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कक्षा 5वीं और 8वीं की पुन:परीक्षा 1 जून से, अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित

कक्षा 5वीं, 8वीं की पुन:परीक्षा 1 जून से, परीक्षा से पूर्व अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी सुनिश्चित राज्य शिक्षा केन्द्र ने परीक्षा को लेकर जारी की समय सारिणी, सत्र 2025-26 की मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण/अनुपस्थित विद्यार्थी होंगे शामिल परीक्षा से पूर्व अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी सुनिश्चित भोपाल शिक्षण सत्र 2025-26 की मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण/अनुपस्थित कक्षा 5वीं एवं 8वीं के विद्यार्थियों के लिए पुन: परीक्षा होगी। यह परीक्षा 1 से 6 जून 2026 के बीच होगी। इसमें प्रदेश के समस्त शासकीय, मान्यता प्राप्त अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं और पंजीकृत मदरसों में अध्ययनरत कक्षा 5वीं व 8वीं के विद्यार्थी शामिल होंगे। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे प्रवेश पत्र कक्षा 5वीं एवं 8वीं की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र राज्य शिक्षा केन्द्र के परीक्षा पोर्टल www.rskmp.in के माध्यम से डाउनलोड कर सकेंगे। पुन: परीक्षा के लिए शाला प्रमुख/जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी/बी.आर.सी.सी., डी.पी.सी. के लॉगिन अंतर्गत परीक्षा पोर्टल से परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सुविधा रहेगी। सभी बी.आर.सी.सी. को निर्देशित किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके ब्लॉक के सभी विद्यार्थियों को संबंधित शाला के प्रधान पाठक के माध्यम से 25 मई तक प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त हो जाएं। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजन से पूर्व शाला स्तर पर विषयवार अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। परीक्षार्थियों द्वारा पूर्व में प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण नहीं करने अथवा प्रोजेक्ट कार्य में 7 से कम अंक होने की स्थिति में छात्रों से अनुत्तीर्ण अथवा अनुपस्थित रहे विषयों के प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण करवाकर शाला स्तर पर मूल्यांकन किया जाए एवं प्रोजेक्ट के प्राप्तांकों की प्रविष्टि परीक्षा पोर्टल पर कराई जाएगी। जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर होंगे परीक्षा केन्द्र कक्षा 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र केवल जनशिक्षा केन्द्र स्तर पर बनाए जाएंगे। अगर किसी जिले में किसी परीक्षा केन्द्र पर 500 से अधिक परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हों तो उस स्थिति में राज्य शिक्षा केन्द्र से अनुमति उपरांत दूसरा परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया जा सकेगा। परीक्षा केन्द्र निर्धारण उपरांत शाला की मैपिंग संबंधित बी.आर.सी.सी. द्वारा 15 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रश्न पत्रों का परीक्षा केन्द्रों पर ही होगा स्थल मुद्रण दोबारा परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों की ऑन स्पॉट प्रिंटिंग निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर ही की जाएगी। परीक्षा पोर्टल से प्रश्नपत्रों को डाउनलोड एवं प्रिंट करने के लिए जिला परियोजना समन्वयक नोडल अधिकारी होंगे। इस सबंध में संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने निर्देशित किया है कि, निर्धारित परीक्षा केन्द्र पर न्यूनतम 2 कम्प्यूटर/लैपटॉप, 2 कार्यशील प्रिंटर, इंटरनेट, पर्याप्त ए-4 साईज पेपर, टोनर की उपलब्धता एवं सुगम विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की परीक्षा में उपस्थिति एवं परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित शाला प्रमुख/शिक्षक को दी गई है। गर्मी से सुरक्षा के लिए होंगी आवश्यक व्यवस्थाएं राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पिलाये जाने, लू-लपट व डिहाईड्रेशन से सुरक्षित रखने के लिए परीक्षा केन्द्रों में ओरल रिहाईड्रेशन साल्यूशन (ओ.आर.एस.) की उपलब्धता, पंखों की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य संबंधी विषय स्थिति परिलक्षित होने की स्थिति में निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र अथवा अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।  

पंजाब में बड़ा हादसा टला: पटियाला में ट्रैक ब्लास्ट, शंभू-राजपुरा रेल लाइन क्षतिग्रस्त

राजपुरा. शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर देर रात करीब 9:30 बजे तेज धमाका हुआ। धमाके से पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। सूत्रों के अनुसार इसी रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव भी मिला है, जिसके चीथड़े उड़े हुए थे। हालांक पुलिस की तरफ से किसी शव मिलने की पुष्टि नहीं का जा रही। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने शंभू-राजपुरा रूट की सभी ट्रेनों, चाहे वह यात्री हैं या मालगाड़ी को एहतियातन नजदीकी स्टेशनों पर रोक दिया है। यह धमाका राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच गांव बठोनिया के नजदीक डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर की रेलवे ट्रैक पर हुआ है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की ली जा रही मदद घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुट गई हैं। धमाका किस वस्तु से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 जनवरी 2026 को भी फतेहगढ़ साहिब ज़िले के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास भी डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के रेलवे ट्रैक पर रात लगभग 9:50 बजे भी धमाका हुआ था। एक रेलवे कर्मचारी हुआ जख्मी मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया और इसमें सवार एक रेलवे कर्मचारी इंजन के शीशे टूटने से जख्मी हो गया था जबकि लोको पायलट बाल-बाल बच गया था। इस धमाके में ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इस मामले की जांच अब तक जारी है। बीती रात शंभू बॉर्डर के नजदीक रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में एसएसपी पटियाला आईपीएस वरुण शर्मा ने मंगलवार सुबह बताया कि बीती रात धमाके के बारे में सूचना मिलते ही डीआईजी सहित वह पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। घटना स्थल की जांच के दौरान पता चला कि यह धमाका प्लांड था और जो व्यक्ति धमाका करने के लिए विस्फोटक लग रहा था वह इसी धमाके में मारा गया। मरने वाला व्यक्ति जगरूप सिंह है जो तरनतारन के गांव पंजखड़ का रहने वाला था। मौके से एक सिम कार्ड भी मिला है। इस सिम कार्ड को तकनीकी टीम के जरिए जांचा जा रहा है। इसके अलावा फॉरेंसिक की टीम में भी मौके पर जांच कर रही है। फिलहाल घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस टीम काम कर रही है।

RTE में बड़ा बदलाव: EWS बच्चों को प्राथमिकता, पारदर्शिता के लिए डिजिटल सिस्टम लागू करेगी सरकार

रायपुर. डिजिटल सुशासन का सशक्त मॉडल से शिक्षा के अधिकार को एक नया आसमान मिल रहा है। भारत में शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा मिलने के बाद से लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि हर बच्चे तक शिक्षा का उजाला पहुंच सके। हमारे देश मे एक लंबे समय तक यह देखा गया कि नीतियां तो जरूर बनाई जाती रही मगर जमीन पर उसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पहुंच की कमी बनी रहती थी। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने जो करके दिखाया है आज उसकी मिसाल दी जा रही है। प्रदेश भर मे मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन के जरिए शिक्षा के अधिकार (RTE) को वास्तविक रूप में लागू किया जा रहा है। यह कदम तकनीकी सुधार ही नई बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और पारदर्शिता की दिशा में भी एक क्रांतिकारी पहल है। RTE और डिजिटल बदलाव से पैदा हो रही एक नई सोच शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित किया गया है। पहले यही प्रक्रिया जटिल, समय लेने वाली और कई बार विवादों से घिरी रहने वाली होती थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस चुनौती को समझा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया। अब आवेदन करने से लेकर चयन तक स्टेप ऑनलाइन और औटोमेटिक हो गया है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप स्वयमेव कम हो गया है। पक्षपात की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो गई है साथ ही पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा है। निष्पक्षता की गारंटी बन रही है ऑनलाइन लॉटरी डिजिटल प्रक्रिया का सबसे इम्पॉर्टन्ट पार्ट है ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम। उदाहरण के तौर पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कुल 38,439 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमे 27,203 आवेदन पात्र पाए गए और इन पात्र आवेदन से 14,403 बच्चों का ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयन किया गया। पूरी तरह कंप्यूटर आधारित और रैंडमाइज्ड होने वाली इस प्रक्रिया से किसी भी प्रकार की सिफारिश या पक्षपात की गुंजाइश अपने आप समाप्त हो जाती है। राज्य सरकार का यह कदम सुनिश्चित करता है कि हर बच्चे को समान अवसर मिले जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। सटीकता और भरोसे का आधार है डिजिटल सत्यापन डिजिटल प्रणाली में चयन के साथ डिजिटल सत्यापन को भी शामिल किया गया है। इस प्रणाली मे आवेदन के दौरान दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच,पात्रता की स्वचालित पुष्टि, गलत जानकारी की तत्काल पहचान कर ली जाती है। जिससे यह पूरी प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बन जाती है। अभिभावकों के लिए भी बनी सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया डिजिटल प्रणाली का बड़ा लाभ आम नागरिकों को भी मिल रहा है। अब अभिभावकों को स्कूलों या कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते क्योंकि वे अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापन और अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन करते समय सिस्टम के द्वारा 1.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले निजी स्कूलों की सूची और उपलब्ध सीटों की जानकारी भी उपलब्ध हो जाती है। इस सुविधा से अभिभावकों को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। कमजोर वर्ग के बच्चों को मिल रही प्राथमिकता इस योजना के उद्देश्य के मूल मे ही समाज के उन कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाना है जो अब तक अपने पिछड़ेपन की वजह से ज्ञान और शिक्षा से वंचित रहे। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस योजना मे अनुसूचित जाति (SC),अनुसूचित जनजाति दिव्यांग और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार की यह पहल सामाजिक समावेशन को मजबूत करने वाली और समानता की दिशा में ठोस कदम साबित हो रही है। योजना के व्यापक प्रभाव से हो रहा लाखों बच्चों को लाभ वर्तमान मे छत्तीसगढ़ में इस योजना से 3 लाख 63 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य की साय सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 300 करोड़ रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया है, जिससे और भी अधिक बच्चों को लाभ मिल सकेगा और निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और मजबूत होगी। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह कदम केवल कागजों तक ही सीमित नहीं होगा बल्कि जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव को देखा जा सकेगा। जिलेवार सफलता प्रमाण है की योजना राज्य के हर कोने तक पहुंच रही है। इस डिजिटल प्रक्रिया की सफलता इस बात से ही साबित हो जाती है कि छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में हजारों बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है। रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, सरगुजा, जशपुर, बस्तर जैसे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों का चयन हुआ है। सुदूर प्रांतों से बच्चों का चयन यह दर्शाता है कि यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों तक भी सफलता पूर्वक पहुंची है। छत्तीसगढ़ मे हुई डिजिटल सुशासन की व्यापक पहल RTE के अलावा भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कई डिजिटल सुधार किए जा चुके हैं जैसे e-Office प्रणाली,CMO पोर्टल, स्मार्ट क्लासरूम, विद्या समीक्षा केंद्र इत्यादि इन सभी कदमों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना ही रहा है। APAAR ID से और संवरेगा राज्य का डिजिटल भविष्य शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को और मजबूत करने के लिए छात्रों को 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान देने वाली APAAR ID जैसी पहल भी महत्वपूर्ण है। यह ID उनके पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का कम करती है, जिससे भविष्य में बच्चों को स्कूल बदलने में आसानी होगी, रिकॉर्ड की पारदर्शिता बनी रहेगी और शिक्षा प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता से संभव हो पाया यह बदलाव इस महा परिवर्तन के पीछे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की स्पष्ट सोच और प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है क्योंकि वे दृढ़ता से इस बात के पक्षधर हैं कि “कोई भी बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।” उनकी यही सोच इस डिजिटल RTE मॉडल की नींव है। समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर एक मजबूत कदम डिजिटल प्रक्रिया ने शिक्षा को अधिक समावेशी, अधिक सुलभ और अधिक पारदर्शी बनाने का कम किया है परिणामस्वरूप … Read more

पंजाब में ‘मिशन अन्वेषण’ की शुरुआत, गैस और तेल की खोज के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू

 चंडीगढ़  पंजाब में पोटाश की संभावनाओं के बाद अब प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की खोज के लिए नई पहल शुरू की गई है। खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को बताया कि हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज से राज्य के आर्थिक विकास में नया आयाम जुड़ सकता है। मंत्री गोयल ने एमजीएसआइपीए में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और आयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें राज्य में प्रस्तावित सर्वेक्षण के लिए सहयोग मांगा गया। अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में डीजीएच के एचओडी अजय कुमार शर्मा, डीजीएम सुरेंद्र कुमार दास और ओआइएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुप कुमार समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। बैठक में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में तेल और गैस की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर ओआइएल राज्य में 2डी सिस्मिक सर्वे करेगा, जिससे जमीन के नीचे मौजूद तेल और गैस भंडारों का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा। इस परियोजना का नाम ‘मिशन अन्वेषण’ रखा गया है। सर्वे में श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला जिलों को शामिल किया गया है। पंजाब सब-बेसिन में लगभग 169 लाइन किलोमीटर क्षेत्र में सिस्मिक सर्वे किया जाएगा, जिससे सटीक भू-वैज्ञानिक डाटा तैयार किया जा सकेगा। मंत्री गोयल ने कहा कि इस पहल से ऊर्जा संसाधनों की खोज को गति मिलेगी और देश की विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार, निदेशक खनन अभिजीत कापलिश और मुख्य अभियंता हरदीप सिंह मेंदिरत्ता समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि राज्य अपने जलकार्बन भंडार का दोहन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पहले, जलकार्बन महानिदेशालय और ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित सर्वेक्षणों के लिए समर्थन मांगने के लिए उनसे मुलाकात की थी। केंद्रीय टीम ने श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला सहित जिलों में प्राकृतिक तेल और गैस भंडार की संभावना पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रव्यापी अन्वेषण अभियान के तहत जलकार्बन भंडार की पहचान करने के लिए बड़े पैमाने पर 2डी भूकंपीय सर्वेक्षण किया जाएगा। केंद्र सरकार की “मिशन अन्वेषण” पहल के तहत किए जाने वाले इस सर्वेक्षण में पंजाब उप-बेसिन के लगभग 169 किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य सटीक भूवैज्ञानिक डेटा जुटाना और अनछुए क्षेत्रों में मौजूद खनिज और पेट्रोलियम संसाधनों का आकलन करना है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें पंजाब, राजस्थान और गंगा बेसिन सहित प्रमुख बेसिनों में अन्वेषण प्रयासों का विस्तार करना शामिल है। इस कदम के महत्व पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि यह अन्वेषण अभियान एक व्यापक भूवैज्ञानिक डेटाबेस बनाने, आयातित ऊर्जा पर भारत की निर्भरता कम करने और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलने में सहायक होगा। उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की पहल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।” मंत्री जी ने समय पर सर्वेक्षण पूरा करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार और खनन निदेशक अभिजीत कपलीश शामिल थे, भी उपस्थित थे।  

‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ कहने वाले रिंकू सिंह राही ने चुपचाप लिया यू-टर्न

लखनऊ यूपी कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपना तकनीकी इस्तीफा आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. उन्होंने 26 मार्च 2026 को राष्ट्रपति और डीओपीटी को अपना त्यागपत्र भेजकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था. राजस्व परिषद से अटैच राही ने बिना काम के वेतन लेने को अनैतिक बताते हुए यह कदम उठाया था. इसके साथ ही उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चलने का गंभीर आरोप लगाया था. अब शासन स्तर पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने गोपनीय तरीके से इस्तीफा वापसी की अर्जी दी है. इस्तीफा वापसी की प्रक्रिया रही बेहद गोपनीय रिंकू सिंह राही का इस्तीफा 30 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद यूपी की ब्यूरोक्रेसी में तूफान आ गया था. हालांकि, अब उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया. शासन के सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा वापसी का मामला अभी उच्च स्तर पर लंबित है. सरकार से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद उनकी बहाली और नई तैनाती के संबंध में आदेश जारी किया जाएगा. फिलहाल रिंकू सिंह ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. आखिर क्यों नाराज थे IAS अधिकारी? जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहते हुए वकीलों के साथ हुए विवाद और उठक-बैठक के वीडियो के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था. तब से वे राजस्व परिषद में अटैच थे. राही का तर्क था कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा के लिए कोई सार्थक कार्य नहीं सौंपा गया. उन्होंने 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का सिद्धांत देते हुए कहा था कि एक ईमानदार अधिकारी के लिए बिना काम के पैसे लेना स्वीकार्य नहीं है. समानांतर सिस्टम पर उठाए थे सवाल अपने इस्तीफे वाले पत्र में रिंकू सिंह ने प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखा हमला किया था. उन्होंने लिखा था कि मौजूदा समय में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम काम कर रहा है, जहां अच्छे काम के बावजूद अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है. उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी के पुराने पद पर वापस भेजे जाने की भी मांग की थी.  

दर्दनाक घटना: भिवानी की प्राइवेट बस में भीषण आग, कई घायल

 भिवानी हरियाणा के भिवानी जिले के गांव मिलकपुर में सोमवार को एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. यहां भिवानी से हांसी की ओर जा रही एक प्राइवेट बस अचानक आग का गोला बन गई. इस दर्दनाक हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. अचानक लगी आग के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. यात्रियों की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी. सूचना मिलते ही आनन-फानन में मौके पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंच गई. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस भिवानी से सवारियां लेकर हांसी की तरफ जा रही थी. जैसे ही बस मिलकपुर गांव के पास पहुंची, अचानक बस का टायर फट गया. बताया जा रहा है कि टायर का एक नुकीला टुकड़ा बस की तेल की टंकी (फ्यूल टैंक) से जा टकराया, जिससे टंकी फट गई और देखते ही देखते पूरी बस में भीषण आग लग गई. दो की मौत, घायलों का उपचार जारी आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. इस हादसे में दो लोगों की झुलसने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से हांसी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान अभी बाकी हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस यात्रियों के सामान और अन्य माध्यमों से उनकी पहचान करने में जुटी है. मौके पर भारी भीड़ जमा है और बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी है.

मनु भाकर का बड़ा बयान: वैभव सूर्यवंशी बन सकते हैं भारत के अगले सुपरस्टार

नई दिल्ली भारत की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर नए सत्र से पहले आत्मविश्वास से लबरेज हैं और पेरिस खेलों में मिली सफलता के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिस्पर्धी भावना को जगाने के लिए दृढ़ हैं। हालांकि सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनसे 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया, जिनको लेकर मनु ने बड़ा बयान दिया है। मनु भाकर ने वैभव सूर्यवंंशी को लेकर क्या कहा? क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में से एक के तौर पर सामने आने और उन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की बढ़ती मांगों के बीच मनु ने कहा कि अगर खिलाड़ी तैयार है और उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है तो इस प्रक्रिया को तेज करने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। मनु ने कहा, ‘अगर मार्गदर्शन सही हो और माहौल तरक्की में मददगार हो तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, प्रतिभा की कोई समय-सीमा नहीं होती। इसे छह साल की उम्र में भी पहचाना जा सकता है और 60 साल की उम्र में भी। सही मार्गदर्शन मिलने पर मुझे पूरा यकीन है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।’ एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप का बेसब्री से इंतजार कर रहीं मनु भाकर इस साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन चक्र शुरू होने के साथ ही मनु की नजरें एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर टिकी हैं। उन्हें विश्वास है कि ये लक्ष्य उनकी उस प्रतिस्पर्धी बढ़त को वापस दिलाएंगे जिसकी बदौलत उन्होंने 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते थे। 24 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज मनु ने कहा, ‘इस साल के आखिर में एशियाई खेल (जापान में) और विश्व चैंपियनशिप होने वाली है इसलिए हम निश्चित रूप से इन दो बड़ी प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’ झज्जर की इस निशानेबाज ने कहा, ‘मैंने और मेरे कोच ने मिलकर अपनी तैयारियों को लेकर कुछ समय पहले ही चर्चा की थी। हमने योजना बनाई कि आगे कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं और उनके लिए हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमने सब कुछ ठीक से तय कर लिया है और उम्मीद है कि हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ मनु अब अगले महीने आईएसएसएफ विश्व कप म्यूनिख में हिस्सा लेंगी।

जालंधर में बारिश, तापमान में गिरावट, अगले 48 घंटे तक होगी बूंदाबांदी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी

जालंधर/ चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आज (28 अप्रैल) से मौसम बदल गया है। कई जगह आसमान में बादल छाए हुए हैं, जबकि लुधियाना, अमृतसर, मोहाली और जालंधर में बारिश हुई है।मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने लगातार 2 दिन आंधी और बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाएं 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी। हीट वेव की संभावना नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। औसत अधिकतम तापमान अभी सामान्य से तीन डिग्री अधिक बना हुआ है। सबसे अधिक 43 डिग्री अधिकतम तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया है। 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक 20 जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), एसएएस नगर (मोहाली), फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, पटियाला में आंधी चलने की संभावना है, जबकि सभी में बारिश का अनुमान है। जालंधर में बारिश से बदला मौसम जालंधर में मंगलवार (28 अप्रैल) सुबह हुई बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज शहर का अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 23°C रहने का अनुमान है। सुबह की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ जालंधर में उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। आज सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया। सुबह सवेरे शुरू हुई बारिश ने शहर को पूरी तरह से सराबोर कर दिया। बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। इस समय मौसम की यह स्थिति बनी आसमान के ऊपरी हिस्से में पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं का सिस्टम एक्टिव है, जो उत्तर भारत (खासतौर पर पंजाब-हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर) के ऊपर से गुजर रहा है। इस वजह से आंधी, बारिश व बिजली गिरने की संभावना बढ़ गई है। लुधियाना में सुबह मौसम बिगड़ा। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। लोगों को गर्मी से मिली राहत लगातार बढ़ते तापमान के कारण जालंधरवासी लू और पसीने वाली गर्मी से परेशान थे। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को लू के प्रकोप से राहत मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि वायरल बुखार या संक्रमण से बचा जा सके। 8 जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक राज्य में 40 डिग्री से अधिक तापमान 8 जिलों में दर्ज किया गया। चंडीगढ़ (40.2 डिग्री), लुधियाना (41.0 डिग्री), पटियाला (42.1 डिग्री), बठिंडा (43.0 डिग्री), फरीदकोट (41.0 डिग्री), गुरदासपुर (40.5 डिग्री), फाजिल्का (40.8 डिग्री) और भाखड़ा (41.3 डिग्री) शामिल हैं। वहीं 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 11 जिलों में रहा। इनमें चंडीगढ़ एयरपोर्ट (39.2 डिग्री), अमृतसर (40.0 डिग्री), नवांशहर (39.6 डिग्री), फिरोजपुर (40.0 डिग्री), होशियारपुर (38.6 डिग्री), सलैरन (38.7 डिग्री), मोहाली (39.1 डिग्री), पठानकोट (39.1 डिग्री), थीन डैम (38.5 डिग्री), पटियाला एडब्ल्यूएस (39.6 डिग्री) और रोपड़ (38.7 डिग्री) शामिल हैं। 2 मई तक बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, आज राज्य में 28 अप्रैल व 30 अप्रैल से 3 मई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि, 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। 28 और 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। 30 अप्रैल, 2 और 3 मई को 40 से50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी आ सकती है।  

ED जांच में बड़ा अपडेट: रोशन चंद्राकर के घर से टीम लौटी, कई कागजात कब्जे में

धमतरी. बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले मामले में ईडी ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर के भाई के निवास में एक साथ दबिश दी गई. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. देर रात तक चली कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह ईडी अधिकारियों की टीम दस्तावेज जब्त कर रोशन चंद्राकर के घर से निकल गई है. जांच के बाद कई नाम सामने आ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सोमवार को धमतरी में भाजपा नेता रोशन चंद्राकर और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के भी ठिकानों पर छापेमारी की है. भूपेंद्र चंद्राकार पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है. गौरतलब है कि राइस मिल लेवी वसूली मामले में रोशन चंद्राकर के निवास पर करीब तीन साल पहले भी ईडी ने छापा मारा था। इस दौरान उन्हें जेल भी हुई थी. जानिए क्या है मामला भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं. रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप है. अधिकारियों और जमीन दलालों की मिलीभगत प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया. यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के साथ मिलकर खेला. इसमें एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया. 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां अटैच की हैं, और 40 लाख रुपये से अधिक कैश जब्त किए हैं. मामले में तत्कालीन सब-डिविज़नल ऑफिसर (SDO) निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके साथ ईओडब्ल्यू ने 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल शामिल हैं.

TCS कांड का नया मोड़, निदा खान ने पीड़िता को ‘हानिया’ बना भेजने की थी योजना मलेशिया

 नासिक महाराष्ट्र के नासिक में TCS कंपनी में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और लोगों को धर्म बदलने के लिए उकसाने के मामले ने अब एक अलग मोड़ ले लिया है. 27 अप्रैल को मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर नासिक कोर्ट में दोनों पक्षों ने जोरदार बहस की. सरकारी वकीलों ने कोर्ट के सामने SIT द्वारा जांच के दौरान इकट्ठा किए गए चौंकाने वाले सबूत रखे कि कैसे निदा खान ने पीड़ित लड़की को दूसरे धर्म के तौर तरीके सिखाकर धर्म बदलने के लिए जाल बुना था. इस केस का दायरा अब सिर्फ नासिक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार मालेगांव और सीधे मलेशिया तक पहुंच गए हैं।  पीड़िता को सिखाई नमाज और नाम रखा 'हानिया'  सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि निदा खान और दूसरे आरोपियों ने पीड़िता का धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाने के लिए उसे बुर्का दिया था. इतना ही नहीं, उसे इस्लाम की एक किताब दी थी और उसके मोबाइल पर धार्मिक शिक्षा देने वाले एप्लीकेशन इंस्टॉल कर दिए थे।  निदा खान पीड़िता को अपने घर ले जाती थी और उसे नमाज़ पढ़ने, हिजाब और बुर्का पहनने की सही ट्रेनिंग देती थी. हैरानी की बात यह है कि धर्म बदलने के बाद पीड़िता का नाम हनिया रखने का भी फैसला किया गया था. जांच के दौरान पीड़िता के मोबाइल में कई इस्लामिक रील, यूट्यूब लिंक और इंस्टाग्राम पोस्ट के सबूत मिले थे।  मलेशिया कनेक्शन और मालेगांव टीम इस मामले के दूसरे आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता के एजुकेशनल और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने कब्जे में ले लिए थे. ये डॉक्यूमेंट्स मालेगांव में एक टीम को दिए जाने थे और पीड़िता का नाम बदला जाना था. साथ ही, पीड़िता को मलेशिया में नौकरी के लिए इमरान नाम के एक आदमी के पास भेजने की तैयारी चल रही थी. सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अभी इस बात की जांच होनी बाकी है कि क्या इस पूरी साज़िश के लिए निदा खान को किसी ने पैसे की मदद दी थी और क्या इसके पीछे कोई देश विरोधी ताकतें हैं।   निदा को कभी भी अरेस्ट कर सकती है पुलिस स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिस्र ने कोर्ट में बताया कि निदा खान अभी फरार है और उसका मोबाइल फोन जब्त करके यह पता लगाना ज़रूरी है कि उसने और कितनी लड़कियों के साथ ऐसा किया है. अगर उसे बेल मिल जाती है तो वह गवाहों पर दबाव डाल सकती है. फिलहाल कोर्ट ने निदा खान को कोई प्रोटेक्शन नहीं दिया है, इसलिए पुलिस उसे कभी भी अरेस्ट कर सकती है. इन सभी दलीलों के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और आखिरी फैसला 2 मई को सुनाया जाएगा।  निदा खान के वकील ने आरोपों को नकारा निदा खान के वकील राहुल कासलीवाल ने इन सब बात को नकारा है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम पहले दिन से कह रहे हैं कि महाराष्ट्र में धर्मपरिवर्तन का कानून नहीं है, उत्तर प्रदेश और बाकी स्टेट्स में लागू धर्म परिवर्तन कानून का हमने अभ्यास किया है. इस केस में जो भारतीय न्यायसंहिता अनुसार धाराएं लगाई गई है वह सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचना जैसी धाराएं लगाई गई हैं, धर्मपरिवर्तन हुआ ही नहीं है. इस मामले में अलग अलग FIR की गई हैं जबकि केस से जुड़ा स्थान और विक्टिम एक ही है. इसलिए एक ही FIR होनी चाहिए, ना कि अलग FIR , इस मामले में 9 FIR हैं।  कैसे खुला TCS कांड? बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप था कि एक कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी. इसी आधार पर पुलिस को शक हुआ और उन्होंने गुप्त जांच शुरू की, जो आगे चलकर बड़े खुलासे में बदली।  जांच के दौरान पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी में तैनात किया, ताकि भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. इन अधिकारियों ने अंदर हो रही हर गतिविधि पर करीब से निगरानी रखी और अहम सबूत इकट्ठा किए।  जांच में यह भी सामने आया कि कुछ टीम लीडर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और कर्मचारियों को चुनकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते हुए धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे. मामले का खुलासा होने के बाद सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि निदा खान नाम की एक आरोपी अभी भी फरार बताई जा रही है।