samacharsecretary.com

वनोपज से सशक्तिकरण: तेंदूपत्ता संग्रहण से 31,000 परिवारों को मिलेगा सहारा, तैयारियां पूरी

कोंडागांव. वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है। बस्तर में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, वन विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वन विभाग के अनुसार इस वर्ष बस्तर वृत्त को कुल 2 लाख 70 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है, संग्रहण कार्य अप्रैल से शुरू होकर मई तक चलेगा. एक अरब से ज्यादा भुगतान की संभावना अगर मौसम अनुकूल रहा और लक्ष्य पूरा हुआ, तो इस साल संग्राहकों को 1 अरब रुपये से अधिक भुगतान होने की संभावना है, पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण संग्रहण कम हुआ था और लगभग 61 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया था, तेंदूपत्ता संग्रहण दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में हजारों आदिवासी परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है, इस दौरान पूरा परिवार इस कार्य में जुटता है. संग्रहण की व्यवस्था संग्रहण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 75 समितियां बनाई गई हैं और 1710 खरीदी केंद्र तैयार किए गए हैं, इससे संग्राहकों को आसानी से तेंदूपत्ता बेचने की सुविधा मिलेगी, राज्य सरकार द्वारा प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, इसके साथ बोनस भी दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों की आय और बढ़ती है. विभाग का बयान मुख्य वन संरक्षक आलोक तिवारी ने बताया कि, संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, उन्होंने कहा कि, संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है.

अमृतसर की MLA जीवनजोत का संदेश: ‘संविधान ने सबको बराबरी दी’, बाबा साहब को श्रद्धांजलि

अमृतसर. संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती को समर्पित एक खास कार्यक्रम अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 21, रोज़ एवेन्यू (रसूलपुर) में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस मौके पर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से MLA जीवनजोत कौर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं और बाबासाहेब को सम्मान के फूल चढ़ाए। कार्यक्रम के दौरान इलाके के लोगों को संबोधित करते हुए MLA जीवनजोत कौर ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर ने देश को ऐसा संविधान दिया जिसने हर वर्ग को बराबर अधिकार दिए। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब के दिखाए रास्ते पर चलना और शिक्षा के प्रसार के लिए काम करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। यह इवेंट मेन रोड पर जोड़ा फाटक के पास हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में लोकल लोग और जाने-माने लोग शामिल हुए। ऑर्गनाइज़र ने आए हुए लोगों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर लोकल नेता और वार्ड नंबर 21 के रहने वाले लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को याद किया।

पीएमहेली सेवा के तहत ओरछा के लिए शुरू की गई पुष्पक विमान सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीएमहेली सेवा के रूप में ओरछा के लिए शुरू की गई पुष्पक विमान की व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाना हेली पर्यटन सेवा का उद्देश्य मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी का कई राज्य अनुसरण करने के इच्छुक पर्यटन से आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के अवसरों का भी होता है सृजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "पीएमहेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर भोपाल-चंदेरी-ओरछा हेलीकॉप्टर यात्रा का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान परशुराम जयंती की दीं मंगलकामनाएं राजधानी के स्टेट हेंगर पर हुआ कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि ओरछा में राजा के रूप में विराजमान हैं भगवान श्रीराम, के दर्शन के लिए पीएमहेली सेवा के रूप में ओरछा के लिए पुष्पक विमान की व्यवस्था की गई है। परशुराम जयंती के मंगल अवसर पर पर्यटन की दिशा में आज मध्यप्रदेश ऐतिहासिक कदम बढ़ा रहा है। आज भोपाल-ओरछा और चंदेरी सेक्टर के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ हो रहा है। आज जिन दो शहरों के लिए सेवा की शुरुआत की गई है, दोनों ही प्रदेश के विरासत स्थल हैं। चंदेरी का संबंध भी श्रीराम और श्रीकृष्ण से ही है। चंदेरी, पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी के रूप में विख्यात है। मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे एविएशन सेक्टर से महाराष्ट्र सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को राजधानी के स्टेट हैंगर से "पीएमहेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर यात्रियों को बोर्डिंग पास प्रदान किए तथा हेलीकॉप्टर को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाना हेली पर्यटन सेवा का उद्देश्य है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा अशोकनगर के प्रभारी राकेश शुक्ला, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय तथा फ्लाई ओला के एस.राम ओला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धा, साहस, पुरुषार्थ, पराक्रम, ज्ञानशीलता, दानशीलता और उद्दात चरित्र के धनी भगवान परशुराम ने सदैव अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। अपने साहस-पराक्रम और पुरुषार्थ के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले भगवान परशुराम जी हर युग में हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। ऐसे दिव्य व्यक्तित्व की जयंती पर प्रदेश को पीएम हेली पर्यटन सेवा समर्पित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों की सेवा के लिए समान रूप से कार्य कर रही है। इलाज के लिए जरूरतमंद लोगों को पीएमएयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश द्वारा ही आरंभ की गई है। मध्यप्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र बहुत विस्तृत है, प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, वाइल्ड लाइफ, पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। प्रदेश में आवागमन की दृष्टि से हेली पर्यटन सेवा, पर्यटकों का समय बचाने और यात्रा की रोचकता को बढ़ाने में सहायक होगी। इससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा, इन गतिविधियों के प्रोत्साहन से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का भी स्वत: संचालन होता है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में सभी ओर हवाई सेवाओं का विस्तार किया गया है। रेल, बस, सड़क के साथ जल यातायात पर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और पर्यटन स्थलों तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हेली पर्यटन सेवा सर्वप्रथम 'ओंकारेश्वर-महाकालेश्वर-इंदौर' सेक्टर में और कान्हा-बांधवगढ़-मैहर की माताजी-अमरकंटक-चित्रकूट में आरंभ हुई। आज हेली सेवा का तीसरा सेक्टर आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएमहेली पर्यटन सेवा के अंतर्गत चंदेरी से ओरछा का किराया 2,750 रुपए ,भोपाल से चंदेरी का 5,500 रुपये और भोपाल से ओरछा का किराया 6,500 रुपये रखा गया है। भोपाल से ओरछा का पैकेज 14 हजार 500 का है, जिसमें 13 हजार रुपये हेलीकॉप्टर का किराया, टैक्सी का शुल्क 1150 रुपए और दर्शन एवं प्रसाद के लिए 350 रुपए का भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा के संचालन में मैचिंग ग्रांट के अंतर्गत बड़ी राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, पर्यटकों की रुचि मध्यप्रदेश में बढ़ाने के उद्देश्य से मैचिंग ग्रांट के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल पीएमपहली पर्यटन सेवा के नए सेक्टर 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' के पहले यात्रियों अबधेश प्रसाद शुक्ला, श्रीमती रेवती शुक्ला और रमाशंकर शुक्ला को बोर्डिंग पास प्रदान किए। कार्यक्रम में बताया गया कि यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। पर्यटक https://www.flyola.in/ और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया गया।  

रायपुर: जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तब राज्य होता है मजबूत – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ से आत्मनिर्भरता को मिली नई रफ्तार हितग्राहियों को मिलेट कार्ट एवं चैक का किया गया वितरण रायपुर महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, समाज और पूरा राज्य मजबूत होता है। उन्होंने अपने निवास, नया रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ वितरण कार्यक्रम में यह उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ वितरित किए। इस अवसर पर श्रीमती शैलेन्द्री कुर्रे, श्रीमती डिगेश्वरी निषाद, श्रीमती अनिता ताण्डी, श्रीमती सुमन वर्मा, श्रीमती दीपाली राजपूत, श्रीमती दीपा सोनी, श्रीमती कामिनी बोथरा, श्रीमती सुभद्रा निर्मलकर, श्रीमती गीता साहू एवं श्रीमती प्रीति साहू सहित कई हितग्राही उपस्थित रहीं। मंत्री ने बताया कि ‘मिलेट्स कार्ट’ अभियान महिलाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।  कांकेर जिला के नरहरपुर ग्राम की श्रीमती लोकेश्वरी रसिया और अन्य महिलाये प्रतिदिन 2 से 3 हजार रुपये तक तथा प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, क्षमता और समान अवसर विकसित करने की सतत प्रक्रिया है। जब महिलाएं शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों का समग्र विकास होता है तथा राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होती है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित महिला कोष योजना और सक्षम योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला कोष योजना के तहत वर्ष 2003 से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पहली बार 2 लाख रुपये तक तथा समय पर पुनर्भुगतान करने पर दूसरी बार 6 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। वर्ष 2021 में राज्य सरकार द्वारा 12.77 करोड़ रुपये के पुराने ऋण माफ किए गए, जिससे लगभग 1 लाख महिलाएं पुनः ऋण लेने के लिए पात्र हुईं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में 10,500 महिलाओं को 10.70 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, वहीं 2023-24 में 2500 समूहों को 31 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार सक्षम योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 2.63 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर महिलाओं को व्यक्तिगत स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से महिलाएं पापड़ निर्माण, श्रृंगार सामग्री, किराना व्यवसाय सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर प्रतिमाह 1,000 से 5,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (08 मार्च 2026) के अवसर पर बस्तर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा ‘लक्ष्मी मिलेट्स कार्ट’ अभियान का शुभारंभ किया गया था। इस पहल के तहत राज्यभर में महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। विशेष रूप से नरहरपुर और कांकेर क्षेत्र की महिलाएं इस योजना से उल्लेखनीय आय अर्जित कर रही हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी अवधारणाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार की योजनाएं इस दिशा में ठोस परिणाम दे रही हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, साथी परियोजना के राष्ट्रीय समन्वयक श्री मनीष साहू, साथी परियोजना के नोडल अधिकारी प्रोफेसर गजेंद्र चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहे।

भारतीय जहाजों पर हमले के बाद ईरान को नई दिल्ली का चेतावनी भरा संदेश, नतीजे भुगतने होंगे

नई दिल्ली दो भारतीय क्रूड ऑयल जहाजों पर ईरानी नौसेना की गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने बताया कि जहाजों के एक केबिन की खिड़की का शीशा टूट गया। भारतीय अधिकारियों ने तेहरान को साफ संदेश दिया कि ऐसी किसी भी हरकत के नतीजे भुगतने पड़ेंगे। समझा जाता है कि भारत में ईरानी दूतावास और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच इस घटना को लेकर मतभेद है। सूत्रों ने बताया कि IRGC अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों पर टोल वसूलना चाहता है, जबकि भारतीय अधिकारी ऐसी मांग मानने को तैयार नहीं हैं। 2 भारतीय जहाजों (जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड) पर ईरानी नौसेना की ओर से गोलीबारी की यह घटना तब हुई है, जब ईरानी युद्धपोत IRIS लवान अभी भी कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है। यह भारत से शरण मांगकर आया था। इस युद्धपोत के 183 चालक दल सदस्यों में से लगभग 120 को पहले ही स्वदेश भेज दिया गया है, जबकि कुछ जरूरी कर्मी जहाज की देखभाल के लिए केरल के बंदरगाह पर रुके हुए हैं। इस ईरानी जहाज की ओर से भारत से शरण इसलिए मांगी गई क्योंकि उसका दूसरा युद्धपोत IRIS डेना 4 मार्च को श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी से हमला कर डुबो दिया गया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि IRGC स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा है, लेकिन एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत किसी भी तरह का टोल देने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि ईरानी गोलीबारी की इस घटना के नतीजे सामने होंगे। दोनों भारतीय जहाज बड़े क्रूड ऑयल टैंकर हैं और लाखों बैरल तेल ले जा रहे थे, जो शनिवार को ओमान के उत्तर में ईरानी नौसेना की गोलीबारी का शिकार हुए और उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वापस मुड़ना पड़ा। नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को किया तलब ईरान ने पहले कहा था कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष में शामिल न होने वाले देशों के जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। ताजा घटनाक्रम के बाद भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया और घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, भारतीय झंडे वाला बल्क कैरियर जग अर्णव सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था। वहीं, दूसरा जहाज सन्मार हेराल्ड इराक से क्रूड ऑयल लेकर भारत जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि भारत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गोलीबारी को बहुत गंभीरता से ले रहा है और देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खुली और स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करता है। ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल पारगमन गलियारों में से एक है, जिसमें वैश्विक क्रूड शिपमेंट का 20% हिस्सा गुजरता है। भारत उन देशों में शामिल है जिनके सबसे अधिक जहाज इस स्ट्रेट से गुजरते हैं, जो खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आयात पर उसकी निर्भरता को दर्शाता है। ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के बीच भारत को मित्र राष्ट्रों की सूची में रखा है, जिनके जहाजों को इस स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी जा रही है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को ड्रोन-मिसाइल हमलों की धमकी देकर रोका जा रहा है। “होर्मुज़ फिर से बंद”-VHF प्रसारण ने बढ़ाई दहशत घटना के दौरान कई जहाजों ने एक रेडियो प्रसारण सुना, जिसमें दावा किया गया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को “पूरी तरह बंद” कर दिया गया है। प्रसारण में कहा गया कि अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया है और किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। इस संदेश ने पूरे समुद्री क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके बाद कई जहाजों ने तुरंत अपनी दिशा बदल ली। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: ईरानी राजदूत तलब घटना के बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया और इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।   ईरान की सफाई और कूटनीतिक संतुलन की कोशिश इस बीच, ईरान की ओर से स्थिति को शांत करने की कोशिश भी दिखाई दी। भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें घटना के विस्तृत विवरण की जानकारी नहीं है और दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामला जल्द सुलझ जाएगा। समुद्री गलियारों में बढ़ता अनिश्चितता का साया होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय निगरानी तेज कर दी गई है। क्या कहा भारत ने ईरान से? भारत ने ईरान से साफ कहा कि वह इस घटना को गंभीरता से लेता है और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत की चिंता अपने देश के अधिकारियों तक पहुंचाएं और भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग को जल्द बहाल करें। क्या ईरान ने कोई जवाब दिया? बैठक में ईरान के राजदूत ने भारत की चिंताओं को सुना और भरोसा दिया कि वे इस संदेश को तेहरान तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की बात को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों तक तुरंत जानकारी दी जाएगी। होर्मुज का महत्व क्यों? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है। भारत जैसे देश, जो खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करते हैं, इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर डाल सकता है। क्या आगे हालात सुधरेंगे? भारत ने साफ किया है कि वह इस मार्ग … Read more

BCCI ने लिया बड़ा फैसला, अगरकर के नेतृत्व में 2027 तक रहेगा वर्ल्ड कप का सफर

मुंबई  भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा फैसला जल्द सामने आ सकता है. अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) को चीफ सेलेक्टर के तौर पर एक्सटेंशन मिलने की पूरी संभावना है. उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 में खत्म हो रहा है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) उन्हें आगे भी इस भूमिका में बनाए रखने के पक्ष में है।  सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड की नजर अब सीधे ICC वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर है और इसी को ध्यान में रखते हुए अगरकर को एक्सटेंशन देने का फैसला लगभग तय माना जा रहा है।  अगरकर के कार्यकाल को बोर्ड बेहद सफल मान रहा है. उनके समय में टीम इंडिया ने लगातार बड़े टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया. भारत ने ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2024, ICC चैम्प‍ियंस ट्रॉफी 2025 और ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे बड़े खिताब अपने नाम किए. इसके अलावा टीम ने ICC वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल तक का सफर तय किया था।  सूत्रों ने यह भी बताया कि अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया में स्मूथ ट्रांजिशन देखने को मिला है. सीनियर और यंग खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ सेलेक्शन में कई बड़े और साहसिक फैसले लिए गए, जिसने टीम को नई दिशा दी।  बोर्ड का मानना है कि टीम की 'फियरलेस अप्रोच' और लगातार सफलता के पीछे अगरकर की रणनीति और चयन नीति का बड़ा हाथ रहा है. यही वजह है कि BCCI अब उनके कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।  अगर यह फैसला आधिकारिक रूप लेता है, तो 2027 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया की चयन नीति की कमान एक बार फिर अजीत अगरकर के हाथों में ही रहेगी. अगरकर की बात की जाए तो वो जुलाई 2023 में भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर बने थे. उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट भी खेला था। 

BJYM ने जारी की पदाधिकारियों की लिस्ट, युवा चेहरों को दिया मौका, बोले- हम दिल से काम करेंगे

रायपुर  छतीसगढ़ में बीजेपी ने पार्टी की मजबूति के लिए नई नियुक्तियां की है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की गई। लिस्ट में बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला मंत्री का दायित्व गगन शर्मा को सौंपा गया है।  गगन शर्मा सिमगा के रहने वाले हैं और हिंदुवादी नेता के तौर पर उनकी पहचान है। वहीं गगन की क्षेत्र के साथ ही  आसपास में भी पकड़ है। इन्हीं  खूबियो के कारण उन्हें अब पार्टी ने जिला मंत्री युवा मोर्चा का जिम्मा सौंपा है। रमेश ठाकुर को रायपुर शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी जहां रमेश ठाकुर रायपुर शहर का जिला अध्यक्ष बनाए गए हैं वही श्याम नारंग को रायपुर ग्रामीण का जिला अध्यक्ष बनाया गया है। भिलाई में पुरुषोत्तम देवांगन को जिला अध्यक्ष बनाया गया है तो सूरजपुर जिले में मुरली सोनी को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। पदाधिकारियों ने जताया आभार भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में पद मिलने पर पदाधिकारियों ने पार्टी का आभार जताया है।उन्होंने कहा है कि वे पार्टी को नए मुकाम पर ले जाने के लिए दिल से काम करेंगे और कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। पार्टी के लिए काम करते हुए इनको काफी समय हो गया है औऱ अब पार्टी ने भरोसा जताकर इनको जिम्मेदारी सौंपी है। 

पंजाब में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: Barnala में 1.25 करोड़ की नई अनाज मंडी का उद्घाटन

बरनाला/धनौला. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा गांवों की सूरत बदलने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत भदौड़ MLA लाभ सिंह उगोके ने गांव कोटदुन्ना में करीब 11 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से अलग-अलग विकास कार्यों का उद्घाटन और नींव पत्थर रखा। MLA उगोके ने 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बनी नई मंडी लोगों को समर्पित की। कोटदुन्ना से जोगा तक 3.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क, जिसे 10 फीट से 18 फीट चौड़ा किया जा रहा है, का नींव पत्थर रखा गया। इसके अलावा, 1.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रही कोटदुन्ना से भैणी फत्ता तक की सड़क का काम भी शुरू किया गया। 5 करोड़ की लागत से बनने वाली कोटदुन्ना से पंधेर तक की सड़क का शिलान्यास भी किया गया और 1.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कोटदुन्ना से पंधेर तक की सड़क का शिलान्यास भी किया गया। इस मौके पर MLA उगोके ने कहा कि पंजाब सरकार गांवों के हर तरह के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। हम सिर्फ शिलान्यास नहीं कर रहे, बल्कि काम को प्रैक्टिकली पूरा करके लोगों को सौंप भी रहे हैं। सड़कों पर पत्थर लगा दिए गए हैं और आने वाले दिनों में सभी सड़कें पूरी हो जाएंगी। गांव कोटदुन्ना और आस-पास के गांवों के लोगों ने विकास के काम शुरू होने और अनाज मंडी की सुविधा मिलने पर पंजाब सरकार और MLA उगोके का खास तौर पर धन्यवाद किया। इस मौके पर गुरजोत भट्टल (चेयरमैन मार्केट कमेटी धनौला), निर्भय धौला (जिला परिषद सदस्य), सरपंच बलजिंदर सिंह किंदा, लखवीर कोटदुन्ना, मनप्रीत कोटदुन्ना, ब्लॉक अध्यक्ष नायब सिंह पंधेर और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।

बस्तर को मिली बड़ी सौगात: रावघाट-Jagdalpur रेल प्रोजेक्ट से विकास को मिलेगा नया ट्रैक

नारायणपुर. रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। करीब 140 किलोमीटर लंबी लाइन बस्तर को नए नेटवर्क से जोड़ेगी। इस कॉरिडोर में जगदलपुर, कोंडागांव, नारायणपुर और दल्लीराजहरा शामिल हैं। नारायणपुर इस परियोजना का अहम केंद्र बनकर उभर रहा है। अब तक सड़क पर निर्भर इलाका रेल सुविधा की ओर बढ़ रहा है। खनिज, वन उत्पाद और व्यापारिक परिवहन को सीधा लाभ मिलेगा। यात्रियों के लिए सफर आसान और समय कम होने की उम्मीद है। परियोजना की अनुमानित लागत 3513 करोड़ रुपये बताई गई है। रेल कॉरिडोर में 12 नए स्टेशन विकसित किए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया को तेजी दी जा रही है। वर्ष 2028 तक काम पूरा होने की संभावना जताई गई है। यह परियोजना बस्तर की विकास पटरी पर बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। बस्तर की बहुप्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है। भारतीय रेल ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टेंडर जारी कर दिया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस रेल लाइन के शुरू होने से बस्तर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बस्तर के विकास की ‘लाइफलाइन’ बनेगी रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन को बस्तर के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल क्षेत्र में यात्री परिवहन आसान होगा, बल्कि खनिज संपदा के परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से बस्तर के दूरस्थ इलाकों को मुख्यधारा से जोडऩे में मदद मिलेगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। 3513 करोड़ की मंजूरी बस्तर की बहुप्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। भारतीय रेल द्वारा एक ओर जहां इस प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टेंडर जारी कर निर्माण कार्य को गति दी गई है, वहीं केंद्र सरकार से 3513.11 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलने से यह परियोजना और तेज हो गई है। लगभग 140 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। इस टेंडर की अनुमानित लागत करीब 98.49 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। निविदा प्रक्रिया के तहत इच्छुक एजेंसियों को 8 मई 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। समयसीमा तय होने से अब परियोजना के कार्यों में गति आने की संभावना बढ़ गई है। पुल और ओवरब्रिज निर्माण से जुड़े अहम काम जारी निविदा के अनुसार रावघाट से जगदलपुर तक प्रस्तावित लगभग 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के एक महत्वपूर्ण हिस्से में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके तहत एक प्रमुख बड़ा पुल, छह छोटे पुल और दो रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा अन्य सहायक संरचनाओं का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे पूरी लाइन को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

अकाली राजनीति में बड़ा बदलाव: Waris Punjab De और अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने मिलाया हाथ

जालंधर. पंजाब की पॉलिटिक्स में एक अहम डेवलपमेंट में, अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ और शिरोमणि अकाली दल (पुनर् सुरजीत) के बीच चुनावी गठबंधन फाइनल हो गया है। दोनों पार्टियों की एक जॉइंट मीटिंग में, कोऑर्डिनेशन कमेटियों की ‘पंथक एकता कोऑर्डिनेशन कमेटी’ बनाई गई, जिसका कन्वीनर मनप्रीत सिंह अयाली को बिना किसी सहमति के चुना गया। मीटिंग के दौरान, नेताओं ने NSA खत्म होने के बावजूद मेंबर ऑफ पार्लियामेंट अमृतपाल सिंह को डिब्रूगढ़ जेल में रखने के फैसले की कड़ी निंदा की। इसके साथ ही, पिछले कई सालों से जेल में बंद सिंहों की तुरंत रिहाई की मांग भी उठाई गई। नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस मामले में सीरियस नहीं हैं और यह ह्यूमन राइट्स का वायलेशन है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका द्वारा न्याय देने में देरी से सिख समुदाय में निराशा पैदा हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। मीटिंग में दोनों पार्टियों ने पंजाब के हर तरह के विकास और पंथिक भलाई के लिए मिलकर काम करने का वादा किया। नेताओं ने कहा कि भविष्य में पंथिक मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी धर्मों के लोगों को बराबर सम्मान दिया जाएगा। इस मौके पर यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में धार्मिक, राजनीतिक, किसान और मजदूर संगठनों से बात करके चुनावी गठबंधन को और बढ़ाया जाएगा। मीटिंग में इकबाल सिंह झुंडा, गुरप्रताप सिंह वडाला, सुच्चा सिंह छोटेपुर, बाबू सिंह बराड़, परमजीत सिंह जोहल, परगट सिंह और रछपाल सिंह सोसन समेत दूसरे नेता भी मौजूद थे।