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फ्लाइट में स्मोकिंग विवाद में फंसे युजवेंद्र चहल, क्या क्रिकेटर को जाना पड़ेगा जेल?

मुंबई भारतीय स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडि पर तेज से वायरल हो रहा है जिसमें वो फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखाई दे रहें। इस पर अब सोशल मीडिया लेकर क्रिकेट के कई दिग्गज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI से सख्त एक्शन की बात करते हुए चहल को जेल भेजने की बात मांग कर रहे हैं। युजवेंद्र चहल इस समय चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स का हिस्सा हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद की फ्लाइट में वेप/ई-सिगरेट का इस्तेमाल किया। जिसका वीडियो पंजाब के गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया था। वीडियो वायरल होने के बाद अब चहल के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। पहले भी हुआ था वीडियो वायरल आईपीएल 2026 में किसी खिलाड़ी द्वारा ई-सिगरेट पीने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले राजस्थान रॉयल के कप्तान रियान पराग का वीडियो भी सामने आया था। पराग को मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते देखा गया था। इसके बाद उन पर एक्शन लेते हुए मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था। अब चहल की फ्लाइट में वेप पीने के वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल तेज कर दी है। इसी बीच पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन चहल की हरकत को अपराध बताते हुए उन्हें जेल भेजे जाने की मांग की है। शिवरामकृष्णन ने पूरे विवाद पर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, 25 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया जाना घटना की गंभीरता को देखते हुए काफी कम है। उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि चहल को जेल भेजा जाए। शिवरामकृष्णन ने एक्स पर लिखा कि भारत में ई-सिगरेट बैन है। चहल को जेल में होना चाहिए। कानून बनाकर अगर उन्हें लागू नहीं किया जाए तो उनका कोई फायदा नहीं है। मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना तो बहुत कम है। अगर कोई आम आदमी ऐसी हरकत करता तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होती?” BCCI ने जारी की चेतावनी इसी बीच BCCI के सचिव देवजीत सैकिया एडवाइजरी जारी कर दी है। एडवाइजरी में कहा गया है कि, ड्रेसिंग रूम और टूर्नामेंट वेन्यू के अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग के मामले BCCI के सामने आए हैं। भारत में लागू कानून के तहत वेप और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंधित हैं। टूर्नामेंट परिसर में ऐसा करने वाला कोई भी व्यक्ति न सिर्फ BCCI और IPL के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। इसके लिए सख्त कार्रवाई की जा सकती है।  

ब्रिगेड ग्राउंड में ऐतिहासिक शपथ समारोह, दुर्गा छवि और गेरुआ प्रतीकों से सजा मंच

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 90 साल के एक बीजेपी सदस्य के पैर छूना फिर ब्रिगेड ग्राउंड में उमड़ी भीड़ के सामने आभार जताते हुए घुटनों के बल बैठ जाना, मंच के बैकग्राउंड में देवी दुर्गा की तस्वीर और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का गेरुआ (भगवा) कुर्ता पहने होना… पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कई तरह के प्रतीकों से भरा हुआ था। अगर बंगाल विधानसभा चुनावों ने इतिहास रचा तो बीजेपी ने अपनी पहली सरकार के शपथ ग्रहण के मौके पर इस इतिहास को बनाने में योगदान देने वाले हर पहलू को खास तौर पर सम्मान दिया। भावनात्मक पहलू इस पल का भावनात्मक महत्व साफ झलक रहा था। शपथ लेने के बाद सीएम सुवेंदु ने पीएम मोदी के सामने सिर झुकाया और कुछ देर तक उसी झुकी हुई मुद्रा में रहे, जबकि पीएम ने एक हाथ से उनके जुड़े हुए हाथों को थाम लिया और दूसरे हाथ से मुस्कुराते हुए उनकी पीठ थपथपाई। फिर भीड़ के शोर के बीच उन्होंने सुवेंदु को कसकर गले लगा लिया। सुवेंदु ने गणमान्य व्यक्तियों की कतार के बीच गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भी ऐसा ही सम्मान दिखाया। सुवेंदु पर शाह का भरोसा 2020 में शाह की मौजूदगी में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद से गृह मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ बीजेपी के जमीनी विरोध का नेतृत्व करने के लिए सुवेंदु का पूरा समर्थन किया। यह एक ऐसा भरोसा था जिसका फल मिला। लेकिन यह ऐतिहासिक अवसर उन पुराने और अनुभवी नेताओं की लंबी मेहनत को स्वीकार करने का भी एक मौका था। दिलीप घोष को मौका आरएसएस के पूर्व प्रचारक और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और जिन्हें नए नेताओं के उभरने के दौर में कभी-कभी उपेक्षित महसूस हुआ था सुवेंदु के बाद शपथ लेने वाले पहले मंत्री बने। यह उनके दशकों लंबे भगवा विचारधारा के प्रति समर्पण का एक सम्मान था। राजनीतिक हिंसा में मारे गए बीजेपी सदस्यों के परिवार से मुलाकात पीएम मोदी ने बीजेपी के कुछ ऐसे सदस्यों के परिवार वालों से भी मुलाकात की, जिनकी कथित तौर पर पिछले कुछ दशकों में हुई राजनीतिक हिंसा में जान चली गई। बीजेपी ने जिन पांच मंत्रियों को चुना उससे यह साबित होता है कि चुनावों में पार्टी को अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय वर्गों का समर्थन मिला है। जहां सुवेंदु ब्राह्मण हैं, वहीं घोष ओबीसी हैं; जबकि अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशित प्रमाणिक मतुआ, आदिवासी और राजबंशी समुदायों से आते हैं। एकमात्र महिला सदस्य अग्निमित्रा पॉल, कायस्थ समुदाय से हैं। मुस्लिम समुदाय को जगह नहीं चूंकि बीजेपी का कोई भी विधायक मुस्लिम नहीं है और राज्य में कोई विधान परिषद भी नहीं है, इसलिए सरकार में किसी मुस्लिम को जगह मिलने की संभावना बहुत कम नजर आती है। यह शायद पहला ऐसा मौका होगा जब बंगाल की किसी सरकार में मुस्लिम समुदाय को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। टीएमसी ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया था कि वे बाहरी लोग हैं और उन्हें बंगाली संस्कृति की कोई परवाह नहीं है। इन आरोपों का जवाब देने के लिए बीजेपी ने खास तौर पर इस कार्यक्रम का आयोजन टैगोर की जयंती के अवसर पर किया और मंच पर इस महान बंगाली विद्वान की तस्वीर भी लगाई गई थी।

IPL Fever in Raipur: RCB स्टार्स को भाया छत्तीसगढ़ का स्वाद, चखी मशहूर कांदा भाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम इस साल रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू (RCB) के रंग में डूबा है, लेकिन उस टीम के क्रिकेटरों पर शनिवार को छत्तीसगढ़िया रंग चढ़ गया. क्रिकेटर्स ने कांदा भाजी, चरोटा भाजी, रागी के व्यंजन और बस्तर के प्राकृति तिखुर शरबत का स्वाद लिया. उन्होंने स्थानीय संगीत और नृत्य का आनंद लिया. आरसीबी ने इस साल आईपीएल के लिए रायपुर को अपना दूसरा होमग्राउंड बनाया है. आरसीबी टीम को 10 मई को मुंबई इंडियन्स और 13 मई को कोलकता नाइट राइडर्स के साथ मुकाबला खेलने वाली है. इसके लिए 8 मई को आरसीबी टीम रायपुर पहुंची. मायरा रिजॉर्ट में पूरी आरसीबी टीम ठहरी हुई है. एक प्रदर्शनी में सांस्कृतिक अनुभव के हिस्से के रूप में खिलाड़ियों का पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ स्वागत किया गया. टीम के कप्तान रजत पाटीदार समेत सभी क्रिकेटर्स को खासकर चरोटा और कांदा भाजी का स्वाद खूब भाया. गर्मियों में पीये जाने वाले बस्तर के प्राकृतिक शर्बत तिखुर भी पसंद आया. वहीं उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प आदिवासी कला, गोदना और चित्रकोट जलप्रपात के बारे में जाना. रायपुर ने हमें अपने घर जैसा महसूस कराया : सीईओ राजेश आरसीबी के सीईओ राजेश मेनन ने कहा कि रायपुर ने हमारा जिस गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है, उससे हम बेहद उत्साहित हैं. हम आरसीबी को एक ऐसे शहर में लाकर खुश हैं, जिसने सचमुच हमें अपने घर जैसा महसूस कराया है. गोदना कला से प्रभावित हुए पांड्या टीम मेंबर्स को बताया गया कि गोदना कला, एक पारंपरिक टैटू प्रथा है, जो आदिवासी संस्कृति में गहराई से रची-बसी है. इस कला को संरक्षित रखने के लिए यह वस्त्र और कपड़ों के डिजाइनों में भी विकसित हो गई है. क्रिकेटर क्रुणाल पांड्या जो टैटू के शौकीन हैं, इस कलाकृति के पीछे की कारीगरी और कहानी कहने के अंदाज से विशेष रूप से प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब मैं रायपुर आया हूं और यह अनुभव अद्भुत रहा है.  मेफेयर में ठहरी है मुंबई इंडियन टीम रायपुर के मेफेयर होटल में मुंबई इंडियन ठहरी हुई है. जहां उनके लिए छत्तीसगढ़ी थीम पर फ़ूड और कल्चर एक्टिविटी की तैयारी की गई है. चियर्स करने पहुंचेंगी अनुष्का, रितिका और नीता अंबानी  रायपुर में होने वाले मैच को देखने के लिए  राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला के अलावा अभिनेत्री और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा रायपुर आ रही हैं. रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सचदेव के अलावा मुंबई इंडियंस की ओनर नीता अंबानी और उनके पुत्र अनंत अंबानी के भी आने की संभावना है.  बता दें कि मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 10 साल बाद आईपीएल मैच संभव हो पाया है. पिछले वर्ष की विजेता टीम आरसीबी ने रायपुर को अपना होम ग्राउंड चुना. यह मैच छत्तीसगढ़ में होने से राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी. 

ADB ने घटाया भारत का GDP अनुमान, महंगाई बढ़ने की चेतावनी

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान युद्ध का असर दुनिया पर पड़ा है और ये आगे भी बना रहेगा. विदेश से भारतीय इकोनॉमी और कच्चे तेल को लेकर एक बुरी खबर आई है. एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी ADB के मुताबिक, Iran War की वजह से पैदा हुई ग्लोबल टेंशन का असर जारी रहेगा और कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती है. इकोनॉमिस्ट ने कहा है कि इसका असर भारत में भी देखने को मिलेगा और यहां पर महंगाई का बम फूट सकता है. इसके साथ ही एडीबी ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में भी बड़ी कटौती की है. इतनी रहेगी कच्चे तेल की कीमत पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एडीबी के चीफ इकोनॉमिस्ट अल्बर्ट पार्क ने कहा है कि मिडिल ईस्ट संकट के उम्मीद से अधिक लंबे समय तक चला, इसके कारण सप्लाई चेन में पैदा हुआ रुकावट से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहने की आशंका है. उन्होंने कहा कि,'Crude Oil की ऊंची कीमतों की संभावना के साथ, नए आउटलुक को देखें, तो ये 2026 के लिए औसत कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल रहेगी. 2027 में यह 80 डॉलर प्रति बैरल पर बनी रहनी चाहिए.'  अल्बर्ट के मुताबिक, भविष्य के अनुमानों के अनुसार अगले साल के लिए कीमतें पहले की तुलना में अधिक रहने का संकेत दे रही हैं.  भारत की GDP को लगेगा झटका भारत पर वेस्ट एशिया संकट के प्रभाव के बारे में बात करते हुए अल्बर्ट पार्क ने कहा कि इससे देश की जीडीपी वृद्धि (India's GDP Growth) में 0.6 फीसदी की कमी आएगी, जिससे यह 6.3 फीसदी पर आ जाएगी. गौरतलब है कि एशियाई विकास बैंक ने बीते अप्रैल महीने में अनुमान लगाया था कि भारत की जीडीपी ग्रोथ मौजूदा वित्त वर्ष में 6.9 फीसदी पर मजबूती से बनी रहेगी, जबकि मजबूत घरेलू डिमांड के कारण अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 7.3 फीसदी हो जाएगी. पार्क ने राहत भरी बात भी कही कि इससे अगले वर्ष देश का विकास फिर से पटरी पर आ जाएगा. क्या फूटने वाला है महंगाई बम? Middle East War और Crude Oil Price के हाई बने रहने के चलते सिर्फ भारत की जीडीपी पर ही असर नहीं पड़ेगा. बल्कि देश में महंगाई का बम भी फूट सकता है. एडीडी अर्थशास्त्री ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में India Inflation में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पहले अनुमान 4.5 फीसदी का जताया गया था, जिसे बढ़ाते हुए 6.9 फीसदी किया गया है. यानी महंगाई दर में सीधे 2.4 फीसदी का उछाल आ सकता है. देश में महंगाई बढ़ने के पीछे के कारणों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत आयातित तेल और गैस पर अधिक निर्भर है. अगर चीन को हटा दिया जाए, तो इस वर्ष ग्रोथ पर पड़ने वाला यह नकारात्मक 0.6 फीसदी पूरे क्षेत्र के लिए भी लगभग एक समान है. इकोनॉमिस्ट का कहना है कि फर्टिलाइजर की लागत बढ़ने से किसान कम इस्तेमाल को मजबूर होंगे, जिससे पैदावार कम होगी और साल के अंत में इसकी उपलब्धता भी कम हो जाएगी. इसका सीधा असर खाद्य पदार्थों की कीमतों (Food Price) पर पड़ेगा, लेकिन कितना असर पड़ेगा यह गैस आपूर्ति में व्यवधान पर निर्भर करेगा.

मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, ये 5 जरूरी हेल्थ टेस्ट हैं बेहद अहम

 मदर्स डे पर मां के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट उनकी अच्छी सेहत हो सकती है क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और फिजिकल बदलाव आते हैं. अक्सर हमारी मां घर की जिम्मेदारियों को छोड़ अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं लेकिन 40 और 50 की उम्र के बाद कुछ बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस मदर्स डे पर आप उन्हें हेल्थ चेकअप का तोहफा दे सकते हैं. समय पर कराए गए ये 5 जरूरी टेस्ट उन्हें भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं और उनकी लंबी उम्र सुनिश्चित कर सकते हैं.   ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ चेकअप बढ़ती उम्र में हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ जाता है. क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, महिलाओं को रेगुलर ब्लड प्रेशर चेकअप और हार्ट हेल्थ स्क्रीनिंग करानी चाहिए ताकि स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी स्थिति से बचा जा सके. मैमोग्राम (ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग) महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. मोया क्लीनिक हेल्थकेयर की गाइडलाइंस कहती हैं कि 40 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को हर 1 से 3 साल में मैमोग्राम कराना चाहिए. यह टेस्ट शुरुआती स्टेज में ही गांठ का पता लगा लेता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan) उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं. मेडिलाइन प्लस के मुताबिक, 65 साल की उम्र के बाद या मेनोपॉज के दौरान हड्डियों की मजबूती जांचने के लिए DEXA स्कैन बहुत जरूरी है ताकि फ्रैक्चर के खतरे को कम किया जा सके. सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पैप स्मीयर और HPV टेस्ट अनिवार्य हैं. सलाह है कि 30 से 65 साल की महिलाओं को हर 5 साल में HPV के साथ को-टेस्टिंग करानी चाहिए. यह टेस्ट कैंसर बनने से पहले ही सेल्स में होने वाले बदलावों को पकड़ लेता है. लिपिड प्रोफाइल खराब लाइफस्टाइल और उम्र के कारण टाइप-2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बना रहता है. हेल्थलाइन के अनुसार, 45 साल की उम्र के बाद हर 3 साल में ब्लड शुगर टेस्ट और हर 5 साल में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए ताकि शरीर में शुगर और फैट का लेवल कंट्रोल में रहे.

सरकारी अस्पतालों की मशीनें अब रहेंगी दुरुस्त, नई फंडिंग मंजूर

 पटना  राज्य में चिकित्सा उपकरणों को सुचारू रूप से चालू रखने के लिए चलाए जा रहे चिकित्सा उपकरण प्रबंधन एवं रख-रखाव कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहली किस्त जारी करने की स्वीकृति दी गई है। इस क्रम में 13 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि खर्च के लिए मुक्त की गई है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग को उपकरणों के रखरखाव के लिए चालू वित्तीय वर्ष में कुल 50 करोड़ 82 लाख रुपये की आवश्यकता जताई थी, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष की बकाया राशि का भुगतान भी शामिल है। समिति ने हवाला दिया कि प्रदेश के मेडिकल कलेज अस्पतालों से लेकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्थापित उपकरणों को लगातार कार्यशील बनाए रखने के लिए लिए व्यापक रख-रखाव और प्रबंधन की व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एक सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन किया गया है। सरकार और एजेंसी से हुए करार के बाद उपकरणों के रखरखाव का कार्य जारी है। विभाग के अनुसार, पूर्व आकलन के अनुसार, राज्य के विभिन्न अस्पतालों में स्थापित उपकरणों की कुल संपत्ति का मूल्य करीब 978 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि इसे 1200 करोड़ रुपये तक होने की संभावना व्यक्त की गई है। इन उपकरणों के रख-रखाव पर सेवा शुल्क सहित हर वर्ष बड़ी राशि खर्च की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से सरकारी अस्पतालों में मशीनों की खराबी कम होगी और मरीजों को बेहतर व निर्बाध चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।  

Mother’s Day 2026: मां के सम्मान पर बोले सीएम योगी, कहा– मां ही परिवार की असली शक्ति

लखनऊ मदर्स डे, यह दिन विशेष रूप से मां के प्रति कृतज्ञता, उनके निस्वार्थ प्रेम और योगदान को सम्मान देने को समर्पित है। लेकिन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिदिन हर मां की खुशी और अपने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के परिवार के लिए समर्पित रहते हैं। वे प्रदेश की सभी मांओं के आंसू पोंछ परिवार में उजाला फैलाते हैं। कानपुर की खुशी गुप्ता व मायरा, लखनऊ की अनाबी अली, मुरादाबाद की वाची, गोरखपुर की पंखुड़ी त्रिपाठी समेत अनेक बच्चे इसके उदाहरण हैं, जिन्हें सीएम योगी के कारण उज्ज्वल भविष्य मिला और उनकी मांओं का दुख दूर हुआ।  जब खुशी ने पहला शब्द बोला- थैंक्यू योगी जी, भर आई थीं मां की आंखें मुख्यमंत्री ने कानपुर की मूक-बधिर बच्ची “खुशी” के जीवन में खुशी के इंद्रधनुषी रंग भरे। कानपुर की यह बच्ची न बोल सकती थी और न सुन सकती थी। खुशी नवंबर 2025 में बिना बताए कानपुर स्थित घर से निकलकर लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हुए लखनऊ पहुंच गई थी। किसी तरह उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया गया। इस बच्ची ने अपने हाथों से बना चित्र सीएम को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एक फाउंडेशन के सहयोग से खुशी के इलाज की व्यवस्था कराई। 26 जनवरी 2026 को खुशी का सफलता पूर्वक कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। अब खुशी सुन भी पा रही है और कुछ-कुछ बोलना भी शुरू कर दिया है। सर्जरी के बाद उसके मुंह से निकले पहले शब्द थे- “थैंक यू योगी जी।” बेटी की खुशी देख मां गीता गुप्ता की आंखों में पहली बार खुशी के आंसू छलक पड़े।  मायरा, पंखुड़ी, अनाबी, वाची का परिवार भी योगी का मुरीद कानपुर की नन्ही मायरा को सीएम योगी ने जनता दर्शन में न सिर्फ चॉकलेट दी, बल्कि शाम तक उसकी मुराद पूरी कर दी। सीएम के निर्देश पर कानपुर के एस्काटर्स वर्ल्ड स्कूल ने मायरा का एडमिशन किया। मुरादाबाद की वाची, लखनऊ की अनाबी का एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफी भी सीएम योगी के निर्देश पर हुई। अब ये बच्चियां अपने-अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। मायरा की मां नेहा कहती हैं कि हम खुशनसीब हैं कि योगी आदित्यनाथ हमारे मुखिया हैं। वृद्ध मां के दर्द से द्रवित सीएम ने कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं,  जहां सीएम योगी ने मां के आंसू पोंछकर परिवार में खुशियों के रंग भर दिए।

सुबह के ये वास्तु उपाय बदल सकते हैं घर की किस्मत और आर्थिक स्थिति

वास्तु शास्त्र में सुबह के समय को ब्रह्म मुहूर्त के समान बेहद  प्रभावशाली माना गया है. जिस तरह दिन की सही शुरुआत हमारे मूड को बेहतर बनाती है, ठीक उसी तरह सुबह किए गए कुछ खास वास्तु उपाय हमारे घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति को बदल सकते हैं. यदि आप भी चाहते हैं कि आपका दिन सफल हो और घर में बरकत बनी रहे, तो हर सुबह इन शुभ कामों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं. 1. हथेलियों के दर्शन (कराग्रे वसते लक्ष्मी) सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर उनके दर्शन करें. वास्तु और शास्त्रों के अनुसार, हथेलियों के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास होता है.  ऐसा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ होती है. 2. मुख्य द्वार पर जल का छिड़काव वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है. सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल भरकर मुख्य द्वार पर छिड़काव करें. यह उपाय न केवल नकारात्मक ऊर्जा को घर से दूर रखता है, बल्कि मां लक्ष्मी का आगमन भी होता है.  यह उपाय इनकम औऱ बैंक बैलेंस बढ़ाने में बेहद मददगार है. 3. सूर्य देव को अर्घ्य देना सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें. वास्तु के अनुसार, सूर्य को जल देने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और कुंडली के दोष शांत होते हैं. यह उपाय आपके कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने में भी मदद करता है. 4. घर के 'ब्रह्मस्थान' की सफाई गर्मी के मौसम में घर के बीचों-बीच के हिस्से यानी 'ब्रह्मस्थान' का महत्व बढ़ जाता है.  हर सुबह सुनिश्चित करें कि यह स्थान पूरी तरह साफ और खाली हो. यहां से धूल-मिट्टी हटाने से घर में ऊर्जा का प्रवाह (Energy Flow) बेहतर होता है और आर्थिक तंगी दूर होती है. 5. तुलसी के पौधे में जल और दीप तुलसी का पौधा घर के वास्तु दोषों को सोखने की अद्भुत क्षमता रखता है.  हर सुबह तुलसी में जल अर्पित करना और संभव हो तो शाम को घी का दीपक जलाना घर में सुख-शांति सुनिश्चित करता है. यह परिवार के सदस्यों के बीच कलह को कम करने में भी सहायक है.

निफ्टी के लिए 23,500–25,000 का अहम रेंज, एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और वैश्विक राजनीतिक हलचलों के बीच शुक्रवार 8 मई को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स 516 अंक गिरकर 77,328 पर और निफ्टी 151 अंक फिसलकर 24,176 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस अस्थिरता के बावजूद आनंद राठी (Anand Rathi) के टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर गणेश डोंगरे का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, बाजार अब 'Buy-on-Dips' यानी हर गिरावट पर खरीदारी के मोड में है। सोमवार 11 मई 2026 के लिए उन्होंने तीन ऐसे शेयरों को चुना है जो निवेशकों को अच्छा मुनाफा दे सकते हैं। अगले हफ्ते के लिए बाजार का आउटलुक मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गणेश डोंगरे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,500–23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा, जबकि 24,800–25,000 की रेंज में बड़ी रुकावट (Resistance) देखी जा सकती है। अगर निफ्टी 24,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यह जल्द ही 25,300 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,500–55,000 का स्तर अहम सपोर्ट है। एक्सपर्ट की टॉप 3 पिक्स (Top Picks for Monday) सोमवार के लिए गणेश डोंगरे ने इन तीन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। 1- एमक्योर फार्मा (Emcure Pharmaceuticals):- खरीदें:- ₹1640 – ₹1660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹1730 स्टॉप लॉस:- ₹1615 2- केफिन टेक (Kfin Technologies):- खरीदें:- ₹910 – ₹920 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹980 स्टॉप लॉस:- ₹890 3- मझगांव डॉक (Mazagon Dock Shipbuilders):- खरीदें:- ₹2640 – ₹2660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹2750 स्टॉप लॉस:- ₹2580 निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। बाजार में किसी भी बड़ी खबर से उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकता है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करें और स्टॉप लॉस (Stop Loss) का सख्ती से पालन करें। अनुशासन के साथ निवेश करना ही मौजूदा बाजार में मुनाफे की कुंजी है।

क्रूज शिप पर हंतावायरस का कहर, 3 मौतों के बाद WHO ने जारी किया अलर्ट

 कोरोना वायरस के बाद अब एक नए वायरस हंतावायरस (Hantavirus) ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. क्रूज शिप पर हंतावायरस के प्रकोप से 3 लोगों की मौत के बाद अलर्ट जारी किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है. हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों से फैलता है, लेकिन इस बार इसके इंसानों से इंसानों में फैलने की आशंका ने एक्सपर्ट्स की चिंताएं बढ़ा दी हैं क्योंकि यह वायरस फेफड़ों और किडनी पर सीधा हमला करता है, जिससे मरीज की हालत कुछ ही घंटों में गंभीर हो सकती है. WHO का इस बारे में क्या कहना है और इसके लक्षण क्या हैं, इस बारे में जानना भी जरूरी है. क्रूज शिप पर हंतावायरस का कहर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार,  शिप पर अब तक कुल 8 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है. यह जहाज दक्षिण अटलांटिक में था जब यात्रियों में बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण देखे गए. फिलहाल जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स पर खड़ा है और संक्रमितों को आइसोलेट किया गया है. जलवायु परिवर्तन और बढ़ता खतरा द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण इंसानों का उन इलाकों में एक्सपोजर बढ़ रहा है जहां चूहे पाए जाते हैं. गर्मी बढ़ने के कारण ये जीव नए ठिकानों की तलाश में इंसानी बस्तियों या जहाजों तक पहुंच रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का रिस्क बढ़ गया है. हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह वायरस हवा के जरिए आसानी से नहीं फैलता, लेकिन पर्यावरण में बदलाव इसकी पहुंच बढ़ा रहे हैं. कैसे पहचानें हंतावायरस के लक्षण? आमतौर पर हंतावायरस संक्रमित चूहे के मल-मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है. हालांकि, इस बार एंडिस वायरस स्ट्रेन की पुष्टि हुई है. मायो क्लीनिक के अनुसार, दक्षिण अमेरिका में पाया जाने वाला यह स्ट्रेन सीमित परिस्थितियों में एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है. क्रूज शिप पर संक्रमण फैलने का यही मुख्य कारण माना जा रहा है. CDC और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हंतावायरस के लक्षण शुरुआत में आम फ्लू जैसे लगते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल होता है. इसमें मसल्स से दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और पेट की समस्याएं हो सकती हैं. संक्रमण के बढ़ने पर यह फेफड़ों को प्रभावित करता है जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है. इसका मृत्यु दर काफी अधिक है इसलिए समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है. क्या नई महामारी बन सकता है? WHO के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेसियस ने हंतावायरस को लेकर दुनिया के डर को कम करने की कोशिश की है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कोरोना जैसी स्थिति नहीं है और आम लोगों के लिए इसका खतरा फिलहाल बहुत कम है डॉ. टेड्रोस ने कहा, 'लोग हंतावायरस की तुलना कोविड-19 से न करें. मैं और मेरे साथी विशेषज्ञ पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं कि इस वायरस से पब्लिक हेल्थ को होने वाला खतरा फिलहाल काफी कम है. इसे लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह कोरोना की तरह बड़े स्तर पर फैलने वाली महामारी नहीं है. संक्रमण को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और जहाज पर अब कोई भी यात्री लक्षण नहीं दिखा रहा है.' बचाव ही एकमात्र इलाज हंतावायरस के लिए फिलहाल कोई विशेष वैक्सीन या सटीक एंटी-वायरल इलाज उपलब्ध नहीं है. एक्सपर्ट की सलाह है कि संक्रमण का पता चलते ही मरीज को तुरंत ICU में भर्ती करना चाहिए. ऑक्सीजन सपोर्ट और हाइड्रेशन के जरिए ही मरीज की जान बचाई जा सकती है. चूहों से दूरी बनाना और साफ-सफाई रखना ही इससे बचने का सबसे कारगर तरीका है.