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BJP का बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर सड़क पर उतरी पार्टी; CM ने विपक्ष को नारी अपमान याद दिलाया

भोपाल   लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के विरोध में मध्य प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है। अब इसकी गूंज सड़कों तक पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें भाग लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की। भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई पदयात्रा रोशनपुरा चौराहे की ओर बढ़ी। इसमें छह विशेष रथ भी शामिल किए गए थे। महिलाओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस यात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पद यात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंची। यहां मुख्यमंत्री ने काले गुब्बारे उड़ाकर इसका समापन किया। इससे पहले हुई सभा में मुख्यमंत्री यादव ने कहा- नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकार का बिल गिरने पर खुशियां मनाईं। जश्न मनाया। हम बहनों के अधिकार को कुचलने के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा- प्रियंका गांधी बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं नारी हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन वह बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब आपने बहनों के अधिकारों को फांसी देने का काम किया। राहुल गांधी के पिताजी ने भी 40 साल पहले तीन तलाक लागू कर बहनों के अधिकारों पर डाका डाला था। यही कांग्रेस का अतीत है।     बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- जब मौका लगे, तब बहनें अपना आक्रोश दिखाएं। कांग्रेस के नेताओं से पूछे कि बहनों को अपमानित करने का अधिकार आपको किसने दिया? कांग्रेसियों के घर जाकर पूछें कि जो बहन आपके घर की शोभा बढ़ाती है, जिस मां ने आपको जन्म दिया, उनके सपनों को चूर-चूर करने का हक किसने दिया?     बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा- कांग्रेस के नेताओं ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिराकर जश्न मनाया, यह महिलाओं के अपमान का प्रतीक था। मातृ शक्ति इस अपमान का जवाब देगी। अब याचना नहीं, रण होगा।     पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह, अपनी बेटी अंजलि सिंह के साथ जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल हुई। उन्होंने कहा- आजादी के इतने सालों बाद भी हमें अपने हक के लिए लड़ना पड़ रहा है। राहुल गांधी को शर्म आना चाहिए कि उन्होंने बहनों का साथ नहीं दिया।     मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा- कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं को हक देने का विरोध किया है। हम सड़कों पर उतरकर उसका विरोध कर रहे हैं।     सागर लोकसभा सीट से सांसद लता वानखेड़े ने कहा- ये केवल बिल नहीं, बल्कि महिलाओं के पंचायत से पार्लियामेंट तक पहुंचने का दरवाजा था, जिसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बंद कर दिया। विपक्ष को महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं चाहिए। ये वही लोग हैं, जो मंच पर महिलाओं की बात करके बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। लेकिन इनकी सोच है कि महिलाएं सिर्फ भीड़ का हिस्सा रहें। तालियां बजाएं, नेतृत्व न करें। क्या है पूरा मामला? 17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव था। लेकिन इसे पास कराने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिल पाया। इसी के विरोध में भाजपा ने इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाने की रणनीति शुरू कर दी है। भाजपा का आरोप – महिलाओं के अधिकारों पर चोट प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस और विपक्ष पर महिलाओं के सपनों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम हो रहा था, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि अब यह सवाल घर-घर तक पहुंचाया जाएगा कि महिलाओं के अधिकारों को रोकने का जिम्मेदार कौन है। सीएम मोहन यादव का सख्त संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की है। उन्होंने कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती। महिलाओं के अधिकारों के लिए सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन बहुमत नहीं मिल सका। सीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश की आधी आबादी के अधिकारों का सम्मान नहीं किया। सच सामने लाया जाएगा – भाजपा नेता कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। नगरीय निकायों में निंदा प्रस्ताव पारित कराने और विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कही गई। नेताओं ने कहा कि विपक्ष के खिलाफ जनता के बीच जाकर सच सामने लाया जाएगा। महिला मोर्चा का ऐलान – अब याचना नहीं, रण होगा भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि यह केवल एक विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि विधेयक गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है और अब देश की महिलाएं इसका जवाब देंगी। आंदोलन को देशभर में ले जाने की तैयारी भाजपा महिला मोर्चा इस पदयात्रा को एक बड़े आंदोलन की शुरुआत मान रही है। नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इसे प्रदेश से बाहर देशभर में ले जाया जाएगा, ताकि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।

जापान में 7.3 तीव्रता का भूकंप, सुनामी के खतरे को लेकर अलर्ट जारी

टोक्यो   सोमवार को जापान के पूर्वोत्तर तट पर प्रशांत महासागर में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है। भूकंप का केंद्र उत्तरी इवाते प्रांत के पास समुद्र में था। भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 4:53 बजे आया। इसकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। टोक्यो तक महसूस हुए झटके भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।  इसके अलावा, क्योडो के अनुसार, जापान में आए जोरदार भूकंप के बाद टोक्यो-आओमोरी बुलेट ट्रेन लाइन पर परिचालन रोक दिया गया। सुनामी की चेतावनी जारी भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी अलर्ट जारी कर दिया है। इवाते प्रांत और होक्काइडो के कुछ हिस्सों में 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची सुनामी लहरों की चेतावनी दी गई है। एजेंसी ने तटीय इलाकों के निवासियों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। सुनामी लहरों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, इसलिए सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। जापान के मीडिया NHK के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि जोरदार भूकंपीय गतिविधि के कारण समुद्र तट के पास सुनामी भी आ गई। मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी कि सुनामी की लहरें उत्तरी तटरेखा तक लगभग तुरंत पहुंच सकती हैं। एजेंसी ने कहा कि तटीय क्षेत्रों और नदी के किनारे वाले इलाकों से तुरंत किसी सुरक्षित जगह, जैसे कि ऊंची जमीन या किसी सुरक्षित इमारत में चले जाएं, और साथ ही यह भी चेताया कि सुनामी की लहरों से नुकसान होने की संभावना है। एजेंसी ने आगे कहा, "सुनामी की लहरें बार-बार आने की उम्मीद है। जब तक चेतावनी वापस नहीं ले ली जाती, तब तक सुरक्षित जगह न छोड़ें।" सालो पहले जापान में आया था प्रलय जापान में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं जो कई बार भयानक तबाही भी मचाते हैं। इसी वजह से यहां सरकार ने सख्त निर्माण नियम लागू किए हैं जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इमारतें मजबूत झटकों का सामना कर सकें। जापान के जहन में अभी भी 2011 की फुकुशिमा त्रासदी की काली यादें कैद हैं। सालो पहले जापान में 9.0-9.1 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था जिसने एक घातक सुनामी को जन्म दिया जिसने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को बर्बाद कर दिया था। सुनामी से 18,500 लोग मारे गए थे या लापता हो गए थे।   

गुजरात और मुंबई की आज होगी भिड़ंत, जानें दोनों टीमों का रिकॉर्ड; रोहित शर्मा की फिटनेस पर MI को मिली राहत

 अहमदाबाद  आईपीएल 2026 का 30वां मुकाबला सोमवार को गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच शाम 7:30 बजे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में है. शुभमन गिल और हार्दिक पांड्या की टीमें एक-दूसरे से भिड़ने के लिए तैयार हैं. दोनों टीमें अब तक कुछ खास कमाल नहीं कर पाई हैं. मुंबई इंडियंस ने पिछला मुकाबला हारा है, तो गुजरात टाइटंस को अपने पिछले मुकाबले में जीत मिली है. ऐसे में देखना है कि इस मुकाबले में कौन सी टीम बाजी मारने में सफल होती है।  हेड टू हेड की बात करें तो दोनों टीमें अब तक 8 मुकाबलों में आमने-सामने हुई हैं. इस दौरान गुजरात टाइटंस का पलड़ा भारी रहा है. गुजरात टाइटंस ने पांच मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि मुंबई इंडियंस सिर्फ तीन मैच जीत पाई है. दोनों टीमों के बीच सर्वाधिक स्कोर की बात करें तो जीटी ने एमआई के खिलाफ 233 रनों का विशाल स्कोर किया है।  इस सीजन में दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो दोनों टीमें अब तक 5-5 मुकाबले खेली हैं. गुजरात टाइटंस इस सीजन में अब तक खेले गए पांच मैचों में 3 में जीत दर्ज की है, जबकि 2 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है. प्वाइंट्स टेबल में गुजरात पांचवें पायदान पर है. वहीं, मुंबई इंडियंस अब तक कुछ खास नहीं कर पाई है. मुंबई इंडियंस अब तक खेले पांच मुकाबलों में सिर्फ एक मुकाबला जीत पाई है, जबकि उसको 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. मुंबई इंडियंस प्लाइंट्स टेबल में आखिरी पायदान पर है।  रोहित शर्मा की फिटनेस पर आया ये अपडेट प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारस म्हाम्ब्रे ने बताया कि रोहित शर्मा और सैंटनर दोनों फिट हैं. उन्होंने कहा कि रोहित नेट्स में बल्लेबाजी करते नजर आए और अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं. सैंटनर भी अब पूरी तरह ठीक हैं, जो पिछले मैच में बीमारी के कारण नहीं खेल पाए थे।  हालांकि, रोहित को लेकर अभी थोड़ा सस्पेंस बना हुआ है. PBKS के खिलाफ मैच से पहले भी उन्होंने प्रैक्टिस की थी, लेकिन कप्तान हार्दिक ने टॉस के समय कहा था कि रोहित “एक-दो मैच और मिस कर सकते हैं.” ऐसे में संभव है कि उन्हें पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए थोड़ा और समय दिया जाए।  रोहित की वापसी से बदलेगा टीम कॉम्बिनेशन रोहित शर्मा की वापसी से MI का बैलेंस बेहतर होगा. उनकी गैरमौजूदगी में टीम ने क्विंटन डिकॉक को मौका दिया था, जिन्होंने पहले ही मैच में शतक जड़ दिया था. ऐसे में अगर रोहित की वापसी होती है तो फिर डिकॉक और रिकेल्टन में से किसी एक को प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ेगा।    दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन गुजरात टाइटंस (संभावित): शुभमन गिल (कप्तान), बी साई सुदर्शन, जॉस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, एम शाहरुख खान, राशिद ख़ान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा. मुंबई इंडियंस (संभावित): क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), शरफेन रदरफोर्ड, मिचेल सैंटनर, ट्रेंट बोल्ट, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर और जसप्रीत बुमराह. 

धार का पुल डेढ़ साल के लिए बंद, वाहनों को 5 किमी का लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा

धार  मप्र सड़क विकास निगम धार जिले के घाटाबिल्लौद से गुजरने वाली चंबल नदी पर बने ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। भोपाल की फर्म के माध्यम से ब्रिज का निर्माण करवाया जाएगा। ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होते ही चंबल नदी के पुल से वाहनों का अवागमन बंद हो जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर से होकर रतलाम-नीमच-मंदसौर जाने वाले लोगों पर होगा। निर्माण प्रारंभ होते ही इस रूट के लोगों को 5 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर नेशनल हाईवे इंदौर- अहमदाबाद के मार्ग का उपयोग करके लेबड़ तक आना होगा। विभाग द्वारा मार्ग डायवर्सन प्लान बनाया गया है, जिसमें नेशनल हाईवे के ब्रिज से होकर पानखेड़ी और लेबड़ तक जाया जा सकेगा। इसको लेकर डायवर्सन प्लान अनुमति के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही प्लान पर काम शुरू हो जाएगा। 40 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे: चंबल नदी पर वर्तमान में सिंगल पट्टी ब्रिज है, जिसकी चौड़ाई करीब 20 फीट है। नया फोरलेन ब्रिज 24 मीटर चौड़ा होगा। दोनों ओर 12- 12 मीटर की सड़क रहेगी। 18 महीने निर्माण अवधि तय की गई है। करीब 40 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे। सिंहस्थ 2028 के पूर्व इसे तैयार कर लिया जाएगा। नवीन पुल तैयार होने के बाद सुगम यातायात हो सकेगा। वर्तमान का पुल उस दौर के वाहनों की संख्या को देखकर बनाया गया था। पुल अभी मजबूती से खड़ा है, लेकिन बड़े औद्योगिक सामग्रियों के वाहनों के लिए उपयोगी नहीं है। कुछ समय पूर्व बड़े औद्योगिक वाहनों को निकालने के लिए चंबल में अतिरिक्त अस्थाई मार्ग का निर्माण करके वाहनों को निकाला गया था। फोरलेन ब्रिज बनने के बाद इसे बड़े वाहनों के लिए राहत होगी। मार्ग परिवर्तन का बोर्ड लगाया, यातायात हुआ कम सड़क विकास निगम को अभी डायवर्सन रूट को लागू करने की अनुमति नहीं मिली है। वहीं विभाग ने पुल के पहले सड़क पर मार्ग परिवर्तन निर्माण कार्य प्रगतिरत है जैसे बोर्ड लगा दिए हैं। इसके कारण मार्ग पर यातायात का दबाव कम हो गया है। इधर, ब्रिज के माध्यम से इस पार आने वाले घाटाबिल्लौद के लोगों को आंतरिक छोटे-छोटे मार्गों का उपयोग करके इस पार से उस पार आना होगा। आगामी दिनों में पानखेड़ी और लेबड़ मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाएगा। सड़क विकास निगम, धार के एसडीओ प्रदीप चौहान बताते हैं कि चंबल नदी पर फोरलेन ब्रिज निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। रूट डायवर्सन प्लान बनाकर अनुमति के लिए स्थानीय प्रशासन को दिया गया है। अनुमति मिलने के बाद आगे का काम शुरू होगा। 18 महीने में कार्य पूर्ण करने की अवधि है। बारिश में बढ़ेगी चुनौती, अभी डेढ़ माह का समय चंबल नदी वर्तमान में पूरी तरीके से सूख चुकी है। यह समय पुल को डिस्मेंटल करने एवं बैस तैयार करने के लिए उपयुक्त है। डायवर्सन मार्ग के लिए जल्द अनुमति मिलती है तो काम को गति मिल जाएगी। बारिश का दौर प्रारंभ होते ही प्रोजेक्ट के तहत दो से तीन माह प्रभावित होंगे। अच्छी बारिश के दौरान चंबल नदी उफान पर रहती है। नदी तट के मंदिर तक डूब जाते हैं। ऐसी स्थिति में बारिश के पूर्व नींव का काम हो जाता है तो पानी कम होने पर आगे का काम किया जा सकता है।

एमपी टेंडर घोटाला? – हर डिजिटल मूल्यांकन टेंडर में एक ही नाम: MPCON पर गंभीर सवाल

एमपी टेंडर घोटाला? – हर डिजिटल मूल्यांकन टेंडर में एक ही नाम: MPCON पर गंभीर सवाल GFR, CVC और MP Procurement नियमों की अनदेखी? कॉपी-पेस्ट टेंडर, फर्जी प्रतिस्पर्धा, गलत वर्गीकरण और संदिग्ध प्रमाणपत्र पर उठे सवाल भोपाल  मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों—DAVV इंदौर, SVVV उज्जैन, MPBOU तथा वर्तमान डिजिटल मूल्यांकन टेंडर—में एक चौंकाने वाला समान पैटर्न सामने आया है। शिकायतों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में बार-बार MPCON को लाभ पहुंचाने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे पूरे सिस्टम की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।  सबसे बड़ा सवाल – हर टेंडर में MPCON ही क्यों?     •    हर टेंडर में ऐसी पात्रता शर्तें, जो केवल MPCON से मेल खाती हैं     •    अन्य सक्षम संस्थाएं स्वतः बाहर     •    परिणाम: एक ही संस्था के पक्ष में झुकी प्रक्रिया SVVV टेंडर में बड़ा खुलासा (Goods vs Services घोटाला)     •    टेंडर को “Goods” में डाला गया     •    जबकि कार्य:     •    डिजिटल मूल्यांकन सॉफ्टवेयर     •    स्कैनिंग, IT सेवाएं, मैनपावर  स्पष्ट रूप से Service Contract, फिर भी Goods में डालना  पूरा टेंडर कानूनी रूप से संदिग्ध 📄 DAVV → SVVV: कॉपी-पेस्ट टेंडर का खेल     •    दोनों टेंडरों में समान भाषा, समान शर्तें     •    केवल नाम बदला गया संकेत: टेंडर स्वतंत्र नहीं, बल्कि पूर्व-निर्धारित डिजाइन MPSOS केस – पहले भी बना पैटर्न     •    3 बिड प्राप्त     •    2 बिड अस्वीकृत     •    केवल MPCON योग्य घोषित   फिर भी:     •    अंतिम परिणाम स्पष्ट नहीं     •    आरोप: फर्जी/सपोर्ट बिड से टेंडर दिलाया गया  फर्जी प्रतिस्पर्धा का आरोप     •    AFC India Limited, AP Productivity Council, APITCO Ltd.     •    पात्रता नहीं, फिर भी नियमित भागीदारी  आरोप:     •    डमी/फर्जी बिड     •    MPCON के पक्ष में सपोर्ट     •    कृत्रिम प्रतिस्पर्धा नियमों का खुला उल्लंघन?     •    केवल 1 पात्र बोलीदाता (MPCON)     •    जबकि नियम: कम से कम 3 योग्य बिड आवश्यक     •    फिर भी टेंडर प्रक्रिया जारी  सवाल: टेंडर रद्द क्यों नहीं किया गया? सबसे बड़ा विवाद – CMMI Level 3 प्रमाणन     •    सभी टेंडरों में CMMI Level 3 अनिवार्य     •    लेकिन:     •    MPCON के पास स्वयं का CMMI प्रमाणन उपलब्ध नहीं     •    कथित रूप से थर्ड-पार्टी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया  गंभीर आरोप:     •    थर्ड-पार्टी CMMI सर्टिफिकेट टेंडर शर्तों के विरुद्ध     •    आधिकारिक CMMI रजिस्ट्री में सत्यापन स्पष्ट नहीं सत्यापन हेतु: https://pars.cmmiinstitute.com यह स्थिति:     •    फर्जी/अमान्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की श्रेणी में     •    जो नियमों के अनुसार सीधी ब्लैकलिस्टिंग का आधार बनती है किन नियमों का उल्लंघन?     •    GFR 2017 (Rule 144, 160, 173)     •    CVC Guidelines (Fair Procurement)     •    MP Procurement Rules 2023     •    Competition Act, 2002     •    संविधान अनुच्छेद 14 (समानता) बड़े सवाल (Public Interest Questions)     •    हर टेंडर में MPCON ही क्यों?     •    CMMI शर्त होने के बावजूद प्रमाणन कैसे स्वीकार किया गया?     •    एक ही पात्र बोलीदाता होने पर टेंडर रद्द क्यों नहीं हुआ?     •    कॉपी-पेस्ट टेंडर किस स्तर पर तैयार हुए?     •    क्या पूरी प्रक्रिया पूर्व-निर्धारित थी? बड़ी मांग – अब कार्रवाई जरूरी     •    उच्च शिक्षा आयुक्त द्वारा तत्काल जांच (Enquiry)     •    MPCON की ब्लैकलिस्टिंग (False/Non-compliance आधार पर)     •    सभी सपोर्ट बिड देने वाली संस्थाओं की ब्लैकलिस्टिंग     •    सभी विभागों में MPCON को दिए गए टेंडरों की राज्यस्तरीय जांच     •    संदिग्ध टेंडरों का तत्काल निरस्तीकरण अंतिम चेतावनी (Legal Position) “यदि टेंडर प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज, प्रतिबंधात्मक शर्तें और कृत्रिम प्रतिस्पर्धा सिद्ध होती है, तो यह न केवल अवैध है बल्कि संबंधित संस्था की ब्लैकलिस्टिंग अनिवार्य हो जाती है।” यह मामला अब सिर्फ टेंडर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता का सवाल बन चुका है।

CM सम्राट चौधरी का सख्त संदेश: ‘महिला सुरक्षा से समझौता नहीं’, गांधी मैदान से चेतावनी

पटना. महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा गांधी मैदान में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को केवल अपने परिवार की चिंता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा तक पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन महागठबंधन के नेता अपने परिवार को सत्ता तक पहुंचाने में लगे हैं। मह‍िलाओं को दिया आश्‍वासन मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, 'आपका भाई सम्राट चौधरी यहां खड़ा है। यदि कोई असुरक्षा की स्थिति पैदा करेगा तो उसे पाताल से भी खोज निकालेंगे, छोड़ेंगे नहीं।' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि यदि यह बिल लागू होता, तो बिहार में 122 महिलाएं विधायक होतीं। सम्राट चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद और तमिलनाडु के नेता स्टालिन पर भी हमला क‍िया।  विपक्ष के लोग परिवार को बढ़ाने में लगे कहा कि ये सभी अपने-अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने में लगे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं। मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार का अभिभावक भी बताया।इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद विपक्ष जश्न मना रहा है, जो महिलाओं का अपमान है। कार्यक्रम में विधायक ज्योति मांझी ने गीत प्रस्तुत कर आरक्षण का समर्थन किया। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्यसभा सदस्य धर्मशीला गुप्ता, विधायक बेबी कुमारी, गायत्री देवी, छोटी कुमारी, निशा सिंह और कविता पासवान सहित कई नेता उपस्थित थे।

Punjab Update: बेअदबी पर नया कानून और जांच सिस्टम लागू, अब साजिशकर्ताओं पर कसेगा शिकंजा?

अमृतसर. पंजाब में बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जहां ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को मंजूरी दी है, वहीं अब जांच प्रक्रिया को भी और मजबूत बना दिया गया है। कानून लागू होने के बाद पंजाब पुलिस ने इन मामलों की जांच के लिए नई मानक कार्य प्रणाली (SOP) जारी की है, जिसे पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने तैयार किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बेअदबी मामलों में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस को अब हर मामले में वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी होगी और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जांच 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर अदालत में चालान पेश किया जाए। नई व्यवस्था के तहत सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचना होगा। वहां सबूतों की सुरक्षा के लिए दो स्तर का घेरा बनाया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ न कर सके। धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंगों या अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही संभाला जाएगा। हर घटना स्थल की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, साथ ही उसका नक्शा भी तैयार किया जाएगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को तुरंत बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। पुलिस केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे की साजिश और मुख्य आरोपी तक पहुंचगी। डिजिटल माध्यमों पर होगी कड़ी नजर डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। भ्रामक संदेश, डीपफेक वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री की जांच के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन और संदिग्ध फंडिंग की भी जांच होगी। यदि आरोपी की मानसिक स्थिति संदिग्ध पाई जाती है, तो विशेषज्ञों के बोर्ड द्वारा उसका परीक्षण कराया जाएगा। इन मामलों की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सीधे की जाएगी। नए कानून में उम्र कैद तक की सजा का प्रवधान नए कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे मामलों को गैर-जमानती रखा गया है, जिससे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य धार्मिक आस्था और मर्यादा की रक्षा करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Korba Breaking: अधूरे मकान की दीवार ढही, मलबे में दबे दंपति और बच्चा- तीनों घायल

कोरबा. शहर के कपाटमुडा रोड स्थित देर रात एक परिवार पर उस वक्त आफत आ गई, जब मौसम का रुख बदलने से पड़ोस की निर्माणधीन बिल्डिंग की दीवार उनके घर पर गिर गई. हादसे में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दब गए. सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं घर में रखे दोपहिया और सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. बीती रात शहर में मौसम का मिजाज बदला, भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत तो मिली, लेकिन एक परिवार पर आफत टूट पड़ी. कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रेम नगर के कपाटमुडा रोड की पूरी घटना है. निर्माणधीन तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभराकर पड़ोस के अजय धनवार के घर पर जा गिरी. जानकारी के मुताबिक, संतोष वर्मा द्वारा बनवाए जा रहे मकान की दीवार गिरने से अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा घर के अंदर सो रहे थे. हादसे के दौरान ईंटों के मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकल और अस्पताल के लिए भेजा. घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा बिखरा पड़ा है.

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, पारा 44°C के पार, भोपाल-रायसेन में बादल और रतलाम में बूंदाबांदी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इस बीच छतरपुर के नौगांव में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ, जहां पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं जबलपुर में पिछले तीन वर्षों का तापमान रिकॉर्ड टूट गया है। नौगांव बना सबसे गर्म शहर छतरपुर जिले के नौगांव में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है। इससे पहले शनिवार को रतलाम में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था। प्रदेश के कई शहरों में 40°C से ऊपर तापमान मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी और सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, दतिया और रीवा में 42.4 डिग्री तथा धार में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, रायसेन और बैतूल में आज सोमवार सुबह से बादल छाए हैं। रायसेन में रात में बूंदाबांदी भी हुई। धार जिले में तेज धूप निकली है। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले रतलाम में रविवार रात 12 बजे बूंदाबांदी हुई। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकी। खरगोन में भी रविवार रात 12 बजे तेज बिजली कड़की। 15 मिनट तक बारिश का दौर चला। बड़वानी जिले के मंडवाड़ी निहाली गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरी। इससे किसान सलु बरडे के दो बैलों की मौत हो गई। जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा प्रदेश के बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अप्रैल महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। इसके अलावा ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 41.4 डिग्री और इंदौर में 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में पहली बार 44°C के पार पहुंचा पारा शनिवार को इस सीजन में पहली बार मध्यप्रदेश में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। रतलाम में अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि उमरिया, मंडला, गुना और अन्य कई जिलों में भी तेज गर्मी का असर रहा। 20 अप्रैल का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 20 अप्रैल को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर यह 42 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है। अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। जनजीवन पर असर तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। आगे क्या मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बादल बन रहे हैं। इसी कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादल देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा 23 अप्रैल के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है। प्रदेश में छतरपुर जिला सबसे गर्म इससे पहले रविवार को पूरा प्रदेश गर्म रहा। छतरपुर के नौगांव में पारा सबसे ज्यादा 44.3 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी के इस सीजन में पहली बार पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा। मंडला प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 43.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह छतरपुर के खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया-सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी-सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, रीवा में 42.4 डिग्री, धार में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और श्योपुर में तापमान 42 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा।  

रायपुर में ट्रैफिक सिग्नल पर शेड का निर्माण, अब धूप और बारिश में प्रतीक्षा करना होगा आरामदायक

रायपुर : ट्रेफिक सिंग्नल में प्रतीक्षा करने वालों को अब तेज धूप व बारिश में नहीं होगी परेशानी चौक.चौराहों में बनेंगे प्रतीक्षा शेड उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन सुभाष ब्लाक सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन विविध 02 स्थानों पर भवनों के निर्माण का किया गया भूमिपूजन     रायपुर  शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।       कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।  उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी      इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।   उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड  महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।  सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन      उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।      भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।