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काशी में महिला शक्ति का प्रदर्शन,नरेंद्र मोदी करेंगे जनसभा को संबोधित, मंच पर होंगी 44 महिलाएं

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान बरेका मैदान में आयोजित जनसभा में महिला शक्ति की झलक दिखेगी जहां मंच पर 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी और करीब 25 हजार महिलाओं के जुटने की उम्मीद की गई है। काशी में ये महिलाओं का अब तक का सबसे बड़ा जुटान होगा। इस सम्मेलन की कमान महिलाएं संभालेंगी। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। मंच पर आनंदीबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित 23 पार्षद और 19 ग्राम प्रधान समेत कुल 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी। इनके अलावा वहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष समेत चार पुरुष होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भाषण होगा और अंत में प्रधानमंत्री काशी से देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले ये पीएम की बड़ी सभा होगी। साथ ही उप्र में विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव के पहले इस जुटान को अहम माना जा रहा है। जनसभा के बाद पार्टी स्तर की एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें संगठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर प्रधानमंत्री जरूरी फैसले कर सकते हैं। ये बंगाल के बाद उप्र में राजनीतिक शिफ्ट को लेकर भी अहम दौरा हो सकता है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें जीआई टैग वाली गुलाबी मीनाकारी से बना शिव मंदिर भेंट करेंगे। अगले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान उन्हें डमरू भी भेंट किया जाएगा। इसके अलावा देर शाम प्रधानमंत्री शहर की प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण कर सकते हैं। वह रोपवे प्रोजेक्ट और नमो घाट का दौरा कर सकते हैं, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बरेका से काशी विश्वनाथ तक होगा रोड शो, पांच जगह पर भाजपा करेगी स्वागत भाजपा ने पीएम के स्वागत की खास तैयारियां की हैं। पीएम मोदी बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर तक सड़क मार्ग से जाएंगे। यहां पर 5 स्थानों गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में प्रमुख चौराहों और यात्रा मार्ग को झंडे, बैनर व पोस्टरों से सजाया गया है। हजारों होर्डिंग्स और कटआउट भी लगाए गए हैं। काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि बरेका के प्रत्येक सेक्टर में कूलर, पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। बरेका में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगी। स्थानीय महिलाएं पैदल और दूर-दराज की महिलाएं वाहनों के काफिले के साथ जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम स्थल तक आएंगी।

एक ही दिन बड़े बेटे की वर्दी और छोटे बेटे की तिरंगे में लिपटी लाश, दिल दहला देने वाली घटना

 बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी।  बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।  सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे।  लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया।  जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया।  सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया।  इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए।  सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद  रखेगा। 

पंजाब CM की कैबिनेट मीटिंग आज, सीएम रिहायश पर दोपहर 3:30 बजे लेंगे कई अहम फैसले

चंडीगढ़  पंजाब सीएम भगवंत मान ने आज (28 अप्रैल) अहम कैबिनेट मीटिंग बुला ली है। मीटिंग दोपहर साढ़े 3 बजे होगी। कैबिनेट संबंधी एजेंडा जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक टेबल एजेंडा पर होगी। इस दौरान जहां कई फैसले लिए जा सकते हैं.. सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरा कर आए पंजाब सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरे पर जाकर आए है। इस दौरान उन्होंने पंजाब में कई कंपनियों को निवेश करने का न्योता दिया है। इसके अलावा मोहाली समेत कई इलाकों में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी मीटिंग में आने की संभावना है। क्योंकि अब इलेक्शन के लिए कुछ ही समय शेष रह गया है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि तुरंत इलाके में निवेश को बढाया जाए।  

टॉप पर कब्जा मजबूत करने उतरेगी पंजाब किंग्स, वापसी की तलाश में राजस्थान रॉयल्स

चंडीगढ़  पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आज आईपीएल 2026 का 40वां मुकाबला खेला जाना है। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच की शुरुआत शाम साढ़े 7 बजे से होगी। इस मुकाबले को जीतकर पीबीकेएस प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगी। पंजाब किंग्स इस सीजन की सबसे बेहतरीन टीम है। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की अपनी काबिलियत और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने शुरुआती 7 मैचों में से 6 में जीत हासिल की है, जबकि एक मैच बारिश के चलते बेनतीजा रहा था। इसके विपरीत राजस्थान रॉयल्स को अपनी लय बनाए रखने में काफी संघर्ष करना पड़ा है, लगातार खराब प्रदर्शन के कारण वे प्वाइंट्स टेबल में नीचे खिसक गए हैं। शुरुआथ 4 मैचों में 4 जीत हासिल करने के बाद टीम को अगले 4 मैचों में सिर्फ एक जीत मिली है। वैभव सूर्यवंशी के 36 गेंदों में शतक के बाद भी टीम पिछले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद से हार गई। राजस्थान रॉयल्स के अभियान को मिडल ओवर्स में अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहने के कारण काफी नुकसान हुआ है। वे अक्सर अपनी मजबूत शुरुआत को मैच जिताने वाले स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं। पंजाब किंग्स की बैटिंग का जवाब नहीं पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने सामूहिक रूप से शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर बैटिंग ऑर्डर के ऊपरी क्रम में, जहां उनके ओपनर्स ने पावरप्ले के दौरान बार-बार आक्रामक शुरुआत करते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बना दिया है। दिल्ली के खिलाफ पिछले मुकाबले में टीम ने 265 रनों का लक्ष्य हासिल करके मैच जीता था। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 30 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरआर का पलड़ा भारी रहा है। रॉयल्स ने अब तक 17 मुकाबले अपने नाम किए हैं, जबकि किंग्स 13 मैच जीत चुकी है। इस प्रकार हैं दोनों टीमें पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, कूपर कोनोली, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, मार्को जानसेन, अजमतुल्लाह उमरजई, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, विष्णु विनोद, जेवियर बार्टलेट, यश ठाकुर, मिशेल ओवेन, हरनूर सिंह, मुशीर खान, पायला अविनाश, लॉकी फर्ग्यूसन, बेन ड्वारशुइस, प्रवीण दुबे और विशाल निषाद। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, रवि बिश्नोई, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, संदीप शर्मा, शुभम दुबे, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युद्धवीर सिंह चरक, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, यश राज पुंजा, अमन राव पेराला।  

US-ईरान वार्ता में अड़चन, शेयर बाजार में सुस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी कमजोर

मुंबई  शेयर मार्केट (Share Market) में मंगलवार को सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर से लेकर होर्मुज स्ट्रेट खोलने तक पर बात अटकी है और इसे लेकर सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) भी कन्फ्यूज नजर आए हैं. विदेशी शेयर बाजारों से मिले निगेटिव सिग्नल ने भी भारतीय स्टॉक मार्केट पर दबाव बढ़ाया है. इन सबके बीच दोनों इंडेक्स कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करते दिखे।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही पहले 200 अंक से ज्यादा फिसल गया, फिर अचानक ग्रीन जोन में ट्रेड करता नजर आया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स भी सेंसेक्स की तरह ही ओपनिंग के साथ फिसला और फिर अचानक ग्रीन जोन में आ गया. इस सुस्ती के बीच SBI, IndiGo, Adani Power जैसे शेयर धड़ाम दिखाई दिए।  ऐसी रही सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत के साथ बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 77,303.63 की तुलना में गिरावट के साथ 77,094 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर अचानक फिसलकर 76,973.54 के लेवल पर आ गया. कुछ देर गिरावट में कारोबार करने के बाद इसने ग्रीन जोन में छलांग लगाई और BSE Sensex 77,335 पर ट्रेड करता दिखा और फिर अगले ही पल टूट भी गया।  NSE Nifty की चाल पर नजर डालें, तो ये भी सेंसेक्स की तरह ही बदली-बदली नजर आई. अपने सोमवार के बंद 24,092 की तुलना में ये इंडेक्स फिसलकर 24,049 पर खुला था और फिर मिनटों में ये फिसलकर 23,999 के लेवल पर आ गया. हालांकि, 24 हजार के नीचे फिसलने के बाद अचानक ये मामूली रिकवरी लिए हुए भी दिखाई दिया।  गिरावट में कारोबार कर रहे ये शेयर  शेयर बाजार में सुस्ती के बीच Eternal, IndiGo, SBI जैसे लार्जकैप स्टॉक गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. वहीं मिडकैप में शामिल Phoenix, TIIndia, Laurus Labs और IDFC First Bank जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली. बीएसई की स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों पर नजर दौड़ाएं, तो KIMS Share, Wockpharma Share, APAR India Share के साथ ही FSL Stock फिसले हुए नजर आए।  इन कारणों से बाजार पर दबाव शेयर बाजार पर दबाव के प्रमुख कारणों की बात करें, तो अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर सेंसेक्स-निफ्टी पर भी है. दोनों देशों के बीच न तो सीजफायर को लेकर और न ही होर्मुज खोलने को लेकर कोई सहमति बन पा रही है. Hormuz Strait को लेकर ईरान का प्रपोजल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रास नहीं आ रहा है, दूसरी ओर क्रूड की कीमतों में उछाल ने टेंशन बढ़ाने का काम किया है। 

आरसीबी की धमाकेदार जीत, दिल्ली को 9 विकेट से हराकर भुवी-हेजलवुड ने बरपाया कहर

नई दिल्ली नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में धूल भरी आंधी आने से पहले ही, जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार ने नई गेंद से कहर बरपाते हुए दिल्ली कैपिटल्स को धूल चटा दी। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने चार विकेट लिए, वहीं भुवनेश्वर कुमार, जो उम्र के साथ और भी निखरते जा रहे हैं, ने साबित कर दिया कि वे आज भी क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ नई गेंद गेंदबाजों में से एक क्यों हैं। उनके तीन विकेटों के शानदार प्रदर्शन ने दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजी क्रम को संभलने से पहले ही ध्वस्त कर दिया। विज्ञापन दो दिन पहले ही 264 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बावजूद (और फिर भी हार जाने के बावजूद), दिल्ली कैपिटल्स मात्र 75 रनों पर सिमट गई, जो शनिवार को अकेले केएल राहुल द्वारा बनाए गए स्कोर का आधा था। यह आईपीएल इतिहास का 12वां सबसे कम स्कोर और दिल्ली फ्रेंचाइजी के लिए तीसरा सबसे कम स्कोर था। आरसीबी को 77 रनों के लक्ष्य का पीछा करने के लिए महज 6.3 ओवरों की जरूरत थी। विराट कोहली ने दो गगनचुंबी छक्कों से दिल्ली के प्रशंसकों का भरपूर मनोरंजन किया, जिनमें से एक छक्के ने आरसीबी को अब तक की सबसे शानदार जीत में से एक दिलाते हुए जीत की दहलीज तक पहुंचाया। जैकब बेथेल ने 10 गेंदों में 20 रन बनाकर तूफानी पारी की शुरुआत की, जबकि दिल्ली के नए गेंदबाज काइल जैमीसन और दुशमंथा चमीरा आरसीबी के गेंदबाजों जैसी आक्रामक बल्लेबाजी करने में नाकाम रहे। मध्यावधि विराम के दौरान पिच थोड़ी नरम पड़ गई थी, ऐसे में लक्ष्य का पीछा करना एक औपचारिकता मात्र था; पिच के और अधिक करतब दिखाने से पहले ही मैच खत्म हो गया। कोटला में सत्ता संघर्ष के कारण दंगा हुआ 13 रन पर 6 विकेट गिरने के साथ, जो टूर्नामेंट के इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर था, कैपिटल्स पर आरसीबी के आईपीएल के सबसे कम स्कोर के कुख्यात रिकॉर्ड को तोड़ने का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इम्पैक्ट प्लेयर अभिषेक पोरेल की जुझारू 30 रनों की पारी (33 गेंदों में) की बदौलत ही यह आपदा बाल-बाल टल पाई। फिर भी, 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑल आउट होना निराशाजनक था। पूरी पारी के दौरान, जब दिल्ली के बल्लेबाज लगातार पवेलियन लौटते-पहुंचते रहे, तो खचाखच भरे कोटला स्टेडियम में मौजूद दर्शक अपने स्थानीय हीरो 'कोहली, कोहली' का नाम लेकर सुकून पा रहे थे। यह मैदान पर चल रहे खेल के विनाशकारी माहौल से खुद को अलग रखने का एक तरीका था। 48 घंटों में पिच में इतना बड़ा बदलाव कैसे आ सकता है? यह कोई रहस्य नहीं था। पिच में थोड़ी सी गर्माहट तो थी ही, लेकिन मुख्य कारण पिच का सूखा होना था, जिससे अनुशासित बल्लेबाजों को काफी मदद मिल रही थी। हेज़लवुड और भुवनेश्वर की शानदार बल्लेबाजी दिल्ली की टीम के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुई, जो 264 रनों की अपनी बड़ी जीत के बाद कुछ सुस्ती से जूझ रही थी। वे एक और रनों की बौछार की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन उन्हें एक तूफान का सामना करना पड़ा। हालांकि गेंदबाजी शानदार थी, लेकिन कैपिटल्स का शॉट चयन खराब था; कई बल्लेबाज शनिवार को जो हुआ था, उसकी भरपाई के लिए "जोरदार बल्लेबाजी" करने की मानसिकता में फंसे हुए प्रतीत हुए – पंजाब किंग्स ने मात्र 18.5 ओवरों में 265 रनों का पीछा किया था। पिच में बदलाव कैसे हुआ? सलामी जोड़ी द्वारा हासिल की गई जबरदस्त स्विंग के सामने दिल्ली के बल्लेबाज पूरी तरह से हैरान रह गए। यहां तक ​​कि भुवनेश्वर, जिन्होंने अब 14 विकेट लेकर पर्पल कैप हासिल कर ली है, ने भी परिस्थितियों को देखकर आश्चर्यचकित होने की बात स्वीकार की। "मैं वाकई हैरान था, खासकर पिछले मैच में विकेट की स्थिति को देखते हुए, जिसमें दोनों पारियों में 250 से अधिक रन बने थे। गेंद का इस तरह स्विंग होना अप्रत्याशित था, और हम जानते थे कि हमें स्टंप्स पर आक्रमण करके और विकेट लेकर इसका पूरा फायदा उठाना होगा," भुवनेश्वर ने मध्यांतर के दौरान कहा। भुवी-हेज़लवुड मास्टरक्लास शाम की पहली ही गेंद ने मैच का मिजाज तय कर दिया। अपने आईपीएल करियर की पहली गेंद का सामना करते हुए, महाराष्ट्र के 18 वर्षीय युवा खिलाड़ी साहिल पारिख, जो पथुम निस्संका की जगह बल्लेबाजी करने आए थे, एक सनसनीखेज इनस्विंगिंग यॉर्कर पर बोल्ड हो गए। यह ऐसी गेंद थी जो किसी अनुभवी गेंदबाज को भी आउट कर सकती थी, एक नवोदित खिलाड़ी के लिए तो यह और भी मुश्किल था, खासकर तब जब वह किसी माहिर गेंदबाज का सामना कर रहा हो। विज्ञापन उस गेंद की आक्रामकता ने दिल्ली के ड्रेसिंग रूम में कंपकंपी पैदा कर दी। अगले ओवर में हेज़लवुड को सफलता की उम्मीद जगी। उन्होंने शानदार फॉर्म में चल रहे केएल राहुल को आउट करने के लिए एक तेज़ बाउंसर फेंकी। अतिरिक्त उछाल के कारण राहुल घबरा गए और पुल शॉट खेलने की कोशिश में बल्ले का ऊपरी किनारा लग गया। सीज़न की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन के बाद से फॉर्म की तलाश में जूझ रहे समीर रिज़वी अपनी पहली ही गेंद पर लपकने की कोशिश में लपक बैठे। हेज़लवुड ने अपनी लगातार तेज़ फुल लेंथ क्रॉस सीमर गेंद से राहुल का किनारा लिया और गेंद विकेटकीपर के दस्तानों में जा गिरी। हेज़लवुड हैट्रिक के करीब थे, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स ने शुरुआती झटके को झेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को रिकॉर्ड बनाने से रोक दिया। हालांकि, स्टब्स की राहत ज्यादा देर तक नहीं टिकी। भुवनेश्वर ने गेंद की स्विंग का फायदा उठाते हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज को एक शानदार आउटस्विंगर से परेशान किया। स्टब्स ने अपने हाथों को शरीर से काफी दूर रखकर खेला और इसका खामियाजा भुगतना पड़ा, क्योंकि गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर के हाथों में चली गई। कप्तान अक्षर पटेल छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और स्थानीय समर्थक उनसे उम्मीद लगाए बैठे थे कि वे उनकी पारी को बचा लेंगे। भुवनेश्वर की गेंदबाज़ी के सामने अक्षर पटेल पूरी तरह से बेबस नज़र आ रहे थे, जो गेंद को दोनों तरफ उछाल रहे थे। एक गेंद को जल्दबाजी में छोड़ने के बाद, अक्षर पटेल एक इनस्विंगर गेंद पर आउट हो गए जो विकेट को छूकर निकल गई, हालांकि चमत्कारिक रूप से … Read more

गोल के बाद पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ किया सेलिब्रेशन, फुटबॉल मैदान से खास तस्वीरें

गंगटोक पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर थम गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार थमने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सिक्किम पहुंच चुके हैं. दो दिन के दौरे पर सिक्किम पहुंचे पीएम मोदी मंगलवार की सुबह-सुबह गंगटोक में युवाओं के बीच नजर आए।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फुटबॉल के मैदान में भी उतरे और युवाओं के साथ फुटबॉल भी खेला. फुटबॉल मैदान की तस्वीरें शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सिक्किम में अपने युवा मित्रों के साथ गंगटोक की सुहानी सुबह में फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन तस्वीरों में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते नजर आ रहे हैं।  पीएम मोदी के युवाओं के बीच पहुंच फुटबॉल खेलने और इसकी तस्वीरें शेयर करने को पश्चिम बंगाल साधने की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है. दरअसल, सिक्किम के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी फुटबॉल बहुत ही लोकप्रिय है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता भारत में क्लब फुटबॉल का बड़ा केंद्र है. वहीं, गांव स्तर तक फुटबॉल क्लबों का वजूद है।  पीएम मोदी के गोल पर तालियां बजाते खिलाड़ी पश्चिम बंगाल में फुटबॉल किस कदर लोकप्रिय है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फुटबॉल विश्वकप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समय सड़कों पर ट्रैफिक मानों थम सा जाता है. चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रधानमंत्री मोदी फुटबॉल के मैदान में उतरे, गोल कर सेलिब्रेट करते नजर आए और इसकी तस्वीरें शेयर कीं, तो इसे फुटबॉल की इसी लोकप्रियता को कैश कराने के लिए संकेत की राजनीति की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।  गौरतलब है कि पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सिक्किम दौरे के पहले दिन सोमवार को गंगटोक में मेगा रोड शो किया. पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए बड़ी तादाद में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग सड़क पर दोनों तरफ खड़े नजर आए. पीए्म मोदी सिक्किम के भारत में विलय के 51 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और करीब चार हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की बैठकें शुरू, सैलरी पर नए प्रस्ताव पर चर्चा

 नई दिल्‍ली देश के 45 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. आठवें वेतन आयोग के तहत रिपोर्ट तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है, आयोग ने अब जमीनी स्‍तर पर काम शुरू कर दिया है, जो अलग-अलग राज्‍यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशन से मुलाकात कर रहा है, ताकि 8वें वेतन आयोग के तहत उनकी मांगों और प्रस्‍तावों पर अच्‍छे से चर्चा कर सके।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आठवें वेतन आयोग ने अपनी पहली आमने-सामने की बैठक उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों के साथ शुक्रवार को पूरा किया. इसके बाद आयोग 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में बड़ी बैठक करेगा. साथ ही मई महीने में आयोग की टीम पुणे और महाराष्‍ट्र के अन्‍य ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर उनका फीडबैक लेगी।  फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर क्‍या है मांग? 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के सामने कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर बड़ी मांग रखी है. फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आ सकता है।  5 यूनिट की फैमिली  एक बदलाव 5 यूनिट फैमिली को लेकर है, क्‍योंकि अभी तक 3 यूनिट की फैमिली मानकर भत्ता तय किया जाता है. लेकिन अब यूनियन की मांग 5 यूनिट की फैमिली मानकर किया जा रहा है. इसके साथ ही महंगाई भत्ता का कैलकुलेशन 12 महीने के एवरेज को आधार बनाने का प्रस्‍ताव दिया गया है. इसके अलावा, कुछ स्‍केल पे को आपस में मिलाने का भी प्रस्‍ताव है।  बेसिक सैलरी को लेकर क्‍या है मांग?  वेतन आयोग सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य सेवा शर्तों की भी समीक्षा कर रहा है. कर्मचारी आयोग का कहना है कि इन भत्तों में भी सुधार की आवश्‍यकता है. इसके साथ ही बेसिक पे को भी बढ़ाने का प्रस्‍ताव रखा गया है. आयोग ने मिनिमम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्‍ताव दिया गया है।  कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?  जनवरी 2025 में सरकार ने आयोग का गठन किया था, जिसे 18 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करनी हैं. अभी 30 अप्रैल तक फीडबैक के लिए विंडो खुला हुआ है. इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, फिर फिटमेंट फैक्‍टर पर फैसला लिया जाएगा। 

राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस का दिग्गज नेता को मौका देने पर बढ़ी चर्चा

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजनीति में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है। आंकड़ों के हिसाब से यह सीट कांग्रेस के लिए सुरक्षित मानी जा रही थी, लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों और संभावित क्रॉस वोटिंग के खतरे ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि अब इस सीट पर किसी बड़े और भरोसेमंद चेहरे को उतारने की रणनीति पर गंभीर मंथन चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में तेजी से उभरा है। पार्टी हाईकमान को यह समझ आ रहा है कि अगर कमलनाथ मैदान में उतरते हैं, तो किसी भी विधायक के लिए क्रॉस वोटिंग करना आसान नहीं होगा। उनकी पकड़ संगठन और विधायकों दोनों पर मजबूत मानी जाती है, जिससे तीसरी सीट कांग्रेस के खाते में सुरक्षित जा सकती है। हालांकि, राहुल गांधी की पहली पसंद मीनाक्षी नटराजन को बताया जा रहा है। वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और पार्टी के भीतर उनकी मजबूत स्वीकार्यता है। वहीं, दिग्विजय सिंह पीसी शर्मा के नाम पर जोर दे रहे हैं, जबकि सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल और बाला बच्चन जैसे नाम भी चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल, मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। दो सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन तीसरी सीट के लिए 58 वोटों की जरूरत है। कांग्रेस के पास तकनीकी रूप से 66 विधायक हैं, लेकिन कुछ विधायकों की वोटिंग को लेकर संशय और कुछ संभावित समीकरणों ने यह संख्या प्रभावी रूप से कम कर दी है। ऐसे में पार्टी किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। हरियाणा में हुई क्रॉस वोटिंग जैसी घटनाएं भी कांग्रेस नेतृत्व के लिए चेतावनी बनी हुई हैं। इसी वजह से दिल्ली दरबार इस बार पूरी सावधानी से फैसला लेना चाहता है। यदि भाजपा आदिवासी कार्ड खेलती है, तो बाला बच्चन जैसे नाम भी अचानक मजबूत हो सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी भी इस चुनाव को प्रभावित कर सकती है। जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह के अलग-अलग समीकरणों के बीच कमलनाथ ही एक ऐसे नेता माने जा रहे हैं, जिन पर सभी पक्ष सहमति बना सकते हैं। अब सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है। फैसला चाहे मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में जाए या कमलनाथ के नाम पर मुहर लगे, इतना तय है कि राज्यसभा की यह तीसरी सीट कांग्रेस के लिए सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि संगठनात्मक ताकत और राजनीतिक प्रतिष्ठा की बड़ी परीक्षा बन चुकी है।

मैथिली ठाकुर का पप्पू यादव पर गुस्सा: ‘उसे कभी माफ नहीं कर पाऊंगी’

पटना  बिहार की राजनीति में महिलाओं के सम्मान को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं की राजनीति को लेकर दी गई अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को गया सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अलीनगर विधायक ने पप्पू यादव के बयान को घिनौना करार देते हुए कहा कि इस कृत्य के लिए वह उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में महिलाओं के संघर्ष को बिस्तर जैसे शब्दों से तौलना पूरी नारी जाति का अपमान है। "पप्पू यादव के अपने घर में भी महिला नेत्री हैं" विधायक मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव को उनके परिवार की याद दिलाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पप्पू यादव जी को यह शोभा नहीं देता, क्योंकि उनके अपने परिवार में भी महिला राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनकी पत्नी रंजीत रंजन सांसद हैं। फिर भी उन्होंने ऐसा बयान देकर करोड़ों महिलाओं की अस्मिता को ठेस पहुंचाई है।" मैथिली ठाकुर ने सवाल किया कि क्या वह अपनी पार्टी और परिवार की महिलाओं के बारे में भी यही राय रखते हैं? उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे समाज के नैतिक मूल्यों पर चोट है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर हुई भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर भावुक भी हुईं। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा, "मेरे पिता ने मुझे पूरी समझदारी और भरोसे के साथ राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। हर परिवार अपनी परंपराओं और मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है। आज की महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर पंचायत से लेकर संसद तक पहुँच रही हैं, लेकिन पप्पू यादव जैसे नेता उनकी सफलता को 'नेताओं के बिस्तर' से जोड़कर उनकी मेहनत पर पानी फेरना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, हालांकि यह कृत्य माफी के लायक भी नहीं है। विधायक मैथिली ठाकुर ने केवल विवाद पर ही नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल खोखले नारों के पीछे नहीं भागता, बल्कि वह धरातल पर होने वाले कार्यों को देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति' को जो सम्मान मिला है, उसे ऐसे विवादित बयानों से धूमिल नहीं किया जा सकता।