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अधिक धान उत्पादन के लिए कृषि विभाग का अभियान तेज, हरी खाद से खेतों में वृद्धि

हरी खाद से लहलहाएंगे खेत: धान उत्पादन बढ़ाने कृषि विभाग का विशेष अभियान तेज "रासायनिक उर्वरकों का विकल्प बन रही हरी खाद, 176 हेक्टेयर में विस्तार का लक्ष्य तय" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में मृदा की सेहत सुधारने और धान उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में हरी खाद और जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग का मानना है कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। अभियान के तहत किसानों को रोपा पद्धति से धान की खेती से पहले खेतों में ढैंचा, सन जैसी शीघ्र बढ़ने वाली दलहनी फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन फसलों को एक निश्चित अवस्था में मिट्टी में पलटने से मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ढैंचा एक अत्यंत प्रभावी हरी खाद है, जिससे प्रति हेक्टेयर 30 से 40 किलोग्राम तक नाइट्रोजन प्राप्त हो सकती है। इसकी बुवाई 35 से 45 दिन पहले की जाती है और 2 से 3 फीट ऊंचाई होने पर इसे मिट्टी में मिला दिया जाता है, जो कुछ ही दिनों में सड़-गलकर फसल के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। जिले में इस अभियान के तहत कुल 176 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मनेन्द्रगढ़ के लिए 62 हेक्टेयर, खड़गवां के लिए 52 हेक्टेयर और भरतपुर के लिए 62 हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। कृषि विभाग किसानों को हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस पहल का लाभ उठाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारें और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।

अवधपुरी में 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन, 3.36 करोड़ की लागत से होगा निर्माण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन भोपाल अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

डिप्टी कमिश्नर अमृतसर ने किसान जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई

अमृतसर.  डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने गेहूं के डंठल जलाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान के तहत, अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स से जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई। अमृतसर जिले में गेहूं की कटाई चल रही है, जिसके बाद ये वैन गांव लेवल पर किसानों को अलग-अलग तरीकों से गेहूं के डंठल को बिना जलाए मैनेज करने के बारे में जागरूक करेंगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, मिट्टी की सेहत खराब होती है, दोस्त कीड़े मर जाते हैं और कीमती पोषक तत्व और ऑर्गेनिक चीजें नष्ट हो जाती हैं। इस मौके पर, अमृतसर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) रोहित गुप्ता ने कहा कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने किसानों द्वारा गेहूं के डंठल जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे गेहूं के डंठल को बिना आग लगाए ठीक से मैनेज करें। अमृतसर के चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर डॉ. गुरसाहिब सिंह ने कहा कि एग्रीकल्चर और किसान कल्याण विभाग, जिला अमृतसर गांव और ब्लॉक लेवल पर कैंप लगाकर, गांव लेवल पर धार्मिक जगहों से अनाउंसमेंट करके, गांव लेवल पर नाटक दिखाकर और प्रोग्रेसिव किसानों और गांवों के जाने-माने प्रतिनिधियों जैसे सरपंच, नंबरदार वगैरह के साथ ब्लॉक लेवल पर मीटिंग करके गेहूं के डंठलों के सही मैनेजमेंट के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक खास कैंपेन चला रहा है। अमृतसर जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं के डंठलों से भूसा बनाने के बाद, बचे हुए हिस्से को बिना आग लगाए अगली फसल के लिए तैयार करें। चूंकि किसानों के पास गेहूं की कटाई और धान की बुआई के बीच काफी समय होता है, इसलिए इस दौरान किसान जंतर को हरी खाद के तौर पर लगाकर जमीन की सेहत सुधारने के लिए सही कदम उठा सकते हैं। इस मौके पर SDM अलका कालिया, एग्रीकल्चर ऑफिसर गुरप्रीत सिंह, नवतेज सिंह और गुरजोत सिंह, जगदीप कौर DPD (Atma), मनबीर कौर, एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर (रिक्लेमेशन), हरगुरनाड सिंह, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर, सविता चौहान सीनियर असिस्टेंट और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से रजनी बिष्ट, शरणजीत कौर, जोरावर सिंह, रणजीत सिंह वगैरह मौजूद थे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

तरुणप्रीत सिंह बोले – पंजाब लेबर वेलफेयर बोर्ड ने इंडस्ट्रियल वर्कर्स को Rs. 17.11 करोड़ के फायदे बांटे

चंडीगढ़. पंजाब लेबर वेलफेयर बोर्ड ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में अलग-अलग वेलफेयर स्कीम के तहत 7831 बेनिफिशियरी को Rs. 17.11 करोड़ की फाइनेंशियल मदद बांटी। बोर्ड की चल रही एक्टिविटी और प्रोग्रेस का असेसमेंट करने के लिए एक रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, पंजाब के लेबर मिनिस्टर एस. तरुणप्रीत सिंह सौंद ने इन कोशिशों को और मजबूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को अवेयरनेस कैंपेन तेज़ करने का निर्देश दिया ताकि बड़ी संख्या में एलिजिबल वर्कर्स वेलफेयर स्कीम का फायदा उठा सकें। मिनिस्टर ने ज़ोर देकर कहा कि अवेयरनेस की कमी अक्सर वर्कर्स को उनके लिए उपलब्ध वेलफेयर स्कीम का फायदा उठाने से रोकती है। स्कीम के स्कोप के बारे में बताते हुए, मिनिस्टर ने कहा कि पंजाब लेबर वेलफेयर फंड एक्ट, 1965 के तहत आने वाली जगहों में काम करने वाले इंडस्ट्रियल वर्कर्स बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले फायदों का फायदा उठाने के एलिजिबल हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये पहलें वर्कर्स और उनके परिवारों को हेल्थ, एजुकेशन और सोशल सिक्योरिटी समेत ज़िंदगी के अलग-अलग पहलुओं में मदद करने के लिए शुरू की गई हैं। बोर्ड द्वारा शुरू की गई स्कीमों में मेडिकल ट्रीटमेंट और जनरल सर्जरी के लिए फाइनेंशियल मदद, एक्स-ग्रेटिया ग्रांट, अंतिम संस्कार का खर्च, LTC, मैटरनिटी बेनिफिट और मेंटल या फिजिकल डिसेबिलिटी वाले वर्कर्स के लिए मदद शामिल है। इसके अलावा, वर्कर्स दूसरी स्कीमों का भी फायदा उठा सकते हैं, जिनमें शगुन स्कीम, चश्मे, डेंटल केयर और हियरिंग एड के लिए मदद के साथ-साथ एजुकेशन और डिसेबिलिटी कम्पेनसेशन के लिए स्कॉलरशिप स्कीम शामिल हैं। मंत्री ने सरकार की इस कमिटमेंट को दोहराया कि वेलफेयर स्कीमें हर एलिजिबल वर्कर तक पहुंचेंगी ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो और ज़रूरत के समय उन्हें सिक्योरिटी मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से इन स्कीमों की पहुंच और असर को और बढ़ाने के लिए अवेयरनेस कैंप और आसान एप्लीकेशन प्रोसेस जैसे प्रोएक्टिव कदम उठाने की अपील की। पंजाब सरकार लेबर वेलफेयर को अपने डेवलपमेंट एजेंडा के एक अहम हिस्से के तौर पर प्रायोरिटी दे रही है, और यह पक्का किया जा रहा है कि इंडस्ट्रियल वर्कर्स को ज़रूरी मदद और सही सम्मान दिया जाए। इस मौके पर लेबर डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी मनवेश सिंह सिद्धू, इंडस्ट्रीज़ एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी महिंदर पाल, लेबर कमिश्नर-कम-वेलफेयर कमिश्नर, पंजाब राजीव कुमार गुप्ता, मेंबर बलदेव बलखंडी और कई दूसरे बड़े लोग भी मौजूद थे।

कैंसर से जूझ रही महिला को जिला अस्पताल में भर्ती, कलेक्टर ने दिए उपचार के निर्देश

कैंसर पीड़ित महिला को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती, कलेक्टर ने बेहतर उपचार के दिए निर्देश मरीज को बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा में करवाया जायेगा एडमिट थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है महिला, बीते नवंबर एम्स में करवाई गई थी कीमोथेरेपी एक साल तक रायपुर में एम्स व मेकाहारा में इलाज के बाद टाटा मेमोरियल मुंबई में भी हुआ है उपचार रायपुर काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम जिनकी पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है और चलने फिरने में असमर्थ है। उन्हें बाइक में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने मामला संज्ञान में आते ही तत्काल एम्बुलेंस बुलवा कर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपचार के लिए निर्देशित किया। महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।     मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 11 नवंबर को ग्राम कांटाबहरा (नगवाही) के श्री समलु मरकाम द्वारा थायराइड कैंसर पीड़ित पत्नी श्रीमती कपूरा मरकाम को उपचार के लिए बाइक में लिटा कर उपचार के लिए ले जाने की सूचना संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम 12 नवंबर को पीड़िता के घर पहुंची और उसे 108 एम्बुलेंस में बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा रायपुर भेजा गया। यहां महिला को कैंसर रिसर्च युनिट में भर्ती कराया गया है जहां कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज हुआ।     उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में पीड़िता के स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेगांखार/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला विकासखण्ड बोड़ला स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा पीड़ित कपूरा मरकाम पति समलू मरकाम के ग्राम काटाबहरा (नगवाही) के निवास स्थान पर जाकर निरीक्षण करने पर पाया गया कि श्री समलू मरकाम द्वारा अपनी पत्नी कपूरा मरकाम के गले का गांठ में दर्द होने पर प्राथ. स्वा. रेगांखर जंगल में ईलाज के लिए ले जाया गया। वहां पदस्थ डाक्टर द्वारा जिला स्वासस्थ्य विभाग के अधिकारियों से मरीज के बीमारी के संबंध में चर्चा कर उपचार के लिए रायपुर रिफर किया गया। जहां वर्ष 2024 में एक वर्ष तक एम्स, मेकाहारा तथा डीकेएस अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों में ईलाज चला। इसके पश्चात जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल मुंबई में एक माह तक ईलाज चला। वहां से ईलाज उपरांत घर लाया गया। पीड़िता की परेशानी पुनः बढ़ने पर उन्हें 12 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास ईलाज के लिए ले जाया गया। जहां वे 12 और 13 नवंबर को मेकाहारा में भर्ती रही और 14 से 19 नवंबर 2025 तक एम्स में भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई। जिसके पश्चात 20 नवंबर को मरीज को वापस घर लाया गया। जिसके पश्चात घर पर रहकर वह स्वास्थ्य लाभ ले रही थी। जिसके पश्चात महिला को आज फिर स्वास्थ्य खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां से उन्हें रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार का VVIP बेड़ा हाईटेक होगा, 24 साल बाद नया जेट और 15 साल बाद नया हेलिकॉप्टर मिलेगा

भोपाल  राज्य शासन को नए सुपर मिड साइज जेट विमान और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर की डिलेवरी जल्द होने वाली है। राज्य सरकार को मिलने वाला आधुनिक बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जुलाई 2026 तक मिल सकता है। यह अत्याधुनिक विमान कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक. द्वारा तैयार किया जा रहा है।  राज्य सरकार इस विमान को संचालित करने के लिए अपने पायलट को विशेष प्रशिक्षण के लिएअमेरिका भेजेगी। ताकि वे इस अत्याधुनिक जेट को सुरक्षित और कुशलता से उड़ा सकें।  आधुनिक सुविधाओं से लैस है विमान करीब 236 करोड़ रुपए के चैलेंजर 3500 एक सुपर मिड-साइज जेट है, जिसमें नौ यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसकी केबिन ऊंचाई लगभग 6 फीट और चौड़ाई 7 फीट 2 इंच है। यह विमान करीब 459 नॉट्स यानी 850 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और लगभग 6,297 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके अलावा, यह 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है और कम लंबाई वाले रनवे (करीब 1,474 मीटर) से भी उड़ान भर सकता है। विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि जून-जुलाई 2026 में डिलीवरी का समय है।    H160 हेलीकॉप्टर 2027 तक बेड़े में शामिल होगा राज्य सरकार का करीब 170 करोड़ का अत्याधुनिक H160 हेलीकॉप्टर जनवरी 2027 तक बेड़े में शामिल हो जाएगा। यह हेलीकॉप्टर फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एयरबस हेलीकॉप्टर द्वारा निर्मित है। बताया जा रहा है कि भारत में फिलहाल इस मॉडल के केवल 5 से 6 हेलीकॉप्टर ही संचालित हो रहे हैं।  हर मौसम और रात में उड़ान भरने में सक्षम विमानन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, H160 हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और हर मौसम में उड़ान भरने के साथ-साथ रात में भी संचालन करने में सक्षम है। इस हेलीकॉप्टर की खासियत इसकी अल्ट्रा-क्वाइट यानी बेहद कम शोर वाली तकनीक है। इसमें अत्याधुनिक जेट इंजन, पूरी तरह वॉयस कंट्रोल्ड कॉकपिट, एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम और बेहतर सुरक्षा के लिए बाई-प्लेन स्टेबलाइजर दिया गया है।  20 हजार फीट की ऊंचाई और 890 किमी की रेंज H160 हेलीकॉप्टर की प्रमुख खूबियां में यह है कि यह 20 हजार फीट की अधिकमत ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज 890 किमी हैं। इसके एक साथ आठ यात्री बैठ सकते है। हेलीकॉप्टर का इंटीरियर लग्जरी और सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  2002 में खरीदा था पुराना विमान  सुपर किंग बी-200- यह विमान राज्य शासन ने वर्ष 2002 में रेथ्यॉन एयरक्राफ्ट कंपनी से 23 करोड़( 47,56,804 अमेरिकन डॉलर) में खरीदा था। यह सात सीटर है। ये 3000 हजार घंटे उड़ान कर चुका है। 2021 के दौरान ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही अब तक नया विमान खरीदा जा सका है। स्थिति यह है कि सरकार के पास फिलहाल संचालन योग्य कोई फिक्स्ड-विंग विमान नहीं है और हेलिकॉप्टरों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम है। इसी कारण सरकारी यात्राओं के लिए निजी एविएशन कंपनियों पर निर्भरता लगातार बढ़ी है, जिससे खर्च में भी इजाफा हुआ है। पुराने यूरोकॉप्टर की जगह लेगा नया चॉपर शासन ने ईसी-155, बी-1 हेलीकॉप्टर वर्ष 2011 में फ्रांस की यूरोकॉप्टर कंपनी से खरीदा था। यह उड़ान भर रहा है। इसे 10.5 मिलियन यूरो में खरीदा गया था। दो इंजन है। छह सीटर है। इसका मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। पुराने हेलीकॉप्टर की देखरेख पर बढ़ रहे खर्च के कारण सरकार ने अधिक आधुनिक और किफायती विकल्प चुनने का निर्णय लिया। राज्य सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन इस हेलीकॉप्टर के संचालन की दो माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फ्रांस जाएंगे।   2003 और 1998 में खरीदे थे दो हेलीकॉप्टर  सरकार ने इससे पहले 2003 में हेलिकॉप्टर बैल-407 अमेरिका से 9 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह चार सीटर था। इसके अलावा वर्ष 1998 में अमेरिका से ही 21 करोड़ रुपए हेलिकॉप्टर बैल-430, टेक्सट्रान खरीदा था। यह दो इंजिन का छह सीटर हेलीकॉप्टर था। इनको बहुत पुराने होने के विमानन विभाग ने बेड़े से पहले ही बाहर कर दिया।  प्रदेश में किराए पर भारी भरकम राशि खर्च  विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार का हवाई यात्रा खर्च लगातार बढ़ रहा है। हाल के कुछ वर्षों में किराये के विमान और हेलिकॉप्टरों पर खर्च औसतन 20 से 21 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निजी विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लेने के लिए करीब 290 करोड़ रुपए खर्च किए। इनमें सिर्फ 2025 के पहले 11 महीनों में ही 90.7 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो अब तक का सबसे अधिक वार्षिक खर्च है। सरकार ने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच लगभग दो वर्षों में 143 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो औसतन 6.2 करोड़ रुपए प्रति माह है। वहीं 2021 से 2023 के बीच तीन वर्षों में खर्च 147 करोड़ रुपए रहा। विधानसभा दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023 में विमान और हेलिकॉप्टर किराये की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। सरकार ने इसके पीछे कोविड के बाद बढ़ी मांग, ईंधन लागत और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने को वजह बताया है। प्रदेश के 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध  प्रदेश में विमानन विभाग एवं विमानन संचालनायल को गठन 1 जून 1982 को किया गया। इस विभाग का काम अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए शासकीय विमान/हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराना, शासन के बेड़े के विमान/हेलीकॉप्टरों का संधारण तथा परिचालन, प्रदेश में वायु सेवाओं का विस्तार के लिए स्वयं के संसाधनों से हवाई पट्टियों का विकास एवं क्षेत्रीय संपर्कता नीति के अंतर्गत राज्य के अंदर और बाहर वायु सेवा का विस्तार करना है। बता दें मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध हैं।   

प्रयागराज में आध्यात्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान, योगी सरकार ने बढ़ाया विदेशी श्रद्धालुओं का विश्वास

योगी सरकार में विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ा भरोसा, प्रयागराज बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।  सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे  प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 4 लेन सीसी सड़क निर्माणकार्य का भूमि-पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को 4-लेन सीसी सड़क का भूमि-पूजन किया। यह सड़क गोविंदपुरा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले अवधपुरी क्षेत्र में बनने जा रही है। राज्यमंत्री गौर ने बताया कि एसबीआई ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से क्षेत्र का आवागमन अधिक सुलभ और सुगम बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सड़क से अवधपुरी और उससे लगे इलाकों के लोगों को आवागमन में भी काफी राहत मिलेगी। इस सड़क की मांग पूरी करने के लिए स्थानीय रहवासियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर का आभार भी जताया। कार्यक्रम में सुरेंद्र धोटे, संजय शिवनानी, वी. शक्तिराव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।