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गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने

गोरखपुर में बनेगा विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: मुख्यमंत्री गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में 60 एकड़ में बनेगा नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हर तरह के इनडोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के साथ ही खेल व खिलाड़ियों के हित में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में आरक्षित कराई गई 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।   केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में शनिवार को गोरखपुर के ताल नदोर में करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां 46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तो बनेगा ही, इसके बगल की 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाएंगे। इसमें हर तरह के इनडोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा हॉकी जैसे अन्य आउटडोर गेम्स भी हो सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से इस क्षेत्र में होटल, रेस्त्रां व मार्केट की नई श्रृंखला तैयार होगी और बड़ी संख्या में नए रोजगार भी सृजित होंगे। लोक कल्याण के लिए होना चाहिए सरकारी भूमि का उपयोग मुख्यमंत्री ने ताल नदोर क्षेत्र में हो रहे विकासपरक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ साल पहले यह क्षेत्र बंजर पड़ा था। उपेक्षित था, जिसकी मर्जी होती वह कब्जा कर लेता था। अब यहां की जमीन कब्जामुक्त है। डबल इंजन सरकार इस भूमि पर नौजवानों के भविष्य को तराशने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवा रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम युवाओं और भावी पीढ़ी के सपनों को साकार करेगा। सरकारी भूमि का उपयोग लोक कल्याण तथा विकास परियोजनाओं के लिए होगा। इसी विजन से ताल नदोर में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना भी की जा रही है। जाति-क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले नहीं हो सकते जनता के हितैषी सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश को माफियामुक्त, गुंडामुक्त, दंगामुक्त, कर्फ्यूमुक्त बनाया है। इससे प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। विकास होता है तो रोजगार का सृजन स्वतः स्फूर्त भाव से होता है। जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले लोग जनता के हितैषी नहीं हो सकते। जब ऐसे लोगों को सत्ता मिली तो वे गुंडागर्दी, अराजकता, अव्यवस्था फैलाते रहे। जनहित के बजाय परिवार के लिए सत्ता का दुरुपयोग करते रहे। लेकिन, डबल इंजन सरकार जन कल्याण व रोजगार सृजन के लिए कार्य कर रही है। 500 खिलाड़ियों की सीधी भर्ती जल्द मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूपी में अब तक हमने लगभग साढ़े पांच सौ पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये सरकारी नौकरी दी है। साथ ही 500 खिलाड़ियों की नई भर्ती फिर से निकाली है। इससे बहुत जल्द ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप आदि में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। अब तक सीधी भर्ती में ललित उपाध्याय, दीप्ति शर्मा, पारुल चौधरी, अर्जुन देशवाल, प्रवीण कुमार, राजकुमार पाल को यूपी पुलिस में सीधे डिप्टी एसपी का पद दिया गया है। विजय कुमार यादव व दिव्या काकरान को नायब तहसीलदार, अर्जुन सिंह को यात्री एवं मालकर अधिकारी, प्राची व पुनीत कुमार को जिला युवा कल्याण अधिकारी, अजीत सिंह व सिमरन को जिला पंचायत राज अधिकारी, प्रीति पाल को खंड विकास अधिकारी, रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं।  पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी नई खेल संस्कृति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल स्पर्धा से नई खेल संस्कृति आगे बढ़ी है। इसका परिणाम है कि ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत की प्रतिभागिता और मेडल की संख्या में वृद्धि हुई है। खिलाड़ियों को इंफ्रास्ट्रक्चर देना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रही है। सुविधा मिलने से खिलाड़ी पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे हैं। सरकार हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज की सुविधा विकसित कर रही है। मेरठ में खेल विश्वविद्यालय बन चुका है और इसी सत्र में उसका भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होने जा रहा है। दूरी घटाकर विकास की रफ्तार बढ़ा रही सरकार सीएम ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम जिस गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर बन रहा है, उससे होकर वाराणसी जाने में पहले चार से पांच घंटे लगते थे लेकिन अब महज ढाई घंटे लगते हैं। इसी तरह गोरखपुर से लखनऊ जाने में लगने वाला समय आठ घंटे से कम होकर साढ़े तीन घंटे हो गया है। सरकार सिर्फ दूरी ही नहीं घटा रही, बल्कि विकास की रफ्तार बढ़ाकर रोजगार सृजन भी कर रही है। पश्चिम एशिया के संकट में बेहतरीन प्रबंधन का परिचय कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पूरा विश्व पश्चिम एशिया के संकट से जूझ रहा है। कई देशों में अव्यवस्था, अस्थिरता है। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं। इन स्थितियों में भारत में प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हरदीप सिंह पुरी जी ने बेहतरीन प्रबंधन का परिचय दिया है। तेल कम्पनियों पर भले ही बोझ आया, लेकिन उन्होंने संकट के बीच आम जनता को लगातार राहत दिलाई है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 100 करोड़ रुपये देने के लिए पेट्रोलियम मंत्री, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रति आभार व्यक्त किया।  वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन इससे पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन किया। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम ने स्टेडियम के ड्राइंग मैप व मॉडल का अवलोकन भी किया। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों … Read more

उत्तराखंड में आंधी-तूफान का खतरा, बिजली गिरने की चेतावनी, कई जिलों में अलर्ट

देहरादून भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के 11 जनपदों में शनिवार अपराह्न एक बजे से रविवार एक बजे तक 24 घंटों का येलो अलर्ट जारी किया है। चूंकि राज्य में चारधाम यात्रा प्रचलित है, इसलिए यह चेतावनी विशेषकर अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 मई 01:00 बजे अपराह्न से 17 मई रविवार 01:00 बजे अपराह्न तक जनपद अल्मोडा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौडी गढ़वाल, पिथौरागढ, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी में अलग-अलग स्थानों पर येलो अलर्ट का अनुमान है। इस दौरान, इन जनपदों के ऋषिकेश, मसूरी, विकासनगर, चकराता, गंगोत्री, यमनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, देवप्रयाग, धनोल्टी, श्रीनगर, कोसानी, कपकोट, मुनस्यारी, हल्द्वानी, लोहाघाट, टनकपुर तथा आस पास के क्षेत्रो में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा) के साथ बिजली गिरने और तूफान आने की संभावना है।

हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला, उपायुक्तों को मिली लीज साइनिंग की शक्ति

रांची  झारखंड में जिन 35 बालू घाटों से बालू का उठाव सिर्फ उपायुक्त के हस्ताक्षर के लिए रुका हुआ था, उसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इससे संबंधित संशोधित नियमावली को स्वीकृति दे दी है। नई व्यवस्था में बालू लीज की निगरानी का सारा जिम्मा उपायुक्तों के पास होगा। जिले के उपायुक्त ही लीज डीड पर हस्ताक्षर करेंगे। उपायुक्त के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण वर्तमान में 35 बालू घाटों से बालू का उठाव बंद था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद शनिवार से बालू घाटों से बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 के नियम 14 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिले के उपायुक्त को नियमावली के अंतर्गत खनन पट्टे को निष्पादित करने की शक्तियां प्रदान कर दी हैं। इसके साथ ही अब राज्य के 35 घाटों से बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि इससे राज्य में बालू की कालाबाजारी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी। एक महीने में उठेगा पांच करोड़ सीएफटी बालू झारखंड में कुल 444 बालू घाट जिनमें से 290 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है। इन 290 बालूघाटों में से 35 घाटों के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और खनन पट्टों के साथ संचालन के लिए तैयार है। ऐसा होने के बाद 35 घाटों से बालू का उठाव वैध तरीके से होने लगेगा। खनन विभाग के अनुसार कि इन 35 बालू घाटों से हर दिन करीब दस लाख सीएफटी बालू का उठाव की उम्मीद है। इससे हर महीने करीब पांच करोड़ सीएफटी बालू का उठाव हो सकेगा। सुचारू रूप से एक महीने में इतने बालू का उठाव हो जाने से एनजीटी की रोक लगने के बावजूद बालू की कमी नहीं हो सकेगी। इससे पहले बालू घाटों कि नीलामी और उठाव पर कोर्ट की तरफ से पांच महीने तक रोक लगी रही।

जोबगा में खुले रोजगार के द्वार, गायत्री परियोजना प्रभावितों को मिलेगा लाभ

घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्न सूरजपुर, जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही। निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

80 फीट ऊंची पहाड़ी से कूदे थे सलमान खान, बाल-बाल बची थी जान

सुपरस्टार सलमान खान जब भी बड़े पर्दे पर नजर आते हैं, तो उनका चार्म सारी लाइमलाइट लूटकर चला जाता है. सलमान के स्टाइल पर उनके फैंस दिल हारते हैं. यही कारण है कि उनकी एक खराब फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड की छोटी फिल्मों से ज्यादा कमा लेती हैं. सलमान ने अपने 35 साल के करियर में 100 से ज्यादा फिल्में की हैं. उनमें कई सारे खतरनाक एक्शन सीन्स भी एक्टर ने खुद परफॉर्म किए. हाल ही में वैराइटी इंडिया से बातचीत में सलमान ने अपने उन स्टंट्स को याद किया, जिसे करते समय उन्होंने अपनी जान खतरे में डाली थी. सुपरस्टार ने बताया कि उनकी 90s की शुरुआत में दो ऐसी फिल्में रहीं, जिनमें वो बाल-बाल बचे थे. सलमान का खतरनाक स्टंट सलमान से जब उनके सबसे रिस्की स्टंट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपने अंदाज में सबसे पहले कहा- मैं 60 साल का हो गया हूं, आप वो पूछ रहे हैं जो मैं 35 साल पहले कर चुका हूं. इतने सालों पहले मैंने वो कौनसा खतरनाक सबसे पहले स्टंट किया था मैं याद रख सकूं, ये संभव नहीं है. हालांकि बाद में उन्होंने याद किया और अपनी फिल्म जाग्रुती का किस्सा सुनाया, जब वो एक ऊंची पहाड़ी से कूद गए थे. सलमान ने कहा- हम लोग उडुपी में शूट कर रहे थे, वहां एक 80 फुट का पहाड़ था और खाई थी. तब के दौर में सिर्फ एक या दो बॉक्स हुआ करते थे, ताकि किसी को चोट ना पहुंचे. लेकिन ये हाई-जंप थी, तो स्टंट टीम ने बॉक्स के तीन लेयर लगाए थे जिसमें गद्दे भी बिछाए गए थे. 'जब मैं ऊपर चढ़ा, तो मैं वहां से बॉक्स ही नहीं देख पाया जिसपर मुझे जंप करना था. खाई गहरी थी, इसलिए मुझे अपनी जजमेंट के हिसाब से कूदना था. मैं वो जंप नहीं करता, लेकिन तबतक वहां काफी भीड़ आ चुकी थी. तो अब ऊपर जाकर नीचे आ जाना और स्टंट करने से मना करना, थोड़ा ईगो को नुकसान पहुंचाता. तभी मैंने फैसला किया कि अब मुझे कूदना है और बॉक्स वहीं कहीं पर हैं. तो मैंने अपने मेकअप मैन का हाथ पकड़ा और जैसे ही जंप करने के लिए दौड़ा, मेरा पैर फिसल गया.' सलमान ने बताया कि उनका सिर पहाड़ की चोटी पर लगभग लगने वाला था और वो तुरंत नीचे गिर गए. सुपरस्टार ने अपने एक और स्टंट का जिक्र किया, जो उन्होंने फिल्म पत्थर के फूल में किया था. सलमान को मुंबई की रोड पर स्केटिंग करनी थी, इस दौरान उनका बैलेंस बिगड़ा और वो गद्दे पर इतनी जोर से गिरे कि करीब 90 सेकेंड तक सांस नहीं आई थी.

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में बड़ा टर्निंग पॉइंट, इसी महीने चुनाव नोटिस जारी होने के संकेत

 जयपुर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से जारी गतिरोध और प्रशासनिक खींचतान के बीच अब चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजधानी जयपुर में आरसीए की एडहॉक कमेटी और प्रदेश के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों के बीच एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार या मुख्यमंत्री की मंशा आरसीए के कामकाज में दखल देने की बिल्कुल नहीं है. सरकार केवल यह चाहती है कि राजस्थान क्रिकेट में पारदर्शिता आए और खेल के हित में जल्द से जल्द चुनाव संपन्न हों. 'क्रिकेट का भविष्य जिला संघों के हाथ में' बैठक में शामिल होने पहुंचे खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में जोर देकर कहा कि राजस्थान क्रिकेट का संचालन अंततः जिला संघों और निर्वाचित पदाधिकारियों को ही संभालना है. उन्होंने सभी जिला क्रिकेट संघों से अपील की कि वे अपने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और एडहॉक कमेटी के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं. खेल मंत्री ने यह भी साफ किया कि विवाद बढ़ने की स्थिति में सरकार केवल एडहॉक कमेटी का गठन कर सकती है, लेकिन चुनाव कराने की अंतिम जिम्मेदारी क्रिकेट से जुड़े पदाधिकारियों की ही होती है. समय पर चुनाव होने से सुधरेगा युवा खिलाड़ियों का भविष्य खेल मंत्री ने समय पर चुनाव कराने की अहमियत समझाते हुए कहा कि ऐसा होने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मिलने वाले संसाधनों और सहायता का सही और पारदर्शी इस्तेमाल हो सकेगा. जब आरसीए में एक चुनी हुई और पारदर्शी संस्था काम करेगी, तो प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर और निष्पक्ष अवसर मिलेंगे. इसी महीने जारी हो सकता है चुनावों का आधिकारिक नोटिस दूसरी तरफ, आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और उम्मीदों से भरा बताया. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 29 जिला संघों के पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया है. मोहित यादव के मुताबिक, कमेटी पूरी गंभीरता और मुस्तैदी से काम कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसी महीने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया जाएगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आधिकारिक गति मिलेगी. मैदान पर 'फ्रेंडली मैच' और पर्दे के पीछे 'बड़ा एक्शन' इस पूरी बैठक और सकारात्मक माहौल के पीछे आरसीए की अंदरूनी सियासत भी पूरी तरह गरमाई रही. हालांकि पदाधिकारियों के बीच का तनाव और माहौल को हल्का करने के लिए एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया था, लेकिन पर्दे के पीछे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी भी दिखाई दी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक के दौरान नागौर और सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक पत्र पर करीब 25 जिला संघों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर करवाए गए हैं, जिस पर एडहॉक कमेटी जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है. राजस्थान क्रिकेट प्रशासन के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट कोर्ट-कचहरी के चक्करों और आपसी गुटबाजी से जूझ रहे आरसीए के लिए इस बैठक को एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है. खेल मंत्री के कड़े रुख और एडहॉक कमेटी की सक्रियता से यह साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्थान क्रिकेट के प्रशासन में बड़े बदलाव होने वाले हैं. अब सभी की नजरें इसी महीने जारी होने वाले चुनावी नोटिस और जिला संघों के अगले कदम पर टिकी हैं.

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सक्रिय हुई सीएम हेल्पलाइन 1076

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक सरल पहुंच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित इस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है। इसी क्रम में जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर   प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी हरिओम द्विवेदी, सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण दल के प्रमुख  नुराग दीवान ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है। इसमें एल-1 पर ब्लॉक स्तर, एल-2 पर जिला स्तर, एल-3 पर संभागीय अथवा निदेशालय स्तर तथा एल-4 पर सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने की स्थिति में शिकायत स्वतः अगले स्तर पर प्रेषित हो जाएगी। सीएम हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान हेतु SLA आधारित व्यवस्था, समाधान के बाद नागरिकों से संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा MIS डैशबोर्ड के माध्यम से सतत निगरानी शामिल हैं। सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप या लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रणाली राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी केस पर बहस, नागरिकता और वोटर लिस्ट पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल उस रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई टल गई, जिसमें बिना भारतीय नागरिकता हासिल किए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने का आरोप लगाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। पिछली सुनवाई ने दिया था निर्देश पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसी दौरान शिकायतकर्ता के वकील विकास त्रिपाठी ने चुनाव आयोग से प्राप्त कुछ दस्तावेजों को कोर्ट रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। याचिकाकर्ता ने लगाया आरोप सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि फिलहाल उनकी मांग ट्रायल शुरू कराने की नहीं है बल्कि पुलिस जांच करवाने की है। उनका कहना था कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी, लेकिन उनका नाम वर्ष 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में पहले से मौजूद था। याचिकाकर्ता ने उठाया सवाल याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब 1983 में नागरिकता मिली तो फिर 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया था। याचिका में यह भी पूछा गया है कि क्या उस समय वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था। नाम हटाने की पूछी वजह इसके अलावा याचिका में यह भी दावा किया गया है कि वर्ष 1982 में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर नाम हटाने की वजह क्या थी और इसके पीछे कौन से दस्तावेज या प्रक्रिया अपनाई गई थी। अब इस पूरे मामले पर अदालत 4 जुलाई को आगे की सुनवाई करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।  

अंधेरे से उजाले तक: CM विष्णुदेव साय की पहल से मटासी गांव रोशन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से जशपुर जिले के ग्राम मटासी में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारु हो गई। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव की बस्ती लगभग 21 घंटे तक अंधेरे में डूबी रही, जिससे पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई थी और ग्रामीणों को भीषण गर्मी के बीच भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही इस समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची, उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग की टीम ने तत्परता से नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। बिजली व्यवस्था पुनः शुरू होते ही गांव में रोशनी लौट आई और पेयजल आपूर्ति भी सामान्य हो गई। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और लंबे समय से परेशानी झेल रहे लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी दिखाई दी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर हुए समाधान से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन-प्रशासन जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।  

शनिदेव को प्रसन्न करने का आसान उपाय, जानें दीपक जलाने की सही दिशा

आज शनि जयंती की शाम पीपल के पेड़ के नीचे दीया जरूर जलाएं। इसी के साथ शनिदेव के एक खास मंत्र का भी जाप करें। हिंदू धर्म में शनिवार के दिन शनि भगवान की पूजा का विशेष महत्व होता है और शनि जयंती है तो आज का दिन और भी खास बन चुका है। बता दें कि लंबे इंतजार के बाद ऐसा संयोग बना है कि शनिवार के दिन ही शनि जयंती पड़ रही हो। आज न्याय और कर्मों के देवता कहने जाने वाले शनिदेव की पूजा करने से जिंदगी के कई कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और शनिदेव की कृपा मिल सकती है। शनि जयंती की शाम बहुत ही शक्तिशाली और विशेष मानी जाती है। आज शाम दीया जलाकर शनिदेव से सुख-शांति की कामाना करने से उनकी कृपा जरूर मिलती है। वहीं अगर दीए को सही दिशा और सही मंत्र के साथ जला लिया जाए तो पूजा का महत्व और भी बढ़ जाएगा। शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त शनिदेव की पूजा का एक मुहूर्त निकल चुका है। अब शाम का एक मुहूर्त बचा है जोकि विशेष है। आम तौर पर शनिदेव मंदिर में भक्तों की भीड़ शाम में ही नजर आती है। दरअसल शनिदेव की पूजा के लिए शाम का समय ही सबसे शुभ माना जाता है। आज शनि जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:05 बजे से शुरु होकर रात 08:23 बजे तक होगा। दीया जलाते समय पढ़ें ये मंत्र शनिदेव के नाम का दीया पीपल के पेड़ नीचे जलाया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और साथ ही मन को शांति मिलती है। ॐ शं शनैश्चराय नमः माना जाता है कि इस मंत्र के जाप का शांत मन से जाप किया जाए तो शनिदेव प्रसन्न होकर सारे दुख हर लेते हैं। इस मंत्र का जाप 11, 21 या फिर 108 बार किया जा सकता है। आज का दिन विशेष है तो कोशिश करें कि इस मंत्र का जाप 108 बार ही किया जाए। इस दिशा में जलाएं शनि जयंती का दीया वास्तु शास्त्र की मान्यता के हिसाब से शनिदेव की पूजा करते समय पश्चिम दिशा शुभ मानी जाती है। इसी दिशा की ओर मुंह करके ही दीया जलाना चाहिए। मान्यता है कि आज शाम को चार जगह दीया जलाना चाहिए। शनि मंदिर और पीपल के पेड़ के नीचे तो दीया जरूर ही जलाएं। साथ ही हनुमान मंदिर और घर के मुख्य द्वार पर भी सरसों के तेल का दीया जलाकर भगवान शनिदेव को मन ही मन याद करें और ऊपर बताए गए मंत्र का जाप करें।