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दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: योगी सरकार के विजन से डेयरी सेक्टर को मिली नई रफ्तार

दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: योगी सरकार के विजन से डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार 50 वर्ष पूरे होने पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन, 5,000 करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव महोत्सव में 10 हजार से अधिक पशुपालकों की रही भागीदारी, 139 लाभार्थियों के खाते में गई धनराशि प्रदेश सरकार की योजनाओं, तकनीक और निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती लखनऊ  लखनऊ में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ न केवल उपलब्धियों का उत्सव रहा, बल्कि योगी आदित्यनाथ सरकार के उस व्यापक विजन का भी प्रदर्शन बना, जिसके केंद्र में डेयरी सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बनाना है। दो दिवसीय इस आयोजन में हजारों पशुपालकों, उद्यमियों और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी के बीच जहां 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, वहीं योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के प्रसार और ‘गौ से ग्राहक तक’ की समग्र व्यवस्था को सशक्त करने का स्पष्ट रोडमैप भी सामने आया। महोत्सव में प्रदेशभर से करीब 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से देश-विदेश के लाखों गोपालकों और उद्यमियों को भी जोड़ा गया, जहां विशेषज्ञों ने योजनाओं, नवीन तकनीकों, स्वदेशी नस्ल के गो पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। 139 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्यक्रम में विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों एवं उद्यमियों को सम्मानित किया। साथ ही वर्ष 2024-25 के नन्द बाबा पुरस्कार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित 139 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की गई। इस दौरान निजी क्षेत्र के उद्यमियों ने स्टॉल के माध्यम से दुग्ध उत्पादों एवं नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया, जबकि नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 से लाभान्वित पशुपालकों, उत्पादकों और निवेशकों की सफलता की कहानियों पर आधारित संग्रह पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है यूपी कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य पालन मुकेश कुमार मेश्राम ने अतिथियों एवं पुरस्कार विजेताओं का स्वागत करते हुए स्वदेशी नस्ल के गोपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया और विभागीय योजनाओं के बहुआयामी लाभों से पशुपालकों के जीवन स्तर में आए बदलावों पर प्रकाश डाला। वहीं दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और इसे बनाए रखने के लिए राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से ‘गौ से ग्राहक तक’ की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित कर गुणवत्तापरक उत्पादन और वैश्विक स्तर के दुग्ध उत्पाद सुनिश्चित किए जा रहे हैं। अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में उभरकर सामने आया है, जो न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि राज्य के सकल मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में लगभग 1.72 लाख करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहा है। विभाग द्वारा अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनसे 60,000 से अधिक रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के तहत 2,000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाएं शुरू की गईं, जबकि 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के 59 नए निवेश प्रस्तावों से 13,000 अतिरिक्त रोजगार की संभावना है। वहीं नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10,000 से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है और 4,000 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों के जरिए करीब 1.5 लाख दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज हुई है। लाभार्थियों ने भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए कार्यक्रम में सहकारिता विभाग एवं सीएसए विश्वविद्यालय द्वारा स्वदेशी उन्नत नस्लों के पालन के महत्व पर प्रस्तुति दी गई, जबकि देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों और उद्यमियों ने डेयरी क्षेत्र में अपने अनुभव एवं नवाचार साझा किए। इस दौरान नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों ने भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध स्वर्ण महोत्सव एवं डेयरी एक्सपो में पारस, ज्ञान, नमस्ते इंडिया, अमूल समेत कई प्रमुख निजी डेयरी कंपनियों के स्टॉल का अवलोकन किया, जहां आधुनिक उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। कुछ कंपनियों ने इस अवसर पर नए उत्पाद भी लॉन्च किए, जबकि विभिन्न मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

BJP का प्रियंका गांधी पर वार: ‘कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार छीने जाने का जश्न मनाया

नई दिल्ली महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गए. ये बिल लोकसभा में गिरने के बाद राजनीतिक दलों की रार अब संसद से सड़कों पर आ गई है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या में ही महिला आरक्षण लागू किया जाए. उन्होंने ये बिल गिरने को संविधान और विपक्षी एकता की जीत बताया।  प्रियंका गांधी पर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया. स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक एहसान जताया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस बात का जश्न मनाया कि देश की महिलाओं का अधिकार कैसे छीना गया।  कांग्रेस को संविधान में विश्वास नहीं, प्रियंका गांधी की भाषा गलत: रविशंकर प्रसाद कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ है, अधिकार ना देकर जश्न मना रहे हैं: किरेन रिजिजू स्मृति ईरानी ने कहा कि आज कांग्रेस की ओर से कटाक्ष किया गया कि बीजेपी में किसी ने मसीहा बनने की कोशिश की. ट्रिपल तलाक एक अभिशाप बन कर रहा जब कांग्रेस की सरकार थी. उन्होंने चुनाव के बीच सेशन के विपक्ष के आरोप पर कहा कि सेशन के बीच हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए और जीत किसकी हुई, बताने की जरूरत नहीं है।  रविशंकर प्रसाद ने प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सामान्य तौर पर मैं प्रियंका गांधी पर टिप्पणी नहीं करता. उन्होंने कहा कि लेकिन आज प्रियंका गांधी ने क्या बोला कि देश की महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनकी भाषा गलत थी. महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं।  रविशंकर प्रसाद ने कहा कि महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचला गया. कांग्रेस का क्रूर चेहरा सामने आया है. यह दर्द हर महिला याद रखेगी. उन्होंने कांग्रेस की समझ पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनको संविधान समझाना पड़ेगा. पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम इसे लेकर गांव-गांव तक जाएंगे।  संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का बिल विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया, इससे हम सभी दुखी हैं. उन्होंने कहा कि दुखी हम इसलिए हैं, क्योंकि महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देने दिया गया. रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी अगर यह कहते हैं कि महिलाओं को आरक्षण देना अलोकतांत्रिक है, तो उनको हम कैसे समझा सकते हैं।  किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पर महिला विरोधी पार्टी होने का ठप्पा लग गया है. उन्होंने कहा कि यह इतना महत्वपूर्ण बिल था. लोकसभा में, राज्यों की विधानसभा में अधिक महिलाएं चुनकर के आएं, इसमें कांग्रेस पार्टी को क्या आपत्ति हो सकती है. किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। 

इंदौर में बाल विवाह पर कार्रवाई: 17 साल की दुल्हन और 13 साल के दूल्हे की शादी रोकी, प्रशासन ने दी दबिश

इंदौर  दौर के अहिल्या पलटन इलाके में शुक्रवार को एक घर में शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी। मंडप सज चुका था। दुल्हन को हल्दी लग रही थी। महिलाएं गीत गा रही थीं, तभी महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम पहुंच गई और नाबालिग बेटी की शादी रुकवा दी। लड़की के पिता ने टीम को बताया कि उनके समाज में 16 साल की उम्र में विवाह की छूट है। जब अधिकारियों ने इस दावे से जुड़ा कोई सरकारी नियम या आदेश दिखाने को कहा तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। 18 साल होने में 6 महीने बाकी जांच में सामने आया कि लड़की की उम्र 18 साल होने में करीब 6 महीने बाकी हैं। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों और लड़के पक्ष को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधान, सजा और कम उम्र में शादी के नुकसान समझाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी चित्रा यादव, उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक सदस्य संगीता सिंह चाइल्ड लाइन के फूल सिंह कारपेंटर और टीम के अन्य सदस्यों ने दोनों परिवारों को समझाया। काफी देर तक चली चर्चा के बाद दोनों पक्ष शादी टालने पर राजी हो गए। मेहमानों को भोजन की अनुमति दी गई परिजनों ने बताया कि शादी की तैयारी में खर्च हो चुका है। निमंत्रण भी बंट चुके हैं। ऐसे में मेहमानों को खाली नहीं लौटाया जा सकता। इस पर प्रशासन ने उन्हें केवल भोजन कराने की अनुमति दी। टीम ने साफ किया है कि 19 अप्रैल को शादी के दिन दोनों परिवारों पर नजर रखी जाएगी। शपथ पत्र देने के बावजूद यदि बाल विवाह करने की कोशिश हुई तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में चल रहा विशेष अभियान जिले में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शिकायत मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर उम्र का सत्यापन करती है। जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाती है। मामले में कलेक्टर ने शुक्रवार को प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किया है। दूसरा मामला: दुल्हन 18 की, दूल्हा 13 साल का इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र के संजय नगर में भी बाल विवाह रुकवाने का मामला सामने आया है। यहां दुल्हन की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी थी, लेकिन दूल्हा सिर्फ 13 वर्ष का था। शिकायत मिलते ही दल मौके पर पहुंचा और दस्तावेजों की जांच के बाद विवाह रुकवाया। पूछताछ में पहले परिजनों ने विवाह से इनकार कर दिया था। मौके पर विवाह की तैयारियां स्पष्ट दिख रही थीं। 19 अप्रैल को विवाह प्रस्तावित था। फ्लाइंग स्क्वॉड प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि हमें बाल विवाह की सूचना मिली थी। शुक्रवार को हल्दी का कार्यक्रम था। मौके पर पहुंचे और परिजन को समझाया। समझाइश पर वे मान गए, लेकिन उनका कहना था कि शादी के कार्ड बंट चुके हैं। ऐसे में हमने अक्षय तृतीया के दिन मेहमानों को भोजन कराने की अनुमति दी है। साथ ही जब तक लड़की बालिग नहीं हो जाती है, वह हर रोज आंगनबाड़ी में जाकर हाजिरी दर्ज कराएगी। कन्यादान योजना के तहत होगा विवाह जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिंह ने बताया कि जिन बालक-बालिकाओं के विवाह कम उम्र के कारण निरस्त कराए गए हैं, बालिग होने पर परिवार की इच्छा अनुसार शासन की कन्यादान योजना के तहत उनके विवाह कराए जाएंगे। इस योजना में परिवार को आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

यूक्रेन युद्ध में मारा गया अंशु, रूस से ताबूत में वर्दी और जूते के साथ भारत लाया गया

रेवाड़ी गुरुग्राम से सटे हरियाणा के रेवाड़ी के काठुवास गांव में शुक्रवार उस समय मातम छा गया, जब एमबीए की पढ़ाई करने रूस गए 22 वर्षीय अंशु का शव ताबूत में लिपटकर घर पहुंचा। गांव के श्मशान घाट पर कटर मशीन से ताबूत को खोला गया। उसमें में अंशु के शव के साथ-साथ उसकी रूसी सेना की वर्दी और जूते भी साथ भेजे गए। पिता का कहना है कि दलालों ने छात्र को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कराकर मौत के मोर्चे (रूस-यूक्रेन युद्ध) पर झोंक दिया। पिता ने अपनी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाकर जिस बेटे को पढ़ने के लिए विदेश भेजा था, उसकी अर्थी उठते देख पूरे गांव का कलेजा फट गया। अंशु के बड़े भाई मोहित ने नम आंखों से अंशु की चिता को मुखाग्नि दी। लोगों का कहना था कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन दलालों की साजिश का नतीजा है, जिन्होंने शिक्षा के नाम पर एक होनहार छात्र को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कराकर मौत के मोर्चे पर झोंक दिया। दलालों ने पढ़ाई छुड़वाकर युद्ध में भेजा परिवहन विभाग में कार्यरत पिता राकेश कुमार ने बताया कि अंशु बीए करने के बाद एमबीए का सपना लेकर 30 अप्रैल 2025 में स्टडी वीजा पर रूस गया था। कुछ महीने कॉलेज में पढ़ाई भी की, लेकिन फिर दलालों के जाल में फंस गया। दलालों ने बेटे अंशु को जबर्दस्ती सितंबर 2025 में रूसी सेना में भर्ती करा दिया। अंशु ने आखिरी बार 18 अक्टूबर 2025 को घर बात की थी। अंशु ने बताया था कि सितंबर में वह रूस की सेना में भर्ती हुआ है। अब युद्ध के लिए उसे यूक्रेन की फर्स्ट लाइन में जा रहा है और अब कुछ दिनों के बाद ही बातचीत हो पाएगी। सबका लाडला था अंशु काठुवास निवासी राकेश कुमार की पत्नी का देहांत पहले ही हो चुका था। तीन भाई-बहनों में अंशु सबसे छोटा और सबका लाडला था। पिता ने अपनी जमा-पूंजी लगाकर उसे पढ़ने के लिए रूस भेजा था ताकि वह बड़ा आदमी बन सके, लेकिन घर लौटी तो सिर्फ उसकी यादें और ताबूत। गांव वालों का कहना है कि सरकार को उन दलालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो मासूम युवाओं को पढ़ाई के नाम पर मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। रूस गए हरियाणा के सात बेटे अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अनजान रहा परिवार ● जानकारी के अनुसार फोन पर बातचीत के कुछ समय बाद ही अंशु की मौत को हो चुकी थी, लेकिन परिवार छह महीने तक अनजान रहा। 2 अप्रैल को देश के विदेश मंत्री से मुलाकात हुई। ● 4 अप्रैल 2026 को पिता राकेश कुमार के पास रूस के मॉस्को से फोन आया। उन्हें बताया गया कि अंशु की मौत हो चुकी है और उसका शव मिल चुका है और भारत में भेजने में 10 से 15 दिन लगेंगे। ● 16 अप्रैल को सूचना मिली कि शव शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट आ रहा है। शुक्रवार सुबह दिल्ली से शव लेने के बाद परिवार 10 बजे गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

अक्षय तृतीया 2026: सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त और पूरी तिथि का विवरण

 हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और फलदायी तिथि माना जाता है. यह पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जो इस बार 19 अप्रैल 2026 को पड़ रही है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता है, इसलिए इसे 'अक्षय' कहा गया है. इस खास मौके पर लोग सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और नए काम शुरू करना शुभ मानते हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार खरीदारी के लिए पूरे दिन के साथ अगले दिन सुबह भी अच्छा समय मिल रहा है. कब पड़ेगी यह शुभ तिथि? इस साल तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से हो रही है, जो 20 अप्रैल सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी. ऐसे में मुख्य रूप से 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी, लेकिन 20 अप्रैल की सुबह भी कुछ समय तक शुभ योग बना रहेगा. सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त (Gold Buying Muhurat) अगर आप अक्षय तृतीया पर सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं, तो 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट के बाद पूरे दिन खरीदारी कर सकते हैं. इसके अलावा 20 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 बजकर सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक भी शुभ समय रहेगा. इस बार लोगों को खरीदारी के लिए लंबा समय मिल रहा है, जो इसे और खास बनाता है. चौघड़िया मुहूर्त में कब करें खरीदारी? सुबह का समय (चर, लाभ, अमृत)- 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट दोपहर का समय (शुभ)- दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक शाम का समय (शुभ, अमृत, चर)- शाम 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 57 मिनट तक इन समयों में खरीदारी करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. अक्षय तृतीया का महत्व क्या है? अक्षय तृतीया को 'अखा तीज' भी कहा जाता है. यह दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी आप शुभ काम कर सकते हैं. शादी, गृह प्रवेश, मुंडन या नया बिजनेस शुरू करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी और भगवान परशुराम का जन्म भी इसी तिथि पर हुआ था.

पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, राज्यभर में 29 हजार से ज्यादा छापे

पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, राज्यभर में 29 हजार से अधिक छापे योगी सरकार की सख्ती से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई सरकार की जनता से पैनिक बाइंग न करने की अपील 14 मार्च के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए कालाबाजारी पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसके तहत 12 मार्च से अब तक 29,607 छापे और निरीक्षण किए गए। इस दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। सरकार के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से लगातार उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। 12 से 16 अप्रैल के बीच प्रतिदिन हजारों किलोलीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री दर्ज की गई, जबकि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 82,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.05 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण (पैनिक बाइंग) से बचें। एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार रिफिल सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों जैसे होटल, ढाबा, उद्योग और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध आवंटन किया जा रहा है। योगी सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार को भी तेजी दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद विभिन्न विभागों से 117 से अधिक अनुमतियां जारी की जा चुकी हैं। 14 मार्च 2026 के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 16.09 लाख से अधिक हो गई है। सप्लाई व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, वहीं जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर आपूर्ति बाधित न हो।

हरियाणा में HCS परीक्षा का बड़ा आयोजन: 337 सेंटर, 93 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 26 अप्रैल को होने वाली हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक (सामान्य अध्ययन) तथा दूसरा सत्र दोपहर बाद तीन बजे से शाम पांच बजे तक (सीसैट) होगा। इस परीक्षा के लिए कुल 93 हजार 696 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जो राज्य के आठ जिलों में बनाए गए 337 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्र अंबाला (31 केंद्र), फरीदाबाद (80 केंद्र), गुरुग्राम (56 केंद्र), करनाल (48 केंद्र), कुरुक्षेत्र (37 केंद्र), पानीपत (19 केंद्र), यमुनानगर (23 केंद्र) और पंचकूला (43 केंद्र) में बनाए गए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी आठ जिलों के उपायुक्तों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात करने तथा स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस रखने को कहा गया है। IAS और HCS अधिकारी करेंगे निगरानी प्रत्येक जिले में स्ट्रांग रूम प्रबंधन, प्रश्न पत्र वितरण तथा परीक्षा के बाद सामग्री को हरियाणा लोक सेवा आयोग पंचकूला भेजने की निगरानी के लिए आइएएस और एचसीएस कैडर के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की बात कही गई है। पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को 24 अप्रैल से स्ट्रांग रूम पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, होटलों, कोचिंग संस्थानों और फोटो स्टेट की दुकानों की जांच करने तथा परीक्षा ड्यूटी में लगे निजी एजेंसियों के कर्मचारियों का सत्यापन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की की गई व्यवस्था परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कड़ी तलाशी, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी और आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने तीन मई रविवार को होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा के लिए भी पुख्ता प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव एमके आहूजा, उप सचिव सतीश कुमार शामिल हुए।

यूपी की प्रशासनिक दक्षता को मिली मान्यता, मिशन कर्मयोगी में दूसरे स्थान पर रहा राज्य

प्रशासनिक दक्षता में यूपी को बड़ी उपलब्धि, मिशन कर्मयोगी में बड़े राज्यों में यूपी को दूसरा पुरस्कार केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों व यूटी के बीच असाधारण प्रदर्शन किया यूपी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से तैयार हुआ कर्मयोगी कार्यबल नई दिल्ली/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश को सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच असाधारण प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके अलावा प्रदेश ने मिशन कर्मयोगी के तहत ‘साधना सप्ताह’ के दौरान 5 लाख से अधिक कर्मचारियों वाले प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में दूसरा पुरस्कार हासिल किया है। नई दिल्ली में एक प्रतिष्ठित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के इस शानदार प्रदर्शन के लिए एम. देवराज, प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) उत्तर प्रदेश को सम्मानित किया। यह उपलब्धि सशक्त, कुशल और भविष्य के लिए तैयार उत्तर प्रदेश के निर्माण में मिशन कर्मयोगी की ठोस भूमिका का प्रमाण है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को भी दर्शाती है, जिसके तहत राज्य में नागरिक-केंद्रित, भविष्य के लिए तैयार और डिजिटली सशक्त ‘कर्मयोगी’ कार्यबल तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश को मिली इस सफलता के पैमाने भी ऐतिहासिक हैं। iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 21.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को जोड़ा गया। इसके साथ ही राज्य में रिकॉर्ड 1.25 करोड़ कोर्स पूरे किए गए, जो सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में भी योगी सरकार के खाते में जबरदस्त उपलब्धि दर्ज की गई। राज्य ने 10 लाख एआई दक्ष बैज और 16,000 कर्मयोगी उत्कर्ष बैज अर्जित किए, जो यूपी में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल को दर्शाते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने क्षमता निर्माण में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फ्रंटलाइन कर्मचारियों (समूह सी एवं डी) तक,  शासन में हर स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित की।

खेतों में आग से तबाही: पंजाब के चार गांवों में 400 एकड़ फसल जलकर खाक

अबोहर. मलोट के गांव कबरवाला में शुक्रवार सुबह खेतों में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि अबोहर के गांव जोधपुर तक चार गांवों में करीब 400 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। इस दौरान मलोट व अबोहर से पहुंची फायर ब्रिगेड के अलावा किसानों की ओर से कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार आग मलोट के गांव कबरवाला में सुबह 11 खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को आग लग गई, जोकि तेज हवा के कारण पक्की टिब्बी और गुरपुसर से फैलते हुए बललूआना क्षेत्र के गांव जोधपुर तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया और किसानों की साल भर की मेहनत मिनटों में राख हो गई। सूचना मिलने पर मलोट और अबोहर से फायर ब्रिगेड की लगभग 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया। इसके साथ ही किसानों ने भी हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टरों से मिट्टी डालकर और खेत जोतकर आग के फैलाव को रोकने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी राजकुमार व किसानों ने बताया कि आग लगने के कारणों का तो पता नहीं चला है, लेकिन अनुमान है कि इस आग से करीब 400 एकड़ के करीब गेहूं की फसल राख हो गई है। उन्होंने बताया कि इनमें कई छोटे किसान भी शामिल है जिनकी पांच से 10 एकड़ तक फसल राख हो गई, व जबकि कई लोगों ने ठेके पर जमीन लेकर भी बिजाई कर रखी थी। इस दौरान सरपंच सतनाम सिंह जोधपुर, साहिब सिंह नंबरदार, सुरजीत सिंह, हरि कृष्ण सिंह, प्रीतम सिंह, दर्शन सिंह और बूटा सिंह ने कहा कि आग के कारण उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है। इसलिए सरकार और प्रशासन से मांग की गई है कि हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने कहा कि अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो आग गांव मलूकपुरा में फैल सकती थी। इसके अलावा गांव राजपुरा में सरकंडी को आग लगने से आग घरों तक फैलने का खतरा पैदा हो गया, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया।

सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा में नकल पर पूरी तरह लगेगा ब्रेक, 4 पालियों में होगी परीक्षा

सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा में नकल पर पूरी तरह लगेगा ब्रेक, 4 पालियों में होगी परीक्षा 18 व 19 अप्रैल को 4 पालियों में होगी परीक्षा शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने 53 परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की CCTV कैमरों से लैस रहेंगे परीक्षा केंद्र आयोग की अपील- परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचे अभ्यर्थी लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार नकल विहीन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने के अपने संकल्प को लेकर प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में 18 और 19 अप्रैल 2026 को चार पालियों में सम्पन्न होने वाली सहायक आचार्य भर्ती की परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली है।  आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार (पूर्व आईपीएस) ने प्रदेश के 6 प्रमुख जनपद आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर के 53 परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हैं और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया गया है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा कक्षों और महत्वपूर्ण स्थानों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिन्हें जिला कंट्रोल रूम और आयोग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है। आयोग स्तर से इनकी कनेक्टिविटी का परीक्षण भी सफलतापूर्वक कर लिया गया है, जिससे हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। हर जिले में आयोग के एक-एक सदस्य को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया गया है, जो मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसमें गोरखपुर जिले में डा. कृष्ण चन्द्र वर्मा, प्रयागराज में डा. हरेन्द्र कुमार राय, वाराणसी में विमल कुमार विश्वकर्मा, आगरा में कीर्ति गौतम, मेरठ में प्रो. राधाकृष्ण एवं लखनऊ में योगेन्द्र नाथ सिंह प्रेक्षक नामित किया गया हैं।  साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। योगी सरकार के निर्देशों के तहत संदिग्ध और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। नकल कराने या परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन समेत किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करें। साथ ही किसी भी अफवाह से बचते हुए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upessc.up.gov.in एवं 'X' हैण्डल @upesscprayagraj पर सूचनाओं के संबंध में पुष्टि कर लें। आयोग इस परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष तथा शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए कृत संकल्पित है।