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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई थी संजू, पूरे टूर्नामेंट में दिखाया था शानदार खेल कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे बहतराई अकादमी में अपने खेल को तराशा है कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की संजू ने छत्तीसगढ़ की बेटी का शानदार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ का मान-सम्मान व गौरव बढ़ाने वाला, उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों को भी करेगी प्रेरित – अरुण साव रायपुर भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया। संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को… और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।  साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे। जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।  संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।  संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है। लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है। … Read more

बिजली उत्पादन का हब बनेगा विंध्य, टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ से लगाएगी न्यूक्लियर पावर प्लांट

रीवा  रीवा अब सिर्फ विंध्य क्षेत्र का प्रमुख शहर नहीं रहेगा, बल्कि देश के सबसे बड़े बिजली उत्पादन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। जिले में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट माना जा रहा है, क्योंकि अब तक ऐसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र केवल सरकारी कंपनियों द्वारा लगाए जाते रहे हैं। केंद्र सरकार की नई हरित ऊर्जा नीतियों के बाद अब निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। रीवा के सिरमौर तहसील के क्योटी के पास रोजहांई क्षेत्र में यह परियोजना स्थापित होगी। इससे पूरे विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जिले में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ से न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। यह देश का पहला निजी न्यूक्लियर पावर प्लांट होगा। अब तक ऐसे प्लांट सरकार चलाती है। केंद्र की हालिया व्यवस्थाओं के बाद रिलायंस, अदानी व टाटा ग्रुप ने इस क्षेत्र में कदम रखे हैं। रीवा के लिए केंद्र ने टाटा को अनुमति दे दी है। यह सिरमौर तहसील के क्योंटी के पास रोझौंहीं में बनेगा। मप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण 169 हेक्टेयर जमीन आवंटित करेगा। प्लांट में पहले 220 मेगावॉट बिजली बनेगी। बाद में 1000 मेगावॉट और आगे 2400 मेगावॉट बिजली उत्पादन होगा। इससे 5 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। रीवा न्यूक्लियर पावर प्लांट: 28 हजार करोड़ निवेश और 2400 मेगावॉट उत्पादन टाटा एनर्जी द्वारा प्रस्तावित इस न्यूक्लियर पावर प्लांट की शुरुआत 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन से होगी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 1000 मेगावॉट और फिर आगे 2400 मेगावॉट तक ले जाने की योजना बनाई गई है। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी ताकि बिजली उत्पादन के साथ स्थानीय संसाधनों और रोजगार को भी मजबूत किया जा सके। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट के लिए 169 हेक्टेयर भूमि आवंटित करेगा। बताया जा रहा है कि यह भूमि पर्यावरणीय रूप से बंजर क्षेत्र में है, जिससे वन क्षेत्र पर असर कम होगा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद रीवा देश के ऊर्जा मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा। यह सिर्फ बिजली उत्पादन नहीं बल्कि औद्योगिक विकास का नया द्वार भी खोलेगा। 5000 युवाओं को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा इस न्यूक्लियर पावर प्लांट का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के रूप में सामने आएगा। अनुमान है कि करीब 5000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। निर्माण कार्य, तकनीकी सेवाएं, सुरक्षा, परिवहन, मशीन संचालन और रखरखाव जैसे कई क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए अवसर बनेंगे। इसके अलावा आसपास छोटे व्यवसाय जैसे होटल, दुकानें, परिवहन सेवाएं और ठेकेदारी भी तेजी से बढ़ेंगे। लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह परियोजना उम्मीद की बड़ी किरण बन सकती है। खास बात यह है कि रीवा के युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर नौकरी के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन भी कम होगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया, यह पथरीली-बंजर भूमि पर बनेगा। पहले यहां सोलर प्लांट बनना था। वन भूमि के कारण एनओसी न मिलने से प्रोजेक्ट रद्द हुआ। शुक्ल ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक भी की। कमिश्नर बीएस जामोद ने बैठक में बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक जमीनें तय समय सीमा में टाटा एनर्जी को उपलब्ध करा दी जाएंगी। निजी जमीनों को टाटा एनर्जी स्वयं प्राप्त करेगी। प्रशासनिक स्तर पर पूरा सहयोग किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट से केवल 30 मिनट की दूरी पर मैहर जिले में अमझर में 170 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। एमपीआईडीसी के अधिकारी इसमें निवेश के लिए केन्द्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य योजना) के तहत प्रस्ताव बनाएं। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी ने बताया कि अमझर में औद्योगिक पार्क में 50 से अधिक औद्योगिक इकाईयां स्थापित की जाएंगी। औद्योगिक केन्द्र के लिए अतिरिक्त भूमि की भी तलाश की जा रही है। अमझर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का लाभ भी सीसीएफ राजेश राय ने कहा कि वन भूमि में अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर समय सीमा में अनुमति जारी कर दी जाएगी। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिले में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता दी जाएगी। जिले के औद्योगिक विकास में तेजी के लिए निवेश आवश्यक है। अमझर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का लाभ भी रीवा जिले को मिलेगा। टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित परियोजना की विस्तार से जानकारी दी। टाटा एनर्जी के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी नितिन पटेल तथा टाटा एनर्जी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। रीवा संभाग में हर तरह के पावर प्लांट – रीवा संभाग बिजली उत्पादन का हब बन रहा है। सिंगरौली में पहले से ही थर्मल पावर प्लांट हैं। रीवा में 750 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट है। सिरमौर और सिलपरा में हाइड्रो पावर प्लांट के साथ पहडिय़ा में कचरे से भी बिजली बन रही है। अब न्यूक्लियर पावर प्लांट से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

सागर ग्रीन हिल्स में अवैध पेंट हाउस: SEZ ने शुरु की अनुमतियां निरस्त करने की प्रक्रिया

भोपाल कोलार क्षेत्र की सागर ग्रीन हिल्स कॉलोनी में बने 16 पेंट हाउस अवैध बने हैं। इन पेंट हाउस के लिए साल 2013 में कोलार नगरपालिका ने अनुमति दे दी थी, जबकि भूमि विकास नियम-2012 में इसका प्रावधान नहीं था। यह मामला 2021 में सामने आया था, तब से अब तक चल रही जांच और पत्राचार के बाद नगरीय विकास विभाग ने 16 अप्रैल को इस पर सुनवाई रखी है। इस सुनवाई में बिल्डर के साथ पेंट हाउस के खरीदार और नगर निगम आयुक्त को बुलाया गया है। नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस मामले में सेज बिल्डर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2013 में कोलार नगर पालिका से मिली अनुमतियों को खारिज करने एवं भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप तय कर दिए हैं। लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। जांच में दीवारों में दरारें आने, जमीन धंसने और कलियासोत कैचमेंट नियमों में उल्लंघन भी पाया गया। सागर ग्रीन हिल्स कवर्ड कैंपस कलियासोत नदी के किनारे वर्ष 2013 की अनुमति के आधार पर बनाया गया था। नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत बिल्डिंग बनाने के प्रावधान में 18 मीटर की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई थी जबकि सेज डेवलपर एवं बिल्डर ने इसे 21 मीटर तक बढ़ा दिया। गड़बड़ी का क्रम यहीं नहीं थमा। सेज डेवलपर्स ने हाई राइज इमारत बनाने के बावजूद निवेशकों से मोटी रकम वसूलने के लिए 16 पेंट हाउस बनाकर बेच दिए। गैर कानूनी रूप से एक पेंट हाउस के बदले 80 लाख रुपए से एक करोड़ के बीच राशि वसूल की गई। राज्य शासन द्वारा बिल्डिंग एवं कवर्ड कैंपस को अवैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से अब निवेशकों के करोड़ों रुपए इस परिसर में फंस गए हैं। सुनवाई की अगली तारीख पर सेज डेवलपर और बिल्डर को तय किए गए आरोप पर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य शासन द्वारा संपूर्ण परिसर को विधिवत अवैध घोषित कर दिया जाएगा। ग्राउंड रिपोर्ट: प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ी नगरीय विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने चल रही सुनवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला 2021 में तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा ने विधानसभा सदन में उठाया था। उन्होंने सेज डेवलपर एवं बिल्डर के खिलाफ निर्माण अनुमतियों के उल्लंघन एवं निवेशकों की रकम लेकर उनके साथ गैरकानूनी व्यवहार करने का आरोप लगाया था। रिटेनिंग वॉल में दरारें, कैंपस की जमीन सीलन की वजह से धंसने लगी जांच के बाद पाया गया कि कलियासोत नदी से सटाकर कवर्ड कैंपस का निर्माण किया गया है। रिटेनिंग वॉल में दरारें आ चुकी हैं। कैंपस की जमीन पानी की सीलन की वजह से धंसने लगी है। इस प्रकार बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी नागरिकों के लिए खतरनाक घोषित किया जा चुका है। नगरपालिका की आड़ में अवैध निर्माण सेज डेवलपर्स एवं बिल्डर के मालिक ने कोलार नगर पालिका से वर्ष 2013 में नक्शा और लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति मांगी थी। भूमि विकास नियम 2012 का पालन करते हुए नगर पालिका ने चार टावर बनाने एवं उनकी ऊंचाई 18 मीटर रखने के निर्देश जारी किए थे। बिल्डर ने चार टावर के अलावा एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर ली। 18 मीटर की बजाय 21 मीटर तक की ऊंची बिल्डिंग बनाई गई। छत को कॉमन एरिया घोषित करने की बजाय यहां पेंट हाउस बनाकर बेच दिए गए।

प्रवासी मजदूरों को 5 किलो FTL एलपीजी सिलेंडर मिलेगा, प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में प्रवासी मजदूरों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, नवा रायपुर ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर वितरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी वितरकों के माध्यम से पात्र श्रमिकों तक इस योजना का लाभ सुनिश्चित करें। निर्देशों के अनुसार, प्रवासी मजदूरों को यह सुविधा केवल अधिकृत वितरण केंद्रों के माध्यम से ही दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से उन श्रमिकों को राहत देने के लिए है, जो अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित घरेलू गैस कनेक्शन से वंचित हैं। पहचान और पंजीयन जरूरी लाभार्थियों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति भी, उनकी सहमति से, ली जाएगी। इन दस्तावेजों के आधार पर ही गैस कनेक्शन और रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। स्टॉक पर कड़ी निगरानी एलपीजी वितरकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक स्टॉक, विक्रय और शेष सिलेंडरों का नियमित रिकॉर्ड संधारित करें। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के दुरुपयोग या अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और वितरकों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि प्रवासी मजदूरों तक यह सुविधा समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

यही से निकलेंगे हमारे जिले के डॉक्टर, इंजीनियर ओर अफसर – कलेक्टर मीना

लखनऊ  जिले के लिए गौरव का क्षण उस समय और विशेष बन गया, जब माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा परिणामों में  राज्यस्तरीय प्रवीणता सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने आत्मीय भेंट की। कलेक्टर श्रीमती मीना ने विद्यार्थियों को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। यह केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि उन सपनों का उत्सव था, जो अब साकार होने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने प्राचार्यों एवं अभिभावकों को भी बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान जब उनके सपनों के बारे में पूछा गया, तो किसी ने डॉक्टर, किसी ने इंजीनियर और किसी ने प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की। इस पर कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा, “आज के ये बच्चे ही कल हमारे जिले और देश का भविष्य गढ़ेंगे।”

देश की सुरक्षा पर खतरा? अंबाला हाईवे पर संदिग्ध कैमरे, पुलिस ने दर्ज किया मामला

अंबाला. राष्ट्रीय राजमार्ग 152- डी पर पुलिस को दो सीसीटीवी कैमरों से देश से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान पहुंचाई जा रही थी। यह दोनों सीसीटीवी सोलर सिस्टम से आपरेट किए जा रहे थे जबकि इनमें से एक में सिम भी चल रहा था। इन्हीं संदिग्ध सीसीटीवी कैमरों ने अब सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। करीब 50 दिन बाद अब इस मामले में सदर थाना पुलिस ने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता व सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 26 फरवरी को सामने आया था तब तक पुलिस को यह लग रहा था कि शायद यह कैमरे किसी विभाग ने लगाए होंगे। लेकिन करीब डेढ़ महीने की जांच और पूछताछ के बाद जब किसी भी विभाग द्वारा इन कैमरों की जिम्मेदारी नहीं ली गई तो पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले मार्च माह में गांव मलौर में बिजली के खंभे पर सोलर और सिम से आपरेट होने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद हुए थे जिनसे एयरफोर्स स्टेशन बकनौर से जुड़ी जानकारी लीक करने का संदेह जताया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब आठ दिन पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ द्वारा संचालित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। अंबाला में भी इसी गैंग ने इन दोनों कैमरों को इंस्टाल किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि गिरोह के सदस्य सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो, वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। इन लोगों ने दिल्ली कैंट, अंबाला और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे। इन कैमरों की फीड पाकिस्तान दी गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस अभी तक 26 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार एएसआइ रविश कुमार, जो उस समय थाना सदर थाने में जांच अधिकारी के तौर पर तैनात थे, 26 फरवरी को एक सड़क हादसे के केस जोकि 15 फरवरी को दर्ज हुआ था की जांच के सिलसिले में गांव देवीनगर के पास नेशनल हाईवे-44 पर पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने हाईवे-152 के ओवरब्रिज पर दो कैमरे लगे हुए देखे, जो सामान्य निगरानी सिस्टम से अलग और संदिग्ध लगे। यह लकड़ी के तख्ते के सहारे अटैच किए गए थे। प्राथमिक स्तर पर इन कैमरों की पहचान के लिए उन्होंने टोल प्लाजा प्रबंधन से संपर्क किया। टोल मैनेजर विनोद कुमार ने साफ कहा कि ये कैमरे टोल के नहीं हैं। इसके बाद ट्रैफिक थाना मोहड़ा के एसएचओ जोगिंद्र से बात की गई, उन्होंने भी ऐसे किसी कैमरे से इनकार कर दिया। मामला और गहराया जब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के अधिकारी ललित ने भी इन कैमरों से अपना कोई संबंध होने से इनकार कर दिया। इसके बाद हाईवे पर निर्माण कार्य कर रही एजेंसी के कर्मचारियों और उनके अधिकारी तेजेंद्र पांडे से भी पूछताछ की गई, लेकिन वहां से भी कोई जानकारी नहीं मिली। कैमरों के बारे में यहां भी पुलिस ने की पूछताछ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सैनीमाजरा टोल प्लाजा, आइटी सिस्टम, सर्विलांस, डेटा मैनेजमेंट और तकनीकी सपोर्ट और कंप्यूटर ब्रांच तक में अलग-अलग दिन जांच की, लेकिन सभी जगह से एक ही जवाब मिला कैमरे उनके नहीं हैं। कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद दोनों कैमरों को मौके से उतरवाकर थाना सदर अंबाला शहर में सुरक्षित रख लिया। सोलर प्लेट और सिम के साथ जुड़े हुए थे कैमरे जांच के दौरान एक कैमरे में सोलर प्लेट के साथ वोडाफोन कंपनी का सिम कार्ड मिला, जबकि दूसरे कैमरे में कोई सिम नहीं था। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ये कैमरे किसी खुफिया निगरानी या फिर असामाजिक/देशद्रोही गतिविधियों के लिए लगाए गए हो सकते हैं। इसी आधार पर पुलिस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए धारा 152 और 61 बीनएस के वीरवार रात केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने कैमरों को कब्जे में लेकर उनकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है। सिम कार्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन कैमरों का संचालन कौन कर रहा था और इसका डेटा कहां जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। यह मामला हाईवे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। दिल्ली पुलिस के पकड़े गए आरोपितों से कनेक्शन दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आरोपितों से ही अंबाला में लगे सीसीटीवी कैमरों का कनेक्शन जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपितों को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर अंबाला पुलिस लाएगी ताकि आरोपितों से पूछताछ की जा सके। -अजीत सिंह शेखावत, एसपी अंबाला।

एक दिन में तीन मौसम: पंजाब में बारिश, तेज धूप और धूल भरी आंधी का असर

जालंधर. जालंधर. अप्रैल में मौसम में सबसे ज्यादा बदलाव देखने को मिला है। वीरवार को सुबह बूंदाबांदी हुई, लेकिन दोपहर को धूप निकलने से गर्मी बढ़ गई। वहीं शाम को शाम को धूल भरी आंधी चलने से गर्मी से राहत मिली। पहाड़ी इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने की वजह से सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में बदलाव से गर्मी से भले ही राहत मिली है, परंतु गेहूं की फसल तकरीबन तैयार है और कटाई का काम शुरू हो चुका है। मौसम के मिजाज को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। कृषि विभाग से सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नरेश गुलाटी का कहना है कि अभी तेज हवा और वर्षा गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है। इससे खेतों में पानी खड़ा हो सकता है और तना जमीन पर झुकने से दाना खाला हो सकता है। देश के कई राज्यों में प्रचंड लू का दौर जारी है. बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, से लेकर मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 को छू रहा है और कई शहरों में तो 40 के पार जा रहा है. हालांकि कई जगहों पर दोहरे मौसम का भी अनुभव किया जा रहा है. शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबादी भी हुई जिसने लोगों को गर्मी से राहत दी है. मौसम विभाग (IMD) के नए अलर्ट से भी कई राज्यों में दो से तीन दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद है. IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और स्थानीय गर्मी मिलकर ऐसा माहौल बना रही हैं, जिसमें कुछ ही घंटों में तेज धूप से मौसम आंधी-बारिश में बदल सकता है. यही वजह है कि लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. मौसम अब स्थिर नहीं रहा, बल्कि हर दिन नया रूप दिखा रहा है. 13 राज्यों में झमाझम बारिश होने के साथ-साथ बिजली गिरने का भी अलर्ट है. इन राज्यों में धूल भरी आंधी के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं भी चल सकती हैं.

भिलाई स्टील प्लांट में सख्ती: 30 वर्ष पूरे करने वालों पर VRS/CR का दबाव

भिलाई नगर. इस्पात मंत्रालय का सेल के कार्पोरेट आफिस पर मैनपावर कम करने का जबर्दस्त दबाव है। कम्पनी पर ऐसे कार्मिकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने का दबाव है, जो कम्पनी में 30 वर्ष सेवा कर चुके हैं या फिर जिनकी उम्र 55 वर्ष पूरी हो गई है। दबाव इतना है कि जो लोग वीआर नहीं लेंगे उन्हें सीआर यानी कम्पलसरी रिटायरमेंट दिया जा सकता है। वैसे मैनपावर कम करने का इस्पात मंत्रालय का दबाव तो पहले से ही था लेकिन यह दबाव अचानक बढ़ गया है। सेल का मैनपावर कास्ट 11 प्रतिशत है। जबकि निजी स्टील कंपनियों का मैनपावर कास्ट 2 से लेकर 4 प्रतिशत है। बीएसपी की बात करें तो चार कर्मियों के पीछे एक अफसर है। स्टील सेक्रेटरी संदीप पौड्रिक मैन पावर के मुद्दे पर अब सीधे कम्पनी की यूनिटों के प्रमुखों से बात कर रहे हैं। 16 अप्रैल को उन्होंने बीएसपी में मैनपावर कम करने को लेकर बहुत सख्त लहजे में बात की। इसके बाद यह माना जा रहा है कि इस बार वीआर स्कीम का टार्गेट बड़ा रहेगा। उच्च प्रबंधन स्तर पर चर्चा है कि यह टार्गेट 4000 के आसपास हो सकता है। बीएसपी में इस समय 12552 कार्मिक बीएसपी में इस समय सर्वाधिक मैनपावर है। 01 अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार 2471 एक्जीक्यूटिव और 10081 नान एक्जीक्यूटिव हैं। यानी कुल कार्मिकों की संख्या 12552 है। इनमें कितने कार्मिक 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं और कितने कार्मिकों की उम्र 55 वर्ष पूरी हो गई है, यह आंकड़े मैनेजमेंट के पास हैं। इन आंकड़ों के अनुसार मैनपावर कहां कहां कितनी संख्या में कम किए जा सकते हैं, इस पर प्रबंधन बहुत जल्द वर्क करने वाला है। वर्क्स और नान वर्क्स एरिया दोनों एरिया में मैनपावर कम किया जाना है। जबरिया रिटायर कर दिये जाएंगे कुछ ऐसे कार्मिक जिनसे प्रबंधन मुक्ति चाहता है वे अक्सर वीआर नहीं लेते। ऐसे कार्मिक इस बार मैनेजमेंट के टार्गेट में रहेंगे। अब कम मैनपावर में मैनेजमेंट को प्रोडक्शन टार्गेट पूरा करने का दबाव रहेगा इसलिए वह ऐसे कार्मिकों से मुक्ति पाना चाहेगा जो अक्सर मेडिकल अनफिट रहते हैं, या विकलांग हैं या नेतागीरी कर अटेंडेंड लेते रहते हैं। आने वाले दिनों में कतिपय कर्मियों को ड्यूटी में मिलना बंद हो सकता है। यूनियन या फिर स्थानीय राजनीतिज्ञों के दबाव की मैनेजमेंट परवाह नहीं करेगा। वीआर स्कीम तैयार लांच करने की तैयारी सेल के कार्पोरेट आफिस ने वीआर स्कीम तैयार कर लिया है। उसे लांच करने की तारीख भर अभी तय नहीं हुई है। पहले चर्चा थी कि उसे 5 अप्रैल को लांच कर दिया जाएगा पर नहीं किया गया। इस बीच सेल चेयरमैन की विदाई हो गई है और नए चेयरमैन को कार्यभार संभालने में लगभग तीन माह का समय है। ऐसे में वीआर स्कीम को कब लांच किया जाए इस पर सेल मैनेजमेंट भी मंथन कर रहा है। इसके अलावा वीआर स्कीम एक बड़ी राशि का एकमुश्त भुगतान करना भी सेल के कार्पोरेट आफिस के लिए एक चुनौती है। हालांकि सेल का ही आंकड़ा है कि चालू वित्त वर्ष में 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपया से अधिक का कैश कलेक्शन हो चुका है। मैनेजमेंट के लिए चुनौती इस्पात मंत्रालय के दबाव में सेल मैनेजमेंट वीआर स्कीम तो ला रहा है, लेकिन वर्तमान में ही उसे अपनी कई यूनिटों में अनेक विभागों में मैनपावर की दिक्कत है। ऐसे में वीआर स्कीम के बाद कम मैनपावर में प्रोडक्शन लेना चुनौती भरा होगा। कारण, उसे एक्सपांशन प्रोजेक्ट का टार्गेट दिया जा रहा है। यानी उस पर प्रोडक्शन बढ़ाने का भी दबाव रहेगा।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: राज्यभर में नई न्यूनतम मजदूरी दरों को मिली कानूनी मंजूरी

योगी सरकार का बड़ा कदम: राज्यभर में नई न्यूनतम मजदूरी दरों को मिली कानूनी मंजूरी प्रदेश सरकार के निर्णय पर राज्यपाल की मुहर, नोटिफिकेशन जारी नोएडा प्रकरण के बाद सरकार का हस्तक्षेप, तीन श्रेणियों में लागू हुई नई मजदूरी दरें उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अंतरिम राहत लागू गौतमबुद्धनगर-गाजियाबाद प्रथम श्रेणी में, अन्य जिलों का दो वर्गों में विभाजन 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई दरें, महंगाई भत्ते के साथ वेतन का निर्धारण श्रमिकों की मांग और उद्योगों की स्थिति के बीच संतुलन बनाने की पहल लखनऊ/गौतमबुद्धनगर  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हालिया घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा हस्तक्षेप करते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन का निर्णय लिया। सरकार के निर्णय पर प्रदेश की राज्यपाल ने भी अपनी मुहर लगाते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके बाद सरकार द्वारा निर्धारित नई न्यूनतम मजदूरी दरें कानूनी रूप से प्रभावी हो गई हैं। अब यह पूरे प्रदेश में बाध्यकारी रूप से लागू होंगी।  उल्लेखनीय है कि घटनाक्रम के बाद श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच वेतन वृद्धि को लेकर गतिरोध खत्म करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय समिति गठित की थी, जिसने अपनी सिफारिश में के तीन श्रेणियां में वेतन की दरें निर्धारित की हैं। इसके आधार पर राज्य सरकार ने अंतरिम राहत के रूप में नई मजदूरी दरें लागू करते हुए प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है, जिससे क्षेत्रीय परिस्थितियों और जीवन-यापन की लागत के अनुसार संतुलित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया। प्रथम श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद को रखा गया, जहां जीवन-यापन की लागत अपेक्षाकृत अधिक है। यहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। द्वितीय श्रेणी में नगर निगम वाले अन्य जिलों को शामिल किया गया है, जहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं तृतीय श्रेणी में शेष जिलों को रखा गया है, जहां मजदूरी दरें क्रमशः 12,356 रुपये, 13,590 रुपये और 15,224 रुपये तय की गई हैं। इन सभी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) शामिल है। दरअसल, वर्ष 2019 और 2024 में प्रस्तावित मजदूरी संशोधन लागू नहीं हो पाए थे, जिसके चलते यह अंतर बढ़ता गया। अब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर लंबित पुनरीक्षण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय न केवल श्रमिकों को राहत देने के लिए है, बल्कि औद्योगिक शांति बनाए रखने और उत्पादन चक्र को सुचारु रखने के लिए भी आवश्यक है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि नई दरें लागू होने के बाद श्रमिकों के हितों में किसी प्रकार की कटौती या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय उस समय लिया गया जब श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच वेतन वृद्धि को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने लगीं। श्रमिकों का कहना था कि बढ़ती महंगाई और किराए के दबाव के कारण जीवनयापन कठिन हो गया है, जबकि नियोक्ताओं ने वैश्विक आर्थिक दबाव, बढ़ती लागत और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं का हवाला दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार को सौंपी गई। इसमें अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग एवं श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश को क्रमशः सदस्य और सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया। समिति में कर्मकारों के पांच प्रतिनिधि और नियोक्ताओं के तीन प्रतिनिधि भी सम्मिलित थे। समिति ने मौके पर जाकर श्रमिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से चर्चा की और संतुलित समाधान का प्रस्ताव तैयार किया।

RAS Result 2024: राजस्थान आरएएस फाइनल रिजल्ट जारी, बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने किया टॉप

जयपुर  राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक परीक्षा, RAS-2024 का परिणाम घोषित कर दिया है। जो कैंडिटे्स 17 अप्रैल 2026 तक आयोजित हुए RPSC RAS Interview में उपस्थित हुए थे, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपना सरकारी रिजल्ट चेक कर सकते हैं। आरपीएससी आरएएस 2024 की परीक्षा में कुल 2,391 उम्मीदवारों को सफल घोषित किए गया है। आरपीएससी ने 18 अप्रैल 2026 को राज. राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (मुख्य) 2024 में सफल उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। कंबाइंड मेरिट लिस्ट इंटरव्यू राउंड के बाद जारी की गई है। साथ ही TSP-Non TSP में सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर की pdf लिस्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। टॉप 20 कैंडिडेट्स की लिस्ट रैंक नाम जिला रोल नंबर जेंडर 1 दिनेश विश्नोई बाड़मेर 1010371 पुरुष 2 वीरेंद्र चारण जैसलमेर 1006165 पुरुष 3 नवनीत शर्मा भीलवाड़ा 1007118 पुरुष 4 रविंद्र सिंह ब्यावर 1004694 पुरुष 5 विकास सियाग बीकानेर 1011057 पुरुष 6 ऐश्वर्या कंवर बीकानेर 1003725 महिला 7 दिनेश जोधपुर ग्रामीण 1009388 पुरुष 8 शालू अनूपगढ़ 1004455 महिला 9 भूपेंद्र सिंह बालोतरा 1005670 पुरुष 10 राम सिंह गुर्जर प्रतापगढ़ 1003279 पुरुष 11 यशवंत सांदू जोधपुर 1003525 पुरुष 12 कुलदीप शर्मा जयपुर 1014093 पुरुष 13 कैलाश कुमार बालोतरा 1003098 पुरुष 14 चानन सिंह इंदा जोधपुर 1010427 पुरुष 15 अभय सिंह आंजना प्रतापगढ़ 1007854 पुरुष 16 कैलाश रणवा डीडवाना-कुचामन 1012002 पुरुष 17 हरियश राजपुरोहित अजमेर 1003015 पुरुष 18 उमंग रावल डूंगरपुर 1007916 पुरुष 19 तनीषा यादव जयपुर 1013609 महिला 20 वृंदा शेखावत जयपुर 1018607 महिला         How to Check RPSC RAS Result 2024 PDF : यहां देखें तरीका     सबसे पहले आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर 'News and Events' में 'Combined Merit List (After Intv.) For Raj. State And Sub. Services Comb. Comp. Exam – 2024' लिंक पर क्लिक करें।     स्क्रीन पर सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर और नाम की लिस्ट खुल जाएगी। इसमें CTRL+F टाइप करके अपना रोल नंबर या नाम चेक कर सकते हैं।     आगे के लिए पीडीएफ डाउनलोड करें व प्रिंटआउट लेकर अपने पास रख लें। RPSC RAS 2024 PDF में अभी अपना नाम और रोल नंबर चेक करने के लिए यहां क्लिक करें- आरएएस 2024 की परीक्षा में दिनेश विश्नोई ने 351.50 नंबर (कंबाइंड) लाकर मेरिट लिस्ट में पहला स्थान प्राप्त किया है। विरेंद्र चरण ने 351 नंबर लाकर राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यहां देखें टॉप 10 उम्मीदवारों के नाम और मेन्स व इंटरव्यू में प्राप्त अंक।