samacharsecretary.com

हालैंड के गोल से सिटी की जीत, आर्सेनल को पीछे छोड़ा

 लंदन  स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के गोल की मदद से मैनचेस्टर सिटी ने बर्नले को 1-0 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस तरह सिटी ने लीग में आर्सेनल के 200 दिनों से पहले स्थान पर चल रहे दबदबे को समाप्त कर दिया। वहीं यह हार बर्नले के लिए एक करारा झटका रही, क्योंकि इससे वह दूसरे डिवीजन में खिसक गया। हालैंड ने खेल के पांचवें मिनट में ही जेरेमी डोकु के पास पर लीग का अपना 24वां गोल दागा। इस जीत से सिटी खिताब का प्रबल दावेदार बन गया है। अब सिटी और आर्सेनल के 33 मैच में समान 70 अंक हो गए हैं और उनका गोल अंतर भी (37) बराबर है। हालांकि, सिटी ने आर्सेनल के 63 गोल की तुलना में 66 गोल किए हैं, जिससे वह पहले स्थान पर पहुंच गया है। बुधवार को खेले गए लीग के एक अन्य मैच में लीड्स ने स्टापेज टाइम के सातवें मिनट में गोल करके बोर्नमाउथ के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला। यह वीडियो भी देखें बार्सिलोना की जीत में गोल कर चोटिल हुए यमाल युवा फुटबॉलर लामिने यमाल स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के मैच में बार्सिलोना के लिए विजयी गोल करने के बाद चोटिल हो गए। बार्सिलोना ने इस मैच में यमाल के एकमात्र गोल से सेल्टा विगो 1-0 से हराया। यमाल के चोटिल होने से उनकी विश्व कप में खेलने को लेकर आशंका बन गई है। बार्सिलोना ने इस जीत से लीग में दूसरे स्थान पर चल रहे रीयल मैड्रिड पर नौ अंक की मजबूत बढ़त बना ली। यमाल ने 40वें मिनट में पेनल्टी पर गोल किया। जैसे ही उनके साथी खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए पहुंचे, वह जमीन पर गिर पड़े और फिर अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से को पकड़ते हुए दिखाई दिए। वह मुकाबले में आगे नहीं खेल पाए। बार्सिलोना बना चैंपियन बार्सिलोना ने एस्पेनयोल को 4-1 से हराकर लगातार सातवीं बार महिला स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस जीत से बार्सिलोना दूसरे स्थान पर मौजूद रीयल मैड्रिड से 16 अंक आगे हो गया है। यह खिताब जीतने के लिए पर्याप्त हैं। बार्सिलोना का यह 11वां लीग खिताब है। बार्सिलोना ने इस साल के टूर्नामेंट में अपने 26 मैचों में से 25 मैच जीते हैं। पिछले साल नवंबर में उसे रीयल सोसिदाद के हाथों 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था, जो उसकी एकमात्र हार थी। बार्सिलोना की महिला टीम ने लीग में अब तक 116 गोल किए हैं और सात गोल खाए हैं। इस तरह से उसका गोल अंतर 109 है। रीयल मैड्रिड का गोल अंतर 38 है।

27 अप्रैल को सूर्य के भरणी नक्षत्र में प्रवेश से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उनका नक्षत्र परिवर्तन भी मायने रखता है. 27 अप्रैल 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव अश्विनी नक्षत्र से निकलकर भरणी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. शुक्र के आधिपत्य वाले इस नक्षत्र में सूर्य का आगमन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद प्रभावशाली माना जाता है. सूर्य का यह गोचर कुछ खास राशि वालों के लिए गोल्डन पीरियड की शुरुआत करने वाला है. आइए जानते हैं किन 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है और किसे मिलेगा बंपर धन लाभ. मेष राशि: करियर में ऊंची उड़ान मेष राशि वालों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन वरदान की तरह है. आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी.  अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. अगर आप नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है. मिथुन राशि: आय के नए स्रोत मिथुन राशि के जातकों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे. सूर्य और शुक्र का यह नक्षत्र संबंध आपकी सुख-सुविधाओं में विस्तार करेगा. शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में किया गया पुराना निवेश अब मुनाफा देना शुरू करेगा. प्रभावशाली लोगों से मेलजोल बढ़ेगा, जो भविष्य में बड़े कॉन्ट्रैक्ट दिला सकता है. सिंह राशि: मान-सम्मान और पदोन्नति चूँकि सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए भरणी नक्षत्र में उनका जाना आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा. समाज और दफ्तर में आपका दबदबा बढ़ेगा. सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं. धनु राशि: भाग्य का पूरा साथ धनु राशि वालों के लिए यह समय बंपर ग्रोथ वाला साबित होगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता आपको दूसरों से आगे रखेगी. व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं धनवर्षा का कारण बनेंगी. फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी, आपकी बैंक बैलेंस में इजाफा होगा.

सचिन की 664 रनों की साझेदारी, 100 शतक की कहानी

नई  दिल्ली क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन पर एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जादू वक्त के साथ कम नहीं हुआ है. शुक्रवार (24 अप्रैल) को मुंबई स्थित उनके घर के बाहर फैन्स का हुजूम उमड़ पड़ा. इस खास मौके पर सचिन ने पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ बाहर आकर प्रशंसकों का अभिवादन किया और एक ‘नन्हे फैन’ के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में समय बिताया…एक ऐसा पल जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. सचिन तेंदुलकर 53 साल के हो गए. उन्होंने महज 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. 24 साल लंबे करियर में उन्होंने ऐसे-ऐसे कीर्तिमान गढ़े कि उन्हें ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाने लगा.      सचिन की प्रतिभा को पहली बार दुनिया ने गंभीरता से तब देखा, जब उन्होंने अपने दोस्त विनोद कांबली के साथ 1988 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की. मुंबई के आजाद मैदान पर खेले गए इस मैच में सचिन 326 और कांबली 349 रन बनाकर नाबाद रहे. उस समय यह किसी भी स्तर पर क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी थी. एक अंपायर की वजह से दुनिया तक पहुंची कहानी दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड दुनिया के सामने आसानी से नहीं आया. क्रिकेट की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘विजडन’ ने इसे प्रकाशित नहीं किया था. लेकिन अंपायर मार्कस कुटो की मेहनत से यह ऐतिहासिक साझेदारी एक महीने बाद दुनिया के सामने आ सकी. स्कोरकार्ड की गड़बड़ी को सुधारते हुए उन्होंने आंकड़ों को व्यवस्थित किया, हालांकि सचिन आज भी मजाक में अपने ‘तीन रन’ कम होने की बात याद दिलाते रहते हैं. दरअसल, मार्कस कुटो के मुताबिक उस मैच के लिए 10 स्कोरर थे और स्कोरकार्ड में भी गड़बड़ी आ गई थी. ऐसे में स्कोर का मिलान करने के लिए माकर्स काउटो ने सचिन तेंदुलकर के 326 रनों के स्कोर में से तीन रन हटा दिए. सचिन अब भी मार्कस कुटो को वह बात याद दिलाना नहीं भूलते. सचिन का मानना है कि तीन रन अतिरिक्त (extras) में से कम करने चाहिए थे. आंकड़े जो आज भी बेजोड़ हैं सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से भी अतुलनीय है- टेस्ट: 200 मैच, 15921 रन, 51 शतक वनडे: 463 मैच, 18426 रन, 49 शतक अंतरराष्ट्रीय शतक: 100 (दुनिया में अकेले) विकेट: 201 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े टेस्ट के साथ उन्होंने अपने सुनहरे करियर को अलविदा कहा, लेकिन उनकी विरासत आज भी हर क्रिकेटर के लिए प्रेरणा है. 53 की उम्र में भी सचिन का करिश्मा बरकरार है. जन्मदिन पर घर के बाहर उमड़ी भीड़ और एक छोटे फैन के साथ उनकी सहज मुस्कान इस बात का सबूत है कि सचिन सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक भावना हैं, जो हर पीढ़ी के दिल में बसती है.

स्वास्थ्य विभाग का अल्टीमेटम: 5 दिन में अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई रिपोर्ट

जयपुर राजस्थान में सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा एक्शन लिया है. जिसमें राज्य सरकार ने उन 697 'लापता' डॉक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो कागजों में तो तैनात हैं लेकिन सालों से अस्पताल की चौखट तक नहीं पहुंचे. स्वास्थ्य विभाग अब इन 'घोस्ट डॉक्टर्स' (Ghost Doctors) की सेवाएं स्थायी रूप से समाप्त करने की तैयारी में है. 5 दिन का अल्टीमेटम, CMHO को सख्त निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को कड़ा फरमान जारी किया है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी 5 दिनों के भीतर गायब डॉक्टरों के खिलाफ अलग-अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर भेजें. यह पूरी प्रक्रिया CCA नियमों के तहत अमल में लाई जाएगी ताकि लापरवाह सिस्टम को सुधारा जा सके. कोई 15 साल से गायब तो कोई 22 साल से 'लापता' रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. कुछ डॉक्टर तो ऐसे हैं जिन्होंने पिछली दो दशकों से अस्पताल का चेहरा नहीं देखा. उदयपुर में एक बाल रोग विशेषज्ञ जुलाई 2004 से और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ 2013 से ड्यूटी से नदारद हैं. वहीं अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ 2007 से गायब हैं. अजमेर जिला इस सूची में 41 गायब डॉक्टरों के साथ सबसे ऊपर है जबकि राजधानी जयपुर में भी 29 डॉक्टर वर्षों से गायब हैं. लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई इस मामले को लेकर चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि बड़ी संख्या में डॉक्टर बिना सूचना के अनुपस्थित हैं. इस पूरे मामले पर सीएमएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अनुपस्थित चिकित्सकों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जाए. इसमें पांच दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनुपस्थिति के पीछे क्या कारण हैं. रिपोर्ट आने के बाद जो भी कारण सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि लापरवाही या अनुशासनहीनता पाई जाती है तो संबंधित चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. मरीजों के हक पर डाका और नई भर्तियों में अड़ंगा इन डॉक्टरों की इस हरकत ने दोहरा नुकसान किया है. पहली बात तो यह कि स्त्री रोग, सर्जरी और रेडियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञों की कमी हो गई है और दूसरी यह कि कागजों में पद भरे होने के कारण सरकार नई भर्तियां नहीं कर पा रही थी. कई डॉक्टर पीजी करने के बाद विदेश चले गए या निजी प्रैक्टिस में मशगूल हो गए लेकिन सरकारी इस्तीफा नहीं दिया. बांड राशि की वसूली और सेवा समाप्ति सरकार अब सिर्फ नौकरी से नहीं निकालेगी बल्कि रिकवरी भी करेगी. जिन डॉक्टरों ने सरकारी कोटे से पीजी की पढ़ाई की और बांड की शर्तें पूरी नहीं की उनसे करोड़ों रुपये की बांड राशि वसूली जाएगी. विभाग ने साफ किया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और ड्यूटी से भागने वालों पर सख्त एक्शन लेकर नए डॉक्टरों के लिए रास्ते खोले जाएंगे.

रांची में OMCs का दावा: राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति नियंत्रण में

रांची झारखंड में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इस बात की जानकारी गुरुवार को पीआईबी रांची और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसीज़) की ओर से एक प्रेस वार्ता में दी गई। पेट्रोलियम कंपनियों के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप पॉल और पत्र सूचना कार्यालय के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा ने बताया कि राज्य भर में पेट्रोलियम उत्पादों निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में उपलब्ध सुदृढ़ बुनियादी ढांचे, सतत निगरानी व्यवस्था और प्रभावी समन्वय तंत्र के माध्यम से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। पेट्रोल और डीजल का 12 दिनों का स्टॉक उपलब्ध राज्य में वर्तमान में कुल 2084 रिटेल आउटलेट (ओएमसी: 1981 एवं निजी: 103) तथा 5 सप्लाई लोकेशन-डिपो संचालित हैं। औसतन प्रतिदिन 1750 KL पेट्रोल (MS) एवं 3450 KL डीजल (HSD) उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्तमान में पेट्रोल का 12 दिन तथा डीजल का 12 दिन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्यरत हैं तथा बिक्री पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। जनवरी–मार्च 2026 की सामान्य खपत के अनुरूप नोज़ल सेल हो रही है, जो मांग की स्थिरता को दर्शाती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें। एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह स्थिर, 67.5 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा एलपीजी आपूर्ति की बात करें तो राज्य में 591 वितरकों और 5 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से लगभग 67.5 लाख उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। औसतन प्रतिदिन 80 हजार रिफिल की डिलीवरी की जा रही है। जबकि लगभग 5.0 दिन का बैकलॉग निर्धारित बुकिंग सूची के अनुसार पूरा किया जा रहा है। आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्तमान में व्यावसायिक एलपीजी 70 प्रतिशत आवंटन स्तर बनाए रखा गया है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, रक्षा, रेलवे, सरकारी प्रतिष्ठान, होटल- रेस्टोरेंट, औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है। 5 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए 95 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से की जा रही है जो कि दो माह पहले सिर्फ 70 प्रतिशत थी। 90 प्रतिशत मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है जो कि दो माह पहले सिर्फ 40 प्रतिशत थी। राज्य में 41 हज़ार पीएनजी कनेक्शन पीएनजी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में लगभग 41 हजार पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। पिछले एक माह में लगभग 4000 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। सरकार की ओर से त्वरित अनुमतियां, पाइपलाइन बिछाने के लिए फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस एवं स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय के माध्यम से नेटवर्क विस्तार को गति दी जा रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता में कमी आएगी।  

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त कलेक्टर के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई   गैस रिफिलिंग का गोरखधंधा पकड़ा गया बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सीपत चौक में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और रिफिलिंग के खिलाफ बड़ी छापामार कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के मार्गदर्शन में एएफओ अजय मौर्य एवं विनीता दास के नेतृत्व में टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।        खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महामाया गैस चूल्हा सुधारक एवं विक्रेता तथा गर्ल्स हॉस्टल संचालक लव निमेष जायसवाल के कब्जे से 19 नग 14.2 किलोग्राम के भरे एवं आंशिक भरे घरेलू गैस सिलेंडर तथा 35 नग 5 किलोग्राम के घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर, इस प्रकार कुल 54 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। मौके से 7 नग रिफिलिंग बंशी (नोजल), एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन सहित अन्य उपकरण भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि बिना वैध अनुमति के गैस सिलेंडरों का भंडारण एवं रिफिलिंग कर अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने के साथ ही आमजन की जान-माल को खतरा बना हुआ था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी जब्त सामग्री को सुरक्षित किया और मौके से गुजर रही कोनी इंडेन की डिलीवरी वैन को रुकवाकर संबंधित एजेंसी के सुपुर्द किया। इसी क्रम में विजय स्टील नामक प्रतिष्ठान जिसके मालिक सनटी अग्रवाल है से भी 2 घरेलू गैस सिलेंडर, 3 रिफिलिंग बंशी एवं एक तौल मशीन जब्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग सख्ती: खर्च विवरण नहीं देने पर 115 प्रत्याशी अयोग्य

चंडीगढ़ हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 115 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी उम्मीदवार अगले पांच वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यह कदम उन प्रत्याशियों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने चुनाव खर्च का अनिवार्य विवरण समय पर जमा नहीं कराया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है। नियमों के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा कराना अनिवार्य होता है। तय समय सीमा में यह जानकारी उपलब्ध न कराने पर उम्मीदवार को आगामी चुनावों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में अयोग्य उम्मीदवारों की सूची अपडेट करते हुए 115 प्रत्याशियों को पांच वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जाएगी। उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का विधिवत रजिस्टर बनाए रखने और हर विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे इस संबंध में पर्यवेक्षकों से मार्गदर्शन भी ले सकते हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। निकाय उम्मीदवार कितना पैसा खर्च कर सकते हैं आयोग समय-समय पर उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय करता आया है। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। नगर निगम महापौर के लिए उम्मीदवार अधिकतम 30 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। निगम में पार्षद के उम्मीदवार साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। वहीं नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 20 लाख रुपये, नगर काउंसिल के मेंबर की खर्च सीमा चार लाख रुपये तय की गई है। पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है। चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर यदि उम्मीदवार खर्च का ब्योरा जमा नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाता है। उसके बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं देते हैं तो जिला अधिकारी उन्हें अयोग्य घोषित कर देते हैं और इसकी जानकारी राज्य चुनाव आयोग को भिजवाई जाती है। कहां कितने उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए चुनाव आयोग के मुताबिक सोनीपत नगर निगम के 18 उम्मीदवार, नगर परिषद झज्जर के 5, नूंह नगर परिषद के 14, पुन्हाना नगर पालिका के 17, नगर पालिका फिरोजपुर झिरका के पांच, नगर परिषद नारनौल के 41, नगर पालिका राजौंद के 13, नगर पालिका टोहाना के एक उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया गया है।  

पंजाब में 30 अप्रैल से जनगणना की शुरुआत, 15 मई से 67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर करेंगे सर्वे

चंडीगढ़  जनगणना का पहला चरण 15 मई से 13 जून के बीच आयोजित किया जाएगा। इस कार्य के लिए तरनतारन जिला प्रशासन द्वारा लगभग 2500 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। डिप्टी कमिश्नर सह-प्रधान जनगणना अधिकारी राहुल ने बताया कि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण विभिन्न स्तरों पर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, “जनगणना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया को ‘डिजिटल मोड’ के जरिए हाई-टेक तरीके से पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत, स्वयं-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के लिए ऑनलाइन पोर्टल 30 अप्रैल से 14 मई तक खुला रहेगा, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके बाद 15 मई से 13 जून तक गणनाकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। वास्तविक जनसंख्या की गिनती का दूसरा चरण नौ फरवरी 2027 में होगा, जिसमें हर व्यक्ति का डेटा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से कुल 67 हजार मुलाजिम तैनात किए जाएंगे। लोकल बॉडी विभाग के सचिव मनजीत सिंह बराड़ व निदेशक जनगणना नवजोत खोसा ने यह जानकारी शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी। मोबाइल ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें डेटा जुटाने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनेगी। कर्मचारी घर की स्थिति, दीवार और छत के मटेरियल, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं के साथ-साथ टीवी, वाहन जैसे संसाधनों की जानकारी भी जुटाएंगे। कुल 33 सवालों का जवाब देना होगा। 67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त राज्य में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत लगभग 51,561 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए जा चुके हैं। इस कार्य के लिए करीब 67,000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें लगभग 56,544 एन्यूमरेटर और 10,368 सुपरवाइजर शामिल हैं। इन नियुक्तियों में स्कूल शिक्षक, क्लर्क तथा राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के अधिकारी भी शामिल हैं। प्रत्येक एन्यूमरेटर को लगभग 700 से 800 लोगों का डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, एक सुपरवाइजर के अधीन करीब 6 एन्यूमरेटर काम करेंगे और उनकी निगरानी करेंगे। स्वगणना के लिए केंद्र सरकार के पोर्टल पर जाना है। जिसमें लॉगिन कर 16 भाषाओं में जवाब दे पाएंगे। पोर्टल सुबह छह से 12 बजे तक एक्टिव रहेगा स्व गणना के लिए किसी ऐसे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें जो पहले से किसी अन्य परिवार द्वारा इस्तेमाल किया गया हो। परिवार के मुखिया के लिए नकली या अस्थायी नाम न डालें, क्योंकि बाद में इसे बदला नहीं जा सकता। अपना लॉगिन OTP किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को सेंसस अफसर ही क्यों न बताए। आधार, पैन या बैंक डिटेल जैसे संवेदनशील दस्तावेज अपलोड या साझा न करें (इनकी आवश्यकता नहीं है)। उन परिवार के सदस्यों को शामिल न करें जो स्थायी रूप से कहीं और जा चुके हैं या काम/पढ़ाई के लिए बाहर रह रहे हैं। मैप पर अपनी लोकेशन गलत तरीके से न चुनें; यह आपकी असली रहने की जगह होनी चाहिए। कोई भी सवाल खाली न छोड़ें; सिस्टम आमतौर पर आगे बढ़ने नहीं देता। यह न मानें कि प्रक्रिया पूरी हो गई है, जब तक आपको SE ID के साथ सफलता स्क्रीन न दिख जाए। रात 12 बजे के बाद पोर्टल का उपयोग न करें, क्योंकि यह केवल सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक ही सक्रिय रहता है। जानकारी भरते हुए पब्लिक आईडी का प्रयोग न करे फाइनल सबमिशन के बाद डेटा एडिट करने की कोशिश न करें। सुरक्षा के लिए यह लॉक हो जाता है। ऑनलाइन सबमिट करने के बाद आने वाले एन्यूमरेटर (गणनाकर्मी) को नजरअंदाज न करें, उनकी विजिट सत्यापन के लिए होती है। अगर आपका SE ID खो जाए तो घबराएं नहीं। आप इसे अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे मेहमानों की जानकारी न दें जो केवल कुछ दिनों के लिए आए हुए हैं। निजी जानकारी भरते समय पब्लिक या असुरक्षित Wi-Fi (जैसे कैफे में) का उपयोग न करें। घर में रहने वाले सभी विवाहित जोड़ों का अलग-अलग उल्लेख करना न भूलें। आखिरी दिन (14 मई) तक सबमिट करने का इंतजार न करें, क्योंकि उस समय सर्वर पर ज्यादा लोड हो सकता है। डॉटा भरने के बाद एक 21 अंकों का नंबर आएगा। इसे संभाल कर रखना है। पंजाब में 30 अप्रैल से शुरू होगी हेल्पलाइन जनगणना 2027 के लिए हेल्पलाइन लोगों की मदद के लिए 30 अप्रैल से शुरू होगी। अगर आपको खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) या घर की जानकारी देने (हाउस लिस्टिंग) में कोई दिक्कत हो, तो आप यहां सवाल पूछ सकते हैं। शिकायत कर सकते हैं या अधिकारी से बात भी कर सकते हैं। इसे लिए 1855 नंबर पर कॉल करनी होगी। यह सेवा 24 घंटे चालू रहेगी और 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर आपकी कॉल सीधे जनगणना विभाग के अधिकारी तक पहुंचाई जा सकती है। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक सोमवार से शनिवार उपलब्ध रहेगी। एन्यूमरेटर और लोगों की यह जिम्मेदारी तय एन्यूमरेटर जो व्यक्ति घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करता है। लोगों से आराम से और साफ तरीके से सवाल पूछेगा। फॉर्म जमा करने से पहले सब कुछ चेक करेगा कि सही है या नहीं। आपकी दी गई जानकारी को गोपनीय रखेगा। दूसरा जिसके घर जनगणना वाले उसकी जिम्मेदारी है उसे दूसरा सही और पूरी जानकारी देनी है। अगर कोई बात समझ न आए तो पूछ लेना है। पंजाब में पहली ड्रग जनगणना भी पंजाब सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से भारत की पहली व्यापक 'ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना' शुरू की है, जिसका उद्देश्य 65 लाख परिवारों का सर्वेक्षण कर नशे के खिलाफ 'डेटा-आधारित' पुनर्वास नीतियां बनाना है। लगभग 28,000 सरकारी कर्मचारियों द्वारा तीन महीने में पूरी की जाने वाली इस ₹150 करोड़ की पहल का लक्ष्य नशा मुक्ति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना है। अलग-अलग नगर निगमों में HLBs (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स) की संख्या पठानकोट – 344 बटाला – 285 अमृतसर – 2324 कपूरथला – 142 फगवाड़ा – 225 जालंधर – 1689 होशियारपुर – 263 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) – 674 … Read more

योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम, प्रदेश में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम की शुरुआत होगी

योगी सरकार का बड़ा कदम: प्रदेश को जल्द मिलेंगे 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, सम्भल और शामली में जारी है स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण स्टेडियम निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच खेल व खिलाड़ियों को लगातार प्राथमिकता पर प्रोत्साहन दे रही है योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार खेल विभाग के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार विशेष जोर दे रही है। प्रदेश के 71 जिलों में इस समय 84 स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालित हो रहे हैं, जबकि 5 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। जिसमें गाजीपुर में नवीन स्टेडियम का निर्माण (द्वितीय), चंदौली में स्पोर्ट्स स्टेडियम, हापुड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम, संभल में स्पोर्ट्स स्टेडियम, और शामली में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकेगा।  हापुड़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम का कार्य 70% पूरा वहीं निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो गाजीपुर में नया स्टेडियम लगभग 99.9% पूरा हो चुका है, हालांकि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई कुछ कमियों का निस्तारण अभी शेष है। हापुड़ में स्टेडियम का निर्माण करीब 70% पूरा हो चुका है, जबकि संभल में यह कार्य 26% और शामली में कार्य शुरू हो चुका है। चंदौली में स्टेडियम निर्माण के लिए फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है। निर्माण कार्य पूर्ण होने और हैंडओवर के बाद ही इनका लोकार्पण किया जाएगा। गाजीपुर को छोड़कर बाकी चार जनपदों में स्टेडियम निर्माण को वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिली है। यह परियोजनाएं प्रदेश में खेल अवसंरचना को नई दिशा देने का काम करेंगी। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर योगी सरकार का फोकस योगी सरकार का फोकस सिर्फ स्टेडियम निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर भी है। खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के साथ-साथ मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम, हॉकी और फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। नए स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अपने ही जिले में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रहीं हैं। साथ ही प्रदेश में खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने से खिलाड़ियों को अपने ही जनपद में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

मई 2026 में बनेंगे तीन राजयोग, धन और करियर में बड़े बदलाव के संकेत

मई 2026 सिर्फ एक सामान्य महीना नहीं है, बल्कि यह समय ज्योतिष के अनुसार बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है. इस महीने गजलक्ष्मी राजयोग, मालव्य राजयोग और लाभ दृष्टि राजयोग जैसे तीन शक्तिशाली योग बन रहे हैं. खास बात यह है कि ये योग अलग-अलग तारीखों पर बनते हुए पूरे महीने को एक पॉजिटिव फ्लो देते हैं, जिससे धन, करियर और जीवन में लगातार ग्रोथ के संकेत मिलते हैं. 2 मई से लाभ दृष्टि राजयोग महीने की शुरुआत ही एक मजबूत योग से होती है. 2 मई को शनि और शुक्र की खास स्थिति से लाभ दृष्टि राजयोग बनता है. यह योग बताता है कि जो मेहनत आप लंबे समय से कर रहे थे, उसका फल अब मिलने लगेगा. रुके हुए काम आगे बढ़ेंगें, करियर या बिजनेस में स्थिरता आएगी. यह समय धैर्य रखने वालों के लिए खास लाभ देने वाला हो सकता है. किन राशियों को फायदा? मेष राशि: रुका हुआ काम पूरा होगा, करियर में स्थिरता आएगी वृषभ राशि: आर्थिक स्थिति सुधरेगी, नियमित आय के स्रोत बनेंगे कन्या राशि: नौकरी में सुधार और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं मकर राशि: मेहनत का पूरा फल मिलेगा, प्रमोशन के योग 14 मई से गजलक्ष्मी राजयोग जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ता है, 14 मई से गुरु और शुक्र की युति गजलक्ष्मी राजयोग बनाती है, जो 8 जून तक प्रभावी रहेगा. यह वह समय है जब आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिलते हैं. अचानक धन लाभ, निवेश से फायदा और लाइफस्टाइल में सुधार देखने को मिल सकता है. जो लोग लंबे समय से किसी बड़े मौके का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह समय दरवाजे खोल सकता है. किन राशियों को फायदा? मिथुन राशि: सबसे ज्यादा लाभ, आय में बढ़ोतरी और नए मौके कर्क राशि: धन संचय के योग, परिवार में सुख-समृद्धि सिंह राशि: प्रतिष्ठा के साथ आर्थिक लाभ तुला राशि: लग्जरी लाइफस्टाइल और सुख-सुविधाओं में इजाफा धनु राशि: निवेश से अच्छा रिटर्न और भाग्य का साथ पूरे महीने बना रहेगा मालव्य राजयोग का असर इन दोनों योगों के बीच शुक्र की मजबूत स्थिति के कारण पूरे मई में मालव्य राजयोग का प्रभाव भी बना रहता है. यह योग जीवन में सुख-सुविधाएं, आकर्षण और करियर में ग्रोथ लेकर आता है. खासकर जो लोग क्रिएटिव या पब्लिक डीलिंग वाले काम में हैं, उन्हें इसका फायदा ज्यादा मिल सकता है. किन राशियों को फायदा? वृषभ राशि: पर्सनालिटी में निखार, धन और सुख में वृद्धि मिथुन राशि: करियर में ग्रोथ और नई पहचान तुला राशि: रिश्तों में मजबूती और जीवन में संतुलन कुंभ राशि: क्रिएटिव फील्ड में सफलता और नए अवसर मीन राशि: मानसिक शांति और आर्थिक सुधार