samacharsecretary.com

30 साल बाद काजोल ने किया चौंकाने वाला फैसला, तोड़ी अपनी नो-किस पॉलिसी

मुंबई  एक्ट्रेस काजोल, पिछले तीन दशकों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. उन्होंने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' और 'कुछ कुछ होता है' जैसी कई आइकॉनिक फिल्मों में काम किया है. 2023 में उन्होंने ओटीटी की दुनिया में कदम रखा था. उस समय उनकी पहली सीरीज 'द ट्रायल – प्यार, कानून, धोखा' रिलीज हुई. इसी शो में उन्होंने अपनी ऑनस्क्रीन 'नो-किसिंग पॉलिसी' को भी तोड़ा. शो में उन्होंने अपने को-एक्टर जिशू सेनगुप्ता के साथ किसिंग सीन दिया. अब आखिरकार काजोल ने बताया है कि ऐसा करने के पीछे क्या वजह थी।  लिली सिंह के पॉडकास्ट में बात करते हुए काजोल से उनकी 'नो-किसिंग पॉलिसी' छोड़ने के फैसले के बारे में पूछा गया. इस सवाल को सुनकर वे कुछ सेकंड के लिए रुक गईं. फिर उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो ये उस किरदार का सीजन था जिसे मैं प्ले कर रही थी. इसमें बहुत कुछ किरदार और उसकी पहचान से जुड़ा था. ये सिर्फ एक किस नहीं थी, ये इस बात से जुड़ा था कि वो क्या सोचती है, क्या चाहती है कि हो, और क्या नहीं हुआ उसके साथ. वो क्या मानती थी, किस चीज पर उसका विश्वास था और किस पर वो विश्वास नहीं कर पा रही थी. ये पूरी स्क्रिप्ट का एक अभिन्न अंग था, इसलिए मैं इसे काट नहीं सकती थी बिना पूरे किरदार के एक जरूरी हिस्से को काटे।  असहज थीं काजोल जब होस्ट लिली ने पूछा कि क्या काजोल खुद भी एक इंसान के रूप में बदल गई थीं, जिसकी वजह से उन्हें ये करने में ठीक लगा, तो काजोल ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं इससे असहज थी. मैं इस विचार से बहुत-बहुत असहज थी, जब तक कि मैं सेट पर खड़ी नहीं हो गई. मुझे ये थ्योरी में पसंद था, लेकिन मुझे यकीन नहीं था कि मैं ये असल में करूंगी या फिर उन्हें बोल दूंगी 'कट. ये होने वाला नहीं है.' लेकिन मुझे सच में लगता है कि ये सिर्फ एक प्रोफेशनल कॉल था, जहां मैंने महसूस किया कि आज मैं ये फैसला ले सकती हूं।  काजोल ने एक्टर के रूप में अपने फैसलों को लेकर बिना किसी पछतावे के बात भी की. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने शुरुआत की थी तो वो बहुत युवा थीं और जो करना चाहती थीं, उसके बारे में बहुत ईमानदार थीं. भले ही वो हमेशा अच्छा ना लगता हो, लेकिन काजोल ने कहा कि उन्हें इससे ज्यादा मुश्किल नहीं हुई क्योंकि वो अपने फैसलों के बारे में ज्यादा नहीं सोचती थीं और सिर्फ अपने काम पर फोकस रखती थीं।  काजोल ने 'द ट्रायल – प्यार, कानून, धोखा' में नोयोनिका सेनगुप्ता का रोल प्ले किया था. नोयोनिका, एक हाउसवाइफ हैं जो अपने पति के स्कैंडल के बाद वकालत में वापस लौटती हैं. यह कोर्टरूम ड्रामा, हॉलीवुड शो 'द गुड वाइफ' का इंडियन वर्जन है. सुपर्ण वर्मा के निर्देशन में बने इस शो में अली खान और शीबा चड्ढा भी नजर आए थे. शो का दूसरा सीजन पिछले साल रिलीज हुआ था. यह जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकता है। 

वानखेड़े में संजू सैमसन का तूफानी शतक, MI vs CSK मैच में बनाए 10 चौके, 6 छक्के

 मुंबई आईपीएल 2026 के 33वें मुकाबले में गुरुवार को चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंड‍ियंस को मसलकर रख द‍िया. इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो संजू सैमसन रहे. सैमसन ने अपनी 54 गेंदों में नाबाद 101 रन की शानदार पारी से महफ‍िल लूट ली, जिसमें 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 187.04 का रहा. यह इस सीजन में उनका दूसरा शतक रहा।  संजू सैमसन के शतक और चेन्नई के गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर CSK ने मुंबई इंडियंस को 103 रन से करारी शिकस्त दी. अकील हुसैन ने 4 विकेट झटके. वहीं नूर अहमद ने दो विकेट लिए. वहीं चेन्नई की यह जीत रनों के ल‍िहाज से उनकी सबसे बड़ी जीत रही।  इससे पहले संजू सैमसन ने आईपीएल में अपना पांचवां शतक जड़ा, वहीं इस सीजन का उनका यह दूसरा शतक रहा. इसके साथ ही IPL में MI के खिलाफ CSK के किसी बल्लेबाज का यह पहला शतक रहा. जो एक यून‍िक र‍िकॉर्ड रहा।  संजू की पारी की बदौलत ही चेन्नई ने 20 ओवर में 207/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया. जवाब में मुंबई की टीम 104/10 (19 ओवर्स ) में स‍िमट गई. वानखेड़े में खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस जीतकर मुंबई ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन यह फैसला शुरुआत में भारी पड़ता द‍िखा।  ऋतुराज गायकवाड़ ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया और 14 गेंदों में 22 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि वह बड़ी पारी में इसे नहीं बदल सके. मध्य ओवरों में रनगति थोड़ी धीमी हुई. कार्त‍िक शमा ने 19 गेंदों में 18 रन बनाए, जिससे दूसरे स्ट्रैटेजिक टाइमआउट के बाद टीम की रफ्तार पर असर पड़ा।  हालांकि जैमी ओवर्टन ने 7 गेंदों में 15 रन बनाकर अंत में टीम को थोड़ा तेज किया. मुंबई की ओर से जसप्रीत बुमराह और अल्लाह गजनफर एक बार फिर सबसे किफायती गेंदबाज रहे. उन्होंने अपने यॉर्कर और स्लोअर गेंदों से डेथ ओवरों में रन बनाना मुश्किल कर दिया।  रिकॉर्ड्सबुक  में सैमसन की एंट्री इस शतक के साथ संजू सैमसन अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीयों की सूची में 8 शतकों के साथ शामिल हो गए हैं, जहां व‍िराट कोहली (9) और  रोहित शर्मा (8) जैसे नाम मौजूद हैं. वहीं IPL में भी सैमसन के नाम अब 5 शतक हो गए हैं।  CSK के MI के खिलाफ सबसे बड़े स्कोर (IPL) 218/4 (2021, दिल्ली) 208/5 (2008, चेन्नई) 207/6 (2026, वानखेड़े)*  206/4 (2024, वानखेड़े) CSK के लिए सबसे ज्यादा शतक (IPL) 2 : शेन वॉटसन 2 : मुरली विजय 2 : ऋतुराज गायकवाड़ 2 : संजू सैमसन    सैमसन इस सीजन में CSK के लिए 2 शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बने (वॉटसन के बाद, 2018) संजू सैमसन की पारी का ब्रेकडाउन     तेज गेंदबाजों के खिलाफ: 40 गेंद में 83 रन (स्ट्राइक रेट 207.5)     10 चौके, 5 छक्के     स्पिन के खिलाफ: 14 गेंद में 18 रन (स्ट्राइक रेट 128.6)     1 छक्का     यानी सैमसन ने पेसर्स को ज्यादा टारगेट किया T20 में भारतीयों के सबसे ज्यादा शतक 9 : विराट कोहली 9 : अभिषेक शर्मा 8 : रोहित शर्मा 8 : संजू सैमसन   IPL में सबसे ज्यादा शतक 8 : विराट कोहली 7 : जोस बटलर 6 : क्रिस गेल 5 : केएल राहुल 5 : संजू सैमसन 

संजू के शतक और अकील के चौके से CSK ने हासिल की शानदार जीत

मुंबई  मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को एकतरफा अंदाज में 103 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की. घरेलू मैदान पर खेल रही मुंबई की टीम पूरी तरह दबाव में नजर आई और मैच के किसी भी मोड़ पर वापसी नहीं कर सकी।  इस जीत की नींव चेन्नई के कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने रखी, जिन्होंने शानदार शतक जड़ते हुए टीम को 200 रन के पार पहुंचाया. उनकी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह चेन्नई की ओर मोड़ दिया।  लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही. पावरप्ले में ही दोनों ओपनर पवेलियन लौट गए और टीम 6 ओवर में 29 रन पर 3 विकेट गंवा बैठी. इसके बाद सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभालने की कोशिश की और एक छोटी साझेदारी भी की. हालांकि, जैसे ही यह साझेदारी टूटी, मुंबई की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई।  नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम लड़खड़ा गई. आखिरकार मुंबई इंडियंस की पूरी पारी बुरी तरह ढह गई और टीम को 103 रन से करारी हार झेलनी पड़ी. गेंदबाजी में चेन्नई के लिए अकील हुसैन सबसे बड़े हीरो साबित हुए, जिन्होंने चार विकेट लेकर मुंबई की कमर तोड़ दी. वहीं नूर अहमद ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए अहम विकेट झटके और विपक्षी टीम को दबाव में बनाए रखा. इस जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली।  IPL में CSK की सबसे बड़ी जीत का अंतर (रनों के हिसाब से) 103 vs MI, वानखेड़े, 2026* 97 vs KXIP, चेन्नई, 2015 93 vs DD, अबू धाबी, 2014 92 vs RCB, ग्वालियर, 2009 91 vs DC, डीवाई पाटिल, 2022 IPL में MI की सबसे बड़ी हार का अंतर (रनों के हिसाब से) 103 vs CSK, वानखेड़े, 2026* 87 vs RR, जयपुर, 2013 85 vs विजाग, 2016 76 vs KXIP, मोहाली, 2011 66 vs KXIP, मोहाली, 2008     – यह MI की वानखेड़े में रनों के हिसाब से भी सबसे बड़ी हार है, इससे पहले 2015 में RCB के खिलाफ 39 रनों से हार मिली थी.      – 104 ऑल-आउट IPL में CSK के खिलाफ MI का सबसे कम टोटल, 2021 में दुबई में 136/8 से बेहतर.      – CSK ने 2023 से IPL में MI के खिलाफ पिछले छह मुकाबलों में से पांच जीते हैं.  IPL में MI के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत 19 – CSK (40 मैच)* 18 – PBKS (35 मैच) 17 – DC (38 मैच) 16 – RCB (35 मैच) 15 – RR (31 मैच) मुंबई की पारी की हाइलाइट्स  रनचेज में मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही, उसके 3 व‍िकेट महज 11 रन पर ही ग‍िर गए.  इसके बाद सूर्यकुमार यादव और त‍िलक वर्मा ने संभलकर खेलना शुरू किया. लेकिन त‍िलक वर्मा (37) 84 के स्कोर पर आउट हुए, जो मुंबई की टीम का चौथा व‍िकेट रहा. इसके बाद हार्द‍िक पंड्या और शेरफेन रदरफोर्ड बैक टू बैक नूर अहमद की गेंद पर आउट हो गए; जिससे मुंबई का स्कोर 85/6 हो गया.  इसके बाद अकील ने एक तरफ से डटे अकील हुसैन को भी 36 के स्कोर पर आउट कर चौथा व‍िकेट लिया. सूर्या के आउट होते ही मुंबई का स्कोर  87/7 हो गया. इसके बाद मुंबई की पूरी टीम ढह गई।  चेन्नई की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में चेन्नई की पारी की सबसे बड़े हाइलाइट संजू सैमसन रहे, ज‍िन्होंने मैच में जमकर चेन्नई के गेंदबाजों की धुनाई की. उन्होंने आईपीएल कर‍ियर का पांचवां और मौजूदा आईपीएल का दूसरा शतक जड़ा. संजू का शतक पारी की आख‍िरी गेंद पर आया. संजू ने 101 रन नाबाद बनाए और महज 54 गेंदों में अपना शतक बनाया. उनकी पारी में 10 चौके और 6 छक्के शाम‍िल रहे. सैमसन अंत तक क्रीज पर टिके रहे और टीम को संभालकर बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की, क्योंकि दूसरी तरफ लगातार विकेट गिर रहे थे. उनकी इस पारी की बदौलत चेन्नई ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 207 रन बनाए।  मुंबई की तरफ से अश्व‍िनी कुमार एएम गजनफर ने 2-2 विकेट लिए, जबकि जसप्रीत बुमराह ने किफायती गेंदबाज़ी करते हुए 1 विकेट लिया और 31 रन दिए। 

एमपी में प्रशासनिक बदलाव, नई जिम्मेदारियों से नवाजे गए अधिकारी – पूरी लिस्ट जानें

भोपाल एमपी मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएमओ) में भी नए सिरे से अधिकारियों को विभागों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुख्य प्रधान सचिव नीरज मंडलोई को अब समन्वय से जुड़े मामलों, ट्रांसफर संबंधी फाइलों, सिंहस्थ से जुड़ी ए-प्लस नोटशीट और CMO के अधिकारियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।साथ ही इंदौर और उज्जैन संभाग से जुड़े मामलों की निगरानी का जिम्मा भी संभालेंगे।     मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सचिव आलोक कुमार सिंह को सांसदों और विधायकों से जुड़े कार्यों, सरकारी और गैर-सरकारी नियुक्तियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  साथ ही कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से जुड़े मामलों की निगरानी भी करेंगे। सचिव टी. इल्याराजा को केंद्र सरकार और दिल्ली से जुड़े मामलों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। वे केंद्र के साथ तालमेल और लंबित विषयों पर काम करेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्त किए गए कौशलेंद्र विक्रम सिंह को अलग-अलग विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री कार्यालय की विजिलेंस शाखा, सरकार के संकल्प पत्र की निगरानी, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, विधायक डैशबोर्ड और आईटी सेल का काम भी संभालेंगे। मुख्यमंत्री के इन अधिकारियों को भी जिम्मा एमपी के मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अजात शत्रु श्रीवास्तव, राजेश हिंगणकर, अपर सचिव मनीष पांडेय, उप सचिव आदित्य कुमार शर्मा, अवर सचिव संदीप अष्ठाना, अवर सचिव आशीष कुमार, श्रीलेखा श्रोतिय, आशुतोष गोस्वामी, केवलराम धुर्वे, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी आलोक सोनी, आशीष खरे, कविराज मेहरा को भी अलग-अलग जिम्मा सौंपा गया है। ये सीएम के खास -नीरज मंडलोई एसीएस, मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री से जुड़े सभी कामों का दायित्व, इंदौर व उज्जैन के प्रशासनिक कामों का भी जिम्मा। -आलोक सिंह सचिव, मुख्यमंत्री कैबिनेट बैठक, सीएम का भ्रमण कार्यक्रम, नियुक्ति, विधानसभा, सागर-भोपाल, नर्मदापुरम से समन्वय। -डॉ. इलैया राजा टी सचिव, मुख्यमंत्री: केंद्रीय मंत्री-सांसदों के पत्राचार, सीएम का दिल्ली भ्रमण, केंद्र व राज्य के लंबित मामलों में समन्वय। चंद्रशेखर वालिम्बे सचिव, मुख्यमंत्री: सीएम के भ्रमण कार्यक्रम, स्वेच्छानुदान, मुलाकातस संवाद, जबलपुर, रीवा व शहडोल से समन्वय। इन नए अफसरों को भी सौंपी जिम्मेदारियां सीएमओ में आए कौशलेंद्र विक्रम सिंह और सुधीर कोचर को भी जवाबदेही दी है। बता दें, बीते माह ही उनकी पदस्थापना सीएमओ में की गई थी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, सचिव: को सीएम कार्यालय में विजिलेंस शाखा का प्रभारी के साथ ही गंभीर शिकायतों के निराकरण और कार्यवाही प्रतिवेदन का जिम्मा, घोषणा पत्रों की निगरानी, सीएम डैशबोर्ड से जुड़े तमाम पोर्टल, वेबसाइट व आत्मनिर्भर मप्र की निगरानी। सुधीर कोचर, उप सचिव: सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे को सीएमओ में आवंटित कामों में सहयोग करना, मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रमों की तैयारी कराना, सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन आदि काम। मुख्यमंत्री के दफ्तर में ये अफसर करेंगे सरकारी योजनाओं की निगरानी सीएम दङतर में गुरुवार को दो दर्जन से अधिक अफसरों को जिचमेदारी बांटी गई। इनमें कुछ पुराने तो कुछ नए अफसरों को भी कार्यभार दिया है। चंद्रमौली शुक्ला, अवर सचिव: निवेश से जुड़े काम, उद्योगपतियों व निवेशकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात, निवेश प्रकरणों का निराकरण, निवेश बैठकें, भ्रमण आदि विभागीय काम। अरविंद दुबे, अपर सचिव: प्रगति पोर्टल व राज्य की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा, प्रगति की निगरानी, बड़े प्रोजेक्टों की निगरानी, विभागों के लंबित मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रखना। अरुण परमार, अपर सचिव: एसीएस मंडलोई के कामों में सहयोग, ई-ऑफिस से जुड़े काम, विभिन्न विभागों से स्थानांतरण, पदस्थापना से जुड़े प्रकरण, मंत्री परिषद की तैयारियां, मुख्यमंत्री की बैठक के लिए चर्चा के बिंदु प्राप्त करना, मुख्यमंत्री द्वारा ली जाने वाली बैठकों का कार्यवाही विवरण लेकर एसीएस को प्रेषित करना, कले’टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तैयारियों से जुड़े काम सौंपे गए। लक्ष्मण सिंह मरकाम, अपर सचिव: तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, जनजातीय कल्याण विभाग से जुड़े काम सीएमओ में दिए गए हैं। संदीप केरकेट्टा, उप सचिव: सचिव आलोक सिंह को सौंपे कामों में सहयोग करना। ए-प्लस व ए मॉनिट के आवेदनों को एसीएस के सामने प्रस्तुत करने जैसे काम मुख्यमंत्री के दफतर में दिए गए हैं।  

29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी रूट व पार्किंग व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण मल्टी-लेयर सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन समन्वय और त्रुटिरहित आयोजन का निर्देश आमजन की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश हरियाली के लिए पौधरोपण और आपात सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष फोकस लखनऊ/हरदोई  हरदोई में 29 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के आगमन एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बिलग्राम तहसील के मल्लावां कट स्थित कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभा स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने बैठने की समुचित व्यवस्था, पंडाल की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, स्वच्छता, शौचालय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों। यातायात प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के समय ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने हेलीपैड और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आपातकालीन सेवाओं- एम्बुलेंस, अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी कमी हो, उसे तुरंत दूर किया जाए। इस अवसर पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल और आसपास हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए ‘हरि शंकरी’ प्रजाति के पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी, समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इसका सफल और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें।

अधिक धान उत्पादन के लिए कृषि विभाग का अभियान तेज, हरी खाद से खेतों में वृद्धि

हरी खाद से लहलहाएंगे खेत: धान उत्पादन बढ़ाने कृषि विभाग का विशेष अभियान तेज "रासायनिक उर्वरकों का विकल्प बन रही हरी खाद, 176 हेक्टेयर में विस्तार का लक्ष्य तय" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में मृदा की सेहत सुधारने और धान उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में हरी खाद और जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग का मानना है कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। अभियान के तहत किसानों को रोपा पद्धति से धान की खेती से पहले खेतों में ढैंचा, सन जैसी शीघ्र बढ़ने वाली दलहनी फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन फसलों को एक निश्चित अवस्था में मिट्टी में पलटने से मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ढैंचा एक अत्यंत प्रभावी हरी खाद है, जिससे प्रति हेक्टेयर 30 से 40 किलोग्राम तक नाइट्रोजन प्राप्त हो सकती है। इसकी बुवाई 35 से 45 दिन पहले की जाती है और 2 से 3 फीट ऊंचाई होने पर इसे मिट्टी में मिला दिया जाता है, जो कुछ ही दिनों में सड़-गलकर फसल के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। जिले में इस अभियान के तहत कुल 176 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मनेन्द्रगढ़ के लिए 62 हेक्टेयर, खड़गवां के लिए 52 हेक्टेयर और भरतपुर के लिए 62 हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। कृषि विभाग किसानों को हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस पहल का लाभ उठाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारें और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।

अवधपुरी में 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन, 3.36 करोड़ की लागत से होगा निर्माण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन भोपाल अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

डिप्टी कमिश्नर अमृतसर ने किसान जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई

अमृतसर.  डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने गेहूं के डंठल जलाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान के तहत, अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स से जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई। अमृतसर जिले में गेहूं की कटाई चल रही है, जिसके बाद ये वैन गांव लेवल पर किसानों को अलग-अलग तरीकों से गेहूं के डंठल को बिना जलाए मैनेज करने के बारे में जागरूक करेंगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, मिट्टी की सेहत खराब होती है, दोस्त कीड़े मर जाते हैं और कीमती पोषक तत्व और ऑर्गेनिक चीजें नष्ट हो जाती हैं। इस मौके पर, अमृतसर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) रोहित गुप्ता ने कहा कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने किसानों द्वारा गेहूं के डंठल जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे गेहूं के डंठल को बिना आग लगाए ठीक से मैनेज करें। अमृतसर के चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर डॉ. गुरसाहिब सिंह ने कहा कि एग्रीकल्चर और किसान कल्याण विभाग, जिला अमृतसर गांव और ब्लॉक लेवल पर कैंप लगाकर, गांव लेवल पर धार्मिक जगहों से अनाउंसमेंट करके, गांव लेवल पर नाटक दिखाकर और प्रोग्रेसिव किसानों और गांवों के जाने-माने प्रतिनिधियों जैसे सरपंच, नंबरदार वगैरह के साथ ब्लॉक लेवल पर मीटिंग करके गेहूं के डंठलों के सही मैनेजमेंट के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक खास कैंपेन चला रहा है। अमृतसर जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं के डंठलों से भूसा बनाने के बाद, बचे हुए हिस्से को बिना आग लगाए अगली फसल के लिए तैयार करें। चूंकि किसानों के पास गेहूं की कटाई और धान की बुआई के बीच काफी समय होता है, इसलिए इस दौरान किसान जंतर को हरी खाद के तौर पर लगाकर जमीन की सेहत सुधारने के लिए सही कदम उठा सकते हैं। इस मौके पर SDM अलका कालिया, एग्रीकल्चर ऑफिसर गुरप्रीत सिंह, नवतेज सिंह और गुरजोत सिंह, जगदीप कौर DPD (Atma), मनबीर कौर, एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर (रिक्लेमेशन), हरगुरनाड सिंह, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर, सविता चौहान सीनियर असिस्टेंट और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से रजनी बिष्ट, शरणजीत कौर, जोरावर सिंह, रणजीत सिंह वगैरह मौजूद थे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।