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हनुमान कथा में नीतीश भारद्वाज का संबोधन, कहा– “आज भी चल रही है महाभारत”

प्रयागराज संगम नगरी प्रयागराज में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा में आध्यात्म, संस्कृति और समकालीन मुद्दों का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर टीवी धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज भी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, सनातन धर्म, समाज की एकता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से बात की। साथ ही उनके बयान ने कार्यक्रम में खास चर्चा बटोरी, जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रेम उसी को देंगे जो हमसे प्रेम करेगा, और जो तलवार लेकर सामने खड़ा होगा, उसके सामने अहिंसा परमो धर्म: नहीं कहेंगे। बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, आज भी महाभारत चल रही है और हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गुरु-शिष्य परंपरा से की शुरुआत नीतीश भारद्वाज ने अपने उद्बोधन की शुरुआत 'सदाशिवसमारम्भां शंकराचार्यमध्यमाम्…' श्लोक के साथ की और कहा कि भारत की संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित है। उन्होंने प्रयागराज की पावन धरती को ऋषि परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह स्थान सदियों से ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पहली बार प्रयाग आने का अवसर मिला था और अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आमंत्रण पर दोबारा यहां आने का सौभाग्य मिला है। 'आज भी चल रही है महाभारत' उन्होंने वर्तमान समय को महाभारत काल से जोड़ते हुए कहा कि आज भी समाज एक प्रकार के संघर्ष से गुजर रहा है। उनके अनुसार, जैसे द्वापर युग में धर्म की रक्षा की आवश्यकता थी, उसी प्रकार आज कलयुग में भी धर्म और मूल्यों की रक्षा जरूरी हो गई है। आज के समय को देखते हुए कह सकता हूं कि आज भी महाभारत चल रही है, एक अलग तरह की महाभारत। धर्म की रक्षा की आवश्यकता फिर से आन पड़ी है। आज हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गीता के श्लोक से दिया प्रेरणा संदेश नीतीश भारद्वाज ने गीता का श्लोक 'कुतस्त्वा कश्मलमिदं…' उद्धृत करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह की शक्तियां सक्रिय हैं, लेकिन ऐसे समय में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। 'सनातन ही मूल आधार' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही इस देश की मूल पहचान है और इसकी सहिष्णुता के कारण ही अन्य धर्म यहां फल-फूल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आज इसी सहिष्णुता का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और सनातन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। समाज में एकता की जरूरत अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को लंबे समय तक जातियों और वर्गों में बांटा गया, लेकिन अब समय है कि सभी लोग एकजुट हों। उन्होंने गीता के 'चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टम्…' श्लोक का उल्लेख करते हुए बताया कि समाज का संतुलन सभी वर्गों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के समन्वय से ही संभव है और किसी एक हिस्से के कमजोर होने से पूरा ढांचा प्रभावित होता है। 'प्रेम का उत्तर प्रेम, लेकिन आक्रमण का जवाब भी' अपने संबोधन के अंत में नीतीश भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि प्रेम का उत्तर प्रेम से दिया जाएगा, लेकिन अगर कोई आक्रमण करेगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले हैं, लेकिन यदि कोई तलवार लेकर सामने खड़ा होगा तो हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज बनना भी आता है।' उन्होंने इसे धर्म की रक्षा का कर्तव्य बताते हुए कहा कि समय के अनुसार आचरण करना ही सच्चा धर्म है।

मंत्रियों की सैलरी में कटौती, इस राज्य में रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगी बकाया पेंशन

 हैदराबाद तेलंगाना सरकार ने  एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मंत्रियों के वेतन में 50% की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से पेंडिंग बकाये को चुकाने के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। यह फैसला हिमाचल प्रदेश सरकार के उस हालिया कदम के बाद आया है, जिसमें वित्तीय संकट के कारण मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में कटौती की गई थी। स्वेच्छा से लिया गया फैसला मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद, तेलंगाना के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मंत्रियों ने अपनी मर्जी से यानी स्वेच्छा से अपने वेतन में 50% की कटौती करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो रिटायर्ड कर्मचारियों का पैसा चुकाने के लिए राज्य के सभी जनप्रतिनिधि भी अपनी सैलरी का आधा हिस्सा छोड़ देंगे। 100 दिनों का लक्ष्य और नई समिति का गठन सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए एक समय सीमा तय की है। कैबिनेट ने अगले 100 दिनों के भीतर सेवानिवृत्ति बकाये को चुकाने की व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने एक खास समिति बनाने की घोषणा की है, जो कर्मचारी संघों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के साथ मिलकर बातचीत करेगी और संसाधन जुटाने के तरीके तलाशेगी। कितने करोड़ का है बकाया? कैबिनेट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार के ऊपर कर्मचारियों का एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है।     सेवारत (वर्तमान) कर्मचारियों का बकाया: लगभग 6,200 करोड़ रुपये     रिटायर्ड कर्मचारियों का बकाया: लगभग 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों के प्रति सरकार की चिंता सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों को हो रही परेशानियों पर गहरी चिंता जताई। मंत्री पोंगुलेटी ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ने और पैसा मिलने में हो रही देरी के कारण पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट का स्पष्ट मानना था कि रिटायर्ड कर्मचारियों को अपने ही हक के पैसों के लिए दफ्तर-दर-दफ्तर भटकने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। पिछली सरकार पर निशाना और भविष्य की योजना कैबिनेट ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि यह भारी-भरकम बकाया पिछले एक दशक (लगभग 10 वर्षों) में जमा हुआ है। सरकार ने याद दिलाया कि जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था, तब राज्य पर ऐसा कोई बकाया नहीं था। वेतन कटौती के साथ-साथ, तेलंगाना सरकार अब इस वित्तीय बोझ से निपटने और कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संसाधन जुटाने के अन्य संभावित उपायों पर भी विचार करेगी।

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्मी का कहर, बठिंडा रहा सबसे गर्म: 10 जिलों में पारा 40°C के पार, हीट वेव का खतरा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के अंत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को बठिंडा में 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है और इस सीजन का अब तक का सबसे उच्च स्तर है। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 और 25 अप्रैल के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बठिंडा बना सबसे गर्म जिला पंजाब में सबसे ज्यादा गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.0 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री और रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 41.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। अमृतसर और चंडीगढ़ शहर में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। हीट वेव का असर और स्वास्थ्य चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है। बिजली की मांग बढ़ी, कटौती शुरू गर्मी बढ़ने के साथ ही पंजाब में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। इस कारण बिजली विभाग ने कई जगहों पर मरम्मत के नाम पर शटडाउन शुरू कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर चलाने की जरूरत बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ दिख रहा है। अस्पतालों के समय में बदलाव तेज गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है और यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खोल दिए जाते हैं ताकि भीड़ कम हो और इंतजार न करना पड़े। यह फैसला गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। बठिंडा गर्मी के मामले में टॉप पर पंजाब में 40 डिग्री से अधिक तापमान 10 जिलों में दर्ज किया गया, जबकि 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 7 जिलों में रहा। सबसे गर्म जिला बठिंडा (एयरपोर्ट) रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.0 डिग्री, पटियाला 41.6 डिग्री, भाखड़ा डैम (रूपनगर) 41.1 डिग्री, लुधियाना 40.6 डिग्री, गुरदासपुर 40.5 डिग्री, फिरोजपुर 40.2 डिग्री, फाजिल्का 40.2 डिग्री, अमृतसर 40.1 डिग्री, चंडीगढ़ (सिटी) 40.0 डिग्री, एसबीएस नगर 39.5 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 39.2 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.0 डिग्री, पठानकोट 38.8 डिग्री, मोगा 38.7 डिग्री और रूपनगर (रोपड़) 38.5 डिग्री। बिजली की खपत बढ़ी, कट शुरू गर्मी बढ़ने की वजह से पंजाब में बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। इस वजह से बिजली विभाग की तरफ से रिपेयर के नाम पर शटडाउन किया जा रहा है। दिन में शहरी से लेकर ग्रामीण एरिया में कट लग रहे हैं। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है। अस्पतालों का समय बदला पंजाब में गर्मी के मौसम को देखते हुए 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों की OPD टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब OPD सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चल रही। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे ही खोल दिए जा रहे हैं, ताकि भीड़ कम हो और लोगों को इंतजार न करना पड़े। यह फैसला बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए लिया गया है, ताकि मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों को राहत मिल सके। आगे मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव चल सकती है। 25 से 29 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले चार दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। बारिश और आंधी का अलर्ट जारी 26, 27 और 28 अप्रैल को पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 25 अप्रैल को फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में लू चलने का अनुमान है। वहीं 26 अप्रैल को पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और पटियाला समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।

सरायकेला-खरसावां मैट्रिक रिजल्ट: 95.36% के साथ लड़कियों ने मारी बाजी

रांची झारखंड अधिविध परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया गया है. जिला का परीक्षा परिणाम 95.36 प्रतिशत रहा है. परीणाम में लड़कियों ने बाजी मारते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है. जिला में जहां लड़कियां 95.96 प्रतिशत सफलता हासिल किया है, वहीं लड़कों ने 94.70 प्रतिशत सफलता हासिल किया है. जिला में कुल मैट्रिक की परीक्षा में 11652 परिक्षार्थी शामिल हुए थे,  जिसमें से 11112 बच्चे पास हुए हैं बाकि 530 परीक्षार्थी मार्जिनल हुए हैं. परीक्षा में कुल लड़कियां 6095 शामिल हुई थी जिसमें से 3476 प्रथम श्रेणी, 2151 द्वितिय श्रेणी व 222 तृतिय श्रेणी में पास हुई है. वहीं लड़कों में 5557 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें से प्रथम श्रेणी में 2810 परीक्षार्थी पास हुए. द्वितिय श्रेणी में 2192 और तृतिय श्रेणी में 261 परीक्षार्थी पास हुए हैं. दो वर्षो में बेहतर रहा जिला का परीक्षा परिणाम, दस स्थान उपर लगाया छलांग सरायकेला खरसावां जिला में विगत दो वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष परीक्षा फल बेहतर रहा है. विगत दो वर्षो के आकड़ो को देखे तो जिला में मैट्रिक का परीक्षा फल 2025 में 85.03 प्रतिशत था. वहीं वर्ष 2024 में 89.6 प्रतिशत रिजल्ट रहा था जबकि इस वर्ष दस प्रतिशत अधिक रिजल्ट 95.36 प्रतिशत हुआ है और पूरे राज्य में सरायकेला खरसावां जिला का स्थान 12 वें स्थान में रहा है. रिजल्ट पर संतोष जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष के खराब रिजल्ट से सबक लेते हुए बेहतर करने का प्रयास किया गया और रिजल्ट में यह दिखा आगे और बेहतर करने का प्रयास रहेगा. जैक बोर्ड की परीक्षा में सरस्वती शिशु मंदिर का रहा शतप्रतिशत परिणाम सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय का जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम रहा है. परीक्षा में शामिल विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने सफलता हासिल किया है. जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने बताया कि जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में विद्यालय के 113 छात्र छात्राएं शामिल हुईं थी, जिनमें सभी ने सफलता हासिल किया है. उन्होंने बताया कि विद्यालय के 22 छात्र छात्राएं परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किया है, 67 छात्र छात्राओं ने 80 से 90 प्रतिशत में अपना जगह बनाया है,वहीं बाकी के सभी छात्र छात्राएं 60 से 70 प्रतिशत अंक को सूची में शामिल हैं. प्राचार्य ने सभी छात्र छात्राओं को उनकी सफलता पर अपनी शुभकामनाएं दी है. अरुण कुमार महतो बने स्कूल टॉपर विद्यालय के दसवीं के छात्र अरुण कुमार महतो 95.20% अंक प्राप्त कर स्कूल टॉपर बनने में सफलता पाई है. वहीं 94.80 % अंक के साथ अनिमा मुंडरी द्वितीय स्थान पर रही. तृतीय स्थान पर रुद्र कुमार सिंह 94.20%, चतुर्थ स्थान पर शिवम कुमार महतो 94%, पांचवे स्थान पर सुशील सोय 93.80%,छठवें स्थान पर अभिजीत महतो 93.60%, सातवें स्थान पर पृथ्वीराज रविदास 93.40%, आठवें स्थान पर ऋतु प्रामाणिक 93.20%, नौवें स्थान पर रंजीत महतो 93% और 92.40% अंक के साथ ऋषिकेश कुमार और कुलदीप कामिल विद्यालय के टॉप टेन में दसवें स्थान पर रहे हैं. बीते चार वर्षो का रिजल्ट प्रतिशत     वर्ष 2023: कुल 97.04 प्रतिशत     वर्ष 2024:कुल 95.35 प्रतिशत     वर्ष 2025:कुल 85.03 प्रतिशत     वर्ष 2026:कुल 95.36 प्रतिशत जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने मैट्रिक परीक्षा परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि बीते दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में जिले को 12वां स्थान प्राप्त हुआ है. आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे.

सूखी तुलसी भी बदल सकती है किस्मत, वास्तु के 3 चमत्कारी उपाय

 पारा 40 डिग्री के पार है, लू के थपेड़े और चिलचिलाती धूप ने न सिर्फ इंसानों का बुरा हाल कर रखा है, बल्कि घर के आंगन में लगी तुलसी भी इस तपिश को झेल नहीं पा रही है. लाख जतन के बाद भी अगर इस भीषण गर्मी में तुलसी सूख गई है, तो निराश होकर उसे फेंकने की गलती बिल्कुल न करें. वास्तु शास्त्र में माना गया है कि जो तुलसी चिलचिलाती धूप में सूख जाती है, उसकी सूखी लकड़ियों में भी चमत्कारिक शक्तियां होती हैं. ये सूखी लकड़ियां न केवल आपके घर की नकारात्मकता को सोख सकती हैं, बल्कि आर्थिक तंगी और वास्तु दोष जैसी समस्याओं के लिए रामबाण इलाज साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि इस भीषण गर्मी में सूखी हुई तुलसी की लकड़ियों के वो 3 अचूक उपाय, जो आपके जीवन में खुशहाली की ठंडी बयार ला सकते हैं. 1. मुख्य द्वार पर बांधें लकड़ी वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर घर में आए दिन क्लेश होता है या आपको लगता है कि घर को किसी की नजर लग गई है, तो सूखी तुलसी की छोटी सी लकड़ी उठाएं. इसे एक साफ लाल कपड़े में लपेटकर कलावा की मदद से घर के मुख्य द्वार पर बीचों-बीच लटका दें. माना जाता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. 2. तिजोरी में रखें एक टुकड़ा: खिंची चली आएंगी लक्ष्मी अगर कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिक रहा या फिजूलखर्ची बढ़ गई है, तो सूखी तुलसी की लकड़ी या उसकी जड़ का एक छोटा सा टुकड़ा लें.  इसे गंगाजल से पवित्र करके पीले कपड़े में बांध कर अपनी तिजोरी या धन रखने वाली अलमारी में रख दें.  मान्यता है कि यह उपाय धन को आकर्षित करता है . इससे कंगाली दूर होती है. 3. तुलसी दीप से प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. किसी भी शुभ तिथि या एकादशी के दिन जब आप घी का दीपक जलाएं, तो उसमें सूखी तुलसी की एक छोटी सी लकड़ी डाल दें. इसे तुलसी दीप कहा जाता है. ऐसा करने से घर के वास्तु दोषों का नाश होता है, रुके हुए काम बनने लगते हैं. भूलकर भी न करें ये गलती     तुलसी को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है, इसलिए पौधा सूखने के बाद भी उसकी लकड़ियों का अपमान न करें.     इन्हें कभी भी गंदे हाथों से न छुएं.     लकड़ियों को इधर-उधर कचरे या नाली में न फेंकें.     उपाय करने के बाद बची हुई लकड़ियों को गमले की मिट्टी में ही दबा दें या पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें.  

खंडपीठ का बड़ा फैसला: आरती डोगरा के खिलाफ जांच कार्यवाही स्थगित

जयपुर राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को स्थगित कर दिया है, जिसमें आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे. खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शोभा मेहता की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. कोर्ट ने न केवल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई बल्कि उस आदेश से जुड़ी सभी प्रोसीडिंग्स (कार्यवाहियों) को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है. जानें क्या था मामला दरअसल, इससे पहले एकल पीठ ने विभागीय जांच में हो रही अत्यधिक देरी और डीपीसी (DPC) से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए आईएएस आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश दिए थे. इसी आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी गई थी. सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने रखी दलीलें आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने कोर्ट में पैरवी की. उन्होंने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पहले से ही तीन विभागीय जांचें लंबित हैं और उन पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. वकील ने स्पष्ट किया कि यह मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता है. कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश पर रोक लगा दी है. कौन है IAS आरती डोगरा आरती डोगरा वैसे तो उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली है. लेकिन वह राजस्थान कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी है. वह राजस्थान में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुकी है जिसकी काफी चर्चा रही हैं. डोगरा ने कई जिलों में कलेक्टर पद की कमान संभाली और बदलाव के कई नए मॉडल पेश किये. आरती डोगरा बूंदी, अजमेर और बीकानेर की कलेक्टर की रहीं हैं. कई जिलों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहीं हैं. बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए उन्होंने खुले में शौच के खिलाफ शानदार अभियान चलाया था. 'बंको बिकाणों' के नाम से मशहूर इस अभियान ने देश भर में मिसाल कायम की थी. अशोक गहलोत जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा को अपना सचिव बनाया था.

WhatsApp ला रहा नया Notification Bubble फीचर, बिना ऐप खोले कर सकेंगे चैट

वॉट्सऐप पर एक नया फीचर आया है, जिसका नाम नोटिफिकेशन बबल है. इसकी मदद से यूजर्स आसानी से नए मैसेज देख सकेंगे और रिप्लाई कर सकेंगे. इसके लिए बार-बार वॉट्सऐप ऐप को ओपन करने की जरूरत नहीं होगी. लेटेस्ट अपडेट की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. रिपोर्ट में बताया है कि न्यू फीचर का नाम नोटिफिकेशन बबल है. अभी यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज है औ बीटा वर्जन में टेस्टिंग की जा रही है. यह अपडेट अपने आप में बेहद खास है.   WhatsApp डिजाइन को लेकर बदलाव कर रहा है, जिसमें एक न्यू टूल है. इस न्यू टूल की मदद से यूजर्स के मैसेजिंग एक्सपीरियंस को बेहतर करना है. इसकी मदद से यूजर्स मैसेज को जल्दी पढ़ सकेंगे और रिप्लाई भी कर सकेंगे. वॉट्सऐप चैटिंग के दौरान दूसरे ऐप को बंद करने की जरूरत नहीं होगी. Wabetainfo ने किया पोस्ट Wabetainfo की रिपोर्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें न्यू फीचर को दिखाया गया है कि कैसे ये काम करता है. यह स्क्रीन फर फ्लोट होता हुआ नजर आता है. जरूरी मैसेज नहीं होंगे नजरअंदाज बबल इंटरफेस की मदद से मैसेज को जल्दी देखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर रिप्लाई भी किया जा सकता है. बबल फीचर सिर्फ मौजूदा चैटिंग को सपोर्ट करता है.   WhatsApp का नया फीचर, उदाहरण में समझें उदाहरण के तौर पर समझे तो अगर आप किसी ऐप पर जरूरी काम कर रहे हैं. अगर बीच में कोई जरूरी वॉट्सऐप मैसेज आ जाता है तो दूसरे ऐप को बंद किए बिना मैसेज पढ़ा जा सकता है और उसका रिप्लाई किया जा सकता है. WhatsApp का बबल नोटिफिकेशन कैसे काम करेगा? वॉट्सऐप पर जैसे ही कोई नया मैसेज ग्रुप या पर्सनल चैट पर आएगा, उसके तुरंत बाद एंड्रॉयड स्क्रीन पर वॉट्सऐप आइकन फ्लोट होने लगेगा. उस बबल नोटिफिकेशन पर क्लिक करके यूजर्स आसानी से चैट आदि कर सकेंगे.

भू-माफिया का खेल उजागर: फर्जी दस्तावेजों से बेचे गए प्लॉट, लोग परेशान

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में इन दिनों एक बड़ा सवाल हर आम आदमी के सामने खड़ा है- क्या सपनों का घर भी कभी अचानक “अवैध” घोषित हो सकता है? शहर के बाहरी इलाकों में लगातार चल रही कार्रवाई और जयपुर विकास प्राधिकरण के बुलडोजर ने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है. दरअसल, इसी महीने 17 अप्रैल को हाउसिंग बोर्ड की टीम ने बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक फैली करीब 42 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी. इस जमीन का अधिग्रहण साल 1989 में हाउसिंग बोर्ड ने कर लिया था, लेकिन बावजूद इसके यहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यहां कॉलोनी विकसित कर दी और प्लॉट बेच दिए. खरीददारों का कहना है कि जमीन के कागज देखकर भुगतान किया और जमीन का सौदा किया, हमारी क्या गलती. वहीं, प्रशासन की सलाह है कि खरीददारों को जमीन सौदे के वक्त लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. इस मामले में NDTV ने खरीददार, एक्सपर्ट्स और प्रशासन से बात की और हकीकत जानी. साथ ही जाना कि घर खरीदते वक्त क्या सावधानियां रखी जाएं. लोगों का दर्द- अब हम कहां जाएं? असल कहानी सिर्फ अवैध कॉलोनियों की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की है, जहां कई स्तरों पर चूक दिखाई देती है. जयपुर के आसपास तेजी से बस रही कॉलोनियां किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि भू-माफिया, प्रॉपर्टी डीलर्स और प्रशासनिक ढील का नतीजा है. नियमों के मुताबिक, जमीन का उपयोग बदलने के लिए 90-A के तहत भू-रूपांतरण जरूरी होता है. ऐसे में भू-माफिया बिना किसी दस्तावेज के प्लॉटिंग कर देते हैं तो प्रशासन पर भी सवाल खड़े होते हैं.     प्रेम और पार्वती जैसे कई लोगों की परेशानी यह है, "वो अपनी आंखों के सामने आशियान उजड़ता देख रही है. उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों से हम रह रहे हैं और जेडीए नोटिस चस्पा कर घरों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. अब हम कहां जाएं?"   प्रशासन की सलाह भी जान लीजिए वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर अरविंद पोसवाल ने भी दी. उन्होंने कहा कि वहीं रजिस्ट्री को वैध मान लेता है, इसके लिए पहले जो लैंड कन्वर्जन हो रखा है या नहीं, ये संबंधित विभाग में जाकर चेक करे. जेडीए या हाउसिंग बोर्ड से उस भूमि की जानकारी लेने के बाद जमीन का सौदा करे. क्या कहते हैं एक्सपर्ट? जमीन से संबंधित मामलों के जानकार और अधिकक्ता कुलदीप शर्मा ने बताया कि कोई भी प्रॉपर्टी या घर लेने से पहले जेडीए या RERA की वेबसाइट पर चेक करें. वेबसाइट पर जानकारी चेक करने के साथ ही उसके वैध डॉक्यूमेंट संबंधित ऑथोरिटी के मास्टरप्लान से वैरिफाई करवाएं.

हालैंड के गोल से सिटी की जीत, आर्सेनल को पीछे छोड़ा

 लंदन  स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के गोल की मदद से मैनचेस्टर सिटी ने बर्नले को 1-0 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस तरह सिटी ने लीग में आर्सेनल के 200 दिनों से पहले स्थान पर चल रहे दबदबे को समाप्त कर दिया। वहीं यह हार बर्नले के लिए एक करारा झटका रही, क्योंकि इससे वह दूसरे डिवीजन में खिसक गया। हालैंड ने खेल के पांचवें मिनट में ही जेरेमी डोकु के पास पर लीग का अपना 24वां गोल दागा। इस जीत से सिटी खिताब का प्रबल दावेदार बन गया है। अब सिटी और आर्सेनल के 33 मैच में समान 70 अंक हो गए हैं और उनका गोल अंतर भी (37) बराबर है। हालांकि, सिटी ने आर्सेनल के 63 गोल की तुलना में 66 गोल किए हैं, जिससे वह पहले स्थान पर पहुंच गया है। बुधवार को खेले गए लीग के एक अन्य मैच में लीड्स ने स्टापेज टाइम के सातवें मिनट में गोल करके बोर्नमाउथ के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला। यह वीडियो भी देखें बार्सिलोना की जीत में गोल कर चोटिल हुए यमाल युवा फुटबॉलर लामिने यमाल स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के मैच में बार्सिलोना के लिए विजयी गोल करने के बाद चोटिल हो गए। बार्सिलोना ने इस मैच में यमाल के एकमात्र गोल से सेल्टा विगो 1-0 से हराया। यमाल के चोटिल होने से उनकी विश्व कप में खेलने को लेकर आशंका बन गई है। बार्सिलोना ने इस जीत से लीग में दूसरे स्थान पर चल रहे रीयल मैड्रिड पर नौ अंक की मजबूत बढ़त बना ली। यमाल ने 40वें मिनट में पेनल्टी पर गोल किया। जैसे ही उनके साथी खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए पहुंचे, वह जमीन पर गिर पड़े और फिर अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से को पकड़ते हुए दिखाई दिए। वह मुकाबले में आगे नहीं खेल पाए। बार्सिलोना बना चैंपियन बार्सिलोना ने एस्पेनयोल को 4-1 से हराकर लगातार सातवीं बार महिला स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस जीत से बार्सिलोना दूसरे स्थान पर मौजूद रीयल मैड्रिड से 16 अंक आगे हो गया है। यह खिताब जीतने के लिए पर्याप्त हैं। बार्सिलोना का यह 11वां लीग खिताब है। बार्सिलोना ने इस साल के टूर्नामेंट में अपने 26 मैचों में से 25 मैच जीते हैं। पिछले साल नवंबर में उसे रीयल सोसिदाद के हाथों 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था, जो उसकी एकमात्र हार थी। बार्सिलोना की महिला टीम ने लीग में अब तक 116 गोल किए हैं और सात गोल खाए हैं। इस तरह से उसका गोल अंतर 109 है। रीयल मैड्रिड का गोल अंतर 38 है।

27 अप्रैल को सूर्य के भरणी नक्षत्र में प्रवेश से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उनका नक्षत्र परिवर्तन भी मायने रखता है. 27 अप्रैल 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव अश्विनी नक्षत्र से निकलकर भरणी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. शुक्र के आधिपत्य वाले इस नक्षत्र में सूर्य का आगमन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद प्रभावशाली माना जाता है. सूर्य का यह गोचर कुछ खास राशि वालों के लिए गोल्डन पीरियड की शुरुआत करने वाला है. आइए जानते हैं किन 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है और किसे मिलेगा बंपर धन लाभ. मेष राशि: करियर में ऊंची उड़ान मेष राशि वालों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन वरदान की तरह है. आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी.  अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. अगर आप नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है. मिथुन राशि: आय के नए स्रोत मिथुन राशि के जातकों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे. सूर्य और शुक्र का यह नक्षत्र संबंध आपकी सुख-सुविधाओं में विस्तार करेगा. शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में किया गया पुराना निवेश अब मुनाफा देना शुरू करेगा. प्रभावशाली लोगों से मेलजोल बढ़ेगा, जो भविष्य में बड़े कॉन्ट्रैक्ट दिला सकता है. सिंह राशि: मान-सम्मान और पदोन्नति चूँकि सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए भरणी नक्षत्र में उनका जाना आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा. समाज और दफ्तर में आपका दबदबा बढ़ेगा. सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं. धनु राशि: भाग्य का पूरा साथ धनु राशि वालों के लिए यह समय बंपर ग्रोथ वाला साबित होगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता आपको दूसरों से आगे रखेगी. व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं धनवर्षा का कारण बनेंगी. फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी, आपकी बैंक बैलेंस में इजाफा होगा.