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शिक्षकों को मिला सम्मान और सुरक्षा, यूपी की शिक्षा व्यवस्था हुई मजबूत

शिक्षकों को सम्मान-सुरक्षा का संबल, यूपी में अब सशक्त शिक्षा व्यवस्था मानदेय बढ़ोतरी, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुविधाओं से शिक्षामित्रों-अनुदेशकों को मिला नया भरोसा लखनऊ प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योगी सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सशक्तीकरण पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों से शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और संसाधनों का व्यापक संबल मिला है। इसी क्रम में सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि करते हुए क्रमशः ₹18,000 और ₹17,000 प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है, जिसे इसी माह से लागू कर दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही कार्य के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।  योगी सरकार ने निपुण भारत मिशन के तहत 1.43 लाख शिक्षामित्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण देकर उनकी में भी दक्षता वृद्धि की है। ‘आई गॉट’ प्लेटफॉर्म पर एआई सहित 4,457 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। ‘मानव संपदा पोर्टल’ के जरिए सेवा संबंधी प्रक्रियाएं भी सरल और पारदर्शी हुई हैं। शिक्षकों को आईआईटी, आईआईएम और इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का एक्सपोजर दिया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से जुड़ सकें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को हर वर्ष राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ‘अरुणोदय’ जैसे नवाचारों के जरिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और आधुनिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सशक्त शिक्षक ही मजबूत शिक्षा व्यवस्था की नींव हैं और इसी के आधार पर समृद्ध व सशक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है।

किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून देती है-मुख्यमंत्री डॉ यादव

जो कहा वो किया  मुख्यमंत्री डॉ यादव अचानक पहुंचे उज्जैन और किया उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण  किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून देती है-मुख्यमंत्री डॉ यादव गेहूं, चना ,मसूर तीनों की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जाएगा-मुख्यमंत्री डॉ यादव किसानों की उपज की तौल पारदर्शिता से हो और प्रक्रिया में कोई लापरवाही ना हो – मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  अचानक उज्जैन पहुंचकर सेवा सहकारी संस्था दताना और सुरजनवासा के ग्राम मानपुरा स्थित उपार्जन केंद्र एग्रो स्टील साइलो पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया और किसानों से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया की यथास्थिति ली। बिना पूर्व सूचना के मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का आगमन उपार्जन व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए था।            मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शिता और सुगमता से संचालित करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा गेहूं, चना ,मसूर तीनों की खरीदी लगातार की जा रही है। किसान भाईयों की सुविधा के लिए सभी उपार्जन केद्रों पर पीने के पानी की व्यवस्था ,बैठने के लिए छाया की व्यवस्था, अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं और जिले में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। उन्‍होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जाएगा।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान तौल व्यवस्था, भंडारण, भुगतान प्रक्रिया और उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, किसानों की उपज की तौल पारदर्शिता से हो और उपार्जन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि उपार्जन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की जाएगी।  मुख्यमंत्री डॉ यादव उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पूरी तरह किसानों के रंग में रंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पूरी तरह किसानों के रंग में रंगे नजर आए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का औचक उपार्जन केंद्र पहुंचने पर किसानों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता पर किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके हर सुख-दुख में हमेशा साथ रहते हैं और किसानों का हित सर्वोपरि रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों से संवाद किया और ट्रैक्टर ट्राली पर चढ़कर गेहूं की फसल की गुणवत्ता भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों से कहा कि कोई भी समस्या आने पर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सदैव आपके साथ हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों की उपज का समय पर विक्रय हो और उसकी राशि उनके खातों में समय सीमा में हस्तांतरित हो।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किसान भाइयों ने उपार्जन प्रक्रिया में तौल, बारदाने की उपलब्धता,भुगतान और परिवहन संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। ग्राम दताना मताना निवासी किसान श्री अल्ताफ पटेल ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल अच्‍छी हुई है और सरकार के द्वारा की जा रही गेहूं खरीदी के बाद गेहूं के उपज की राशि भी व्यवस्थित रूप से मिल रही हैं। साथ ही बाजार में भी गेहूं के दाम उचित रूप से प्राप्त हो रहे हैं। कृषक श्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा जो कार्य किसानों के हित में किए गए हैं उससे हमारी आय में वृद्धि हुई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक श्री पटेल से कहां कि आप किसान भाईयों के चेहरे की खुशी ही हमें सुकून देती हैं।            निरीक्षण के दौरान उज्‍जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री रवि सौलंकी और अन्‍य स्‍थानीय जन प्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, एडीजीपी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अ‍धीक्षक श्री प्रदीप शर्मा एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मोहन यादव के निर्देश: सरकारी निगम और प्राधिकरणों में नियुक्तियों के लिए BJP कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार

इंदौर  दो दशक से अधिक की सत्ता में अब तक भाजपा के आम कार्यकर्ताओं ने सत्ता की रेवड़ी का स्वाद तक नहीं चखा, लेकिन मोहन सरकार में उनकी लॉटरी खुलने वाली है। मुख्यमंत्री की विशेष रुचि के चलते जिला स्तर पर बनने वाली समिति सहकारी समितियों का गठन होने जा रहा है। प्रदेश संगठन के निर्देश पर जिला इकाई ने सभी विधायकों से नाम मांग लिए हैं। माना जा रहा है कि इस माह सभी घोषणाएं हो जाएंगी। भाजपा की सत्ता और संगठन में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते थे कि सरकारी के सभी निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्ति हो जाए जिससे पार्टी नेताओं को भी सरकार के होने का अहसास रहे। उनके लगातार प्रयास और संगठन से चले लंबे मंथन के बाद बड़ी संख्या में नेताओं को उपकृत किया गया और बची हुई नियुक्तियां भी पाइप लाइन में है। जहां पर विवाद की स्थिति है उनका निराकरण कर वे घोषणाएं हो जाएगी। एक सप्ताह तक दें पूरी सूची ये नियुक्तियां बड़े नेताओं की हो रही है, लेकिन जल्द ही अब आम कार्यकर्ता को भी उपकृत करने की तैयारी है ताकि उन्हें भी लगे कि वे सत्ताधारी संगठन से ताल्लुक रखते हैं। इसको लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में सभी जिला अध्यक्षों को 25 से अधिक समितियों में नियुक्तियों को लेकर नाम की फेहरिस्त मांग ली है। इसके चलते नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सभी विधायकों के अलावा कोर कमेटी के सदस्यों से कार्यकर्ताओं के नाम मांग लिए हैं। एक सप्ताह में पूरी सूची बनाकर देने का कहा गया है जिसमें सभी नेताओं का समन्वय होना चाहिए। ये हैं प्रमुख समितियां जिला स्तर पर बनने वाली समितियों में प्रमुख रूप से आरटीओ समिति, उद्यानिकी विभाग की समिति, जेल विभाग में अशासकीय संदर्शक समिति व विजिटर बोर्ड, पशु क्रूरता निवारण समिति, जिला पशु रोगी कल्याण समिति, मछुआ कल्याण व मत्स्य समिति, जिला शहरी विकास अभिकरण में प्रबंधकारिणी व निगरानी समिति, आइटीआइ में जिला कौशल समिति, शिक्षा विभाग में जिला स्तरीय अनुदान व निर्णायक समिति, खाद्य विभाग की सतर्कता समिति, जिला योजना समिति, अंत्योदय समिति, कॉलेज में जनभागीदारी समिति, पुलिस शिकायत बोर्ड, जिला व्यापार एवं उद्योग बोर्ड, सामाजिक न्याय व निशक्त जन समिति, खेल प्रशिक्षण समिति, जिला जल व स्वच्छता समिति, खनिज निधि समिति, मुख्यमंत्री ऋण माफी योजना, सिटी फॉरेस्ट योजना सहित कुल 25 समितियां हैं। अधिकांश समितियां उमा भारती के मुख्यमंत्री रहते बनी थीं। उसके बाद शिवराज सिंह चौहान के सीएम रहते कुछ समितियों का ही गठन हुआ था। हर बार कार्यकर्ताओं के नाम बुलाए गए, लेकिन घोषणा नहीं हो सकी। विधायक आधारित हुआ संगठन एक समय था जब संगठन आधारित सत्ता होती थी, लेकिन अब उल्टा हो गया है। सत्ता हो या संगठन की नियुक्ति उसमें विधायकों की पसंद से दिए गए नामों को ही उपकृत किया जाता है। बूथ से लेकर मंडल अध्यक्ष तक उनके समर्थक रहते हैं तो बची कसर अब सत्ता में भी पूरी हो जाएगी। उनके दिए गए नामों को ही पार्टी सत्ता में भी उपकृत करेगी। उन कार्यकर्ताओं की कोई पूछपरख नहीं है जो कि गुटबाजी में न पड़ कर संगठन के लिए समर्पित है। मजेदार बात ये है कि विधायक ऐसे कार्यकर्ताओं का विरोध कर हाशिए पर पहुंचा देते हैं। फिर मांगे एल्डरमैन के नाम वैसे तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व वाली नगर निगम परिषद को एक साल ही शेष रह गया है। इस पर अब पार्टी एल्डरमैन की नियुक्ति करने जा रही है। इसको लेकर पहले भी दो बार नाम लिए जा चुके हैं, लेकिन संगठन में कुछ नाम ऐसे थे जो पदाधिकारी बन गए। इस वजह से फिर से सूची मांगी गई है। 12 पदों को लेकर विधायक चाहते हैं कि उनकी पसंद से ही बने, लेकिन सांसद शंकर लालवानी और महापौर भार्गव भी अपने समर्थकों को उपकृत करना चाहते हैं। उनका तर्क है कि एक-एक एल्डरमैन विधायकों की पसंद से हो जाए तो बाकी छह एल्डरमैन के लिए हमारे नामों को तवज्जो दी जाना चाहिए।

सैमसन की आंधी में बिखरी दिल्ली, चेन्नई ने 8 विकेट से मारी बाज़ी

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स के ओपनर संजू सैमसन ने फिर से कमाल की पारी खेली। इस बार शतक नहीं लगा पाए, लेकिन नाबाद 87 रनों की पारी शतक से कम भी नहीं थी, क्योंकि उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई। चेन्नई की टीम अब 10 में से 5 मुकाबले जीत चुकी है। मंगलवार 5 मई को चेन्नई के सामने 156 रनों का लक्ष्य था, जिसे सीएसके ने 17.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। संजू सैमसन का साथ कार्तिक शर्मा ने निभाया। दोनों ने मिलकर 100 रनों से ज्यादा की साझेदारी की और मैच को फिनिश किया। मैच के बाद संजू सैमसन ने कई बातों को लेकर खुलकर जवाब दिए। प्लेयर ऑफ द मैच बने संजू सैमसन से पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में पूछा गया कि भीड़ आपको चेट्टा-चेट्टा कह रही है, क्या आपको यह पसंद है? इस पर सैमसन बोले, "हां, वे मुझे चेट्टा कह रहे हैं, लेकिन मुझे संजू ज़्यादा पसंद है।" उन्होंने आगे अपनी पारी और शॉट्स को लेकर कहा,"मुझे लगता है कि हम यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आपके लिए क्या सच में अच्छा काम करता है और आप बेसिक्स पर टिके रहने की कोशिश करते हैं और इस फ़ॉर्मेट में अपने हाथों पर भरोसा करते हैं, तो मुझे लगता है कि मैं पिछले दो-तीन महीनों से ऐसा करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं अपने शुरुआती मूवमेंट पर थोड़ा काम कर रहा हूं और यह अच्छा हो रहा है।" क्रीज का इस्तेमाल करने को लेकर सैमसन ने कहा, "हां, मैं पिछले तीन से पांच साल से ऐसा कर रहा हूं। तो मुझे लगता है कि आराम निश्चित रूप से आपके माइंडसेट और उस कॉन्फिडेंस में बहुत बड़ा रोल निभाता है जिसके साथ आपको बैटिंग करनी होती है और फिर निश्चित रूप से यह एक टैक्टिकल मूव भी है। तो बॉलर्स और विकेट के हिसाब से, मैं थोड़ा घूमने की कोशिश करता हूं।" शांत रहने को लेकर जब उनसे पूछा गया तो सैमसन ने कहा, "सच कहूं तो, मैं हमेशा ऐसा ही रहता हूं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मुझे बीच में ज़्यादा देख रहे हैं, तो मुझे लगता है कि यही वजह है। लोग कह रहे हैं कि वह बहुत शांत है। जब मैं बाहर बैठा होता हूं, तब भी मैं असल में बहुत शांत रहता हूं और जब मैं बैटिंग कर रहा होता हूं, 'थोड़ा ज़्यादा हो रहा है, तो सब देख रहा है कि, हां यार, यह थोड़ा ज़्यादा शांत है'।" सैमसन ने बताया प्लान अपनी पारी को लेकर संजू ने कहा, "सच कहूं तो सर, मुझे लगता है कि हम जिस लक्ष्य का पीछा कर रहे थे और विकेट कैसा बर्ताव कर रहा था, उसे देखते हुए मुझे लगा कि अगर हमारे पास बिना किसी नुकसान के 30-35 रन या एक विकेट भी होता, तो हम आसानी से, जैसे कि मैं स्पिन के ख़िलाफ़ और बीच के ओवरों में क्या कर सकता हूं, यह जानते हुए भी, मैं अपना गेमप्लान बहुत अच्छी तरह जानता हूं। तो मैंने सोचा कि अगर मैं पावरप्ले में कुछ एक्स्ट्रा टाइम भी लेता हूं, तो जिस तरह के शॉट्स मेरे पास हैं, मुझे लगता है कि मैं बीच के ओवरों में फ़ायदा उठा सकता हूं। यही प्लान था और कभी-कभी यह अच्छा भी होता है।   आज, यह अच्छा रहा। बहुत खुश हूं।" सैमसन ने नाबाद 87 रनों की पारी खेली। इसके बारे में उनसे पूछा गया कि क्या यह पारी शतक से बेहतर है? इस पर सैमसन ने कहा, "नहीं। शतक हमेशा खास होते हैं, सर। मुझे ऐसा लगता है। आज भी शतक तक पहुंचने की इच्छा थी, लेकिन मुझे लगा कि इसके लिए मुझे थोड़ा ज़्यादा मतलबी होना पड़ेगा। इसलिए मैंने सोचा चलो गेम जीतते हैं और दूसरा पार्टनर बहुत अच्छी बैटिंग कर रहा था। तो मैं उसे यह नहीं कहना चाहता था, 'एक सिंगल दे दे यार, मैं सौ बना लूंगा'। मैंने ऐसा नहीं कहा। मुझे लगता है कि सच में मजा आया, मुझे लगता है कि नॉट आउट रहना, गेम खत्म करना आपको ज़्यादा सैटिस्फैक्शन देता है। तो मैंने बस इसका मज़ा लिया और कुछ और गेम बाकी हैं। देखते हैं कि क्या मैं तीसरा शतक बना पाता हूं या नहीं।"

सुपर फास्ट! चीन ने 1000 की स्पीड वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया

बीजिंग  सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो चीन की 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने वाली ट्रेन का है. जी हां, चीन 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है और अब चीन ने इसका परीक्षण किया है. सोशल पर दावा किया जा रहा है चीन ने इस खास ट्रेन का एडवांस स्टेड परीक्षण किया है।  ये ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन वाली वैक्यूम ट्यूब के अंदर 1000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है. इससे 200 किलोमीटर की दूर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये ट्रेन कितनी खास है और चीन का ये खास प्रोजेक्ट कैसा है? सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है,  उसमें ट्रेन की वैक्यूम ट्यूब को दिखाया जा रहा है और इस ट्रेन के बारे में बताया जा रहा है कि ये कितनी तेज है. ये कई मायनों में एयरप्लेन से भी तेज साबित हो सकती है।  ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, ये अल्ट्रा हाई स्पीड लॉ वैक्यूम ट्यूब माग्लेव ट्रांसपोर्ट सिस्टम है. इस ट्रेन सिस्टम की हाई स्पीड 1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. बताया जा रहा है कि जब ये ट्रेन चलेगी तो बीजिंग से शंघाई का सफर सिर्फ 90 मिनट में हो जाएगा, जो करीब 1200 किलोमीटर है।  4000 तक स्पीड ले जाने पर काम अगर भारत के शहरों से हिसाब से लगाया जाए तो दिल्ली से पटना तक की दूरी करीब 1 घंटे में पूरी हो सकती है. इस ट्रेन की खास बात ये है कि इतनी तेज चलने के बाद भी इस हाईस्पीड ट्रेन में पैसेंजर अपने स्मार्टफोन पर अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन वीडियो देख सकते हैं या ऑनलाइन गेम का आनंद ले सकते हैं. इतनी तेज स्पीड होने के बाद भी इसमें 5 जी इंटरनेट भी चलेगा. इसके साथ ही चीन का ये प्लान भी है कि इस ट्रेन की स्पीड को 4000 तक भी किया जाएगा।  ये ट्रेन ट्यूब के अंदर चलेगी. चीन की 1000 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन के 2027-2035 के बीच चालू होने की संभावना है. कुछ साल पहले चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) ने इस मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण शांसी स्थित टेस्ट जोन में किया था।  यहां पर दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के अंदर वैक्यूम क्रिएट करके ट्रेन को चलाया गया था. अब चीन इस ट्रेन को बड़े शहरों के बीच चलाने की कोशिश कर रहा है. उत्तर चीन के शांसी प्रांत के डाटोंग शहर में इस ट्रेन के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेस्ट लाइन बनाई गई है।  इससे पहले भी चीन हाई स्पीड ट्रेन के मामले में काफी तरक्की कर चुका है और 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेन चला रहा है। 

ईशा अंबानी ने मेट गाला में बताया, ये हैं दूसरी बार प्रेग्नेंट

मुंबई  सबसे बड़े फैशन इवेंट मेट गाला 2026 में अंबानी परिवार की लाडली ईशा ने फैशन के जलवे बिखेरे. उनके स्टाइलिश लुक ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. वो गौरव गुप्ता की कस्टम मेड गोल्ड टिश्यू साड़ी में दिखीं. उनका ये लुक ट्रैडिशनल और मॉर्डन क्रिएटिविटी का मिक्स था. अपनी साड़ी को ईशा ने ड्रामेटिक गोल्डन कैप के साथ कंप्लीट किया. उनका ब्लाउज हीरे-मोतियों से जड़ा था।  ईशा का इंटनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जहां वो एक लेडी की सेकंड प्रेग्नेंसी अनाउंस करती हुई दिख रही हैं. न्यूयॉर्क की फेमस जूलरी डिजाइन जूलिया कैफे से ईशा मेट गाला इवेंट के दौरान मिलीं. ईशा वीडियो में तैयार हो रही हैं. वो रेड कारपेट पर जाने से पहले टचअप ले रही हैं. तभी रूम में जूलिया की एंट्री होती है. दोनों एक-दूसरे को ग्रीट करती हैं. ईशा उनके पहले बेबी का हाल चाल लेती हैं।  लेकिन तभी ईशा ने जूलिया का बेबी बंप नोटिस किया. वो उनकी सेकंड प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल करती हैं. जूलिया बताती हैं कि उनका दूसरा बेबी सितंबर में आने वाला है. जूलिया ने कैप्शन में लिखा- बेबी कैफे सितंबर 2026 में आ रहा है. कभी नहीं सोचा था ईशा अंबानी मेट गाला के दिन मेरी प्रेग्नेंसी अनाउंस करेंगी. फैंस और सेलेब्स ने जूलिया को प्रेग्नेंट होने पर बधाई दी है।  कौन हैं जूलिया? जूलिया जानी मानी न्यूयॉर्क बेस्ड जूलरी इंफ्लुएंसर, डिजाइनर और कंटेंट क्रिएटर हैं. वो सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं. उनके इंस्टा पर 902K फॉलोअर्स हैं. जूलिया की अंबानी परिवार संग अच्छी बॉन्डिंग है. जूलिया कैफे फाइन जूलरी नाम से उनकी जूलरी लाइन है. वो अपने एनर्जेटिक और फास्ट इंफोर्मेटिव जूलरी ब्रेकडाउन वीडियोज के लिए फेमस हैं. वो वीडियोज में सेलेब्स की पहनी गई जूलरी की कीमत, उनकी क्वॉलिटी और कैरेट्स की जानकारी देती हैं. उनके वीडियो लाइफस्टाइल और फैशन को लेकर अपडेट देते हैं।  कैसा है ईशा का मेट गाला लुक? ईशा का मेट गाला लुक भारतीय संस्कृति की झलक दिखाता है. उनके आउटफिट को 50 कारीगरों ने 1200 घंटों में बनाया. उनके लुक को अनीता श्रॉफ अदजानिया ने स्टाइल किया है. जूलरी से जड़ा उनका ब्लाउज सबसे बड़ा हाईलाइट रहा. ईशा ने मां नीता अंबानी के प्राइवेट कलेक्शन की जूलरी को मेट गाला के लिए चुना. उनका ब्लाउज 1800 कैरेट डायमंड, एमराल्ड, पोलकी और कुंदन से सजा है. ईशा का मल्टीलेयर्ड कुंदन नेकलेस, ईयरिंग्स, रिंग्स मां के कलेक्शन से थीं। 

लखनऊ में जमीन हुई महंगी: अनंत नगर में दरें बढ़ीं, 200 वर्ग मीटर प्लॉट पर 7 लाख से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अपना फ्लैट लेना और आसान हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी अफोर्डेबल हाउसिंग योजना अटल नगर को और अधिक बजट फ्रेंडली बना दिया है। अब लोग यहां 10 वर्ष की आसान किस्तों में फ्लैट ले सकेंगे, वह भी पहले से कम ब्याज दर पर। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों की मांग पर इसका आदेश जारी कर दिया। छूट तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि देवपुर पारा स्थित अटल नगर योजना में 12 से लेकर 19 मंजिल के 15 टावरों में कुल 2,496 फ्लैट्स हैं। 30 वर्गमीटर से लेकर 54.95 वर्गमीटर क्षेत्रफल के इन फ्लैटों की कीमत लगभग 9.83 लाख रुपये से शुरू होती है। यहां अधिकांश फ्लैटों का लॉटरी से आवंटन किया जा चुका है। 630 फ्लैटों के लिए 18 अप्रैल से 17 मई, 2026 के मध्य ऑनलाइन पंजीकरण खोला गया है। इसमें 01 बीचके के 539 और 02 बीचके के 91 फ्लैट शामिल हैं। टॉवरों में लगभग 2500 फ्लैट बनाए गए हैं अटलनगर योजना में लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अनंत नगर योजना में जमीन की कीमतें बढ़ा दी हैं। पहले यहां जमीन की कीमत 41150 रुपये प्रति वर्गमीटर थी। जिसे अब बढ़ाकर 44,731 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया है। एक झटके में प्रति वर्ग मीटर की कीमत में 3,581 रुपये का इजाफा किया गया है। 200 वर्ग मीटर प्लॉट पर 7.16 लाख ज्यादा चुकाने होंगे कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर मध्यम वर्ग पर पड़ा है। 200 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदने वालों को अब पहले के मुकाबले करीब 7,16,200 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। जिन्हें पहले प्लाट आवंटित हो चुका है, उन्हें पुरानी दर पर ही भूखण्ड मिलेगा। नई बुकिंग कराने वालों का नई दर देनी होगी। व्यावसायिक भूखंड भी हुए महंगे आवासीय के दाम बढ़ने से एलडीए की व्यावसायिक भूखंडों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है। पहले 82,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर प्रस्तावित थी। लेकिन अब यह बढ़कर 89,462 रुपये हो गयी है। यानी 7,162 का इजाफा हुआ है। छह लेन की सड़क बनेगी लखनऊ। लखनऊ में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सोमवार को योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत आउटर रिंग रोड (किसान पथ) के रैथा अंडरपास से पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल पार्क) तक 14.280 किलोमीटर लंबाई की छह लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा आईआईएम लखनऊ से आउटर रिंग रोड रैथा अंडरपास मार्ग को दो लेन चौड़ा किया जाएगा। चौड़ीकरण का काम 8.70 किलोमीटर लंबाई में होगा। लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक परियोजना की पुनरीक्षित लागत ₹546 करोड़ 51 लाख 83 हजार रुपये आंकी गई है। यह परियोजना पीएम मित्र पार्क को बेहतर कनेक्टिविटी देगी, जिससे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा सड़क अवसंरचना में सुधार से यातायात सुगमता बढ़ेगी और आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी।

घरों से विधानसभा तक का सफर: कलिता माझी बनी बीजेपी विधायक

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक ऐसी कहानी उभरी है, जो सिर्फ जीत-हार से कहीं आगे जाकर उम्मीद, संघर्ष और बदलाव की मिसाल बन गई. बीजेपी की कलिता माझी ने, तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को हराकर औसग्राम (SC) विधानसभा क्षेत्र संख्या 273 में जीत हासिल की है. कलिता माझी ने श्यामा प्रसन्न को 12,535 वोटों के अंतर से हराया।  कलिता माझी को कुल 107692 वोट मिले, जबकि श्यामा प्रसन्न को 95157 वोटों से ही संतुष्ट करना पड़ा. इसके अलावा सीपीआई (एम) के चंचल कुमार माझी को 16478, कांग्रेस के तापस बराल को 2082 और निर्दलीय उम्मीदवार निहार कुमार हाजरा को महज 994 वोट ही मिल सके।  बीजेपी सांसद पी. सी. मोहन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “बीजेपी बंगाल की उम्मीदवार कलिता माझी, जो 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं और महीने के ₹2,500 कमाती हैं, ने औसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है. यही बीजेपी की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और एक सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है।  औसग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार कलिता माझी (Kalita Majhi) की जीत ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में आम आदमी की ताकत क्या होती है. चार घरों में घरेलू काम करके हर महीने महज 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता माझी का सफर आसान नहीं रहा।  रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वे विधानसभा तक पहुंचेंगी. लेकिन यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जहां जमीन से जुड़ा एक साधारण नागरिक भी अपनी मेहनत और हौसले के दम पर इतिहास रच सकता है।  औसग्राम जैसे क्षेत्र में, जहां लंबे समय से पारंपरिक राजनीति का असर रहा है, वहां कलिता माझी की जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है. यह जीत उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। 

बंगाल के रिजल्ट से पहले यूपी में BJP की सक्रियता, PM मोदी समेत नेता जुटे मोर्चे पर

लखनऊ  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे भी नहीं आए थे और भारतीय जनता पार्टी ने साल 2027 में होने वाले चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इसके संकेत भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई पार्टी दिग्गजों के दौरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों से मिल रहे हैं। बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। वहीं, अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं। भाजपा को यूपी में भी असम की तरह हैट्रिक की उम्मीद है। UP में जुटे भाजपा के टॉप नेता 29 अप्रैल को बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हुआ है। इससे एक दिन पहले ही भाजपा चीफ और पीएम मोदी 28 अप्रैल को उत्तर प्रदेश पहुंच गए थे। वहीं, जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने दल बदल किया, तो बंगाल में चुनावी ड्यूटी निभा रहे कई भाजपा नेता दिल्ली पहुंच गए थे। बंगाल के नतीजों के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को कड़ी सजा मिली है। उन्होंने दावा किया कि सपा को भी जल्द ही महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उनका इशारा उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की ओर था। क्यों अहम है उत्तर प्रदेश साल 2014 में जब भाजपा ने कुल 282 लोकसभा सीटें जीती थीं, तो इसमें यूपी की 71 सीटें भी शामिल थीं। खास बात है कि 80 सीटों वाला यूपी लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है। वहीं, 2024 के चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा था और पार्टी घटकर महज 33 सीटों पर आ गई थी। इससे पहले 2019 में भाजपा को यूपी में 62 लोकसभा सीटें मिली थीं। एक ओर जहां समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव PDA यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। वहीं, भाजपा गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वर्गों को वापस जोड़ने की कोशिश कर रही है जो लोकसभा चुनाव में उनसे छिटक गए थे। अब बीजेपी अपने पुराने वोट बैंक को फिर से हासिल करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकती है ताकि यादव और जाटव वोटों के अलावा अन्य जातियों में अपनी पकड़ फिर से बनाई जा सके। बंगाल का जीत बनेगी भाजपा का इंश्योरेंस बंगाल में जीत के साथ ही भाजपा ने उत्तर और पश्चिम की तरह पूर्व में भी मजबूती हासिल कर ली है। हालांकि, दक्षिण में कर्नाटक को छोड़ दिया जाए, तो भाजपा को लोकसभा में खास समर्थन नहीं मिलता है। साथ ही बंगाल की जीत को भाजपा इंश्योरेंस की तरह भी देख सकती है, जहां अगर उसे किसी मजबूत राज्य में लोकसभा चुनाव में झटका लगता है, तो बंगाल से भरपाई की जा सके। यहां कुल 42 लोकसभा सीटें हैं। पंजाब पर भी नजरें कहा जा रहा है कि पंजाब को हमेशा से प्रधानमंत्री मोदी सरकार चुनावी रूप से अहम मानती रही है। सिख बहुल राज्य में भाजपा लगातार समुदाय को अपनी ओर लाने के प्रयास करती रही है। वही, दल सत्तारूढ़ आप को भी कुर्सी से बेदखल करने की कोशिश में है। 7 राज्यसभा सांसदों का आना भाजपा को कुछ हद तक चुनावी रूप से मददगार साबित हो सकता है। चुनाव के नतीजे बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक 206 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, असम में शतक लगाकर चुनावी जीत की हैट्रिक पूरी की। इधर, केरल में भी भाजपा की सीटों का ग्राफ बढ़ा है। जबकि, तमिलनाडु में एक्टर विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी। पुडुचेरी में एनडीए ने जीत हासिल की।

जल गंगा संवर्धन अभियान: पुष्पराजगढ़ में नहरों को मजबूती देने का प्रयास

सफलता की कहानी जल गंगा संवर्धन अभियान-पुष्पराजगढ़ में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से हो रहा है नहर सुदृढ़ीकरण अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर भोपाल  अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था, जिससे सिंचाई में बाधा आती थी। अब जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झिलमिल जलाशय के मुख्य नहर तथा माइनर नहर के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का जल अंतिम छोर के खेतों तक पहुँच सकेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा। लगभग 905 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस योजना से सीधे तौर पर बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गाँवों के लगभग एक हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आयेगी। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। किसान जगत सिंह, ठाकुर सिंह और कमलेश्वर सिंह सहित कई कृषकों का कहना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुँचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे। पुष्पराजगढ़ में झिलमिल जलाशय से प्रवाहित यह जल न केवल खेतों को सिंचित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के तहत यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।