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ED जांच में बड़ा अपडेट: रोशन चंद्राकर के घर से टीम लौटी, कई कागजात कब्जे में

धमतरी. बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले मामले में ईडी ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की. राइस मिलर रोशन चंद्राकर और भाजपा नेता भूपेंद्र चंद्राकर के भाई के निवास में एक साथ दबिश दी गई. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. देर रात तक चली कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह ईडी अधिकारियों की टीम दस्तावेज जब्त कर रोशन चंद्राकर के घर से निकल गई है. जांच के बाद कई नाम सामने आ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सोमवार को धमतरी में भाजपा नेता रोशन चंद्राकर और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के भी ठिकानों पर छापेमारी की है. भूपेंद्र चंद्राकार पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है. गौरतलब है कि राइस मिल लेवी वसूली मामले में रोशन चंद्राकर के निवास पर करीब तीन साल पहले भी ईडी ने छापा मारा था। इस दौरान उन्हें जेल भी हुई थी. जानिए क्या है मामला भारतमाला परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं. रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप है. अधिकारियों और जमीन दलालों की मिलीभगत प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की जांच में पता चला है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया. यह खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी) ने जमीन दलालों के साथ मिलकर खेला. इसमें एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग लोगों को मुआवजा दिलाया गया. 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए पूर्व में रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां अटैच की हैं, और 40 लाख रुपये से अधिक कैश जब्त किए हैं. मामले में तत्कालीन सब-डिविज़नल ऑफिसर (SDO) निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके साथ ईओडब्ल्यू ने 10 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल शामिल हैं.

TCS कांड का नया मोड़, निदा खान ने पीड़िता को ‘हानिया’ बना भेजने की थी योजना मलेशिया

 नासिक महाराष्ट्र के नासिक में TCS कंपनी में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और लोगों को धर्म बदलने के लिए उकसाने के मामले ने अब एक अलग मोड़ ले लिया है. 27 अप्रैल को मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर नासिक कोर्ट में दोनों पक्षों ने जोरदार बहस की. सरकारी वकीलों ने कोर्ट के सामने SIT द्वारा जांच के दौरान इकट्ठा किए गए चौंकाने वाले सबूत रखे कि कैसे निदा खान ने पीड़ित लड़की को दूसरे धर्म के तौर तरीके सिखाकर धर्म बदलने के लिए जाल बुना था. इस केस का दायरा अब सिर्फ नासिक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार मालेगांव और सीधे मलेशिया तक पहुंच गए हैं।  पीड़िता को सिखाई नमाज और नाम रखा 'हानिया'  सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि निदा खान और दूसरे आरोपियों ने पीड़िता का धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाने के लिए उसे बुर्का दिया था. इतना ही नहीं, उसे इस्लाम की एक किताब दी थी और उसके मोबाइल पर धार्मिक शिक्षा देने वाले एप्लीकेशन इंस्टॉल कर दिए थे।  निदा खान पीड़िता को अपने घर ले जाती थी और उसे नमाज़ पढ़ने, हिजाब और बुर्का पहनने की सही ट्रेनिंग देती थी. हैरानी की बात यह है कि धर्म बदलने के बाद पीड़िता का नाम हनिया रखने का भी फैसला किया गया था. जांच के दौरान पीड़िता के मोबाइल में कई इस्लामिक रील, यूट्यूब लिंक और इंस्टाग्राम पोस्ट के सबूत मिले थे।  मलेशिया कनेक्शन और मालेगांव टीम इस मामले के दूसरे आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता के एजुकेशनल और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने कब्जे में ले लिए थे. ये डॉक्यूमेंट्स मालेगांव में एक टीम को दिए जाने थे और पीड़िता का नाम बदला जाना था. साथ ही, पीड़िता को मलेशिया में नौकरी के लिए इमरान नाम के एक आदमी के पास भेजने की तैयारी चल रही थी. सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अभी इस बात की जांच होनी बाकी है कि क्या इस पूरी साज़िश के लिए निदा खान को किसी ने पैसे की मदद दी थी और क्या इसके पीछे कोई देश विरोधी ताकतें हैं।   निदा को कभी भी अरेस्ट कर सकती है पुलिस स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिस्र ने कोर्ट में बताया कि निदा खान अभी फरार है और उसका मोबाइल फोन जब्त करके यह पता लगाना ज़रूरी है कि उसने और कितनी लड़कियों के साथ ऐसा किया है. अगर उसे बेल मिल जाती है तो वह गवाहों पर दबाव डाल सकती है. फिलहाल कोर्ट ने निदा खान को कोई प्रोटेक्शन नहीं दिया है, इसलिए पुलिस उसे कभी भी अरेस्ट कर सकती है. इन सभी दलीलों के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और आखिरी फैसला 2 मई को सुनाया जाएगा।  निदा खान के वकील ने आरोपों को नकारा निदा खान के वकील राहुल कासलीवाल ने इन सब बात को नकारा है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम पहले दिन से कह रहे हैं कि महाराष्ट्र में धर्मपरिवर्तन का कानून नहीं है, उत्तर प्रदेश और बाकी स्टेट्स में लागू धर्म परिवर्तन कानून का हमने अभ्यास किया है. इस केस में जो भारतीय न्यायसंहिता अनुसार धाराएं लगाई गई है वह सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचना जैसी धाराएं लगाई गई हैं, धर्मपरिवर्तन हुआ ही नहीं है. इस मामले में अलग अलग FIR की गई हैं जबकि केस से जुड़ा स्थान और विक्टिम एक ही है. इसलिए एक ही FIR होनी चाहिए, ना कि अलग FIR , इस मामले में 9 FIR हैं।  कैसे खुला TCS कांड? बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप था कि एक कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी. इसी आधार पर पुलिस को शक हुआ और उन्होंने गुप्त जांच शुरू की, जो आगे चलकर बड़े खुलासे में बदली।  जांच के दौरान पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी में तैनात किया, ताकि भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. इन अधिकारियों ने अंदर हो रही हर गतिविधि पर करीब से निगरानी रखी और अहम सबूत इकट्ठा किए।  जांच में यह भी सामने आया कि कुछ टीम लीडर अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और कर्मचारियों को चुनकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते हुए धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे. मामले का खुलासा होने के बाद सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि निदा खान नाम की एक आरोपी अभी भी फरार बताई जा रही है। 

वित्तीय अनियमितताओं पर गिरी गाज, DEO निलंबित; शिक्षा विभाग का सख्त रुख

महासमुंद. छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय कुमार लहरे पर परीक्षा प्रश्नपत्र विवाद, विभागीय कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे कई गंभीर आरोप लगे है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, 8 जनवरी 2026 को एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसमें चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने का मामला सामने आया। प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प में भगवान राम का नाम शामिल किया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। इन कारणों से हुई कार्रवाई – परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही आपत्तिजनक सवाल से धार्मिक भावनाओं को ठेस हाईकोर्ट से जुड़े मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना विभागीय आदेशों की अवहेलना लेखा परीक्षण (ऑडिट) में गंभीर अनियमितताएं उजागर शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए, सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में विजय लहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय तय किया गया है। निलंबन के बाद अब बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पूरे मामले को शासन ने विभाग की छवि धूमिल करने वाला और गंभीर कदाचार मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

ग्राम नारी की महिलाएं: हाथ करघे से सफलता तक के सफर की तस्वीर

हाथ करघे से कमाई तक- ग्राम नारी की महिलाओं की सफलता का राज रायपुर ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।  परंपरा से जुड़ी नई शुरुआत         नारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।  सरकार का मजबूत सहयोग         छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।  बढ़ता बाजार और आय          आज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।  महिलाओं का सशक्तिकरण            इस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।    भविष्य की दिशा           ग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।

AAP ने पंजाब में टूट को रोकने के लिए उठाए कदम, सिसोदिया ने जालंधर बुलाए सभी विधायक; 7 सांसद BJP में शामिल

जालंधर राघव चड्‌ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में टूट रोकने में जुट गई है। AAP के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कल (29 अप्रैल) को सभी विधायक जालंधर तलब कर लिए हैं। मीटिंग में CM भगवंत मान भी शामिल रहेंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी माना जा रहा है कि इसमें 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। जालंधर में इससे पहले हुई मीटिंग को लेकर मीडिया ने दावा किया गया था कि उसमें CM ने 5-5 हजार रुपए तक रिश्वत लेने को लेकर विधायकों को फटकार लगाई थी। पंजाब में AAP में टूट की चर्चा क्यों?     राघव चड्‌ढा की 60+ विधायकों से करीबी का दावा: राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा जॉइन कर ली। इस दौरान चड्‌ढा के करीबियों के जरिए दावा किया गया कि पंजाब के मौजूदा 94 AAP विधायकों में से 60+ विधायक राघव चड्‌ढा के संपर्क में हैं। इससे पंजाब में AAP की सरकार को संकट हो सकता है। हालांकि चड्‌ढा ने इसको लेकर खुलकर कुछ नहीं कहा है।     संदीप पाठक के पास सबका बायोडेटा: राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने भी भाजपा जॉइन की। वह पंजाब में AAP की स्ट्रेटजी बनाने का काम करते थे। उनके करीबियों का दावा है कि पाठक के पास पंजाब के हर AAP विधायक का बायोडेटा है। इसमें सिर्फ उनका प्रोफाइल ही नहीं बल्कि उनके हर तरह के कामों की जानकारी पाठक को है। यह भी चर्चा है कि AAP की तरफ से जो विधानसभा क्षेत्रवाइज टीम लगाई गई है, उनकी नियुक्ति भी संदीप पाठक ने ही की है। ऐसे में पाठक AAP को झटका दे सकते हैं।     बाजवा ने कहा- 60-65 MLA पलटी मारने की तैयारी में: पंजाब विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि AAP के 60 से 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में हैं। बाजवा ने यह भी कहा कि सीएम भगवंत मान महाराष्ट्र की तरह पंजाब के एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। बाजवा ने पार्टी छोड़ने वाले AAP के 7 सांसदों को लेकर कहा था कि वे पैसे देकर सांसद बने थे। अब जहां से बड़ा खरीदार मिल गया है, वे वहां चले गए हैं। जैसे शेयर मार्केट में होता है, सस्ता शेयर खरीदा था, जब उसका रेट बढ़ गया तो उसे बेच दिया। क्या वाकई विधायक AAP छोड़ सकते हैं? सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं। अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत: अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है। अनमोल गगन मान ने भी पार्टी छोड़ दी थी: खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं। 9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्‌टी, वह नाराज: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्‌टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्‌टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्‌टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। AAP ने राज्यसभा से पूछा- सांसदों के आगे से नाम कैसे हटाया इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन सभी जरूरी आदेश की कॉपी भी मांगी है, जिनके आधार पर AAP का सांसदों के नाम के आगे से नाम हटाया गया है। 27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी, जिससे राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है। BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। राघव चड्‌ढा ने कहा- AAP चंद करप्टों की पार्टी कल ही राघव चड्ढा ने खुद सामने आकर पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी। उन्होंने कहा कि 15 साल देने के बाद AAP अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो चुका है, जहां काम करने और बोलने तक की आजादी नहीं है। उनके मुताबिक, यह फैसला अकेले का नहीं, बल्कि 7 सांसदों का सामूहिक निर्णय है। AAP अब चंद करप्टों और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों की पार्टी बनकर रह गई है। जो अब देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। राघव ने कहा- राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपना करियर बनाने यहां नहीं आया। एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को … Read more

कोहली ने IPL में पूरे किए 9 हजार रन, रोहित शर्मा नंबर-2 से हैं दूर

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में विराट कोहली ने इतिहास रच दिया है. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 11 रन बनाते ही किंग कोहली ने आईपीएल में 9 हजार रन पूरे कर लिए हैं. वह आईपीएल में 9000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं. विराट की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं. आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड पहले ही विराट कोहली के नाम है।  विराट ने 9000 रन पूरे करने के लिए काफी आराम से खेला. उन्होंने छठे ओवर की लास्ट गेंद पर इस जादुई आंकड़े को छुआ. 11 रन बनाने के लिए किंग कोहली ने 12 गेंदों का सामना किया और एक चौके के साथ बाकी के रन दौड़कर बनाए. हालांकि, 9 हजार रन पूरे होते ही किंग कोहली टूट पड़े और दो छक्के लगाए. उन्होंने सिक्स लगाकर आरसीबी को जीत दिलाई।  आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज  विराट कोहली- 9012 रन  रोहित शर्मा- 7183 रन शिखर धवन- 6769 रन डेविड वॉर्नर- 6565 रन  केएल राहुल- 5580 रन 81 गेंद पहले जीती बेंगलुरु  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 81 गेंद पहले जीत दर्ज की. गेंदें शेष रहने के लिहाज से आईपीएल की यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है. आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हराया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 81 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया. जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की घातक गेंदबाजी के सामने दिल्ली कैपिटल्स की टीम 75 रनों पर ढेर हो गई थी. जवाब में आरसीबी ने 6.3 ओवर में मैच जीत लिया. विराट कोहली ने आईपीएल में 9 हजार रन भी पूरे कर लिए. विराट 15 गेंद में 23 और देवदत्त पडिक्कल 13 गेंद में 34 रनों पर नाबाद लौटे. वहीं जैकेब बेथेल ने 11 गेंद में 20 रन बनाए. इससे पहले गेंदबाजी में हेजलवुड ने चार और भुवी ने तीन विकेट चटकाए।  दिल्ली ने बनाया पावरप्ले का सबसे कम स्कोर  पहले बैटिंग करने वाली दिल्ली ने पारवप्ले में सबसे कम रनों का टोटल बनाने का रिकॉर्ड कायम किया. टीम शुरुआती 6 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 13 रन ही बोर्ड पर लगा सकी थी. इससे पहले पावरप्ले में सबसे छोटा टोटल 14 रनों का रहा था।  1. 6 ओवर में सिर्फ 13 रन बना सकी दिल्ली दिल्ली ने पावरप्ले में 6 विकेट खोकर मात्र 13 रन बनाए। यह IPL इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स हैं, जिसने 2009 में RCB के खिलाफ 2 विकेट खोकर 14 रन बनाए थे। 2. दिल्ली ने सिर्फ 7 रन पर 5 विकेट गंवा दिए इस मैच में दिल्ली ने सिर्फ 7 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बावजूद यह IPL में सबसे कम रन में 5 विकेट गंवाने का रिकॉर्ड नहीं है। कोच्चि टस्तकर्स केरल की टीम 2011 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी थी। अब कोच्चि टस्कर्स और डेक्कन चार्जर्स दोनों टीमों लीग से बाहर हो चुकी हैं। 3. भुवनेश्वर ने 29वीं बार पहले ओवर में विकेट लिया भुवनेश्वर कुमार ने DC के खिलाफ पहले ओवर में ही डेब्यूटेंट साहिल पारख को क्लीन बोल्ड कर दिया। ये 29वीं बार है, जब उन्होंने IPL में पहले ओवर में ही विकेट लिया हो। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। टॉप पर ट्रेट बोल्ट हैं, जिन्होंने 32 बार यह कारनामा किया है। 4. भुवनेश्वर ने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लिए दिल्ली के खिलाफ भुवनेश्वर ने पावरप्ले में 3 विकेट लिए। उन्होंने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में अब तक 32 विकेट लिए हैं। वे इस मामले में ट्रेट बोल्ट के साथ नंबर एक पर हैं। बोल्ट ने भी 32 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने पावरप्ले में 28-28 विकेट लिए हैं। 5. भुवनेश्वर ने IPL में 25 बार 3+ विकेट लिए भुवनेश्वर ने दिल्ली के खिलाफ 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए। IPL में उन्होंने 20वीं बार 3 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 25 बार यह स्पेल डाला है। लसिथ मलिंगा ने 19 बार 3+ विकेट लिए हैं और तीसरे नंबर पर हैं। 6. दिल्ली तीसरी बार IPL में 75 या इससे कम रन पर ऑलआउट दिल्ली कैपिटल्स 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL में तीसरी बार है, जब दिल्ली की टीम 75 या उससे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। RCB इस मामले में नंबर-1 पर हैं, जो 4 बार 75 या इससे नीचे ऑल आउट हुई है।  

काशी में महिला शक्ति का प्रदर्शन,नरेंद्र मोदी करेंगे जनसभा को संबोधित, मंच पर होंगी 44 महिलाएं

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान बरेका मैदान में आयोजित जनसभा में महिला शक्ति की झलक दिखेगी जहां मंच पर 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी और करीब 25 हजार महिलाओं के जुटने की उम्मीद की गई है। काशी में ये महिलाओं का अब तक का सबसे बड़ा जुटान होगा। इस सम्मेलन की कमान महिलाएं संभालेंगी। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। मंच पर आनंदीबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित 23 पार्षद और 19 ग्राम प्रधान समेत कुल 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी। इनके अलावा वहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष समेत चार पुरुष होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भाषण होगा और अंत में प्रधानमंत्री काशी से देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले ये पीएम की बड़ी सभा होगी। साथ ही उप्र में विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव के पहले इस जुटान को अहम माना जा रहा है। जनसभा के बाद पार्टी स्तर की एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें संगठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर प्रधानमंत्री जरूरी फैसले कर सकते हैं। ये बंगाल के बाद उप्र में राजनीतिक शिफ्ट को लेकर भी अहम दौरा हो सकता है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें जीआई टैग वाली गुलाबी मीनाकारी से बना शिव मंदिर भेंट करेंगे। अगले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान उन्हें डमरू भी भेंट किया जाएगा। इसके अलावा देर शाम प्रधानमंत्री शहर की प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण कर सकते हैं। वह रोपवे प्रोजेक्ट और नमो घाट का दौरा कर सकते हैं, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बरेका से काशी विश्वनाथ तक होगा रोड शो, पांच जगह पर भाजपा करेगी स्वागत भाजपा ने पीएम के स्वागत की खास तैयारियां की हैं। पीएम मोदी बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर तक सड़क मार्ग से जाएंगे। यहां पर 5 स्थानों गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में प्रमुख चौराहों और यात्रा मार्ग को झंडे, बैनर व पोस्टरों से सजाया गया है। हजारों होर्डिंग्स और कटआउट भी लगाए गए हैं। काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि बरेका के प्रत्येक सेक्टर में कूलर, पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। बरेका में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगी। स्थानीय महिलाएं पैदल और दूर-दराज की महिलाएं वाहनों के काफिले के साथ जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम स्थल तक आएंगी।

एक ही दिन बड़े बेटे की वर्दी और छोटे बेटे की तिरंगे में लिपटी लाश, दिल दहला देने वाली घटना

 बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी।  बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।  सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे।  लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया।  जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया।  सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया।  इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए।  सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद  रखेगा। 

पंजाब CM की कैबिनेट मीटिंग आज, सीएम रिहायश पर दोपहर 3:30 बजे लेंगे कई अहम फैसले

चंडीगढ़  पंजाब सीएम भगवंत मान ने आज (28 अप्रैल) अहम कैबिनेट मीटिंग बुला ली है। मीटिंग दोपहर साढ़े 3 बजे होगी। कैबिनेट संबंधी एजेंडा जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक टेबल एजेंडा पर होगी। इस दौरान जहां कई फैसले लिए जा सकते हैं.. सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरा कर आए पंजाब सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरे पर जाकर आए है। इस दौरान उन्होंने पंजाब में कई कंपनियों को निवेश करने का न्योता दिया है। इसके अलावा मोहाली समेत कई इलाकों में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी मीटिंग में आने की संभावना है। क्योंकि अब इलेक्शन के लिए कुछ ही समय शेष रह गया है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि तुरंत इलाके में निवेश को बढाया जाए।  

टॉप पर कब्जा मजबूत करने उतरेगी पंजाब किंग्स, वापसी की तलाश में राजस्थान रॉयल्स

चंडीगढ़  पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आज आईपीएल 2026 का 40वां मुकाबला खेला जाना है। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच की शुरुआत शाम साढ़े 7 बजे से होगी। इस मुकाबले को जीतकर पीबीकेएस प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगी। पंजाब किंग्स इस सीजन की सबसे बेहतरीन टीम है। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की अपनी काबिलियत और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने शुरुआती 7 मैचों में से 6 में जीत हासिल की है, जबकि एक मैच बारिश के चलते बेनतीजा रहा था। इसके विपरीत राजस्थान रॉयल्स को अपनी लय बनाए रखने में काफी संघर्ष करना पड़ा है, लगातार खराब प्रदर्शन के कारण वे प्वाइंट्स टेबल में नीचे खिसक गए हैं। शुरुआथ 4 मैचों में 4 जीत हासिल करने के बाद टीम को अगले 4 मैचों में सिर्फ एक जीत मिली है। वैभव सूर्यवंशी के 36 गेंदों में शतक के बाद भी टीम पिछले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद से हार गई। राजस्थान रॉयल्स के अभियान को मिडल ओवर्स में अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहने के कारण काफी नुकसान हुआ है। वे अक्सर अपनी मजबूत शुरुआत को मैच जिताने वाले स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं। पंजाब किंग्स की बैटिंग का जवाब नहीं पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने सामूहिक रूप से शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर बैटिंग ऑर्डर के ऊपरी क्रम में, जहां उनके ओपनर्स ने पावरप्ले के दौरान बार-बार आक्रामक शुरुआत करते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बना दिया है। दिल्ली के खिलाफ पिछले मुकाबले में टीम ने 265 रनों का लक्ष्य हासिल करके मैच जीता था। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 30 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरआर का पलड़ा भारी रहा है। रॉयल्स ने अब तक 17 मुकाबले अपने नाम किए हैं, जबकि किंग्स 13 मैच जीत चुकी है। इस प्रकार हैं दोनों टीमें पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, कूपर कोनोली, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, मार्को जानसेन, अजमतुल्लाह उमरजई, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, विष्णु विनोद, जेवियर बार्टलेट, यश ठाकुर, मिशेल ओवेन, हरनूर सिंह, मुशीर खान, पायला अविनाश, लॉकी फर्ग्यूसन, बेन ड्वारशुइस, प्रवीण दुबे और विशाल निषाद। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, रवि बिश्नोई, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, संदीप शर्मा, शुभम दुबे, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युद्धवीर सिंह चरक, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, यश राज पुंजा, अमन राव पेराला।