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सामूहिक विवाह समाज में समानता और सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय तरीका: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने हामूखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में 23 जोड़ों को दिया आशीर्वाद देवास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। इस मौके पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं।उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।  रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए। राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महंत रामेश्वर दास, महंत रामदास जी महाराज, महंत बालकनाथ जी महाराज, बालकृष्ण दास जी महाराज, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति महावीर नाथ जी महाराज, नारायण यादव, कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सानिध्य में सामूहिक विवाह संपन्न कराये गये।  

CM साय की पहल से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था होगी मजबूत, जशपुर समेत कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

रायपुर प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले सहित राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए व्यापक योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले के 133 गांवों, नगरों और टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। इससे किसानों, छात्रों और लघु व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी दैनिक गतिविधियां अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी। प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत जशपुर जिले में उच्च स्तरीय परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो राज्य के प्रमुख उच्च क्षमता उपकेंद्रों में शामिल होगा। इसके अतिरिक्त सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित विभिन्न स्थानों पर नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के उच्च क्षमता सब-स्टेशन भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय विद्युत वितरण प्रणाली और अधिक सशक्त होगी। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। प्रदेशवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

विधायक ने ग्राम मथनीबेड़ा में ‘अस्मिता परियोजना’ का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

रायपुर : विधायक ने ग्राम मथनीबेड़ा में 'अस्मिता परियोजना' का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का सशक्त अवसर रायपुर आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले के ग्राम मथनीबेड़ा में  शाम बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुलता उसेंडी द्वारा नीति आयोग मद से महत्वाकांक्षी पहल “अस्मिता परियोजना” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक ने कहा कि गांव के हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह कार्ययोजना बनाई गई है। “अस्मिता परियोजना” का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को व्यक्तिगत पोल्ट्री शेड प्रदान कर स्थायी एवं दीर्घकालिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना के तहत महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में सम्मानजनक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही गांव को पक्की सड़क की सुविधाएं मिलेगी और सरकार के मंशानुरूप गांव में सभी आवश्यक मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।  कलेक्टर ने कहा कि अस्मिता प्रोजेक्ट के तहत पायलेट प्रोजेक्ट मथनीबेड़ा गांव को चयनित किया गया है और पहले चरण में 07 महिला हितग्राहियों का चयन किया गया है और जल्द ही गांव के अन्य हितग्राहियों को भी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य नंदलाल राठौर सहित अन्य जनप्रतिनधियों ने भी संबोधित करते हुए इस पहल को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदई नाग, दीपेश अरोरा, प्रेम सिंह नाग सहित जनपद पंचाय सीईओ उत्तम महोबिया एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।  अस्मिता परियोजना यह परियोजना एक त्रिपक्षीय मॉडल पर आधारित है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन एवं निगरानी, महिला लाभार्थियों द्वारा संचालन एवं प्रबंधन तथा एबिस फूड एंड प्रोटीन्स द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले इनपुट, तकनीकी सहयोग एवं बाजार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अस्मिता परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं निरंतर फील्ड सपोर्ट प्रदान किया जाएगा, जिससे उत्पादन में वृद्धि एवं जोखिम में कमी सुनिश्चित हो सके। इस मॉडल से महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। परियोजना के तहत प्रति महिला लाभार्थी को वार्षिक लगभग 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय का लक्ष्य रखा गया है, वहीं मासिक औसत आय 12 से 13 हजार रुपये तक होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पोषण सुधार एवं प्रोटीन उपलब्धता बढ़ाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा भविष्य में सुकर पालन और मछली पालन को भी शामिल किया जाएगा।

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को मिला संबल, जीवन स्तर में आया बड़ा सुधार

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को संबल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिकों के जीवन स्तर में आया व्यापक सुधार बिलासपुर  श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है।  जिले ने राज्य स्तर पर कई श्रेणियों में अग्रणी स्थान भी हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों के जरिए कुल 42 हजार 316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 16 हजार 861 पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया। महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5 हजार 296 महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रसव सहायता के रूप में लगभग 10 करोड़ 59 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत 33 हजार 121 बच्चों को 6 करोड़ 43 लाख 62 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे जिले ने राज्य में पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14 हजार 757 विद्यार्थियों को लगभग 1 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 मेधावी विद्यार्थियों को 15 लाख 48 हजार रुपये प्रदान किए गए। निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 669 निर्माण श्रमिकों एवं उनकी संतानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा दी गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 हजार से 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत 28 बच्चों को कुल 11.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के सामान्य मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारियों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 2.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत जिले में 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि वितरित की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित पुत्रियों, जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, को 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में 2 हजार 814 पुत्रियों को कुल 5 करोड़ 62 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 59 से 60 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिले में 413 श्रमिकों को कुल 82 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना में जिले के 17 श्रमिकों को कुल 14 लाख 32 हजार रुपये प्रदान किए गए, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में इस योजना के अंतर्गत बृहस्पति बाजार, तिफरा फल-सब्जी मंडी, शनिचरी बाजार एवं एनटीपीसी क्षेत्र में कुल चार केंद्र संचालित हैं। वित्तीय वर्ष में 4 लाख 20 हजार 826 लोगों को लाभान्वित किया गया, जिससे बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत महिला एवं पुरुष श्रमिकों को क्रमशः 3706 रुपये एवं 3697 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। जिले में 1248 श्रमिकों को कुल 46 लाख 23 हजार 9 रुपये वितरित किए गए।मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 66 महिला श्रमिकों को 5 लाख 21 हजार 400 रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 3443 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 9 हजार 98 रुपये प्रदान किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 2634 श्रमिकों को कुल 39 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिलासपुर जिले ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। रचना//

मध्यप्रदेश में 33 अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक, जानें कौन-कौन सी कालोनियां प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में 24 नई अवैध कॉलोनियों के मामले में डेवलपर्स को नोटिस जारी किए हैं। एक साल पहले भी प्रशासन ने 70 कॉलोनी को नोटिस देने के बाद एफआइआर की कार्रवाई की थी, हालांकि इसके बाद जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया। प्रशासन की ओर से इनकी नामजद सूची जारी की गई है। बावजूद इसके अवैध कॉलोनियों का विकास नहीं रुक रहा है। एक्सपर्टस का कहना है कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त करें। 33 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक 70 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जबकि 63 लोगों पर नामजद एफआइआर दर्ज की है। प्रशासन की ओर से 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी गई है। हताईखेड़ा और रोलूखेड़ी जैसे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया है। अवैध कॉलोनियों की अधिकता वाले क्षेत्रों में रातीबड़, नीलबड़, पिपलिया बरखेड़ी, अमरावदकलां, शोभापुर, रोलूखेड़ी, कानासैय्या, कालापानी, पचामा, थुआखेड़ा, छावनी पठार, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, सेवनिया ओंकारा, कोलुआ खुर्द, हथाईखेड़ा, रायसेन रोड, बिशनखेड़ी, कलखेड़ा, करोंद, संतनगर, भौंरी आदि शामिल है। जैसा मैंने कहा है कि राजधानी में अवैध कालोनी समेत अतिक्रमण अवैध निर्माण को लेकर पूरी जानकारी एकत्रित कर रहा हूं। इसके बाद हम तेजी से कार्रवाई शुरू करेंगे।  प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर यहां विकसित अवैध कॉलोनियां पर मई में फैसला अरेडी में तीन कॉलोनियां ईंटखेड़ी में पांच कॉलोनियां हज्जामपुरा में एक कॉलोनी बसई में एक कॉलोनी अचारपुरा में छह कॉलोनी बदरखां सड़क में एक कॉलोनी बांसिया में एक कॉलोनी अमझरा में एक कॉलोनी परेवाखेड़ी में एक कॉलोनी सेवनियां ओंकारा में दो कॉलोनी मुबारकपुरा मे एक कॉलोनी 40 मकान मालिकों को ननि का नोटिस नगर निगम ने साकेत नगर 9ए में अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने करीब 40 निवासियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने अपनी स्वीकृत भवन सीमा से चार मीटर बाहर तक निर्माण कर लिया है। वार्ड 54 (जोन 13) के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के कई मकान मालिकों ने अपनी निर्धारित सीमा के बाहर किचन गार्डन और पार्किंग शेड बनाकर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इन विस्तारों के कारण मुख्य सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे वहां से चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सर्वे में अतिक्रमण की पुष्टि बीते माह ए्स इलाके में अवैध निर्माण के छज्जा गिरने से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बाद इलाके के रहवासियों द्वारा बारबार शिकायतों की जा रही थीं। साथ ही सड़क बाधित होने का मुद्दा उठाया था। विस्तृत जांच के बाद, निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सर्वे में उल्लंघन की पुष्टि की। शुरुआत में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निवासियों ने पालन नहीं किया। निगम अधिनियम, 1956 की धारा 322 के तहत नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों ने एक सप्ताह की समय सीमा दी है। लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाए तो निगम हटाएगा। पार्षद ने कहा- स्वयं हटा लें अवैध निर्माण नोटिस मिलने के बाद प्रभावित रहवासियों ने स्थानीय पार्षद जितेंद्र शुक्ला से हस्तक्षेप की गुहार लगाई। पार्षद ने अन्याय न होने का आश्वासन तो दिया।

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, 20 अप्रैल को इन जिलों में हो सकती है बारिश

भोपाल  मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषम गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम पलटी मारता नजर आ रहा है। राज्य में मौसम का मिला जुला असर देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के अलग-अलग हालात बन रहे हैं। एक तरफ जहां कुछ जिले लू की चपेट में हैं तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर बादल और बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एक तरफ जहां रविवार को प्रदेश के टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बदलते मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि यहां अबतक तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। इन जिलों में बारिश की संभावना अप्रैल में दूसरी बार बारिश जैसे हालात बनने की संभावना है। इससे पहले महीने की शुरुआत में पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल चुका है। अब करीब 10 दिन बाद एक बार फिर मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की उम्मीद है। इनमें बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, पाढ़ूर्णा और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। ऐसे में संबंधित जिलों के वासियों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। रतलाम रहा सबसे गर्म वहीं, बीते 24 घंटों के मौसम पर गौर करें तो सबसे ज्यादा गर्मी रतलाम में पड़ी। यहां सीजन का सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ये प्रदेश में इस साल पहली बार है, जब पारा 44 डिग्री पर पहुंचा है। इसके बाद उमरिया में 43.8 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इन जिलों को भीषण गर्मी वाले जिले कहा जा सकता है। इन जिलों में भी पारा 40 पार वहीं, अन्य जिलों की बात करें तो छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 42.9 डिग्री सेलिसियस रिकॉर्ड हुआ, इसके अलावा गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह-नौगांव में 42.5 डिग्री और टीकमगढ़-सतना में 42.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल और मई साल के सबसे गर्म महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार बार-बार मौसम सिस्टम सक्रिय होने से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी में बरतें सावधानी -दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं -दोपहर की तेज धूप से बचें -हल्के और सूती कपड़े पहनें -बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

हरियाणा की बेटी का जलवा: Ritu को एशियन गेम्स में मिली टीम इंडिया कबड्डी की कमान

चरखी दादरी. अगले सप्ताह चीन में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में बीच कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा देखने को मिलेगा। चीन में आयोजित एशियन गेम्स के लिए चयनित भारतीय महिला कबड्डी टीम में छह में से कप्तान सहित तीन खिलाड़ी हरियाणा से हैं। जिनमें एक चरखी दादरी जिले से व दो हिसार की खिलाड़ी शामिल है। भारतीय टीम में आधे खिलाड़ी छोटे से प्रदेश हरियाणा से हैं जो गर्व की बात है। उल्लेखनीय है कि चीन में 22 से 27 अप्रैल तक छठे एशियन बीच गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए चयनित छह सदस्यीय टीम में तीन हरियाणा से है। इस टीम में चरखी दादरी से रितु श्योराण, हिसार जिले से मनीषा कुमारी और निकिता चयन हुआ है। इसके अलावा बची हुई तीन खिलाड़ी अलग-अलग प्रदेश राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से हैं। टीम में रितु राइटर कार्नर, मनीषा लेफ्ट कार्नर और निकिता रेडर की भूमिका निभाएंगी। टीम के खिलाड़ियों को देखकर एशियन बीच गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। हरियाणा से चयनित कई खिलाड़ी छह सदस्यीय महिला कबड्डी टीम में से तीन खिलाड़ी हरियाणा से चयनित की गई हैं। वहीं पुरुष टीम में भी हरियाणा के सोनीपत जिले के नीरज नरवाल को शामिल किया गया है। जो प्रदेश की मजबूत खेल संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाता है। खास बात यह है कि महिला टीम की कमान चरखी दादरी की उभरती खिलाड़ी रितू श्योराण को सौंपी गई है, जिससे जिले और प्रदेश में खुशी का माहौल है। वाइब्रेंट एकेडमी निदेशक मास्टर नवीन श्योराण के अनुसार बीच कबड्डी में चार खिलाड़ी खेलते हैं और दो अतिरिक्त होते हैं। उसी के चलते छह सदस्यीय टीम का चयन हुआ है। रितु श्योराण विश्वकप टीम का थी हिस्सा दादरी जिले के बिलावल निवासी रितु श्योराण वाइब्रेंट एकेडमी हंसावास खुर्द में अभ्यास करती हैं। वे बीते दिनों हुए महिला कबड्डी विश्वकप टीम का हिस्सा थी जिसमें भारत को जीत मिली थी। अब वे भारतीय टीम की कप्तान चुनी गई है। जो राइट कार्नर खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। रितू का चयन कप्तान के रूप में होना उनके निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी उनके चयन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। महिला टीम में हिसार जिले के भिवानी रोहिल्ला निवासी मनीषा और हसनगढ़ निवासी निकिता को भी शामिल किया गया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। हरियाणा की इन तीनों खिलाड़ियों के एक साथ टीम में शामिल होने से प्रदेश के खेल प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों का तालमेल और अनुभव टीम के लिए फायदेमंद साबित होगा और देश को एशिन बीच गेम्स कबड्डी प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल करेगा। खिलाड़ी     खेल पोजीशन     निवासी रितु श्योराण     राइट कार्नर     चरखी दादरी, हरियाणा मनीषा कुमारी     लेफ्ट कार्नर     हिसार, हरियाणा निकिता     रेडर     हिसार, हरियाणा मनप्रीत कौर     आलराउंडर     राजस्थान सिमरन कंबोज     रेडर     पंजाब निकिता चौहान     आलराउंडर     हिमाचल प्रदेश

अमरनाथ यात्रा में भारी उत्साह: 2 लाख रजिस्ट्रेशन, पहले जत्थे की सीटें 3 दिन में ही भर गईं

चंडीगढ़. अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुकी है और भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के पंजीकरण करवा रहे हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि यात्रा के पहले जत्थे का कोटा पूरा हो गया है और मात्र 3 दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवा लिया है। जानकारी मिली है कि इस बार पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है जिस कारण इस बार भारी संख्या में श्रद्धालुओं के अमरनाथ जाने की संभावना है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। बता दें कि 15 अप्रैल से यात्रियों का पंजीकरण शुरू किया गया है। वहीं यात्रा के लिए 13 साल से कम और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा व्यवस्था, आवास और परिवहन सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। पिछले वर्षों के मुकाबले पंजीकरण की रफ्तार तेज बताया जा रहा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शुरुआती दिनों में ही पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है, जिससे यात्रा के दौरान रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हर शहरों से पंजीकरण के लिए शिवभक्तों की कतारों की तस्वीरें सामने आ रही हैं। ई-केवाईसी पूरा करें, आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करें श्राइन बोर्ड के अनुसार, समूह पंजीकरण के बाद यात्रियों को निर्धारित केंद्रों पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रेडियो फ्रीक्वेंस आईडेंटीफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड प्राप्त करना होगा। बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के डोमेल-बालटाल या चंदनवाड़ी के प्रवेश द्वार से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजो और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें ताकि यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

छत्तीसगढ़ में बड़ा एग्री स्कैम: Bastar के खाद-बीज घोटाले में अफसरों पर शक, करोड़ों की जांच तेज

बकावंड. बस्तर जिले के बकावंड क्षेत्र में कृषि योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। किसानों को मिलने वाले खाद, बीज और कृषि किट में भारी अनियमितता सामने आई है। शिकायत के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कागजों में खरीदी दिखाई गई। विभिन्न जनपद पंचायतों के अफसरों और एजेंसियों की भूमिका जांच में है। दस्तावेजों में वितरण दिखाकर सरकारी राशि निकालने का आरोप लगाया गया है। जमीनी स्तर पर कई किसानों तक सामग्री पहुंची ही नहीं बताई जा रही है। अब बिल, वाउचर और स्टॉक रिकॉर्ड विभागों से तलब किए गए हैं। भौतिक सत्यापन के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। स्थानीय किसानों ने कहा योजना का लाभ उन्हें कभी नहीं मिला। प्रशासन ने गड़बड़ी साबित होने पर वसूली की चेतावनी दी है।कृषि सहायता योजना अब भ्रष्टाचार के कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।

महिला आरक्षण बिल पर TMC और कांग्रेस का गठजोड़, पीएम मोदी ने उठाए सवाल

बिष्णुपुर  पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल पास कराने के समय टीएमसी ने कांग्रेस के साथ मिलकर इसका विरोध किया, जिससे बंगाल की बहनों और बेटियों की उम्मीदों को झटका लगा. अपने संबोधन में उन्होंने महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा को भाजपा की पहचान बताया और कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।  उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की भूमिका बढ़ाना जरूरी है और राजनीति में उनकी भागीदारी भी मजबूत होनी चाहिए. इसी के साथ पीएम मोदी ने टीएमसी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के अनुकूल नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ भाजपा महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने इस दिशा में सहयोग नहीं किया।  रैली के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश और दुनिया में उनका सम्मान होता है, लेकिन टीएमसी पर उनके सम्मान को लेकर सवाल उठते हैं. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, तब जो घटनाक्रम हुआ, उसे पूरे देश ने देखा. इसके साथ ही पीएम ने टीएमसी पर घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने और कानून-नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया, साथ ही धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश को संविधान की भावना के खिलाफ बताया।  सभा में कई जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि 'मातृ शक्ति भरोसा कार्ड' के जरिए बंगाल की हर बहन को साल में 36,000 रुपये दिए जाएंगे. महिला सशक्तिकरण के रोडमैप को सामने रखते हुए बताया गया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद मिलेगी, वहीं संतान होने पर केंद्र सरकार की ओर से भी 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।  बेटियों के भविष्य और उनकी शिक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50,000 रुपये की मदद देने का बड़ा वादा किया. गरीबों के हक की बात करते हुए मंच से साफ किया गया कि बंगाल की जनता को अब अपने राशन की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बीजेपी की सरकार आते ही सबको मुफ्त राशन मिलेगा और कोई उसे छीन नहीं पाएगा. इसके साथ ही, सिर पर पक्की छत का सपना पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को 1.5 लाख रुपये तक की सहायता देने की बात कही गई. स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया गया कि आयुष्मान भारत योजना लागू होते ही हर महिला को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलना शुरू हो जाएगा, जिसे वर्तमान सरकार ने रोक रखा है।  अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने आयुष्मान योजना को रोका हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार बनने पर 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था पर सख्ती की बात कही और लोगों से अपील की कि वे सही और गलत के बीच फर्क समझकर निर्णय लें. उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।