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गैस एजेंसियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, राजधानी के कई इलाकों में छोटे सिलिंडर के लिए लोग काट रहे चक्कर

नई दिल्ली राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।  

पंजाब में 15 अप्रैल तक मौसम रहेगा सूखा, तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री कम, अप्रैल में 525% अधिक बारिश की संभावना

जालंधर  वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप भी खिली रही। हालांकि दो दिनों तक रुक रुक कर होती रही वर्षा का असर भी दिखाई दिया। कारण, तेज धूप होने के बावजूद ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं हुआ। मगर दिन ढलने के बाद ही कुछ हद तक ठंडक महसूस हुई क्योंकि हवाएं चलने का क्रम जारी रहा। जिसके चलते ही अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 33 डिग्री पार जा सकता है तापमान बुधवार को अधिकतम 19.1 और न्यूनतम 14.4 दर्ज हुआ था। इस हिसाब से देखें तो अधिकतम में लगभग सात डिग्री की बढ़ौतरी हुई है, वहीं न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यही नहीं छह दिनों के भीतर तापमान 33 डिग्री व उससे पार तक भी जा सकता है। मौसम विशेषज्ञ डा. दलजीत सिंह का कहना है कि मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान से क्लियर है कि आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और बढ़ती हुई गर्मी सताएगी भी। 15 से पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। ऊंचाई पर तेज गति से चल रही हवाएं (जेट स्ट्रीम) इन मौसम प्रणालियों को और सक्रिय कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे वहां मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फाजिल्का में सबसे ज्यादा 56.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड पंजाब में 1 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में औसतन 25.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से यह आंकड़ा 4.1 मिमी रहता है। इस प्रकार, राज्य में 525 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 56.8 मिमी बारिश फाजिल्का में और सबसे कम 4.4 मिमी होशियारपुर में दर्ज की गई। पांच दिनों में 8 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। साथ ही, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से गर्मी का एहसास होने लगेगा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत के करीब बढ़ी अप्रैल माह में भी फरवरी जैसा मौसम। फरवरी में तापमान बढ़ने से गर्मी समय से पहले शुरू होने के साथ मार्च और उसके बाद अप्रैल में में वर्षा से मौसम में ठंडक । मौसम में उतार चढ़ाव के साथ ही शुरू हुआ वायरल मरीजों के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम और गला खराब के मरीजों की संख्या में 15 प्रतिशत के करीब बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 

मेष राशि में 14 अप्रैल को सूर्य का महागोचर, उच्च अवस्था में आकर चमकाएंगे कई राशियों का भाग्य और कुछ के लिए बढ़ेगी मुश्किल

 सूर्य महाराज 14 अप्रैल 2026 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव मेष राशि में उच्च अवस्था में होते हैं और इसके अधिपति देव मंगल ग्रह हैं. ऐसा माना जाता है कि मेष राशि में सूर्य देव उच्च अवस्था में होते हैं इसलिए हम कह सकते हैं कि इस राशि में सूर्य ग्रह बहुत शक्तिशाली स्थिति में होते हैं. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को उग्र ग्रह माना जाता है और जब यह मेष राशि में स्थित होते हैं. मेष राशि में सूर्य के आने से जातकों की बुद्धि तेज होती है. कई विषयों का अच्छा ज्ञान भी होता है. सूर्य मेष राशि में होने पर जातक योद्धा, सरकार से जुड़े क्षेत्रों जैसे सेना और पुलिस आदि में नेतृत्व संबंधित भूमिकाओं में सफलता प्राप्त करते हैं. ज्योतिषियों की मानें तो, सूर्य का यह गोचर कई राशियों के लिए अशुभ भी रहेगा. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य देव का यह गोचर बारहवें भाव में होने जा रहा है. जीवन में समस्याएं आ सकती हैं. करियर में सफलता पाने के लिए अनेक बार प्रयास करने पड़ सकते हैं. बेकार की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं. काफी धन खर्च हो सकता है. माता की सेहत आपके लिए चिंता का विषय हो सकती है. कुछ परिस्थितियों में अपने घर से दूर रहना पड़ सकता है. सरकार या प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. सेहत का ख्याल रखना होगा. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रह बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं. इस दौरान किसी नियम का उल्लंघन न करें. किसी भी तरह की गलती से बचना होगा. स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. आपको सावधानी बरतने और समझदारी से काम लेना होगा. आर्थिक नुकसान हो सकता है. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर ग्यारहवें भाव में होगा. आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर सकती हैं. अहंकार से जुड़े विवाद आपके रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं. आपके लिए धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा. आपको यात्रा के दौरान परेशानियां हो सकती हैं. व्यापार में भी कठिनाई का अनुभव हो सकता है. पेशेवर जीवन में अगर आप सतर्क रहकर काम करेंगे, तो आपको धन लाभ हो सकता है. मानसिक तनाव हो सकता है.

हाथियों की शाही दावत और महावतों का सम्मान, जयपुर में अनंत अंबानी के जन्मदिन पर पशु प्रेम का दिखा अनोखा नजारा

जयपुर जयपुर में हाथी गांव में उद्योगपति अनंत अंबानी का जन्मदिन इस बार बेहद अनोखे अंदाज में मनाया गया। इस खास मौके पर हाथियों ने 2.5 फीट ऊंचा केक काटा और 3000 किलो फलों की भव्य दावत का आनंद लिया। कार्यक्रम ने न केवल उत्साह फैलाया बल्कि पशु प्रेम और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया। हाथियों ने फलों से बने केक काटे जन्मदिन समारोह में हाथी बाबू, हथिनी पुष्पा और चंदा ने मिलकर फलों से बने केक को काटा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग और पशु प्रेमी उपस्थित थे। इस केक को विशेष रूप से हाथियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया था। 3 हजार किलो फल की भव्य दावत कार्यक्रम में हाथियों के लिए विशेष बुफे भी सजाया गया, जिसमें केले, सेब, पपीता, गन्ना, गुड़ और हरा चारा शामिल था। लगभग 3000 किलो फल और पोषक आहार का आनंद हाथियों ने भरपूर लिया। हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान ने बताया कि अनंत अंबानी पशुओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और उनका हाथी गांव से जुड़ाव इस आयोजन को और भी खास बनाता है। महावतों का भी हुआ सम्मान साथ ही हाथी महावतों का भी सम्मान किया गया। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं, जो उनके योगदान को सराहने का प्रतीक हैं। उपस्थित पशु प्रेमियों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक बताया और कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ खुशियां साझा करना समाज में सकारात्मक संदेश फैलाता है और पशु संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाता है। कुल मिलाकर यह समारोह केवल जन्मदिन नहीं बल्कि पशु प्रेम, सेवा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।  

नेतन्याहू की धमकी से पाकिस्तान हड़बड़ाया, ख्वाजा आसिफ को डिलीट करनी पड़ी सोशल मीडिया पोस्ट

तेलअवीव  पाकिस्तान में होने वाली 'इस्लामाबाद वार्ता' से पहले इजरायल के खिलाफ विवादित टिप्पणी करना पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को भारी पड़ गया है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से मिली कड़ी फटकार के बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को अपने एक्स हैंडल से इजरायल विरोधी पोस्ट डिलीट करने के लिए मजबूर होना पड़ा।  इस घटना को पाकिस्तान के एक कूटनीतिक सरेंडर के रूप में देखा जा रहा है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने एक पोस्ट में इजरायल को 'मानवता के लिए अभिशाप' बताया था. इस बयान पर इजरायल ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया।  बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन टिप्पणियों को 'अपमानजनक' करार देते हुए कहा कि ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती, खासकर उस देश की ओर से जो चल रहे राजनयिक प्रयासों में खुद को एक 'तटस्थ मध्यस्थ' के रूप में पेश कर रहा है।  यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है. इजरायल की फटकार के बाद रक्षा मंत्री का पोस्ट डिलीट करना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान इस समय किसी भी वैश्विक दबाव को झेलने की स्थिति में नहीं है।  विशेषज्ञों का मानना है कि इस तीखी प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान की उस छवि को नुकसान पहुंचाया है, जिसमें वह खुद को एक जिम्मेदार शांतिदूत साबित करने की कोशिश कर रहा था।  एक्सपर्ट मानते हैं कि पाकिस्तान, जो खुद को क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया में एक जिम्मेदार और संतुलित खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना चाहता है, वह किसी भी तरह के कूटनीतिक विवाद से बचना चाहेगा. यही कारण है कि इजरायल की कड़ी आपत्ति के बाद तुरंत कदम उठाते हुए विवादित पोस्ट को हटा दिया गया। 

बंगाल में ‘हजार करोड़ की डील’ के वीडियो के बाद ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन

कोलकाता पश्चिम बंगाल में बीच चुनाव भी गठबंधनों का गणित बदलने का सिलसिला जारी है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बना ली थी. हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी  की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अपनी सियासी जड़े जमाने की कोशिश में थी।  इस बार मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरने का ऐलान करने वाली दोनों पार्टियों की राहें अब जुदा हो गई हैं. ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है. एआईएमआईएम ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है कि पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।  एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर के बयानों से किनारा करते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिमों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. एआईएमआईएम की ओर से कहा गया है कि आज के हालात में पार्टी ने हुमायूं कबीर के दल के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।  एआईएमआईएम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का शिकार समुदायों में से एक हैं. पार्टी ने लेफ्ट और टीएमसी पर तंज करते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ खास नहीं किया गया।  ओवैसी की पार्टी ने इसी पोस्ट में यह भी कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने को लेकर एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. एआईएमआईएम की ओर से यह ऐलान हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल होने के बाद आया है।  वायरल वीडियो में क्या था तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये का खेल करने की बात थी. टीएमसी ने दावा किया था कि मुस्लिमों की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिशें हो रही हैं. फिरहाद हकीम ने टीएमसी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर किसी से बात करते दिखाई दे रहे हैं।  हुमायूं कबीर इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच हजार करोड़ रुपये की डील का दावा किया था. इस वीडियो पर हुमायूं कबीर की सफाई भी आई थी. हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई जेनरेटेड बताते हुए कहा था कि टीएमसी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।   हुमायूं कबीर ने क्या कहा था हुमायूं कबीर ने कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं. साल 2019 के बाद इनमें से किसी से भी कोई संपर्क नहीं है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से मुलाकात की फोटो या सबूत हो, तो दिखाएं. हुमायूं कबीर ने इस मामले में फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: बुनकरों की आय और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी प्रमुख प्राथमिकता

बुनकरों की आय, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को बाजार, डिजाइन और तकनीक से जोड़ें: मुख्यमंत्री हथकरघा क्षेत्र को वैल्यू चेन मॉडल पर विकसित करें, केवल उत्पादन तक सीमित न रहें:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री का जोर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जाए पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत, तैयार करें व्यवहारिक कार्ययोजना: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार हैं। ऐसे में उनकी आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बुनकरों के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत, डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव तथा सीमित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनागत सहायता से नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं समन्वित तंत्र विकसित कर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिणामोन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गुरुवार को हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी एवं मैट के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की मजबूत उपस्थिति है। वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात ₹1178.93 करोड़ रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान ₹109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) रहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में विकसित हों, जहां डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच एक ही ढांचे में सुनिश्चित हो। बैठक में क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण जैसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिले। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो। डिजाइन और विपणन को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पाद की सफलता बाजार की मांग के अनुरूप होने पर ही संभव है। उन्होंने ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ तथा ‘डिजाइन हाउस/सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी/एक्सपोर्ट हाउस’ जैसे संस्थागत तंत्र को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, बड़े बाजारों तक पहुंच और बुनकरों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जा सके।  बैठक में मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत भी बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस संबंध में हतकरघा विभाग और पॉवर कॉर्पोरेशन मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे बुनकरों की विद्युत लागत में कमी आएगी और उन्हें दीर्घकालिक राहत मिलेगी। उन्होंने इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुनकर समुदाय राज्य की समृद्ध परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः ऐसी संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति तैयार की जाए, जिससे बुनकरों को वास्तविक राहत मिले, उद्योग को नई गति मिले और प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को सशक्त आधार प्राप्त हो सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान जी की उपस्थिति रही।

बिहार में नई सरकार और सीएम का निर्णय दिल्ली में, बीजेपी बैठक में क्या होगा आज?

नई दिल्ली/ पटना  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीएम बनने जा रहे नेता के नाम पर आपसी सहमति बनाने के लिए भाजपा ने आज दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की बैठक रखी है। बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इस बैठक को लेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, सांसद संजय जायसवाल जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। बीजेपी की आज की बैठक का मकसद बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम पर आपसी सहमति हासिल करना है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौर में भाजपा में एक नाम पर सहमति बनाना मुश्किल काम नहीं है। बिहार में 14 या 15 अप्रैल को भाजपा के सीएम के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार का गठन हो सकता है। सरकार में पहले की तरह भाजपा के साथ नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से मंत्री शामिल होंगे। नीतीश कुमार के मौजूदा कैबिनेट के कई मंत्री अगली सरकार में भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन कम से कम भाजपा और जदयू में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। अगर दोबारा मंत्री बने तो सबसे ज्यादा फायदा में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा रहेंगे। उनको 6 महीने के अंदर एमएलसी या एमएलए बनने का मौका दोबारा मिल जाएगा। इस समय उनके मंत्री बनने का 5वां महीने पूरा होने को है और नियमतः उन्हें छह महीने के अंदर किसी सदन में पहुंचना है। तकनीकी पेच ना हो तो नई सरकार में फिर से शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने की यह मियाद एक बार फिर मिल जाएगी। भाजपा में मुख्यमंत्री का चुनाव कैसे होता है? लिखा-पढ़ी में मुख्यमंत्री का चुनाव पार्टी के विधायक करते हैं, लेकिन भाजपा में विधायक दल की बैठक में नेता चुनने से पहले पार्टी का संसदीय बोर्ड इसका फैसला कर देता है। भाजपा के संसदीय बोर्ड में नितिन नवीन, नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यानारायण जाटिया और बीएल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड से फैसले के बाद पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए एक या दो पर्यवेक्षक भेजती है। पर्यवेक्षक पार्टी हाईकमान के फैसले की जानकारी विधायकों को देते हैं और फिर विधायक उस फैसले का अनुपालन करते हुए नेता चुनने की औपचारिकता पूरी करते हैं। विधायक दल का नेता मुख्यमंत्री बनता है। अभी सम्राट हैं बीजेपी विधायक दल के नेता, विजय सिन्हा उप-नेता, दोनों डिप्टी सीएम बिहार में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके पास अकेले बहुमत नहीं है। इसलिए भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए गठबंधन के विधायक दल का भी नेता चुना जाएगा। इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन औपचारिकता पूरी करनी होगी। सबसे पहले एनडीए के पांचों दल का नेता चुना जाएगा और अंत में एनडीए के सभी विधायकों की एक साथ बैठक होगी, जिसमें भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए विधायक दल का नेता यानी मुख्यमंत्री चुना जाएगा। बिहार में नई सरकार का सम्राट किसे बनाएगी भाजपा? बिहार में इस समय भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। दोनों नीतीश सरकार में उप-मुख्यमंत्री हैं, जिसमें सम्राट चौधरी को नंबर 2 का दर्जा हासिल है। सीएम के चयन में भाजपा फिर चौंकाती है या आम तौर पर जिन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है, उनमें ही किसी पर भरोसा जताती है, यह एक पहेली है, जिसे सिर्फ मोदी और शाह सुलझा सकते हैं। बिहार में हर जुबान पर अभी यही सवाल है कि भाजपा बिहार में सरकार का सम्राट किसे बनाएगी। 

विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट

पटना   बिहार विधानसभा को एक महीने के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर एक बजे ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर फौरन सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने हर जगह सघन जांच अभियान चलाया। काफी देर खोजबीन के बाद भी बम नहीं मिला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया इधर, पुलिस टीम ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया। हर एक कार्यालय की जांच की गई। रेस्टोरेंट और कैंटीन की भी जांच की गई लेकिन कहीं कुछ नहीं बरामद हुआ। मामले में पटना एसएसपी ने बताया कि अज्ञात मेल के जरिए धमकी आई है। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले ठीक इसी अंदाज में पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। । किसने क्या लिखा धमकी भरे ईमेल में बिहार विधानसभा को शुक्रवार को जो ईमेल भेजा गया। उसमें धमकी देने वालों ने दावा किया गया है कि दोपहर करीब सवा दो बजे विधानसभा को साइनाइड गैस से निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे संदेश में बांग्लादेश के अब्दुल सईद समेत कई लोगों पर कथित अत्याचार का हवाला दिया गया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “इस्लामिक फ्राइडे एंटी क्राइस्ट” नामक संगठन से जुड़ा बताया है। सीवान कोर्ट को भी उड़ाने को भी धमकी इतना ही नहीं, इस ईमेल में बिहार विधानसभा के अलावा सीवान सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विधानसभा परिसर और सीवान सिविल कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट पर है। पुलिस और जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

विवाह कार्ड दिखाने पर तुरंत मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलिंडर, रसद विभाग ने प्रवासियों के लिए भी शुरू की 5 किलो वाले छोटे सिलिंडर की सुविधा

सिरोही अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के चलते उत्पन्न गैस संकट के बीच सिरोही जिले से राहत भरी खबर सामने आई है। रसद विभाग ने प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को ध्यान में रखते हुए सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा 5 किलो एफटीएल सिलिंडर प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन सचिव (खाद्य) अंबरीष कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए। इसमें साफ कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां केवल प्रवासी श्रमिकों को ही यह 5 किलो एफटीएल सिलेंडर उपलब्ध कराएं और इसकी जानकारी नियमित रूप से विभाग को भेजें। शादी वाले परिवारों को मिलेंगे अतिरिक्त कामर्शियल सिलिंडर आगामी दिनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में आयोजक परिवारों को सिलिंडर की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए रसद विभाग ने विशेष योजना बनाई है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में आयोजक परिवारों को 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। विवाह कार्ड दिखाना होगा जरूरी सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को विवाह का कार्ड जिला रसद अधिकारी को दिखाना होगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिला रसद अधिकारी संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के जिला नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में एक बार बुकिंग के बाद दूसरी बुकिंग के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 35 दिन है। इसके बावजूद भी लोगों को सिलिंडर मिलने में कई दिन लग जाते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच यह फैसला लोगों के लिए राहत लेकर आया है। खासकर प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।