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न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी : आयुक्त रजत बंसल

रायपुर.  जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।  बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है। जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।  उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके। जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है। बैठक में अपर संचालक सर्वउमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।

पंजाब में प्राइवेट स्कूलों के लिए किताबों की सीधी सप्लाई, बिचौलियों का खेल खत्म, अभिभावकों को मिली बड़ी राहत

 चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों के लिए पाठ्य-पुस्तकों के वितरण में एक बड़ा सुधार किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) से संबंधित निजी स्कूलों में पढ़ रहे पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबों की सप्लाई सीधे तौर पर बोर्ड द्वारा की जाएगी। इस पहल से न केवल अधिकृत एजेंसियों और किताबें बेचने वाली दुकानों की एकाधिकार व्यवस्था खत्म होगी, बल्कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी राहत मिलेगी। नए सुधार की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह निर्णय पारदर्शिता को बेहतर बनाने, परिवारों का खर्च कम करने और बिचौलियों पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ पाठ्य-पुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्कूल सख्ती से यह सुनिश्चित करेंगे कि पुस्तकों के लिए छपी हुई कीमत से अधिक पैसा न लिया जाए। यह केवल पुस्तकों के वितरण की सुविधा होगी, न कि राजस्व जुटाने का माध्यम। इससे निजी स्कूलों के दस लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15 प्रतिशत छूट, जो पहले पुस्तक बेचने वालों को मिलती थी, अब सीधे तौर पर विद्यार्थियों को मिलेगी। 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को होगा फायदा एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "स्कूल इस बात का सख्ती से ध्यान रखेंगे कि बिल पर छपी रियायती कीमत से ज़्यादा कोई भी रकम न ली जाए. वे बिना कोई मुनाफा कमाए, सिर्फ किताबों के वितरण में मदद करेंगे. इससे निजी स्कूलों के 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को फायदा होगा।  शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15 प्रतिशत की जो छूट पहले किताब बेचने वालों को दी जाती थी, अब उसका सीधा फायदा स्कूलों के जरिए छात्रों को मिलेगा. उम्मीद है कि इस कदम से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और साथ ही व्यवस्था में ज़्यादा जवाबदेही आएगी।  शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का बयान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस सुधार की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, परिवारों पर वित्तीय दबाव घटाना और किताबों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह जनहित में है और इससे निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पारदर्शिता और सख्त नियम लागू मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्थिति में पुस्तकों पर अंकित मूल्य से अधिक शुल्क नहीं लिया जाए। यह व्यवस्था केवल वितरण को सरल बनाने के लिए है, न कि अतिरिक्त आय का साधन बनने के लिए। सरकार के अनुसार, इस नई प्रणाली से राज्य के लगभग 10 लाख से अधिक निजी स्कूल छात्रों को फायदा होगा। इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए, मंत्री बैंस ने जानकारी दी कि PSEB ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक खास ई-कॉमर्स पोर्टल बनाया है. छात्र मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए पाठ्यपुस्तकों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षा और विषय के हिसाब से अपनी ज़रूरतें डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे. उन्होंने आगे कहा, "हर छात्र को अलग से लॉगिन क्रेडेंशियल (पहचान पत्र) दिए जाएंगे, ताकि ज़रूरत पड़ने पर माता-पिता सीधे ऑर्डर दे सकें।  पंजाब सरकार द्वारा सुलभ और किफायती शिक्षा पर दिए जा रहे प्रयासों को दोहराते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15% की छूट, जो पहले केवल पुस्तक विक्रेताओं को दी जाती थी, अब स्कूलों के माध्यम से सीधे छात्रों को लाभ पहुंचाएगी। इस कदम से परिवारों पर वित्तीय बोझ काफी कम होने की उम्मीद है और साथ ही व्यवस्था में जवाबदेही भी बढ़ेगी। परिचालन ढांचे के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि पीएसईबी ने प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल विकसित किया है। छात्र मोबाइल एप्लिकेशन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षावार और विषयवार आवश्यकताओं को डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत लॉगिन क्रेडेंशियल प्रदान किए जाएंगे, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अभिभावक सीधे ऑर्डर दे सकेंगे।” पीएसईबी के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान गेटवे से एकीकृत किया गया है ताकि निर्बाध, पारदर्शी और कुशल लेनदेन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली विशेष रूप से अधिक शुल्क लेने की किसी भी संभावना को खत्म करने और पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्रा पन्ना की कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी को माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा को सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर माँ की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट तथा आशीर्वाद प्राप्त करने प्रतिभा, परिजन सहित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) आईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 'प्रतिभा जैसी बेटियां प्रदेश की शान हैं। प्रतिभा की सफलता लाखों बेटियों और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। बिटिया की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है।' मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कु. प्रतिभा और उनके परिजन ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।  

भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, तय समय में पूरे होंगे सभी प्रोजेक्ट

 जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं चाहती है. ऐसे में अब प्रदेश के अधिकारी-पदाधिकारी और कर्मचारी सभी नपेंगे. राजस्थान में विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ कर दिया है कि तय समय पर काम नहीं हुआ तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है. मुख्यमंत्री कार्यालय में आज ‘राज उन्नति' की चौथी बैठक में प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए. शुक्रवार (24 अप्रैल) को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राज उन्नति' की चतुर्थ बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में राज्य सरकार की चयनित परियोजनाओं, विभिन्न कार्यक्रमों और परिवेदनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर निर्देश दिए कि कार्यों में देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए. साथ ही, जहां भी ढिलाई सामने आए, वहां सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए. ‘राज उन्नति' कार्यक्रम के जरिए कार्यों की मॉनिटरिंग बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आमजन से जुड़ी योजनाओं और परिवेदनाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे. ‘राज उन्नति' कार्यक्रम के जरिए सरकार अब विकास कार्यों की मॉनिटरिंग को और सख्त करने के संकेत दे रही है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को भारतीय विदेश सेवा के वर्ष 2025 बैच के चार प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की आत्मीय शुभकामनाएं देकर स्मृति चिन्ह भी दिए। इस अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के संचालक मुजीबुर्रहमान ख़ान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर.  पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका – इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।  मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन  इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है। मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।  मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।  कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए।  उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

राजधानी में गूंजेगी महिला शक्ति: 986 आरक्षियों की पासिंग आउट परेड में CM योगी लेंगे सलामी

लखनऊ. आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत चयनित 60,244 आरक्षियों में से पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की आरटीसी में प्रशिक्षण प्राप्त 986 महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड 26 अप्रैल को रिजर्व पुलिस लाइंस, महानगर, लखनऊ में आयोजित होगी। परेड का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सलामी लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन महिला आरक्षियों को आधुनिक पुलिसिंग से लेकर साइबर क्राइम तक का प्रशिक्षण दिया गया है। कार्यक्रम सुबह करीब 8 बजे शुरू होगा और इसे प्रदेश के सभी जनपदों के पुलिस लाइंस, पीएसी वाहिनियों व प्रशिक्षण संस्थानों में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इससे एक साथ पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी मजबूत संदेश जाएगा। 2017 के बाद महिलाओं की रिकॉर्ड भर्ती 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार पहुंच गई है। अब प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। फिजिकल ट्रेनिंग के साथ कानून, तकनीक, अनुशासन और व्यावहारिक पुलिसिंग पर फोकस आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिला आरक्षियों को फिजिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ आधुनिक पुलिसिंग के सभी जरूरी पहलुओं में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण में सोशल पुलिसिंग, साइबर क्राइम की रोकथाम, आधुनिक तकनीक, सीसीटीएनएस, फॉरेंसिक साइंस व मेडिसिन, हथियार संचालन, अपराध नियंत्रण, विवेचना, पुलिस अभियोजन, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन और पुलिस रेडियो संचार प्रणाली जैसे विषय शामिल रहे। आधुनिक, संवेदनशील और सक्षम पुलिस कर्मी के रूप में किया गया तैयार  इसके साथ ही भारतीय संविधान, मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता, पुलिस की कार्यप्रणाली, अनुशासन, नैतिकता और जवाबदेही पर भी विशेष जोर दिया गया। व्यावहारिक प्रशिक्षण के तहत आरक्षियों को गार्ड ड्यूटी, बंदी एस्कॉर्ट, हवालात ड्यूटी, वर्दी पहनने के नियम, अधिकारियों की वर्दी पहचान, सैल्यूट की विधि, योग, खेल और श्रमदान जैसी गतिविधियों में भी दक्ष बनाया गया। यह प्रशिक्षण महिला आरक्षियों को आधुनिक, संवेदनशील और सक्षम पुलिस कर्मी के रूप में तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हरियाणा में बड़ा खुलासा, बिना लाइसेंस बन रहा था नकली ENO

सोनीपत हरियाणा के सोनीपत जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नकली ENO fruit salt बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश हुआ है। कुंडली थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव अटेरना के खेतों में अवैध रूप से फैक्टरी चलाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की, जहां हजारों की संख्या में तैयार पैकेट बरामद किए गए। शुरुआती जांच में शक होने पर स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग और फूड सेफ्टी टीम को बुलाया गया। फैक्ट्री के पास नहीं था लाइसेंस जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्टरी के पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं था और जो ENO fruit salt तैयार किया जा रहा था, वह नकली प्रतीत हो रहा है। फैक्टरी संचालक अमरजीत दहिया मौके से फरार मिला और उसका फोन भी बंद है। लैब में जाँच के लिए भेजे गए सैंपल अधिकारियों ने मौके से सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही पूरी फैक्टरी को सील कर दिया गया है। फूड सेफ्टी विभाग ने इस मामले में लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया है और मामले की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार

रायपुर.  डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

हरियाणा में राशन डिपो नियमों में बड़ा बदलाव, महिलाओं को मिला खास कोटा

चंडीगढ़ प्रदेश में अब राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। साथ ही नए राशन डिपो का 33 फीसदी कोटा महिलाओं के लिए तय किया गया है। अच्छा आचरण होने पर 60 वर्ष के बाद भी डिपो धारकों की अवधि 5 साल और बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के तहत डिपो धारक की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को सहानुभूति के आधार पर लाइसेंस दिया जा सकेगा। कोटे के आधार पर हर तीसरी दुकान महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। एसिड अटैक पीड़ित, स्वयं सहायता समूह, विधवा, तलाकशुदा, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में महिलाओं के आवेदन नहीं आते हैं तो पहले उन्हें आवेदन के लिए दो मौके दिए जाएंगे। इसके बाद ही डिपो किसी और को आवंटित किया जा जाएगा। डिपो के लिए ये नहीं कर सकेंगे आवेदन अब कोई भी व्यक्ति अगर पहले से डिपो धारक है तो वह दूसरे डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही डिपो धारकों के परिवार के लोग और रिश्तेदारों भी आवेदन नहीं कर पाएंगे। पंच, सरपंच, विधायक, सांसद किसी भी जनप्रतिनिधि के पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार भी डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। अगर कोई डिपो धारक बाद में सरपंच या पार्षद बन जाता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द माना जाएगा। साथ ही राज्य या केंद्र सरकार का स्थायी या अनुबंधित कर्मचारी भी डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। अगर कोई डिपो धारक बाद में सरकारी नौकरी में आ जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।