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विकसित भारत की दिशा में कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ – मुख्यमंत्री रायपुर  डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अरुण जेटली में फिर दिखेगा हाई-स्कोरिंग मुकाबला?

 नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस पंजाब किंग्स आईपीएल 2026 का 35वां मैच आज यानी शनिवार, 25 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। डीसी वर्सेस पीबीकेएस मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -अक्षर पटेल और श्रेयस अय्यर- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेगी। दिल्ली की नजरें पंजाब का विजयरथ रोककर पॉइंट्स टेबल में टॉप-4 की तरफ कदम बढ़ाने पर होगी। पंजाब ने अभी तक इस सीजन 6 मैच खेले हैं और वह एकमात्र ऐसी टीम रही है जिसने हार का मुंह नहीं देखा है। पंजाब ने 5 मैच जीते हैं वहीं केकेआर के खिलाफ एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा था। आईए एक नजर डीसी वर्सेस पीबीकेएस पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- DC vs PBKS पिच रिपोर्ट दिल्ली की तपती गर्मी में दोनों टीमों के खिलाड़ियों को जमकर पसीना बहाना होगा। मैच दिन का है तो तापमान 40 डिग्री के आसपास होगा, जो बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। दिल्ली वर्सेस पंजाब मैच अरुण जेटली स्टेडियम की पिच नंबर 6 पर खेला जाएगा, बाउंड्री का साइज थोड़ा अलग होगा, लेकिन फिर भी हाई-स्कोरिंग गेम होने की उम्मीद है। अरुण जेटली स्टेडियम में अभी तक दो मैच खेले गए हैं, दिल्ली ने एक मैच यहां चेज करते हुए जीता था, वहीं गुजरात के खिलाफ टीम मात्र एक रन से हारी थी। आज के मैच में टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले बैटिंग करने पर हो सकती है, ताकि उनके खिलाड़ी धूप से ज्यादातर समय बचे रहें। अरुण जेटली स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 99 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 48 (48.48%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 50 (50.51%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 50 (50.51%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 48 (48.48%) बिना रिज़ल्ट वाले मैच- 1 (1.01%) हाईएस्ट स्कोर- 278/3 लोएस्ट स्कोर- 66 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 205/0 एवरेज रन पर विकेट- 27.92 एवरेज रन पर ओवर- 8.63 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 170.34 DC vs PBKS हेड टू हेड दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस पंजाब किंग्स के हेड टू हेड में कांटे की टक्कर रही है। दोनों टीमों की आईपीएल के इतिहास में कुल 34 बार भिड़ंत हुई है, जिसमें दिल्ली और पंजाब दोनों ने 17-17 बार बाजी मारी है। आज देखना होगा कि कौन सी टीम बढ़त बनाने में कामयाब रहती है। DC vs PBKS स्क्वॉड दिल्ली कैपिटल्स स्क्वॉड: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेट कीपर), नीतीश राणा, समीर रिजवी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, अक्षर पटेल (कप्तान), कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन, करुण नायर, दुष्मंथा चमीरा, त्रिपुराना विजय, औकिब नबी डार, मिशेल स्टार्क, काइल जैमीसन, रेहान अहमद, अजय जादव मंडल, पृथ्वी शॉ, अभिषेक पोरेल, साहिल पारख, विप्रज निगम, माधव तिवारी पंजाब किंग्स स्क्वॉड: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, नेहाल वढेरा, शशांक सिंह, मार्को जेनसेन, जेवियर बार्टलेट, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विजयकुमार वैशक, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, यश ठाकुर, विष्णु विनोद, बेन द्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, अज़मतुल्लाह उमरज़ई, मिशेल ओवेन, हरनूर सिंह, मुशीर खान, पायला अविनाश, विशाल निषाद, प्रवीण दुबे

राज्य में खाद संकट पर कृषि मंत्री का बयान, पंजीकृत रकबे के अनुसार सभी किसानों को मिलेगा पर्याप्त खाद

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेताम खरीफ सीजन 2026 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित काला बाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्यवाही के निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 के तैयारियों का लिया जाएजा नैनो यूरिया-नील हरित काई जैसे विकल्प अपनाने के निर्देश; उन्नत बीज, क्लस्टर खेती और एग्रीटेक पंजीयन पर फोकस रायपुर  पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका – इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।   मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन  इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है। मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।  मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।  कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए।  उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान बनाम हैदराबाद,पिच रिपोर्ट और हेड टू हेड विश्लेषण

जयपुर आईपीएल के 19वें सीजन के छत्तीसवें मुकाबले में पहले सीजन की चैंपियन राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच भिड़ंत होने जा रही है। यह मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (Sawai Mansingh Stadium, Jaipur) में खेला जाएगा। आरआर की कप्तानी जहां रियान पराग (Riyan Parag) संभाल रहे हैं वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी एक बार फिर ईशान किशन (Ishan Kishan) के हाथों में होगी। आईपीएल 2026 का 35वां मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। राजस्थान रॉयल्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग मुकाबले में शनिवार को जब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, तो उसकी कोशिश अपने घरेलू मैदान पर दबदबा कायम रखने के साथ-साथ दोनों टीमों के बीच हुए पिछले मुकाबले का हिसाब बराबर करने की भी होगी। यह मुकाबला आईपीएल के इस चरण में बेहद अहम माना जा रहा है, जहां दोनों टीमें जरूरी अंक हासिल करने की कोशिश में होंगी। सनराइजर्स ने प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी के बूते दोनों टीमों के बीच 13 अप्रैल को खेले गए पहले चरण के मुकाबले को 57 रन से जीता था। रॉयल्स ने हालांकि उस हार से उबरते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 40 रन की जीत से अच्छी वापसी की है। अंक तालिका में जहां राजस्थान रॉयल्स दूसरे स्थान पर है। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद इस सीजन में उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए चौथे स्थान पर काबिज है। राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद हेड टू हेड राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल के इतिहास में अबतक कुल 22 मैच खेले गए हैं। इन मैचों में हैदराबाद का पलड़ा भारी रहा है। इन 21 मुकाबलों में जहां हैदराबाद ने 13 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं राजस्थान ने 9 मैचों में जीत हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद आज की पिच रिपोर्ट आईपीएल 2026 का 36वां मैच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जाएगा, जो आमतौर पर हाई स्कोरिंग ग्राउंड माना जाता है। पिछले सीजन यहां 7 मैच हुए थे, जिनमें से 4 मैच चेज करने वाली टीम ने जीते थे। इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है।अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी करती है, तो उसे जीत के लिए करीब 200 रन या उससे ज्यादा बनाना जरूरी होगा। यहां की पिच बैलेंस रहती है, यानी बल्लेबाजों और गेंदबाजों (खासकर स्पिनर्स) दोनों को मदद मिलती है। पिच पर अच्छा बाउंस और स्पीड होती है, जिससे रन बनाना थोड़ा आसान हो जाता है। हालांकि, दूसरी पारी में ओस पड़ने की वजह से चेज करने वाली टीम को फायदा मिलता है और ज्यादातर मैचों में वही टीम जीतती है।

अजनाला केस में सांसद अमृतपाल की आज पेशी, 2 दिन के रिमांड के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

अमृतसर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अजनाला अदालत में पेशी करवाई जाएगी। दो दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद यह पेशी तय की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) हटने के बाद अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों में नियमित न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी के तहत अदालत में वर्चुअल माध्यम से सुनवाई की जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची थी, जहां अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद थे। उनकी NSA के तहत नजरबंदी 22 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने पुराने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज सिंह ने बताया तब बताया था कि NSA समाप्त हो चुका है, लेकिन FIR नंबर 39 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में धारा 307 समेत कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उनके अनुसार, इस केस में शामिल अन्य सहयोगियों की पहले ही अदालत में पेशी हो चुकी है। मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था अमृतपाल गौरतलब है कि अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाने पर बड़ा विवाद हुआ था, जब अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ बैरिकेड्स तोड़कर थाने में घुस गए थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसका मकसद एक गिरफ्तार साथी को छुड़ाना बताया गया था। अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज इस मामले में अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं। उधर, अमृतसर देहात पुलिस की टीम डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल पहुंच चुकी है, जहां से उसे पंजाब लाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा ट्रांजिट रिमांड सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि अमृतसर लाए जाने के बाद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाने पर हुए हमले सहित कई दर्ज मामलों में संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा। इन मामलों में पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई करेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।  

जनगणना 2027 के लिए ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने किया भागीदारी का संकल्प

जनगणना 2027 को लेकर ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने लिया भागीदारी का संकल्प घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, ग्राम सभा में दी गई पूरी जानकारी और भरोसा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आज आयोजित विशेष ग्रामसभा में जनगणना 2027 को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जनगणना के महत्व, प्रक्रिया और इससे जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) का अवसर दिया गया है, जिसके तहत नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ग्रामसभा में उपस्थित लोगों को मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन, ओटीपी सत्यापन, स्मार्ट जियो-टैगिंग और घर से संबंधित सभी विवरण भरने की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट तरीके से समझाई गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने जानकारी दी कि 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक मकान, उसकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारियों का संग्रह करेंगे। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान “हमारी जनगणनादृहमारा विकास” का संदेश प्रमुख रूप से दिया गया और लोगों को जागरूक किया गया कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं की नींव तय करते हैं। ग्रामसभा में “मेरी गणना, देश की ताकत” के संदेश के साथ लोगों में उत्साह देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने और जनगणना 2027 को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, जिससे नागरिकों में विश्वास और सहभागिता बढ़े।

कोहली और पडिक्कल की शानदार पारी, साई सुदर्शन का शतक नहीं बचा पाया गुजरात को, बेंगलुरु ने दी करारी हार

 बेंगलुरु  आईपीएल 2026 के 34वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से रौंद दिया. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए साई सुदर्शन के शतक के दम पर 205 रनों का स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में आरसीबी ने 5 विकेट खोकर 19वें ओवर में लक्ष्य का पीछा कर इस सीजन में 5वीं जीत दर्ज कर ली है. आईपीएल 2026 में ये ग्रुप स्टेज में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का आखिरी मैच था. डिफेंडिंग चैंपियन ने जीत के साथ अपने फैंस को जश्न मनाने का मौका दिया है. 7 में से 5 मुकाबले जीतकर आरसीबी पॉइंट्स टेबल पर दूसरे स्थान पर पहुंच गई है।  विराट कोहली ने खेली 81 रनों की पारी गुजरात टाइटंस के खिलाफ आरसीबी की शानदार जीत में विराट कोहली का अहम किरदार रहा. स्टार बल्लेबाज ने 44 गेंदों पर 81 रनों की कीमती पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के जड़े. नंबर-3 पर उतरे देवदत्त पडिक्कल ने भी बल्ले से धमाका करते हुए आतिशी अर्धशतक जड़ा. बाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज ने 203.70 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 27 गेंदों पर 55 रन बनाए. दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 59 गेंदों पर 115 रनों की मैच जिताऊ पार्टनरशिप की।  गुजरात टाइटंस की हार में विलेन बने सुंदर गुजरात टाइटंस की इस हार में वाशिंगटन सुंदर सबसे बड़े विलेन बने. उन्होंने आरसीबी की पारी के पहले ओवर में ही विराट कोहली का आसान कैच टपका दिया. ये कैच काफी महंगा साबित हुआ, क्योंकि कोहली उस समय शून्य पर थे और उन्होंने 81 रनों की पारी खेली।  साई सुदर्शन के शतक पर फिरा पानी इससे पहले RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. गुजरात टाइटंस की तरफ से ओपनर साई सुदर्शन ने शानदार शतक जड़ते हुए 58 गेंदों पर 100 रनों की पारी खेली. हालांकि, उनके इस शतक पर विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल की पार्टनरशिप भारी पड़ा और आरसीबी ने आसानी से 206 रनों का पीछा कर लिया।  साई सुदर्शन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड इस पारी के दौरान सुदर्शन ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह आईपीएल में सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए, जो उनकी निरंतरता और गुणवत्ता को दर्शाता है। हालांकि उन्हें किस्मत का भी थोड़ा साथ मिला। 91 रन के स्कोर पर सुयश शर्मा ने उनका कैच छोड़ दिया, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने अपना शतक पूरा किया।  

पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने हासिल की सफलता

योगी सरकार में संस्कृत शिक्षा को नई पहचान, पारदर्शी व्यवस्था के बीच यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 का रिजल्ट घोषित पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने हासिल की सफलता तीनों वर्गों में बेहतर रहा प्रदर्शन, सीसीटीवी निगरानी, रियल टाइम मॉनिटरिंग और सख्त व्यवस्थाओं के बीच हुई परीक्षा  पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) में कन्नौज की सृष्टि ने हासिल किया शीर्ष स्थान उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने मारी बाजी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभाव अब संस्कृत शिक्षा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उ०प्र० माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम एवं उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। पारदर्शी व्यवस्था के बीच पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91% परीक्षार्थी, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% परिणाम और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ महेंद्र देव और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने परीक्षाफल की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेश के 241 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच संपन्न कराई गईं। परीक्षाफल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर जनसामान्य के लिए उपलब्ध है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कन्नौज के सुजीत और प्रतापगढ़ के रजनीश बने टॉपर पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के परीक्षाफल में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान पर सुजीत कुमार (कन्नौज) रहे, जिन्होंने 700 में से 661 अंक (94.43%) प्राप्त किए। द्वितीय स्थान पर खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) ने 660 अंक (94.29%) हासिल किए। तृतीय स्थान मुलायम सिंह यादव (प्रतापगढ़) और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29%) के साथ प्राप्त किया। उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने 1400 में से 1251 अंक (89.36%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) रहीं, जिन्होंने 1199 अंक (85.64%) प्राप्त किए। तृतीय स्थान पर काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43%) के साथ स्थान बनाया। पूर्व मध्यमा द्वितीय में शानदार प्रदर्शन पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 21,107 संस्थागत और 808 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा में 16,615 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 15,029 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.96 और व्यक्तिगत का 94.78 रहा। इस वर्ग में 11,340 बालक एवं 3,689 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत (96.64%) बालकों (95.68%) से अधिक रहा। उत्तर मध्यमा प्रथम में बालिकाओं ने फिर मारी बाजी उत्तर मध्यमा प्रथम में कुल 19,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 19,116 संस्थागत और 629 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 15,746 परीक्षार्थी शामिल हुए और 14,028 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.45 और व्यक्तिगत का 93.00 रहा। इस वर्ग में 10,420 बालक और 3,608 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जहां बालिकाओं का प्रदर्शन (94.62%) बालकों (94.33%) से बेहतर रहा। उत्तर मध्यमा द्वितीय में लगातार बेहतर परिणाम उत्तर मध्यमा द्वितीय में 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 13,694 संस्थागत और 468 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 13,302 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 12,306 सफल हुए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86 रहा। इसमें 9,053 बालक और 3,253 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.95 रहा, जो बालकों (94.47%) से अधिक है। पिछले वर्ष से बेहतर रहा परिणाम इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड कराई गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, वहीं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू रही। इसके अतिरिक्त जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की गई। मूल्यांकन कार्य 7 मार्च से 20 मार्च के बीच 13 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परिषद के अनुसार, इस वर्ष का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बेहतर रहा है, जो योगी सरकार की पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। तकनीक आधारित निगरानी से बनी परीक्षा की विश्वसनीयता परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, जनपद एवं मंडल स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग और उपस्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपायों ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाया। यही कारण है कि इस वर्ष का परिणाम न केवल बेहतर रहा, बल्कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। योगी सरकार की नीतियों से संस्कृत शिक्षा को मिला नया प्रोत्साहन योगी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का बेहतर प्रबंधन और बढ़ता उत्तीर्ण प्रतिशत इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिल रही है, बल्कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। श्रेणीवार परीक्षाफल श्रेणीवार परीक्षाफल के अनुसार पूर्व मध्यमा द्वितीय में सर्वाधिक 14,199 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 816 द्वितीय श्रेणी और 5 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में रहे। वहीं उत्तर मध्यमा प्रथम में 5,661 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 6,087 द्वितीय श्रेणी में तथा 555 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण घोषित किए गए।

रोज़गार की दिशा में एक और कदम: डॉ. बलजीत कौर ने ITI छात्रों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए किया प्रेरित

चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब. अनुसूचित जाति के युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार ने अलग-अलग जिलों के 351 ITI स्टूडेंट्स को टूल किट बांटे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कमिटेड है, ताकि वे अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकें और अपने परिवार का गुज़ारा कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कमिटेड है और अनुसूचित जाति के लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट बनाने के लिए लगातार असरदार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वेलफेयर स्कीमों का मकसद लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के काबिल बनाना है। उन्होंने कहा कि ये टूल किट मलोट में डॉ. बीआर अंबेडकर जी की 136वीं जयंती के मौके पर डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित फंक्शन के दौरान बांटी गईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की सोच को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने न सिर्फ अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा की, बल्कि महिलाओं का जीवन स्तर ऊपर उठाने और उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से आज महिलाएं हर फील्ड में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम सब उनके दिखाए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि ये टूल किट श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों की 9 ITI में बांटी गईं। अलग-अलग ट्रेड में ट्रेनिंग ले चुके 351 सीखने वालों को बांटी जा चुकी हैं। बिजली, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग और प्लंबर ट्रेड से जुड़े ये टूल किट ज़िला श्री मुक्तसर साहिब के 82, बठिंडा के 64, फरीदकोट के 67, फाजिल्का के 87 और फिरोजपुर के 51 स्टूडेंट्स को दिए गए हैं, ताकि वे अपना खुद का रोज़गार शुरू कर सकें। इस मौके पर उन्होंने स्कूली लड़कियों को लैपटॉप और ज़रूरतमंदों को सिलाई मशीनें भी बांटीं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जल्द ही अनुसूचित जाति के लोगों को अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए लोन बांटने का कार्यक्रम रखा जाएगा। इस बीच, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मलोट में नए बने वॉलीबॉल ग्राउंड का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों को सुंदर और सेहतमंद बनाने के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड और मिनी पार्क बनाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को खेलों की तरफ़ प्रेरणा मिलेगी और वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सेहतमंद ज़िंदगी जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि हलके के 24 गांवों में स्पोर्ट्स स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मलोट में बना यह वॉलीबॉल ग्राउंड कैबिनेट मंत्री ने अपने पर्सनल फंड से पंचायती राज डिपार्टमेंट के ज़रिए 10 लाख रुपये की लागत से तैयार करवाया है। इस मौके पर, दूसरों के अलावा, मार्केट कमेटी मलोट के चेयरमैन जशन बराड़, जगमोहन सिंह मान, गुरमीत सिंह बराड़, डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस, एम्पावरमेंट और माइनॉरिटी ऑफिसर और इलाके के दूसरे गणमान्य लोग भी मौजूद थे।

सीएम योगी ने चेताया: जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से रहें सतर्क

जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: सीएम योगी तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम लखनऊ, "राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।" ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है- “ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है, दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।" जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है- “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का। पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।” सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं- "सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, कांटों में राह बनाते हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 'रश्मिरथी' ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है- "जब किसी जाति का अहम चोट खाता है, पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है। यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है, आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।" स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर … Read more