samacharsecretary.com

आयुर्वेद में मर्म चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका — किशन सूर्यवंशी

भोपाल. नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी जी ने मानस भवन में विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित “आयुर्वेद कौशलम्” अंतर्गत “मर्म चिकित्सा कार्यशाला” के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की एवं कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सूर्यवंशी जी ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मर्म चिकित्सा की उपयोगिता एवं उसके व्यापक प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद न केवल उपचार की प्राचीन पद्धति है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। मर्म चिकित्सा जैसी विधाएं आज के समय में लोगों को प्राकृतिक एवं प्रभावी उपचार प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित वैद्यजनों एवं प्रतिभागियों के साथ संवाद कर उनके अनुभवों को जाना तथा इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को और अधिक गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ सुनील कुमार जोशी जी (पूर्व कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय) , प्रोफेसर ए.एस यादव जी ( कुलगुरु मानसरोवर ग्लोबल ),  प्रोफेसर महेश व्यास जी (डीन, All India Institute of Ayurveda, नई दिल्ली), प्रोफेसर आरके गुप्ता जी(अध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश), डॉक्टर उमेश शुक्ला जी (पं. खंडीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल), गोपालदास मेहता जी (विश्व आयुर्वेद परिषद) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इजरायल का सोमालीलैंड में राजनयिक प्रतिनिधि नियुक्त करने का कदम, 16 मुस्लिम देशों ने किया विरोध

यरुशलम कतर, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की सहित 16 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को दोहा में एक संयुक्त बयान जारी कर सोमालीलैंड में इजरायल द्वारा राजनयिक प्रतिनिधि की नियुक्ति की कड़ी निंदा की है. इन देशों ने कहा है कि इजरायल का यह फैसला सोमालिया संघीय गणराज्य की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सीधा उल्लंघन है।  इस्लामिक देशों ने अपने बयान में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ उठाया गया यह कदम एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है. मंत्रियों ने दोहराया कि केवल सोमालिया के वैध राज्य संस्थान ही वहां की जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करते हैं।  इस विरोध में कतर, कुवैत, सऊदी अरब, मिस्र, सोमालिया, सूडान, लीबिया, बांग्लादेश, अल्जीरिया, फिलिस्तीन, तुर्की, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, मॉरिटानिया, जॉर्डन और ओमान के विदेश मंत्री शामिल रहे. उन्होंने किसी भी ऐसे एकतरफा कदम को खारिज कर दिया जो राज्यों की एकता को कमजोर करता है।  'क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा…' संयुक्त बयान में जोर दिया गया है कि इजरायल का यह फैसला अफ्रीकी संघ के संविधान अधिनियम का उल्लंघन करता है. देशों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों से हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. 16 देशों ने सोमालिया की एकता के प्रति अपने अटूट समर्थन को फिर से दोहराया है।  सोमालीलैंड को लेकर इजरायल के इस कदम ने राजनयिक गलियारों में कड़वाहट पैदा कर दी है. कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, सोमालीलैंड को 'तथाकथित' क्षेत्र बताते हुए इजरायली दूत की नियुक्ति को अवैध माना गया है. मुस्लिम देशों का तर्क है कि यह एकतरफा कार्रवाई सोमालिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है और वैश्विक मंच पर इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।  हॉर्न ऑफ अफ्रीका में शांति की अपील विदेशी मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे सोमालिया की संप्रभुता का सम्मान करें. उन्होंने कहा कि इजरायल की इस पहल से क्षेत्र में चल रही शांति की कोशिशों को धक्का लग सकता है. इन 16 देशों ने एकजुट होकर कहा कि वे सोमालिया की अखंडता को बचाने के लिए हर मुमकिन कूटनीतिक कोशिश जारी रखेंगे और ऐसे किसी भी दूत को मान्यता नहीं दी जाएगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 में दुनिया हमारे सनातन के वैभव को देखेगी। हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ के विश्व स्तरीय आयोजन में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएँ मिले और पूर्ण सनातन वैभव के साथ सिंहस्थ महापर्व-2028 का सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन सम्पन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के अंतर्गत एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड विश्राम गृह के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस विश्राम गृह में ऑफिस कक्ष, आमजन से भेंट के लिए हॉल और पायलट के लिए भी कक्ष बनाए गए है। यह हेलीपैड उज्जैन सिंहस्थ 2028 में अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम जन और विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर भेंट करने के लिए बनाया गया है। हेलीपेड एवं विश्राम गृह का निर्माण हो जाने से मुख्यमंत्री के उज्जैन आगमन पर अतिथि सत्कार के लिए आने वाले विशिष्ट  अतिथियों को एक वातानुकूलित परिसर मय बैठक व्यवस्था उपलब्ध होगी। सिंहस्‍थ 2028 का आयोजन ग्रीन एंड क्लिन की थीम पर होगा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने उज्‍जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ- 2028 महापर्व को हरित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम को 2.25 करोड़ रुपए की लागत की इलेक्ट्रिक व्‍हील लोडर मशीन की चाबी प्रदान की। सिंहस्थ के विशाल धार्मिक आयोजन में विशाल संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा।  स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में एक निजी कम्पनी द्वारा  अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम को ₹2.25 करोड़ मूल्य की 820TE इलेक्ट्रिक व्हील लोडर मशीन (3 इकाइयाँ) स्वीपिंग अटैचमेंट सहित प्रदान की गई है। ये मशीनें पूरी तरह बैटरी संचालित हैं और शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) के साथ कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान चिमनगंज कृषि उपज मंडी पहुंचकर जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जैन समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत-अभिननंदन किया। संत जिनेन्द्र जी महाराज धर्मदास गण के वर्तमान प्रवर्तक है। डूंगर, मालवा, राजस्थान इनका विचरण क्षेत्र रहता है। स्थानकवासी परंपरा के संत हैं। वर्तमान में अक्षय तृतीया महोत्सव के उपलक्ष में संत महाराज का प्रवास के दौरान कृषि उपज मंडी चिमनगंज में वर्षीतप पारणा महोत्सव पर आयोजित किया गया है। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सर्किट हाउस पर भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर आरती की और प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा भगवान परशुराम का चित्र और फरसा भेंट किया गया।

सिवनी में परशुराम जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, डॉ. नरोत्तम मिश्रा हुए शामिल

सिवनी. भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सिवनी में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पूरा शहर “जय परशुराम” के गगनभेदी जयघोष और केसरिया ध्वजों से भक्तिमय रंग में रंगा नजर आया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोग और नगरवासी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ निकली इस यात्रा ने शहर में आस्था और ऊर्जा का अद्भुत माहौल बना दिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सभी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर पूर्व सांसद नीता पटेरिया और कार्यक्रम के आयोजक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे सिवनी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

बिहार में सख्ती: Bhagalpur के 1.03 लाख वाहन प्रदूषण टेस्ट में फेल, HSRP अनिवार्य

भागलपुर. राज्य में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के लंबित मामलों को लेकर परिवहन विभाग सख्त हो गया है। देश भर में 16 अप्रैल से नया नियम लागू हो गया है। अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा। जिले में 16 अप्रैल तक के रिकॉर्ड के मुताबिक एक लाख 3028 वाहनों का पॉल्यूशन फेल है। जबकि जनवरी से 16 अप्रैल तक इस साल 240 वाहनों का पॉल्यूशन फेल हुआ है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब भी 40 से 45000 ओन रोड वाहन ऐसे हैं, जिनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। इसमें 80% से अधिक 2019 से पहले के वाहन हैं। 20 प्रतिशत ऐसे वाहन है जो 2019 के बाद के हैं। एचएसआरपी लेजर कोड अपडेट में भी भागलपुर पीछे विभागीय समीक्षा में पूरे बिहार में 63 हजार से अधिक वाहन ऐसे पाए गए हैं, जिनका एचएसआरपी लेजर कोड अब तक अपडेट नहीं हुआ है। इस सूची में भागलपुर जिले में 1796 मामले लंबित हैं। इसे गंभीर मानते हुए विभाग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों को जल्द समाप्त करने का निर्देश दिया है। भागलपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) जनार्दन कुमार ने बताया कि विभाग के निर्देश पर जिले में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संबंधित एजेंसियों को पेंडिंग कार्य जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। सड़कों पर चलेगा विशेष जांच अभियान डीटीओ ने बताया कि जिले में एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर वाहनों की जांच करेगी। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी हो। इसके अलावा जो साधारण तौर पर नंबर बनाते हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी। बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया है कि कोई भी नया वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के एजेंसी या शोरूम से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि ऐसा पाया गया तो एजेंसी संचालक और वाहन स्वामी दोनों पर कार्रवाई होगी। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 16 जिलों के प्रदर्शन पर विशेष नजर परिवहन विभाग ने जिन 16 जिलों में एचएसआरपी लेजर कोड अपडेट की लंबित मामलों की संख्या अधिक पाई है, उनमें पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान, सीतामढ़ी, गया, भागलपुर, पूर्णिया, गोपालगंज, छपरा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल और बेगूसराय शामिल हैं। इन जिलों के अधिकारियों को अलग से चेतावनी देते हुए अभियान मोड में काम करने को कहा गया है।

कांग्रेस और सपा समेत समूचे इंडी गठबंधन का आचरण उजागर करता है नारी-विरोधी मानसिकता को: सीएम

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित नहीं होने देने पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नारी सम्मान के खिलाफ है, बल्कि “अक्षम्य पाप” है, जिसके लिए देश की नारी शक्ति उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जिस प्रकार जश्न मनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की गईं, उसने भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिला दी, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था। सीएम ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आचरण विपक्ष की नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में सत्ता संभालने पर एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कही थी कि देश के अंदर चार ही जातियां हैं- गरीब, युवा, किसान व नारी। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और देश को लूटा, स्वाभाविक रूप से उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी और चेतावनी भी। इसीलिए जब भी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने हमेशा उस प्रगतिशील सोच और देशहित में उठाए जाने वाले कदमों का विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष के नारी-विरोधी आचरण के प्रति आधी आबादी के मन में भारी आक्रोश है। यह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और अन्य उन दलों के प्रति है, जो इस पाप में भागीदार थे। आधी आबादी में यह आक्रोश साफ देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाए गए एक-एक कदम, जो समाज के हर वर्ग और देशहित में थे, इंडी गठबंधन ने कैसे बैरियर की तरह खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए षड्यंत्र किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के उपरांत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में जरूरी संशोधन लेकर संसद के विशेष अधिवेशन में इसे पेश किया। कुछ राज्यों ने इस बात की मांग उठाई थी कि कहीं ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए। प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होते समय स्पष्ट किया था कि किसी का भी हक नहीं लिया जाएगा। इस 33 प्रतिशत आरक्षण को माता-बहनों को उपलब्ध कराने के लिए हम लोकसभा और विधानसभाओं में अतिरिक्त सीटें बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह चर्चा में आया कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि उनका हक कम हो जाएगा, तो प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे उत्तर और पूर्व के राज्यों में सीटें बढ़ेंगी, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी उसी अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी का हक कम नहीं होगा। सरकार की एकमात्र इच्छा थी कि पूरा सदन मिलकर भारत की नारियों को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित कर दे, ताकि 2029 में ही उन्हें उनका अधिकार मिल जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन सदन में इंडी गठबंधन, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके का जो व्यवहार रहा, वह पूरी तरह से भरी सभा में द्रोपदी के चीर-हरण जैसा दृश्य था। किस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां विपक्ष द्वारा की गईं, किस प्रकार का आचरण किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है। यदि सर्वसम्मति से यह कार्य होता, तो स्वाभाविक रूप से पूरे सदन को इसका श्रेय मिलता। नारियों के सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए जो कदम उठाए जा रहे थे,  उससे महिलाओं को वह हक मिलता जो उनका स्वाभाविक अधिकार है। सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुद्दा छेड़ा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है। ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल आचरण यहां भी देखने को मिला। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था, उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी। तब सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था। बाबा साहेब ने इस पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी कि एक बार विभाजन हो गया है, अब भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसका पुरजोर विरोध किया। उस समय संविधान निर्माण समिति से जुड़े सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह वंचित करने का प्रयास किया था? जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस के पाप का परिमार्जन कर ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया,  तय किया कि भारत का कानून शादी-विवाह के मामले में प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से लागू होगा,  तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बने कानून का भी कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सभी दलों, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने कड़ा विरोध किया था। यह उनके दोहरे आचरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर मिला। लेकिन जिन चार जातियों का उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया, नारी (भारत की आधी आबादी), गरीब, अन्नदाता किसान और युवा, उनके लिए कांग्रेस व इंडी गठबंधन कभी कोई अच्छी सोच, अच्छा कार्यक्रम या प्रगतिशील पहल आगे नहीं बढ़ा पाए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जब 2014 में देश की सत्ता संभाली, तब उन्होंने प्रत्येक तबके के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य आगे बढ़ाए। उनका स्लोगन न … Read more

फसल नुकसान पर सरकार एक्टिव: पंजाब के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर ने आग प्रभावित खेतों का किया निरीक्षण

जंडियाला गुरु/अमृतसर. राज्य के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO मेहता और उदोनंगल गांव पहुंचे और कल आग से 16 एकड़ गेहूं की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस मौके पर किसानों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रभावित किसानों के साथ है और इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बहुत जल्द नुकसान का मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान किसानों और आम लोगों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं और सरकार राहत देने में देर नहीं करेगी। कैबिनेट मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO ने कहा कि उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि मेहता चौक पर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी रहेगी ताकि ऐसी किसी भी अनहोनी पर तुरंत काबू पाया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सामूहिक विवाह बढ़ाते है समाज में समरसता

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह समाज में समरसता और अपनत्व की भावना बढ़ाते है। उन्होंने कहा कि वैवाहिक संस्कार एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि अक्षय मूल्यों और अक्षय संस्कारों की स्थापना हैं। विवाह संस्कार दो परिवार को जोड़ने का प्रसंग होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नगर निगम द्वारा क्षिप्रा तट स्थित कार्तिक मेला मैदान पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अक्षय तृतीया के पवित्र दिवस पर बाबा महाकाल और माँ हर सिद्धि की कृपा से 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर धर्म का सबसे अनूठा संगम हो रहा है। एक ओर बेटियों का कन्यादान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार जितना सरल, संस्कारित और सामाजिक सहयोग से होगा, उतना ही समाज संतुलित और मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा भी बेटे का विवाह 4 माह पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया गया था। 867 करोड़ की सहायता से एक लाख 57 हजार 769 विवाह संपन्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों के हाथ पीले करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना वरदान बन गई है। "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना" के अंतर्गत 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1 लाख 57 हजार 769 हितग्राहियों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है। इसके लिये लगभग 867 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उज्जैन में "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में कुल 641 जोड़ों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है, जिसमें 3 करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को श्रद्धालुओं का अनुभव आध्यात्मिक और सुविधापूर्वक बनाने के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए से हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण, 13.30 करोड़ रुपए की लागत से महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का कार्य,4.55 करोड़ रुपए से नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन का कार्य,1.11 करोड़ रुपए से सोलह सागर के पुनर्जीवन का कार्य,1.59 करोड़ रुपए की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित करने का कार्य,7.73 करोड रुपए से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के संरक्षण और बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रुप में विकसित करने का कार्य, 8.55 करोड़ रुपए की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय को एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने के कार्यों का भूमि पूजन अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए मुरलीपुरा के पीछे सदावल में नवीन हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। साथ ही उज्जैन में नवीन एयरपोर्ट का निर्माण भी हो रहा है। यह सब कार्य सिंहस्थ 2028 में आने वाले 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में सहायता प्रदान करने के साथ श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव आध्यात्मिक और सुखद बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा अंतर्गत भोपाल से राजा राम की नगरी ओरछा और चंदेरी के लिए नवीन हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू की गई है। पीएम हेली पर्यटन सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्ड लाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। नगर निगम द्वारा 265 मीटर लंबाई के हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग को 15 मीटर चौड़ा लागत राशि 21.08 करोड़ रूपये से किया जाएगा। हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग के चौडीकरण से रामघाट पर वर्ष पर्यन्त विभिन्न तिथियों पर स्नान करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी एवं महाकालेश्वर की सवारी मार्ग का भी यह प्रमुख हिस्सा है। नीलगंगा सरोवर पुनर्जीवन एवं सौंदयीकरण अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹4.55 करोड़ से नीलगंगा सरोवर का वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन कर सरोवर की जल धारण क्षमता में वृ‌द्धि, जल गुणवत्ता में सुधार तथा दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सरोवर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नागरिक अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सोलह सागर (पुरुषोत्तम सागर) पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रासफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹1.11 करोड़ से सोलह सागर का संरक्षण, पुनर्जीवन एवं उन्नयन कर जल गुणवत्ता में सुधार, पारिस्थितिक संतुलन की स्थापना तथा नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना। कालिदास उद्यान विकास कार्य कालिदास उद्यान उज्जैन शहर के क्षिप्रा नदी किनारे स्थित शहर का सबसे बडा प्राकृतिक एवं प्राचीन उद्यान है। राशि रु 1.59 करोड़ की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा। विक्रम कीर्ति संग्रहालय की आंतरिक साज-सज्जा विक्रम कीर्ति संग्रहालय को रुपए 8.55 करोड़ की लागत से एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया जाएगा। उक्त कार्य के अंतर्गत पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक मूर्तियों (कलाकृतियों) का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण तथा संग्रहालय के लिए, आधुनिक प्रदर्शनी डिस्प्ले एवं इंटीरियर विकास कार्य किया जाएगा। श्री. महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर 2500 मीटर लंबे शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य राशि रुपए 13.30 करोड़ की लागत से किया जाएगा। लागत राशि रुपए 7.73 करोड से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, महापौर टटवाल, पार्षदगण, संजय अग्रवाल ,ओम जैन ,नवदंपतियों के परिजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

चुनाव प्रचार के दौरान PM मोदी ने लिया झालमुड़ी का स्वाद, बोले—‘भाई, कितने की है?’

बिष्णुपुर. पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय लोकप्रिय स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का आनंद लिया। पुरुलिया, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर और बिष्णुपुर में लगातार चार रैलियों के बाद वह झाड़ग्राम में एक छोटी सी दुकान के पास रुके, जहां उन्होंने झालमुड़ी खाई और आसपास मौजूद लोगों को भी यह नाश्ता बांटा। इस दौरान पीएम मोदी का यह सहज अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। दुकान पर मौजूद नमकीन और मुरमुरे से भरे कंटेनरों के बीच जैसे ही उनके रुकने की खबर फैली, वहां भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास मौजूद लोग उत्साह के साथ इस पल को देखते नजर आए और कई लोग अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाते दिखे। प्रधानमंत्री ने एक्स पर शेयर किया वीडियो पीएम मोदी ने इस पल की झलक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की। उन्होंने लिखा, 'पश्चिम बंगाल में व्यस्त रविवार के बीच चार रैलियों के दौरान झाड़ग्राम में स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लिया।' इस दौरान वह अपने पारंपरिक परिधान (सफेद कुर्ता, नीली जैकेट और बीजेपी के प्रतीक कमल वाले लाल गमछे) में नजर आए। वीडियो में दिख रहा है कि पीएम मोदी दुकान पर पहुंचते हैं और कहते हैं कि भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ। कितने का है? अच्छे वाला कितने का है? इस पर दुकानदार जवाब देता है कि 10, 20 रुपये में है। पीएम मोदी कहते हैं कि जो भी है उसे बना दो। प्रधानमंत्री उसे 10 रुपये देते हैं मगर दुकानदार लेने से मना करता है और अंत में उनके कहने पर नोट रख लेता है। इसके बाद वह आसपास मौजूद लोगों को भी झालमुड़ी खिलाते हैं।

महिला आरक्षण पर सियासत गरम: Vishnu Deo Sai का बड़ा बयान, ‘नारी शक्ति वंदन’ पर BJP आक्रामक

रायपुर. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के गृहमंत्री अमित शाह ने सरल भाषा में तर्कपूर्वक समझाया, लेकिन विपक्ष को 70 करोड़ महिलाओं का सम्मान नहीं करना था. आज उनका चेहरा सबके सामने उजागर हो चुका है. आने वाले समय में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. हमारा संघर्ष जारी रहेगा. महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत का हक दिलाकर रहेंगे. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कही. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े, सांसद लक्ष्मी वर्मा के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर प्रेस वार्ता के जरिए भाजपा का पक्ष रखा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राचीन काल से नारियों का सम्मान हुआ है. हम लोग अपने देश में नारियों को दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी का अवतार मानते हैं. और उसी दिशा में उनका नेतृत्व सुनिश्चित करने का काम होने जा रहा था, लेकिन जिस तरह से इंडी गठबंधन ने, खासतौर से कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने जिस तरह से अधिनियम का विरोध किया. और अधिनियम को पास नहीं होने दिया, उससे देश की आधी आबादी के उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नारियों के विकास हुआ है. शौचालय निर्माण का काम, उज्ज्वला योजना में काम हुआ है. महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को राशि भेजने का काम हम कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस अग्रेजों की चाल चलती है. 3 दशकों से महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, लेकिन हर बार जब इसको पास कराने की बात आती है, तो मुंह फेर लेते हैं. इस बार भी वही हुआ है. यह देश के 70 करोड़ माता-बहनों के साथ धोखा है. आने वाले समय में इंडी गठबंधन की इसका खामियाजा सहना पड़ेगा. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना था. कांग्रेस और विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार का हनन किया. कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने बिल को पास होने नहीं दिया. महिला अधिकार की बात जब भी आई कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार के साथ गद्दारी की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के हितों की उपेक्षा की. समाजवादी पार्टी और आरजेडी ने हमेशा महिलाओं को गाली देने का काम किया. बिल पास नहीं के बाद विपक्ष के लोगों ने तालियां बजाई और खुशियां मनाई, जबकि हमारे आंखों में आंसू थे. कांग्रेस के लोग चालबाज हैं. कांग्रेस ने बहुत बड़ा पाप किया है. इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा.