samacharsecretary.com

20 हजार रुपये में OnePlus Nord CE 6 सीरीज लॉन्च, डुअल चिपसेट और पावरफुल परफॉर्मेंस

OnePlus भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जो उसकी किफायती सीरीज का हिस्सा होगा. अपकमिंग हैंडसेट का नाम OnePlus Nord CE 6 है. कंपनी ने OnePlus Nord CE 6 और OnePlus Nord CE 6 Lite की लॉन्च डेट का भी खुलासा कर दिया है, जो 7 मई को लॉन्च होगा. OnePlus Nord CE 6 के स्पेसिफिकेशन्स   ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले OnePlus Nord CE 6 के फीचर्स का खुलासा हो चुका है. लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, OnePlus Nord CE 6 में 144 Hz का रिफ्रेश डिस्प्ले मिलेगा, जो 1.5K (1.5 रेजोल्युशन) सपोर्ट के साथ लॉन्च होगा. इसमें आई केयर प्रोटेक्शन फीचर भी शामिल है. मिलेगी 8000mAh की बैटरी OnePlus Nord CE 6 में 8000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको लेकर दावा किया है कि यह बैटरी करीब ढाई दिन तक का बैटरी बैकअप देगी. हालांकि अभी तक चार्जर स्पीड की जानकारी का खुलासा नहीं किया है. मिलेगी पावरफुल परफॉर्मेंस OnePlus Nord CE 6 में डुअल चिपसेट का फायदा मिलेगा. इसमें Snapdgragon 7 सीरीज का चिपसेट यूज किया है, जिसकी मदद से यूजर्स को बेहतर परफोर्मेंस मिलेगी. OnePlus Nord CE 6 Lite भी होगा लॉन्च भारत में 7 मई को OnePlus Nord CE 6  Lite को भी लॉन्च किया जाएगा. इसमें बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा. इसमें भी 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जो बेहतरीन परफोर्मेंस देता है. OnePlus Nord CE 6 Lite में 7000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको लेकर दावा किया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद करीब 2 दिन की बैटरी बैकअप मिलेगा. 6 साल तक बैटरी हेल्थ की जानकारी दी गई है. OnePlus Nord CE 6  और OnePlus Nord CE 6 Lite की कीमत का खुलासा अभी नहीं किया है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कीमत को लेकर लीक्स डिटेल्स शेयर की है. ये हैंडसेट 20 हजार रुपये की कीमत में खरीदे जा सकेंगे. 

मेरठ-करनाल हाईवे पर बाइक से गिरे नोट, पुलिस ने बरामद की बड़ी रकम

शामली उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मेरठ-करनाल हाईवे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क पर अचानक नोटों की बारिश होने लगी। इसकी पुलिस को मिली तो टीम ने तत्काल मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया। नोटों को सड़क के उठवाकर अपने कब्जे में ले लिया। गिनती कराई तो चार लाख रुपए थे। इनमें पांच सौ, दो सौ और सौ के नोट शामिल हैं। बताया जाता है कि यह नोट एक बाइक सवार के बैग से गिर रहे थे और उसे पता नहीं चल पाया। हालांकि वह बाइक सवार अभी तक अपने नोटों पर दावा करने भी नहीं पहुंचा है। नोट पर लगी स्लीप से पता चलता है कि उसे किसी बैंक से निकाला गया था। बाइक चलती रही, नोट बिखरते रहे यह वाकया गुरुवार देर शाम का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बाइक सवार युवक मेरठ-करनाल हाईवे से तेज रफ्तार में गुजर रहा था। उसकी पीठ पर एक काला बैग टंगा था, जिसकी चेन संभवतः सफर के दौरान खुल गई थी। युवक को इस बात की भनक नहीं लगी और बैग में रखी नोटों की गड्डियां सरककर गिरने लगीं। कुछ नोट बिखर गए तो कुछ गड्डी समेत सड़क पर गिर गए। बताया जाता है कि हाईवे पर करीब आधा किलोमीटर तक नोट बिखरते रहे और बाइक सवाल अपनी ही धुन में गाड़ी लेकर चलता रहा। राहगीर की ईमानदारी और पुलिस की फुर्ती उसी समय मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र के गांव खरड निवासी अमित कुमार वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने काबड़ौत पुल के पास जब नोट बिखरते देखे और बाइक सवार को दूर जाते देखा तो तुरंत पास ही चेकिंग कर रहे बलवा चौकी इंचार्ज मुकेश दिनकर को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाल लिया। सड़क पर बिखरी नोटों की गड्डियों को उठाना शुरू किया। पुलिस ने करीब 500 मीटर के दायरे में फैले नोटों को इकट्ठा किया। सड़क से चार लाख बरामद पुलिस ने कुल 4 लाख रुपये बरामद किए हैं। इनमें 500-500 के नोटों की 6 गड्डियां, 200-200 के नोटों की 4 गड्डियां और 100-100 के नोटों की 2 गड्डियां शामिल हैं। खास बात यह है कि इन गड्डियों पर एक बैंक की पर्ची और मोहर भी लगी हुई है, जिससे मालिक तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है। मालिक की तलाश में जुटी पुलिस अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुमित शुक्ला ने बताया कि बरामद की गई रकम को फिलहाल थाने के मालखाने में जमा करा दिया गया है। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस बाइक सवार की पहचान की जा सके। साथ ही, संबंधित बैंक से भी संपर्क किया जा रहा है जिसकी पर्ची गड्डियों पर लगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक जिले के किसी भी थाने में इतनी बड़ी रकम खोने की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने अपील की है कि जिस भी व्यक्ति के ये रुपये खोए हैं, वह उचित प्रमाण और बैंक संबंधी दस्तावेज पेश कर अपनी रकम वापस ले सकता है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन अमित जैसे ईमानदार नागरिक की भी सराहना कर रहे हैं, जिनकी सतर्कता से यह बड़ी रकम सुरक्षित पुलिस तक पहुंच गई।

बीसीसीएल एरिया में तीसरी बार भू-धंसान, कई घर जमीन में समाए

 धनबाद  झारखंड के धनबाद जिला के बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया संख्या-तीन के सोनारडीह  टंडाबाड़ी बस्ती में  रात को एक बार फिर तीसरी बार भू-धंसान हुआ. इस बार जोरदार आवाज के साथ जमीन करीब 15 फीट तक धंस गई और 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. कई घरों के भीतर 15 से 20 फीट तक गोफ बन गए. भू धंसान के कारण अब पूरा टंडाबाड़ी बस्ती ही प्रभावित हो गई है. अंधेरे और धुएं के बीच मची भगदड़ अंधेरे और धुएं बीच अफरा-तफरी मची गई सभी लोग अपना जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. क्षेत्र में तबाही का मंजर, देखने को मिला. एक घर में खड़ी मोटरसाइकिल और कैलाश हाड़ी की कार जमीन में समा गई. लोगों ने बोकारो राजगंज मुख्य मार्ग NH 32 सड़क को घंटों जाम कर दिया. घायलों का कराया जा रहा है इलाज बाघमारा की पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के घर समेत कई घर जमीन में समा गए. कई लोग अपने घरों में फंस गए. कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को निकाला गया, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. ये लोग पहुंचे घटनास्थल पर सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल एरिया 3 के जीएम विमला विजय कुमार, सेफ्टी जीएम संजय सिंह ,बाघमारा एसडपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह, बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू घटनास्थल पर पहुंचे.  घटनास्थल पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया बेघर हुए प्रभावित लोगों से मिले. देर रात ओर अंधेरा होने के कारण राहत कार्य नहीं हो पाया. पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं ज्ञात हो कि 31 मार्च की शाम 6.30 बजे टंडाबाड़ी बस्ती में तीन घर जमींदोज हो गए थे. पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 22 अप्रैल को हुई भू-धंसान में कई घर में दरार आई और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. लेकिन इस बार टंडाबाड़ी बस्ती में  भूधसान काफी भयावाह हुआ है  चारों तरफ तबाही का मंजर है.

बंगाल चुनाव: अमित शाह बोले “दीदी जाने वाली हैं, बीजेपी आने वाली है”

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में राज्य की 152 सीटों की वोटिंग होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान सामने आया है। कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह 152 में बीजेपी को करीब 110 सीटें मिलने जा रह रही है। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी दूसरे चरण के बाद बीजेपी अपने बूते पर सरकार ने बनाएगी। उन्हाेंने बंपर वोटिंग के बंगाल के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि यह भय से भरोसे की तरफ की सफर है। उन्होंने कहा बंगाल के पहले चरणें में एक भी मौत नहीं हुई। यह अपने आप में एक अजूबा (अनूठी उपलब्धि) है। अमित शाह ने कहा कि मेरे पास जो फीडबैक है। उसके तहत बंगाल की जनता ने पहले चरण में सबकुछ तय कर दिया है। अमित शाह ने मोटेतौर पर पहले चरण में बीजेपी के लिए फायदा होने की बात कही। उन्होंने कहा कि दीदी जाने वाली है और बीजेपी आने वाली है। भय जाने वाला है और भरोसा आने वाला है। अमित शाह की बड़ी बातें:   दीदी जाने वाली हैं बीजेपी आने वाली है।     पहले चरण की 152 सीटों में 110 जीतेंगे।     लोगों ने परिवर्तन के लिए वोट दिया है।     पहले चरण के मतदान में सभी रिकॉर्ड टूटे।     बंगाल में सुशासन के नए युग की आहट।     बंगाली बोलने वाला ही बंगाल का सीएम बनेगा।     बंगाल के लोगों ने भय से भरोस की यात्रा की है।     असम की तर्ज पर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।     भय जाने वाला है, भरोसा आने वाला है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक अफवाह फैला रही हैं कि अगर बीजेपी जीती तो बाहर के लोग बंगाल चलाएंगे। दीदी मैं कहता हूं कि बंगाल का सीएम बंगाल में जन्म लेने वाला बंगाली बोलने वाला ही होगा। वह भाजपा का कार्यकर्ता होगा। हां, वह आपका भतीजा नहीं होगा। दूसरे चरण में भी बंपर बोटिंग की अपील अमित शाह ने कहा पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण में ऐतिहासिक मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रदेश के मतदाताओं का अभिनंदन करता हूं।बंगाल के इतिहास के सबसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतदान के लिए चुनाव आयोग, सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPFs) के बहादुर जवानों और हमारी पश्चिम बंगाल पुलिस का भी अभिनंदन करता हूं। अमित शाह ने आगे कहा कि मैं एक बार फिर दूसरे चरण के सभी मतदाताओं से कहना चाहता हूं कि भयमुक्त होकर अपनी इच्छा से मतदान कीजिए। मतदान में गड़बड़ी न हो, इसकी बहुत अच्छी व्यवस्था चुनाव आयोग ने की है। उन्होंने कहा कि पुराने चुनाव भूल जाइए, बंगाल के सुनहरे भविष्य के लिए मतदान करें और बीजेपी की सरकार बनाएं। पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में 142 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे।

हनुमान कथा में नीतीश भारद्वाज का संबोधन, कहा– “आज भी चल रही है महाभारत”

प्रयागराज संगम नगरी प्रयागराज में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा में आध्यात्म, संस्कृति और समकालीन मुद्दों का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर टीवी धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज भी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, सनातन धर्म, समाज की एकता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से बात की। साथ ही उनके बयान ने कार्यक्रम में खास चर्चा बटोरी, जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रेम उसी को देंगे जो हमसे प्रेम करेगा, और जो तलवार लेकर सामने खड़ा होगा, उसके सामने अहिंसा परमो धर्म: नहीं कहेंगे। बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, आज भी महाभारत चल रही है और हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गुरु-शिष्य परंपरा से की शुरुआत नीतीश भारद्वाज ने अपने उद्बोधन की शुरुआत 'सदाशिवसमारम्भां शंकराचार्यमध्यमाम्…' श्लोक के साथ की और कहा कि भारत की संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित है। उन्होंने प्रयागराज की पावन धरती को ऋषि परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह स्थान सदियों से ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पहली बार प्रयाग आने का अवसर मिला था और अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आमंत्रण पर दोबारा यहां आने का सौभाग्य मिला है। 'आज भी चल रही है महाभारत' उन्होंने वर्तमान समय को महाभारत काल से जोड़ते हुए कहा कि आज भी समाज एक प्रकार के संघर्ष से गुजर रहा है। उनके अनुसार, जैसे द्वापर युग में धर्म की रक्षा की आवश्यकता थी, उसी प्रकार आज कलयुग में भी धर्म और मूल्यों की रक्षा जरूरी हो गई है। आज के समय को देखते हुए कह सकता हूं कि आज भी महाभारत चल रही है, एक अलग तरह की महाभारत। धर्म की रक्षा की आवश्यकता फिर से आन पड़ी है। आज हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गीता के श्लोक से दिया प्रेरणा संदेश नीतीश भारद्वाज ने गीता का श्लोक 'कुतस्त्वा कश्मलमिदं…' उद्धृत करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह की शक्तियां सक्रिय हैं, लेकिन ऐसे समय में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। 'सनातन ही मूल आधार' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही इस देश की मूल पहचान है और इसकी सहिष्णुता के कारण ही अन्य धर्म यहां फल-फूल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आज इसी सहिष्णुता का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और सनातन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। समाज में एकता की जरूरत अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को लंबे समय तक जातियों और वर्गों में बांटा गया, लेकिन अब समय है कि सभी लोग एकजुट हों। उन्होंने गीता के 'चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टम्…' श्लोक का उल्लेख करते हुए बताया कि समाज का संतुलन सभी वर्गों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के समन्वय से ही संभव है और किसी एक हिस्से के कमजोर होने से पूरा ढांचा प्रभावित होता है। 'प्रेम का उत्तर प्रेम, लेकिन आक्रमण का जवाब भी' अपने संबोधन के अंत में नीतीश भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि प्रेम का उत्तर प्रेम से दिया जाएगा, लेकिन अगर कोई आक्रमण करेगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले हैं, लेकिन यदि कोई तलवार लेकर सामने खड़ा होगा तो हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज बनना भी आता है।' उन्होंने इसे धर्म की रक्षा का कर्तव्य बताते हुए कहा कि समय के अनुसार आचरण करना ही सच्चा धर्म है।

मंत्रियों की सैलरी में कटौती, इस राज्य में रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगी बकाया पेंशन

 हैदराबाद तेलंगाना सरकार ने  एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मंत्रियों के वेतन में 50% की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से पेंडिंग बकाये को चुकाने के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। यह फैसला हिमाचल प्रदेश सरकार के उस हालिया कदम के बाद आया है, जिसमें वित्तीय संकट के कारण मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में कटौती की गई थी। स्वेच्छा से लिया गया फैसला मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद, तेलंगाना के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मंत्रियों ने अपनी मर्जी से यानी स्वेच्छा से अपने वेतन में 50% की कटौती करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो रिटायर्ड कर्मचारियों का पैसा चुकाने के लिए राज्य के सभी जनप्रतिनिधि भी अपनी सैलरी का आधा हिस्सा छोड़ देंगे। 100 दिनों का लक्ष्य और नई समिति का गठन सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए एक समय सीमा तय की है। कैबिनेट ने अगले 100 दिनों के भीतर सेवानिवृत्ति बकाये को चुकाने की व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने एक खास समिति बनाने की घोषणा की है, जो कर्मचारी संघों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के साथ मिलकर बातचीत करेगी और संसाधन जुटाने के तरीके तलाशेगी। कितने करोड़ का है बकाया? कैबिनेट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार के ऊपर कर्मचारियों का एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है।     सेवारत (वर्तमान) कर्मचारियों का बकाया: लगभग 6,200 करोड़ रुपये     रिटायर्ड कर्मचारियों का बकाया: लगभग 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों के प्रति सरकार की चिंता सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों को हो रही परेशानियों पर गहरी चिंता जताई। मंत्री पोंगुलेटी ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ने और पैसा मिलने में हो रही देरी के कारण पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट का स्पष्ट मानना था कि रिटायर्ड कर्मचारियों को अपने ही हक के पैसों के लिए दफ्तर-दर-दफ्तर भटकने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। पिछली सरकार पर निशाना और भविष्य की योजना कैबिनेट ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि यह भारी-भरकम बकाया पिछले एक दशक (लगभग 10 वर्षों) में जमा हुआ है। सरकार ने याद दिलाया कि जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था, तब राज्य पर ऐसा कोई बकाया नहीं था। वेतन कटौती के साथ-साथ, तेलंगाना सरकार अब इस वित्तीय बोझ से निपटने और कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संसाधन जुटाने के अन्य संभावित उपायों पर भी विचार करेगी।

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्मी का कहर, बठिंडा रहा सबसे गर्म: 10 जिलों में पारा 40°C के पार, हीट वेव का खतरा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के अंत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को बठिंडा में 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है और इस सीजन का अब तक का सबसे उच्च स्तर है। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 और 25 अप्रैल के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बठिंडा बना सबसे गर्म जिला पंजाब में सबसे ज्यादा गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.0 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री और रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 41.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। अमृतसर और चंडीगढ़ शहर में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। हीट वेव का असर और स्वास्थ्य चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है। बिजली की मांग बढ़ी, कटौती शुरू गर्मी बढ़ने के साथ ही पंजाब में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। इस कारण बिजली विभाग ने कई जगहों पर मरम्मत के नाम पर शटडाउन शुरू कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर चलाने की जरूरत बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ दिख रहा है। अस्पतालों के समय में बदलाव तेज गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है और यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खोल दिए जाते हैं ताकि भीड़ कम हो और इंतजार न करना पड़े। यह फैसला गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। बठिंडा गर्मी के मामले में टॉप पर पंजाब में 40 डिग्री से अधिक तापमान 10 जिलों में दर्ज किया गया, जबकि 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 7 जिलों में रहा। सबसे गर्म जिला बठिंडा (एयरपोर्ट) रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.0 डिग्री, पटियाला 41.6 डिग्री, भाखड़ा डैम (रूपनगर) 41.1 डिग्री, लुधियाना 40.6 डिग्री, गुरदासपुर 40.5 डिग्री, फिरोजपुर 40.2 डिग्री, फाजिल्का 40.2 डिग्री, अमृतसर 40.1 डिग्री, चंडीगढ़ (सिटी) 40.0 डिग्री, एसबीएस नगर 39.5 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 39.2 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.0 डिग्री, पठानकोट 38.8 डिग्री, मोगा 38.7 डिग्री और रूपनगर (रोपड़) 38.5 डिग्री। बिजली की खपत बढ़ी, कट शुरू गर्मी बढ़ने की वजह से पंजाब में बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। इस वजह से बिजली विभाग की तरफ से रिपेयर के नाम पर शटडाउन किया जा रहा है। दिन में शहरी से लेकर ग्रामीण एरिया में कट लग रहे हैं। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है। अस्पतालों का समय बदला पंजाब में गर्मी के मौसम को देखते हुए 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों की OPD टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब OPD सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चल रही। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे ही खोल दिए जा रहे हैं, ताकि भीड़ कम हो और लोगों को इंतजार न करना पड़े। यह फैसला बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए लिया गया है, ताकि मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों को राहत मिल सके। आगे मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव चल सकती है। 25 से 29 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले चार दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। बारिश और आंधी का अलर्ट जारी 26, 27 और 28 अप्रैल को पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 25 अप्रैल को फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में लू चलने का अनुमान है। वहीं 26 अप्रैल को पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और पटियाला समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।

सरायकेला-खरसावां मैट्रिक रिजल्ट: 95.36% के साथ लड़कियों ने मारी बाजी

रांची झारखंड अधिविध परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया गया है. जिला का परीक्षा परिणाम 95.36 प्रतिशत रहा है. परीणाम में लड़कियों ने बाजी मारते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है. जिला में जहां लड़कियां 95.96 प्रतिशत सफलता हासिल किया है, वहीं लड़कों ने 94.70 प्रतिशत सफलता हासिल किया है. जिला में कुल मैट्रिक की परीक्षा में 11652 परिक्षार्थी शामिल हुए थे,  जिसमें से 11112 बच्चे पास हुए हैं बाकि 530 परीक्षार्थी मार्जिनल हुए हैं. परीक्षा में कुल लड़कियां 6095 शामिल हुई थी जिसमें से 3476 प्रथम श्रेणी, 2151 द्वितिय श्रेणी व 222 तृतिय श्रेणी में पास हुई है. वहीं लड़कों में 5557 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें से प्रथम श्रेणी में 2810 परीक्षार्थी पास हुए. द्वितिय श्रेणी में 2192 और तृतिय श्रेणी में 261 परीक्षार्थी पास हुए हैं. दो वर्षो में बेहतर रहा जिला का परीक्षा परिणाम, दस स्थान उपर लगाया छलांग सरायकेला खरसावां जिला में विगत दो वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष परीक्षा फल बेहतर रहा है. विगत दो वर्षो के आकड़ो को देखे तो जिला में मैट्रिक का परीक्षा फल 2025 में 85.03 प्रतिशत था. वहीं वर्ष 2024 में 89.6 प्रतिशत रिजल्ट रहा था जबकि इस वर्ष दस प्रतिशत अधिक रिजल्ट 95.36 प्रतिशत हुआ है और पूरे राज्य में सरायकेला खरसावां जिला का स्थान 12 वें स्थान में रहा है. रिजल्ट पर संतोष जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष के खराब रिजल्ट से सबक लेते हुए बेहतर करने का प्रयास किया गया और रिजल्ट में यह दिखा आगे और बेहतर करने का प्रयास रहेगा. जैक बोर्ड की परीक्षा में सरस्वती शिशु मंदिर का रहा शतप्रतिशत परिणाम सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय का जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम रहा है. परीक्षा में शामिल विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने सफलता हासिल किया है. जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने बताया कि जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में विद्यालय के 113 छात्र छात्राएं शामिल हुईं थी, जिनमें सभी ने सफलता हासिल किया है. उन्होंने बताया कि विद्यालय के 22 छात्र छात्राएं परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किया है, 67 छात्र छात्राओं ने 80 से 90 प्रतिशत में अपना जगह बनाया है,वहीं बाकी के सभी छात्र छात्राएं 60 से 70 प्रतिशत अंक को सूची में शामिल हैं. प्राचार्य ने सभी छात्र छात्राओं को उनकी सफलता पर अपनी शुभकामनाएं दी है. अरुण कुमार महतो बने स्कूल टॉपर विद्यालय के दसवीं के छात्र अरुण कुमार महतो 95.20% अंक प्राप्त कर स्कूल टॉपर बनने में सफलता पाई है. वहीं 94.80 % अंक के साथ अनिमा मुंडरी द्वितीय स्थान पर रही. तृतीय स्थान पर रुद्र कुमार सिंह 94.20%, चतुर्थ स्थान पर शिवम कुमार महतो 94%, पांचवे स्थान पर सुशील सोय 93.80%,छठवें स्थान पर अभिजीत महतो 93.60%, सातवें स्थान पर पृथ्वीराज रविदास 93.40%, आठवें स्थान पर ऋतु प्रामाणिक 93.20%, नौवें स्थान पर रंजीत महतो 93% और 92.40% अंक के साथ ऋषिकेश कुमार और कुलदीप कामिल विद्यालय के टॉप टेन में दसवें स्थान पर रहे हैं. बीते चार वर्षो का रिजल्ट प्रतिशत     वर्ष 2023: कुल 97.04 प्रतिशत     वर्ष 2024:कुल 95.35 प्रतिशत     वर्ष 2025:कुल 85.03 प्रतिशत     वर्ष 2026:कुल 95.36 प्रतिशत जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने मैट्रिक परीक्षा परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि बीते दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में जिले को 12वां स्थान प्राप्त हुआ है. आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे.

सूखी तुलसी भी बदल सकती है किस्मत, वास्तु के 3 चमत्कारी उपाय

 पारा 40 डिग्री के पार है, लू के थपेड़े और चिलचिलाती धूप ने न सिर्फ इंसानों का बुरा हाल कर रखा है, बल्कि घर के आंगन में लगी तुलसी भी इस तपिश को झेल नहीं पा रही है. लाख जतन के बाद भी अगर इस भीषण गर्मी में तुलसी सूख गई है, तो निराश होकर उसे फेंकने की गलती बिल्कुल न करें. वास्तु शास्त्र में माना गया है कि जो तुलसी चिलचिलाती धूप में सूख जाती है, उसकी सूखी लकड़ियों में भी चमत्कारिक शक्तियां होती हैं. ये सूखी लकड़ियां न केवल आपके घर की नकारात्मकता को सोख सकती हैं, बल्कि आर्थिक तंगी और वास्तु दोष जैसी समस्याओं के लिए रामबाण इलाज साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि इस भीषण गर्मी में सूखी हुई तुलसी की लकड़ियों के वो 3 अचूक उपाय, जो आपके जीवन में खुशहाली की ठंडी बयार ला सकते हैं. 1. मुख्य द्वार पर बांधें लकड़ी वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर घर में आए दिन क्लेश होता है या आपको लगता है कि घर को किसी की नजर लग गई है, तो सूखी तुलसी की छोटी सी लकड़ी उठाएं. इसे एक साफ लाल कपड़े में लपेटकर कलावा की मदद से घर के मुख्य द्वार पर बीचों-बीच लटका दें. माना जाता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. 2. तिजोरी में रखें एक टुकड़ा: खिंची चली आएंगी लक्ष्मी अगर कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिक रहा या फिजूलखर्ची बढ़ गई है, तो सूखी तुलसी की लकड़ी या उसकी जड़ का एक छोटा सा टुकड़ा लें.  इसे गंगाजल से पवित्र करके पीले कपड़े में बांध कर अपनी तिजोरी या धन रखने वाली अलमारी में रख दें.  मान्यता है कि यह उपाय धन को आकर्षित करता है . इससे कंगाली दूर होती है. 3. तुलसी दीप से प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. किसी भी शुभ तिथि या एकादशी के दिन जब आप घी का दीपक जलाएं, तो उसमें सूखी तुलसी की एक छोटी सी लकड़ी डाल दें. इसे तुलसी दीप कहा जाता है. ऐसा करने से घर के वास्तु दोषों का नाश होता है, रुके हुए काम बनने लगते हैं. भूलकर भी न करें ये गलती     तुलसी को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है, इसलिए पौधा सूखने के बाद भी उसकी लकड़ियों का अपमान न करें.     इन्हें कभी भी गंदे हाथों से न छुएं.     लकड़ियों को इधर-उधर कचरे या नाली में न फेंकें.     उपाय करने के बाद बची हुई लकड़ियों को गमले की मिट्टी में ही दबा दें या पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें.  

खंडपीठ का बड़ा फैसला: आरती डोगरा के खिलाफ जांच कार्यवाही स्थगित

जयपुर राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को स्थगित कर दिया है, जिसमें आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे. खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शोभा मेहता की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. कोर्ट ने न केवल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई बल्कि उस आदेश से जुड़ी सभी प्रोसीडिंग्स (कार्यवाहियों) को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है. जानें क्या था मामला दरअसल, इससे पहले एकल पीठ ने विभागीय जांच में हो रही अत्यधिक देरी और डीपीसी (DPC) से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए आईएएस आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश दिए थे. इसी आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी गई थी. सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने रखी दलीलें आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने कोर्ट में पैरवी की. उन्होंने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पहले से ही तीन विभागीय जांचें लंबित हैं और उन पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. वकील ने स्पष्ट किया कि यह मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता है. कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश पर रोक लगा दी है. कौन है IAS आरती डोगरा आरती डोगरा वैसे तो उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली है. लेकिन वह राजस्थान कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी है. वह राजस्थान में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुकी है जिसकी काफी चर्चा रही हैं. डोगरा ने कई जिलों में कलेक्टर पद की कमान संभाली और बदलाव के कई नए मॉडल पेश किये. आरती डोगरा बूंदी, अजमेर और बीकानेर की कलेक्टर की रहीं हैं. कई जिलों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहीं हैं. बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए उन्होंने खुले में शौच के खिलाफ शानदार अभियान चलाया था. 'बंको बिकाणों' के नाम से मशहूर इस अभियान ने देश भर में मिसाल कायम की थी. अशोक गहलोत जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा को अपना सचिव बनाया था.