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मुख्यमंत्री साय ने कहा: सहकार से समृद्धि के संकल्प को साकार करेगा नवगठित पैक्स

सहकार से समृद्धि के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होंगे नवगठित पैक्स: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का किया वर्चुअल शुभारंभ प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर हुई 2 हजार 573 किसानों को आसानी से मिलेगी खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण की सुविधा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया।उन्होंने इसे प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक है।                 मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई समितियों के शुरू होने से अब पूरे प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाता किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक और सहकारिता के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दे रही है, ताकि गांव और किसान समृद्ध बन सकें। उन्होंने बताया कि अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध होंगी। साथ ही धान बेचने की प्रक्रिया भी आसान होगी और किसान अपनी नजदीकी समिति में ही धान बेच सकेंगे।            मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से कार्यरत 2058 समितियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए कंप्यूटरीकृत किया गया है और इनमें माइक्रो एटीएम भी लगाए गए हैं, जिनसे किसान 20 हजार रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नवगठित 515 समितियों में से 197 समितियां आदिवासी क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं, जिससे दूर-दराज के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये समितियां केवल खाद-बीज वितरण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि भविष्य में दुग्ध उत्पादन, मछली पालन जैसे सहायक कृषि गतिविधियों से भी जुड़ेंगी।  साथ ही समितियों में लोक सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर 25 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे इन समितियों के सदस्य बनकर इसका अधिकतम लाभ उठाएं और इनके संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाएं।              इस अवसर पर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप वर्चुअल उपस्थित रहे, साथ ही कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा सचिव सहकारिता सी.आर. प्रसन्ना, सहकारिता विभाग के प्रबंध संचालक के.एन. कांडे सहित विभिन्न जिलों से लगभग 2500 जनप्रतिनिधिगण, किसान और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अंडमान सागर में बड़ा हादसा: 300 रोहिंग्याओं से भरी नाव पलटी, 250 लोगों की मौत की आशंका

ढाका संयुक्त राष्ट्र (UN) ने  एक बेहद दुखद घटना की जानकारी दी है। अंडमान सागर में रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों से भरी एक नाव पलट गई है, जिसमें बच्चों सहित लगभग 250 लोगों के डूबने या लापता होने की आशंका है। जीवित बचे लोगों ने बताया कि इस नाव पर महिलाओं, बच्चों, चालक दल के सदस्यों और संदिग्ध मानव तस्करों सहित लगभग 300 लोग ठसाठस भरे हुए थे। हादसा कब, कहां और कैसे हुआ? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस नाव में लगभग 280 लोग सवार थे। यह नाव 4 अप्रैल को दक्षिणी बांग्लादेश के 'टेकनाफ' इलाके से मलेशिया के लिए निकली थी। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, समुद्र में तेज हवाओं, खराब मौसम और नाव में क्षमता से बहुत अधिक लोगों के भरे होने के कारण यह बीच समुद्र में पलट गई। बचाव कार्य और एक खौफनाक आपबीती बांग्लादेश तट रक्षक (BCG) के अनुसार, उनका एक जहाज 'एम.टी. मेघना प्राइड' इंडोनेशिया जा रहा था, उसने 9 अप्रैल को समुद्र से 9 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। इनमें एक महिला भी शामिल है। ये लोग अंडमान द्वीप समूह के पास गहरे पानी में ड्रम और लकड़ियों के सहारे अपनी जान बचाते हुए पाए गए। आधिकारिक समाचार एजेंसी एए के मुताबिक 280 लोगों अवैध तरीके से बोर्ट में बैठकर मलेशिया की ओर जा रहे थे. लेकिन अंडमान सागर की लहरों को कुछ और ही मंजूर था. समंदर की उफनती लहरों के कारण ऐसा हुआ. उन चीखों की गवाह बनीं, जो मदद के लिए उठीं और फिर हमेशा के लिए खामोश हो गईं. ये बोट बांग्‍लादेश के कॉक्स बाजार से शुरू चली थी. इस हादसे में बाल-बाल बचे रफीकुल इस्लाम ने बताया कि नाव पर क्षमता से कहीं ज्यादा लोग सवार थे, जिनमें 13 क्रू मेंबर और मानव तस्कर भी शामिल थे. रफीकुल ने दावा किया कि नाव पलटने से पहले ही करीब 25 से 30 लोग भीड़ और दम घुटने के कारण दम तोड़ चुके थे. इसके बाद समंदर की विशाल लहरों ने नाव को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सब कुछ खत्म हो गया।  बचाए गए 9 लोगों में से 6 तस्‍कर टेकनाफ मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी सैफुद्दीन इस्लाम के अनुसार, बांग्लादेशी जहाज ने 9 अप्रैल को हिंद महासागर से 9 लोगों को रेस्क्यू किया था. जांच में पता चला कि बचाए गए 9 लोगों में से 6 कथित मानव तस्कर हैं जिन्हें अब जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है कि इस अवैध यात्रा के पीछे और कौन-कौन से सिंडिकेट शामिल हैं।  UNHCR और IOM की चेतावनी संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह त्रासदी रोहिंग्या शरणार्थियों की बेबसी और उनके दीर्घकालिक समाधान की कमी का नतीजा है. बांग्लादेश वर्तमान में लगभग 1.3 मिलियन रोहिंग्याओं की मेजबानी कर रहा है, जो म्यांमार के सैन्य दमन के बाद वहां रह रहे हैं।  40 वर्षीय रफीकुल इस्लाम इस हादसे में बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने बताया कि मानव तस्करों ने उन्हें मलेशिया में नौकरी दिलाने का लालच देकर नाव पर चढ़ाया था। उन्होंने बताया कि यात्रियों ने समुद्र में चार दिन और रातें बिताईं और इस दौरान हालात तेजी से बिगड़ते गए। गश्ती दलों की नजर से बचने के लिए, तस्करों ने यात्रियों को मछली और जाल रखने वाले बेहद तंग स्टोरेज कम्पार्टमेंट में छिपने के लिए मजबूर किया। इस्लाम ने बताया कि वहां सांस लेने के लिए मुश्किल से ही कोई ऑक्सीजन थी। नाव पलटने से पहले कम से कम 30 लोगों की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। हम सांस तक नहीं ले पा रहे थे। जब नाव पलटी, तो सैकड़ों लोग समुद्र में गिर गए। इस्लाम के अनुसार, हादसे के समय नाव पर लगभग 240 लोग सवार थे, जिनमें करीब 20 महिलाएं और कई बच्चे शामिल थे। इनमें से मुट्ठी भर लोग ही जिंदा बच सके। रफीकुल ने बताया- हममें से कई लोगों को नाव के निचले हिस्से में रखा गया था, जहां कुछ लोगों की तो वहीं मौत हो गई। नाव से जो तेल रिसा था, उससे मैं जल गया। हादसा होने के बाद रेस्क्यू होने तक वे लगभग 36 घंटे तक समुद्र में तैरते रहे। ये लोग खतरनाक समुद्री यात्रा क्यों कर रहे थे? म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को लंबे समय से जुल्म और हिंसा का सामना करना पड़ा। इस समय म्यांमार के रखाइन राज्य में सेना और एक विद्रोही गुट 'अराकान आर्मी' के बीच भीषण जंग चल रही है। जान बचाने के लिए 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में बने विशाल शिविरों में रह रहे हैं, जहां हालात बेहद खराब और अमानवीय हैं। मलेशिया जाने की चाहत मलेशिया एक अपेक्षाकृत अमीर देश है, जहां कंस्ट्रक्शन और खेती के काम के लिए एशिया के गरीब हिस्सों से मजदूर जाते हैं। तस्कर इन्ही मजबूर लोगों से पैसे लेकर उन्हें खतरनाक और खचाखच भरी नावों से अवैध तरीके से ले जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र (UNHCR) ने क्या कहा? संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि यह घटना म्यांमार के लोगों के लंबे समय से बेघर होने और उनकी समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने का एक भयानक परिणाम है। यह त्रासदी याद दिलाती है कि म्यांमार में हालात सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है, ताकि रोहिंग्या शरणार्थी सुरक्षित और सम्मान के साथ अपनी मर्जी से अपने घर लौट सकें। यह कोई पहली घटना नहीं है। अंडमान सागर, जो म्यांमार, थाइलैंड और मलेशिया के बीच फैला है, वह ऐसे कई हादसों का गवाह बनता रहता है। पिछले साल मई में भी म्यांमार तट के पास दो नावों के डूबने से 427 रोहिंग्या लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई थी। गहराता मानवीय संकट और हताशा यह त्रासदी रोहिंग्या शरणार्थियों की उस गहरी हताशा को उजागर करती है, जिसके चलते वे मलेशिया, इंडोनेशिया और थाइलैंड जैसे देशों में जाने के लिए जान की बाजी लगा रहे हैं। सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि मानवीय सहायता में लगातार हो रही कमी के कारण स्थिति और खराब हो रही है। कॉक्स बाजार में … Read more

डीएम गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक आयोजित

डीएम गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक कार्मिक या श्रमिक के उपद्रवी व्यवहार पर संबंधित एजेंसी होगी ब्लैक लिस्ट, की जाएगी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समस्त संविदाकार शासन की गाइडलाइंस के अनुसार निर्धारित वेतन देना करें सुनिश्चित राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध  गौतमबुद्धनगर जनपद में शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्मिकों व श्रमिकों समेत शांति व्यवस्था बनाए रखें। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। अगर किसी भी एजेंसी द्वारा या एजेंसी के कार्मिक/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसे में उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है ।   जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 तथा कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतन मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं श्रमिक के बैंक खातों में पूर्ण वेतन हस्तांतरित करें। किसी भी प्रकार के नियमों का उलंघन व श्रमिकों का शोषण करने पर सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।   डीएम ने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश, संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।

नई एनडीए सरकार में बड़ा फैसला: गृह विभाग सीएम सम्राट चौधरी के पास

पटना बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। सीएम सम्राट ने अपने पास 29 विभाग अपने पास रखे हैं। वहीं, जेडीयू के दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के बीच 18 विभाग बांटे हैं। विजय को 10, तो बिजेंद्र को 8 विभागों की जिम्मेदारी मिली है। गृह विभाग सीएम ने अपने पास ही रखा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद एनडीए की नई सरकार का गठन बुधवार को हुआ। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री और जेडीयू के विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। फिलहाल इन्हीं तीनों नेताओं के बीच विभागों का बंटवारा किया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, इसके बाद नए सिरे से विभागों का बंटवारा होगा। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच फिलहाल विभागों का बंटवारा अस्थायी तौर पर किया गया है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ दिनों का समय लग सकता है। तब तक सम्राट, विजय एवं बिजेंद्र ही व्यवस्था संभालेंगे। इस तरह हुआ विभागों का बंटवारा सीएम सम्राट ने अपने पास जो विभाग रखे हैं, उनमें अधिकतर वही हैं, जो पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के मंत्रियों के पास थे। इसके साथ ही, लोजपा-आर, हम और रालोमो के पास जो विभाग थे वो भी सीएम ने अपने पास रखे हैं। वहीं, नीतीश सरकार के दौरान जो विभाग जेडीयू के मंत्रियों के पास थे, उनका बंटवारा दोनों नए डिप्टी सीएम के बीच किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ये विभाग-     सामान्य प्रशासन     गृह     मंत्रिमंडल सचिवालय     निगरानी     निर्वाचन     राजस्व एवं भूमि सुधार     खान एवं भू-तत्व     नगर विकास एवं आवास     स्वास्थ्य     विधि     उद्योग     पथ निर्माण     कृषि     लघु जल संसाधन     श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण     युवा, रोजगार एवं कौशल विकास     पर्यटन     कला एवं संस्कृति     डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन     आपदा प्रबंधन     पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण     अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण     सूचना प्रावैधिकी     खेल     सहकारिता     पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन     गन्ना उद्योग     लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण     पंचायती राज     (ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं) डिप्टी सीएम विजय चौधरी को मिले ये विभाग-     जल संसाधन     संसदीय कार्य     सूचना एवं जनसंपर्क     भवन निर्माण     अल्पसंख्यक कल्याण     शिक्षा     विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा     ग्रामीण विकास     परिवहन     उच्च शिक्षा डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को इन विभागों की जिम्मेदारी-     ऊर्जा     योजना एवं विकास     मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन     वित्त     वाणिज्य-कर     समाज कल्याण     खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण     ग्रामीण कार्य

सतना जिले के मानेंद्र केवट ने रचा इतिहास, प्रदेश मेरिट में तीसरा स्थान

सतना  सतना जिले के रामपुर बाघेलान स्थित सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र मानेंद्र केवट ने एमपी बोर्ड हायर सेकेंडरी परीक्षा 2026 में गणित समूह में प्रदेश मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने 500 में से 490 अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। शिक्षकों ने इसे मेहनत और लगन का परिणाम बताया, वहीं परिजनों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

धर्म परिवर्तन से जनसेवा तक, साध्वी बउक दास की प्रेरक कहानी

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज से श्रद्धा, संघर्ष और जनसेवा की एक अनोखी कहानी सामने आई है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और समर्पण की मिसाल बन गई है। कभी मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून आज बउक दास के नाम से जानी जाती हैं। उनका जीवन धर्म परिवर्तन, निजी संघर्ष और समाजसेवा की ऐसी यात्रा है, जिसने उन्हें क्षेत्र में एक साध्वी और जननेता के रूप में पहचान दिलाई है। आसमा खातून से बउक दास बनने की यात्रा पंचदेवरी प्रखंड के डेरवा गांव के एक मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून का बचपन मदरसे और नमाज के बीच बीता। लेकिन बचपन से ही उन्हें मंदिर की घंटियों की आवाज आकर्षित करती थी। परिवार और धर्मगुरुओं के विरोध के बावजूद उनका झुकाव सनातन धर्म की ओर बढ़ता गया। करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर घर छोड़ दिया। बाद में उनकी मुलाकात फुलवरिया प्रखंड के मदरवानी गांव निवासी रामाकांत यादव से हुई, जिनसे प्रेम विवाह के बाद वे रामांती बन गईं। लेकिन यह सुखद समय अधिक लंबा नहीं रहा। रामाकांत की जेल में मृत्यु हो गई और परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद रामांती ने अकेले ही पति का अंतिम संस्कार किया और झरही नदी के किनारे जंगल में जीवन शुरू कर दिया। इसी एकांत और भक्ति के कारण लोगों ने उन्हें बउक दास नाम दिया। जनसेवा के लिए किया अन्न का त्याग बउक दास केवल साध्वी नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली सामाजिक योद्धा भी हैं। करीब दो दशक पहले इलाके में आवागमन के लिए सिर्फ चचरी पुल था। लोगों की परेशानी देखकर उन्होंने झरही नदी में मचान बनाकर एक साल तक जल सत्याग्रह किया। उनके आंदोलन के बाद सरकार ने पुल का निर्माण कराया। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। पुल बन गया, लेकिन संपर्क मार्ग कच्चा रह गया, जिससे बारिश में लोगों को भारी परेशानी होती थी। इसके विरोध में उन्होंने छह साल तक अन्न का त्याग कर दिया। उनकी शर्त थी कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। लंबे उपवास से उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाद में सामाजिक लोगों की मदद से एक साल पहले गड्ढों में मिट्टी भरवाई गई, जिसके बाद उन्होंने फिर से अन्न ग्रहण किया। पशु-पक्षियों से गहरा लगाव, बना ‘भाव आश्रम’ बउक दास ने जिस जंगल को साफ कर अपनी कुटिया बनाई, वहां अब एक शिव मंदिर और भाव आश्रम स्थापित है। उनकी आध्यात्मिकता का आलम यह है कि उनकी आवाज पर कौओं और अन्य पक्षियों का झुंड उनके पास आ जाता है। वे रोज अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाती हैं। स्थानीय लोग उन्हें सिद्ध संत मानते हैं और उनके अनुयायी बन चुके हैं। बउक दास का बयान उन्होंने कहा, “मेरा जन्म ईश्वर की भक्ति के लिए हुआ था। भले ही मैं मुस्लिम परिवार में पैदा हुई, लेकिन मेरी आत्मा हमेशा सनातन की ओर रही। अब मेरा जीवन समाज और महादेव के चरणों में समर्पित है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि एक महिला जिसने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में लगा दिया है, आज भी अपने स्वास्थ्य और मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बउक दास की सेहत और उनकी जायज मांगों पर तुरंत ध्यान दिया जाए।  

यूट्यूब ला रहा है Auto Speed और On-the-go फीचर, वीडियो देखने का तरीका बदलेगा

यूट्यूब अपने प्रीमियम यूज़र्स के लिए एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग करता रहता है और नए फीचर्स को पेश करता रहता है. इस बार यूट्यूब दो नए फीचर्स को टेस्ट कर रहा है, जिसका नाम "Auto Speed" और "On-the-go" को टेस्ट करना शुरू किया है, जो खासतौर पर मोबाइल यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. फिलहाल, ये दोनों फीचर्स एंड्रॉयड ऐप में एक्सपेरिमेंटल रूप में उपलब्ध हैं और यूज़र्स को इन फीचर्स को मैनुअली ऑन करना होगा. पहला अपकमिंग फीचर "Auto Speed" फीचर वीडियो देखने के तरीके और एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल सकता है. अभी तक यूज़र्स को खुद से 1.5x या 2x जैसी स्पीड चुननी पड़ती थी, लेकिन इस नए फीचर में वीडियो की स्पीड आप कंटेंट के अनुसार बदलती रहती है. इसका मतलब है कि जहां वीडियो में स्लो और समझने वाली जानकारी होगी, वहां स्पीड सामान्य रहेगी और जगां पर कम जरूरी जानकारी या रिपीट होने वाला हिस्सा होगा, वहां पर स्पीड अपने-आप तेज हो जाएगी. यह फीचर कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, खासतौर पर कुकिंग, ट्यूटोरियल या एक्सप्लेनेशन वीडियो देखने वाले यूज़र्स इसका काफी फायदा उठा सकते हैं. ऐसे यूज़र्स कई बार वीडियो की प्लेबैक स्पीड को फास्ट करके वीडियो देखते हैं, लेकिन उसी वीडियो में किसी जरूरी हिस्से को समझने के दौरान उन्हें प्ले स्पीड को स्लो करनी पड़ती है. ऐसे में अब ऑटो-स्पीड नाम का फीचर यूज़र्स की इस समस्या को खत्म कर सकता है. दूसरा अपकमिंग फीचर यूट्यूब प्रीमियम में आने वाले दूसरे फीचर का नाम "On-the-go" है. इस फीचर का भी टेस्ट किया जा रहा है. इस फीचर को कंपनी ने उन यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया है, जो चलते-फिरते वीडियो देखते हैं. यह फीचर फोन की मूवमेंट को पहचानकर अपने आप एक्टिव हो सकता है, या फिर यूज़र इसे मैन्युअली भी ऑन कर सकते हैं. एक्टिव होने के बाद वीडियो का इंटरफेस काफी सरल हो जाता है, जिससे प्ले, पॉज़ और टाइमलाइन जैसे जरूरी कंट्रोल्स आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं. इसके अलावा डाउनलोड जैसे ऑप्शन भी ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, ये दोनों फीचर्स अभी टेस्टिंग स्टेज में हैं, इसलिए इनकी परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी पूरी तरह फाइनल नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार "Auto Speed" ठीक से काम कर रहा है, जबकि "On-the-go" अभी थोड़ा अनस्टेबल लग रहा है. यूट्यूब ने इन्हें सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 27 अप्रैल के बाद फैसला लेगी कि इन फीचर्स को सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा या नहीं.

नवनियुक्त उपकेंद्र परिचारकों को एनपीटीआई शिवपुरी में होगा उन्नत प्रशिक्षण

भोपाल  मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के नवनियुक्त उपकेंद्र परिचारकों (सब स्टेशन अटेंडेंट) को देश के प्रतिष्ठित नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (एनपीटीआई), शिवपुरी में उन्नत एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में उन्हें अनुभवी एवं विशेषज्ञ विद्युत इंजीनियरों द्वारा ट्रांसमिशन लाइनों तथा एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब-स्टेशनों की संरचना, संचालन एवं रखरखाव (मेंटेनेंस) से संबंधित सैद्धांतिक के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में शिवपुरी परीक्षण संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजीत वर्मा ने सहायक अभियंता श्री रोहित यादव के साथ 220 केवी सब स्टेशन शिवपुरी में आयोजित फील्ड विजिट के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को सब स्टेशन के विभिन्न उपकरणों, उनके संचालन, रखरखाव तथा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उपकेंद्र परिचारकों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करने के साथ ही विद्युत ट्रांसमिशन प्रणाली के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन में दक्षता  प्राप्त करवाने के लिए दिया जा रहा है  

अबेर की बेटी कृति सिंह ने 92.6% अंक प्राप्त कर गार्डियन गाइड पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल सतना का नाम किया रोशन

सतना जिले में संचालित गार्डियन गाइड पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल में अध्ययन कर रही 10वीं की मेधावी छात्रा कृति सिंह पिता श्री कमलेंद्र सिंह(लाला) एवं माता विद्या सिंह निवासी ग्राम पंचायत अबेर हायर एमपी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते 92.6 प्रतिशत अंक हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे विद्यालय एवं क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। सतना जिले की गार्डियन गाइड पब्लिक विद्यालय की इस मेधावी छात्रा ने कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और अनुशासित अध्ययन के बल पर सभी विषयो में विशेष योग्यता अर्जित कर शानदार परिणाम प्राप्त किया। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई और सहपाठियों ने उन्हें बधाई दी।ग्राम पंचायत अबेर निवासी युवा समाजसेवी कमलेंद्र सिंह ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए ने कहा कि कृति सिंह ने लगन और मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है। माता विद्या सिंह ने बताया कि मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि मेरी बेटी ने स्कूल के साथ मेरा भी मान बढ़ाया है क्योंकि "पढ़ेंगी बेटियां तभी तो आंगें बढ़ेगीं बेटियां"  छात्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों और माता पिता को दिया है।

आईपीएल सट्टेबाजी में वकील समेत कई गिरफ्तार, 100 करोड़ के लेनदेन का शक

 कानपुर  आईपीएल में सट्टा और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम खिलाने वाला गिरोह बेहद चालाक था। वे पकड़े न जाएं, इसलिए चलती कैब में आईपीएल सट्टा खिलाते और उसका लेनदेन करते थे। सोमवार को जेल गए आठ आरोपितों में एक वकील तो दूसरा वकील का बेटा है। वकील के बेटे ने इस काम के लिए खुद दो कारें खरीदकर कैब में लगा रखी थी। वहीं इस गिरोह के 15 आरोपित भागे हुए हैं, जिनमें से दो आरोपितों के नंबर की लोकेशन ट्रेस हुई है। उनकी तलाश में टीम लखनऊ और प्रयागराज पहुंची है। वहीं, आरोपितों के 150 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये के लेनदेन होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी जानकारी मांगी जाएगी। प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम लोटस 365, रेड्डी बुक, कार्तिके, दुबई ईएक्सएच आदि गेम व आईपीएल सट्टा खेलने के लिए क्लोन वेबसाइट बनाई गई है। इसमें दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने बनवाई है। उसने देश के सभी राज्यों और जिलों में अपने गिरोह के हजारों सदस्यों को शामिल कर रहा है। शहर में इस गिरोह का मुख्य सदस्य मोहित और उसकी मानिटरिंग करने वाला लखनऊ का विमल है। बर्रा थाने की पुलिस ने साइबर व सर्विलांस टीम की मदद से मोहित के भाई बर्रा धर्मेंद्र नगर निवासी अभिषेक वर्मा, नेहरू नगर के वकील हितेश निगम, गुजैनी एफ ब्लाक निवासी सत्यम तिवारी, बर्रा पांच के अनमाेल विश्वकर्मा, साकेत नगर के नितिन गुप्ता, कैंट के बनिया बाजार निवासी स्नेहिल बजाज, हंसपुरम आवास विकास निवासी सुल्तान अहमद, नौशाद को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा गया था, जबकि मोहित, विमल समेत 15 आरोपित भागे हुए हैं। बर्रा थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुबई में बैठा मास्टर माइंड राज्यों व जिलों के अलग-अलग ब्रांच कोड आवंटित किए हैं, जिसकी जिम्मेदरी उस जिले के प्रमुख व्यक्ति को दी जाती है और उसे व उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों 50 हजार से एक लाख रुपये तक का वेतन दिया जाता है। कानपुर का ब्रांच 24 कोड आवंटित है। इन लोगों का काम सिर्फ इतना होता है कि जो भी वयक्ति सट्टा या गेम खेल रहा है और रुपये जीतता है तो उसकी आइडी के अकाउंट में बताई गई रकम ट्रांसफर करनी होती है। इस गिरोह के पास जो खाते हैं। उसमें मास्टर माइंड साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराता है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए गिरोह चलती कैब में लोगों को रुपये ट्रांसफर करते हैं, जिससे वे पकड़े न जाएं। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के 26 मोबाइल फोन पर 52 खातों में 52 लाख अभी फ्रीज की प्रक्रिया की गई है, जबकि एक करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी भी प्रक्रिया की जाएगी। मंगलवार को बैंक बंद होने से बरामद बैंक खातों व मोबाइल एप में लिंक खातों की जानकारी नहीं मिल सकी है। बुधवार को जानकारी मिलने की संभावना है।