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गवाही बदलने के आरोप में महेंद्र चावला गिरफ्तार, लाखों की रिकवरी

पानीपत आसाराम और नारायण साईं प्रकरण में मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला के कब्जे से पुलिस ने 42 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। बाकी की रकम उनके दूसरे भतीजे के पास है। पुलिस भतीजे की तलाश में दबिश दे रही है। रिमांड का समय पुरा होने पर महेंद्र चावला को शनिवार को अदालत के सामने पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने 18 अप्रैल को महेंद्र चावला उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने चांदनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। आरोप है कि महेंद्र चावला ने सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ चल रहे केस में गवाही से पलटने के नाम पर 70 लाख रुपये लिए थे। बाद में 80 लाख रुपये की मांग की गई थी। पुलिस ने महेंद्र चावला को पहले तीन दिन के रिमांड पर लिया था। महेंद्र के कब्जे से 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वीरवार को तीनों को दोबारा फिर से अदालत के सामने पेश किया गया था। देवेंद्र चावला व राम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, महेंद्र चावला को दोबारा फिर से दो दिन के रिमांड पर लिया था। दो दिन के रिमांड के दौरान उसके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये और बरामद हुए। अभी तक महेंद्र चावला व उनके परिजनों से पुलिस 42 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है। वहीं, पूछताछ में पता चला है कि बाकी की नकदी महेंद्र चावला के दूसरे भाई के बेटे के पास है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। शनिवार को महेंद्र चावला को अदालत के सामने पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।   महेंद्र चावला व उसके परिजनों से अब तक 42 लाख रुपये की नकदी बरामद हो चुकी है। बाकी की नकदी उसके दूसरे भतीजे के पास होने की जानकारी मिल रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। महेंद्र चावला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। -सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।  

रायपुर : सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी

रायपुर : सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगवां खुर्द के हितग्राही प्रदीप राम इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं। कभी कच्चे और खपरैल के मकान में असुरक्षित जीवन बिताने को मजबूर प्रदीप राम आज अपने पक्के घर में सम्मानपूर्वक रह रहे हैं। वे बताते हैं कि पहले बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना आम बात थी, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था और दो छोटे बच्चों के साथ कच्चे घर में रहना हमेशा चिंता का विषय बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब उनका परिवार सुरक्षित माहौल में रह रहा है और घर में पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हो गई हैं। प्रदीप राम ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके सपनों को साकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह पक्का मकान केवल एक आवास नहीं, बल्कि उनके परिवार की खुशियों और सुरक्षित भविष्य की नींव है।

CG BJP का प्लान तैयार: जिलावार ट्रेनिंग से कार्यकर्ताओं के कौशल को मिलेगा नया आयाम

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की आज प्रदेश कार्यालय में अगले महीने से शुरू होने वाले प्रशिक्षण को लेकर अहम बैठक होने वाली है. जिलों में प्रशिक्षण वर्ग को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी. सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि बीजेपी सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर समय तैयारी करती है. शांतिकाल में भी हम युद्ध के लिए शस्त्र तैयार रखते हैं. कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास, कार्यपद्धति की ट्रेनिंग देंगे. प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं के कौशल विकास फोकस होगा. मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित होंगे. नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा ईडी जांच में नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा होने के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी तेज है. राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर हमला बोला है. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसीलिए कांग्रेस और भूपेश बघेल ने ईडी पर रोका छेका किया. कांग्रेस ने फॉरेन फंडिंग से लोगों को जेएनयू भेजा. आदिवासी क्षेत्रों में फंडिंग से कई गतिविधियां संचालित की गई. कांग्रेस का नक्सलियों के बीच नेटवर्क था, यह जनता जान चुकी थी. भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेशी फंडिंग वाले गैर सरकारी संगठन पर रोक लगाई. वहीं प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून भी भाजपा ही लेकर आई. भारतीय राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ. संदीप पाठक, राघव चढ्ढा समेत कई आप सांसद ने पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली. इसे लेकर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक कहावत है. बकरी पालन हो तो फईरिका से भी काम चल जाता है. लेकिन बीजेपी का गेट बहुत बड़ा है, सिंहद्वार है. इसमें सभी तरह के लोगों का प्रवेश हो जाता है. उन्हें अपनी रीति-नीति में ढाल कर राष्ट्र के लिए उपयोगी बनाया जाता है.  TS सिंहदेव पर सांसद संतोष का पलटवार  TS सिंहदेव के प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका को लेकर बड़ा बयान दिया था. इस पर अब बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इतने परेशान क्यों हो रहे हैं टीएस सिंहदेव. कोरोना काल में अफवाह फैलाने का ठेका अपने ही ले रखा था. कोरोना वैक्सीन के बारे में क्या अफवाह नहीं फैलाया? यहां तक कहा था कि इससे विकृति होगी, नपुंसकता आ जायेगी. लेकिन उसी वैक्सीन से हमने 150 देश की मदद की थी.

महिला आरक्षण का असर, चुनावी मैदान में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

चंडीगढ़  संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा में रहे महिला आरक्षण बिल का असर अब जमीनी राजनीति में भी दिखने लगा है। निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को प्राथमिकता देकर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में महिला नेतृत्व सिर्फ नारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता की संरचना का अहम हिस्सा बनेगा। भाजपा ने सात निकाय (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका ) में महिलाओं को 40.7 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने 60 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल गिरने के बाद सभी निगाहें इस बात पर टिकी थी कि निकाय चुनाव में राज्य के प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस महिला उम्मीदवारों को कितनी तरजीह देते। महिला आरक्षण बिल की चर्चा के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को अहम जगह देकर साफ संकेत दिया है कि चुनावी रणनीति में अब महिला वोटर ही नहीं, महिला उम्मीदवार भी केंद्र में हैं। भाजपा ने 117 में से 47 सीटों पर महिलाओं को मौका दिया है। वहीं, कांग्रेस ने अब तक घोषित 45 टिकटों में से 27 महिलाओं को उतारा है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी कई जिलों में टिकटों की घोषणा नहीं की है, जिससे अंतिम तस्वीर बदल सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र ने बताया, बाकी उम्मीदवार 25 तक घोषित कर दिए जाएंगे। स्थानीय विधायक व जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने स्तर पर उम्मीदवार तय कर पार्टी को बताएं। किस जिले में कितनी महिलाओं को टिकट दिए जिले वार बात करें तो भाजपा ने अंबाला में 20 में से 9, रेवाड़ी में 32 में से 13, सांपला में 16 में से 6, पंचकूला में 20 में से 7 और सोनीपत में 22 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया है। नगर पालिका और नगर परिषद में 4 में से 2 और मेयर पद पर 3 में से 1 महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने भी कई जगह महिलाओं पर भरोसा जताया है। पंचकूला में 18 में से 6, अंबाला में 20 में से 8 और सोनीपत में 18 में से 9 टिकट महिलाओं को दिए गए हैं।  मेयर पद के लिए 3 में से 2 और नगर परिषद व नगर पालिका में 2 में से 2 सीटों पर महिला उम्मीदवार घोषित की गई हैं। कुल मिलाकर, इस बार निकाय चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। यह रुझान आने वाले चुनावों में महिला नेतृत्व को और मजबूत करने का संकेत भी देता है।   कांग्रेस 26 को जारी करेगी घोषणा पत्र कांग्रेस 26 अप्रैल को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शाम 5 बजे निकाय चुनावों का घोषणा पत्र जारी करेगी। इस में शहरों की सफाई व्यवस्था, पार्कों का निर्माण व सौंदर्यीकरण, पेयजल व स्वच्छता, सड़कें और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। निगमों में हुए कथित घोटालों का मुद्दा भी उठाया गया है और सत्ता में आने पर निष्पक्ष जांच का वादा किया गया है। घोषणा पत्र समिति की अध्यक्ष विधायक गीता भुक्कल सहित सात सदस्यों ने जनता से राय लेकर इसे तैयार किया है। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।    

रामदास आठवले का बड़ा ऐलान, 25 सीटों पर उतरेंगे उम्मीदवार

 लखनऊ यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई। पार्टियां की तैयारियों में लग गई हैं। इस बीच यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी को टेंशन दे रहे हैं। अब रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने दावा किया है कि वह अगामी यूपी विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। आठवले ने कहा कि यूपी में अब रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया अपनी जमीन तैयार करेगी। आठवले ने इस दावे के साथ यह भी कहा कि आज शाम को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह भागीदारी को लेकर चर्चा करेंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले शनिवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस पर लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली पार्टी का लक्ष्य एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का है। रैली डिफेन्स एक्सपो मैदान में होगी। पार्टी यूपी के 62 जिलों में अपना संगठन खड़ा कर चुकी है। पार्टी भाजपा के साथ मिलकर अगले विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत आजमाएगी। शाम को योगी से करेंगे मुलाकात आठवले ने कहा कि बसपा का जनाधार खत्म हो चुका है। उनकी पार्टी भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली है। उनकी पार्टी को वंचित समाज का समर्थन मिलेगा और उनके सहयोग से भाजपा को दलित वोट मिलेगा। आठवले ने कहा कि भाजपा से गठबंधन और चुनाव में सीटों की भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज शाम को मुलाकात भी करेंगे। अखिलेश यादव पर भी हमला बोला आठवले ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। आठवले ने कहा कि महिलाओं का विरोध समाजवादियों का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत होगी। मराठी अनिवार्य पर भी आठवले महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए सख्त नियम लागू होने जा रहा है। आगामी 1 मई यानी 'महाराष्ट्र दिवस' से सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए स्थानीय भाषा 'मराठी' का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है नहीं तो लाइसेंस रद्द होगा, इस पर आठवले ने कहा कि भाषा का ज्ञान होना चाहिए लेकिन लाइसेंस रद्द कर देना उचित नहीं है।

स्वाती मालिवाल ने AAP छोड़ी, बीजेपी में शामिल हो कर केजरीवाल पर किए आरोप

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा। AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है। बीजेपी ज्वाइन करने के बाद स्वाति मालीवाल ने AAP चीफ अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए उन पर मारपीट करवाने, संसद में उनकी आवाज दबाने और भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी वाली पार्टी चलाने का आरोप लगाया। अरविंद केजरीवाल हैं गद्दार- स्वाति मालीवाल स्वाति मालीवाल ने कहा कि अगर आज के समय में कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने बताया, “जब अरविंद केजरीवाल ने आंदोलन शुरू किया था, तब वह ₹2 की पेन लेते थे, फटी हुई शर्ट पहनते थे, खटारा गाड़ी में घूमते थे। यह सब देखकर हम बहुत प्रेरित होते हैं, देश के लोग भी उनसे काफी प्रभावित हुए। लेकिन जैसे ही उनके पास सत्ता आई, उन्होंने तुरंत अपने लिए 100 करोड़ का घर बनवा लिया।” स्वाति मालीवाल ने कहा, “मैंने AAP छोड़कर BJP जॉइन कर ली है। 2006 से मैं अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही हूं और हर आंदोलन में उनका साथ दिया है। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने मुझे मेरे ही घर में एक गुंडे से पिटवाया। जब मैंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो मुझे धमकाया गया और उन्होंने इस घटना के बारे में दर्ज FIR वापस लेने के लिए मुझ पर बहुत दबाव डाला। पार्टी ने मुझे दो साल तक संसद में बोलने का कोई मौका नहीं दिया, यह बहुत शर्मनाक है। अरविंद केजरीवाल महिला विरोधी हैं।” आम आदमी पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हुए मालीवाल ने कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया और विभिन्न आंदोलनों में उनका समर्थन किया, लेकिन आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी के भीतर उत्पीड़न और दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उनके घर पर उन पर हमला किया गया, विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और घटना के संबंध में दर्ज FIR वापस लेने के लिए उन पर दबाव डाला गया। मालीवाल ने पार्टी पर दो साल तक संसद में बोलने का अवसर न देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2006 से मैं अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही हूं और हर आंदोलन में उनका समर्थन किया है। हालांकि, अरविंद केजरीवाल ने मुझे मेरे ही घर में गुंडों से पिटवाया। जब मैंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो मुझे धमकाया गया और उन्होंने घटना के संबंध में दर्ज FIR वापस लेने के लिए मुझ पर बहुत दबाव डाला। पार्टी ने मुझे दो साल तक संसद में बोलने का कोई अवसर नहीं दिया; यह बहुत शर्मनाक है। अरविंद केजरीवाल महिला विरोधी हैं। मालीवाल ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के शासन की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार दूर से नियंत्रित है और पंजाब को उनका निजी एटीएम बताया। उन्होंने कहा कि अब वे पंजाब में आ चुके हैं और राज्य सरकार को दूर से नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे पंजाब उनका निजी एटीएम बन गया है। पंजाब में रेत खनन और नशीली दवाओं का सेवन चरम पर है। जो भी नेता इनके खिलाफ आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार और 'गुंडागर्दी' के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने केजरीवाल की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करते हुए मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया और महिला आरक्षण विधेयक और आतंकवाद विरोधी अभियानों जैसे ऐतिहासिक निर्णयों के लिए उन्हें और गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की।  ‘पंजाब को केजरीवाल ने बनाया पर्सनल ATM’ स्वाति मालीवाल ने AAP नेतृत्व पर कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “अब, वे पंजाब में घुस आए हैं, और राज्य सरकार को रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा है, पंजाब को उनका पर्सनल ATM बना दिया गया है। पंजाब में रेत माइनिंग और ड्रग्स का इस्तेमाल चरम पर है। जो भी नेता उनके खिलाफ आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती हैं। अरविंद केजरीवाल करप्शन और गुंडागर्दी के लिए जाने जाते हैं।” मालीवाल सहित 7 सांसदों ने BJP में किया विलय, RS के चेयरमैन को सौंपी चिट्ठी राघव चड्ढा सहित आप के सात राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया है. इसकी चिट्ठी राज्यसभा के सभापति को सौंप दी गई है. राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी. आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्डा और संदीप पाठक ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को ऐलान किया कि वे और पार्टी के पांच अन्य राज्यसभा सदस्य BJP में शामिल हो रहे हैं।  राघ चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया है. सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के सभापति को सौंपा गया. मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज़ सौंपे।  AAP अब पुरानी वाली पार्टी नहीं रही- राघव चड्ढा राघव चड्ढा ने कहा, ''हम अपना करियर बनाने के लिए राजनीति में नहीं आए थे. हमलोग अपना करियर छोड़कर देश के लिए राजनीति में आए थे. देश के लिए इस पार्टी में काम नहीं हो पा रहा है वो इसलिए कि आम आदमी पार्टी अब पुरानी वाली पार्टी नहीं रही. पिछले कुछ सालों से लगातार आप लोग मुझसे पूछ रहे थे कि राघव जी आप पार्टी की गतिविधियों से अलग क्यों नजर आते हैं. पार्टी से किनारा क्यों कर लिया, तब मैं कुछ बोलता नहीं था. मैं प्रयास कर रहा था कि चीजें बेहतर हों लेकिन आज मैं आपको इसका कारण बताता हूं कि क्यों मैंने पार्टी की गतिविधियों से अपने आप को अलग कर लिया. वजह ये है कि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं होना चाहता था।  राघव चड्ढा ने की केंद्र सरकार की तारीफ उन्होंने केंद्र सरकार की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में जो सरकार चल रही है, उसने कई मजबूत ऐसे फैसले लिए हैं, जिसे नेता फैसले लेने से डरते थे. चाहे वो आतंकवाद की जड़ें उखाड़कर फेंकना हो या भारत को विश्व की टॉप इकोनॉमी में लाना हो. इस नेतृत्व पर जनता ने एक बार नहीं बल्कि तीन-तीन बार मुहर … Read more

पंजाब में बासमती राइस के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना, क्रॉप डायवर्सिटी पर जोर

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है।  मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है।  इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है. मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला. उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है।  कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की. उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है. ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है. अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 

झारखंड बैंक में डकैती की वारदात, 10 मिनट में 7 करोड़ का सोना और 5 लाख रुपये लूटे

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में बैंक डकैती की सनसनीखेज घटना सामने आई है. बरही थाना क्षेत्र में हजारीबाग रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में चार नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर घुसे और बड़ी लूट को अंजाम दिया. बदमाश महज 10 मिनट के भीतर करीब 7 करोड़ रुपये का सोना और लगभग 5 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए।  पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरी वारदात पहले से प्लान की हुई थी. दो बदमाश पहले बैंक में ग्राहक बनकर पहुंचे थे और करंट अकाउंट खुलवाने का बहाना किया. कुछ ही देर बाद उनके दो साथी भी बैंक के अंदर दाखिल हो गए. इसके बाद चारों ने अचानक हथियार निकालकर बैंक कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया।  बदमाशों ने बैंक में घुसते ही कर्मचारियों और मौजूद ग्राहकों को एक जगह इकट्ठा कर लिया. हथियार दिखाकर सभी को डराया गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम की धमकी दी गई. इस दौरान बैंक मैनेजर के साथ मारपीट भी की गई, ताकि पूरे स्टाफ में दहशत फैल जाए।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरी डकैती सिर्फ 10 मिनट में डाली गई. बदमाश करीब 3:19 बजे बैंक में दाखिल हुए और 3:29 बजे तक वारदात को अंजाम देकर बाहर निकल गए. इस दौरान किसी को समझने का मौका तक नहीं मिला कि आखिर क्या हो रहा है. लुटेरे बैंक में मौजूद गोल्ड लोन और लॉकर में रखा सोना अपने साथ ले गए. इसके साथ ही कैश काउंटर से नकदी भी समेट ले गए।  घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई. बैंक के अंदर मौजूद CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके. पुलिस का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसने बैंक की रेकी पहले से कर रखी थी।  बैंक कर्मचारियों ने बताया कि करंट अकाउंट खुलवाने के बहाने दो डकैत पहले बैंक में आए थे. फिर पीछे से दो और लोग दाखिल हुए. उनके पास छोटे हथियार भी थे. हथियार के बल पर सभी बैंक कर्मचारियों को एक तरफ जाने को कहा. उसके बाद बैंक मैनेजर के साथ मारपीट की. बंदूक के बल पर घटना को अंजाम देकर 10 मिनट में बैंक से बाहर निकल गए।  बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने कहा कि चार डकैतों ने घटना को अंजाम दिया है. क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी गई है. इस घटना में 7 करोड़ का सोना और 5 लाख की लूट हुई है. बैंक के अंदर भी पड़ताल चल रही है. सीसीटीवी फुटेज खगाले जा रहे हैं. हजारीबाग के SP अमन कुमार ने आजतक को फोन पर बताया कि जल्द इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा. पुलिस इनपुट के आधार पर पड़ोसी राज्यों में रेड कंडक्ट की जा रही है, जल्द गिरफ्तारियां होंगी। 

Rail Boost: रावघाट-जगदलपुर प्रोजेक्ट को मिला फंड, 7 दशक बाद बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर

बस्तर. बस्तर के लोगों का दशकों पुराना सपना अब पूरा होने जा रहा है. रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट को बड़ा बजट मंजूर हुआ है. करीब 3513 करोड़ रुपए इस योजना के लिए स्वीकृत हुए हैं. करीब 140 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जाएगी. इससे बस्तर का सीधा संपर्क रायपुर से होगा. कोंडागांव और नारायणपुर पहली बार रेल नक्शे पर आएंगे. अब तक लोग सड़क मार्ग पर निर्भर थे. रेल आने से सफर सस्ता और सुरक्षित होगा. 12 नए स्टेशन बनने की भी तैयारी है. किसानों और व्यापारियों को बाजार तक पहुंच आसान होगी. पर्यटन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. बस्तर की तरक्की में यह परियोजना मील का पत्थर मानी जा रही है. करोड़ों खर्च, फिर भी टाटामारी में पेड़ों की कटाई जारी केशकाल. केशकाल के टाटामारी इको पर्यटन केंद्र से चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. पर्यटन स्थल के भीतर कीमती पेड़ों की कटाई की शिकायतें हैं. यह वही स्थान है जहां करोड़ों खर्च कर विकास कराया गया. चारों ओर बाउंड्री वॉल और सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद है. इसके बावजूद वृक्षों की कटाई रुक नहीं रही. स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत करने की बात कही है. लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है. पर्यावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर इसका असर पड़ रहा है. यहां रोज सैकड़ों पर्यटक घूमने पहुंचते हैं. शुल्क लेने के बाद भी संरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं. गर्मी बढ़ने और हरियाली घटने की चिंता जताई जा रही है. वन विभाग ने कार्रवाई जारी होने का दावा किया है. अब सबकी नजर है कि जमीन पर असर कब दिखेगा.

400 फीट ऊंचे टावर से 18 महीने बाद नीचे आए Gurjit Singh Khalsa, गूंजे जयकारे

पटियाला. पंजाब के पटियाला जिले के समाना इलाके में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से चल रहा पदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हुआ। गुरजीत सिंह खालसा को टेलीकॉम टावर से शुक्रवार सुबह सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। 560 दिनों बाद 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे उतरे 560 दिनों से 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा को आखिरकार शुक्रवार सुबह नीचे उतार लिया गया। इसके साथ ही 43 के खालसा के अनूठे ढंग से किए जा रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार खत्म होगया। बता दें कि खालसा ने 12 अक्टूबर 2024 को पटियाला के समीप समाना में स्थित टावर पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पटियाला जिला प्रशासन ने खालसा को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने के लिए सेना से सहायता मांगी थी। खालसा शुक्रवार की सुबह ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों के बीच टावर से उतरे। खालसा के नीचे उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनके समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। सरकार ने मान ली ये मांगें पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है। इसे अधिसूचित किए जाने के बाद खालसा ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया। यह विधेयक पंजाब विधानसभा के 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया था। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी। मांगे पूरी होने के बाद नीचे उतरने का फैसला किया दरअसल पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया।