक्षकों में विश्वास मजबूत हुआ है। हम सभी शिक्षक एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं और न्याय मिलने की पूरी आशा है।” '28 साल बाद मांग रहे योग्यता का प्रमाण' रायसेन जिले में बतौर शिक्षक सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाली नेहा पटेल टेट परीक्षा के खिलाफ लोक शिक्षण संचालनालय पर प्रदर्शन करने पहुंची. वह कहती हैं कि "उन्हें स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हुए 28 साल का वक्त बीत चुका है. इस दौरान उनके पढ़ाए हुए कई बच्चे सरकारी नौकरी में हैं और कुछ बच्चे अच्छे पदों तक पहुंचे हैं लेकिन आज मुझे ही मेरी योग्यता का प्रमाण पात्रता परीक्षा के रूप में मांगा जा रहा है।  महाराष्ट्र राज्य से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय केन्द्र सरकार ने 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून पूरे देश में लागू किया था. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य से संबंधित एक मामले में और अन्य याचिकाओं पर निर्णय दिया था कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करना जरूरी होगा. जिन शिक्षकों का रिटायरमेंट 5 साल रह गया है, उन्हें इससे छूट दी गई है. परीक्षा पास न होने पर टीचर्स को रिटायर्ड कर दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी परीक्षा को पास करने का आदेश जारी कर दिया गया।  सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश के सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करने के निर्देश दिए गए हैं. यह परीक्षा संभवता जुलाई और अगस्त माह में होगी. हालांकि इसको लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय महाराष्ट्र के संबंध में दिया और मध्य प्रदेश इसमें पक्षकार ही नहीं था, तब भी इसे प्रदेश में क्यों लागू कर दिया गया।  नई परीक्षा शर्त लागू करना अनुचित शिक्षकों ने बताया कि वह वर्षों से शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे हैं और सभी पात्रता मापदंड को पूरा करने के बाद ही भर्ती हुए हैं। उनके द्वारा विषय के अनुसार बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, लेकिन अचानक से नई परीक्षा की शर्त उनके ऊपर थोप देना कहीं से भी न्याय ओचित्य नहीं है। आदेश के बाद लाखों शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो रहा है। इधर पात्रता परीक्षा का आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों के लिए काम करने वाले संगठन भी एकजुट हो गए हैं। उन्होंने भी आदेश के विरोध में कहा है कि प्रदेश में कई शिक्षक 20-25 साल से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जब उनकी नियुक्ति हुई थी तब सेवा शर्तों में पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे में इतने वर्ष बाद नई शर्त को लागू कर परीक्षा लेना नियमों के विपरीत है। संयुक्त संगठन का आरोप है की डीपीआई जो आदेश परीक्षा को लेकर जारी किया है। उसमें राज्य सरकार से औपचारिक मंजूरी नहीं ली गई है। दरअसल लोक शिक्षण संचनालय ने 3 मार्च को एक आदेश जारी किया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए वर्तमान में सेवाएं दे रहे। शिक्षकों के लिए जुलाई अगस्त में टीईटी परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश मिलने के बाद से ही शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षकों ने लगाया परेशान करने का आरोप डीपीआई पहुंचे शिक्षकों ने अपने विभाग पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हर काम में शिक्षकों को आगे किया जाता है। चुनाव ड्यूटी, बीएलओ, एसआईआर,जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कामों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है और वह बच्चों को पढ़ाने के साथ पूरी ईमानदारी से दिए हुए कामों को पूरा करते हैं। कुछ शिक्षकों ने कहा कि वर्तमान समय में जनगणना का काम चल रहा है, उसमें उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इसके ऊपर विभाग ने आदेश जारी कर जुलाई अगस्त में परीक्षा लेने की बात कही है। शिक्षक स्कूल में बच्चों की पढ़ाई भी करवा रहे हैं, जनगणना भी कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें परीक्षा के लिए पढ़ाई का समय कैसे मिलेगा यह सोचने वाली बात है। शिक्षकों ने कहा कि विभाग उन्हें परेशान करने का काम कर रहा है। कई शिक्षक परीक्षा की बात से चिंतित होकर तनाव में आ रहे हैं।

AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने का उद्देश्य: CM साय

AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना हमारा ध्येय है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गूगल इंडिया प्रतिनिधियों की मुलाकात रायपुर से शुरू होगा ‘AI सक्षम शिक्षा अभियान’, 2 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा AI प्रशिक्षण रायपुर  छत्तीसगढ़ में शिक्षा को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन एवं गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख राकेश रंजन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने अतिथियों का पारंपरिक सम्मान करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर कला की प्रतिकृति भेंट की। । गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन ने रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के मध्य हुए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रायपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में “AI सक्षम शिक्षा अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के माध्यम से स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि “सक्षम शिक्षक अभियान” के तहत राज्य में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के प्रथम चरण की शुरुआत रायपुर से की जाएगी, जिसके बाद इसे राज्य के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रमाणन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गूगल फॉर एजुकेशन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है, जिससे शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा सके। कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक चरण में 200 शिक्षकों की सहभागिता से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गूगल फॉर एजुकेशन टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कक्षा शिक्षण में AI के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक-सक्षम और नवाचार आधारित बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता आएगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नए युग के कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “AI सक्षम शिक्षा अभियान” जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है – छत्तीसगढ़ को एक ऐसे ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना, जहाँ हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अभ‍िरामी का हॉट अंदाज: 35 साल की ट्रेंडिंग हसीना ने सब्सक्राइबर्स से कहा- ‘कपड़े उतारने नहीं आई

मुंबई  इंटरनेट में दुनिया में गुरुवार सुबह से ही अभिरामी वेंकटाचलम ट्रेंड हो रही हैं। 35 साल की इस तमिल एक्‍ट्रेस ने सोशल मीडिया यूजर्स को कड़ी फटकार लगाई है। अभ‍िरामी उन सेलेब्‍स में से हैं, ज‍िन्‍होंने सब्सक्रिप्शन मॉडल अपनाया है। अब उनकी यह भड़ास अपने सब्सक्राइबर्स की गलत और घटिया मांगों को लेकर निकली है। एक्‍ट्रेस ने दो टूक शब्‍दों में कहा है कि उन्‍होंने यह सब्‍सक्रिप्‍शन अपनी क्रिएटिविटी और आर्टिस्‍ट‍िक तस्‍वीरें शेयर करने के लिए शुरू की थी। उन्होंने पहले यह तरीका कभी नहीं आजमाया था। लेकिन वह दंग हैं कि उनके सब्‍सक्राइबर्स उनसे ओछी तस्‍वीरों की डिमांड कर रहे हैं। यूजर्स की घटिया हरकतों ने नाराज एक्‍ट्रेस ने अब कहा है कि यदि कोई उनसे न्‍यूडिटी की उम्‍मीद लगाकर आया है तो ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। फिल्‍म NOTA की एक्‍ट्रेस ने कहा कि ऐसे लोग उन्‍हें अभी अनसब्सक्राइब कर सकते हैं। अभ‍िरामी के इस पोस्‍ट ने अब सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू कर दी है। यदि आप एक इंस्‍टाग्राम यूजर हैं, तो आपने देखा होगा कि कई प्रोफाइल्‍स खासकर इंफ्लुएंसर्स और सेलेब्‍स ने सब्‍सक्रिप्‍शन मॉडल शुरू किया है, जहां एक रकम चुकाने के बाद एक्‍सक्‍लूसिव कंटेंट देखने को मिलता है। जहां तक अभ‍िरामी की बात है, तो उन्‍होंने भी 399 रुपये प्रति महीने के शुल्‍क पर सब्‍सक्रिप्‍शन शुरू किया है। खबर लिखे जाने तक उनके 700 से अध‍िक सब्‍सक्राइर्ब्‍स हैं। अभ‍िरामी की दो टूक- यहां कपड़े उतार खड़ी रहने नहीं आई तमिल फिल्‍मों की मशहूर एक्‍ट्रेस अभिरामी, 'बिग बॉस तमिल' का भी हिस्‍सा रही हैं। उन्‍होंने अपने पोस्‍ट की शुरुआत उन सब्‍सक्राइबर्स का शुक्रिया अदा करते हुए किया है, जो उनकी तस्वीरों और क्रिएटिविटी को सपोर्ट कर रहे हैं। एक्‍ट्रेस ने लिखा है, ''मेरे उन सभी प्यारे सब्‍सक्राइबर्स को दिल से धन्यवाद, जो मुझसे बहुत प्यार करते हैं। प्यारे सब्सक्राइबर्स, मैंने यह पेज अपनी कुछ क्रिएटिव तस्वीरें शेयर करने के लिए शुरू किया है। इसे मैंने पहले कभी आजमाया नहीं था और न ही कहीं और पोस्ट किया था। लेकिन अगर कोई यह उम्मीद करता है कि उसने सब्सक्रिप्शन लिया है, और इसलिए मैं यहां उसके लिए कपड़े उताकर नंगी खड़ी रहूंगी, तो आप अभी अनसब्सक्राइब करके जा सकते हैं।' 'यह कोई पोर्न साइट नहीं है।' सब्‍सक्राइबर्स की ओछी डिमांड पर भड़की एक्‍ट्रेस ने आगे लिखा है, 'कोई मुझे यह न बताए कि मुझे क्या पोस्ट करना है। मैं यहां अपनी क्रिएटिविटी शेयर करने आई हूं। यहां सिर्फ उनका स्वागत है जो इसे इसके कलात्मक रूप में देखते हैं। और एक बात और, यह कोई पोर्न साइट नहीं है।' कौन हैं अभ‍िरामी वेंकटाचलम अभ‍िरामी वेंकटाचलम मूल रूप से तमिल फ‍िल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री की एक्‍ट्रेस हैं। उन्‍होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। चेन्‍नई में 9 मार्च 1991 को पैदा हुईं अभ‍िरामी ने 2017 में 'मिस तमिलनाडु' का ख‍िताब जीता था। इसके बाद 2018 में रिलीज विजय देवरकोंडा की फिल्‍म 'Nota' से उन्‍होंने बड़े पर्दे पर डेब्‍यू किया। वह थाला अजित कुमार भी फ‍िल्म 'Nerkonda Paarvai' में काम कर चुकी हैं। साल 2022 में वह आर माधवन की फिल्‍म 'रॉकेट्री' में भी नजर आई थीं। वह आठ साल के करियर में अब तक 10 फिल्‍में कर चुकी हैं। टीवी पर 'बिग बॉस' से मिली पॉपुलैरिटी अभ‍िरामी की पिछली रिलीज OTT पर 'अनंता' है। वह Bigg Boss Tamil के स्पिन-ऑफ वर्जन Bigg Boss Ultimate के पहले सीजन की कंटेस्‍टेंट भी थीं। वह इसकी 5वीं रनर-अप रहीं। इसके अलावा वह तमिल रियलिटी शो 'Star Wars' की होस्ट रह चुकी हैं। OTT पर वेब सीरीज से भी जमाई धाक 'मिस तमिलनाडु' बनने से पहले 2016 में अभिरामी को वेब सीरीज 'Ctrl Alt Delete' में देखा गया। अभ‍िरामी तमिल फिल्‍मों, टीवी और ओटीटी, तीनों ही इंडस्‍ट्री में पॉपुलैरिटी बटोर चुकी हैं। साल 2019 में रिलीज वेब सीरीज 'इरु ध्रुवम' में वह लीड रोल में नजर आई थीं, जिसकी खूब तारीफ हुई। फिलहाल, वह 'नेरुनजी' और 'अगस्‍त 27' नाम की दो फिल्‍मों के लिए शूटिंग कर रही हैं।