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स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: हरियाणा के भिवानी और पलवल में नए PHC खोलने की तैयारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने की मंजूरी दी है। इनमें एक पीएचसी पलवल जिला के गांव अमरपुर में और दूसरी पीएचसी भिवानी जिला के गांव सूई तथा खोली जाएगी। पलवल जिला के गांव अमरपुर में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 439.33 लाख रुपए और भिवानी जिला के गांव सूई में खुलने वाली पीएचसी के निर्माण पर 466.35 लाख रुपए खर्च होंगे। सिविल सर्जन डॉ. सतेन्द्र वशिष्ठ ने बताया कि हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने पलवल जिला के गांव अमरपुर में प्राथमिकता चिकित्सा केंद्र के लिए नई बिल्डिंग बनाने को मंजूरी प्रदान की गई है। यह नई बिल्डिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक ही दो एकड़ भूमि में बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की नई बिल्डिंग तैयार होने बाद न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की नए बिल्डिंग के लिए सरकार ने बजट को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद करते है। नई बिल्डिंग में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होगी।

6 गायों से शुरू हुआ डेयरी का सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे सफलता की इबारत

रायपुर दंतेवाड़ा जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हो रही अभूतपूर्व वृद्धि बस्तर संभाग में एक नई 'श्वेत क्रांति' का संकेत दे रही है। कभी संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि यह पहल स्थानीय स्तर पर कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है। मजदूरी से 'मल्टी-फार्मिंग' तक का प्रेरणादायक सफर दंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड के ग्राम गुमड़ा के रहने वाले 36 वर्षीय ललित यादव की कहानी अटूट साहस और संघर्ष की मिसाल है। एक समय था जब ललित अपनी आजीविका के लिए दूसरों के खेतों और निर्माण कार्यों में मजदूरी करने को विवश थे। वर्ष 2013 में उन्होंने महज 6 गायों के साथ पशुपालन की शुरुआत की। आज उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उनके पास 25 गायों का एक विशाल और आधुनिक डेयरी फार्म है। तकनीक और आधुनिक नस्लों से आया बड़ा बदलाव ललित की सफलता का मुख्य आधार पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश है: •    उन्नत नस्लें: पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने जर्सी और एचएफ (HF) क्रॉस जैसी उन्नत नस्लों को अपनाया। •    उत्पादन: वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 70 से 80 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो ₹70 प्रति लीटर की दर से बाजार में बिक रहा है। •    लागत में कमी: चारे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती शुरू की, जिससे पशुओं को साल भर पौष्टिक चारा उपलब्ध रहता है और बाहरी खर्चों में भारी कटौती हुई है। 'मल्टी-फार्मिंग' मॉडल: आय के विविध स्रोत ललित ने केवल डेयरी तक सीमित न रहकर 'मल्टी-फार्मिंग' का एक सफल मॉडल तैयार किया है: •    विविधता: डेयरी के साथ-साथ वे कुक्कुट (मुर्गी) पालन और सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित नकद आय प्राप्त होती है। •    मूल्य संवर्धन (Value Addition): दूध की अधिकता होने पर वे उच्च गुणवत्ता वाला पनीर तैयार करते हैं, जो 400 प्रति किलो की दर से हाथों-हाथ बिक जाता है। •    जैविक खाद: उनके फार्म के गोबर की इतनी मांग है कि अन्य जिलों के किसान 3000 से 3500 प्रति ट्रैक्टर की दर से जैविक खाद खरीदने उनके घर तक पहुँचते हैं। शासन की योजनाओं और पारिवारिक संस्कारों का संगम ललित की इस प्रगति में शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने डेयरी शेड और फेंसिंग के लिए लिए गए 3 लाख के बैंक ऋण को समय से पूर्व चुकाकर अपनी विश्वसनीयता और व्यावसायिक कुशलता का परिचय दिया है। ललित अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ के संघर्षों और संस्कारों को देते हैं। उनकी माँ ने एक आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में विपरीत परिस्थितियों में उन्हें शिक्षा दिलाई। आज ललित न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक 'प्रेरक प्रकाश स्तंभ' बनकर उभरे हैं। उनकी कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, ईमानदारी और मेहनत से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

“धुरंधर 2 और भूत बंगला के बीच हॉलीवुड की 4 ब्लॉकबस्टर हिट्स ने इंडिया में मचाया धमाका”

धुरंधर 2 इंडियन बॉक्स ऑफिस पर ऐसी सुनामी लेकर आई थी कि बॉलीवुड से साउथ तक, कई फिल्में इसका शिकार हो गईं. कई मेकर्स ने तो धुरंधर 2 की शुरुआत देखते ही, इसके अगले हफ्तों में आने वाली अपनी फिल्में टाल दीं. लेकिन जहां धुरंधर 2 के सामने इंडियन फिल्मों को डर लग रहा था, वहीं हॉलीवुड ने इसके धमाके के बीच चुपचाप तीन हिट फिल्में बटोर डालीं. धुरंधर 2 थोड़ी हल्की पड़ी तो अक्षय कुमार की भूत बंगला ने बॉक्स ऑफिस पर गदर काटना शुरू कर दिया. लेकिन फिर भी हॉलीवुड फिल्में इंडिया में दमदार ऑडियंस जुटा रही हैं और बैक टू बैक चौथी हिट डिलिवर करने जा रही हैं. इंडियन जनता को फिर से हुआ हॉलीवुड से प्यार हॉलीवुड फिल्मों को नई सदी से ही इंडिया में खूब ऑडियंस मिलती रही है. लेकिन पहले इंडियन जनता हॉलीवुड की मिशन इम्पॉसिबल, मार्वल-डीसी की सुपरहीरो फिल्में, अवतार या दूसरी बड़ी फ्रेंचाईजी फिल्मों की तरफ ही ज्यादा जाती थी. हॉलीवुड में बनीं एनिमेटेड फिल्में भी इंडियन जनता की फेवरेट रही हैं. मगर लॉकडाउन के बाद ट्रेंड बदला है और देसी जनता को हॉलीवुड की नॉन-फ्रेंचाईजी, ऑरिजिनल कहानियां भी खूब पसंद आ रही हैं. दर्शकों के इस हॉलीवुड प्रेम का कमाल ये है कि धुरंधर 2 और भूत बंगला जैसी बड़ी हिंदी फिल्मों के बीच, हॉलीवुड की चौथी फिल्म इंडिया में हिट होने जा रही है. इसकी एक बड़ी वजह इंडिया में हॉलीवुड फिल्मों का रिलीज प्लान भी है. हॉलीवुड फिल्में ज्यादा स्क्रीन काउन्ट के लिए इंडियन फिल्मों से होड़ करने के चक्कर में नहीं पड़ रहीं. मेकर्स इन्हें, अर्बन लोकेशंस पर उन थिएटर्स में रिलीज करने पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं जहां हॉलीवुड फिल्मों को अच्छी ऑडियंस मिलती रही है. लिमिटेड स्क्रीन्स पर इंडिया में रिलीज हो रहीं ये फिल्में अपने स्क्रीन काउन्ट के हिसाब से, बड़ी इंडियन फिल्मों के सामने भी जमकर दर्शक जुटा रही हैं. धुरंधर 2 के बाद आईं हॉलीवुड की 4 हिट्स हॉलीवुड की बड़ी साइंस फिक्शन रिलीज प्रोजेक्ट हेल मैरी, अपनी ग्लोबल रिलीज डेट 19 मार्च को ही इंडिया में रिलीज होने वाली थी. मगर धुरंधर 2 जैसी बड़ी इंडियन फिल्म के सामने स्क्रीन्स की लड़ाई मुश्किल थी, इसलिए मेकर्स ने इसे एक हफ्ते बाद 27 मार्च को रिलीज किया. धुरंधर 2 के सामने आई प्रोजेक्ट हेल मैरी को पूरे रन में 1700 से ज्यादा शोज नहीं मिले. तुलना के लिए बता दें कि धुरंधर 2 के उस समय रोज 19 हजार से ज्यादा शोज थे. भूत बंगला रिलीज होने के बाद तो इस फिल्म के डेली 700 से कम शोज ही चल रहे हैं. इतने कम शोज के साथ प्रोजेक्ट हेल मैरी 33 दिन में करीब 70 करोड़ नेट कलेक्शन के साथ इंडिया में ब्लॉकबस्टर हो चुकी है. धुरंधर 2 के शानदार परफॉरमेंस के बीच ही, द सुपर मारियो गैलक्सी मूवी (The Super Mario Galaxy Movie) 3 अप्रैल को इंडिया में रिलीज हुई. थिएटर्स में अपना चौथा हफ्ता बिता रही इस फिल्म के डेली शोज, पिछले दो हफ्तों में 200 से भी कम बचे हैं. पहले हफ्ते में इसके शोज 1700 के आसपास थे और दूसरे हफ्ते में 700 से भी कम रहे. लिमिटेड शोज से अब तक 25 दिनों में द सुपर मारियो गैलक्सी करीब 9 करोड़ कलेक्शन करके इंडिया में सक्सेस स्टोरी लिख चुकी है. भूत बंगला के सामने भी डटी हैं हॉलीवुड फिल्में 17 अप्रैल को अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी फिल्म भूत बंगला के साथ ही, हॉलीवुड की हॉरर फिल्म द ममी भी रिलीज हुई थी. पहले वीकेंड में 1200-1300 शोज के साथ आई द ममी के शोज पहले मंडे से ही कम होते चले गए. दूसरे वीकेंड में इसे 500 से भी कम शोज मिले. मगर 11 दिन में करीब 22 करोड़ नेट कलेक्शन कर चुकी द ममी, इंडिया में बड़ी हिट साबित हुई है. बीते शुक्रवार हॉलीवुड से माइकल जैक्सन की बायोपिक, माइकल ने आते ही इंडिया में धमाका कर दिया. कमाल ये है कि इंडिया में भी ये फिल्म सिर्फ इंग्लिश में रिलीज हुई है, बिना हिंदी या किसी भाषा में डबिंग किए. इंडिया में 3000 के करीब शोज के साथ रिलीज हुई माइकल ने 4 दिन में करीब 19 करोड़ नेट कलेक्शन कर लिया है. हफ्ते में ही करीब 30 करोड़ कलेक्शन के साथ माइकल, इंडिया में ब्लॉकबस्टर बनने जा रही है. धुरंधर 2 के बाद इंडिया में रिलीज हुईं इन फिल्मों में से प्रोजेक्ट हेल मैरी और माइकल नॉन फ्रेंचाईजी, ऑरिजिनल फिल्में हैं. दो हफ्ते पहले रिलीज हुई द ममी, 90s में आई द ममी फ्रेंचाईजी की कहानी को नई इमेजिनेशन के साथ, मॉडर्न टेक्निक के साथ बिना स्पेशल इफ़ेक्ट्स के लेकर आई है. केवल द सुपर मारियो गैलक्सी ही एक सीक्वल फिल्म है. लेकिन पॉपुलर गेम पर बेस्ड इस फिल्म को भी जनता का प्यार मिलना बताता है कि इंडियन ऑडियंस की रेंज कितनी तगड़ी है. धुरंधर 2 और भूत बंगला जैसी धमाकेदार हिट्स के सामने, 4 हॉलीवुड फिल्मों का कामयाब हो जाना ये दिखाता है कि भारतीय दर्शकों का सिनेमाई हाजमा बहुत तगड़ा हो चुका है. जरूरत है तो बस दमदार नई कहानियों की. वो हिंदी से आएं, साउथ से या फिर हॉलीवुड से.

पंजाब में सियासी हलचल तेज, AAP विधायकों को लेकर पार्टी अलर्ट मोड में

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों द्वारा बीजेपी में जाने के बाद पार्टी में हलचल तेज है। इन सात में से 6 सांसद पंजाब से थे, जबकि एक दिल्ली से थी। पार्टी से सातों सांसद के बागी होने पर पंजाब में पार्टी की टूट रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया एक्टिव हो गए है। उन्होंने बुधवार को सभी विधायकों को जालंधर बुलाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान सीएम भगवंत मान और मनीष सिसोदिया सभी विधायकों के साथ बातचीत करेंगे। एजेंडा नहीं हुआ सार्वजनिक हालांकि आम आदमी पार्टी द्वारा यह बैठक क्यों बुलाई गई है, इसका एजेंडा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों द्वारा बीजेपी में विलय होने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। 65 AAP विधायक मारेंगे पलटी- कांग्रेस राघव चड्ढा समेत 4 सांसदों द्वारा बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी के करीब 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी कहा था कि भगवंत मान भी एकनाथ शिंदे की तरह हो सकते है। पंजाब में AAP को लगा झटका पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों का दूसरी पार्टी में जाना अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इन सात में से 6 सांसद उच्च सदन में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे। वहीं राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने 2022 में प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इतने बड़े स्तर पर सांसदों का पार्टी छोड़ना किसी भी दल के लिए गंभीर चुनौती होती है। इससे यह संदेश जाता है कि पार्टी के अंदर समन्वय और संवाद की कमी है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर AAP पर तीखा हमला बोला और इसे पार्टी के टूटने की शुरुआत बताया। AAP ने बताई साजिश दूसरी ओर, AAP नेतृत्व ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि उनके नेताओं पर दबाव बनाया गया। पार्टी ने अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।

वियना में गिरफ्तार युवक पर IS से संबंध और विस्फोटक बनाने की कोशिश के आरोप

2024 में ऑस्ट्रिया की राजधानी में टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट में जिहादी हमले की योजना बनाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। 21 साल के ऑस्ट्रियाई युवक को 2024 में सीआईए से मिली सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। युवक पर वियना के दक्षिण में स्थित एक अदालत में मुकदमा चल रहा है। केवल बेरान ए नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक को आज हथकड़ियों में वियना न्यूस्टाड्ट स्थित अदालत में पेश किया गया, जहां उस पर आतंकवाद और अन्य अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। कई अन्य हमलों की योजना का भी था आरोप बेरान ए पर एक अन्य 21 साल के युवक अर्दा के के साथ मुकदमा चलाया गया, जिस पर उसके साथ इस्लामिक स्टेट के एक गुट का हिस्सा होने का आरोप है। उन पर मक्का, इस्तांबुल और दुबई में अन्य हमलों की योजना बनाने का आरोप है। इस आशंका और युवक की गिरफ्तारी के बाद वियना के अर्न्स्ट हैप्पल स्टेडियम में टेलर स्विफ्ट के तीनों हाउसफुल शो रद्द कर दिए गए थे। कुल मिलाकर 195,000 से अधिक लोगों के आने की उम्मीद थी। हजारों निराश प्रशंसक वियना की सड़कों पर घूमते हुए, गीत गाते हुए और टेलर स्विफ्ट-थीम वाले फ्रेंडशिप ब्रेसलेट का आदान-प्रदान करते हुए नजर आए थे। बनाने और आतंकी संगठनों से संबंध होने का आरोप मुकदमे की सुनवाई से पहले बेरान ए की वकील अन्ना मेयर ने कहा कि वो आंशिक रूप से दोषी स्वीकार करेगा। वियना के आयोजकों ने उस पर एक आतंकवादी संगठन का सदस्य होने और टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट पर हमले की तैयारी और योजना बनाने का आरोप लगाया है। उस पर जिहादी समूह इस्लामिक स्टेट के प्रति वफादार होने और उसके लिए ऑनलाइन प्रचार करने साथ ही विस्फोटक बनाने और अवैध रूप से हथियार खरीदने का प्रयास करने का भी आरोप है। बेरान ए पर ट्राईएसीटोन ट्राईपेरोक्साइड (टीएटीपी) नामक विस्फोटक का इस्तेमाल करके छर्रे वाला बम बनाने के तरीके के बारे में इंटरनेट पर जानकारी जुटाने का भी शक है। बयान में कहा गया है कि इस प्रकार का छर्रे वाला बम आईएस हमलों के लिए विशिष्ट था। कॉन्सर्ट से एक दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी अभियोजकों का कहना है कि बेरान ए ने 21 जुलाई 2024 तक हमले की योजना बनाना शुरू कर दी थी। उसे पहले कॉन्सर्ट से एक दिन पहले 7 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। बेरान ए पर इस्लामिक स्टेट के अन्य सदस्यों से विस्फोटकों को संभालने की ट्रेनिंग लेने और ऑस्ट्रिया में हथियारों का आयात करने के इरादे से अवैध डीलरों के माध्यम से कई हथियार और एक हथगोला खरीदने के कई प्रयास करने के भी आरोप हैं।

विकास का नया रोडमैप: पंजाब में फिनलैंड और नीदरलैंड मॉडल लागू करने की योजना

चंडीगढ़. वैश्विक स्तर की तकनीक और नीतियों को अपनाकर पंजाब को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। हाल ही में यूरोपीय देशों के दौरे से लौटे प्रतिनिधिमंडल के अनुभवों के आधार पर सरकार अब खेती, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्रों में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस का मकसद कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर शिक्षा गुणवत्ता और राज्य में निवेश को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने मंगलवार पत्रकारों से बातचीत में बताया कि फिनलैंड और नीदरलैंड में आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को पूरी तरह बदल दिया गया है। पालीहाउस और ग्लास हाउस जैसी तकनीकों से एक स्क्वेयर मीटर में उत्पादन 5-6 किलो से बढ़कर 80-100 किलो तक पहुंच गया है, जबकि पानी की खपत बेहद कम और केमिकल का इस्तेमाल लगभग खत्म हो चुका है। सरकार अब इस मॉडल को पंजाब में भी बड़े स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है। शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड का मॉडल विशेष रूप से प्रभावी शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड का मॉडल विशेष रूप से प्रभावी पाया गया, जहां शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी टीचर ट्रेनिंग और स्कूल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जानकारी दी कि जिन विद्यार्थियों ने हाल ही में ‘जेईई मेन’ (जेईई) परीक्षा पास की है, उन्हें बुधवार को मोहाली स्थित विकास भवन में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहेंगे और छात्रों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाएंगे। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों के साथ सार्थक बातचीत हुई है। एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की अच्छी संभावनाएं बनी हैं। कुछ कंपनियों ने पंजाब में प्लांट लगाने में रुचि भी दिखाई कुछ कंपनियों ने पंजाब में प्लांट लगाने में रुचि भी दिखाई है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार तेज मंजूरी प्रक्रियाऔर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। इसके अलावा 18 मई को अगला डेलिगेशन विदेश भेजा जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। अब तक 200 से अधिक लोग ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से पंजाब में आधुनिक खेती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

रीवा से सूरत जा रही बस में आग, इंदौर-भोपाल हाईवे पर मची अफरा-तफरी

देवास मप्र के रीवा से गुजरात के सूरत जा रही यात्री बस एआर20ई2424 में भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर देवास जिले के नेवरी फाटा क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब पांच बजे अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। आग का पता चलते ही चालक ने बस को रोक दिया। जैसे ही यात्रियों को पता चला कि आग लग गई है तो अफरा-तफरी व चीख पुकार मच गई। यात्री दरवाजे की ओर भागने लगे, कई यात्री खिड़कियों से नीचे कूद गए। सूचना मिलने पर सोनकच्छ, टोंकखुर्द से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यात्री बस सोमवार रात में सूरत के लिए रवाना हुई थी, बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे। यात्री रामदास पटेल निवासी शहडोल ने बताया आग कैसे लगी, यह नहीं पता। जैसे ही पता चला हम जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। किसी को सामान निकालने का मौका नहीं मिल पाया। कुछ यात्रियों ने बताया बस में कुछ किमी पहले ही डीजल डलवाया गया था जिससे बाद डीजल लीकेज हो रहा था, आशंका है कि इससे ही आग फैली हो। बस में मप्र, उप्र, गुजरात के यात्री सवार थे। कुछ लोग प्रयागराज क्षेत्र से रीवा पहुंचे थे फिर वहां से सूरत के लिए बस में सवार हुए थे। हादसे के बाद नेवरी फाटा की ओर से देवास की ओर आने वाले मार्ग का यातायात दूसरी ओर डायवर्ट कर दिया गया था। भौंरासा में फायर ब्रिगेड नहीं होने से आग बुझाने में लगा समय … घटनास्थल के समीप भौंरासा नगर परिषद में फायर ब्रिगेड नहीं है। ऐसे में सोनकच्छ से फायर ब्रिगेड बुलवाई गई जो करीब 15 किमी से भी अधिक दूर पड़ता है। इसमें समय अधिक लग गया और आग फैलती चली गई जिससे नुकसान अधिक हुआ। हालांकि गनीमत यह रही कि इसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यात्रियों ने यह भी बताया कि बस में चढ़ने-उतरने का एक ही दरवाजा था।  

रोहित शर्मा की वापसी और रणनीतिक बदलाव के साथ MI को SRH के खिलाफ बढ़त की उम्मीद

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 41वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होगा। MI ने इस संस्करण अब तक 7 मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को 5 मैच में हार का सामना करना पड़ा है। 2 मैच में टीम ने जीत दर्ज की है। SRH ने 8 मुकाबले खेले हैं। 5 मैच में उसे जीत और 3 मुकाबलों में उसे हार मिली है। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। SRH के खिलाफ MI का पलड़ा रहा है भारी   IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच 25 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान SRH को 10 मैच में जीत मिली है। MI ने 15 मैच अपने नाम किए हैं। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 2 मुकाबले हुए थे। दोनों मैच में MI ने जीत दर्ज की थी। पहले मैच में उसे 4 विकेट और दूसरे मुकाबले में 7 विकेट से जीत मिली थी। SRH की टीम आखिरी बार MI को IPL 2024 में हरा पाई थी। रोहित शर्मा की हो सकती है प्लेइंग इलेवन में वापसी MI को पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ बड़ी हार मिली थी। ऐसे में टीम 2 बड़े बदलाव कर सकती है। विल जैक्स को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। रोहित शर्मा की भी वापसी हो सकती है। वह हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते नहीं खेल रहे थे। संभावित एकादश: रोहित शर्मा, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या (कप्तान), तिलक वर्मा, विल जैक्स, केशव महाराज, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह और अल्लाह गजनफर। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है SRH SRH को अपने अपने पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ 5 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं करना चाहेंगे। ईशान किशन ने पिछले मैच में 74 रन की पारी खेली थी। वह अपना शानदार फॉर्म इस मैच में भी जारी रखना चाहेंगे। संभावित एकादश: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, सलील अरोड़ा (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, नितीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, प्रफुल हिंगे और ईशान मलिंगा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर MI: दानिश मालेवार, शेरफेन रदरफोर्ड, मयंक रावत, ट्रेंट बोल्ट और रघु शर्मा। SRH: स्मरण रविचंद्रन, लियाम लिविंगस्टोन, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल और ट्रैविस हेड। कैसा है वानखेड़े स्टेडियम की पिच का मिजाज? वानखेड़े स्टेडियम को बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां की पिच उन्हें काफी रास आती है। यहां की सीमा रेखा अन्य स्टेडियम के मुकाबले थोड़ी छोटी है। दूसरी ओर एक गेंदबाज के नजरिये से पिच स्पिनरों को कुछ हद तक सहायता प्रदान करती है, लेकिन ज्यादा उम्मीद रखना बेमानी होगी। तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवर में मदद मिलती है, ऐसे में वह जल्दी विकेट लेना चाहेंगे। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 171 रन है। ऐसा रहेगा मुंबई का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 29 अप्रैल को मुंबई का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 28 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें तिलक ने पिछले 10 मुकाबलों में 167.33 की स्ट्राइक रेट से 251 रन बनाए हैं। क्लासेन के बल्ले से पिछले 10 मैच में 167.71 की स्ट्राइक रेट से 478 रन निकले हैं। अभिषेक ने पिछले 10 मैचों में 49.56 की औसत से 446 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में गजनफर ने पिछले 5 मैच में 8.61 की इकॉनमी से 8 विकेट चटकाए हैं। मलिंगा ने पिछले 10 मैचों में 9.32 की इकॉनमी से 19 विकेट अपने नाम किए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? MI और SRH के बीच यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में 29 अप्रैल को रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

RR vs PBKS: राजस्थान ने टॉस जीतकर पंजाब को दी बैटिंग, मैच शुरू

मुल्लापुर, न्यू चंडीगढ़  आईपीएल 2026 के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज टूर्नामेंट का 40वां मुकाबला मुल्लापुर, न्यू चंडीगढ़ के यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मेजबना पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। मैच शाम 7:30 पर शुरू होगा। 7 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर होंगे। पंजाब किंग्स अपने घर पर इस मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में अजेय रहने के सिलसिले को बरकरार रखना चाहेगी, जबकि राजस्थान रॉयल्स भी अपनी जीत की लय को हासिल करना चाहेगी । पंजाब किंग्स के हालिए श्रेयस अय्यर, प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्या और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच को जीतने के लिए बेहद आसान बना देते हैं और यही कारण है इस सीजन पंजाब किंग्स ने 7 मैचों में 6 जीत और 1 रद्द मैच के कारण 13 अंक हासिल किए हैं और टॉप पर बनी हुई। यह टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। वहीं राजस्थान रॉयल्स ने अब तक टूर्नामेंट में 8 मैच खेले हैं, जिसमें से 5 में उन्हें जीत मिली है, जबकि 3 मुकाबलों में यह टीम हार के साथ 10 अंकों के साथ पॉइंटस टेबल पर चौथे स्थान पर है। इस टीम के लिए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल बेहतर फॉर्म में हैं, जबकि ध्रुव जुरैल ने भी अब तक बेहतर प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर आग उगल रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स संभावित प्लेइंग 12: वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, बृजेश शर्मा। पंजाब किंग्संस संभावित प्लेइंग 12: प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्य, कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर, नेहाल वढेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, जेवियर बार्टलेट, मार्को जानसेन, विजयकुमार वैशाख, युजवेंद्र चहल।

मनमानी पर लगाम: निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर कार्रवाई, किताबों के व्यापार पर भी रोक

खैरागढ़. निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी पर आखिरकार प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रही फीस वृद्धि और महंगी निजी किताबों के खेल पर रोक लगाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव ने सख्त आदेश जारी किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब लंबे समय से पालक वर्ग निजी स्कूलों की मनमर्जी से परेशान था और लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि जिले के सभी निजी विद्यालयों को छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय अधिनियम के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। अब बिना ठोस कारण फीस बढ़ाना आसान नहीं होगा। खास तौर पर 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को इसका पूरा हिसाब देना पड़ेगा कि क्यों बढ़ाई, किस आधार पर बढ़ाई और किस बैठक में इसकी मंजूरी मिली। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हर स्कूल की फीस समिति में नोडल प्राचार्य की भूमिका अब महज औपचारिक नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें पूरी निगरानी करनी होगी। सबसे बड़ा वार उस किताब सिंडिकेट पर किया गया है, जिसकी आड़ में सालों से अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जाती रही है। आदेश में साफ निर्देश है कि कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को केवल एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाया जाएगा। किसी भी निजी प्रकाशन की किताब थोपना अब सीधे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। वहीं 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को भी किसी खास दुकान या प्रकाशन से किताब खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई : डीईओ प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि शिकायतों को अब अनदेखा नहीं किया जाएगा। एक पारदर्शी शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पालकों की आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचे और उस पर तत्काल कार्रवाई हो सके। डीईओ मुकुल साव ने दो टूक कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को शिक्षा के नाम पर चल रहे कमाई के खेल पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। अगर आदेश जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू होता है, तो यह न सिर्फ अभिभावकों को राहत देगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता भी लाएगा।