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9 वर्षों में 14 लाख युवाओं को विभिन्न विधाओं में कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ाया गया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा, तकनीकी दक्षता और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। योगी सरकार ने कौशल विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे रोजगार, उद्योग और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए प्रदेश के लाखों युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है। प्रदेश सरकार की नीतियों का परिणाम है कि पिछले 9 वर्षों में लगभग 14 लाख युवाओं को विभिन्न विधाओं में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, ऑटोमोबाइल, निर्माण, फैशन डिजाइनिंग, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, कृषि आधारित उद्योगों समेत कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं में से 7.50 लाख से अधिक को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली। “प्रोजेक्ट प्रवीण” के अंतर्गत अब तक 1.35 लाख को कौशल प्रशिक्षण योगी सरकार ने युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग से जोड़ा है। इसी क्रम में संचालित “प्रोजेक्ट प्रवीण” योजना युवाओं के बीच काफी प्रभावी साबित हुई है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1.35 लाख विद्यार्थियों को विभिन्न आधुनिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है, ताकि वे डिग्री के साथ रोजगार के लिए भी पूरी तरह तैयार हों। 188 रोजगार मेलों से लगभग 4.40 लाख युवाओं को रोजगार प्रदेश सरकार ने रोजगार के अवसरों को युवाओं तक सीधे पहुंचाने के लिए मंडल और जनपद स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों का आयोजन भी किया। पिछले 9 वर्षों में आयोजित 188 वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 4.40 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। इन मेलों में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों, औद्योगिक संस्थानों और निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भाग लिया। इससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए और पलायन में भी कमी आई। “स्किल कैपिटल” के रूप में पहचान मजबूत कर रहा यूपी योगी सरकार का फोकस केवल नौकरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और मार्केट लिंकिंग उपलब्ध कराई जा रही है। यही कारण है कि प्रदेश में स्टार्टअप, एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है और यदि इस युवा शक्ति को कौशल और रोजगार से जोड़ा जाए तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकती है। योगी सरकार की नीतियों ने इसी सोच को जमीन पर उतारने का कार्य किया है। कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्योगों के विस्तार के समन्वय से उत्तर प्रदेश तेजी से “स्किल कैपिटल” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

खाते में 551 करोड़ दिखते ही मचा हड़कंप, यूपी में ऐप ग्लिच या साइबर साजिश की जांच शुरू

सीतापुर उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक साधारण परिवार के साथ ऐसा वाकया हुआ कि उनकी रातों की नींद उड़ गई। मछरेहटा इलाके में परिवार के लोग उस वक्त खुशी से झूम उठे जब उन्होंने अपने 'जियो पेमेंट बैंक ऐप' (Jio Payment Bank App) के खाते में 5.5 अरब (551 करोड़) रुपये से अधिक की राशि देखी। पहले तो उन्हें लगा कि उनकी किस्मत खुल गई है, लेकिन जल्द ही यह खुशी भारी चिंता और घबराहट में बदल गई। इतनी बड़ी रकम कहां से आई, किसने भेजी और क्यों, इन सवालों ने उन्हें परेशान कर दिया। अंततः, उन्होंने पुलिस से संपर्क कर सुरक्षा की गुहार लगाई है। साइबर क्राइम पुलिस जांच में जुट गई है। ऐप में अरबों की रकम, पर खाते में नहीं मछरेहटा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुरुआती पड़ताल की। थाना प्रभारी (एसओ) ने बताया कि जांच में एक बेहद अजीब बात सामने आई है। पीड़ितों के बैंक खाते में वास्तव में एक रुपया भी नहीं आया है; अरबों की यह भारी-भरकम राशि सिर्फ मोबाइल ऐप पर ही दिखाई दे रही है। यह ऐप की कोई तकनीकी खराबी (Glitch) है या कोई साइबर धोखाधड़ी की साजिश, इसकी जांच अब साइबर क्राइम सेल (Cyber Crime Cell) को सौंपी गई है। दस्तावेज लेने वाले युवक पर संदेह पीड़ितों ने पुलिस को दी गई तहरीर में एक स्थानीय युवक, सर्वेश, पर संदेह जाहिर करते हुए शिकायत की है। बारेपारा गांव की रूपा और उनके भतीजे गजराज ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले सर्वेश नाम के युवक को अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज दिए थे। गजराज के मुताबिक, पत्नी की मृत्यु के बाद 'मृतक आश्रित लाभ', पिता मेढ़ई की 'पेंशन' और 'किसान सम्मान निधि' के आवेदन के लिए ये दस्तावेज दिए गए थे। पेंशन की जगह दिखा अरबों का बैलेंस सर्वेश ने हाल ही में उन्हें बताया था कि पेंशन का काम हो गया है। इसके बाद जब गजराज ने अपना जियो पेमेंट बैंक ऐप चेक किया, तो वह सन्न रह गया। खाते में ₹5,51,00,00,000/- (5.51 अरब) रुपये से अधिक का बैलेंस दिखा रहा था। गजराज ने बताया कि पहले वह बहुत खुश हुआ, लेकिन बाद में इतनी बड़ी रकम देखकर घबरा गया। उसे अनहोनी की आशंका सताने लगी। उसने सर्वेश से अपना खाता बंद कराने को भी कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की सतर्कता और साइबर सेल की भूमिका 5.5 अरब रुपये आने की चर्चा पूरे इलाके में होने लगी । पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि मोबाइल ऐप में अरबों की राशि कैसे दिख रही थी और क्या सर्वेश नाम के युवक ने दस्तावेजों का कोई गलत इस्तेमाल किया है। साइबर एक्सपर्ट्स इस मामले के डिजिटल पहलुओं को खंगाल रहे हैं ताकि इस रहस्य से पर्दा उठ सके।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत रायगढ़ जिले में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

रायपुर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को रायगढ़ के पटेलपाली कृषि उपज मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 150 नवदंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। आयोजन में सामाजिक समरसता, सादगी, संस्कार और पारिवारिक सौहार्द का भाव देखने को मिला। जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के तहत रायगढ़ में 45, खरसिया विकासखंड में 15, बंजारी धाम खरसिया में 30, लैलूंगा विकासखंड में 30 तथा धरमजयगढ़ में 30 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। सभी आयोजन स्थलों पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आकर्षक एवं सुव्यवस्थित तैयारियां की गई थीं। विवाह मंडपों को पारंपरिक सजावट से सजाया गया था तथा वर-वधू एवं उनके परिजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल विवाह संपन्न कराने की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी संदेश देते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन की प्राथमिकता है कि किसी भी परिवार को आर्थिक अभाव के कारण बेटी के विवाह में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।  चौधरी ने शासन की पारदर्शी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अंतरित किए जा रहे हैं, ताकि बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि शेष राशि वर-वधू के परिधान, आवश्यक सामग्री एवं विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय की जाती है। राज्य सरकार की यह पहल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर वित्त मंत्री  चौधरी ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी “रानी दुर्गावती योजना” का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेटियों के सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत बेटी के जन्म के बाद पंजीयन कराने पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर शासन की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने आयोजन में सहभागी गायत्री परिवार की सराहना करते हुए कहा कि गायत्री परिवार समाज में संस्कार, शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक सुधार के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहा है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रायगढ़ महापौर  जीवर्धन चौहान  सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।

योगी सरकार ने बदल दी बाढ़ प्रबंधन की रणनीति, नदियों से गाद निकालने पर जोर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए बड़े बदलाव कर रही है। सरकार बाढ़ नियंत्रण की पारंपरिक विधियों की जगह कुछ नए तरीके अपना रही है, जिससे करोड़ों रुपये की बचत होगी। साथ ही बाढ़ नियंत्रण के लिए किसानों की जमीनों का बार-बार अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में नए तरीकों से लगभग 40.72 लाख हेक्टेयर भूमि को सुरक्षित किया और 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को इससे फायदा मिला। इसके बाद बाढ़ नियंत्रण के नए तरीकों को विस्तार देने की तैयारी चल रही है। अब तक बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन के लिए पत्थर की बड़ी मेड़, गैबियन दीवारें (लोहे की तार के बक्सों में पत्थर की दीवार), बड़े-बड़े बांध और तटबंध बनाने का ध्यान दिया जा रहा था। वहीं दूसरे तरीके में कई जगहों पर संवेदनशील क्षेत्रों में नदी और बड़े नालों से गाद निकालने, कीचड़ हटाने पर ध्यान दिया जा रहा है। ताकि नदी के मार्ग और मोड़ को पानी की अधिक क्षमता वहन करने लायक बनाया जा सके। लखीमपुर खीरी में बाढ़ सुरक्षा परियोजना के तहत इस नए तरीके को अपनाया गया। इंजीनियरों ने नदी की क्षमता बढ़ाने के लिए गाद निकाली, जिस पर महज 22 करोड़ रुपये खर्च हुए। पहले यहीं बाढ़ नियंत्रण की तैयारी में 180 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था। बाराबंकी में एल्गिन ब्रिज के आस-पास और सरयू क्षेत्र में भी नए तरीके से महज 5 करोड़ रुपये का खर्च आया, जिस पर पहले अन्य उपायों के जरिए 115 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान था। नदियों से 16 किलोमीटर तक निकाली गई गाद इसी क्रम में बाढ़ नियंत्रण से जुड़े विभागों ने इंजीनियरों के साथ मिलकर घाघरा, शारदा और सुहेली नदियों के कई हिस्सों में बड़ा बदलाव किया। इन नदियों के मार्ग में करीब 9 से 16 किलोमीटर तक गाद निकालकर उनकी क्षमता में विस्तार किया गया है। इस मॉडल से हर मानसून में तटबंध और मिट्टी के बांध बनाने के लिए बाढ़ प्रभावित जिलों में कृषि भूमि का अधिग्रहण कम होगा, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। योगी सरकार में 8 से ज्यादा वर्षों में लगभग 1,665 बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं पूरी की गईं हैं। साथ ही अब तक 60 नदियों से गाद निकालने और कई नहरों का निर्माण भी किया गया है। वहीं वर्ष 2026 में बाढ़ नियंत्रण के नए मॉडल के तहत उच्च जोखिम वाली नदियों-नालों की ड्रोन और सेंसर आधारित निगरानी होगी। साथ ही गाद निकालने की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। योगी सरकार का प्रयास है कि अब तक स्पुर (नदी के किनारों पर बड़े पत्थर रखना), जियो बैग्स (रेत से भरे बड़े थैले), पुराने ढांचों की मरम्मत, पत्थरों को बदलने और आपातकालीन सुदृढ़ीकरण कार्यों में होने वाले खर्चों को नए तरीकों से कम किया जाए। पुराने तरीकों को एक साथ बंद नहीं किया जाएगा, हालांकि इनके विकल्प तलाशे जाएं।

भीषण गर्मी में स्वास्थ्य विभाग का फैसला, अब शाम 5 से 7 बजे तक भी मिलेगा इलाज

 जयपुर राजस्थान में भीषण गर्मी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने OPD (आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) का 1 अप्रैल से बढ़ा दिया है. इस नए शेड्यूल से उन हजारों मरीजों को सीधे तौर पर राहत मिल रही है, जिन्हें तेज धूप में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था. लेकिन शुक्रवार को सबसे बड़ी राहत जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) में आने वाले मरीजों को दी गई है, जहां अब शाम की ओपीडी भी शुरू कर दी गई है. इवनिंग OPD का समय क्या रहेगा? अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब मरीज शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक भी डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे. पहले चरण में यह व्यवस्था 'जनरल मेडिसिन' विभाग में लागू की गई है. इस नई पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सुबह के समय होने वाली भारी भीड़ काफी हद तक कम हो जाएगी. साथ ही, नौकरीपेशा लोग भी अपने काम के बाद आसानी से अस्पताल जाकर इलाज करा सकेंगे. रविवार को भी मिलेगी 2 घंटे की OPD गर्मी के ध्यान में रखते हुए 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों का समय बदला गया है. राजस्थान के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) में अब ओपीडी सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित हो रही है. मरीजों की परेशानी को समझते हुए सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियों के दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी. अवकाश वाले दिनों में भी मरीज सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे के बीच अस्पताल पहुंचकर अपना इलाज करवा सकते हैं. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दो शिफ्ट की व्यवस्था शहरी क्षेत्रों में बने 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' (जिन्हें पहले जनता क्लिनिक कहा जाता था) में भी मरीजों की सहूलियत के लिए समय में अहम बदलाव किए गए हैं. अब इन केंद्रों पर मरीजों को दो अलग-अलग शिफ्ट में सेवाएं दी जा रही हैं. पहली शिफ्ट में मरीज सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आ सकते हैं, जबकि दूसरी शिफ्ट शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक संचालित की जा रही है. लंबी कतारों से बचें, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें सरकार ने मरीजों को अस्पताल की भीड़ और लाइनों से बचाने के लिए एक बेहतरीन डिजिटल सुविधा भी दी है. अब आप अस्पताल जाने से पहले IHMS (Integrated Health Management System) पोर्टल के जरिए घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं. ऑनलाइन पर्ची कटवाने से आपका समय बचेगा और आप सीधे अपने निर्धारित समय पर डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे.

स्वास्थ्य के प्रत्येक मानक में निरंतर सुधार के लिए संकल्पित होकर सरकार कर रही है कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए "एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) स्कोरकार्ड 2025-26" में 92.1 एएमबी इंडेक्स के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार और एनीमिया नियंत्रण की दिशा में प्रदेश सरकार की सतत प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम सहयोगी विभागों और मैदानी स्वास्थ्य अमले को बधाई दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार, पोषण सुदृढ़ीकरण तथा एनीमिया उन्मूलन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला हैं। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के प्रत्येक मानक में निरंतर सुधार के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार ने स्वस्थ मध्यप्रदेश की ओर एक और सशक्त कदम बढ़ाते हुए भविष्य में भी जनस्वास्थ्य के सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड वितरण तथा पोषण संबंधी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। मध्यप्रदेश ने बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं में आयरन-फॉलिक एसिड (आईएफए) अनुपूरण कवरेज में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रदेश ने 6 से 59 माह के बच्चों में 80.4, 5 से 9 वर्ष के बच्चों में 95, किशोर वर्ग में 95, गर्भवती महिलाओं में 95 तथा धात्री माताओं में 95 प्रतिशत कवरेज प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान अर्जित किया। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के बाद आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना संयुक्त रूप से 90.6 एएमबी इंडेक्स के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि तमिलनाडु 89.9 इंडेक्स के साथ तीसरे स्थान पर रहा।  

हरियाणा में किसानों और महिलाओं को बड़ी सौगात, 205 करोड़ रुपये खाते में भेजे गए

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार (08 मई, 2026) को चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से करोड़ों रुपये की लाभ राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, और फसल मुआवजा समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित भी किया लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त जारी मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त आज जारी कर दी गई है। उन्होंने 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खाते में कुल 205 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा, गैस सिलेंडर सब्सिडी के रूप में 11 लाख 23 हजार बहनों के खातों में 38 करोड़ 54 लाख रुपये भी भेजे गए। वहीं, अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने खरीफ 2025 की फसल नुकसान के लिए 1,50,583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की। जे-फॉर्म अब वॉट्सऐप पर सीएम नायब सैनी ने इस दौरान एक नई ऐप की शुरुआत की, जिससे अब किसानों को अपनी फसल का जे-फॉर्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना होगा। यह फॉर्म सीधे उनके वॉट्सऐप पर आएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और किसानों को 16,481 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री ने 18 विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि डाली। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़ा वर्ग (BC) के 64,923 विद्यार्थियों को 100 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया।

विगत् एक सप्‍ताह में 83 लाख रूपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ सहित वाहन जब्‍त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान विभिन्‍न जिलों की पुलिस टीमों ने विगत एक सप्ताह में 83 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंदसौर-एमडी ड्रग्स एवं अफीम बरामद जिले के थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं 500 ग्राम अफीम जब्‍त की गई। आरोपी द्वारा पुलिस से बचने के उद्देश्य से अवैध मादक पदार्थों को पानी की विद्युत मोटर की बॉडी में छुपाकर रखा गया था। कार्रवाई के दौरान लगभग 51 लाख 72 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। एक अन्‍य कार्यवाही में थाना भावगढ़ पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार्रवाई करते हुए एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर उसके कब्जे से अवैध मादक पदार्थ निर्माण में प्रयुक्त 27 किलोग्राम एसिटिक एनहाईड्राइड एवं एक मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 10 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों मामले में पुलिस ने लगभग 52 लाख 82 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। नीमच: डोडाचूरा से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्‍त जिले के थाना मनासा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रॉली में रखे 30 प्लास्टिक के कट्टों से 6 क्विंटल 1 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्‍त किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित लगभग 22 लाख रूपये से अधिक की संपत्ति जप्‍त की गई। देवास: ब्राउन शुगर तस्करों पर कार्रवाही जिले की खातेगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्राउन शुगर की तस्करी में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 23 ग्राम ब्राउन शुगर एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 4 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है। भोपाल: गांजा तस्कर गिरफ्तार क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.570 किलोग्राम अवैध गांजा एवं एक मोबाइल फोन जब्‍त किया गया। जब्‍त संपत्ति की कीमत लगभग 2 लाख 5 हजार रूपये है। शिवपुरी: स्मैक तस्कर गिरफ्तार थाना कोतवाली पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ स्मैक का विक्रय करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 17.60 ग्राम स्मैक, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख रूपये है, जब्‍त की गई। टीकमगढ़: अवैध गांजे के पौधे जब्‍त जिले के थाना पलेरा पुलिस द्वारा ग्राम गड़ारी में कार्रवाई करते हुए 63.67 किलोग्राम (89 गांजे के पौधे) सहित 25 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं वितरण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

सड़क विकास में तेजी, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन की निविदा प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क अधोसंरचना को मजबूती, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांसाबेल से बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।     लगभग 29 करोड़ 08 लाख 06 हजार रुपए की लागत से 39 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।     कांसाबेल-बगीचा मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी आवागमन करते हैं। समय के साथ सड़क की स्थिति प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।     इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर ने कसी कमर, एक माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की डेडलाइन

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भीषण पेयजल संकट को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा (विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह) की बस्तियों और सुदूर वन क्षेत्रों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित किए जा रहे हैं। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को घर के पास शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और पारंपरिक दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता कम करना। दूरदराज के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना कि कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से आवश्यक सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिणाम       विगत दिनों मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सरगुजा दौरे के दौरान पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश थे कि वनांचल में रहने वाले ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें। कलेक्टर ने दी एक माह की समय-सीमा       मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सरगुजा कलेक्टर एवं डीएमएफ (क्डथ्) अध्यक्ष  अजीत वसंत ने प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने संबंधित विभागों और जनपद पंचायत सीईओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल खनन का कार्य एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। कहां कितने हैंडपंप लगेंगे?              जिला खनिज संस्थान न्यास (क्डथ्) मद से स्वीकृत इन कार्यों का स्थलीय सर्वे पूर्ण हो चुका है। जिला खनिज निधि के कोष का उपयोग करके विभिन्न विकास खंडों में कार्य किया जाएगा, जिनमें लुण्ड्रा में 34, बतौली में छह, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में चार नए हैंडपंप शामिल हैं। उच्च स्तरीय बैठक में मिली स्वीकृति             24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की थी। इस पहल से जिले के सैकड़ों गांवों के हजारों निवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को पारंपरिक झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी और उन्हें उनके घर के पास ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।