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बड़ा फेरबदल: चंडीगढ़ में 14 HCS-PCS अधिकारियों का ट्रांसफर, कई विभागों में बदलाव

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया है। लिस्ट में 14 अधिकारियों के नाम शामिल है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पीसीएस (PCS), एचसीएस (HCS) और डैनिक्स (DANICS) कैडर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन अधिकारियों को मिले ये महत्वपूर्ण विभाग अखिल कुमार (DANICS): एडिशनल सेक्रेटरी (एस्टेब्लिशमेंट), एडिशनल सेक्रेटरी (हाउस अलॉटमेंट कमेटी) और डायरेक्टर (फूड एंड सप्लाई)। अमित कुमार (DANICS): एडिशनल सेक्रेटरी (कोऑर्डिनेशन), एडिशनल सेक्रेटरी (होम/प्रोटोकॉल और जेल) और एडिशनल सेक्रेटरी (पर्सनल)। प्रदुमन सिंह (HCS): एडिशनल आबकारी एवं कराधान आयुक्त (Excise & Taxation Commissioner), डायरेक्टर (इंडस्ट्रीज) और सचिव (RERA)। राधिका सिंह (HCS): डायरेक्टर (हायर एजुकेशन), डायरेक्टर (सोशल वेलफेयर) और एमडी (चंडीगढ़ एससी/बीसी एवं अल्पसंख्यक वित्त निगम)। सौरभ कुमार अरोड़ा (PCS): डायरेक्टर (स्पोर्ट्स), जॉइंट सेक्रेटरी (एक्साइज एंड टैक्सेशन) और डायरेक्टर (आयुष)।नीतीश सिंगला (PCS): डायरेक्टर (स्कूल एजुकेशन), जॉइंट सेक्रेटरी (लेबर) और सचिव (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी)। अविकेश गुप्ता (PCS): आरएलए (RLA), डायरेक्टर (ट्रांसपोर्ट-कम-डिविजनल मैनेजर CTU) और जॉइंट सेक्रेटरी (हाउसिंग)। बलबीर राज सिंह (PCS): जॉइंट आईजी (प्रिज़न), सुपरिंटेंडेंट (मॉडल जेल) और जॉइंट कमिश्नर (नगर निगम)। पालिका अरोड़ा (PCS): डायरेक्टर (टेक्निकल एजुकेशन) और मिशन डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट)। डॉ. इंदर जीत (HCS): जॉइंट कमिश्नर (नगर निगम) और एडिशनल सीईओ (चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी)। पवित्र सिंह (PCS): एसडीएम (ईस्ट) और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर-I। नवीन (DANICS): डायरेक्टर (एग्रीकल्चर), डायरेक्टर (टूरिज्म) और डायरेक्टर (कल्चरल अफेयर्स)। खुशप्रीत कौर (DANICS): एसडीएम (सेंट्रल) और लैंड एक्विजिशन ऑफिसर। राजीव तिवारी (DC F&A): डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशंस) और डायरेक्टर (हॉस्पिटैलिटी)। प्रशासनिक तालमेल के लिए बदलाव यह आदेश चंडीगढ़ प्रशासन में पीसीएस अधिकारियों ( अविकेश गुप्ता और  बलबीर राज सिंह) के शामिल होने के बाद जारी किया गया है। नए अधिकारियों की ज्वाइनिंग के साथ ही विभागों का बंटवारा नए सिरे से किया गया है ताकि शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक सेवाओं में तेजी लाई जा सके। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

नागिन 7 में अक्षय कुमार का नाग गुरु अवतार, टेलीप्रॉम्पटर को लेकर हुए ट्रोल

नागिन 7 दर्शकों का फेवरेट बना हुआ है. बीते वीकेंड में अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म भूत बंगला को प्रमोट करने पहुंचे थे. वो नाग गुरु के रूप में दिखे. अपने करियर में इससे पहले शायद ही खिलाड़ी कुमार ने कभी नाग गुरु का रोल किया होगा. शो की नागिन अनंता यानी प्रियंका चाहर चौधरी को खिलाड़ी कुमार ने ड्रैगन यमन को खात्म करने का रास्ता सुझाया. ट्रोल हुए अक्षय कुमार शो की क्लिप वायरल हो रही है. लेकिन इंटरनेट यूजर्स ने अपनी पैनी नजरों से खिलाड़ी कुमार की एक गलती पकड़ ली है. एक क्लिप सामने आई है जिसमें वो टेलीप्रॉम्पटर देखकर अपनी लाइन्स पढ़ते दिखे. इंडस्ट्री में इतने सालों का करियर होने के बाद अक्षय का अपनी लाइनों को याद करने की बजाय उन्हें टेलीप्रॉम्पटर की मदद से पढ़ना यूजर्स को खटका है. वायरल वीडियो में अक्षय कुमार जिस तरह से अपनी आंखों को मूव करते हुए डायलॉग रीड कर रहे हैं, वो कई यूजर्स को फनी लगा है. साफ नजर आता है अक्षय किसी चीज को देखकर लाइन्स पढ़ रहे हैं. शख्स ने लिखा- डायलॉग को न्यूज एंकर की तरह पढ़ना अजीब है. थोड़ी और मेहनत करने से ये लाइन्स नैचुरल लग सकती थीं. एक्टर्स अपनी लाइनें ही अच्छे से नहीं पढ़ पा रहे हैं. हालांकि फैंस ने एक्टर को डिफेंड किया. यूजर ने लिखा- उनका कहना है अक्षय ने फिल्म प्रमोशन के बिजी शेड्यूल की वजह से नागिन 7 में अपने पार्ट को जल्दी से रैप किया होगा. वो इतने बिजी एक्टर हैं कि लाइनें याद करने का उन्हें टाइम नहीं होगा. तभी उन्होंने टेलीप्रॉम्पटर देखकर अपना शूट खत्म किया. वैसे टेलीप्रॉम्पटर देखकर डायलॉग बोलना आम बात है. कई एक्टर्स ऐसा करते हैं. लेकिन सीन करते हुए ये नजर आना कि आप टेलीप्रॉम्पटर को देख रहे हैं, यहां भारी चूक हो जाती है. खिलाड़ी कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ है. इससे पहले मूवी सरफिरा और कनप्पा में यूजर्स ने एक्टर को टेलीप्रॉम्पटर की मदद से अपनी लाइनें पढ़ते हुए नोटिस कर लिया था. अक्षय के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी फिल्म भूत बंगला सिनमाघरों में 17 अप्रैल को रिलीज हो रही है. फिल्म में तब्बू, परेश रावल, वामिका गब्बी, राजपाल यादव अहम रोल में हैं. एक्टर की वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 2, हैवान और स्त्री 3 पाइपालइन में हैं.

महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के लिए अलर्ट: 30 जून तक ई-केवाईसी जरूरी, चॉइस सेंटर पर हो रहा अपडेट

भिलाई नगर. महतारी वंदन योजना के तहत जिन महिलाओं के खाते में राशि आ रही हो या नहीं आ रही हो अब सभी महिलाओं को 30 जून के पहले ई-केवाईसी करना अनिवार्य हो गया है। उक्त कार्य की जिम्मेदारी चॉइस सेंटर को दी है। 3 अप्रैल से इस कार्य की शुरुआत कर दी गई है। इस कार्य की मॉनिटरिंग कार्यालय परियोजना अधिकारी को सूची एवं आईडी दी गई है, जिसके तहत जिस महिलाओं के ऑनलाइन के दौरान किसी भी तरह की हुई त्रुटि सुधार के लिए बाल विकास परियोजना में जाकर सुधार किया जा सकता है। इस योजना को शुरू करने के दौरान भिलाई नगर निगम में ऑनलाइन के कार्य किए गए हैं। दिन रात कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्य में कई त्रुटियां हुई है। अब उन त्रुटियों के सुधार के साथ-साथ जिस महिला को योजना का लाभ दिया जाना है। उस महिला तक शासन की योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी भी पुष्टि शासन स्तर पर की जा रही है। 30 जून तक की समय सीमा 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की जाती है, तो लाभार्थी की अगली किश्त रोक दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 3 अप्रैल से इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

डिजिटल हुआ विधायक निधि प्रबंधन: पोर्टल के जरिए होंगे सभी काम, जिलों में दी जा रही ट्रेनिंग

दुर्ग. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमएलएएलएडीएस) की संपूर्ण प्रक्रिया को 1 अप्रैल से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने के लिए दुर्ग संभाग के सभी जिलों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) के राधाकृष्णन हॉल में दिया गया। संचालनालय योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक डी. एस. वर्मा एवं संतोष राय ने विधायक निधि की पारदर्शी डिजिटल रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि सांसद निधि के कार्यों के लिए ई साक्षी पोर्टल का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अनुशंसा प्राप्त करना, स्वीकृति जारी करना और आदेश करना जैसे कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब विधायक निधि के कार्यों को भी इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से रायपुर में इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा था और अब इसे सभी जिलों में लागू कर दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि नई प्रणाली लागू होने पर प्रारंभ में अनेक प्रकार की शंकाएं होती है, लेकिन ये बदलाव प्रशासनिक कार्यों को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए किए जाते हैं। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण देते हुए बताया कि इससे सभी विभागों में कार्यप्रणाली में तेजी और सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि की स्वीकृति और राशि जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी । उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रक्रिया को बारीकी से समझने को कहा, ताकि प्रणाली का क्रियान्वयन प्रभावी और सुचारू रूप से किया जा सके।

लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़कर 850 होगी, 3 नए बिलों के मसौदे दिए गए

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे में बड़े बदलाव लाने वाले तीन प्रमुख विधेयकों का मसौदा सांसदों को दिया है. केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 जल्‍द पास कराने की तैयारी कर रही है. ये विधेयक आगामी जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 करने, निर्वाचन क्षेत्रों के नए सिरे से निर्धारण (Delimitation) और महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने का वैधानिक मार्ग प्रशस्त करते हैं. सरकार के इस कदम के साथ ही दशकों से लंबित सीटों के पुनर्गठन और भाषाई व क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की नई व्यवस्था पर औपचारिक मुहर लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।  वर्ष 2026 में पेश किए गए ये तीनों विधेयक भारत के चुनावी ढांचे और सीटों के पुनर्निर्धारण (Delimitation) में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव करते हैं:     संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 (Bill 107): यह विधेयक लोकसभा में सीटों की संख्या को अधिकतम 815 (राज्यों से) और 35 (केंद्र शासित प्रदेशों से) तक बढ़ाने का प्रावधान करता है . इसके अलावा, यह ‘जनसंख्या’ की परिभाषा में बदलाव करता है ताकि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण संसद द्वारा निर्धारित नवीनतम जनगणना के आधार पर किया जा सके।      परिसीमन विधेयक, 2026 (Bill 108): यह नवीनतम जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन के लिए एक परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान करता है . आयोग में सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश अध्यक्ष होंगे।      केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 (Bill 109): यह विधेयक पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन करता है ताकि उन्हें नए परिसीमन नियमों और महिला आरक्षण (संविधान के अनुच्छेद 334A) के अनुरूप बनाया जा सके . इसके तहत पुडुचेरी में नामांकित सदस्यों की संख्या बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव है, जिनमें से दो महिलाएं होंगी।  सांसदों को सौंपे गए तीनों विधेयक (संविधान संशोधन, परिसीमन, और केंद्र शासित प्रदेश कानून) यह स्पष्ट करते हैं कि भारत की चुनावी राजनीति अब तक के सबसे बड़े बदलाव की दहलीज पर है. इन दस्तावेजों के आधार पर मुख्य निष्कर्ष निम्नलिखित हैं: 1. लोकसभा का ऐतिहासिक विस्तार (850 सीटें) विधेयकों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा लोकसभा की सदस्य संख्या में भारी वृद्धि है।  ·         नई संरचना: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुसार, लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव है. इसमें 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से होंगे।  ·         क्यों है यह बड़ा: वर्तमान में लोकसभा की अधिकतम संख्या 550 (प्रभावी 543) है. 300 से अधिक सीटों की यह वृद्धि पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक विस्तार है।  2. ‘जनसंख्या’ की नई परिभाषा और जनगणना का आधार अब तक सीटों का आवंटन 1971 की जनगणना के आधार पर अटका हुआ था।  ·         नया फॉर्मूला: बिल 107 के माध्यम से अनुच्छेद 82 और 170 में संशोधन प्रस्तावित है. इसके तहत जनसंख्या का अर्थ अब वह नई जनगणना होगी जिसके आंकड़े संसद द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।  ·         तात्पर्य: यह स्पष्ट संकेत है कि 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना ही नई सीटों के आवंटन का आधार बनेगी।  3. परिसीमन आयोग परिसीमन विधेयक, 2026 (Bill 108) एक शक्तिशाली परिसीमन आयोग के गठन का मार्ग प्रशस्त करता है।  ·         कार्य: यह आयोग तय करेगा कि जनसंख्या के अनुपात में किस राज्य को कितनी अतिरिक्त सीटें मिलेंगी।    संतुलन: इसमें न्यायिक और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों और चुनाव आयोग को शामिल किया गया है. यह आयोग उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच जनसंख्या आधारित प्रतिनिधित्व के असंतुलन को भी संबोधित करेगा।  4. महिला आरक्षण का व्यावहारिक क्रियान्वयन तीसरा विधेयक (Bill 109) केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर) के कानूनों में बदलाव लाता है।   आरक्षण का लिंक: यह सुनिश्चित करता है कि 106वें संविधान संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण नए परिसीमन के साथ ही लागू हो. नामांकन: पुडुचेरी जैसे क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।  5. एक नया राजनीतिक युग इन बिलों का विश्लेषण बताता है कि यह केवल सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं है बल्कि: ·         प्रतिनिधित्व में सुधार: बढ़ती जनसंख्या के बावजूद एक सांसद पर कम आबादी का बोझ होगा, जिससे जमीनी स्तर पर काम बेहतर होगा।  ·         आधुनिक संसद: नई संसद की क्षमता (करीब 888 सीटें) के अनुरूप यह ढांचा तैयार किया गया है।  ·         चुनौती: उत्तर और दक्षिण के राज्यों के बीच सीटों के वितरण को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस के लिए सरकार ने कानूनी ढाल तैयार कर ली है। 

बिहार में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, पहली बार राज्य में बीजेपी की अपनी सरकार

पटना  नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में आज से सम्राट चौधरी का युग शुरू हो गया है. पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है. सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री हैं. इस शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा और चिराग पासवान समेत कई बड़े नेताओं ने भाग लिया।  पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. बिहार के राजनीतिक इतिहास में ये पहली है, जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है. सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. आज केवल इन तीन नेताओं का ही शपथ ग्रहण हुआ, जबकि नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं. इस भव्य शपथग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी विशेष रूप से मौजूद रहे।  सम्राट चौधरी की नई सरकार में बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ली शपथ बिहार की नवनिर्वाचित सरकार में जेडीयू के कद्दावर और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में बिजेंद्र यादव का शामिल होना सरकार के प्रशासनिक अनुभव को मजबूती प्रदान करेगा। वे दशकों से बिहार की राजनीति और सरकार का अहम हिस्सा रहे हैं, और उनके पास ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने का लंबा अनुभव है। बिहार में भाजपा के लिए ऐतिहासिक पल, पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बिहार की राजनीति में आज एक नया युग शुरू हो रहा है, जहां पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहा। सम्राट चौधरी लोकभवन में शपथ लेकर ये ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करेंगे। हालांकि यह समारोह संक्षिप्त होगा, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व काफी बड़ा है। सरकार के नए स्वरूप में जेडीयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बिहार के इतिहास में ये पहली बार होगा जब जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री सरकार का हिस्सा बनेंगे। डिप्टी सीएम के नाम पर संजय सरावगी ने लगाई मुहर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल के बाद आज नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और विजेंद्र यादव मिल रहे हैं। विकास की जो रेखा नीतीश कुमार ने खींची थी उसी रेखा को आगे बढ़ाने का काम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होगा। BJP का 46 साल का संघर्ष, पहली बार सीएम इससे पहले नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंपा। महज 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी बेहद मुखर और आक्रामक नेता माने जाने जाते हैं। 26 साल पहले विधायक चुने गए, 2024 में डिप्टी सीएम बने और 2025 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद फिर डिप्टी सीएम की शपथ ली। अब उनके पास सीएम के तौर पर पूरे बिहार का शासन चलाने के साथ पार्टी और NDA गठबंधन को साथ रखने की भी चुनौती होगी। वहीं, बिहार की राजनीति में पहले जनसंघ और फिर बीजेपी हमेशा सक्रिय रही। बीजेपी पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम हमेशा नीतीश कुमार ही बने। ये पहला मौका है जब बीजेपी के पास सीटें भी ज्यादा हैं और सम्राट चौधरी के तौर पर उन्हें सीएम भी अपना मिला है।  डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव का सफरनामा सुपौल से 1990 से लगातार विधायक, 'कोसी का विश्वकर्मा' के नाम से मशहूर 1991 में लालू सरकार में पहली बार बने मंत्री, 2005 में नीतीश के CM बनने के समय JDU के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश कैबिनेट में कई बार बिजली मंत्री रहे वित्त, वाणिज्य कर जैसे विभाग भी संभाला, 2025 में लगातार नौवीं बार जीत दर्ज की 2025 में कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी को हराया     JDU के सबसे सीनियर नेताओं में एक, नीतीश के करीबी और थिंक टैंक में शामिल     1982 से लगातार बिहार विधानसभा के सदस्य, दलसिंहसराय सीट से पहली बार चुनाव जीते     सरायरंजन सीट से पहली बार 2010 में जीत दर्ज की, 2025 में सरायरंजन सीट से चुनाव जीते     वित्त, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे विभाग संभाले     2015 से 2020 तक विधानसभा के स्पीकर      साफ-सुथरी इमेज और कुशल प्रशासक की छवि बिहार के नए 'सम्राट' का सफरनामा     RJD के साथ सियासी करियर की शुरुआत     1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री बने     2000 में पहली बार परबत्ता से बने विधायक     2013 में RJD से बगावत, JDU में एंट्री     2 जून 2014 में मांझी सरकार में मंत्री बने     मांझी को हटाने पर बगावत, JDU से सस्पेंड     2017 में BJP में शामिल 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष     2021 में नीतीश कैबिनेट में बने मंत्री     2024 में नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम का जिम्मा     तारापुर से जीता 2025 विधानसभा का चुनाव     2025 में दूसरी बार डिप्टी सीएम बने     15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ 967 में कर्पूरी बने थे मुख्‍यमंत्री  करीब 59 वर्षों बाद वे इस उपलब्धि को दोहराएंगे-इससे पहले 1967 में उप मुख्यमंत्री बने जननायक कर्पूरी ठाकुर ने 1977 में मुख्यमंत्री पद संभाला था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. भीम सिंह के अनुसार, बिहार की राजनीति में उप मुख्यमंत्री का पद हमेशा से सत्ता संतुलन का प्रतीक रहा है। 1957 में श्रीकृष्ण सिंह की सरकार में पहली बार यह पद बनाया गया था, जब अनुग्रह नारायण सिन्हा को उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। तब से अब तक लगभग 10 नेता इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन कर्पूरी ठाकुर ही ऐसे नेता थे, जो आगे चलकर मुख्यमंत्री बने। अब सम्राट चौधरी इस सूची में दूसरा नाम जोड़ने जा रहे हैं। नीतीश युग में उप मुख्यमंत्रियों की भरमार नीतीश कुमार के दो दशक लंबे राजनीतिक दौर में बिहार में सबसे अधिक उप मुख्यमंत्री बनाए गए। इस सूची में सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, तेजस्वी … Read more

पन्ना की प्रतिभा ने 499 अंक हासिल कर किया इतिहास रचने का काम, प्रदेशभर में बेटियों का राज

 पन्ना   मध्य प्रदेश में लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। Madhya Pradesh Board  ने कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम एक साथ जारी कर दिया है। परिणाम की घोषणा मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने औपचारिक रूप से की। रिजल्ट जारी होते ही पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल देखा गया। इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मार ली है। मेरिट सूची में छात्राओं की संख्या अधिक रही, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उनके बढ़ते प्रदर्शन को मजबूती मिली है। पन्ना की प्रतिभा बनीं टॉपर कक्षा 10वीं में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने इतिहास रचते हुए 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जिलेवार प्रदर्शन और मेरिट सूची इस बार अनूपपुर जिले का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां 98.8 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया है। कुल 378 छात्रों की मेरिट सूची में 143 छात्र और 235 छात्राएं शामिल हैं। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बालिकाओं ने इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कुल परिणामों का विवरण इस वर्ष 10वीं कक्षा का कुल परिणाम 73.42 प्रतिशत रहा, जबकि 12वीं कक्षा का परिणाम 76.01 प्रतिशत दर्ज किया गया। जनजातीय जिलों का प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, जिससे शिक्षा के प्रसार की सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। सरकार का बयान स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और गहन जांच के साथ पूरा किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छात्रों के भविष्य और हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र-छात्राएं अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं और अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं।

बैंक खाता अनफ्रीज कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला गिरोह गिरफ्तार

सतनाली साइबर क्राइम के नाम पर ठगी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बैंक खाता अनफ्रीज कराने के बदले पैसे मांगने वाले दो आरोपियों को मंगलवार देर शाम एंटी करप्शन ब्यूरो ने महावीर चौक से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है। सतनाली क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी नीरज ने बताया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया था। इसी दौरान उसे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित साइबर क्राइम शाखा से कॉल आई जिसमें खाता अनफ्रीज कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। नीरज ने इसकी शिकायत एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत नीरज ने आरोपियों को पैसे देने के लिए महावीर चौक बुलाया। जैसे ही उसने 10 हजार रुपये दिए टीम ने मौके पर पहुंचकर गौरव नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से 500-500 रुपये के 20 नोट बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान गौरव की निशानदेही पर एसीबी ने जितेंद्र नाम के दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि जितेंद्र, सुल्तानपुर साइबर ब्रांच के आईओ सत्येंद्र का भाई है। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनकी मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई । इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।  

श्री अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, J&K और PNB बैंकों के बाहर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जालंधर    शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पहले ही दिन सुबह से विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं। इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्र पहलगाम मार्ग: इस रास्ते की चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन समय अधिक लगता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है। बालटाल मार्ग: यह रास्ता छोटा है , करीब 14 किमी है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है। रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं: ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं। शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:     यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) होना चाहिए।     केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।     6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।     रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में। यहां भी होगा पंजीकरण     कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा     किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड     पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक     रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक     राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक     रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक     सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक     श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक     उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा     डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई     अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक     पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक

Udaipur में अचानक तापमान उछाल, मौसम विभाग ने दी हीटवेव की चेतावनी

  जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर में भीषण गर्मी पड़ने लगी है. तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात और भी मुश्किल कर दिए. सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले.   आने वाले समय में और बढ़ेगा तापमान शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए प्याऊ और मटकी का ठंडा पानी राहगीरों के लिए राहत का जरिया बन रहा है. लोग रुककर पानी पीते नजर आ रहे हैं, जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है. उदयपुर के तापमान में अचानक उछाल उदयपुर में पिछले तीन दिनों में तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला हैं. सोमवार को तापमान 39.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो कि इस महीने का सबसे गर्म दिन रहा. यहीं नहीं, मौसम विभाग ने इस सप्ताह आसमान साफ रहने और तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई हैं. वहीं मंगलवार दोपहर को अचानक गर्म हवाएं चलने लगी और हीटवेव का अहसास दिलाने लगी.    इस बार सामान्य रहेगी बारिश   इस साल मानसून को लेकर तस्वीर थोड़ी चिंताजनक नजर आ रही है.  मौसम विभाग के पहले पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि देश में इस बार सामान्य से कम बारिश हो सकती है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, यानी लगभग 8 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है. मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है.  यह प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने की स्थिति होती है जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है.  इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है जिससे मानसून की शुरुआत और उसकी रफ्तार दोनों प्रभावित हो सकती हैं.