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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक परीक्षा स्थगित

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की तिथि बढ़ा दी है। आयोग ने इसके पीछे तकनीकी कारण बताया है। पहले यह परीक्षा पांच मई से सात मई तक आयोजित होनेवाली थी, लेकिन अब यह 20 मई से 23 मई तक रांची स्थित केंद्रों पर सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी। आयोग ने सोमवार को इसकी सूचना जारी करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दी जाने वाली परीक्षा की तिथि की सूचना शीघ्र ही उनके पंजीकृत मोबाइल में एसएमएस तथा ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट देखने के भी निर्देश दिए हैं। अगले माह जारी होगा एएनएम नियुक्ति परीक्षा का परिणाम झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड एएनएम नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम माॅडल उत्तर जारी कर दिया है। अभ्यर्थी इसे एक मई मध्यरात्रि तक इसे आयोग की वेबसाइट पर जारी लिंक के माध्यम से देख सकते हैं। आयोग मई माह में इस परीक्षा का परिणाम जारी करेगा। इससे पहले आयोग ने परीक्षा का औपबंधिक माडल उत्तर जारी करते हुए उसपर एक से सात अप्रैल तक आपत्तियां मांगी थी। प्राप्त आपत्तियों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा के बाद आयोग ने अंतिम माडल उत्तर जारी किया। यह परीक्षा 18 एवं 19 मार्च को हुई थी।

नवजोत कौर सिद्धू का दावा: प्रियंका चोपड़ा कनेक्शन की चर्चा

इन दिनों संसद से लेकर सड़क तक राघर चड्ढा के नाम का शोर है. राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. राघव चड्ढा का ये फैसला कई लोगों के लिए शॉकिंग है. कई लोग उनके इस फैसले से खुश हैं. कुछ आहात नजर आ रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने राघव के बीजेपी जॉइन करने पर बड़ा खुलासा किया है. राघव पर बड़ा खुलासा है नवजोत कौर सिद्धू ने टॉप सीक्रेट के पॉडकास्ट में राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि प्रियंका चोपड़ा की वजह से राघव बीजेपी में शामिल हुए. वो बताती हैं कि प्रियंका चोपड़ा को पता लग गया था कि ये (आम आदमी पार्टी) लोग राघव के पीछे पड़ गए हैं. अब राघव पर ईडी होगी. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि प्रियंका चोपड़ा ने राघव चड्ढा को अपनी बहन परिणीति चोपड़ा के कारण बचाया है. नवजोत सिंह सिद्धू की वाइफ ने ये भी कहा कि उन्हें पहले से पता लग गया था कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से निकलने वाले हैं. पार्टी को लगने लगा था कि राघव हमारे लिए नहीं बोल रहा है. इसके बाद वो लड़ाई में पड़ गए. मैं बता दूं कि हर खामोश बंदा पार्टी होता है. राघव चड्ढा आज जो चार साल के बाद बोल रहे हैं. उन्हें डेढ़ साल बाद ही बोलना चाहिए था. अगर कुछ गलत लग रहा है, तभी बोलना चाहिए. नाराज हुए जेन-जी और सेलेब्स राघव चड्ढा का बीजेपी जॉइन करना कई लोगों को अखरा रहा है. बीजेपी जॉइन करने के एक दिन बाद राघव चड्ढा के दो मिलियन से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कम हो गए हैं. कुनिका सदनंद और प्रकाश राज जैसे सेलेब्स ने राघव चड्ढा के फैसले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. नवजोत कौर सिद्धू ने राघव चड्ढा को लेकर जो भी दावा किया है. इस पर अब तक प्रियंका चोपड़ा, परिणीति चोपड़ा या राघव चड्ढा में से किसी ने भी रिएक्ट नहीं किया है. पर हां इतना जरूर कह सकते हैं कि राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद राजनीति में पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है.

हरियाणा में अंगदान को लेकर युवाओं में उत्साह, 18-45 आयु वर्ग सबसे आगे

रोहतक. हरियाणा के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल खेल मैदानों और सेना में ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में भी सबसे आगे हैं। प्रदेश में अंगदान के लिए सबसे ज्यादा पंजीकरण युवाओं ने कराया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों ने सबसे अधिक संख्या में अंगदान का संकल्प लिया है। इससे साफ है कि नई पीढ़ी अब सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए जीवन बचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हरियाणा के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि म्हारे गाबरू बड़े दिलदार, केवल कहावत नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल है। अब जरूरत है कि यह अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे, ताकि और ज्यादा लोग जीवनदान के इस महादान से जुड़ सकें। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (नोटो) के मुताबिक सोमवार तक हरियाणा में कुल 7,998 लोगों ने अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रदेश में जागरूकता का संकेत मानी जा रही है। दिल, लीवर और फेफड़ों के लिए सबसे ज्यादा संकल्प हरियाणा के लोगों ने सबसे ज्यादा हृदय, लीवर और फेफड़ों के दान के लिए पंजीकरण कराया है। इससे स्पष्ट है कि लोग अब अंगदान के महत्व को समझ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले लोग अंगदान को लेकर भ्रांतियों और डर के कारण पीछे हटते थे, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। परिवार स्वयं जानकारी ले रहे हैं और अंगदान की प्रक्रिया समझना चाहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस विषय पर जागरूकता बढ़ी है। युवाओं ने दिखाई सबसे ज्यादा रुचि आंकड़ों के अनुसार 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग में सबसे अधिक 2,946 युवाओं ने अंगदान का संकल्प लिया है। वहीं 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 3,025 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसका अर्थ है कि कुल पंजीकरण का सबसे बड़ा हिस्सा युवाओं और मध्यम आयु वर्ग से है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में शिक्षा, इंटरनेट मीडिया जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी समझ बढ़ने से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है। हरियाणा में अंगदान पंजीकरण में पुरुषों की संख्या महिलाओं से काफी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार 5,225 पुरुषों ने अंगदान का संकल्प लिया है, जबकि 2,773 महिलाओं ने भी इसमें भागीदारी दिखाई है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह संख्या और मजबूत होगी। अंग     पंजीकरण संख्या हृदय     6050 लीवर     6166 फेफड़े     5750 पैंक्रियाज     5373 आंत     5279 किडनी     2654 परिवार को अपनी इच्छा बताना भी जरूरी बतौर विशेषज्ञ पंडित भगवत दयाल शर्मा हेल्थ विवि के कुलपति डा. एचके अग्रवाल का कहना है कि एक अंगदाता 8 लोगों की जान बचा सकता है और कई अन्य लोगों को नई जिंदगी दे सकता है। यही कारण है कि युवाओं का बढ़ता रुझान आने वाले समय में हजारों मरीजों के लिए उम्मीद बन सकता है। एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद हृदय, लीवर, फेफड़े, किडनी सहित कई अंग जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होते हैं। विशेष बात यह है कि केवल पंजीकरण काफी नहीं है। परिवार को अपनी इच्छा बताना भी जरूरी है। कई बार मृत्यु के बाद अंतिम निर्णय परिवार की सहमति से होता है। इसलिए युवाओं को अपने माता-पिता और परिजनों से इस विषय पर खुलकर बातचीत करनी चाहिए। उम्रवार आंकड़ों से समझिये बढ़ती पंजीकरण की रफ्तार आयु वर्ग     पंजीकरण संख्या 18-30 वर्ष     2946 30-45 वर्ष     3025 45-60 वर्ष     1411 60 वर्ष से ऊपर     611 पंजीकरण में पुरुष सबसे आगे श्रेणी     पंजीकरण महिलाएं     2773 पुरुष     5225

खनिज व्यापार में बड़ा सुधार: छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू किया ‘खनिज ऑनलाइन 2.0’ सिस्टम

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज कारोबार को पारदर्शी बनाने और राजस्व बढ़ाने के लिए बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। ‘खनिज ऑनलाइन 2.0’ पोर्टल लागू होने के बाद अब खदान संचालकों को रॉयल्टी पर्ची के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ई-रॉयल्टी और ई-ट्रांजिट पास की सुविधा 24 घंटे ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी और मानवीय हस्तक्षेप कम होने से गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी। खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद के अनुसार, नई व्यवस्था से खदानों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है। इससे अवैध उत्खनन, ओवरलोडिंग और बिना परमिट खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। अब हर लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिसे कभी भी जांचा जा सकेगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) फंड की निगरानी को भी डिजिटल किया गया है। ‘DMF 2.0’ पोर्टल के जरिए अब सभी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां ऑनलाइन होंगी, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि पैसा किस योजना में और किस उद्देश्य से खर्च किया गया। हर साल करीब 2 हजार करोड़ रुपए के इस फंड में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की गई है। रेत खदानों को लेकर भी सरकार ने ‘वन स्टेट-वन पॉलिसी’ लागू की है। अब खदानों का आबंटन ई-टेंडरिंग के जरिए किया जा रहा है और अब तक करीब 200 नई खदानों की नीलामी हो चुकी है। इससे रेत की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर नियंत्रण की उम्मीद है। बस्तर संभाग में आदिवासी परिवारों को राहत देते हुए टिन की खरीदी दर 640 रुपए से बढ़ाकर 2800-2900 रुपए प्रति किलो कर दी गई है। साथ ही अब भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और आय में सीधा फायदा मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर लागू इस डिजिटल सिस्टम से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

घर पर बनाएं कोरियन स्टाइल राइस जेल, पाएं नेचुरल ग्लो

गर्मी बढ़ रही है और इसका सीधा असर हमारी स्किन पर भी पड़ता है. एक समय के बाद अपनी स्किन का खास ध्यान रखना होता है,  वरना कम उम्र में ही स्किन लटक जाती है और चेहरे पर झुर्रियां पड़नी शुरू हो जाती है. अगर स्किन का खोया हुआ निखार  वापस पाना चाहते हैं तो यह कोरियन स्किन सीक्रेट आपके काम आ सकता है. कोरियन लोगों की स्किन हर कोई चाहता है और वो लोग भी स्किन के लिए सबसे ज्यादा चावल का ही इस्तेमाल करते हैं. अगर आप नेचुरल तरीके से अपनी स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो घर पर बना राइस जेल एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी देते हैं, दाग-धब्बों को हल्का करते हैं और स्किन को सॉफ्ट बनाते हैं. आइए  इसे बनाने और इस्तेमाल करने का आसान तरीका जानते हैं.   इंग्रेडिएंट्स     ½ कप कच्चा सफेद चावल       1 बड़ा चम्मच ताजा एलोवेरा जेल     2 बड़े चम्मच ग्रीन टी (ठंडी)     1 छोटा चम्मच कच्चा शहद     1 विटामिन E कैप्सूल का तेल     ½ छोटा चम्मच ग्लिसरीन     1 बड़ा चम्मच फर्मेंटेड राइस वॉटर     1 बड़ा चम्मच खीरे का रस घर पर राइस जेल बनाने का तरीका     सबसे पहले चावल को दो बार धो लें. फिर दो कप पानी में 15 मिनट तक उबालें, जब तक पानी का कलर दूधिया न हो जाए.     उसके बाद इसे गैस से उतार लें और ठंडा करने के लिए छोड़ दीजिए, ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में डालकर ब्लेंड करें.     मिक्सर में पीसने के बाद पेस्ट को आप मलमल के कपड़े या छलनी से छान लें. फिर मिक्सर को करीब 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दीजिए.     जब यह पेस्ट गाढ़ा हो जाए तब इसमें एलोवेरा जेल, ग्रीन टी, शहद, विटामिन E तेल, ग्लिसरीन, राइस वॉटर और खीरे का रस मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें.     राइस जेल बनकर तैयार हो जाएगा, तो आप उसे साफ कांच के जार में भरें और ऊपर से एयरटाइट बंद कर दें.     आप चाहें तो इसे फ्रिज में भी रख सकते हैं और यह एक हफ्ते तक आसानी से चल जाएगा.       रोजाना राइस जेल का कैसे करें इस्तेमाल     राइस जेल को अपने चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले आप अपने फेस को अच्छी तरह से पानी से धो लें. उसके बाद ही राइस जेल को अपने फेस पर अप्लाई करें.     राइस जेल को आप अपने हल्के हाथों से थपथपाकर लगाएं, ताकि वो स्किन में अच्छी तरह से ब्लेंड हो जाए. उसके कुछ समय बाद आप सनस्क्रीन या नाइट क्रीम लगा सकते हैं.     रात को सोने से ठीक पहले इस जेल को लगाना ज्यादा सही होता है, क्योंकि पूरी रात यह स्किन में गहराई से काम करता है.     वैसे तो आप इसे रोज रात को इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा ड्राई स्किन वाले इसको दो बार लगा सकते हैं.  

Madhya Pradesh में UCC की दिशा में कदम, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट

भोपाल  भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है. मध्यप्रदेश में अब ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है. राज्य सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा लिया है. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी कमेटी विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस 6 सदस्यीय समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है. 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट यह कमेटी अपनी रफ्तार से काम करेगी. इसे अगले 60 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और ‘UCC ड्राफ्ट बिल’ तैयार कर सरकार को सौंपना होगा. इस दौरान समिति उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए मॉडलों का भी गहराई से अध्ययन करेगी. इन कानूनों पर रहेगा फोकस समिति का मुख्य काम विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे कानूनों की समीक्षा करना है. इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण (Adoption) से जुड़े नियमों पर भी विशेष अध्ययन किया जाएगा. इसका उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है. महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को प्राथमिकता इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. समिति केवल बंद कमरों में काम नहीं करेगी, बल्कि आम लोगों की राय जानने के लिए जनसुनवाई और परामर्श बैठकें भी आयोजित करेगी. विशेषज्ञों से ली जाएगी राय समिति सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ विधि विशेषज्ञों से भी सुझाव मांगेगी. प्रशासनिक और क्रियान्वयन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि कानून को सही ढंग से लागू किया जा सके. 6 सदस्यीय समिति में कौन? जारी आदेश के अनुसार, 6 सदस्यीय समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई होंगी. शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त भा.प्र.से), अनूप नायर (कानूनविद), गोपाल शर्मा (शिक्षाविद), बुधपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता) और अजय कटेसरिया (अपर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग).

लंदन मैराथन 2026: केन्या के सावे बने पहले सब-2 घंटे धावक

नई दिल्‍ली  केन्‍या के सेबास्टियन सावे ने लंदन मैराथन में इतिहास रच दिया। सावे दुनिया के पहले धावक बने, जिन्‍होंने आधिकारिक रेस परिस्थितियों में दो घंटे की बाधा को तोड़ दिया। उन्‍होंने 1:59:30 के समय में मैराथन की दौड़ पूरी करते हुए वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया। सावे से पहले केन्‍या के केल्विन किपटुम के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था, जिन्‍होंने 2023 में शिकागो में 2:30:35 के समय में मैराथन पूरी की थी। सावे कानूनन दो घंटे के अंदर मैराथन की दौड़ पूरी करने वाले पहले धावक बने। उन्‍होंने 2019 में इलियुड किपचोगे के प्रदर्शनी मार्क 1:59:41 को पीछे छोड़ा। केजेलचा और किप्‍लीमो ने ऐतिहासिक रेस में दिया योगदान बता दें कि सेबास्टियन सावे अकेले नहीं, जिन्‍होंने लंदन मैराथन में इतिहास रचा। इथोपिया के योमिफ केजेलचा ने लंदन मैराथन में दूसरा स्‍थान हासिल किया। उन्‍होंने इथोपिया का रिकॉर्ड बनाया और इतिहास में दूसरे सबसे तेज मैराथन दौड़ने वाले धावक बने। योमिफ ने 1:59:41 के समय में दौड़ पूरी की। युगांडा के जैकब किप्‍लीमो तीसरे स्‍थान पर रहे, जिन्‍होंने 2:00:28 के समय में रेस पूरी की। उन्‍होंने लंदन में पिछले वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से पहले रेस पूरी की। यह इतिहास की पहली मैराथन बनी, जिसमें तीन लोगों ने एक के बाद एक पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। पुरुष रेस में गति की गहराई का इससे पता चलता है। अमोस किपरुतु ने निजी सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करते हुए 2:01:39 के समय में मैराथन दौड़ पूरी की और चौथा स्‍थान हासिल किया। ओलंपिक चैंपियन तमिरात टोला 2:02:59 के समय के साथ पांचवें और डेरेसा गेलेटा 2:03:23 के समय के साथ छठे स्‍थान पर रहे। तेज शुरुआत के कारण बना इतिहास धावकों ने मैराथन की शुरुआत में तेज गति अपनाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। सावे, केजेलचा, किप्‍लीमो, टोला, किपरुतु और गेलेटा ने 5 किमी का सफर 14:14 समय में तय किया। यह नियंत्रित गति भी थी, लेकिन संकेत मिल चुके थे कि कुछ विशेष होने वाला है। इन धावकों ने 10 किमी का सफर 28:34 और 15 किमी का सफर 43:10 समय में पूरा किया। मैराथन का आधा हिस्‍सा 1:00:29 के समय में पूरा हुआ। अगले 10 किमी में बढ़त लेने का सिलसिला आगे-पीछे होता रहा, लेकिन जब 30 किमी के पार रेस पहुंची तब गति बनाने का भार एथलीट्स पर दिखने लगा। सावे ने आखिर में लगाया जोर निर्णायक मोड़ 30 किमी और 35 किमी के बीच देखने को मिला, जब सावे ने और केजेलचा ने तेज गति अपनाई और किप्‍लीमो को पीछे छोड़ते हुए 21 सेकंड का अंतर बना दिया। अगले 5 किमी में इन दोनों ने दोबारा गति बढ़ाई और हर कदम के साथ लग रहा था कि मैराथन में अविश्‍वसनीय रिकॉर्ड बनने वाला है। सावे ने जब एक मील की दूरी बची तब केजेलचा को भी पीछे छोड़ दिया और तेजी से अपनी मैराथन दौड़ पूरी करते हुए इतिहास रच दिया। केन्‍याई धावक ने दूसरे हाफ की दौड़ 59:01 के समय में पूरी की और लंदन मैराथन को यादगार बना दिया।

रिकॉर्ड गेहूं खरीद: पंजाब में 100 LMT पार, ₹21,000 करोड़ से अधिक की पेमेंट जारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद दोनों ही 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के आंकड़े को पार कर गए हैं। अब तक 1,03,49,917.17 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 1,00,15,024.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के कुशल नेतृत्व में विभाग द्वारा राज्यभर की मंडियों में बारदाना, पीने के साफ पानी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके कारण गेहूं की आवक, खरीद और लिफ्टिंग में तेजी आई है तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसान, आढ़ती और मजदूरों सहित सभी हितधारकों के हितों की रक्षा हुई है। किसानों को किए गए भुगतान के संबंध में, 48 घंटे के भीतर खरीदी गई गेहूं के लिए 21,422.09 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। आज यहां अनाज भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद 100 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई है और वर्तमान समय में मंडियों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों को अदायगी के संबंध में उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में 22,815 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है। अब तक 6,28,674 किसान अपनी उपज मंडियों में ला चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि उठाई भी तेजी से की जा रही है और 47.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की उठाई हो चुकी है, जो कि 72 घंटों के नियमों के अनुसार 56.6 प्रतिशत है। इसके अलावा सुचारू और निर्विघ्न खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में कुल 2885 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और इनमें से 1864 नियमित किए गए हैं जबकि 1021 अस्थायी हैं। मंत्री ने आगे बताया कि इस बार उपज बहुत ज्यादा रही है, जिसके कारण पंजाब में बंपर फसल हुई है। इससे 124 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में बहुत मदद मिलेगी। अधिक जानकारी देते हुए कटारूचक्क ने बताया कि वह नियमित अंतरालों पर राज्य भर की मंडियों का दौरा कर रहे हैं और किसी भी किसान ने मंडियों में किए गए प्रबंधों के बारे में कोई शिकायत नहीं की है। इसके साथ ही बारदाने, साफ-सफाई, पीने का पानी और लकड़ी के क्रेट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

बैडमिंटन में भारत का दबदबा जारी, लक्ष्य-चिराग की जोड़ी ने दिलाई जीत

भारतीय पुरुष टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सोमवार 27 अप्रैल 2026 को डेनमार्क के हॉर्सेंस शहर में ग्रुप ए के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से करारी शिकस्त देकर थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारत और चीन इस ग्रुप में शीर्ष पर हैं। भारतीय बैडमिंटन टीम ने सिर्फ 153 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी ने सीधे गेमों में जीत हासिल कर भारत को 3-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद एचएस प्रणय और एमआर अर्जुन-हरिहरन अमसाकरुनन ने भी अपने-अपने मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया का 5-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। साल 2022 के चैंपियन भारत ने कनाडा पर 4-1 से जीत के साथ शुरुआत की थी। चीन ने अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। चीन ने सोमवार को कनाडा को 4-1 से पराजित किया। भारत और चीन अब बुधवार 29 अप्रैल को अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में एक दूसरे का सामना करेंगे, जिससे ग्रुप में शीर्ष स्थान का फैसला होगा। कनाडा के खिलाफ अपना पहला मैच हार जाने वाले लक्ष्य सेन ने शानदार वापसी की। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन ने एफ्रेम स्टीफन सैम पर 21-14, 21-16 से जीत हासिल करके भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। अब चीन के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य सेन को शी यूकी जैसी मजबूत चुनौती का सामना करना होगा। यूएस ओपन चैंपियन और हाल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उपविजेता रहे आयुष शेट्टी ने श्रेय ढांड को 21-8, 21-6 से आसानी से हराकर भारतीय बढ़त को दोगुना किया। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की शीर्ष युगल जोड़ी ने रिजकी हिदायत और जैक यू को 21-14, 21-16 से हराकर स्कोर 3-0 कर दिया। इस जीत से भारत की क्वार्टर फाइनल में जगह सुनिश्चित हो गई। विश्व चैंपियनशिप 2023 और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय ने आधे घंटे से भी कम समय में ऋषि होंडा भूपति पर 21-11, 21-17 से जीत हासिल की। हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन ने दूसरे युगल मुकाबले में एंडिका रामाडियांस्या और एफ्रैम स्टीफन सैम को 21-12, 21-10 से हराया, जिससे भारत क्लीन स्वीप करने में सफल रहा।  

खजुराहो में पारा 46 पार, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा; एमपी में भीषण गर्मी, लू और आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल /जबलपुर  मध्य प्रदेश में गर्मी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पर्यटन स्थल खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक बताया जा रहा है. इस भीषण गर्मी ने न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्वास्थ्य और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट संभव है. इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।  तेज गर्मी के बीच मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 1 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय होने के कारण होगा। साथ ही, 28 अप्रैल से लू के प्रभाव में कुछ कमी आने के आसार हैं। मंगलवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है। बीते सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत 13 शहरों में पारा 44 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में अब तक 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है और अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी टूट सकता है। यहां 29 अप्रैल 1993 को अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। इन जिलों में लू का अलर्ट मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। 12 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। 13 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार सोमवार को खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत कुल 13 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। खजुराहो में ऑल-टाइम रिकॉर्ड टूटने का डर खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड तो टूट ही चुका है, अब ओवरऑल रिकॉर्ड टूटने की भी आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, खजुराहो में 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। यदि गर्मी का दौर इसी तरह जारी रहा तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है। दमोह में आंधी-बारिश से दीवार गिरी, दबने से महिला की मौत दमोह में सोमवार शाम आंधी-बारिश से एक कच्ची दीवार गिर गई। इसमें दबने से पड़ोस में रहने वाली 48 वर्षीय रागिनी पटैरिया नाम की महिला की मौत हो गई। महिला घर के पास रखे कंडे ढंकने गई थी, तभी यह हादसा हुआ। घटना रनेह थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा गांव की है। गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों के लिए बचाव एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर अपना ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है।