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बस हादसे से दहला फतेहगढ़ साहिब: 8 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने व्यक्त किया गहरा दुख

फतेहगढ़ साहिब. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फतेहगढ़ साहिब हादसे पर दुख प्रगट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ होने की कामना की है। घटना स्थल पर पहुंचे एसडीएम व अन्य अधिकारियों का ग्रमीणों ने किया विरोध। ग्रामीणों ने हादसे के लिए खस्ताहाल सड़कों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैसाखी पर्व पर श्री आनंदपुर साहिब माथा टेक कर लौट रही संगत की बस मंगलवार देर रात फतेहगढ़ साहिब के गांव भटेड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दो गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चला है। बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब गई थी। संगत में गांव डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के लोग भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु मैण माजरी के गुरुद्वारा साहिब की पालकी वाली बस में सवार होकर देर रात लौट रहे थे। गांव मैण माजरी से करीब 3 किलोमीटर पहले गांव भटेड़ी के पास बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

एसडीएम संजय कुमार की पहल से शिक्षकों के साथ संवाद, शिक्षा व्यवस्था पर फोकस

 गढ़वा  गढ़वा में सदर एसडीएम संजय कुमार की खास पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ की हर हफ्ते चलने वाली श्रृंखला में आज यानी बुधवार (15 अप्रैल) को शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक होगी. अनुमंडल कार्यालय के सभागार में अपराह्न 3:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की शिक्षा व्यवस्था, चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी. डेढ़ वर्ष से जारी है संवाद की परंपरा ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘कॉफी विद एसडीएम’ कार्यक्रम पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है. इस पहल के माध्यम से एसडीएम हर सप्ताह समाज के अलग-अलग वर्गों (जैसे युवा, किसान, उद्यमी आदि) से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनते हैं. इसी कड़ी में इस बार शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को धरातल पर और मजबूत किया जा सके. एसडीएम ने की सहभागिता की अपील सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी कोटि के आमंत्रित शिक्षक प्रतिनिधियों से इस संवाद में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध किया है. उन्होंने बताया कि शिक्षकों के सुझावों के आधार पर स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक सुधारों को लागू करने का प्रयास किया जाएगा.   इन मुख्य बिंदुओं पर होगा विमर्श इस संवाद कार्यक्रम में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मुख्य विषय पर चर्चा होगी:     विद्यालयों की दैनिक व्यवस्था और अनुशासन.     नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देना.     छात्रों के ड्रॉप-आउट दर को कम करने के उपाय.     शिक्षकों की स्थानीय समस्याएं और संसाधनों का बेहतर उपयोग.  

प्रियंका चाहर चौधरी की एंट्री से शो में बढ़ा टशन, खेसारी लाल और अभिषेक मल्हान आमने-सामने

इंडिया का सबसे बड़ा फिटनेस रियलिटी शो बैटलग्राउंड सीजन 2 जल्द लौट रहा है. 16 खिलाड़ी मिट्टी से मेडल तक का सफर तय करेंगे. दूसरा सीजन और भी धमाकेदार होने वाला है. शो का टीजर रिलीज हो गया है. 4 नई टीमों को इंट्रोड्यूस किया गया है. टीवी की नागिन यानी प्रियंका चाहर चौधरी ने रियलिटी शो में धमाकेदार एंट्री मारी है. फिर शुरू होगा बैटलग्राउंड प्रियंका मुंबई स्ट्राइकर्स की ऑनर होंगी. भोजपुरी भौकाल्स को खेसारी लाल यादव लीड करेंगे. दिल्ली डोमिनेटर्स के मालिक पिछली बार की तरह अभिषेक मल्हान होंगे. तेलुगू टाइगर्स को कबड्डी प्लेयर राहुल चौधरी लीड करने वाले हैं. शिखर धवन ने सुपरमेंटर बनकर वापसी की है. वो अपने एक्सपीरियंस से शो के कंटेस्टेंट्स की मदद करेंगे. बैटलग्राउंड में 16 कंटेस्टेंट्स को 4 टीमों में डिवाइड किया जाएगा. उन्हें इंटेंस फिजीकल और मेंटल चुनौतियों से गुजरना पड़ेगा. 'फाइट क्लब वीकेंड' में होने वाली बैटल कंटेस्टेंट्स के एलिमिनेशन का फैसला करेगी. आखिर में इंडिया को उसका अल्टीमेट फिटनेस स्टार मिलेगा. पहला सीजन अभिषेक मल्हान की टीम ने जीता था.   टीजर में मेंटर्स का टशन देखने को मिला. खेसारी का  कहना है माहौल बढ़िया है, कंटेंस्टेंट्स भी तगड़े हैं. एक्टर ने आते ही अपने विरोधी मेंटर्स पर निशाना साधा है. भोजपुरी स्टार ने कहा- इन मेंटर्स को कहां से उठाकर ले आए हो? यहां पर कैमरा देखकर हैलो फ्रेंड्स थोड़ी कहना है? यहां उनका इशारा अभिषेक मल्हान पर था. यूट्यूबर ने भी कहां चुप रहना था. उन्होंने खेसारी को तगड़ा जवाब देते हुए कहा- ये पलंग पर चढ़कर कमर लचकाने का शो नहीं है. उन्हें बोलो नए आए हो थोड़ा चिल करो. प्रियंका चाहर चौधरी का भी टशन दिखा. उन्होंने भी अभिषेक पर तंज कसते हुए कहा- हम कोई नए नहीं हैं. ये पहले पूरी दुनिया का मजाक बनाते हैं, लेकिन इन्हें कोई छेड़ दे तो ट्रिगर हो जाते हैं. क्या हल्का इंसान है. कबड्डी प्लेयर राहुल चौधरी भी फुल ऑन जोश में दिखे. सभी मेंटर्स का टशन देखकर फैंस एक्साइटेड हो गए हैं. खेसारी ने कहा- इन सबकी बहुत जुबान चल रही है, लगता है भोजपुरी अंदाज में आना ही पड़ेगा. बैटलग्राउंड सीजन 2, 17 अप्रैल से अमेजन एमएक्स प्लेयर पर देखा जा सकता है. 

टेक्नोलॉजी और टीमवर्क का कमाल: ‘ऑपरेशन तलाश’ से 192 परिवारों को मिला अपना खोया सदस्य

भिलाई नगर. दुर्ग में गुम हुए 192 लोगों को पुलिस ने उनके परिवार से मिलाया। 13 दिन तक जिले और राज्य के अलग-अलग जगहों से ढूंढने की कार्रवाई चली। दुर्ग पुलिस के किए गए प्रयासों से न केवल जिले में बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों से भी गुम इंसान को खोज निकाला। इन लोगों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। इसके बाद कई घरों में खुशी लौट आई। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिला दुर्ग में 1 से 13 अप्रैल तक गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष अभियान ऑपरेशन तलाश चलाया। अभियान के दौरान जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में विशेष टीमों का गठन कर खोजबीन की। पुलिस ने इसके लिए तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया । सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर गुमशुदा लोगों तक पहुंच बनाई गई। कई मामलों में पुलिस को दूसरे जिलों और राज्यों की पुलिस से भी मदद लेनी पड़ी। बेहतर तालमेल के कारण इन मामलों में तेजी से कारवाई हो सकी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई लोग ऐसे थे जो किसी कारण से घर छोड़कर चले गए थे, जबकि कुछ मामलों में परिवार वालों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसे में पुलिस की टीमों ने लगातार कोशिश करते हुए उन्हें खोज निकाला। इस अभियान के दौरान कुल 192 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित बरामद किया गया। इनमें 05 बालक, 09 बालिकाएं, 127 महिलाएं एवं 51 पुरुष शामिल हैं। इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने न सिर्फ शहर में बल्कि आसपास के इलाकों और दूसरे राज्यों में भी जाकर तलाश की। हर सुराग को गंभीरता से लिया गया और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। गुमशुदा लोगों के मिलने के बाद जब उन्हें उनके परिवारों से मिलाया गया, तो कई भावुक पल भी देखने को मिले। दुर्ग पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी चलाए जाएंगे।

पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी पर जोर, संजय सेठ ने किया संबोधन

रांची झारखंड के रांची में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंगलवार को आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में सम्मेलन हुआ. इसमें हजारों महिलाएं शामिल हुईं. पूरा हॉल महिलाओं से खचाखच भरा था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मौजूद जनसमूह ने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित रहा. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में होगी नारी: संजय सेठ कार्यक्रम का आयोजन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की ओर से किया गया. संजय सेठ ने कहा कि यह भव्य आयोजन न केवल नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में नारी होंगी. संजय सेठ ने कहा कि यह सिर्फ अधिनियम नहीं है. यह इस सपने के पूरा होने जैसा है, जो आजादी के बाद हमारे देश की मातृ शक्ति देखती थीं. बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा? प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल भारत देश में ही शक्ति की देवी के रूप में नारी की पूजा होती है. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम किया है. निर्णय की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी होगी. मौके पर रांची की महापौर रोशनी खलखो, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा, विनीता सिंघानिया, विजयश्री साबू, लेखिका पुष्पा सहाय और उषा जालान सहित अलग-अलग संस्था से जुड़ी महिलाएं मौजूद थीं. महिलाओं के सम्मान में सीढ़ी पर बैठे रक्षा राज्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सम्मान में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मंच के सामने सीढ़ी पर बैठे नजर आए. उन्होंने सम्मेलन में आईं महिलाओं का स्वागत फूल वर्षा कर किया. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर विस्तार से बताया. इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. साथ ही महिलाओं को दिए गए आरक्षण के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया. पदयात्रा में 4000 से अधिक महिलाएं हुईं शामिल सम्मेलन के बाद आर्यभट्ट सभागार से पदयात्रा निकाली गई. इसमें 4000 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया. यह पदयात्रा मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका तक निकाली गई. इस दौरान राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और नारी सशक्तीकरण का संकल्प दोहराया गया.

योगी सरकार का बड़ा कदम: नोएडा-गाजियाबाद में श्रमिकों की सैलरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी

योगी सरकार का बड़ा फैसला: नोएडा-गाजियाबाद में श्रमिकों की सैलरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर अंतरिम वेतन वृद्धि लागू, 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के वेतन में 21% तक वृद्धि अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों में नई दरें घोषित हिंसा फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश गौतमबुद्ध नगर  नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि का ऐलान किया है। हालिया घटनाक्रमों के बाद की गई विस्तृत समीक्षा के आधार पर सरकार ने संतुलित निर्णय लेते हुए अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों में करीब ₹3000 तक वेतन बढ़ाया है, जिससे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में 21% तक वृद्धि हुई है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। सरकार ने ₹20,000 न्यूनतम वेतन की खबरों को भ्रामक बताया है, वहीं श्रमिकों की मांगों और उद्योगों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार औद्योगिक शांति, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा निवेश अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद गौतम बुद्ध नगर में पूर्व की भांति सौहार्द, शांति एवं विकास की गति निरंतर बनी रहे।          एक अप्रैल से लागू होगी नई दरें औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश दीपक कुमार ने हाल ही में हुए घटनाक्रमों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए न्यूनतम वेतन में तात्कालिक रूप से अंतरिम वृद्धि का निर्णय लिया है, जिसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी कुशल श्रेणी के श्रमिकों के लिए की गई है, वहीं गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में यह वृद्धि सबसे अधिक 21 प्रतिशत तक की गई है और यह नई अंतरिम वेतन दरें 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में श्रमिकों को सीधी आर्थिक राहत प्रदान की गई है। साथ ही, आगामी माह में गठित होने वाले वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के आधार पर स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। सरकार श्रमिकों के कल्याण हेतु स्वास्थ्य, पेंशन एवं उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है। अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणी में हुई वेतन वृद्धि अंतरिम वेतन वृद्धि के अनुसार अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹13690 कर दिया गया है, अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹15059 किया गया है, जबकि कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16868 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य नगर निगम वाले जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹13006, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹14306 तथा कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16025 कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹12356, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹13591 तथा कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹15224 कर दिया गया है।  ₹20,000 मासिक न्यूनतम वेतन संबंधी खबरें भ्रामक एवं निराधार उन्होंने बताया कि सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हुई हिंसात्मक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। समिति द्वारा नोएडा पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ₹20,000 मासिक न्यूनतम वेतन लागू होने संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक एवं निराधार हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर ‘फ्लोर वेज’ निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसका उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है। हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका राज्य सरकार द्वारा नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों एवं अन्य सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है, ताकि एक संतुलित, व्यावहारिक एवं सर्वमान्य निर्णय लिया जा सके। समिति द्वारा विभिन्न चरणों में श्रमिकों एवं नियोक्ताओं के साथ बैठकें आयोजित की गईं। श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण था, जिसमें वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी मांगें शामिल थीं। उन्होंने हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई। वहीं, नियोक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योग जगत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी ने उद्योगों पर दबाव बढ़ाया है। इसके बावजूद श्रमिकों की मांगों को उन्होंने प्रासंगिक एवं विचारणीय बताया। श्रमिकों के वेलफेयर के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित समिति द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि जनपद स्तर पर श्रमिकों के वेलफेयर एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एक कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके नम्बर 120-2978231,  120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 हैं, इस कन्ट्रोल रूम के माध्यम से श्रमिक अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं।        असामाजिक एवं बाहरी तत्वों की पहचान के लिए अभियान जनपद में औद्योगिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक एवं बाहरी तत्वों के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे तत्व न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी कमजोर करते हैं। प्रशासन द्वारा इन तत्वों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र एवं स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन को मजबूत किया गया है। पहचान किए गए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें गिरफ्तारी, आपराधिक मुकदमे दर्ज करना तथा आवश्यकतानुसार अन्य विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहती है कि शांति एवं विकास के वातावरण को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। … Read more

TCS मामले में बड़ा खुलासा: 9 FIR में यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और मलेशिया भेजने की साजिश, HR निदा खान पर सवाल

नासिक नासिक की एक प्रमुख आईटी कंपनी में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का चौंकाने वाला मामला अब मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण तक पहुंच गया है. पुलिस ने कंपनी की एचआर अधिकारी समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है. कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर नौकरी, प्रेम और मदद का लालच देकर युवतियों का यौन शोषण करने का आरोप है।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी 2022 से दोस्ती के नाम पर युवतियों के साथ जाल बुन रहे थे. उन्होंने मानसिक और भावनात्मक दबाव बनाकर उनका शोषण किया. अब जांच में नया मोड़ आया है. पुलिस को पता चला है कि आरोपी पीड़ित युवतियों को मलेशिया बेचने की योजना बना रहे थे. वीडियो कॉल पर मलेशिया भेजने की चर्चा हुई थी. एक पीड़िता को सीधे मलेशिया भेजने की तैयारी चल रही थी, जिसमें पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी. मामले की जांच कर रही एसआईटी को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. जांच में विदेशी फंडिंग, वित्तीय लेन-देन और बड़े रैकेट की आशंका जताई जा रही है. कुछ अधिकारियों को संदेह है कि इस पूरे मामले का राष्ट्रीय सुरक्षा से भी संबंध हो सकता है. पुलिस का मानना है कि अन्य कई महिलाओं को भी इसी तरह निशाना बनाया गया होगा।  कौन है निदा खान? निदा खान इस पूरे मामले की केंद्र बिंदु बन गई है. वह नासिक स्थित कंपनी की HR मैनेजर हैं और कंपनी की इंटरनल कमिटी (POSH एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति) का हिस्सा थीं. आरोप है कि कई शिकायतें उनके पास पहुंचीं, लेकिन उन्होंने उन्हें नजरअंदाज कर दिया या ऊपर नहीं भेजा. जांचकर्ताओं के मुताबिक POSH प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. निदा खान सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) की पूर्व छात्रा हैं. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वे HR मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं. पुलिस के अनुसार निदा खान और तौसिफ अत्तर को इस मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि निदा खान फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में तकनीकी और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर रही है. पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था. सात महिला पुलिसकर्मी हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर कंपनी में काम करती रहीं और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. इसी ऑपरेशन के आधार पर कई शिकायतें सामने आईं और नौ एफआईआर दर्ज हुईं।  आरोपों की गंभीरता आरोपियों पर यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण, मानव तस्करी और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. पीड़ित युवतियों का कहना है कि उन्हें नामाज पढ़ने, गोमांस खाने और धर्म बदलने के लिए दबाव डाला गया. कंपनी के अंदर ही कुछ कर्मचारियों ने इस जाल को फैलाया. TCS कंपनी ने आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. एसआईटी आरोपियों के बैंक लेन-देन, विदेशी संपर्क और संभावित रैकेट की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई हो रही है।  TCS मामले में साजिश का खुलासा नासिक के TCS BPO कैंपस में कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. अब तक इस मामले में 9 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं. यह पूरा मामला एक पैटर्न की तरफ इशारा करता है, जिसमें महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनके साथ यौन शोषण और धार्मिक दबाव बनाया गया।  9 FIR में खुली साजिश की परतें पहली एफआईआर के अनुसार जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान ने एक महिला कर्मचारी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. आरोप है कि हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. साथ ही तौसीफ अत्तर ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. दानिश शेख पर भी कार्यालय में जबरन छूने और नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप है।  सरी एफआईआर में मई 2023 से मार्च 2026 के बीच रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर एक महिला कर्मचारी को घूरने, छूने और उसकी निजी जिंदगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. पीड़िता ने कई बार शिकायत की, लेकिन कंपनी के अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों को बढ़ावा मिला।  तीसरी एफआईआर में शफी शेख पर मीटिंग के दौरान महिला कर्मचारी को घूरने और अश्लील व्यवहार करने का आरोप है. इसके अलावा तौसीफ अत्तर ने भी निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और शारीरिक नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की।  चौथी एफआईआर के अनुसार मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच तौसीफ अत्तर ने महिला कर्मचारी से उसकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल पूछे और अश्लील इशारे किए. इसके अलावा हिंदू देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी भी की गई, जिससे पीड़िता और अन्य कर्मचारी आहत हुए।  पांचवीं एफआईआर में आरोप है कि 2022 से मार्च 2026 के बीच तौसीफ अत्तर, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मिलकर पीड़िता पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया और उसे मांस खाने के लिए मजबूर किया. साथ ही हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया।  छठी एफआईआर में सितंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच आसिफ अंसारी और शफी शेख पर महिला कर्मचारी के शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणी करने और गलत तरीके से छूने का आरोप है. इसके साथ ही तौसीफ अत्तर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप लगा है।  सातवीं एफआईआर के अनुसार जून 2025 से मार्च 2026 के बीच आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और शफी शेख ने महिला कर्मचारी का पीछा किया, अश्लील टिप्पणियां कीं और छेड़छाड़ की। साथ ही धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप भी लगाए गए।  आठवीं एफआईआर में जनवरी 2025 से अब तक रजा मेमन और शफी शेख पर महिला कर्मचारी से उसकी इच्छा के खिलाफ निजी बातें करने, शादी का प्रस्ताव देने और शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. दोनों पर बार-बार शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश करने का भी आरोप है।  नौवीं एफआईआर में जनवरी 2026 से 1 अप्रैल 2026 के बीच रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर अश्लील टिप्पणियां करने, इशारे करने और पीड़िता की निजी … Read more

महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी तेज, हर तीसरी सीट पर होंगी महिला प्रतिनिधि

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक साथ तीन विधेयक लाए जा रहे हैं। इसमें एक विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य सीटों व चुनावी क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण करना है। परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। नए परिसीमन के तहत राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। हरियाणा की भी लोकसभा की सीटें 10 से बढ़कर 15 हो जाएंगी।   अभी लोकसभा की हैं 10 सीटें सीटों के मौजूदा बंटवारे को देखें तो हरियाणा के पास लोकसभा की कुल 543 में से 1.89 फीसदी यानी 10 सीटें हैं। अगर 815 सदस्यों वाली लोकसभा में भी यह अनुपात बरकरार रखा जाता है, तो हरियाणा के पास 15 सीटें होंगी, जिनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं, विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं, नए परिसीमन के हिसाब से बढ़कर 119 या 120 सीटें हो जाएंगी। इनमें से 40 सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी लोकसभा हो या विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी। नए परिसीमन व लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात से पूरे हरियाणा में हलचल तेज हो गई है। हरियाणा को विधानसभा का नया भवन जरूरी होगा विधानसभा की सीटें बढ़ने से 2029 से पहले हरियाणा को नए विधानसभा की भी आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान विधानसभा भवन नए परिसीमन के हिसाब से छोटा पड़ेगा। इसमें विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कार्य संचालन में कई बार कठिनाई आती है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार इस दिशा में नए भवन के निर्माण या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयासरत रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के साथ नई जमीन के लिए भूमि आदान-प्रदान को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई। फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेगी नए परिसीमन के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल जिले में विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी। 2011 के जनसंख्या के अनुसार फरीदाबाद जिले की आबादी 18 लाख से ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम की 15 लाख, करनाल की 15 लाख और सोनीपत की साढ़े 14 लाख आबादी है। ये सारे शहर शहरी इलाके हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी विधानसभा क्षेत्र ज्यादा होंगे। यानी हरियाणा में राजनीति जो अभी ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, अब वह शहरी केंद्रित हो सकती है। इससे खासकर क्षेत्रीय दलों के सामने नया संकट आ सकता है। क्षेत्रीय दलों की राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों पर ही केंद्रित रहती है।  

सीलबंद Maaza में प्लास्टिक मिला, आयोग का बड़ा फैसला

  जैसलमेर खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक कंपनी को कड़ा सबक सिखाया है. माजा (Maaza) कोल्ड ड्रिंक की सीलबंद बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कंपनी और विक्रेताओं पर कुल 2.50 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. साथ ही आयोग ने परिवादी को क्षतिपूर्ति रकम के तौर पर 40 हजार रुपये और परिवाद लड़ने में हुए खर्च के तौर पर 10 हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया है. माजा की बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा दरअसल, 16 जुलाई 2025 को जैसलमेर के डिब्बा पाड़ा निवासी तुषार पुरोहित ने स्थानीय विक्रेता 'शिवम् मार्केटिंग' से माजा कोल्ड ड्रिंक की एक पूरी केरेट खरीदी थी. जब उन्होंने बोतलों की जांच की तो वह यह देखकर दंग रह गए कि माजा कोल्ड ड्रिंक की बोतल पूरी तरह सीलबंद थी, लेकिन उसके अंदर प्लास्टिक या पॉलीथिन जैसी कोई चीज नजर आई. इस पर ताषर ने स्वास्थ्य के साथ इसे खिलवाड़ लापरवाही मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई. मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी ने वह सीलबंद बोतल साक्ष्य के तौर पर आयोग के सामने पेश की. आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गोड की पीठ ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी होने के बावजूद गुणवत्ता में कमी गंभीर लापरवाही है. निरीक्षण में कोल्ड ड्रिंक की बोतल के अंदर बाहरी पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई. परिवादी को 40 हजार रुपये देने का आदेश साक्ष्यों और बहस के आधार पर आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को कंपनी को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया. आयोग ने कंपनी को परिवादी को 40,000 रुपए क्षतिपूर्ति राशि और 10,000 रुपए परिवाद व्यय देने के निर्देश दिए. साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता में गंभीर कमी को देखते हुए 2 लाख रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश भी दिया गया. परिवादी के अधिवक्ता प्रथमेश आचार्य ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

बायोमेट्रिक गड़बड़ी और पेपर लीक साजिश का खुलासा, केंद्राधीक्षक निलंबित

मुंगेर मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान मंगलवार को बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिले के 20 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच चल रही परीक्षा में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार ‘मुन्ना भाई’ को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।  दो पालियों में हुई परीक्षा, कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों को पहली पाली के लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच ही कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया।  बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी, केंद्राधीक्षक निलंबित इसी बीच उपेंद्र ट्रेनिंग एकेडमी स्थित परीक्षा केंद्र पर बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बायोमेट्रिक सत्यापन में लगी एजेंसी के प्रतिनिधि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया। उन पर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में असफल रहने और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है।  अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार पुलिस ने अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भगत चौकी के सुजल कुमार, पटना के समीर कुमार, कहलगांव के प्रशांत कुमार और लड़ैयाटाड़ बंगलवा के प्रियांशु कुमार शामिल हैं। ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से मोबाइल और टैब भी बरामद किए गए।  संगठित गिरोह और पेपर लीक की साजिश का खुलासा पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह स्थानीय युवकों को हायर कर परीक्षा में बैठाने की साजिश रच रहा था। साथ ही प्रश्नपत्र लीक कराने की भी कोशिश की जा रही थी।  128 अभ्यर्थियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान की एक नोडल एजेंसी ने 128 अभ्यर्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया था, ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर फर्जी तरीके से सफलता हासिल कर सकें। बायोमेट्रिक क्लियर कराने के लिए सुजल कुमार को एजेंट बनाया गया था, जिसने असली अभ्यर्थियों की जगह मुन्ना भाई बैठा दिए।  मास्टरमाइंड की तलाश जारी, और खुलासों की आशंका इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अंबे चौक स्थित एक कोचिंग संचालक ए.के. राठौर को माना जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे।