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CM मोहन यादव का बंगाल दौरा: कोलकाता में बोले- TMC पर निशाना, बंगाल चाहता है बदलाव

भोपाल /कलकत्ता पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने Kolkata की गलियों में उतरकर जोरदार प्रचार किया। कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में उन्होंने घर-घर और दुकानों तक पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। घर-घर पहुंचकर जनता से जुड़ने की कोशिश सीएम डॉ. यादव ने गलियों में घूमते हुए आम नागरिकों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो जनकल्याण की योजनाओं की रफ्तार कई गुना तेज होगी। सीएम ने कहा कि वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल डबल इंजन सरकार के तहत नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज विकास के साथ आगे बढ़ेगा। हर वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा। मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में काफी गरीबी है और हालात चिंताजनक हैं। युवाओं के पास रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को परिवार चलाने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी देश के सबसे बेहतर राज्यों में गिना जाता था, लेकिन पहले कम्युनिस्ट सरकारों और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने राज्य को विकास की राह से पीछे धकेल दिया। सीएम ने कहा कि बंगाल में विकास की असीमित संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अब यहां की जनता टीएमसी शासन से मुक्ति चाहती है। यदि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तो विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने आगे कहा कि देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री लगातार कार्य कर रहे हैं। बंगाल के उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार आवश्यक है। ‘बंगाल बदलाव चाहता है’ – सीएम यादव Mohan Yadav ने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, बल्कि परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। उनका दावा है कि “डबल इंजन सरकार” आने पर राज्य में नई ऊर्जा और तेज प्रगति देखने को मिलेगी। रोजगार और गरीबी पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में गरीबी और बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है। टीएमसी और वामपंथ पर साधा निशाना सीएम यादव ने आरोप लगाया कि पहले कम्युनिस्ट सरकार और बाद में All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने राज्य के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कहा कि कभी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल बंगाल आज विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। विकास की संभावनाओं पर जोर उन्होंने कहा कि बंगाल में अपार संभावनाएं हैं और अगर राज्य देश के साथ कदम मिलाकर चले, तो यह फिर से विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश के हर वर्ग—युवा, महिला, किसान और गरीब—के लिए काम हो रहा है। सीएम डॉ. यादव का यह रोड प्रचार बंगाल चुनाव में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां जनता के बीच जाकर सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।  

स्मार्ट पुलिसिंग का असर: खोया हुआ फोन अब नहीं होगा गायब, बठिंडा पुलिस ने लौटाए 32 लाख के मोबाइल

बठिंडा. पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आधुनिक तकनीक के सही इस्तेमाल से पुलिस बल उन डिवाइसों तक पहुँचने में सफल रहा है, जिन्हें लोग खो चुके मान चुके थे। इस साल पुलिस ने अब तक कुल 224 मोबाइल फोन ट्रैक किए हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 32 लाख 15 हजार 200 रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद ये सभी फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए हैं। तीन साल के आंकड़ों में बड़ी उपलब्धि एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस ने इस सफलता का विवरण साझा करते हुए बताया कि पिछले तीन सालों में पुलिस की सक्रियता और पोर्टल की सटीकता के कारण कुल 1579 मोबाइल बरामद हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2023 में 80, 2024 में 262 और साल 2025 में रिकॉर्ड 1013 मोबाइल फोन खोजे गए थे, जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक थी। वर्ष 2023 से 2026 के बीच का यह सफर बठिंडा पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। CEIR पोर्टल की कार्यप्रणाली और लाभ भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए फोन को ट्रैक करने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। इस पोर्टल के जरिए आम नागरिक घर बैठे अपने फोन की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल की टीमें तकनीकी सहायता से फोन की लोकेशन ट्रेस करती हैं। इसके अलावा, इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे खोए हुए फोन को ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे डेटा चोरी का खतरा खत्म हो जाता है। त्वरित शिकायत से आसान होती है बरामदगी बठिंडा पुलिस के अनुसार, सीआईए स्टाफ और साइबर क्राइम सेल की टीमें मिलकर इस दिशा में निरंतर काम कर रही हैं। एसएसपी ने आम जनता को संदेश दिया है कि फोन गुम होने की स्थिति में बिना किसी देरी के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर दी गई सूचना से तकनीक की मदद लेना आसान हो जाता है और फोन मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पुलिस विभाग का कहना है कि वे नागरिकों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए भविष्य में भी इसी तरह के अभियान जारी रखेंगे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान: दिशा दर्शन भ्रमण से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल और मार्गदर्शन में संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले की लगभग 51 महिलाएं, जो विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं। भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन कर उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति नया आत्मविश्वास जागृत हुआ और उन्होंने अपने क्षेत्रों में छोटे स्तर पर प्लांट स्थापित कर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं प्लांट परिसर में उपस्थित रहीं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इच्छुक महिला स्व सहायता समूहों को सोया प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योग स्थापित करने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दिशा दर्शन भ्रमण योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को ज्ञान, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त रूप से अग्रसर कर रही है।

गवर्नर एस. गुरमीत सिंह ने श्री दरबार साहिब में माथा टेका, एडवोकेट धामी ने गोल्डन मॉडल देकर किया सम्मान

अमृतसर उत्तराखंड के गवर्नर एस. गुरमीत सिंह ने आज सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। गुरु घर के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा दिखाते हुए उन्होंने दिव्य भजनों का कीर्तन सुना और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इन्फॉर्मेशन सेंटर में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह भी पढ़ें उत्तराखंड के गवर्नर गुरमीत सिंह ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका सिख विरासत और पवित्र स्थानों पर चर्चा यह भी पढ़ें ढुलक स्कूल की पायलप्रीत अव्वल श्री दरबार साहिब के इन्फॉर्मेशन सेंटर में हुए एक खास सम्मान समारोह के दौरान, एडवोकेट धामी ने गवर्नर को सिरोपा, श्री हरमंदिर साहिब का एक सुनहरा मॉडल और धार्मिक किताबें भेंट कीं। पड़ोसी राज्य के साथ सहयोग: एडवोकेट धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सिखों के पवित्र स्थानों (जैसे श्री हेमकुंट साहिब) के बारे में गवर्नर के साथ ज़रूरी चर्चा हुई। पॉजिटिव जवाब: गवर्नर गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड में सिख विरासत को बचाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया। "यह गेट पूरी इंसानियत को एकता और विनम्रता का संदेश देता है। यहां मत्था टेककर मुझे एक नई स्पिरिचुअल एनर्जी मिली है।" — एस. गुरमीत सिंह, गवर्नर (उत्तराखंड) गवर्नर अमृतसर के रहने वाले हैं एडवोकेट धामी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि अमृतसर जिले के रहने वाले एस. गुरमीत सिंह आज एक ऊंचे संवैधानिक पद पर सेवा कर रहे हैं और अपनी कामयाबी के लिए गुरु साहिब का शुक्रिया अदा करने आए हैं। इस मौके पर मौजूद जानी-मानी हस्तियां शिरोमणि कमेटी के चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मनन, सेक्रेटरी बलविंदर सिंह काहलवां, डिप्टी सेक्रेटरी हरभजन सिंह वक्ता, मैनेजर नरिंदर सिंह मथरेवाल और इन्फॉर्मेशन ऑफिसर अमृतपाल सिंह के साथ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ADC अमित श्रीवास्तव, AIG जगजीत सिंह वालिया और ADCP हरपाल सिंह भी इस मौके पर मौजूद थे।

कपल्स के लिए पुलिस विभाग का कदम: 33 ट्रांसफर, पति-पत्नी एक ही जिले में करेंगे सेवा

रोहतास  शाहाबाद पुलिस प्रक्षेत्र के चारों जिलों रोहतास, भोजपुर, बक्सर और कैमूर में तैनात 33 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इस निर्णय के बाद अब प्रक्षेत्र में कार्यरत पति-पत्नी एक ही जिले में रहकर अपनी ड्यूटी कर सकेंगे। प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह तबादला आदेश जारी किया गया है। यह कदम पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव को कम करने और उनके पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। पांच वर्ष की सेवा का तय था पैमाना  तबादलों के लिए कड़े मानक निर्धारित किए गए थे। इसके तहत केवल उन्हीं कर्मियों के आवेदनों पर विचार किया गया, जिन्होंने अपनी वर्तमान तैनाती स्थल पर कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। नियमानुसार किसी भी पुलिसकर्मी को उसके गृह जिले में पोस्टिंग नहीं दी गई है। साथ ही, पूरे सेवाकाल में इस आधार पर अधिकतम दो बार ही स्थानांतरण की सुविधा दी जाएगी। चूंकि ये सभी तबादले कर्मियों के स्वयं के अनुरोध पर किए गए हैं, इसलिए विभाग की ओर से किसी प्रकार का यात्रा या स्थानांतरण भत्ता नहीं दिया जाएगा। इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। मुख्यालय के निर्देशानुसार, कर्मियों को नए जिले के लिए विरमित करने से पहले संबंधित कार्यालय प्रमुख उनकी सर्विस बुक और अन्य अभिलेखों की गहन जांच करेंगे। किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर स्थानांतरण रोक दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कुल 70 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 37 आवेदनों को तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया। पात्रता पूरी करने वाले 33 पुलिसकर्मियों के तबादले की सूची जारी की गई है। पारिवारिक आधार पर प्रमुख तबादले     अनि राधिका रमण का सारण से कैमूर जिला बल में तबादला किया गया है। उनकी पत्नी रोहतास में शिक्षिका हैं।     अनि रश्मि का रोहतास से बांका जिला बल में स्थानांतरण हुआ है। उनके पति भागलपुर में पदस्थापित हैं।     अनि रणधीर कुमार का सहरसा से रोहतास जिला बल में तबादला किया गया है। उनकी पत्नी औरंगाबाद में शिक्षिका हैं।     सिपाही स्मृति का रोहतास से जमुई जिला बल में स्थानांतरण हुआ है। उनके पति जमुई में सहायक प्राध्यापक हैं। क्यों खारिज हुए 37 आवेदन? पुलिस मुख्यालय की समिति ने 70 में से 37 आवेदनों को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। इसके प्रमुख कारण रहे:  

कलेक्टर दफ्तर में टीवी एक्ट्रेस की एंट्री, 300 करोड़ की जमीन पर कब्जे की साजिश का मामला

इंदौर  टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस रेमन कक्कड़  जमीन विवाद के मामले में इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। एक्ट्रेस का आरोप है कि शहर की सबसे महंगी जमीनों में शामिल उनकी करीब 300 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। एक्ट्रेस का कहना है कि एक कारोबारी ने इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। एक्ट्रेस के आरोपों ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एक्ट्रेस ने पूरे मामले को लेकर प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपा और साफ आरोप लगाया कि उनकी पैतृक संपत्ति पर सुनियोजित तरीके से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में पहले ही इंदौर पुलिस एक शराब कारोबारी सूरज रजक के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है, जिससे मामले की गंभीरता साफ झलकती है। परिवार की जमीन पर ‘नजर’, चार वारिसों का दावा मीडिया से बातचीत में रेमन कक्कड़ ने बताया कि विवादित जमीन उनके पिता की संपत्ति थी, जो अब उनकी मां, दोनों भाइयों और उनके नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि “एक कारोबारी ने इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके बाद हमें पुलिस का सहारा लेना पड़ा।” सोशल मीडिया पर ‘झूठ का खेल’, एक्ट्रेस ने दी चेतावनी रेमन कक्कड़ ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भ्रामक और साजिशन फैलाया गया झूठ बताया। उन्होंने साफ कहा कि “कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी।” कलेक्टर से मुलाकात नहीं, फिर भी सौंपे अहम दस्तावेज हालांकि एक्ट्रेस की किसी वरिष्ठ अधिकारी से सीधी मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने जरूरी दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन अब इस पूरे मामले की गहन जांच की तैयारी में है। पुलिस की कार्रवाई पर जताया भरोसा रेमन कक्कड़ ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत दर्ज होते ही कार्रवाई शुरू हो गई, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। सड़क के लिए दी गई जमीन पर ‘व्यापारिक खेल’? इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि यह जमीन पहले ही इंदौर विकास प्राधिकरण को सड़क निर्माण के लिए दी जा चुकी है। ऐसे में इस जमीन पर किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है।

पहली मुलाकात में दिखी गर्मजोशी: सम्राट और नीतीश साथ आए नजर

पटना. बिहार की राजनीति में हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली, जिसमें देश और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार के कामकाज पर चर्चा हुई। दोनों ड‍िप्‍टी सीएम से भी मुलाकात  15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह पहली बार है जब सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार आमने-सामने मिले। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव से भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा कीं। तस्वीरों में नीतीश कुमार सहज और प्रसन्न नजर आए। यहां तक कि उन्होंने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर आत्मीयता भी दिखाई। सम्राट चौधरी ने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया। शराबबंदी पर सरकार का सख्त रुख बरकरार मुलाकात के बीच राज्य की शराबबंदी नीति भी चर्चा के केंद्र में रही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच का हिस्सा है और प्रधानमंत्री Narendra Modi भी इस पहल की सराहना कर चुके हैं। अनंत सिंह समेत कई नेताओं ने उठाए सवाल इधर, मोकामा से जदयू विधायक Anant Singh लगातार शराबबंदी खत्म करने की मांग उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। और इसके स्थान पर अन्य खतरनाक नशे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे समाज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिससे राज्य में शराबबंदी को लेकर बहस तेज हो गई है। संदेश साफ: फिलहाल नहीं बदलेगी नीति इन तमाम चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री का बयान यह संकेत देता है कि बिहार में फिलहाल शराबबंदी कानून में किसी तरह की ढील या बदलाव की संभावना नहीं है। सरकार इस नीति को जारी रखने के पक्ष में मजबूती से खड़ी नजर आ रही है।

नशे के बड़े गिरोह पर वार: 448 करोड़ की हेरोइन जब्त, पाकिस्तान लिंक का खुलासा

चंडीगढ़. पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर की संयुक्त कार्रवाई में 64.62 किलो हेरोइन बरामद की गई है। इसके साथ ही एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया गया है, जिसके तार पाकिस्तान से लेकर यूरोप तक जुड़े पाए गए हैं। जब्त हेरोइन की इंटरनेशनल वेल्यू तकरीबन 448 करोड़ रुपए आकी जा रही है। डीजीपी के अनुसार यह कार्रवाई सामान्य नहीं है, बल्कि सीमा पार से संचालित एक संगठित और मजबूत तस्करी नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा तस्कर मूसा इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक है। यह वही व्यक्ति है, जिसका नाम पहले 532 किलो हेरोइन की बड़ी खेप के मामले में भी सामने आ चुका है। पुर्तगाल तक पहुंचे लिंक इस बार मूसा ने अपने नेटवर्क को और विस्तार देते हुए यूरोप, विशेष रूप से पुर्तगाल में बैठे अपने साथियों के जरिए पंजाब के स्थानीय तस्करों को जोड़ रखा था। इस तरह यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे की आपूर्ति का एक बड़ा चैनल बना चुका था। पुलिस ने अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए स्वर्ण सिंह, मखन सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से आई हेरोइन की खेप को प्राप्त कर उसे आगे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करते थे। कड़ियों को जोड़ने की प्रयास में जुटी पुलिस डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह पूरा अभियान गुप्त सूचनाओं के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े सभी कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तस्कर या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध देश के भीतर हो या विदेश से जुड़ा हो। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हादसे का आंकड़ा बढ़ा: वेदांता प्लांट में 23 मजदूरों की मौत, 12 की हालत गंभीर

सक्ती. वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए बॉयलर ब्लास्ट में मरने वाले श्रमिकों की संख्या 23 पहुंच गई है, वहीं 12 घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। बीते 12 घंटे के दौरान मृत श्रमिकों का आंकड़ा 20 से 23 पहुंच गया है. मरने वाले तीन श्रमिकों में से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती पश्चिम बंगाल निवासी सुब्रतो जेना और कालडा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती उत्तर प्रदेश निवासी किस्मत अली सहित एक अन्य श्रमिक शामिल है। इस तरह से इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों में पांच श्रमिक छत्तीसगढ़ और शेष 18 श्रमिक अन्य प्रांतों से हैं। वेदांता पावर प्लांट हादसे में पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। घटना की जांच के लिए बनी विशेष टीम सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। तकनीकी जांच में क्या सामने आया? पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। इसी दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया। वहीं फोरेंसिक टीम (एफएसएल) ने भी अपनी रिपोर्ट में अत्यधिक ईंधन संचय और दबाव को हादसे की मुख्य वजह बताया है। गंभीर लापरवाही के आरोप शुरुआती जांच में यह भी सामने आई है कि प्लांट में मशीनरी के रख-रखाव और संचालन के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सुरक्षा उपायों में कमी और निगरानी की लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ, जिसके कारण 23 श्रमिकों की मौत हो गई। घायल 12 श्रमिकों का अभी ईलाज जारी है। मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मृतक के परिजन को मुआवजा के साथ नौकरी वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन ने हुए भीषण हादसे में मृत श्रमिक के मृतक के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही है।

मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर: खजुराहो में 43.2°C, 9 शहरों में 42 डिग्री से अधिक, 16 जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदलते हुए भीषण गर्मी का रूप ले लिया है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में एंट्री के साथ ही तापमान तेजी से उछला है और अब हालात लू जैसे बन गए हैं। शुक्रवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 43.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। खास बात यह रही कि जबलपुर जैसे शहर ने भोपाल और इंदौर को भी पीछे छोड़ते हुए ज्यादा गर्मी दर्ज की। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। खजुराहो के बाद उमरिया (42.9), टीकमगढ़-नौगांव (42.8), मंडला (42.5), दमोह, गुना और दतिया (42.2) जैसे शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे। वहीं बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल और ग्वालियर 41.3 डिग्री, इंदौर 40.6 और उज्जैन 40.5 डिग्री पर रहे।  सीजन का सबसे गर्म दिन रहा शुक्रवार शुक्रवार को प्रदेश में इस सीजन की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके अलावा उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ और नौगांव में 42.8 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री और दमोह, गुना व दतिया में 42.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सागर और सतना में 41.8 डिग्री, जबकि छिंदवाड़ा और रायसेन में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42 डिग्री पहुंच गया। भोपाल और ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 और उज्जैन में 40.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। 16 जिलों में लू का अलर्ट, बढ़ेगी परेशानी IMD के अनुसार, शनिवार के लिए 16 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। इनमें अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। मौसम विभाग का कहना है कि, अगले 2-3 दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे लू का असर और तेज हो जाएगा। सीजन में पहली बार तापमान बढ़ा प्रदेश में शुक्रवार को गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। छतरपुर के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 43.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, उमरिया में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़-नौगांव में 42.8 डिग्री, नौगांव में 42.6 डिग्री, मंडला में 42.5 डिग्री, दमोह, गुना-दतिया में 42.2 डिग्री, सागर-सतना में 41.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.6 डिग्री, नर्मदापुरम-शाजापुर में 41.4 डिग्री, सीधी, नरसिंहपुर, रीवा-मलाजखंड में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो समेत कई जिलों में लू भी चली। गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी जारी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। गर्मी का असर- स्कूलों का बदला समय भीषण गर्मी का असर अब बच्चों पर भी दिखने लगा है। तेज धूप में स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ गया था। इसी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। राजधानी भोपाल में अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। इसके अलावा ग्वालियर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, रायसेन, बालाघाट, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी और रतलाम समेत कई जिलों में भी नई टाइमिंग लागू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। अगले 3 दिन का मौसम पूर्वानुमान 18 अप्रैल: कई जिलों में भीषण लू, तापमान 45°C तक पहुंचने की संभावना 19 अप्रैल: उज्जैन, भिंड, दतिया, छतरपुर समेत कई जिलों में लू का असर जारी 20 अप्रैल: बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में बारिश के आसार