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LSG और KKR आमने-सामने, इकाना में कौन मारेगा बाजी? जानें पिच और प्लेइंग XI

लखनऊ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 38वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। दोनों टीमें अंक-तालिका में सबसे नीचे हैं। LSG ने 7 मैच खेले हैं और उसे 2 मैच में जीत मिली है। 5 मुकाबलों में टीम को हार मिली है। KKR ने भी 7 मैच खेले हैं। 5 मैच वो हारे हैं और सिर्फ एक मैच जीत पाए हैं। आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। KKR के खिलाफ LSG का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों टीमों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान KKR 2 मैच ही जीत पाई है। LSG ने 5 मैच अपने नाम किए हैं। ये इस संस्करण दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में LSG ने 3 विकेट से जीत दर्ज की थी। IPL 2025 में LSG और KKR के बीच एक मैच हुआ था, जिसे LSG ने 4 विकेट से जीता था। KKR ने LSG को आखिरी बार IPL 2024 में हराया था। ऐसी हो सकती है KKR की प्लेइंग इलेवन KKR को अपने पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ 4 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह उसी फॉर्म को LSG के खिलाफ भी जारी रखना चाहेंगे। रिंकू सिंह ने पिछले मैच में अर्धशतकीय पारी खेली थी। उनसे एक और जोरदार पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, रामदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और वरुण चक्रवर्ती। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है LSG LSG अपने पिछले मैच में RR के खिलाफ 160 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाई थी। टीम के कप्तान ऋषभ पंत तो खाता भी नहीं खोल पाए थे। ऐसे में KKR के खिलाफ उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद होगी। टीम के अन्य बल्लेबाज भी अच्छी पारी खेलना चाहेंगे। संभावित एकादश: मिचेल मार्श, आयुष बदोनी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), निकोलस पूरन, एडेन मार्करम, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, दिग्वेश राठी और मयंक यादव। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर LSG: हिम्मत सिंह, जॉर्ज लिंडे, एम सिद्धार्थ, मैथ्यू ब्रीट्जके और अब्दुल समद। KKR: मनीष पांडे, फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी, तेजस्वी दहिया और नवदीप सैनी। कैसा है इकाना स्टेडियम की पिच का मिजाज? इकाना स्टेडियम की पिच का निर्माण काली मिट्टी से किया गया है। इस पर स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। यहां शुरुआत में तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ-साथ स्पिनर्स हावी होने लगते हैं। पिछले संस्करण में यहां बल्लेबाजी भी काफी अच्छी हुई थी। पहले 200+ के स्कोर बनने मुश्किल होते थे, लेकिन अब यहां खूब रन भी बनते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 173 रन है। ऐसा रहेगा लखनऊ का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 26 अप्रैल को लखनऊ का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना एकदम नहीं है। ऐसे में एक अच्छा मैच देखने मिल सकता है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें मार्श ने पिछले 10 मुकाबलों में 155.06 की स्ट्राइक रेट से 459 रन बनाए हैं। LSG के लिए पंत ने पिछले 10 मैचों में 156.52 की स्ट्राइक रेट से 288 रन बनाए हैं। रघुवंशी के बल्ले से पिछले 10 मैच में 259 रन निकले हैं। गेंदबाजी में प्रिंस ने पिछले 7 मैच में 13 विकेट चटकाए हैं। आवेश के नाम 9 मैच में 12 विकेट है। KKR के लिए वरुण ने पिछले 8 मैच में 9 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? LSG और KKR के बीच यह मुकाबला 26 अप्रैल को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

Indian Hockey को बड़ा झटका: Gurbux Singh नहीं रहे, ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट थे

मोहाली. भारतीय हॉकी के दिग्गज और 1968 मेक्सिको ओलंपिक के खिलाड़ी रहे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने जीरकपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरबख्श सिंह ग्रेवाल भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे, जिसने 1968 के मेक्सिको सिटी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। वह अपने समय के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिने जाते थे और उनकी खेल प्रतिभा ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी एक और खास उपलब्धि यह रही कि उन्होंने अपने सगे भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ एक ही ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह भारतीय हॉकी इतिहास में एक दुर्लभ और गौरवपूर्ण कीर्तिमान माना जाता है। खेल करियर के बाद भी उन्होंने हॉकी से जुड़ाव बनाए रखा। वह पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे और मुंबई हॉकी एसोसिएशन के मानद सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं। खिलाड़ी के साथ-साथ एक कुशल प्रशासक के रूप में भी उन्होंने खेल के विकास में अहम योगदान दिया। सुरजीत हॉकी सोसाइटी के पदाधिकारी इकबाल सिंह संधू सहित कई खेल संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। जीरकपुर में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी विदाई गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह जिरकपुर के श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान खेल जगत से जुड़े कई लोगों, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

LPG सिलेंडर वितरण में बदलाव, ग्राहकों को मिलेगा नया तरीका, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच भारत ने अब स्पॉट मार्केट से LPG खरीदना शुरू कर दिया है, ताकि घरों और कारोबार में गैस की कमी न हो। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) दुनिया का बड़ा ऊर्जा सप्लायर है। लेकिन, हाल के संघर्ष के कारण वहां से सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, अब तुरंत जरूरत पूरी करने के लिए स्पॉट खरीदारी कर रहा है। सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब अमेरिका जैसे देशों से अतिरिक्त LPG कार्गो खरीद रही हैं, जो जून-जुलाई तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है। अच्छी बात यह है कि देश ने अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाई है। पहले घरेलू उत्पादन कम था, जो अब बढ़कर करीब 46,000 टन प्रति दिन हो गया है, यानि अब भी एक बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है। पहले भारत की लगभग 90% LPG सप्लाई खाड़ी देशों (UAE, कतर, सऊदी अरब आदि) से आती थी। लेकिन, अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए आयात के स्रोत बढ़ा दिए हैं। अब इस लिस्ट में अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों को जोड़ा गया है। पहले 10 देशों से आयात होता था, अब इसे बढ़ाकर 15 देशों तक कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक करीब 8 लाख टन LPG का आयात पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। हाल ही में 10 जहाज भारत पहुंचे, जिनमें से 9 में कुकिंग गैस थी। यह दिखाता है कि सरकार सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। आसान भाषा में समझें तो लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पहले से तय कीमत और सप्लाई पर होती है। इस स्पॉट खरीदारी में तुरंत जरूरत के हिसाब से बाजार से खरीद की जाती है। अभी भारत स्पॉट खरीद इसलिए कर रहा है, क्योंकि अचानक सप्लाई में कमी आई है। फिलहाल सरकार का फोकस साफ है कि घरेलू गैस सप्लाई बाधित न हो। इसलिए सिलेंडर की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें ज्यादा समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में कीमतों पर असर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया के संकट के कारण भारत ने LPG सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए ये नई रणनीति अपनाई है। इसका मकसद साफ है कि देश में गैस की कमी न हो और हर घर तक सिलेंडर समय पर पहुंचे। बिना DAC नहीं मिलेगा LPG अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए Delivery Authentication Code यानी DAC बताना अनिवार्य होगा। यह कदम गैस की कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी की शिकायतों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सही उपभोक्ता तक ही सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित होगी। क्या है DAC और क्यों हुआ अनिवार्य DAC यानी Delivery Authentication Code एक प्रकार का OTP होता है, जो उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। जब डिलीवरी कर्मी सिलेंडर लेकर घर पहुंचता है, तो उपभोक्ता को यह कोड बताना होता है। बिना DAC बताए डिलीवरी को वैध नहीं माना जाएगा। यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और गलत वितरण को रोकने के लिए लागू की गई है। कैसे काम करता है यह नया सिस्टम जब कोई उपभोक्ता LPG सिलेंडर बुक करता है, तो डिलीवरी से पहले उसके मोबाइल नंबर पर 4 से 6 अंकों का DAC स्वतः भेज दिया जाता है। उपभोक्ता को इस कोड को सुरक्षित रखना होता है और केवल अधिकृत डिलीवरी कर्मी को ही बताना होता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सिलेंडर सही व्यक्ति को ही सौंपा गया है। अलग से आवेदन की जरूरत नहीं इस नई व्यवस्था के लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। DAC सिस्टम पूरी तरह स्वचालित है और सिलेंडर बुकिंग के साथ ही सक्रिय हो जाता है। इससे उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी। अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होरमुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इन वैश्विक परिस्थितियों के बीच सरकार घरेलू स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानिया उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें और DAC को किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करें। डिलीवरी के समय ही इस कोड को बताएं और सुनिश्चित करें कि सिलेंडर सही तरीके से प्राप्त हुआ है। इससे न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरी व्यवस्था भी अधिक विश्वसनीय बनेगी। पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम DAC प्रणाली LPG वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि गैस वितरण प्रणाली में सुधार भी देखने को मिलेगा।

Old Pension Scheme लागू: Chhattisgarh High Court का बड़ा फैसला, संवर्ग शिक्षकों को फायदा

बस्तर. प्रदेश के 1998-99 संवर्ग शिक्षकों को बड़ी कानूनी जीत मिली है. उच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. नियुक्ति की वास्तविक तिथि से पुरानी पेंशन का रास्ता साफ हुआ. राज्य शासन की चुनौती को कोर्ट ने खारिज कर दिया. पहले सिंगल बेंच ने 120 दिनों में लाभ देने कहा था. अब डिवीजन बेंच ने भी उस आदेश को बरकरार रखा है. इस फैसले से हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी. लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत माना जा रहा है. शिक्षक संगठन इसे न्याय की जीत बता रहे हैं. राजधानी में महापंचायत बुलाकर अगली रणनीति बनेगी. सरकार से जल्द आदेश जारी करने की मांग तेज हो गई है. हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है. शिक्षक वर्ग में फैसले के बाद उत्साह का माहौल है.

झारखंड में नई पहल,बंजर जमीन पर लगेगा सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी बिजली

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन करें। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कम अवधि के लिए खेती की जाने वाली जमीन या बंजर भूमि पर ग्रामसभा के माध्यम से सामूहिक सोलर खेती करें। सरकार उत्पादित बिजली की खरीदारी करेगी। इस पहल से ग्रामीणों की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं वे समृद्ध-आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सीएम सोरेन शुक्रवार को रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) को संबोधित कर रहे थे। सिंचाई के लिए नई तकनीक का हो रहा इस्तेमाल सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि समग्र विकास व ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आप सभी ऐसे लोग हैं, जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी ग्राम पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। आपकी कार्यकुशलता से ही राज्य के सर्वांगीण विकास का रास्ता तय हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य-देश का विकास तभी होगा, जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य की जड़ हैं। जब जड़ें मजबूत होंगी, तभी पेड़ मजबूत होगा। गांवों को मजबूत करने की दिशा में उनकी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना परिवर्तनकारी पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

OPS को लेकर बढ़ी सख्त,CAG ने राजस्थान सरकार से वित्तीय डेटा मांगा

जयपुर  राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला सरकारी फाइलों और आर्थिक गणित से जुड़ा है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने शनिवार को राजस्थान सरकार को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें राज्य के खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक असर का ब्यौरा मांगा गया है. आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि इस नोटिस के पीछे की कहानी क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है. क्या मांग रहा है CAG? CAG ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया है कि वह OPS से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे. इस रिपोर्ट के जरिए सरकार को यह बताना होगा कि अगले 10 वर्षों में पेंशन स्कीम के कारण सरकारी खजाने पर कितना आर्थिक दबाव पड़ेगा. रिपोर्ट में मुख्य रूप से ये जानकारी देनी होगी CAG की इस विस्तृत रिपोर्ट में राजस्थान सरकार को तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस करना होगा. सबसे पहले, अगले 10 सालों में OPS के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का अनुमान लगाना अनिवार्य है. इसके साथ ही, राज्य की मौजूदा बजट स्थिति और वित्तीय हालात का सटीक खाका पेश करना होगा, ताकि पेंशन भुगतान और राजस्व आय के बीच के संतुलन को स्पष्ट रूप से समझा जा सके. क्यों जरूरी है यह रिपोर्ट? यह कोई सामान्य सवाल-जवाब नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. CAG ने यह जानकारी वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM Act) के तहत मांगी है. क्या होता है FRBM Act? यह एक्ट एक तरह का 'रूलबुक' है, जो राज्य सरकारों को अनुशासन में रखता है. इसके तहत किसी भी राज्य को यह स्पष्ट करना अनिवार्य है कि वह अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे कर रहा है और भविष्य में उसके वित्तीय दायित्व (Financial Obligations) क्या होंगे. यह एक्ट सुनिश्चित करता है कि राज्य सरकार कर्ज के जाल में न फंसे और विकास के लिए पर्याप्त फंड बचा रहे. रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन राजस्थान सरकार को यह पूरी जानकारी 15 जून तक जमा करानी है. सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति का स्पष्ट आईना पेश करना होगा, जिससे यह पता चल सके कि भविष्य में पेंशन का बोझ राज्य के विकास कार्यों या अन्य योजनाओं को प्रभावित तो नहीं करेगा. मामला क्या है? याद दिला दें कि राजस्थान में साल 2022 में तत्कालीन सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) को हटाकर वापस ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू की थी. तभी से यह मुद्दा देशभर में बहस का विषय बना हुआ है कि लंबे समय में यह स्कीम राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या असर डालेगी. अब CAG की इस रिपोर्ट से वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.

Punjab Politics: Waris Punjab De लड़ेगा नगर निगम चुनाव, कैंडिडेट्स का ऐलान जल्द

मोगा. अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' ने मोगा नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम के तहत आने वाले सभी 50 वार्डों में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। प्रैस बयान में पार्टी के हलका इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि नगर निगम चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उतारे जाने वाले साफ छवि वाले उम्मीदवारों में हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम वर्गों के अलावा महिलाओं को भी काफी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि पंजाब भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद एक व्यापारी हैं और व्यापारियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' मोगा शहर के हर तरफ के विकास, ड्रग्स के खात्मे और व्यापारियों के कारोबार से जुड़े मुद्दों पर नगर निगम चुनाव लड़ेगा। 

रूस का यूक्रेन पर एक रात में भारी हमला, 600+ ड्रोन और मिसाइल, जमीन-समुद्र-हवा से अटैक

कीव  रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने 24-25 अप्रैल की रात देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए बड़ा हवाई हमला किया. इस हमले में रूस ने 47 मिसाइलों और 619 ड्रोन का इस्तेमाल किया।  यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रात 6 बजे से शुरू हुए इस हमले में कुल 666 हवाई हमले किए गए. इनमें 12 बैलिस्टिक मिसाइलें (Iskander-M और S-400), 29 Kh-101 क्रूज मिसाइलें, 5 कैलिबर मिसाइलें और 619 अलग-अलग तरह के ड्रोन शामिल थे. इन ड्रोन में बड़ी संख्या ईरान के 'शाहेद' जैसे कामिकाजे ड्रोन की थी, जो खास तौर पर टारगेट पर सीधे टकराकर विस्फोट करते हैं।  यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इस बड़े हमले का काफी हद तक मुकाबला किया. वायुसेना के मुताबिक, कुल 610 टारगेट्स को या तो मार गिराया गया. इसमें 30 मिसाइलें और 580 ड्रोन शामिल हैं. खास बात यह है कि 26 Kh-101 और 4 कैलिबर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान को टाला जा सका।  13 मिसाइलों ने यूक्रेन को किया हिट यूक्रेन पूरी तरह से इस हमले को रोकने में सफल नहीं रहा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 13 मिसाइलें और 36 ड्रोन अपने टारगेट तक पहुंचने में कामयाब रहे, जिससे देश के 23 अलग-अलग स्थानों पर हमले हुए. इसके अलावा, गिराए गए ड्रोन के मलबे भी 9 जगहों पर गिरे, जिससे स्थानीय स्तर पर नुकसान हुआ. अभी भी चार मिसाइलों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।  जमीन, समुद्र और हवा तीनों से ईरान पर हमले! रूस ने यह हमला जमीन, समुद्र और हवा, तीनों माध्यमों से किया. मिसाइलें रूस के अलग-अलग इलाकों जैसे मिलेरोवो, कुर्स्क और ब्रायंस्क से दागी गईं, जबकि कुछ लॉन्चिंग कैस्पियन सागर और क्रीमिया क्षेत्र से भी हुई. यह साफ संकेत है कि रूस अब यूक्रेन के खिलाफ मल्टी-डायमेंशनल अटैक स्ट्रैटेजी अपना रहा है। 

राष्ट्रपति Droupadi Murmu का अनोखा अंदाज, प्रोटोकॉल से हटकर सराही साड़ी की कलाकारी

भागलपुर. अंग प्रदेश की लोककला मंजूषा राष्ट्रपति भवन तक पहुंची। राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में जब राष्ट्रपति ने मंजूषा कलाकृति से बनी साड़ी को देखा तो वे बोल उठीं, 'वाह, क्या रंग है। बेहतरीन कलाकारी है। इस साड़ी को हम कार्यक्रम में जाने के लिए पहनेंगे। इसे बनाने वाले कलाकार कौन हैं?” राष्ट्रपति के यह बोलते ही मंजूषा गुरु मनोज पंडित को सामने लाया गया। राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए मनोज से निर्धारित दो मिनट के स्थान पर लगभग सात मिनट तक बातचीत की। टूटी प्रोटोकॉल की औपचारिकता मनोज को पहले बताया गया था कि उन्हें राष्ट्रपति से केवल दो मिनट बात करने का अवसर मिलेगा, लेकिन बातचीत निर्धारित समय से अधिक चली और प्रोटोकॉल की औपचारिकता टूट गई। मनोज पंडित के अनुसार, उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे राष्ट्रपति से दो मीटर की दूरी बनाए रखें। वे इसका पालन भी कर रहे थे। इस बीच बिहुला मंजूषा कला से बनी साड़ी राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए एक अन्य महिला कलाकार को आगे लाया गया। साड़ी देख खुश हो गईं राष्ट्रपति राष्ट्रपति के हाथ में जैसे ही साड़ी आई, वे उसे देखकर प्रसन्न हो गईं। राष्ट्रपति स्वयं आगे आईं और मंजूषा कला तथा इसके तीन रंगों के बारे में जानकारी लेने लगीं। उन्हें बताया गया कि मंजूषा कला सातवीं शताब्दी की परंपरा है और इसमें केवल तीन रंगों का उपयोग होता है। पूरी जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति ने इस कला को बेहतरीन बताया और कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। मनोज पंडित ने कहा कि डीएम और नगर आयुक्त के सहयोग से मंजूषा कला राष्ट्रपति भवन तक पहुंच पाई है। आम लोगों का भी इसमें भरपूर सहयोग रहा है। उल्लेखनीय है कि मनोज पंडित को राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

बराबरी की टक्कर में आमने-सामने चेन्नई और गुजरात, किसका पलड़ा भारी?

चेन्नई डियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 37वां मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। CSK ने अब तक 7 मुकाबले खेले हैं। 3 मैच में उसे जीत और 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, GT ने भी अब तक 7 मैच खेले हैं। उसे भी 3 मैच में जीत और 4 मैच में हार मिली है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहा है बराबरी का मुकाबला IPL में दोनों टीमों के बीच 8 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान CSK को 4 मैच में जीत मिली है। GT ने भी 4 मुकाबले अपने नाम किए हैं। IPL 2025 में दोनों के बीच एक मैच हुआ था। उसको CSK ने 83 रन से जीता था। IPL 2024 में दोनों टीमों के बीच 2 मैच हुए थे। पहले मैच में GT को 35 रन से जीत मिली थी। दूसरा मुकाबला CSK ने 63 रन से जीता था। ऐसी हो सकती है CSK की प्लेइंग इलेवन CSK को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 103 रन से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेंगे। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को अच्छी शुरुआत मिली थी, लेकिन वह फिर बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे। ऐसे में वह अपना खोया हुआ लय हासिल करना चाहेंगे। संभावित एकादश: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), सरफराज खान, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, जेमी ओवरटन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, गुरजपनीत सिंह और मुकेश चौधरी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है GT की टीम GT को अपने पिछले मुकाबले मे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 5 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी। टीम 205/3 का स्कोर बनाने के बावजूद मुकाबला हारी थी। ऐसे में CSK के खिलाफ ये टीम जोरदार वापसी करना चाहेगी। कप्तान शुभमन गिल उम्दा पारी खेल टीम को जीत दिलाना चाहेंगे। संभावित एकादश: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर, राशिद खान, मानव सुथार, कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर GT: प्रसिद्ध कृष्णा, अनुज रावत, ग्लेन फिलिप्स, निशांत सिंधु और अरशद खान। CSK: प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी, अकील हुसैन और उर्विल पटेल। कैसा है एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच का मिजाज? चेन्नई की पिच लाल मिट्‌टी से बनी है जो आमतौर पर स्पिनरों को मदद करती है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवरों में तेज गेंदबाजों को फायदा मिलता है। यहां की विकेट अमूमन सूखी और सख्त होती है जो मैच आगे बढ़ने के साथ और खराब होती जाती है। बल्लेबाजों को बड़े-बड़े शॉट्स लगाने के लिए नजरें जमाने होती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर 165 रन है। कैसा होगा चेन्नई का मौसम? एक्यूवेदर के मुताबिक 26 अप्रैल को चेन्नई में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। ऐसे में खिलाड़ियों को गर्मी से परेशानी हो सकती है। मैच के दौरान बारिश की संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें सैमसन ने पिछले 8 मुकाबलों में 171.28 की स्ट्राइक रेट से 334 रन बनाए हैं। GT के लिए सुदर्शन ने पिछले 10 मैचों में 154.5 की स्ट्राइक रेट से 377 रन बनाए हैं। गिल के बल्ले से पिछले 9 मैच में 346 रन निकले हैं। गेंदबाजी में अंशुल ने पिछले 10 मैच में 19 विकेट चटकाए हैं। नूर के नाम 10 मैच में 14 विकेट है। GT के लिए रबाडा ने पिछले 8 मैच में 10 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? CSK और GT के बीच यह मुकाबला 26 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।