samacharsecretary.com

योगी सरकार का हेल्थ सेक्टर पर सख्त एक्शन, नियम तोड़ने वालों पर गिरी गाज

लखनऊ उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से ही भ्रष्टाचारियों और लापरवाहों पर लगातार सख्त रुख अपना रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत तय मानकों का पालन नहीं करने वाले निजी अस्पतालों पर एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 200 से अधिक अस्पतालों पर अपना शिकंजा कसा है। इनको ब्लैक लिस्ट किया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सौ अस्पतालों का भुगतान रोका है और सौ को निलंबित कर दिया है। ब्लैकलिस्ट किए गए इन 200 से अस्पतालों पर गरीबों के इलाज में धांधली का आरोप है। यह सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे निर्देश पर की गई है, क्योंकि इन अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं किया था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आयुष्मान योजना में पंजीकरण के लिए 35 मानकों का पूरा करना अनिवार्य रखा है। ऐसे में बड़ी संख्या में अस्पतालों की धांधली सामने आई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मानकों का उल्लंघन करने वाले दो सौ से अधिक अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कारवाई की गई है। सौ अस्पतालों की पैनल से निलंबन कर दिया गया, जबकि इतने ही अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों का भुगतान रोका गया है। नई नियमावली के मुताबिक अस्पतालों के लिए निर्धारित 35 मानकों को पूरा करना अनिवार्य है, जिसमें पंजीकरण प्रमाणपत्र, फायर सेफ्टी एनओसी, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता एवं एचएफआर पंजीकरण सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। चिकित्सकों की डिग्री अथवा विवरण के अनुचित उपयोग की शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक एचइएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं। कई बार निर्देश जारी होने के बावजूद लगभग 200 निजी अस्पतालों ने मानकों को पूरा नहीं किया। इनमें आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, बागपत, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर, कुशीनगर, ललितपुर, लखनऊ, मथुरा, मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, प्रतापगढ़, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, शाहजहांपुर, जालौन, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, रामपुर और सोनभद्र सहित कई जिलों के अस्पताल शामिल हैं। सूचीबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए कहा गया है। राज्य और जिला स्तर पर अस्पतालों की नियमित आडिट और मानिटरिंग कराई जा रही है। अस्पतालों में डिजिटल माध्यम से मरीजों के निस्तारण को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एबीडीएम सक्षम एचएमआईएस प्रणाली लागू होगी। इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड (ईएचआर) प्रणाली से मरीजों का स्वास्थ्य रिकार्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। राज्य स्तर से अस्पतालों को पोर्टल संचालन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से ई-मेल, फोन कॉल, संदेश, प्रचार अभियान और वर्चुअल बैठकों के माध्यम से अस्पतालों को लगातार सहयोग दिया गया। इसके बावजूद कई अस्पताल तय समय सीमा के भीतर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं कर सके। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं, लेकिन करीब 200 अस्पतालों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। ऐसे अस्पतालों को कई बार मौका भी दिया गया था।

लोकायुक्त का शिकंजा, घूस लेते पटवारी पकड़ा गया

रीवा लोकायुक्त संभाग रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम खजुआ कला निवासी कमलेश पटेल ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि सीमांकन कार्य में भूमि की सीमा बरकरार रखने के एवज में हल्का पटवारी मनोज पांडे द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही है। सत्यापन के दौरान आरोपी 10 हजार रुपये पहले ही ले चुका था और शेष 5 हजार रुपये की मांग कर रहा था। लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को रीवा के राजीव मार्ग निराला नगर में जाल बिछाकर आरोपी पटवारी को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रैप कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार ने किया। टीम में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित 12 सदस्यीय दल शामिल रहा।

महंगाई के बीच पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल कीमतों में कटौती

इस्लामाबाद  अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से दुनियाभर में तेल का संकट मंडरा रहा है। इस माहौल के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये की कटौती की है। इस कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत 409.78 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 409.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। बता दें कि पाकिस्तान की सरकार 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से हर हफ्ते  रात को पेट्रोलियम की कीमतों में बदलाव कर रही है। पिछले हफ्ते, सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 14.92 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने सबसे पहले 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी और 9 मार्च को खर्च में कटौती के कुछ ऐसे उपाय घोषित किए थे, जो पहले कभी नहीं किए गए थे। भारत में 3 रुपये महंगा हुआ है पेट्रोल-डीजल सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थीं। हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दोनों ईंधनों के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त कटौती की गई थी। वहीं, चार राज्यों-असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 16 दिन बाद यह बढ़ोतरी हुई है। मतदान अवधि के दौरान ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था जबकि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी। तेल कंपनियां चुनाव से पहले पेट्रोल पर 14 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 42 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी पर 674 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठा रही थीं। दूसरे देशों से अब भी भारत में सस्ती कीमत वैश्विक तेल संकट के बीच जारी एक आंकड़े के मुताबिक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे कम रही है। रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार में पेट्रोल 89.7% और डीजल 112.7% तक महंगा हुआ, जबकि मलेशिया, पाकिस्तान, यूएई और अमेरिका में भी ईंधन कीमतों में 40 से 80 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्रीलंका, कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल केवल 3.2% और डीजल 3.4% महंगा हुआ है, जिसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम वृद्धि बताया गया है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उछाल के बावजूद आम लोगों पर बोझ कम रखने के लिए कीमतों को लंबे समय तक नियंत्रित रखा गया।

सोशल मीडिया पर नया ट्विस्ट! मौनी रॉय ने दोबारा फॉलो किया सूरज को, चर्चा में दिशा पटानी

मुंबई बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस मौनी रॉय फ़िलहाल अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी विवादों ने घिरी हुई हैं। कुछ समय पहले ही मौनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट कर इस बात की घोषणा कर है कि वो और उनके पति अलग हो चुके हैं। उनके अलग होने की चर्चा तब से शुरू हुई जब से दोनों ने एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर unfollow कर दिया। इसी के साथ मौनी के फैंस डाइवोर्स की वजह दिशा पटानी को मान रहे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें कबाब में हड्डी तक बोल दिया है। मौनी ने फिर किया अपने पति को फॉलो तलाक के बाद उनके फैंस मौनी पर नजर टिकाए बैठे हुए हैं। तलाक की घोषणा से पहले मौनी के पति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को डिएक्टिवेट कर दिया था लेकिन फिर से सूरज ने अपना अकाउंट एक्टिवेट कर दिया है। आपको बता दें कि इसके बाद से ही मौनी ने अपने पति को फिर से फॉलो किया है लेकिन अभी तक उनके पति ने उन्हें फॉलो बैक नहीं किया। ये सब देखने के बाद अब लोगों को लग रहा है कि शायद अब दोबारा से कुछ सही हो जाए।   दिशा पटानी पर लगे घर तोड़ने के आरोप इसी विवाद में बीच एक और बड़ा ट्विस्ट आया है। मौनी के फैंस दिशा पटानी को बुरी तरह से ट्रोल कर रहे हैं। ऐसा इस वजह से जैसे ही दोनों के बीच अनबन हुई, तब से ही दिशा पटानी ने भी सूरज को अनफॉलो कर दिया था लेकिन अब फिर से दोनों ने एक-दूसरे को फॉलो किया हुआ है। इसी को देखकर कुछ लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से दिशा पटानी को सूरज के साथ ज्यादा देखा जा रहा था। हालांकि दिशा और मौनी बेस्ट फ्रेंड्स हैं।

182 करोड़ की ड्रग्स जब्त, ऑपरेशन RAGEPILL की सफलता पर अमित शाह ने सराहा NCB

नई दिल्ली एनसीबी ने ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय गृहमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के माध्यम से बताया कि इस ऑपरेशन के अंतर्गत एजेंसी ने पहली बार ‘कैप्टागॉन’ नामक ड्रग्स की बड़ी खेप को सीज किया, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये है। जब्त की गई कैप्टागॉन को ‘जिहादी ड्रग’ के नाम से भी जाना जाता है। गृहमंत्री शाह ने की NCB की तारीफ अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मोदी सरकार नशा मुक्त भारत के लिए प्रतिबद्ध है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि Operation RAGEPILL के जरिए हमारी एजेंसियों ने पहली बार तथाकथित जिहादी ड्रग कैप्टागन को जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 182 करोड़ रुपये है। मध्य-पूर्व जा रही ड्रग्स की खेप को जब्त करना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, ड्रग्स के प्रति हमारी शून्य सहिष्णुता की प्रतिबद्धता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। हम भारत में प्रवेश करने वाले या हमारे क्षेत्र के गुजरने वाले या देश से बाहर जाने वाले हर ग्राम ड्रग्स पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। एनसीबी के बहादुर और सतर्क कार्यकर्ताओं को सलाम।’ क्या है Captagon ड्रग? बता दें कि Captagon, वह आम नाम है जो ऐतिहासिक रूप से Fenethylline नामक सिंथेटिक उत्तेजक से जुड़ा रहा है। इसे मूल रूप से 1960 के दशक में Attention Disorders और नार्कोलेप्सी जैसी बीमारी के इलाज के लिए डेवलप किया गया था। हालांकि, इसकी लत लगाने वाली प्रवृत्ति और दुरुपयोग की आशंका की वजह बाद में इस दवा के मूल फार्मास्युटिकल के तौर पर इंटरनेशनल लेवल पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसे क्यों कहा जाता है जिहादी ड्रग? कैप्टागॉन को जिहादी ड्रग इसलिए कहा जाता है क्योंकि मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाती है। सुरक्षा मामलों की चर्चाओं में कैप्टागॉन को अक्सर जिहादी ड्रग कहा जाता है। क्योंकि वर्षों से ऐसे कई खुफिया इनपुट और आरोप सामने आते रहे हैं जिनमें वेस्ट एशिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में एक्टिव चरमपंथी नेटवर्क और आतंकी गुटों के साथ इसके प्रयोग और तस्करी को जोड़ा गया।

एक्शन मोड में CEO, दो पंचायत सचिवों को किया सस्पेंड

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला पंचायत CEO ने बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया। सरकारी कार्यों में लापरवाही एवं बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर यह कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कल्याणी के सचिव रामलखन गुर्जर ने स्व. सुरेश जाटव का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के एवज में अवैध राशि मांगने का आरोप लगा है। वहीं, ग्राम पंचायत आरोली के सचिव गौतम सिंह कौरव को लंबे समय से अनुपस्थित रहने की शिकायत पर निलंबित किया गया है। सरपंच ने उनके खिलाफ शिकायत की थी। जिला पंचायत CEO सोजान सिंह रावत ने दोनों मामलों में निलंबन आदेश जारी कर दिए हैं। इस कार्रवाई से दोनों ग्राम पंचायत में हड़कंप की स्थिती बनी है।

तबादलों का दौर जारी: हरियाणा सरकार ने 12 HPS अधिकारियों को किया इधर से उधर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के 12 अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल (IAS) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। तबादलों की इस लिस्ट में कई महत्वपूर्ण जिलों के डीएसपी (DSP) और एसीपी (ACP) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। 15 एचपीएस अधिकारियों का भी ट्रांसफर इससे पहले शुक्रवार को हरियाणा सरकार ने 15 एचपीसएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया था। प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से तुरंत प्रभाव से 15 हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के आदेश जारी किए। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल द्वारा जारी इन आदेशों में कई महत्वपूर्ण जिलों के डीएसपी (DSP) और एसीपी (ACP) स्तर के अधिकारियों को बदला गया है।

सांप वाली अंगूठी पहनने से क्या होता है? जानिए ज्योतिष में इसका महत्व

आपने कुछ लोगों को उंगली में सांप के डिजाइन वाली अंगूठी या रिंग पहने जरूर देखा होगा. इसे देखकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर इसे पहनने का फायदा क्या है. कुछ लोग इसे सिर्फ फैशन या ट्रेंड का हिस्सा मान सकते हैं. जबकि ज्योतिषविदों के अनुसार, इसे पहनने से कई तरह के लाभ मिलते हैं. उनका यह भी मानना है कि सांप की आकृति वाली रिंग हर किसी को धारण नहीं करनी चाहिए. जरा सी गलती से इसका असर उल्टा भी हो सकता है. यह फायदा पहुंचाने के बजाए नुकसान भी दे सकती है. सुख-संपन्नता सांप के आकार वाली अंगूठी को ज्योतिष में शुभता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इसे धारण करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता बनी रहती है. ऐसे लोग जीवन में सुख-संपन्नता का भरपूर आनंद लेते हैं. ऐसे लोगों के जीवन में कभी धनधान्य की कमी नहीं रहती है. उनके जीवन में आने वाली बाधाएं अपने आप अपना रास्ता बदल लेती हैं. नजर दोष से बचाव ज्योतिषविद कहते हैं सर्प की आकृति वाली अंगूठी ज्योतिषीय परामर्श पर पूरे विधि-विधान से पहनी जाए तो नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से आदमी का बचाव होता है. ऐसे व्यक्ति के सुखी जीवन, धन-संपत्ति और उन्नति पर कभी किसी घरेलू या बाहरी व्यक्ति की बुरी नजर का असर नहीं होता है. ग्रहण दोष बेअसर जिन लोगों की कुंडली में ग्रहण दोष होता है, उनके जीवन में अक्सर कोई न कोई परेशान लगी रहती है. ऐसे लोगों को ज्योतिषविदों की सलाह के बाद सांप वाली अंगूठी पहननी चाहिए. ऐसा कहते हैं कि इससे ग्रहण दोष का प्रभाव बेअसर हो जाता है. दाएं हाथ की मिडिल फिंगर (मध्यमा उंगली) में यह अंगूठी धारण करने से ग्रहण दोष का प्रभाव कम हो सकता है. स्वास्थ्य संबंधी लाभ कई बार कुंडली में ग्रहों की उठापटक के चलते इंसान की सेहत में गिरावट आने लगती है. इंसान हर समय बीमार या अस्वस्थ महसूस करता है. ऐसे लोगों के लिए भी सांप वाली अंगूठी किसी राहत से कम नहीं मानी जाती है. लेकिन ध्यान रहे कि इसे सिर्फ ज्योतिषविदों से सलाह लेकर ही पहनना चाहिए. इससे जीवन में मानसिक और भावनात्मक संतुलन बना रहता है. किस धातु की होनी चाहिए अंगूठी? सांप की आकृति वाली अंगूठी के लिए चांदी का उपयोग सबसे उत्तम माना जाता है. हालांकि कुछ मामलों में ज्योतिषविद लोगों को कांसे या ताम्बे स बनी सांप की अंगूठी पहनने की सलाह भी दे सकते हैं. इसे पहनने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

हाई कोर्ट फैसले के बाद Mohan Yadav बोले- अयोध्या की तर्ज पर संवारा जाएगा भोजशाला परिसर

भोपाल  लंबे समय से चल रहे धार की भोजशाला विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है वहीं कोर्ट ने इसे वाग्देवी मंदिर माना है. जहां सनातन समुदाय में इस फैसले से खुशी का माहौल है वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस खुशी को दोगुना कर दिया है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने एक कहा है कि इस जगह पर अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. राज्य सरकार ने संकेत दे दिया है कि वह पूरे धार क्षेत्र को अयोध्या मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है।  बता दें कि भोजशाला पर शुक्रवार को दिए गए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार मानकर फैसला सुनाया है और भोजशाला को मूल चरित्र से मां सरस्वती का मंदिर माना है. इस फैसला का राज्य सरकार ने खुलकर स्वागत किया है।  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंटरव्यू में कहा है कि राजधानी भोपाल स्थित भोजशाला को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट से सरकार को बड़ा सहयोग मिला है और अब सरकार भोजशाला को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।  उन्होंने कहा कि भोजशाला मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण के बाद वहां का विकास हुआ, उसी तरह भोजशाला क्षेत्र का भी समग्र विकास किया जाएगा. सीएम मोहन यादव ने साफ कहा कि दोनों पक्ष से बातचीत कर रास्ता निकाला जाएगा और धर्म की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी।  क्या मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जमीन उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के हर आदेश का पालन होगा. दोनों पक्षों के धर्म गुरुओं से बात करके रास्ता निकालेंगे. अगर मुस्लिम पक्ष मस्जिद बनाने के लिए जमीन चाहेगा तो हम उस पर भी जरूर विचार करेंगे।  माता वाग्देवी की प्रतिमा को वापस कब कर लाएंगे? पीएम मोदी अब तक देश की 1200 धरोहर वापल ला चुके हैं. उनसे मिलकर आग्रह करेंगे कि ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी की मूर्ति के लिए केंद्र स्तर से प्रयास हो. प्रयास करेंगे कि मूर्ति जल्दी मंदिर में स्थापित हो…

चौपाल में ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, संवेदनशीलता और सरलता की बनी मिसाल

गांव की चौपाल में दिखी मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता पीपल के पेड़ तले खाट पर बैठकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद: समस्याएं सुनीं और मौके पर दिए समाधान के निर्देश ग्राम कोसला में “महतारी सदन” एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई। मुख्यमंत्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, “पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं?” ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है। इसी दौरान ग्राम की “लखपति दीदी” श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।