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कांग्रेस और सपा समेत समूचे इंडी गठबंधन का आचरण उजागर करता है नारी-विरोधी मानसिकता को: सीएम

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित नहीं होने देने पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नारी सम्मान के खिलाफ है, बल्कि “अक्षम्य पाप” है, जिसके लिए देश की नारी शक्ति उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जिस प्रकार जश्न मनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की गईं, उसने भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिला दी, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था। सीएम ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आचरण विपक्ष की नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में सत्ता संभालने पर एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कही थी कि देश के अंदर चार ही जातियां हैं- गरीब, युवा, किसान व नारी। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और देश को लूटा, स्वाभाविक रूप से उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी और चेतावनी भी। इसीलिए जब भी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने हमेशा उस प्रगतिशील सोच और देशहित में उठाए जाने वाले कदमों का विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष के नारी-विरोधी आचरण के प्रति आधी आबादी के मन में भारी आक्रोश है। यह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और अन्य उन दलों के प्रति है, जो इस पाप में भागीदार थे। आधी आबादी में यह आक्रोश साफ देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाए गए एक-एक कदम, जो समाज के हर वर्ग और देशहित में थे, इंडी गठबंधन ने कैसे बैरियर की तरह खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए षड्यंत्र किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के उपरांत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में जरूरी संशोधन लेकर संसद के विशेष अधिवेशन में इसे पेश किया। कुछ राज्यों ने इस बात की मांग उठाई थी कि कहीं ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए। प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होते समय स्पष्ट किया था कि किसी का भी हक नहीं लिया जाएगा। इस 33 प्रतिशत आरक्षण को माता-बहनों को उपलब्ध कराने के लिए हम लोकसभा और विधानसभाओं में अतिरिक्त सीटें बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह चर्चा में आया कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि उनका हक कम हो जाएगा, तो प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे उत्तर और पूर्व के राज्यों में सीटें बढ़ेंगी, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी उसी अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी का हक कम नहीं होगा। सरकार की एकमात्र इच्छा थी कि पूरा सदन मिलकर भारत की नारियों को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित कर दे, ताकि 2029 में ही उन्हें उनका अधिकार मिल जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन सदन में इंडी गठबंधन, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके का जो व्यवहार रहा, वह पूरी तरह से भरी सभा में द्रोपदी के चीर-हरण जैसा दृश्य था। किस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां विपक्ष द्वारा की गईं, किस प्रकार का आचरण किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है। यदि सर्वसम्मति से यह कार्य होता, तो स्वाभाविक रूप से पूरे सदन को इसका श्रेय मिलता। नारियों के सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए जो कदम उठाए जा रहे थे,  उससे महिलाओं को वह हक मिलता जो उनका स्वाभाविक अधिकार है। सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुद्दा छेड़ा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है। ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल आचरण यहां भी देखने को मिला। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था, उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी। तब सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था। बाबा साहेब ने इस पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी कि एक बार विभाजन हो गया है, अब भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसका पुरजोर विरोध किया। उस समय संविधान निर्माण समिति से जुड़े सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह वंचित करने का प्रयास किया था? जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस के पाप का परिमार्जन कर ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया,  तय किया कि भारत का कानून शादी-विवाह के मामले में प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से लागू होगा,  तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बने कानून का भी कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सभी दलों, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने कड़ा विरोध किया था। यह उनके दोहरे आचरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर मिला। लेकिन जिन चार जातियों का उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया, नारी (भारत की आधी आबादी), गरीब, अन्नदाता किसान और युवा, उनके लिए कांग्रेस व इंडी गठबंधन कभी कोई अच्छी सोच, अच्छा कार्यक्रम या प्रगतिशील पहल आगे नहीं बढ़ा पाए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जब 2014 में देश की सत्ता संभाली, तब उन्होंने प्रत्येक तबके के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य आगे बढ़ाए। उनका स्लोगन न … Read more

फसल नुकसान पर सरकार एक्टिव: पंजाब के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर ने आग प्रभावित खेतों का किया निरीक्षण

जंडियाला गुरु/अमृतसर. राज्य के पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO मेहता और उदोनंगल गांव पहुंचे और कल आग से 16 एकड़ गेहूं की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस मौके पर किसानों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रभावित किसानों के साथ है और इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बहुत जल्द नुकसान का मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान किसानों और आम लोगों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं और सरकार राहत देने में देर नहीं करेगी। कैबिनेट मिनिस्टर हरभजन सिंह ETO ने कहा कि उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि मेहता चौक पर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी रहेगी ताकि ऐसी किसी भी अनहोनी पर तुरंत काबू पाया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सामूहिक विवाह बढ़ाते है समाज में समरसता

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह समाज में समरसता और अपनत्व की भावना बढ़ाते है। उन्होंने कहा कि वैवाहिक संस्कार एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि अक्षय मूल्यों और अक्षय संस्कारों की स्थापना हैं। विवाह संस्कार दो परिवार को जोड़ने का प्रसंग होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नगर निगम द्वारा क्षिप्रा तट स्थित कार्तिक मेला मैदान पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अक्षय तृतीया के पवित्र दिवस पर बाबा महाकाल और माँ हर सिद्धि की कृपा से 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर धर्म का सबसे अनूठा संगम हो रहा है। एक ओर बेटियों का कन्यादान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार जितना सरल, संस्कारित और सामाजिक सहयोग से होगा, उतना ही समाज संतुलित और मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा भी बेटे का विवाह 4 माह पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया गया था। 867 करोड़ की सहायता से एक लाख 57 हजार 769 विवाह संपन्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों के हाथ पीले करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना वरदान बन गई है। "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना" के अंतर्गत 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1 लाख 57 हजार 769 हितग्राहियों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है। इसके लिये लगभग 867 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उज्जैन में "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में कुल 641 जोड़ों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है, जिसमें 3 करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को श्रद्धालुओं का अनुभव आध्यात्मिक और सुविधापूर्वक बनाने के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए से हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण, 13.30 करोड़ रुपए की लागत से महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का कार्य,4.55 करोड़ रुपए से नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन का कार्य,1.11 करोड़ रुपए से सोलह सागर के पुनर्जीवन का कार्य,1.59 करोड़ रुपए की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित करने का कार्य,7.73 करोड रुपए से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के संरक्षण और बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रुप में विकसित करने का कार्य, 8.55 करोड़ रुपए की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय को एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने के कार्यों का भूमि पूजन अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए मुरलीपुरा के पीछे सदावल में नवीन हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। साथ ही उज्जैन में नवीन एयरपोर्ट का निर्माण भी हो रहा है। यह सब कार्य सिंहस्थ 2028 में आने वाले 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में सहायता प्रदान करने के साथ श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव आध्यात्मिक और सुखद बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा अंतर्गत भोपाल से राजा राम की नगरी ओरछा और चंदेरी के लिए नवीन हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू की गई है। पीएम हेली पर्यटन सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्ड लाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। नगर निगम द्वारा 265 मीटर लंबाई के हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग को 15 मीटर चौड़ा लागत राशि 21.08 करोड़ रूपये से किया जाएगा। हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग के चौडीकरण से रामघाट पर वर्ष पर्यन्त विभिन्न तिथियों पर स्नान करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी एवं महाकालेश्वर की सवारी मार्ग का भी यह प्रमुख हिस्सा है। नीलगंगा सरोवर पुनर्जीवन एवं सौंदयीकरण अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹4.55 करोड़ से नीलगंगा सरोवर का वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन कर सरोवर की जल धारण क्षमता में वृ‌द्धि, जल गुणवत्ता में सुधार तथा दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सरोवर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नागरिक अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सोलह सागर (पुरुषोत्तम सागर) पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रासफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹1.11 करोड़ से सोलह सागर का संरक्षण, पुनर्जीवन एवं उन्नयन कर जल गुणवत्ता में सुधार, पारिस्थितिक संतुलन की स्थापना तथा नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना। कालिदास उद्यान विकास कार्य कालिदास उद्यान उज्जैन शहर के क्षिप्रा नदी किनारे स्थित शहर का सबसे बडा प्राकृतिक एवं प्राचीन उद्यान है। राशि रु 1.59 करोड़ की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा। विक्रम कीर्ति संग्रहालय की आंतरिक साज-सज्जा विक्रम कीर्ति संग्रहालय को रुपए 8.55 करोड़ की लागत से एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया जाएगा। उक्त कार्य के अंतर्गत पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक मूर्तियों (कलाकृतियों) का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण तथा संग्रहालय के लिए, आधुनिक प्रदर्शनी डिस्प्ले एवं इंटीरियर विकास कार्य किया जाएगा। श्री. महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर 2500 मीटर लंबे शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य राशि रुपए 13.30 करोड़ की लागत से किया जाएगा। लागत राशि रुपए 7.73 करोड से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही बांगड भवन को मुद्रा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, महापौर टटवाल, पार्षदगण, संजय अग्रवाल ,ओम जैन ,नवदंपतियों के परिजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

चुनाव प्रचार के दौरान PM मोदी ने लिया झालमुड़ी का स्वाद, बोले—‘भाई, कितने की है?’

बिष्णुपुर. पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय लोकप्रिय स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का आनंद लिया। पुरुलिया, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर और बिष्णुपुर में लगातार चार रैलियों के बाद वह झाड़ग्राम में एक छोटी सी दुकान के पास रुके, जहां उन्होंने झालमुड़ी खाई और आसपास मौजूद लोगों को भी यह नाश्ता बांटा। इस दौरान पीएम मोदी का यह सहज अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। दुकान पर मौजूद नमकीन और मुरमुरे से भरे कंटेनरों के बीच जैसे ही उनके रुकने की खबर फैली, वहां भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास मौजूद लोग उत्साह के साथ इस पल को देखते नजर आए और कई लोग अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाते दिखे। प्रधानमंत्री ने एक्स पर शेयर किया वीडियो पीएम मोदी ने इस पल की झलक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की। उन्होंने लिखा, 'पश्चिम बंगाल में व्यस्त रविवार के बीच चार रैलियों के दौरान झाड़ग्राम में स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लिया।' इस दौरान वह अपने पारंपरिक परिधान (सफेद कुर्ता, नीली जैकेट और बीजेपी के प्रतीक कमल वाले लाल गमछे) में नजर आए। वीडियो में दिख रहा है कि पीएम मोदी दुकान पर पहुंचते हैं और कहते हैं कि भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ। कितने का है? अच्छे वाला कितने का है? इस पर दुकानदार जवाब देता है कि 10, 20 रुपये में है। पीएम मोदी कहते हैं कि जो भी है उसे बना दो। प्रधानमंत्री उसे 10 रुपये देते हैं मगर दुकानदार लेने से मना करता है और अंत में उनके कहने पर नोट रख लेता है। इसके बाद वह आसपास मौजूद लोगों को भी झालमुड़ी खिलाते हैं।

महिला आरक्षण पर सियासत गरम: Vishnu Deo Sai का बड़ा बयान, ‘नारी शक्ति वंदन’ पर BJP आक्रामक

रायपुर. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के गृहमंत्री अमित शाह ने सरल भाषा में तर्कपूर्वक समझाया, लेकिन विपक्ष को 70 करोड़ महिलाओं का सम्मान नहीं करना था. आज उनका चेहरा सबके सामने उजागर हो चुका है. आने वाले समय में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. हमारा संघर्ष जारी रहेगा. महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत का हक दिलाकर रहेंगे. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कही. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े, सांसद लक्ष्मी वर्मा के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर प्रेस वार्ता के जरिए भाजपा का पक्ष रखा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राचीन काल से नारियों का सम्मान हुआ है. हम लोग अपने देश में नारियों को दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी का अवतार मानते हैं. और उसी दिशा में उनका नेतृत्व सुनिश्चित करने का काम होने जा रहा था, लेकिन जिस तरह से इंडी गठबंधन ने, खासतौर से कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने जिस तरह से अधिनियम का विरोध किया. और अधिनियम को पास नहीं होने दिया, उससे देश की आधी आबादी के उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नारियों के विकास हुआ है. शौचालय निर्माण का काम, उज्ज्वला योजना में काम हुआ है. महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को राशि भेजने का काम हम कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस अग्रेजों की चाल चलती है. 3 दशकों से महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, लेकिन हर बार जब इसको पास कराने की बात आती है, तो मुंह फेर लेते हैं. इस बार भी वही हुआ है. यह देश के 70 करोड़ माता-बहनों के साथ धोखा है. आने वाले समय में इंडी गठबंधन की इसका खामियाजा सहना पड़ेगा. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना था. कांग्रेस और विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार का हनन किया. कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने बिल को पास होने नहीं दिया. महिला अधिकार की बात जब भी आई कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार के साथ गद्दारी की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के हितों की उपेक्षा की. समाजवादी पार्टी और आरजेडी ने हमेशा महिलाओं को गाली देने का काम किया. बिल पास नहीं के बाद विपक्ष के लोगों ने तालियां बजाई और खुशियां मनाई, जबकि हमारे आंखों में आंसू थे. कांग्रेस के लोग चालबाज हैं. कांग्रेस ने बहुत बड़ा पाप किया है. इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा.

रायपुर: उप मुख्यमंत्री साव ने मावा मोदोल लाइब्रेरी चारामा का शुभारंभ किया

रायपुर  प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूल और युवा कल्याण एवं  उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज  रविवार को कांकेर जिले के चारामा में मावा मोदोल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। लोकार्पण पश्चात उन्होंने लाईब्रेरी का अवलोकन कर वहां अध्ययनरत युवाओं से संवाद किया तथा  उनसे अपने विद्यार्थी जीवन को साझा करते हुए कहा कि लगन से पढ़ाई करें, सरकार जो सुविधाएं उपलब्ध करा रहीं है, उसका लाभ उठाए और सफल होकर अपने देश-प्रदेश व क्षेत्र का नाम रौशन करें। देश के प्रति हमेशा निष्ठावान रहें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी। कुल 43 लाख रूपए की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त लाईब्रेरी में एक साथ 75 विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंंगे।  इस मौके पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी विशेष रूप से उपस्थित थी। लाईब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार बच्चों के भविष्य को गढ़ने का कार्य किया जा रहा है। चाहे दिल्ली मे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना हो, अथवा प्रदेश में लाईब्रेरी व नालंदा परिसरों की स्थापना, विधार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समूचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। कांकेर जिले में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार बच्चों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, इसी कड़ी में आज मावा मोदोल लाईब्रेरी चारामा का शुभारंभ हो रहा है। पूरे क्षेत्र के बच्चे यहां अच्छे वातावरण में पढ़ाई कर अपना भविष्य गढ़ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों सहित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी युवाओं एवं उनके पालकों को अपनी शुभकामनाएं भी दी। समारोह को स्थानीय विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। मावा मोदोल लाईब्रेरी में अच्छी तैयारी कर बच्चे अपना भविष्य संवार सकते हैं। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ने अपने उद्बोधन में बताया कि जिले के सभी 11 तहसील मुख्यालय में मावा मोदोल लाईब्रेरी की स्थापना की जाएगी, ताकि उस क्षेत्र के बच्चे लाईब्रेरी में पढ़ाई कर उच्च पदों पर आसीन हो सके। कांकेर जिले का यह छंटवा लाईब्रेरी है, इससे पूर्व कांकेर, भानुप्रतापपुर, कोरर, दुर्गूकोंदल और अंतागढ़ में मावा मोदोल निःशुल्क लाईब्रेरी संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, नगर पंचायत चारामा के अक्ष्यक्ष भुनेश्वर नाग, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, सीईओ जिला पंचायत हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद, महेश जैन, उमादेवी शर्मा सहित गणमान्य नागरिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर विद्यार्थी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे ।

रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन

रायपुर.  बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा। दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा। बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा। सामाजिक और आर्थिक उत्थान बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। औद्योगिक और खनिज विकास बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल  कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी। "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" – उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव

ईरान का ट्रंप पर हमला, खामेनेई के आदेश पर होर्मुज खोला जाएगा, न कि ‘इडियट’ के कहने पर

तेहरान  ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा कूटनीतिक विवाद अब व्यक्तिगत हमलों और सोशल मीडिया वॉर में बदल गया है। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने एक वायरल समुद्री ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इडियट (मूर्ख) करार दिया है। इस तीखे हमले ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप से हुई, जो कथित तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना और समुद्र में मौजूद जहाजों के बीच रेडियो संचार की है। इस रिकॉर्डिंग में ईरानी नौसेना का एक अधिकारी इडियट शब्द का इस्तेमाल करता सुनाई दे रहा है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि ईरानी अधिकारी ने अपने ही विदेश मंत्री के लिए इस शब्द का प्रयोग किया है। ईरानी दूतावास का तीखा पलटवार इन दावों को खारिज करते हुए दक्षिण अफ्रीका में ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद कड़ा और सीधा पोस्ट किया। दूतावास ने लिखा, "ओ बेवकूफ, उसका मतलब तुम्हारे 'इडियट' राष्ट्रपति ट्रंप से था। बस गूगल पर 'इडियट' सर्च करके देख लो, तुम्हें समझ आ जाएगा कि वह कौन है।" दूतावास का यह बयान सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाता है, जो अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपनी विदेश नीति और घोषणाएं साझा करते रहते हैं। ऑडियो क्लिप में क्या था? मैरीटाइम चैनल 16 पर प्रसारित इस रेडियो संदेश में IRGC नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों को सख्त चेतावनी दी थी। संदेश में कहा गया, "यह चैनल 16 पर ईरानी सिपह नौसेना की कॉल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है। हम इसे हमारे इमाम खामेनेई के आदेश पर खोलेंगे, न कि किसी 'इडियट' के ट्वीट्स के आधार पर।" यह संदेश स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति ट्रंप के उन हालिया ट्वीट्स और बयानों पर कटाक्ष था, जिनमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले होने का दावा किया था। आम तौर पर दूतावास और राजनयिक मिशन इस तरह की अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से बचते हैं, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी ने ईरान के रुख को और अधिक आक्रामक बना दिया है। ईरान का यह हमला दर्शाता है कि वह कूटनीतिक मेज के साथ-साथ नैरेटिव की लड़ाई में भी पीछे नहीं हटना चाहता। इस निजी हमले के बाद फिलहाल वाइट हाउस या राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कमला हैरिस का आरोप, नेटन्याहू ने ट्रंप को ईरान युद्ध में घसीटा, ‘एपस्टीन फाइल्स’ से ध्यान भटकाने की कोशिश

वॉशिंगटन  अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ सैन्य संघर्ष में 'खींच लिया' और इसे 'एपस्टीन फाइल्स' से ध्यान भटकाने की एक 'कमजोर कोशिश' बताया।  मिशिगन डेमोक्रेटिक वीमेन कॉकस द्वारा शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कमला हैरिस ने इन शत्रुताओं को एक ऐसे युद्ध के रूप में बताया जिसे 'अमेरिकी लोग नहीं चाहते.' डेट्रॉइट में अपने संबोधन के दौरान, हैरिस ने प्रशासन के इरादों की और भी कड़ी आलोचना की और ट्रंप पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का इस्तेमाल घरेलू विवादों से ध्यान भटकाने के लिए करने का आरोप लगाया. उन्होंने मौजूदा नेतृत्व को अमेरिका के इतिहास का 'सबसे भ्रष्ट, संवेदनहीन और अक्षम' प्रशासन करार दिया।  प्रेसिडेंट के लीडरशिप स्टाइल के बारे में बताते हुए हैरिस ने कहा कि ट्रंप 'ऐसे घूमना चाहते हैं जैसे वह मजबूत हों और जिसे चाहें उसके खिलाफ अमेरिका की मिलिट्री की ताकत का इस्तेमाल करेंगे.' उन्होंने कहा कि यह तरीका विदेश नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव दिखाता है और दावा किया कि वह 'दूसरे विश्व युद्ध के बाद से किसी भी पार्टी के अमेरिका के पहले प्रेसिडेंट हैं जिन्होंने अमेरिका की जिम्मेदारी छोड़ दी है. हमारे गठबंधनों, हमारी दोस्ती को बढ़ावा देने और बचाने की।  पूर्व उप-राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक मानकों की अनदेखी करने वाले प्रशासन ने देश की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने 'अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानदंडों, जैसे कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के महत्व का दिखावा भी नहीं किया और असल में उसे नजरअंदाज कर दिया।  हैरिस के अनुसार इन कदमों ने अमेरिका को उसके सहयोगियों की नजर में 'अविश्वसनीय' बना दिया है और कुछ खास मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए हमारे पास जो भी प्रभाव था, उसे छीन लिया है.' विदेश नीति और सैन्य भागीदारी से हटकर उन्होंने अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और प्रजनन अधिकारों जैसे घरेलू मुद्दों पर भी बात की।  चुनावी राजनीति की ओर बढ़ते हुए हैरिस ने डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावनाओं पर भरोसा जताया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि पार्टी नवंबर में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों में जीत हासिल करेगी। 

तमिलनाडु हादसा: विरुधुनगर की पटाखा फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 18 जिंदगियां बुझीं

नई दिल्ली. तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 1 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। कैसे हुआ हादसा? एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विस्फोट फैक्ट्री के अंदर अचानक हुआ, जिसके बाद तेज धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया और आग तेजी से फैल गई। राहत और बचाव कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है। कैसे हुआ हादसा? शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि पटाखा बनाने के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही या केमिकल के गलत हैंडलिंग के कारण यह विस्फोट हो सकता है। हालांकि, घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने घटना पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है। तमिलनाडु में विरुधुनगर और शिवकाशी क्षेत्र पटाखा उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां पहले भी कई बार इस तरह के हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।