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रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन

रायपुर.  बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा। दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा। बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा। सामाजिक और आर्थिक उत्थान बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। औद्योगिक और खनिज विकास बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल  कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी। "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" – उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव

ईरान का ट्रंप पर हमला, खामेनेई के आदेश पर होर्मुज खोला जाएगा, न कि ‘इडियट’ के कहने पर

तेहरान  ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा कूटनीतिक विवाद अब व्यक्तिगत हमलों और सोशल मीडिया वॉर में बदल गया है। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने एक वायरल समुद्री ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इडियट (मूर्ख) करार दिया है। इस तीखे हमले ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप से हुई, जो कथित तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना और समुद्र में मौजूद जहाजों के बीच रेडियो संचार की है। इस रिकॉर्डिंग में ईरानी नौसेना का एक अधिकारी इडियट शब्द का इस्तेमाल करता सुनाई दे रहा है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि ईरानी अधिकारी ने अपने ही विदेश मंत्री के लिए इस शब्द का प्रयोग किया है। ईरानी दूतावास का तीखा पलटवार इन दावों को खारिज करते हुए दक्षिण अफ्रीका में ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद कड़ा और सीधा पोस्ट किया। दूतावास ने लिखा, "ओ बेवकूफ, उसका मतलब तुम्हारे 'इडियट' राष्ट्रपति ट्रंप से था। बस गूगल पर 'इडियट' सर्च करके देख लो, तुम्हें समझ आ जाएगा कि वह कौन है।" दूतावास का यह बयान सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाता है, जो अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपनी विदेश नीति और घोषणाएं साझा करते रहते हैं। ऑडियो क्लिप में क्या था? मैरीटाइम चैनल 16 पर प्रसारित इस रेडियो संदेश में IRGC नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों को सख्त चेतावनी दी थी। संदेश में कहा गया, "यह चैनल 16 पर ईरानी सिपह नौसेना की कॉल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है। हम इसे हमारे इमाम खामेनेई के आदेश पर खोलेंगे, न कि किसी 'इडियट' के ट्वीट्स के आधार पर।" यह संदेश स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के उन हालिया ट्वीट्स और बयानों पर कटाक्ष था, जिनमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले होने का दावा किया था। आम तौर पर दूतावास और राजनयिक मिशन इस तरह की अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से बचते हैं, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी ने ईरान के रुख को और अधिक आक्रामक बना दिया है। ईरान का यह हमला दर्शाता है कि वह कूटनीतिक मेज के साथ-साथ नैरेटिव की लड़ाई में भी पीछे नहीं हटना चाहता। इस निजी हमले के बाद फिलहाल वाइट हाउस या राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कमला हैरिस का आरोप, नेटन्याहू ने ट्रंप को ईरान युद्ध में घसीटा, ‘एपस्टीन फाइल्स’ से ध्यान भटकाने की कोशिश

वॉशिंगटन  अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ सैन्य संघर्ष में 'खींच लिया' और इसे 'एपस्टीन फाइल्स' से ध्यान भटकाने की एक 'कमजोर कोशिश' बताया।  मिशिगन डेमोक्रेटिक वीमेन कॉकस द्वारा शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कमला हैरिस ने इन शत्रुताओं को एक ऐसे युद्ध के रूप में बताया जिसे 'अमेरिकी लोग नहीं चाहते.' डेट्रॉइट में अपने संबोधन के दौरान, हैरिस ने प्रशासन के इरादों की और भी कड़ी आलोचना की और ट्रंप पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का इस्तेमाल घरेलू विवादों से ध्यान भटकाने के लिए करने का आरोप लगाया. उन्होंने मौजूदा नेतृत्व को अमेरिका के इतिहास का 'सबसे भ्रष्ट, संवेदनहीन और अक्षम' प्रशासन करार दिया।  प्रेसिडेंट के लीडरशिप स्टाइल के बारे में बताते हुए हैरिस ने कहा कि ट्रंप 'ऐसे घूमना चाहते हैं जैसे वह मजबूत हों और जिसे चाहें उसके खिलाफ अमेरिका की मिलिट्री की ताकत का इस्तेमाल करेंगे.' उन्होंने कहा कि यह तरीका विदेश नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव दिखाता है और दावा किया कि वह 'दूसरे विश्व युद्ध के बाद से किसी भी पार्टी के अमेरिका के पहले प्रेसिडेंट हैं जिन्होंने अमेरिका की जिम्मेदारी छोड़ दी है. हमारे गठबंधनों, हमारी दोस्ती को बढ़ावा देने और बचाने की।  पूर्व उप-राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक मानकों की अनदेखी करने वाले प्रशासन ने देश की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने 'अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानदंडों, जैसे कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के महत्व का दिखावा भी नहीं किया और असल में उसे नजरअंदाज कर दिया।  हैरिस के अनुसार इन कदमों ने अमेरिका को उसके सहयोगियों की नजर में 'अविश्वसनीय' बना दिया है और कुछ खास मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए हमारे पास जो भी प्रभाव था, उसे छीन लिया है.' विदेश नीति और सैन्य भागीदारी से हटकर उन्होंने अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और प्रजनन अधिकारों जैसे घरेलू मुद्दों पर भी बात की।  चुनावी राजनीति की ओर बढ़ते हुए हैरिस ने डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावनाओं पर भरोसा जताया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि पार्टी नवंबर में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों में जीत हासिल करेगी। 

तमिलनाडु हादसा: विरुधुनगर की पटाखा फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 18 जिंदगियां बुझीं

नई दिल्ली. तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 1 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। कैसे हुआ हादसा? एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विस्फोट फैक्ट्री के अंदर अचानक हुआ, जिसके बाद तेज धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया और आग तेजी से फैल गई। राहत और बचाव कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है। कैसे हुआ हादसा? शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि पटाखा बनाने के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही या केमिकल के गलत हैंडलिंग के कारण यह विस्फोट हो सकता है। हालांकि, घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने घटना पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है। तमिलनाडु में विरुधुनगर और शिवकाशी क्षेत्र पटाखा उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां पहले भी कई बार इस तरह के हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।

BJP का बड़ा कदम, दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया उच्चायुक्त नियुक्त किया

नई दिल्ली  भारत सरकार बांग्लादेश में अपने नए उच्चायुक्त के तौर पर वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को नियुक्त कर सकती है. सूत्रों के अनुसार मौजूदा उच्चायुक्त प्रणय वर्मा का तबादला ब्रसेल्स किया जा सकता है और उनकी जगह त्रिवेदी को ढाका भेजने की तैयारी है. यह नियुक्ति ऐसे समय में सामने आई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को लेकर कई अहम मुद्दों पर बातचीत जारी है और दोनों देश रिश्तों को संतुलित बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।  द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि इस नियुक्ति की घोषणा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हो सकती है. दिनेश त्रिवेदी का पश्चिम बंगाल से गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है, ऐसे में इस फैसले को कूटनीतिक के साथ-साथ राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।  क्यों अहम है यह नियुक्ति?     दिनेश त्रिवेदी लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने लोकसभा व राज्यसभा दोनों में प्रतिनिधित्व किया है. वे पूर्व में रेल मंत्री और स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी रह चुके हैं. तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी भूमिका और भी अहम मानी जाती है।      भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पिछले कुछ समय में कई घटनाओं के कारण चर्चा में रहे हैं. शेख हसीना के पद छोड़ने के बाद बदले राजनीतिक हालात और नई सरकार के आने से दोनों देशों के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है. हालांकि हाल के दौर में दोनों पक्ष संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।  क्या संदेश देना चाहती है सरकार? सरकार का यह कदम दो स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक तरफ यह बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में पहल है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी समझी जा रही है।  दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति कब तक हो सकती है? सूत्रों के अनुसार, इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जा सकती है, और संभावना है कि यह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हो. हालांकि सरकार की ओर से अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।  क्या यह एक सामान्य कूटनीतिक नियुक्ति है? आमतौर पर ऐसे पदों पर करियर राजनयिकों की नियुक्ति होती है, लेकिन कभी-कभी सरकार राजनीतिक नेताओं को भी यह जिम्मेदारी देती है. इस कारण यह नियुक्ति विशेष मानी जा रही है।  भारत-बांग्लादेश संबंधों पर इसका क्या असर पड़ेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि एक अनुभवी राजनीतिक नेता की नियुक्ति संवाद को नया आयाम दे सकती है. इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने और लंबित मुद्दों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।  क्या इसका असर पश्चिम बंगाल चुनाव पर पड़ेगा? राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह फैसला चुनावी माहौल में भाजपा के लिए सकारात्मक संदेश दे सकता है. इससे यह दिखाने की कोशिश होगी कि पार्टी बंगाल के नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दे रही है। 

आखिरी ओवर तक चला थ्रिल! कोलकाता ने राजस्थान को हराकर IPL 2026 में दर्ज की पहली जीत

कोलकाता.  कोलकाता नाइट राइडर्स ने रविवार को राजस्थान रॉयल्स को रोमांचक मुकाबले में 4 विकेट से मात दी। ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 155 रन बनाए, इसके जवाब में कोलकाता नाइट राइडर्स ने लगातार विकेट गिरने के बावजूद अंत में रिंकू सिंह और अनुकूल की दमदार साझेदारी की बदौलत दमदार जीत हासिल की। राजस्थान रॉयल्स ने ईडन गार्डन्स में रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 155 रन बनाए। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से वैभव सूर्यवंशी ने 46 जबकि यशस्वी जायसवाल ने 39 रन बनाए। नाइट राइडर्स की तरफ से वरुण चक्रवर्ती और कार्तिक त्यागी ने तीन-तीन, जबकि सुनील नारायण ने दो विकेट चटकाए। 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम को शुरुआती दो ओवर में दो झटके लगे हैं। सलामी बल्लेबाज टिम साइफर्ट और अजिंक्य रहाणे बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए हैं। कैमरन ग्रीन ने 13 गेंद में 27 रन बनाए। रघुवंशी 10 रन ही बना सके। रोवमैन पॉवेल 20 गेंद में 23 रन बनाकर पवेलियन लौटे। सूर्यवंशी और जायसवाल ने पावर प्ले में 63 रन जोड़कर एक बार फिर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। जायसवाल ने वैभव अरोड़ा पर पारी का पहला चौका जड़ा जबकि सूर्यवंशी ने त्यागी पर दो और अरोड़ा पर तीन चौके मारे। सूर्यवंशी ने नारायण और कैमरन ग्रीन पर छक्का भी जड़ा। जायसवाल ने भी ग्रीन की गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया। नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने इसके बाद गेंद चक्रवर्ती को थमाई और उनके पहले ही ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में सूर्यवंशी गेंद को हवा में लहरा गए और रमनदीप सिंह ने अच्छा कैच लपककर उनकी पारी का अंत किया। चक्रवर्ती ने अपने अगले ओवर में ध्रुव जुरेल (05) को भी विकेटकीपर टिम सीफर्ट के हाथों स्टंप कराया। जायसवाल भी नारायण की गेंद पर एक्सट्रा कवर पर रहाणे को कैच दे बैठे जिससे रॉयल्स का स्कोर तीन विकेट पर 99 रन हो गया। रॉयल्स के रनों का शतक 12वें ओवर में पूरा हुआ। कप्तान रियान पराग (12) भी चक्रवर्ती की सीधी गेंद को चूककर बोल्ड हुए जबकि डोनोवन फरेरा (07) ने नारायण को उनकी गेंद पर वापस कैच थमाया। रविंद्र जडेजा सिर्फ नौ रन बनाने के बाद 19वें ओवर में त्यागी का शिकार बने जबकि इसी ओवर में शिमरोन हेटमायर (15) और रवि बिश्नोई (00) भी पवेलियन लौटे।

देवखोल-भालूमाड़ा में अवैध कोयला माफिया पर वार, ब्लास्टिंग से बंद होंगी 150 मीटर लंबी सुरंगें

रायपुर. कोरिया जिला में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन व्यापक कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची सेंट्रल प्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने रविवार को देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण कर अवैध खनन स्थलों का चिन्हांकन किया और उन्हें ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स, जिसमें खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे, ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने बताया कि निरीक्षण के समय मौके पर कोई कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इस कार्रवाई से एक दिन पहले, शनिवार को संयुक्त टीम ने पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में सघन अभियान चलाया था। इस दौरान अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 टन से अधिक कोयला जब्त किया गया। साथ ही कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जिनका उपयोग लंबे समय से कोयला निकालने के लिए किया जा रहा था। अभियान के दौरान टीम ने करीब 150 लंबी सुरंगों के भीतर प्रवेश कर न केवल कोयला बरामद किया था, बल्कि खनन में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए थे।   रविवार को की गई कार्रवाई में कोरिया के अलावा सूरजपुर, मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, स्थानीय पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।  अधिकारियों ने बताया कि वन एवं खनिज विभाग के साथ-साथ एसईसीएल के समन्वय से इन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए चिन्हित स्थानों को ब्लास्टिंग कर बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही क्षेत्र में लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जारी रखने की भी बात कही गई है। इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और तेज किया जाएगा।

PM-सीएम की तस्वीरों का दुरुपयोग? Ambala में सोलर ऐड पर कंपनी पर केस दर्ज

अंबाला. सरकारी योजना के नाम पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के निर्देश पर अंबाला कैंट के महेश नगर थाने में एक निजी कंपनी यूनाय एनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। शिकायत के अनुसार कंपनी ने “प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (2026-27)” के प्रचार में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने विज्ञापनों में खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त बताकर आम जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। इस विज्ञापन को आशीष गुलाटी ने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर किया है जिसकी प्रतिलिपि भी पुलिस को सौंपी गई है। मामले में प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 1950 के उल्लंघन का आर है। इस कानून के तहत प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम और तस्वीर का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। विभागीय कानूनी राय के बाद स्पष्ट हुआ कि कंपनी की गतिविधियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों ने थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। जांच में पुलिस अब कंपनी के मालिक तक पहुंचेगी महेश नगर थाने में 18 अप्रैल 2026 को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कंपनी और उसके साझेदारों की भूमिका की जांच कर रही है।अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और जनप्रतिनिधियों की छवि का गलत इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

UP में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: गन्ना समितियों में फ्री स्पेस देगी योगी सरकार

लखनऊ.  योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गन्ना समितियों में रोजगार के लिए निशुल्क स्थान देने का निर्णय लिया है। यह स्थान ‘आधी आबादी’ को प्रेरणा कैंटीन और अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए दिया जाएगा। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने एमओयू साइन किया है। योगी सरकार की पहल से स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं को गन्ना समितियों के माध्यम से सीधे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।  दो साल के लिए दिया जाएगा निशुल्क स्थान गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गन्ना समितियों में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए स्थान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गन्ना सहकारी समितियां अपने परिसरों में उपलब्ध खाली या अतिरिक्त स्थान को महिला स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराएंगी। यह स्थान प्रेरणा कैंटीन चलाने और अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि इन स्थानों के उपयोग के लिए शुरुआती दो वर्षों तक कोई किराया नहीं लिया जाएगा। दो साल की मोरेटोरियम अवधि के बाद स्वयं सहायता समूहों को केवल 50 प्रतिशत किराया ही देना होगा, जो जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार तय किया जाएगा।  डिस्प्ले/मार्केटिंग सेंटर से हस्तनिर्मित और घरेलू उत्पादों की कर सकेंगी बिक्री गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना समितियों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थान का स्वामित्व पूरी तरह संबंधित समिति के पास ही रहेगा। किसी भी परिस्थिति में इस स्थान का स्वामित्व स्वयं सहायता समूहों या किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। इससे सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रेरणा कैंटीन और डिस्प्ले/मार्केटिंग सेंटर के माध्यम से महिलाएं अपने हस्तनिर्मित और घरेलू उत्पादों को बेच सकेंगी। इनमें खाद्य पदार्थों के अलावा सोलर लैंप, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुएं शामिल हैं। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी एक संगठित बाजार मिलेगा। इसके लिए विभाग स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण, विपणन और प्रचार-प्रसार में भी सहयोग देगा। महिलाओं को मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। इसके अलावा जरूरत पर अतिरिक्त सहयोग भी प्रदान किया जाएगा ताकि गन्ना क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, बढ़ेगा उत्पादन और खपत उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) को भी योजना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मिशन यह सुनिश्चित करेगा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कैंटीन संचालन, साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण का उचित प्रशिक्षण मिले। वहीं, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के साथ समन्वय भी किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी। इससे जहां एक ओर महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गन्ना समितियों की गतिविधियों में भी विविधता आएगी। स्थानीय स्तर पर उत्पादन और खपत बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।  

वनोपज से सशक्तिकरण: तेंदूपत्ता संग्रहण से 31,000 परिवारों को मिलेगा सहारा, तैयारियां पूरी

कोंडागांव. वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है। बस्तर में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, वन विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वन विभाग के अनुसार इस वर्ष बस्तर वृत्त को कुल 2 लाख 70 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है, संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होकर मई तक चलेगा. एक अरब से ज्यादा भुगतान की संभावना अगर मौसम अनुकूल रहा और लक्ष्य पूरा हुआ, तो इस साल संग्राहकों को 1 अरब रुपये से अधिक भुगतान होने की संभावना है, पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण संग्रहण कम हुआ था और लगभग 61 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया था, तेंदूपत्ता संग्रहण दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में हजारों आदिवासी परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है, इस दौरान पूरा परिवार इस कार्य में जुटता है. संग्रहण की व्यवस्था संग्रहण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 75 समितियां बनाई गई हैं और 1710 खरीदी केंद्र तैयार किए गए हैं, इससे संग्राहकों को आसानी से तेंदूपत्ता बेचने की सुविधा मिलेगी, राज्य सरकार द्वारा प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, इसके साथ बोनस भी दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों की आय और बढ़ती है. विभाग का बयान मुख्य वन संरक्षक आलोक तिवारी ने बताया कि, संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, उन्होंने कहा कि, संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है.