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अल नीनो का असर, मानसून कमजोर पड़ने की आशंका

जयपुर अगर आप भीषण गर्मी के बाद झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं, तो मौसम विभाग का यह ताजा अपडेट आपको थोड़ा निराश कर सकता है. विभाग के पहले पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का केवल 92 प्रतिशत ही रह सकती है, यानी सीधा-सीधा 8 प्रतिशत का घाटा. क्यों रूठेंगे बादल? 'अल नीनो' है बड़ी वजह जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने मंगलवार को NDTV राजस्थान से बातचीत में बताया कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 'अल नीनो' को माना जा रहा है. दरअसल, प्रशांत महासागर का पानी जब गर्म होने लगता है, तो भारत में मानसून कमजोर पड़ जाता है. इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है, जिससे न सिर्फ मानसून की शुरुआत धीमी होगी, बल्कि उसकी रफ्तार पर भी ब्रेक लग सकता है. राजस्थान समेत इन राज्यों पर सबसे ज्यादा असर आंकड़ों की मानें तो उत्तर भारत के राज्यों- राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश होने की आशंका है. मध्य भारत में भी 5 से 10 प्रतिशत की कमी रह सकती है. हालांकि, पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य रहने की उम्मीद है. पिछले 10 साल में यह दूसरी बार है जब मानसून इतना कमजोर रहने वाला है. जेब और खेती पर पड़ेगा बुरा असर देश की 75 प्रतिशत बारिश मानसून पर टिकी है. अगर बारिश कम हुई, तो धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों का उत्पादन घट सकता है. जब पैदावार कम होगी, तो बाजार में कीमतें बढ़ेंगी और महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ सकती है. इसके अलावा, कम बारिश का मतलब है पानी की कमी और बिजली की बढ़ती मांग. राजस्थान में 44 डिग्री का 'टॉर्चर' शुरू मानसून तो बाद में आएगा, लेकिन गर्मी ने अभी से पसीने छुड़ा दिए हैं. पिछले 24 घंटों में बाड़मेर में पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. मौसम विभाग का कहना है कि 17 और 18 अप्रैल को जोधपुर और बीकानेर संभाग में तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है. अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में भीषण हीटवेव (लू) चलने की भी चेतावनी दी गई है. आमतौर पर देश में मानसून सीजन के दौरान करीब 87 सेंटीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार यह घटकर लगभग 80 सेंटीमीटर तक रह सकती है. यह गिरावट भले बहुत बड़ी न लगे लेकिन इसका असर कई स्तरों पर देखने को मिल सकता है.

प्रदूषण रोकथाम,गाजियाबाद फैक्टरियों में धुएं पर नई सीमा लागू

 गाज़ियाबाद गाजियाबाद जिले की 385 फैक्टरियों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं पर इस साल लगाम लगेगी। फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं में सूक्ष्म कणों (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से 50 तक लाना होगा। इसके लिए 30 सितंबर तक की समयसीमा तय की गई है। जिले के लोनी, ट्रोनिका सिटी और साहिबाबाद समेत एक दर्जन से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का बड़ा कारण रहा है। सर्दियों में तापमान गिरने के साथ यही धुआं स्मॉग में बदलकर स्थिति को और गंभीर बना देता है। इस साल बिगड़े हालातों को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने निर्णय लिया था कि अब प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों के धुएं में पीएम की मात्रा को 80 से 50 करना है। सभी चिह्नित फैक्टरियों को नोटिस भेजे जा रहे जिले में रेड और येलो जोन वाली ऐसी 385 फैक्टरी हैं, जिनसे प्रदूषण फैलता है। इन फैक्टरियों को धुएं में 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक सूक्ष्म कण छोड़ने की अनुमति थी, जिसे अब घटाकर 50 कर दिया गया है। यानी धुएं में मौजूद महीन कणों को करीब 35 से 40 फीसदी तक कम करना होगा। यही कण सांस के जरिए शरीर में जाकर फेफड़ों और हृदय से जुड़ी बीमारियों का कारण बनते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए सभी चिह्नित फैक्टरियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इकाइयों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी सभी फैक्टरियों में ऑनलाइन सतत निगरानी प्रणाली लगाने के पहले से निर्देश हैं। ऐसा न करने वाली 55 इकाईयों को बीते दिनों सील भी किया गया था। इसी प्रणाली से नए मानकों का उल्लंघन भी सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को पता चल जाएगा। 30 सितंबर तक नए मानकों का पालन न हुआ तो एक अक्तूबर से सतत निगरानी प्रणाली के ही जरिए उल्लंघन करने वाली फैक्टरियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। मैदान में 16 टीमें उतारी गईं सीएक्यूएम ने जिले में नए मानकों को लागू कराने के लिए 16 टीमें उतारी हैं। ये टीमें चिह्नित फैक्टरियों में जाएंगी और चिमनी का निरीक्षण कर उद्यमियों को बताएंगी कि धुएं में पीएम की मात्रा कैसे घटाई जाए। हर फैक्टरी का उत्पादन अलग होता है और उसी के अनुसार धुएं की प्रकृति भी बदलती है। ऐसे में एक ही समाधान सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। टीमें फैक्टरी के काम का आकलन कर उसी हिसाब से सुधार के सुझाव दे रही हैं। अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी, ''सीएक्यूएम के निर्देश पर फैक्टरियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं कि धुएं में पीएम की मात्रा 50 तक लाने की प्रक्रिया शुरू कर दें। पालन न करने वाली इकाइयों को एक अक्टूबर से बंद कराया जाएगा।''

गैस संकट से राहत की उम्मीद, एचईसी कॉलोनी में पहुंचे गेल अधिकारी

रांची झारखंड की राजधानी रांची स्थित एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) परिसर में जारी एलपीजी संकट के बीच अब राहत की उम्मीद दिखाई देने लगी है. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे एचइसी कॉलोनी के हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं. इसी बीच पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन की तैयारी शुरू होने से लोगों में राहत की उम्मीद जगी है. खबर के असर से सक्रिय हुए अधिकारी एचईसी में गैस संकट को लेकर प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. “महज एक माह का बचा है गैस” शीर्षक खबर सामने आने के बाद हालात की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाए जाने लगे. इसके बाद गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के अधिकारी एचइसी परिसर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पीएनजी कनेक्शन का प्रस्ताव गेल के अधिकारियों ने एचईसी आवासीय परिसर में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है. इस योजना के तहत पूरे कॉलोनी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने की बात कही गई है. अधिकारियों ने एचइसी प्रबंधन से इसके लिए आवश्यक अनुमति और एनओसी की मांग की है, ताकि परियोजना पर काम शुरू किया जा सके. 11 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ एचईसी आवासीय परिसर में 11 हजार से अधिक क्वार्टर हैं, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवार रहते हैं. वर्तमान में एलपीजी की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यदि पीएनजी योजना लागू होती है, तो इन सभी परिवारों को नियमित और निर्बाध गैस आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें आसान हो जाएंगी. औद्योगिक इकाई को भी मिलेगा फायदा यह योजना केवल घरेलू उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि एचइसी की औद्योगिक इकाइयों के लिए भी महत्वपूर्ण है. फाउंड्री फोर्ज प्लांट (एफएफपी) यूनिट में फर्नेस संचालन के लिए एलपीजी का उपयोग किया जाता है. यहां फोर्जिंग और हीट ट्रीटमेंट जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं. पीएनजी कनेक्शन मिलने से उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुचारू और स्थिर हो सकेगी. प्रबंधन की तैयारी और अनुमति प्रक्रिया एचईसी प्रबंधन ने बताया है कि गेल के प्रस्ताव पर जल्द ही एनओसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जैसे ही अनुमति मिलती है, पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जा सकता है. प्रशासन का मानना है कि यह योजना न केवल घरेलू गैस संकट को दूर करेगी, बल्कि औद्योगिक उत्पादन को भी स्थिरता प्रदान करेगी. लोगों में राहत की उम्मीद लगातार गैस संकट से जूझ रहे एचईसी के लोगों के लिए यह प्रस्ताव बड़ी राहत लेकर आया है. कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि यदि पीएनजी सुविधा शुरू हो जाती है, तो उन्हें एलपीजी सिलेंडर की कमी और महंगाई से छुटकारा मिल जाएगा. इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो जाएगी. भविष्य में स्थायी समाधान की दिशा विशेषज्ञों का मानना है कि पीएनजी कनेक्शन की यह पहल एचईसी के लिए एक स्थायी समाधान साबित हो सकती है. इससे न केवल वर्तमान गैस संकट समाप्त होगा, बल्कि भविष्य में भी ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगी. यह कदम एचइसी के विकास और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में बड़ा ट्विस्ट, नोयना का सच आया सामने

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में बड़ा धमाका होने वाला है. नोयना की साजिश का पर्दाफाश होने को है. मिहिर को पाने की चाहत में जिस तरह से उनसे शांति निकेतन की 'शांति' भंग की और तुलसी का घर उजाड़ा है, आने वाले एपिसोड में नोयना के गलत इरादों पर पानी फिरने वाला है. क्योंकि तुलसी को सच पता चल चुका है. वो जान गई है कि नोयना को कैंसर नहीं है. वो मिहिर संग शादी के लिए झूठ बोल रही है. टूटेगी मिहिर-नोयना की शादी? शो का नया प्रोमो सामने आया है जिसमें तुलसी, नोयना और मिहिर की शादी तोड़ते हुए दिखती है. इतना ही नहीं वो नोयना को धक्का मारकर शांति निकेतन से बाहर करती है. ओरिजनल तुलसी को पर्दे पर गर्दा उड़ाते देख फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं है. वहीं नोयना का भंडाफोड़ होते देख फैंस ने राहत की सांस ली है. कई दिनों से शो में मिहिर और तुलसी की जिंदगी में नोयना नाम का ग्रहण लगा हुआ था. अब नोयना की खोल खुलने के बाद तुलसी-मिहिर फिर से एक होंगे. आज के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि तुलसी की डॉक्टर से मुलाकात होगी. तब जाकर उसके सामने नोयना का सच सामने आएगा. तुलसी ने वीरानी हाउस जाकर नोयना की घटिया चाल का पर्दाफाश किया. मंडप पर तुलसी और मिहिर दूल्हा-दुल्हन के गेटअप में बैठे हुए हैं. दोनों की वरमाला हो गई है. फेरे होने से पहले तुलसी लौटती है और शादी को रोकने का ऐलान करती है. तुलसी को देखकर नोयना के होश उड़ जाते हैं. वो नोयना की चुनरी लेकर उसे जला देती है. ये देखकर नोयना भड़कती है. तुलसी ने नोयना से पूछा– तुम्हें कौन सी बीमारी है. गुस्से में नोयना ने बताया कि उसे ब्लड कैंसर है. तब तुलसी ने कहा कि तुम्हें कोई कैंसर नहीं बल्कि अल्सर है. मिहिर नोयना की एक बात नहीं सुनता. तुलसी गुस्से में नोयना को शांति निकेतन से बाहर निकालती है. उसे खींचकर गेट के बाहर करती है. शो का प्रोमो देखकर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है. मिहिर और नोयना की शादी के ट्रैक ने शो की टीआरपी को और बुलंद किया है. इसने रुपाली गांगुली के शो अनुपमा की बादशाहत को खत्म कर नंबर 1 शो का ताज अपने नाम किया है. फैंस को क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के ट्विस्ट एंड टर्न्स पसंद आ रहे हैं.

Haryana News: इंडस्ट्रियल प्लॉट केस में भूपेंद्र हुड्डा पर कसा शिकंजा, जांच तेज

पंचकूला. हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। CLP लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में उनके खिलाफ केस चलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला औद्योगिक प्लॉट के आवंटन से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। अब इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है और केस चलाने की अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में HUDA (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के दो अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले की आगे की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पंचकूला औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में ईडी की अभियोग शिकायत में हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसने अवैध आवंटन की वास्तव में योजना बनाई और चयनित आवंटियों के हित में पात्रता मानदंडों में बदलाव किया। आरोपी आवंटियों को हुडा से जोड़ते हुए, ईडी ने कहा कि रेनू हुड्डा और नंदिता हुड्डा उनके पैतृक गांव सांघी की रहने वाली थी। कंवर प्रीत सिंह संधू उनके सहपाठी डीडी संधू के बेटे थे। मोना बेरी उनके ओएसडी बलदेव राज बेरी की बहू थी। डॉ. गणेश दत्त रतन उनके साथ टेनिस खेलते थे और प्रदीप कुमार उनके निजी सचिव सिंह राम के बेटे थे। ईडी ने आगे दावा किया कि आवंटन पाने वाले अशोक वर्मा के ससुर, अशोक काका, कांग्रेस शासन के दौरान एचएएफईडी के अध्यक्ष थे और हुड्डा उन्हें जानते थे। अमन गुप्ता के पिता रमेश गुप्ता थानेसर के पूर्व विधायक थे और हुड्डा से अच्छी तरह परिचित थे। लेफ्टिनेंट कर्नल ओपी दहिया (रिटायर) पूर्व कांग्रेस विधायक करण दलाल के रिश्तेदार हैं। डागर कात्याल के पिता सुनील कात्याल हरियाणा सेवा अधिकार आयोग में आयुक्त रह चुके थे और हुड्डा उन्हें जानते थे। मनजोत कौर न्यायमूर्ति एमएस सुल्लर (रिटायर) की बहू हैं, जो हुड्डा की परिचित थी। सिद्धार्थ भारद्वाज के पिता संजीव भारद्वाज 2004 में एचपीसीसी सचिव थे, 2005 में पार्टी छोड़ दी और 2016 में फिर से पार्टी में शामिल हो गए।

वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा में क्या करें और क्या नहीं?

वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा अग्नि को दर्शाती है साथ ही इस दिशा में मंगल और यम की दिशा भी कहा गया है। अगर दक्षिण दिशा वास्तु के अनुसार संतुलित न हो तो घर परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही आर्थिक मामलों में कुछ न कुछ बाधाएं आती रहती हैं। तो आइए जानते हैं वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, दक्षिण दिशा को कैसा होना चाहिए। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को लेकर क्या नियम बताए गए हैं। दक्षिण दिशा में क्या नहीं होना चाहिए 1) वास्तु के नियमों के अनुसार, दक्षिण दिशा में पानी की टंकी नहीं होनी चाहिए। पानी से संबंधित चीजें दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। वास्तु के नियमों के अनुसार, जल तत्व दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। 2) दक्षिण दिशा में अग्नि की दिशा बताया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह को कोई एंटी एलिमेंट जैसे पानी की टंकी और वॉशिंग एरिया नहीं होना चाहिए। न ही इस दिशा में पूजा घर बनाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो घर परिवार के सभी लोगों को कामकाज में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ता है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार नहीं होता है। 3) दक्षिण दिशा में टॉयलेट भी नहीं बनाना चाहिए। वास्तु के नियमों के अनुसार, दक्षिण में टॉयलेट होने काफी हानिकारक होता है। अगर इस दिशा में टॉयलेट होने पर काम बनते बनते बिगड़ने लगते हैं। साथ ही लोगों की लोकप्रियता भी खराब हो जाती है। 4) दक्षिण दिशा को मंगल की दिशा और यम की दिशा भी माना गया है। इसे यम के द्वार भी कहा जाता है। इस दिशा अगर काले या नीला रंग बोता है तो वह आपको कोर्ट केस या दुर्घटना आदि होने की आशंका अधिक रहती है। साथ ही इस दिशा में घर में पानी का जमाव न होने दें। क्योंकि, इसे सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है। भूलकर भी इस दिशा में स्फटिक टैंक या स्विमिंग पूल न बनवाएं। दक्षिण दिशा में क्या बना सकते हैं 1) दक्षिण दिशा को अग्नि की दिशा भी कहा गया है और यह आपकी प्रसिद्धि से भी जुड़ी दिशा में ऐसे में इस एरिया में आप चाहें तो मास्टर बेडरुम बनवा सकते हैं। इस दिशा में मास्टर बेडरुम होने शुभ परिणाम देता है।

सैदा गोदाम में पीडीएस चावल चोरी का बड़ा खुलासा, प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर पर मिली भगत के गंभीर आरोप

सैदा गोदाम में पीडीएस चावल चोरी का बड़ा खुलासा, प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर पर मिली भगत के गंभीर आरोप   सकरी   सैदा क्षेत्र के शासकीय गोदाम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए आने वाले चावल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और चोरी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यह अवैध गतिविधि कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि विगत कई वर्षों से लगातार संचालित हो रही है, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नियम स्पष्ट है कि गोदाम में चावल का भंडारण होने के बाद उसे सीधे उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाया जाना चाहिए। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। आरोप है कि चावल से भरी गाड़ियों को रात के समय जानबूझकर सुनसान स्थानों, पेट्रोल पंपों या अंधेरे इलाकों में खड़ा किया जाता है, जहां से धीरे-धीरे चावल की चोरी कर ली जाती है। इस पूरे मामले में “लेवर मजदूरों” का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है, जबकि स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि यह एक संगठित और सुनियोजित गोरखधंधा है। इसमें बाहर से आए कुछ  ड्राइवरों  की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो इस अवैध गतिविधि हिस्सा बनकर के जरिए तेजी से लाभ कमा रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर महीने स्टॉक मिलान के दौरान 1से2 क्विंटल चावल कम निकलता है जिससे स्टेज (स्टॉक घाटा) बन जाता है नियम के दबाव के घाटे की भरपाई दुकानदारो को अपनी जेब से करनी पड़ती है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है  सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही इस गोरखधंधे पर लगाम लग पाई। इससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है? उठ रहे बड़े सवाल: क्या गोदाम प्रबंधन इस पूरे मामले में शामिल है? ट्रांसपोर्टरों की भूमिका कितनी संदिग्ध है? संबंधित अधिकारी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? वर्षों से चल रहे इस गोरखधंधे पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय दुकानदारों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि गरीबों के हक का अनाज खुलेआम लूटा जा रहा है और जिम्मेदार लोग मूकदर्शक बने हुए हैं। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके और पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वर्षों से चल रहे इस कथित घोटाले पर कोई निर्णायक कार्रवाई हो पाती है या नहीं।

Bank Fire News: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, जिला सहकारी बैंक के जरूरी रिकॉर्ड नष्ट

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज सुबह जिला सहकारी बैंक में आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कंप्यूटर सिस्टम, कैश काउंटर और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गईं। समय रहते कैश को सुरक्षित बचा लिए गए। यह घटना गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम ओटेबंद स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग की शाखा की है। जानकारी के मुताबिक, बैंक की छत पर बंदरों का झुंड उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे बैंक में आग भड़क उठी। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। गुंडरदेही पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू इसी दौरान बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। मामले की जांच की जाएगी गुंडरदेही पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, जिसके बाद ही कुल क्षति स्पष्ट हो पाएगी।

Realme Narzo 100 Lite 5G लॉन्च, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ

 रियलमी ने भारतीय बाजार में एक नया बजट पावरफुल फोन लॉन्च कर दिया है जो Realme Narzo 100 Lite 5G है। यह कंपनी की नई Narzo 100 लाइनअप का पहला मॉडल है। नए Realme Narzo 100 Lite 5G में 7,000mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह हैंडसेट 10 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या 70 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक देगा। Realme Narzo के इस नए फोन में ऑक्टा कोर MediaTek Dimensity 6000 सीरीज का चिपसेट लगा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी जिसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं। जानिए इस फोन की कीमत, फर्स्ट सेल डेट, कलर वैरिएंट और फीचर्स: भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G की कीमत और उपलब्धता भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G के बेसिक 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,499 रुपये है। वहीं, 4GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। सबसे महंगा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ 16,499 रुपये में उपलब्ध है। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है। बैंक छूट के साथ आप फोन को 12,499 रुपए में खरीद पाएंगे। Narzo सीरीज का यह नया फोन भारत में 21 अप्रैल से Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर फर्स्ट सेल के लिए उपलब्ध होगा। Realme Narzo 100 Lite 5G फ्रॉस्ट सिल्वर और थंडर ब्लैक रंगों में उपलब्ध है। Realme Narzo 100 Lite 5G बड़ी खासियतें बैटरी: फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी लंबे समय तक कॉलिंग, वीडियो और गेमिंग के लिए है। फोन में AI पावर सेविंग और सुपर पावर सेविंग मोड भी दिए गए हैं, जिससे बैटरी और ज्यादा समय तक चलती है। यहां तक कि 1% बैटरी में भी यह फोन करीब 40 मिनट तक कॉलिंग सपोर्ट कर सकता है। प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। फोन में 14GB तक डायनामिक RAM और 128GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। डिस्प्ले: realme Narzo 100 Lite 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला Eye Comfort डिस्प्ले दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी खास माना जा रहा है। इसकी ब्राइटनेस 900 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। इसके अलावा Smart Touch और DC Dimming जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कैमरा: कैमरा की बात करें तो इसमें 13MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में 5MP का कैमरा मिलता है। फोन AI Eraser, AI Clear Face से लैस है। मजबूती: इसमें Military-Grade शॉक रेसिस्टेंस और IP64 रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहता है।

Punjab Assembly Update: बेअदबी के खिलाफ नया कानून, स्पीकर कुलतार संधवां ने बढ़ाया कदम

पटियाला/समना. पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज समना में चल रहे धर्म युद्ध मोर्चा में पहुंचे। इस मौके उन्होंने गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी को लेकर नए प्रस्तावित बिल के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह गुरु का कानून है जिसका संदेश पूरी दुनिया से अलग है। यह संदेश सभी का सम्मान करने की शिक्षा देता है। संधवां ने कहा कि उन्होंने यहां अपने पिछले दौरे में कहा था कि वह सरकारी बिल की कापी लेकर आएंगे और उन्होंने आज यह वादा पूर्ण किया है। बहरहाल धर्म युद्ध मोर्चा के संयोजकों का कहना है कि जब तक इस बिल को राज्यपाल से स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक टावर पर चढ़े बाबा गुरजीत सिंह फौजी नीचे नहीं उतरेंगे और यह मोर्चा जारी रहेगा। न्याय और रोकथाम के प्रति प्रतिबद्धता बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए संधवां ने कहा कि पिछली घटनाओं ने सिख संगत के मन में गहरा दुख पैदा किया है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और कड़े कानूनी प्रावधानों की आवश्यकता है।” जांच की स्थिति स्पीकर ने बताया कि: लगभग सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। एक मामले को छोड़कर बाकी सभी में चालान अदालत में पेश किए जा चुके हैं। मामले अब न्यायालय में विचाराधीन हैं। आलोचकों को जवाब एसजीपीसी द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर पूछे जाने पर संधवां ने कहा कि अतीत में इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उनके पास पर्याप्त अवसर थे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान न्याय नहीं दिलाया, उन्हें अब मौजूदा प्रयासों में बाधा डालने का अधिकार नहीं है। एकता की अपील अंत में, स्पीकर ने आशा व्यक्त की कि पंजाब विधानसभा के सभी सदस्य, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर, इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून आपसी भाईचारे, शांति और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।