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पचपदरा रिफाइनरी में आग से मची अफरातफरी, कल पीएम मोदी करने वाले थे उद्घाटन, सीएस पहुंचे मौके पर

बालोतरा  राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब अगले ही दिन 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम निर्धारित है। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और रिफाइनरी प्रबंधन में हलचल तेज हो गई।   प्रोसेसिंग यूनिट में लगी आग प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग रिफाइनरी की एक प्रोसेसिंग यूनिट में लगी है। घटना के बाद परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। आग किस कारण से लगी, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। तकनीकी टीम और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और कारणों की जांच में जुटी हुई हैं। दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग काफी तेज थी और उसका घना धुआं करीब एक किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।   राहत और बचाव कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए तुरंत मोर्चा संभाला। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आग को अन्य यूनिटों तक फैलने से रोका जा सके। 2013 में रखी गई थी रिफाइनरी की आधारशिला रिफाइनरी की आधारशिला सबसे पहले 22 सितंबर, 2013 को सोनिया गांधी ने राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान रखी थी, जिसकी शुरुआती अनुमानित लागत 37,230 करोड़ रुपये थी। सरकार बदलने के बाद, PM मोदी ने 16 जनवरी, 2018 को इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया और इसकी लागत को संशोधित करके 43,129 करोड़ रुपये कर दिया। लोकार्पण की तैयारियों के बीच 'अग्निपरीक्षा' जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को रिफाइनरी की एक विशेष यूनिट में अचानक स्पार्किंग या अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। कल होने वाले प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूरी रिफाइनरी को छावनी में तब्दील किया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने तकनीकी टीम और प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं। फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय, बुझाने के प्रयास तेज आग लगते ही रिफाइनरी का इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर मौजूद दर्जनों दमकल गाड़ियां और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। धुएं की तीव्रता इतनी अधिक है कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। रिफाइनरी के उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुँच चुके हैं और स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यहां भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए एसपीजी (SPG) और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा है। लोकार्पण से ठीक पहले हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:     क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में चूक?     क्या कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा? (हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।     रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है? अधिकारियों में मचा हड़कंप, कारणों का खुलासा नहीं फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान रिफाइनरी के तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।   उद्घाटन कार्यक्रम पर पड़ सकता है असर बताया जा रहा है कि 21 अप्रैल को सुबह करीब 11:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस रिफाइनरी का औपचारिक उद्घाटन किया जाना था। ऐसे में आग लगने की इस घटना ने प्रशासन और प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि इस हादसे का उद्घाटन कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है।   अधिकारियों की नजर स्थिति पर फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाना और किसी भी तरह के बड़े नुकसान को टालना है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आग पर नियंत्रण पाने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यहां भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए एसपीजी (SPG) और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा है। लोकार्पण से ठीक पहले हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:     क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में चूक?     क्या कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा? (हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।     रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है? अधिकारियों में मचा हड़कंप, कारणों का खुलासा नहीं फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान रिफाइनरी के तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

Raipur Update: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ की रखी नींव

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में हुआ प्लेन क्रैश, पहाड़ी से टकराने के बाद आग की लपटें, पायलट-को-पायलट की मौत की आशंका

जशपुर  छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के आरा पहाड़ से एक प्राइवेट विमान के टकराने की सूचना है। दरअसल, यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के टकराते ही पहाड़ के हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते चारों ओर धुएं का काला गुबार छा गया।इस हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत की आशंका जताई जा रही है। पहाड़ से टकराते ही विमान बना आग का गोला जशपुर-नारायणपुर क्षेत्र के पास यह हादसा हुआ है, जहां अनियंत्रित होकर विमान सीधे पहाड़ के सीने से जा टकराया। स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जिसमें आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रवाना घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए हैं। SSP लाल उमेंद खुद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए निकल चुके हैं।पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) में जुट गई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे के पास पहुंचने की कोशिश की जा रही है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। हताहतों की संख्या पर सस्पेंस बरकरार गौरतलब है कि अभी तक विमान में सवार कुल लोगों की संख्या या इस हादसे में जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल आग पर काबू पाने और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। जांच के बाद खुलेगा राज बता दें कि यह विमान किसका था और इसने कहां से उड़ान भरी थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और घायलों को निकालने के लिए एंबुलेंस भी मौके पर तैनात है।

कुराली में ड्रग्स व ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार का आयोजन

मोहाली ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, हरमनदीप सिंह हंस, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, जिला SAS नगर और नवनीत सिंह महल, सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ट्रैफिक की गाइडलाइन के अनुसार, करनैल सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ट्रैफिक ने खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुराली (तहसील खरड़, जिला SAS नगर) में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार के दौरान, करनैल सिंह ने अपील की कि पंजाब सरकार के “ड्रग्स के खिलाफ जंग” अभियान के तहत हर नागरिक की भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी ड्रग ट्रैफिकिंग या ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत WhatsApp नंबर 9779100200 पर बता सकते हैं या पुलिस हेल्पलाइन 112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क कर सकते हैं, ताकि ड्रग तस्करों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके और नशे के आदी लोगों का इलाज किया जा सके। उन्होंने लोगों को ड्रग्स के भयानक नुकसान के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया और कहा कि लापरवाही से गाड़ी चलाने से जान-माल का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अगर 18 साल से कम उम्र के बच्चे गाड़ी चलाते हैं, तो माता-पिता को 3 साल तक की जेल और 25,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, नाबालिग को गाड़ी देने वाले को भी इसी तरह की सज़ा हो सकती है। इस मौके पर गाड़ी चलाने वालों को सरकार की “गुड सेमेरिटन” स्कीम के बारे में भी बताया गया। बताया गया कि “फरिश्ते स्कीम” के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को 2000 रुपये का इनाम दिया जाता है। करनैल सिंह ने स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स में शामिल होने के लिए मोटिवेट किया और उनसे अपील की कि वे अपने परिवार वालों को भी ड्रग्स से दूर रहने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने और तेज़ रफ़्तार से गाड़ी न चलाने के लिए जागरूक करें। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल करमजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज ASI जगत सिंह, ASI यशपाल सिंह, ASI दविंदर सिंह, हवलदार दविंदर सिंह और स्कूल का दूसरा स्टाफ मौजूद था।

नेशनल फायर सर्विसेज वीक के 82वें संस्करण का समापन, अवॉर्ड सेरेमनी में सम्मानित किए गए कर्मी

बटाला लोकल फायर ब्रिगेड ने भारत सरकार, पंजाब सरकार और कमिश्नर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डायरेक्शन में और स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में, 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चले “82वें नेशनल फायर सर्विसेज वीक” के खत्म होने पर आज “फीस्ट ऑफ ऑनर” ऑर्गनाइज़ किया। इस मौके पर चीफ गेस्ट असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गेस्ट सुपरिंटेंडेंट राजू, सैनिटरी इंस्पेक्टर विकास, सुपरिंटेंडेंट पलविंदर मिंग, हेड ड्राफ्ट्समैन अजैब सिंह, बिल्डिंग इंचार्ज धीरज कुमार (सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से) के साथ फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स और फायर ब्रिगेड और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी स्टाफ मौजूद थे। इस मौके पर फायर ऑफिसर राकेश शर्मा ने क्लोजिंग सेरेमनी में मौजूद सभी का स्वागत किया और बताया कि इस साल की थीम, “सेफ स्कूल, सेफ हॉस्पिटल और फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक समाज, बुरी आग की घटनाओं को रोकना” के अनुसार, इसकी शुरुआत एक श्रद्धांजलि समारोह से हुई और बाद में स्कूलों, फैक्ट्रियों, प्लांट्स, घरों, प्रिंट मीडिया के जरिए इलाके के लोगों को जागरूक किया गया। बाद में असिस्टेंट कमिश्नर राजिंदर शर्मा और सुपरिंटेंडेंट पलविंदर सिंह ने तारीफ करते हुए कहा कि हर साल की तरह इस साल भी फायर ब्रिगेड बटाला पूरे पंजाब में नंबर वन रहा, जिसने पूरे हफ्ते जागरूकता फैलाई। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बटाला शहर के आसपास आग लगने की घटनाएं हुई थीं, जिसमें फायर ब्रिगेड के जवानों ने बड़ी हिम्मत, मेहनत और समझदारी से जान-माल के नुकसान को कम किया। इस दौरान कई कीमती जानें बचाईं, और लोगों से अपनी सेफ्टी के प्रति जागरूक रहने की भी अपील की। ​​आए हुए मेहमानों को यादगार तोहफे दिए गए।  

रेलवे ने कबाड़ बेचकर ₹6,800 करोड़ की कमाई की, 168% की वृद्धि से तोड़े सभी रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने अपनी वित्तीय सुदृढ़ता की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. वित्त वर्ष 2025-26 के समापन पर जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने स्क्रैप (कबाड़) की बिक्री से कुल 6,813.86 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है. यह आंकड़ा रेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित 6,000 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य से लगभग 13.5 प्रतिशत अधिक है।  लगातार दूसरे वर्ष लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन रेलवे की यह सफलता कोई आकस्मिक घटना नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के कुशल मुद्रीकरण की दिशा में चल रहे व्यवस्थित प्रयासों का परिणाम है. पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में भी रेलवे ने 5,400 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,641.78 करोड़ रुपये की कमाई की थी. अधिकारियों के अनुसार, अनुपयोगी रेल पटरियों, पुराने इंजनों, कोचों और वैगनों के पारदर्शी ई-ऑक्शन के कारण राजस्व में यह निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।  गैर-किराया राजस्व (NFR) में 168% की भारी वृद्धि रेलवे के लिए स्क्रैप की बिक्री न केवल आय का स्रोत बनी है, बल्कि इसने गैर-किराया आय) को भी मजबूती दी है. रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञापन, स्टेशन पुनर्विकास और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाली आय वित्त वर्ष 2021-22 के 290 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 777.76 करोड़ रुपये हो गई है. यह पांच वर्षों में लगभग 168 प्रतिशत की शानदार वृद्धि है. इस वर्ष के लिए NFR का लक्ष्य 720.85 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसे रेलवे ने सफलतापूर्वक पार कर लिया है।  बिना टिकट यात्रियों से वसूले 148 करोड़ रुपये बिना टिकट यात्रा करने वालों पर सख्ती बढ़ाकर 148 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं. माल ढुलाई में भी जोन ने 21 मिलियन टन से ज्यादा माल पहुंचाकर नया रिकॉर्ड बनाया है। उत्तर मध्य रेलवे के रेलवे यार्ड, वर्कशॉप और ट्रैक के किनारे पड़ी पुरानी लोहे की चीजें, पुराने सामान और बेकार माल को नीलामी के जरिए बेचा गया, रेलवे ने इसे “कबाड़ से जुगाड़” का नाम दिया है. इस अभियान से सिर्फ पैसे ही नहीं आए, बल्कि रेलवे के स्टेशन और यार्ड साफ-सुथरे भी हो गए हैं।  इसके अलावा, रेलवे ने बिना टिकट यात्रा पर बड़ी सख्ती की. विशेष टिकट चेकिंग ड्राइव चलाकर बिना टिकट यात्रा करने वालों से 148 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया. अब रेलवे नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने की व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है।  पर्यावरण और संचालन को लाभ स्क्रैप मुद्रीकरण की इस प्रक्रिया ने न केवल खजाने को भरा है, बल्कि परिचालन दक्षता में भी सुधार किया है. यार्डों, वर्कशॉप और डिपो में सालों से पड़े कबाड़ के हटने से बहुमूल्य जगह खाली हुई है, जिससे रेलवे परिसरों में सुरक्षा और स्वच्छता बढ़ी है. साथ ही, स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग के माध्यम से रेलवे अपने पर्यावरणीय लक्ष्यों (Waste-to-Wealth) को भी पूरा कर रहा है।  यात्रियों पर बिना बोझ डाले ढांचागत विकास सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अतिरिक्त आय का उपयोग रेल बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए किया जाएगा. टिकट की दरों में वृद्धि किए बिना यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, जैसे आधुनिक स्टेशन आउटलेट, बेहतर सुरक्षा प्रणालियां और डिजिटल सेवाएं प्रदान की जा रही हैं. वर्तमान में रेलवे नेटवर्क पर 22 प्रीमियम ब्रांडेड आउटलेट्स आवंटित किए जा चुके हैं, जो भविष्य में आय के नए द्वार खोलेंगे। 

IPL 2026: वरुण का ‘दोहरा शतक’ और वैभव का विकेट, टी20 क्रिकेट में नया रिकॉर्ड

 नई दिल्ली वरुण चक्रवर्ती ने दमदार वापसी करते हुए रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए शानदार स्पेल डाला और राजस्थान रॉयल्स को 155/9 के स्कोर पर रोक दिया. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में उन्होंने इतिहास भी रच दिया. वरुण चक्रवर्ती अब T20 क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले सबसे तेज भारतीय स्पिनर बन गए हैं. उन्होंने यह उपलब्धि सिर्फ 155 पारियों में हासिल की, जिससे उन्होंने Kuldeep Yadav (160 पारियां) का रिकॉर्ड तोड़ दिया।  सबसे तेज 200 T20 विकेट लेने वाले भारतीय (पारियों के हिसाब से) * अर्शदीप सिंह – 151 * वरुण चक्रवर्ती – 155 * कुलदीप यादव – 160 * जयदेव उनादकट – 162 * मोहम्मद शमी – 165 कैसे आया ऐतिहासिक विकेट? चक्रवर्ती ने अपना 200वां विकेट वैभव सूर्यवंशी को आउट कर हासिल किया. उन्होंने अपनी पहली ही ओवर में फ्लाइटेड गेंद पर बल्लेबाज़ को फंसाया, जहां डीप मिडविकेट पर Ramandeep Singh ने कैच पकड़ा. राजस्थान ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए तेज शुरुआत की. Yashasvi Jaiswal और सूर्यवंशी ने पावरप्ले में 63 रन जोड़े. चक्रवर्ती ने 3/14 का शानदार स्पेल डाला. उन्होंने एक ही स्पेल में लगातार ओवर डालते हुए राजस्थान की कमर तोड़ दी।  इस मुकाबले की बात करें तो राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. लेकिन जैसे ही वैभव और सूर्यवंशी का विकेट गिरा. केकेआर के गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया और पूरी टीम को 155 के स्कोर पर ही रोक दिया।  वरुण ने कमाल की गेंदबाजी की. उनके लिए ये स्पेल इसलिए भी शानदार है क्योंकि लंबे समय से वरुण फॉर्म में नहीं दिखे हैं. विकेटों के लिए उन्हें जूझते पाया गया है, जिसका खामियाजा केकेआर को भी भुगतना पड़ा. केकेआर इकलौती टीम है जिसे इस सीजन जीत के लिए तरसना पड़ा है. लेकिन अब धीरे-धीरे केकेआर की टीम रंग में दिख रही है।   

Census Update: घर के हर कोने पर नजर, गाड़ियों तक का हिसाब मांगेगी जनगणना टीम

अररिया. जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इस बार की जनगणना पहले से ज्यादा आधुनिक और डिजिटल होगी। इसके लिए सिकटी में 16 से 24 अप्रैल तक जनगणना करने वाले प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रखंड स्तरीय चयनित तीन केंद्रों पर 6 मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण जारी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अनुसार प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे, जिनके आधार पर देश और राज्य की विकास योजनाओं की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार लोग खुद भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक स्व-गणना का विकल्प दिया गया है, जबकि दो मई से 31 मई तक प्रगणक हर घर पहुंचकर जानकारी जुटाएंगे। घर की कहानी भी, परिवार की जुबानी भी इस जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती ही नहीं होगी, बल्कि घर की पूरी कहानी दर्ज की जाएगी। मकान की दीवार, छत और फर्श किस सामग्री के बने हैं, घर खुद का है या किराये का, कितने कमरे हैं, ऐसी बारीक जानकारी भी ली जाएगी। पानी कहां से आता है, शौचालय है या नहीं, किस तरह का है, खाना किस ईंधन से बनता है- एलपीजी, लकड़ी या अन्य साधन – ये सभी सवाल पूछे जाएंगे। यहां तक कि घर में स्नानघर और रसोईघर की उपलब्धता भी दर्ज की जाएगी। मोबाइल, इंटरनेट और गाड़ियों का भी होगा हिसाब डिजिटल दौर को देखते हुए इस बार घर में उपलब्ध सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा लिया जाएगा। टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, बाइक या कार जैसी चीजों की जानकारी भी प्रगणक जुटाएंगे। एक मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जो सिर्फ जनगणना कार्य के लिए उपयोग होगा। परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, जाति, परिवार के सदस्यों की संख्या और घर में रहने वाले विवाहित परिवारों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इससे सरकार को समाज की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद मिलेगी। सही जवाब देना है जरूरी: अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी 33 सवालों का सही उत्तर देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर कार्रवाई भी संभव है। क्यों है यह जनगणना खास? विशेषज्ञों के अनुसार, इस जनगणना से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यही आंकड़े आने वाले वर्षों की नीतियों की दिशा तय करेंगे।

Punjab Mandi Update: मंत्री कटारूचक ने जांची गेहूं खरीद व्यवस्था, किसानों के भुगतान पर दिया भरोसा

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक इन दिनों प्रदेश की अनाज मंडियों का लगातार दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत वे आज फतेहगढ़ साहिब जिले की सरहिंद अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने गेहूं की खरीद के लिए किए गए सरकारी प्रबंधों का निरीक्षण किया और किसानों व अधिकारियों से बातचीत की। मंत्री कटारूचक ने बताया कि इस बार पंजाब सरकार ने 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने ताजा आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा अब तक राज्य की मंडियों में लगभग 39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है।इसमें से करीब 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी की जा चुकी है। किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है और अब तक 1818 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। बारदाने की कमी और गुणवत्ता पर स्पष्टीकरण मंडियों में पुराने या खराब बारदाने (बोरियों) की शिकायतों पर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण नए बारदाने की आपूर्ति में कुछ कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी वजह से कुछ स्थानों पर पुराने बारदाने का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन यह पूरी तरह से मानकों के अनुरूप है। उन्होंने दाव किया कि कहीं भी घटिया गुणवत्ता वाला बारदाना नहीं भेजा गया है। मंत्री लाल चंद कटारूचक ने दोहराया कि पंजाब सरकार किसानों के एक-एक दाने की खरीद के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि खरीद सीजन सुचारू रूप से चल रहा है और मंडियों में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों पर खरी उतरी है और किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।

Supreme Court Hearing: जग्गी मर्डर केस में अमित जोगी की सभी याचिकाएं एक साथ, 23 अप्रैल तय तारीख

रायपुर/नई दिल्ली. रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दो अलग-अलग याचिकाएं विचाराधीन रहीं, जिनमें एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर रोक लगाने से संबंधित चैंबर में दाखिल की गई थी, जबकि दूसरी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दो नंबर बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया और आगे की संयुक्त सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत इस स्तर पर नहीं दी जाएगी और संबंधित आवेदन पर निर्णय चैंबर जज द्वारा किया जाएगा। इस दौरान मृतक रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के वकील भी अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने पक्ष रखा। बेंच ने फिलहाल मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए अगली सुनवाई तक स्थिति यथावत रखने का निर्देश दिया। अमित जोगी का बयान सुनवाई के बाद अमित जोगी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनके दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। इसमें दिनांक 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के विरुद्ध दायर एसएलपी और 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध वैधानिक अपील शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई अब 23 अप्रैल को होगी। अमित जोगी ने यह भी बताया कि सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी कानूनी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।