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‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज पर बैन, पंजाब पुलिस और परिवार ने किया विरोध, माहौल बिगड़ने का दिया था हवाला

चंडीगढ़  गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) की लाइफ पर बेस्ड सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। जी5 (Zee5) की इस सीरीज को लेकर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। अभी हाल ही में सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब का ट्रेलर रिलीज हुआ था। सीरीज का ट्रेलर रिलीज होते ही विवाद खड़ा हो गया। सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब को बैन करने की मांग उठने लगी। पंजाब पुलिस, कांग्रेस नेता और फिर लॉरेंस के घरवालों ने भी इस सीरीज को बैन करने के लिए कहा। लेकिन इसके बाद भी मेकर्स अपने कदम पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं थे। अब इन सब के बीच सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की रिलीज पर लगी रोक जी5 की सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब एक बार फिर से खबरों में आ गई है। सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब को बैन करने की मांग उठ रही थी। अब लॉरेंस ऑफ पंजाब वेब सीरिज अब OTT प्लेटफार्म Zee 5 पर रिलीज नहीं होगी, भारत सरकार ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है। आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भारत सरकार की तरफ से ये जानकारी दी गई। 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को प्रसारित न किए जाने के केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ही Zee 5 को निर्देश दिए है।  चचेरे भाई ने कही थी बात हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने भी इस सीरीज पर बैन लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस सीरीज के लिए परिवार से कोई अनुमति नहीं ली गई है। ANI से बात करते हुए रमेश बिश्नोई ने कहा 'न परिवार से अनुमति ली गई है, न सरकार से। ऐसे बनाकर वे क्या साबित करना चाहते हैं?' चर्चा में रहता है गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई खबरों में बना रहता है। अभी हाल ही में डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आया था। इससे पहले सलमान खान के घर पर भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गैंग ने हमला किया था। पंजाब पुलिस चाहती है डॉक्यू सीरीज पर रोक पंजाब पुलिस ने भी औपचारिक रूप से सूचना और प्रसारण मंत्रालय से आग्रह किया है। वह ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर रोक चाहते हैं। यह सीरीज 27 अप्रैल को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज होने वाली है। स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (साइबर क्राइम) वी. नीरजा द्वारा भेजे गए एक आधिकारिक संदेश में कहा गया, ‘स्टेट पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री के कंटेंट पर गंभीर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि यह डॉक्यूमेंट्री गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उसके आपराधिक सफर को दिखाती है। कहा जा रहा है कि इस सीरीज में हाई-प्रोफाइल अपराधों के नाटकीय चित्रण और असल जिंदगी के संदर्भ शामिल हैं। इसमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या और अन्य हिंसक घटनाएं भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार डॉक्यू सीरीज अपराध का महिमामंडन करती है  पंजाब पुलिस के अनुसार यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज संगठित अपराध का महिमामंडन और उसे आसान बनाकर पेश कर सकती है। जिससे युवा दर्शकों पर बुरा असर पड़ सकता है और वे आपराधिक गतिविधियों को सामान्य समझने लगेंगे। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह का कंटेंट अपराध कम करने प्रयासों को कमजोर करता है।  पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से ओटीटी प्लेटफॉर्म को कहा है कि वे इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज को स्ट्रीम न करें। इसके ट्रेलर को भी लोगों की पहुंच से हटा दें।  मेकर्स ने रखा अपना पक्ष  इस पूरे विवाद के बीच डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ के मेकर्स ने कहा, ‘यह सीरीज दिखाती है कि कैसे महत्वाकांक्षा, सत्ता और लोगों की सोच मिलकर एक नए जमाने का डिजिटल सिंडिकेट तैयार करती है। इस पूरे माहौल में लॉरेंस बिश्नोई को एक केस स्टडी के तौर पर लिया गया है। लेकिन यह कहानी एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर, उससे आगे बढ़कर बड़े सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों की पड़ताल करती है। उनके नतीजों पर रोशनी डालती है।’  

बिहार विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट, सम्राट सरकार बहुमत के करीब

पटना बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का पहला टेस्ट है. बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. इसके लिए विधायक बिहार विधानसभा पहुंचने लगे हैं. जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने दावा किया है कि सम्राट सरकार को बहुमत हासिल है औरा सदन में केवल औपचारिकता पूरी होनी है. श्याम रजक का दावा आधारहीन भी नहीं. बिहार विधानसभा का नंबर गेम सम्राट सरकार के पक्ष में है. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 201 विधायकों का संख्याबल है, जो बहुमत के लिए जरूरी 122 के आंकड़े से कहीं ज्यादा है. पार्टियों के हिसाब से देखें तो बीजेपी के 88, जेडीयू के 85, इन दो प्रमुख दलों के ही 173 विधायक हैं. चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के चार विधायक हैं. एनडीए के पास बिहार विधानसभा में 202 विधायकों का संख्याबल था. नितिन नवीन बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब राज्यसभा जा चुके हैं. नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. विपक्ष की बात करें, तो बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों के 41 विधायक हैं, जिनमें 35 विधायक महागठबंधन के हैं. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 25 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. कांग्रेस के छह, भाकपा माले के दो, माकपा और आईईपी के एक-एक विधायक हैं. असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस -ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के भी एक विधायक हैं. महज औपचारिकता माने जा रहे इस विश्वासमत के लिए सत्तापक्ष के साथ ही विपक्ष ने भी व्हिप जारी किया है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में सरकार की ओर से सीएम सम्राट चौधरी एक लाइन का विश्वास प्रस्ताव पेश किया है.

शास्त्रीनगर में तनाव: दुकानों को बचाने महिलाएं, पुलिस तैनात

मेरठ मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में दुकानों और मकानों को बचाने के लिए महिलाओं का चल रहा धरना शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी है। गुरुवार को हालांकि शासन के उच्चाधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलनकारियों के तेवर कुछ नरम पड़ते नजर आए। महिलाओं ने सरकार पर भरोसा जताते हुए राहत की उम्मीद जताई है सात टीमों ने शुरू की नोटिस की कार्रवाई शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की सात अलग-अलग टीमों ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले आरटीओ रोड क्षेत्र की कई दुकानों को नोटिस दिए गए। कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए सेक्टर-2 में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। 14वें दिन भी जारी रहा महिलाओं का धरना सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानों और घरों को बचाने के लिए महिलाएं पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठी हुई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। अधिकारियों ने व्यापारियों से जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किए और समाधान का आश्वासन दिया। इसी के बाद धरना स्थल पर आंदोलनकारियों का रुख कुछ नरम दिखाई दिया। वहीं आज सुबह से महिलाएं फिर से धरने पर पहुंच गईं। सांसद अरुण गोविल के पहुंचने की चर्चा नोटिस की कार्रवाई और पुलिस तैनाती के बीच इलाके में अरुण गोविल के मौके पर पहुंचने की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार क्षेत्र में लोग सांसद के आने की संभावना को लेकर चर्चा कर रहे हैं।  

3 लाख के लालच में टारगेट किलिंग की साजिश, नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार

 नोएडा उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह और दिल्ली के समीर खान को हिरासत में लिया है. इन दोनों युवकों को पाकिस्तानी हैंडलर्स और गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बनाया था. गुरुवार को हुई इस गिरफ्तारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना और प्रभावशाली लोगों की हत्या करना था. आरोपियों ने पैसों के लालच में आकर संवेदनशील स्थानों की रेकी शुरू कर दी थी. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद कर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है. सोशल मीडिया पर बुना गया मौत का जाल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे. तुषार चौहान ने भट्टी का भरोसा जीतने के लिए कई आईडी बनाईं और सीधे संपर्क स्थापित किया. इन पाकिस्तानी हैंडलर्स ने युवाओं को उन लोगों को निशाना बनाने के लिए उकसाया जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया था. आरोपियों को आधुनिक हथियार मुहैया कराने और काम पूरा होने के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी वादा किया गया था. 3 लाख का लालच और ग्रेनेड अटैक की तैयारी जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी ने तुषार को टारगेट किलिंग के लिए 3 लाख रुपये का लालच दिया था, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस तय थे. आरोपियों को हैंड ग्रेनेड से हमला करने का निर्देश मिला था। गिरफ्तार समीर खान को दीवारों पर 'TTH' यानी 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' लिखने और नए लड़कों को भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इन लोगों ने पिछले कुछ महीनों में कई लोगों को फोन पर जान से मारने की धमकी दी, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ते थे. यूपी के कई चर्चित चेहरे थे निशाने पर एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि इनके निशाने पर यूपी के कई चर्चित लोग थे. पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट इन्हें टारगेट देने वाले थे. पकड़े गए आरोपियों से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके. पुलिस अब इनकी रिमांड लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि इन्हें हथियारों की सप्लाई कहां से होने वाली थी और इनके अगले निशाने कौन थे. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI के सीधे संपर्क में थे आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के सीधे संपर्क में थे. तुषार ने भट्टी से प्रभावित होकर इस्लाम कबूला और इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा. उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी और प्रभावशाली लोगों पर ग्रेनेड हमले का टास्क मिला था. आरोपी PTT (पुश टू टॉक) और कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से बात करते थे. इनके पास से बरामद पिस्टल और कारतूस भी पाकिस्तान से ही भेजे गए थे.  आरोपियों ने नेटवर्क विस्तार के लिए अन्य लड़कों को भी जोड़ा था.

सीएम की मंजूरी के बाद रामलाल रौतेल ST और कैलाश जाटव SC आयोग के अध्यक्ष, महिला और बाल आयोग के अध्यक्ष भी तय

भोपाल  मप्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की घोषणा हो गई है। पूर्व विधायक कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व विधायक रामलाल रौतेल की नियुक्ति। गुरुवार शाम को सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इन नामों को हरी झंडी दे दी थी। इसके अलावा राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया है। एक या दो दिन में ऐलान होने की संभावना है। अनुसूचित जाति आयोग में एक अध्यक्ष दो सदस्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के लिए पूर्व विधायक कैलाश जाटव की नियुक्ति हो गई है। वहीं सदस्यों के तौर पर रामलाल मालवीय और बारेलाल अहिरवार के नाम हैं। जाटव अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। साल 2013 में वे पहली बार नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव सीट से विधायक बने थे। साल 2018 में वो इसी सीट से दूसरा चुनाव हार गए थे। पार्टी ने 2023 में उन्हें टिकट नहीं दिया और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। रामलाल रौतेल दूसरी बार बने अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के लिए पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के नाम पर मुहर लगी है। रौतेल दूसरी बार ये पद संभालने जा रहे हैं। इससे पहले 2010 में उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। वे दो बार अनूपपुर सीट से विधायक रहे और कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आयोग के सदस्य के तौर पर भगत नेताम और मंगल सिंह धुर्वे के नामों का ऐलान हुआ है। 6 साल बाद राज्य महिला आयोग में नियुक्ति सरकार आठ साल से खाली पड़े राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की भी नियुक्ति करने जा रही है। पूर्व विधायक रेखा यादव को महिला आयोग का अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी है। वहीं पूर्व विधायक साधना स्थापक और ग्वालियर की पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता को सदस्य बनाया जा सकता है। साल 2020 में कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद कानूनी पचड़े में फंस गया था। तत्कालीन अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्यों को उस समय शिवराज सरकार ने हटा दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए सदस्यों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष के साथ 4 सदस्य इसके अलावा बाल संरक्षण आयोग के लिए भी अध्यक्ष और सदस्यों के नाम पर सहमति बन चुकी हैं। डॉ. निवेदिता शर्मा को अध्यक्ष बनाया जाएगा। वो पहले से ही बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उनके अलावा सोनम निनामा, अर्चना गुप्ता, मोनिका बट्टी और सीमा सिंह को सदस्य बनाने पर सहमति बनी है। बीजेपी ने 23 नाम दिल्ली भेजे थे पार्टी स्तर से निगम-मंडल, आयोग व प्राधिकरण के अध्यक्ष के लिए 23 नाम दिल्ली भेजे गए थे। वहां से फाइनल सूची मप्र आ चुकी थी और इसकी एक हफ्ते में घोषणा होना थी। 17 अप्रैल को जिला और संभाग प्रभारियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि पहले यह सोचा गया था कि निगम-मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्ष घोषित कर दिए जाएं, लेकिन अब उपाध्यक्षों व सदस्यों के भी नाम एक साथ जारी किए जाएंगे। यानि पूरी बॉडी जारी होगी।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता

निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री तोमर ने औद्योगिक क्षेत्र बामोर (बानमोर) में 133/11 केवी सब स्टेशन का औचक निरीक्षण किया भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को मुरैना-ग्वालियर मार्ग पर स्थित बामोर (बानमोर) औद्योगिक क्षेत्र में 133/11 केवी सब स्टेशन का गुरुवार को औचक निरीक्षण करते हुए विद्युत व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराना आपके सेवक की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियों का त्वरित निराकरण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में बेवजह का विद्युत अवरोध नहीं होना चाहिए। यथासंभव उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मंत्री ने संबंधित बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी खामियां समयबद्ध रूप से दुरुस्त की जाएँ, जिससे नागरिकों को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध हो सके, लेकिन ऐसा कोई काम ना करें, जिससे बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान आए। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वह ऊर्जा विभाग का सहयोग करें। सामने आ रही बिजली की समस्या के निदान के लिए पूरा ऊर्जा विभाग मैदान में है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार से बचने का तरीका यह है कि उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली का लोड बढ़वाएं तथा वैध विद्युत कनेक्शन लेकर ही विद्युत उपभोग करें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगर हम बिजली कंपनी का सहयोग करें, तो तकनीकी समस्याओं को दूर करने में काफी हद तक निजात पाई जा सकती है।  

घर पर वापसी के इरादे से उतरेगी बेंगलुरु, गुजरात देगा चुनौती

बेंगलुरु  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बीच 24 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 34वां मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित होगा। मौजूदा चैंपियन आरसीबी ने अपने शुरुआती दो मुकाबलों में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत दर्ज की। इसके बाद उसे राजस्थान रॉयल्स के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। अगले दो मुकाबले मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के विरुद्ध जीतने के बाद इस टीम को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। घर पर वापसी करना चाहेगी RCB इस सीजन में अपने घर पर पहली हार का सामना करने के बावजूद आरसीबी आईपीएल 2026 की बेहतरीन टीमों में से एक रही है। यह टीम एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपने आखिरी घरेलू मैच में जोरदार वापसी करने का लक्ष्य रखेगी। इस मैच के बाद, उन्हें अपने लीग-चरण के बाकी दो घरेलू मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेलने हैं। कैसा है GT का हाल दूसरी ओर, पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लगातार दो मुकाबले गंवाने के बाद जीटी ने दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले जीते। इसके बाद उसे मुंबई इंडियंस के विरुद्ध 99 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ उनकी लगातार तीन जीत का सिलसिला टूट गया। यह टीम जल्द से जल्द वापसी करने के लिए बेताब होगी। हालांकि, आईपीएल के सबसे चुनौतीपूर्ण मैदानों में से एक पर जीत हासिल करना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। कैस रहा हेड टू हेड रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अब तक का आमने-सामने का रिकॉर्ड बराबरी का रहा है। अब तक खेले गए 6 मुकाबलों में, दोनों टीमों ने तीन-तीन मैच जीते हैं। उनकी पहली भिड़ंत 30 अप्रैल 2022 को हुई थी, जिसे गुजरात टाइटंस ने जीता था। 2 अप्रैल 2025 को हुए सबसे हालिया मुकाबले में भी उन्हीं की जीत हुई थी। दोनों टीमों का आईपीएल स्क्वाड गुजरात टाइटंस की टीम: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, राहुल तेवतिया, अरशद खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, गुरनूर बरार और शाहरुख खान। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम: फिलिप साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जॉर्डन कॉक्स, कनिष्क चौहान, मंगेश यादव, जैकब डफी, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, जैकब बेथेल, विकी ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, अभिनंदन सिंह और सात्विक देसवाल। ऋषिकेश कुमार सिंह

मुइज्जु सरकार ने भारत ने मालदीव की संकट घड़ी में बढ़ाया हाथ, 30 अरब रुपये की सहायता जारी

नई दिल्ली संकट की घड़ी में भारत ने मालदीव को एक बार फिर बड़ी मदद भेजी है। जानकारी के मुताबिक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे मालदीव को राहत देते हुए भारत ने 30 अरब रुपये की पहली किश्त जारी करने को मंजूरी दे दी है। यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच हुए SAARC करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क के तहत दी जा रही है। माले स्थित भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम मालदीव की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। बता दें कि करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क की व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच हुए एक समझौते के तहत लागू की गई थी। अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इस समझौते पर मुहर लगी थी। मालदीव पहले भी इसी फ्रेमवर्क के तहत 400 मिलियन डॉलर की राशि का उपयोग कर चुका है। संकट में मालदीव मालदीव की अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रही है। विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने की कगार पर है। वहीं बढ़ते कर्ज के बोझ और राजस्व के सीमित स्रोतों के कारण सरकार को लगातार बाहरी मदद की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में भारत की यह मदद न सिर्फ तात्कालिक राहत देती है, बल्कि मुइज्जु सरकार को आगे भी सहारा मिलेगा। भारत बना है मददगार भारत इससे पहले भी लंबे समय से मालदीव के लिए एक भरोसेमंद साझेदार रहा है और संकट के समय सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देशों में शामिल रहा है। 2012 में SAARC करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क शुरू होने के बाद से भारत अब तक मालदीव को 1.1 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता दे चुका है। इसके अलावा, पिछले साल भारत ने मालदीव के अनुरोध पर 100 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल्स को भी रोलओवर किया था, जिससे तत्काल वित्तीय दबाव को कम करने में मदद मिली थी। क्या है SAARC करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क? SAARC करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क दक्षिण एशियाई देशों के लिए एक अहम सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिसके जरिए जरूरत पड़ने पर तुरंत विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराई जाती है। इससे भुगतान संतुलन के संकट और आयात-निर्यात से जुड़े दबावों को संभालने में मदद मिलती है। मालदीव जैसे छोटे द्वीपीय देश, जो पर्यटन और आयात पर काफी हद तक निर्भर हैं, उनके लिए इस तरह की व्यवस्था आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

30 साल बाद काजोल ने किया चौंकाने वाला फैसला, तोड़ी अपनी नो-किस पॉलिसी

मुंबई  एक्ट्रेस काजोल, पिछले तीन दशकों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. उन्होंने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' और 'कुछ कुछ होता है' जैसी कई आइकॉनिक फिल्मों में काम किया है. 2023 में उन्होंने ओटीटी की दुनिया में कदम रखा था. उस समय उनकी पहली सीरीज 'द ट्रायल – प्यार, कानून, धोखा' रिलीज हुई. इसी शो में उन्होंने अपनी ऑनस्क्रीन 'नो-किसिंग पॉलिसी' को भी तोड़ा. शो में उन्होंने अपने को-एक्टर जिशू सेनगुप्ता के साथ किसिंग सीन दिया. अब आखिरकार काजोल ने बताया है कि ऐसा करने के पीछे क्या वजह थी।  लिली सिंह के पॉडकास्ट में बात करते हुए काजोल से उनकी 'नो-किसिंग पॉलिसी' छोड़ने के फैसले के बारे में पूछा गया. इस सवाल को सुनकर वे कुछ सेकंड के लिए रुक गईं. फिर उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो ये उस किरदार का सीजन था जिसे मैं प्ले कर रही थी. इसमें बहुत कुछ किरदार और उसकी पहचान से जुड़ा था. ये सिर्फ एक किस नहीं थी, ये इस बात से जुड़ा था कि वो क्या सोचती है, क्या चाहती है कि हो, और क्या नहीं हुआ उसके साथ. वो क्या मानती थी, किस चीज पर उसका विश्वास था और किस पर वो विश्वास नहीं कर पा रही थी. ये पूरी स्क्रिप्ट का एक अभिन्न अंग था, इसलिए मैं इसे काट नहीं सकती थी बिना पूरे किरदार के एक जरूरी हिस्से को काटे।  असहज थीं काजोल जब होस्ट लिली ने पूछा कि क्या काजोल खुद भी एक इंसान के रूप में बदल गई थीं, जिसकी वजह से उन्हें ये करने में ठीक लगा, तो काजोल ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं इससे असहज थी. मैं इस विचार से बहुत-बहुत असहज थी, जब तक कि मैं सेट पर खड़ी नहीं हो गई. मुझे ये थ्योरी में पसंद था, लेकिन मुझे यकीन नहीं था कि मैं ये असल में करूंगी या फिर उन्हें बोल दूंगी 'कट. ये होने वाला नहीं है.' लेकिन मुझे सच में लगता है कि ये सिर्फ एक प्रोफेशनल कॉल था, जहां मैंने महसूस किया कि आज मैं ये फैसला ले सकती हूं।  काजोल ने एक्टर के रूप में अपने फैसलों को लेकर बिना किसी पछतावे के बात भी की. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने शुरुआत की थी तो वो बहुत युवा थीं और जो करना चाहती थीं, उसके बारे में बहुत ईमानदार थीं. भले ही वो हमेशा अच्छा ना लगता हो, लेकिन काजोल ने कहा कि उन्हें इससे ज्यादा मुश्किल नहीं हुई क्योंकि वो अपने फैसलों के बारे में ज्यादा नहीं सोचती थीं और सिर्फ अपने काम पर फोकस रखती थीं।  काजोल ने 'द ट्रायल – प्यार, कानून, धोखा' में नोयोनिका सेनगुप्ता का रोल प्ले किया था. नोयोनिका, एक हाउसवाइफ हैं जो अपने पति के स्कैंडल के बाद वकालत में वापस लौटती हैं. यह कोर्टरूम ड्रामा, हॉलीवुड शो 'द गुड वाइफ' का इंडियन वर्जन है. सुपर्ण वर्मा के निर्देशन में बने इस शो में अली खान और शीबा चड्ढा भी नजर आए थे. शो का दूसरा सीजन पिछले साल रिलीज हुआ था. यह जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकता है। 

वानखेड़े में संजू सैमसन का तूफानी शतक, MI vs CSK मैच में बनाए 10 चौके, 6 छक्के

 मुंबई आईपीएल 2026 के 33वें मुकाबले में गुरुवार को चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंड‍ियंस को मसलकर रख द‍िया. इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो संजू सैमसन रहे. सैमसन ने अपनी 54 गेंदों में नाबाद 101 रन की शानदार पारी से महफ‍िल लूट ली, जिसमें 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 187.04 का रहा. यह इस सीजन में उनका दूसरा शतक रहा।  संजू सैमसन के शतक और चेन्नई के गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर CSK ने मुंबई इंडियंस को 103 रन से करारी शिकस्त दी. अकील हुसैन ने 4 विकेट झटके. वहीं नूर अहमद ने दो विकेट लिए. वहीं चेन्नई की यह जीत रनों के ल‍िहाज से उनकी सबसे बड़ी जीत रही।  इससे पहले संजू सैमसन ने आईपीएल में अपना पांचवां शतक जड़ा, वहीं इस सीजन का उनका यह दूसरा शतक रहा. इसके साथ ही IPL में MI के खिलाफ CSK के किसी बल्लेबाज का यह पहला शतक रहा. जो एक यून‍िक र‍िकॉर्ड रहा।  संजू की पारी की बदौलत ही चेन्नई ने 20 ओवर में 207/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया. जवाब में मुंबई की टीम 104/10 (19 ओवर्स ) में स‍िमट गई. वानखेड़े में खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस जीतकर मुंबई ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन यह फैसला शुरुआत में भारी पड़ता द‍िखा।  ऋतुराज गायकवाड़ ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया और 14 गेंदों में 22 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि वह बड़ी पारी में इसे नहीं बदल सके. मध्य ओवरों में रनगति थोड़ी धीमी हुई. कार्त‍िक शमा ने 19 गेंदों में 18 रन बनाए, जिससे दूसरे स्ट्रैटेजिक टाइमआउट के बाद टीम की रफ्तार पर असर पड़ा।  हालांकि जैमी ओवर्टन ने 7 गेंदों में 15 रन बनाकर अंत में टीम को थोड़ा तेज किया. मुंबई की ओर से जसप्रीत बुमराह और अल्लाह गजनफर एक बार फिर सबसे किफायती गेंदबाज रहे. उन्होंने अपने यॉर्कर और स्लोअर गेंदों से डेथ ओवरों में रन बनाना मुश्किल कर दिया।  रिकॉर्ड्सबुक  में सैमसन की एंट्री इस शतक के साथ संजू सैमसन अब टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीयों की सूची में 8 शतकों के साथ शामिल हो गए हैं, जहां व‍िराट कोहली (9) और  रोहित शर्मा (8) जैसे नाम मौजूद हैं. वहीं IPL में भी सैमसन के नाम अब 5 शतक हो गए हैं।  CSK के MI के खिलाफ सबसे बड़े स्कोर (IPL) 218/4 (2021, दिल्ली) 208/5 (2008, चेन्नई) 207/6 (2026, वानखेड़े)*  206/4 (2024, वानखेड़े) CSK के लिए सबसे ज्यादा शतक (IPL) 2 : शेन वॉटसन 2 : मुरली विजय 2 : ऋतुराज गायकवाड़ 2 : संजू सैमसन    सैमसन इस सीजन में CSK के लिए 2 शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बने (वॉटसन के बाद, 2018) संजू सैमसन की पारी का ब्रेकडाउन     तेज गेंदबाजों के खिलाफ: 40 गेंद में 83 रन (स्ट्राइक रेट 207.5)     10 चौके, 5 छक्के     स्पिन के खिलाफ: 14 गेंद में 18 रन (स्ट्राइक रेट 128.6)     1 छक्का     यानी सैमसन ने पेसर्स को ज्यादा टारगेट किया T20 में भारतीयों के सबसे ज्यादा शतक 9 : विराट कोहली 9 : अभिषेक शर्मा 8 : रोहित शर्मा 8 : संजू सैमसन   IPL में सबसे ज्यादा शतक 8 : विराट कोहली 7 : जोस बटलर 6 : क्रिस गेल 5 : केएल राहुल 5 : संजू सैमसन