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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य, लाखों वाहन अभी भी बिना प्लेट

 लखनऊ बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) वाहनों की 15 अप्रैल से प्रदूषण जांच नहीं होगी। वाहनों में यह नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है, फिर भी प्रदेशभर में दो करोड़ वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी है। प्रदूषण जांच न कराने पर वाहन मालिक का दस हजार रुपये और एचएसआरपी न होने पर पांच हजार रुपये यानी दोनों का कुल 15 हजार रुपये का चालान होगा। महानगरों में यह कार्रवाई यातायात विभाग, परिवहन व पुलिस तीनों करेंगे, जबकि अन्य जिलाें में परिवहन व पुलिस करेगी। प्रदेश में एक अप्रैल 2019 से पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों में एचएसआरपी लग रही है। इसके पहले के पंजीकृत तीन करोड़ से अधिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया था, कई बार अभियान चलाकर लोगों को नंबर प्लेट लगवाने के लिए प्रेरित किया गया और बिना एचएसआरपी लगे वाहन मिलने पर चालान भी हुए उसके बाद भी करीब दो करोड़ वाहनों में अब तक विशेष नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दोपहिया वाहनों में यह नंबर प्लेट नहीं लगी है। अपर परिवहन आयुक्त राजस्व राजेंद्र विश्वकर्मा ने बताया, परिवहन विभाग ने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर यानी एनआइसी के माध्यम से पीयूसीसी यानी प्रदूषण जांच पोर्टल में ऐसी तकनीकी व्यवस्था की गई है ताकि 15 अप्रैल से पोर्टल इसका प्रमाणपत्र तभी जारी करेगा, जब वाहन में एचएसआरपी लगा होगा। क्या है एचएसआरपी यह प्लेट एल्युमीनियम से बनी होती है, जिसमें सुरक्षा के लिए अशोक चक्र होलोग्राम और 10 अंकों का पिन (लेजर कोड) होता है। इसमें वाहन की पूरी जानकारी जैसे इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि दी गई है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आ रहा जांच का ओटीपी फरवरी माह में ही वाहनों की प्रदूषण जांच में बदलाव हुआ। वाहन खरीदते समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आ रहा है। वाहन स्वामी ने पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया है या खो गया है तो नया नंबर अपडेट कराना होगा, उसके बाद ही प्रदूषण की जांच हो सकेगी। ऐसे लगवा सकते हैं एचएसआरपी वाहन में एचएसआरपी लगवाने के लिए सबसे पहले वेबसाइट bookmyhsrp.com पर जाएं और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट विद कलर स्टीकर का विकल्प चुनें। अपने राज्य का चयन करके वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर आदि दर्ज करें। प्लेट लगवाने के लिए नजदीकी डीलर या होम डिलीवरी का चयन करें। अपनी सुविधा के अनुसार, नंबर प्लेट लगवाने की तारीख व समय चुन सकते हैं। आवेदन फीस का आनलाइन भुगतान करना होगा। दोपहिया वाहनों के लिए लगभग 400 रुपये से और चार पहिया वाहनों के लिए 1100 रुपये तक का भुगतान करना होगा। इसमें वाहन स्वामी को अपने वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र यानी आरसी दस्तावेज के रूप में अपलोड करना होगा।

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त लखीमपुर खीरी में अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी आंबेडकर जयंती पर झड़प के बाद कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में, डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे लखीमपुर/लखनऊ लखीमपुर खीरी में आंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच हुए विवाद और झड़प के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हैं। क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति बनी हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। हालात पर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है। मूर्ति स्थापना के दौरान हुआ विवाद अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता एक स्थान पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे, जिसका उसी समाज के दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी और झड़प हो गई, जिसमें प्रतिमा को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान कुछ लोगों ने अफवाहों से भ्रमित होकर पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। मौके पर डटे वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अशांति फैलाने वालों पर सख्त नजर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने बताया कि एक ही समाज के लोगों के बीच हुई इस घटना को लेकरकुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस मौके पर मौजूद है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।

CBSE 10वीं का परिणाम घोषित, जानें मार्कशीट डाउनलोड करने का तरीका

नई दिल्ली सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने आज सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने सीबीएसई 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दी है, वह सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 देख सकते हैं। CBSE 10वीं कक्षा के रिजल्ट results.cbse.nic.in, cbse.nic.in, cbseresults.nic.in, digilocker.gov.in और results.gov.in पर देखे जा सकते हैं। सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2026 मार्कशीट डाउनलोड CBSE ने आज 10वीं क्लास का रिजल्ट घोषित कर दिया है। छात्रों अपने लॉगिन क्रेडेंशियल के माध्यम से अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। CBSE बोर्ड की मार्कशीट cbse.gov.in, results.cbse.nic.in, DigiLocker और Umang App पर जारी की जाएंगी। CBSE 10वीं का रिजल्ट 2026 मार्कशीट में क्या-क्या होगा? CBSE 10वीं क्लास की डिजिटल मार्कशीट में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, जन्मतिथि, फोटो, स्कूल का नाम, माता-पिता का नाम, विषयवार प्राप्त अंक, कुल प्राप्त अंक, प्राप्त ग्रेड और पास होने की स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी। रिजल्ट जारी होने के बाद, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी मार्कशीट ध्यान से देखें। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें CBSE 10वीं का रिजल्ट 2026 मोबाइल पर कैसे देखें? स्टेप 1: सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या results.cbse.nic.in पर जाएं। स्टेप 2: होमपेज पर उपलब्ध CBSE 10वीं रिजल्ट 2026 लिंक पर क्लिक करें। स्टेप 3: रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड ID और जन्मतिथि (DOB) डालें। स्टेप 4: सबमिट बटन पर क्लिक करें। स्टेप 4: CBSE बोर्ड रिजल्ट 2026 स्क्रीन पर दिखाई देगा। स्टेप 5: मार्कशीट की PDF देखें और डाउनलोड करें। स्टेप 6: भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिन्ट आउट ले लें। CBSE 10वीं का रिजल्ट 2026 घोषित होने के बाद क्या करें? CBSE के रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों को 11वीं कक्षा या किसी अन्य परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करने की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। छात्रों को अपने-अपने स्कूलों में 11वीं कक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करने से पहले, दूसरी बोर्ड परीक्षा का इंतजार करना होगा।  

शुक्र गोचर 2026: बनेगा मालव्य और शुक्रादित्य राजयोग, इन राशियों को फायदा

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख, प्रेम, वैभव और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 की रात 10 बजकर 19 मिनट पर शुक्र भरणी नक्षत्र से निकलकर कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इसके बाद 19 अप्रैल को शुक्र वृषभ राशि में गोचर करेंगे, जिससे मालव्य राजयोग बनेगा. सूर्य के स्वामित्व वाले कृत्तिका नक्षत्र में शुक्र का प्रवेश 'शुक्रादित्य राजयोग' भी बना रहा है. यह खगोलीय बदलाव 27 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा और इस दौरान कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं. शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन क्यों है खास? ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, शुक्र जब कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के साथ उनका विशेष संबंध बनता है. शुक्र और सूर्य की युति से बनने वाला शुक्रादित्य राजयोग व्यक्ति के जीवन में मान-सम्मान, आकर्षण, आर्थिक लाभ और रिश्तों में सुधार लेकर आता है. वहीं, वृषभ राशि में शुक्र का प्रवेश मालव्य राजयोग बनाकर भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि करता है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है. मेष राशि (Aries Zodiac) मेष राशि वालों के लिए शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है. इस दौरान आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा. लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. बचत करने के भी मौके मिलेंगे. व्यापारियों को विशेष लाभ मिल सकता है, खासकर जो लोग आयात-निर्यात से जुड़े हैं. विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं. लव लाइफ भी बेहतर रहेगी. अविवाहित लोगों को विवाह के प्रस्ताव मिल सकते हैं. दांपत्य जीवन में भी मिठास बनी रहेगी. सिंह राशि (Leo Zodiac) सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय कई अच्छे संकेत लेकर आ सकता है. करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं. नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई नौकरी मिलने का मौका मिल सकता है. परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा. घर में शांति बनी रहेगी. धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर झुकाव बढ़ सकता है, जिससे यात्रा के योग भी बन सकते हैं. व्यापार करने वालों को अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है. जो लोग उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं, उनके लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा. घर में वाहन या प्रॉपर्टी लेने का सपना भी पूरा हो सकता है. धनु राशि (Sagittarius Zodiac) धनु राशि के लिए शुक्र का कृत्तिका नक्षत्र में जाना सकारात्मक परिणाम दे सकता है. इस दौरान आपकी क्रिएटिविटी बढ़ेगी. नए विचार सामने आ सकते हैं. करियर में नए मौके मिल सकते हैं. आपके आइडियाज की वजह से सफलता मिलने के योग बनेंगे. बिजनेस करने वालों के लिए भी यह समय फायदेमंद रहेगा. प्रेम संबंधों में सुधार देखने को मिल सकता है. रिश्तों में नजदीकी बढ़ेगी. हालांकि शादीशुदा लोगों को छोटी-छोटी बातों को लेकर बहस से बचने की सलाह दी जाती है. आर्थिक स्थिति मजबूत रह सकती है. जीवन में संतुलन बना रहेगा. कब तक रहेगा असर? द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्र 27 अप्रैल 2026 तक कृत्तिका नक्षत्र में रहेंगे और इसके बाद रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस पूरे समय में बने राजयोग कई राशियों के लिए शुभ परिणाम दे सकते हैं, खासकर प्रेम, करियर और आर्थिक मामलों में. क्या करें इस दौरान? – शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र पहनें. – माता लक्ष्मी की पूजा करें. – सुगंधित इत्र या सफेद फूल अर्पित करें. – जरूरतमंदों को मिठाई या सफेद वस्त्र दान करें.

महाराष्ट्र में मदरसों पर कटनी पुलिस की कार्रवाई, बिहार से मांगी गई सामाजिक जांच रिपोर्ट

कटनी महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा के लिए बिहार से बच्चों को ले जाने के मामले में इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) भी सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन में 163 बच्चों को ले जाते गिरफ्तार किए गए आठों आरोपितों के बारे में पड़ताल की जा रही है। उनके किसी कट्टर धार्मिक संगठन से जुड़े होने की आशंका है। ऐसे में, आईबी एवं जीआरपी के अधिकारियों ने सोमवार को देर रात तक आरोपितों और बिहार से बुलाए गए बच्चों के अभिभावकों से जानकारी जुटाई। वहीं, आठों आरोपितों बच्चों को लातूर और विदर्भ के जिन दो मदरसों में ले जा रहे थे, वहां की जानकारी जुटाने के लिए कटनी पुलिस की टीमें रवाना हो गई है। जांच में पता चलेगा किस तरह की शिक्षा दी जाती है पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लातूर के मदरसा जामिया अशरफिया अंजूमने इस्लामिया उद्गीर और विदर्भ के दारुल उलूम इमदादिया मदरसा के नाम बताए हैं। इनमें पड़ताल के बाद पता चलेगा कि वहां पर बच्चों को किस तरह की धार्मिक शिक्षा दी जाती है या कोई अन्य कारण से बच्चे भेजे जा रहे थे। वहीं, महिला बाल विकास विभाग ने बिहार के अररिया प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बच्चों को बिहार भेजा जाएगा। स्वयं को शिक्षक बता रहे हैं आरोपी बिहार के अररिया जिले से बच्चों को ले जाने वाले आठों लोग स्वयं को मदरसों में शिक्षक बता रहे हैं। उनका कहना है कि वे अपने जिले के बच्चों को वर्ष 2016 से मदरसों में धार्मिक शिक्षा देने के लिए ले जा रहे हैं। इनकी भूमिका पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि बिहार में भी मदरसे संचालित हैं। फंडिंग की भी जांच की जा रही निश्शुल्क शिक्षा देने के लिए कौन सा संगठन फंडिंग कर रहा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही हैं। इस संबंध में आरोपितों में शामिल सद्दाम का कहना था कि मदरसों को समाज की ओर से चंदे के रूप में धार्मिक शिक्षा देने के लिए फंड मिलता है और इससे ही बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आरोपियों को समाज को किया सुपुर्द जीआरपी ने आरोपित बनाए गए अररिया क्षेत्र निवासी सद्दाम, अमान उल्ला, मो. जाहिर, आमिर खान, हाफिज अबू तालिम, मो. इस्लाम, नौसाद और राशिद को कटनी में मुस्लिम समुदाय के सुपुर्दगी कर दिया है। मामले की जांच तक आठों को पूछताछ के लिए जीआरपी में उपस्थित होना होगा। वहीं, मंगलवार को लगभग 54 बच्चों के अभिभावक कटनी पहुंचे और उनकी मुलाकात आश्रय गृह में बच्चों से कराई गई। उनके बयान भी दर्ज किए गए।

बिहार में नई सियासी शुरुआत: सम्राट चौधरी बने मुख्यमंत्री, कैबिनेट विस्तार चुनाव के बाद

पटना. बिहार को 20 साल बाद आज नया सीएम मिल गया है। सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। उनके साथ बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सम्राट सरकार में विजय और बिजेंद्र डिप्टी सीएम होंगे इस लाइव ब्लॉग में पल-पल की अपडेट दी जा रही है।   नीतीश कुमार ने मुझे पहचान दी: जीतन राम मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने (नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जो जीतन मांझी आज है, वो नीतीश कुमार के द्वारा ही पहचानित है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते।" केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर कहा, "जैसी सरकार उन्होंने(नीतीश कुमार) 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे…" नई सरकार पर लोगों का भरोसा: उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट चौधरी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिए जाने पर कहा, "सरकार के ऊपर काफी लोगों का भरोसा भी है और लोगों की अपेक्षा भी है। मैं समझता हूं कि इन अपेक्षाओं पर सरकार निश्चित तौर…  नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाएंगे सम्राट: बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर, BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के प्रधानमंत्री के विज़न के तहत, नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार भी एक विकसित राज्य बनेगा। नीतीश कुमार द्वारा बिहार में स्थापित कानून का राज और उनके द्वारा तय किए गए विकास के रास्ते को सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। बहुत-बहुत बधाई।” उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विजेंद्र यादव का पहला बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में JDU नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति पर कहा, "…उनको खुद निर्णय लेना है कि वे राजनीति में आएंगे या नहीं…"

फैक्ट्रियों में सुरक्षा पर सवाल: छत्तीसगढ़ में 3 साल में 296 मजदूरों की जान गई, बालको जैसे हादसे फिर चर्चा में

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है. विकास की रफ्तार में कई बड़े-बड़े पावर प्लांट स्थापित हो चुके हैं. लेकिन सवाल अब भी यहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर है. उन्हें सुरक्षा मानकों के अनुरूप जरूरी सेफ्टी उपकरण दिए जा रहे हैं. पिछले 3 सालों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 296 मजदूरों की मौत हुई है. मंगलवार को सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुआ हादसा एक बार फिर 2009 के बालको के दर्दनाक हादसे की यादें ताजा कर गया, जिसमें 40 मजदूरों की मौत हुई थी. प्रदेश में हुए औद्योगिक हादसे  2009 – बालको प्लांट में 240 मीटर ऊंची चिमनी गिरने से 40 श्रमिकों की मौत. 2006 – बलौदाबाजार के रियल इस्पात प्लांट के डस्ट सेटलिंग चेंबर में धमाके से 7 श्रमिकों की मौत. 2025 – रायपुर के सिलतरा में गोदावरी स्टील प्लांट में छत गिरने से 6 श्रमिकों की मौत. 2024 – सरगुजा एलुमिनियम प्लांट हादसे में कोयले से भरा बेल्ट गिरने से 4 श्रमिकों की मौत. लगातार हो गए छोटे हादसे फरवरी 2026 : रायगढ़ के मंगल कार्बन फैक्ट्री में विस्फोट के बाद दो श्रमिकों और एक बच्ची की मौत हुई. मार्च 2026 : बलौदाबाजार के स्वदेश मेटालिक प्लांट में 30 फीट की ऊंचाई से गिरने से एक श्रमिक की मौत. जून 2025 : भिलाई स्टील प्लांट में 1000 किलो का जंबो बैग गिरने से एक महिला श्रमिक की मौत हो गई. मई 2024 : बेमेतरा में स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक की मौत और 6 लोग घायल हुए. अप्रैल 2026 : बीएसपी में टर्बाइन में आग से सात कर्मचारी घायल हुए. कई श्रमिकों ने कूदकर जान बचाई. तीन वर्षों में 296 श्रमिकों ने गंवाई जान, 248 घायल मार्च में विधानसभा में राज्य सरकार ने जानकारी दी थी कि पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 296 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 248 घायल हुए. उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया था कि राज्य में 7,324 कारखाने संचालित हैं, जिनमें 948 ‘खतरनाक’ और 32 ‘अत्यंत खतरनाक’ श्रेणी में हैं. सरकार ने सुरक्षा मानकों, पीपीई किट और आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य बताई हैं. हर हादसे के बाद जांच, लेकिन सुरक्षा मानकों पर अब भी सवाल सक्ति जिले के वेदांता प्लांट हादसे ने फिर से औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रमिक संगठनों ने मामले की जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो. फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है.

ज्यादा तीखा खाना पड़ सकता है भारी, पेट और पाचन पर डालता है असर

अगर आप भी खाने में ज्यादा मिर्च-मसाले के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारत में तीखा खाना पसंद करने वालों की कमी नहीं है, खासकर मोमो की लाल चटनी और चटपटे गोलगप्पे तो हर किसी की पहली पसंद बन चुके हैं। लेकिन स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता करना भारी पड़ सकता है। दरअसल, हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि जरूरत से ज्यादा तीखा खाना न सिर्फ पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ाता है, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक अधिक मिर्च-मसाले का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने खान-पान में संतुलन बनाए रखें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ज्यादा तीखा खाने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं और क्यों आपको सावधान रहने की जरूरत है।  पेट में जलन और एसिडिटी जब आप जरूरत से ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना खाते हैं, तो पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकारें और गैस की समस्या होने लगती है। लंबे समय तक ऐसा खान-पान रखने से एसिडिटी क्रॉनिक (पुरानी) समस्या बन सकती है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है। पाचन तंत्र पर असर अत्यधिक तीखा भोजन पाचन तंत्र को उत्तेजित कर देता है। इससे आंतों में जलन, अपच, पेट दर्द और कभी-कभी दस्त भी हो सकते हैं। जिन लोगों का पाचन पहले से कमजोर होता है, उनके लिए यह और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। मुंह और गले में जलन ज्यादा तीखा खाना जीभ, मसूड़ों और गले की अंदरूनी सतह को प्रभावित करता है। इससे जलन, छाले और सूजन हो सकती है। लगातार ऐसा खाने से स्वाद की क्षमता भी कम हो सकती है। अल्सर का खतरा लगातार तीखा और मसालेदार भोजन पेट की परत को नुकसान पहुंचाता है। इससे गैस्ट्रिक अल्सर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लक्षणों में तेज दर्द, उल्टी और कभी-कभी खून आना भी शामिल हो सकता है, जो गंभीर स्थिति बन सकती है।

साय कैबिनेट ने किए 9 बड़े फैसले, UCC समिति का गठन, महिलाओं को 50% रजिस्ट्री छूट, खनन-उद्योग नियमों में बदलाव

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (15 अप्रैल) को मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हो गई है। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष (एम-5/20) में चल रही है। इस बैठक में कई विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।   छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। 2.    मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।  3.    मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।  4.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।  5.    छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।   6.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है। गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है।  इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा। 7.    मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।  8.    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर … Read more

कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर, बीएनएस धारा 196 के तहत मामला दर्ज

इंदौर  इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच के बाद एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों, रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस ने यह कदम भाजपा पार्षदों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर उठाया है।एमजी रोड थाना पुलिस ने बीते सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपी पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। थाने में दोनों से घंटों तक सघन पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए।इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बिगाड़ना) के तहत दोनों पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद अभी भी जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस ने शिकायत के बाद पार्षद रुबीना खान के भी बयान लिए। अब एमजी रोड पुलिस ने पार्षद रुबीना और पार्षद फौजिया अलीम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साढ़े चार घंटे चली पूछताछ दर्ज किए बयान एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि इस मामले में भाजपा पार्षद दल ने एमजी रोड थाने में आकर शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में पार्षद फौजिया शेख अलीम के सोमवार को बयान दर्ज किए गए थे। मंगलवार को पार्षद रूबिना इकबाल खान के बयान दर्ज किए गए है। इसके साथ ही उनसे मामले को लेकर सवाल-जवाब भी किए गए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा- सभी पार्षद मेरे भाई हैं, मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे इससे पहले एमजी रोड पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम तो मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो शब्द नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा। मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया, मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी रुबीना ने मीडिया से कहा, वे लोग (विपक्षी पार्षद) मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों शब्द आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी। एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, करीब साढ़े चार घंटे बयान चले, पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी एएसपी विनोद दीक्षित ने बताया, थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। पुलिस अब वीडियो का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। हालांकि अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। रुबीना ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम विवाद को लेकर सदन में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा था कि किसी के बाप में दम हो तो वे हमने गवा कर दिखाए। इसके अलावा उन्होंने खुद की पार्टी के पार्षदों द्वारा वंदे मातरम विवाद में कुछ न बोलने पर भाड़ में जाए कांग्रेस जैसी टिप्पणी भी की थी। इसे लेकर उनके निष्कासन का प्रस्ताव शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।