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कमिश्नर और मेयर को लेकर बड़ा खुलासा, लुधियाना नगर निगम की राजनीति गरमाई

लुधियाना. नगर निगम में मेयर-कमिश्नर के पास नियमों के उल्ट दो-दो गाड़ियां चल रही हैं। यह खुलासा खुद सीनियर डिप्टी मेयर ने किया है। इस संबंध में बाकायदा उन्होंने कमिश्नर को पत्र भी भेजा है। जानकारी के अनुसार इस पत्र के मुताबिक नगर निगम द्वारा हाल ही में करीब 70 लाख की लागत से 2 नई इनोवा गाडियां खरीदी गई हैं। बताया जा रहा है कि उक्त दोनों गाड़ियां मेयर-कमिश्नर को दी गई हैं। लेकिन इसके बाद भी मेयर-कमिश्नर द्वारा इससे पहले से उनके पास चल रहीं इनोवा गाडियों को वापस नहीं किया गया। इसके चलते इस समय मेयर-कमिश्नर के पास दो-दो इनोवा गाडियां चल रही हैं जबकि नियमों के अनुसार उन्हें एक गाड़ी ही मिल सकती है। इसके मद्देनजर सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर-कमिश्नर के पास चल रही दो अतिरिक्त इनोवा गाडियों को वर्कशॉप में भेजने की बात कही है। किराए की लेनी पड़ रही है गाड़ियां सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा यह मुद्दा भी उठाया गया है कि एक तरफ मेयर-कमिश्नर के पास दो अतिरिक्त इनोवा गाडियां चल रही हैं उसके मुकाबले नगर निगम में नए आए 2 ज्वाइंट कमिश्नर के लिए किराए की गाड़ियां लेनी पड़ रही हैं। इसलिए मेयर-कमिश्नर के पास चल रही 2 अतिरिक्त इनोवा गाडियों को नए आए दोनों ज्वाइंट कमिश्नरों को देने की सिफारिश सीनियर डिप्टी मेयर द्वारा की गई है।

राज्यपाल रमेन डेका बोले – जल बचाओ, भूजल बढ़ाओ का संदेश लेकर आगे बढ़ें

कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक लेकर वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन अभियान का रूप देना आवश्यक है, तभी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भूजल संकट से बचाया जा सकेगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल  डेका ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त संसाधन है, जिसे सहेजकर न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी की जा सकती हैं बल्कि भूजल स्तर को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने तथा प्रारंभिक स्तर पर बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। राज्यपाल  डेका ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण ही नहीं बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, जिससे जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भी वृक्षारोपण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने, किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों पर बड़े स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता बताई। पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीबी मरीजों के उपचार, पोषण आहार उपलब्धता तथा मल्टीपल टीबी मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा एम्स के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने रेड क्रॉस वार्षिक सदस्यता अभियान को बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि लोगों की छोटी-छोटी मदद किसी का जीवन बदल सकती है। राज्यपाल  डेका ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से स्थापित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से अपने कार्यक्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर लोगों के जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने की बात कही। बैठक में कलेक्टर   गोपाल वर्मा , पुलिस अधीक्षक सहित सभी एसडीएम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पक्के घर का सपना हुआ पूरा, Vishnu Deo Sai ने लेमरू में हितग्राही के नए घर में कराया गृह प्रवेश

पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी : मुख्यमंत्री ने परिवार से आत्मीय मुलाकात कर जाना हालचाल रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

‘जूते साफ कराऊंगा’ बयान पड़ा भारी, Azam Khan दोषी करार; कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

रामपुर  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान डीएम और अन्य सरकारी अफसरों को लेकर विवादित बयान दिया था. उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट  ने आजम खान को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई है।  दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक रैली में सरकारी अधिकारियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था. वीडियो में आजम खान कह रहे थे- “सब डटे रहो, ये कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो… ये तनख्वाहिया हैं, तनख्वाहियों से नहीं डरते… देखे हैं मायावती जी के फोटो कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं. उन्हीं से है गठबंधन, उन्हीं के जूते साफ करवाऊंगा इनसे, अल्लाह ने चाहा तो…” आजम खान ने दिया था ये बयान यह मामला रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था. आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित एक जनसभा में आजम खान ने तत्कालीन डीएम को लेकर अभद्र और विवादित टिप्पणी की थी. चुनावी सभा में उन्होंने कहा था, “सब डटे रहो, यह कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो. यह तनखैया है और तनखैयों से नहीं डरते. देखे हैं कई मायावती के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रूमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं. उन्हीं से गठबंधन है, उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे, अल्लाह ने चाहा।  आजम खान के इस बयान के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई थी. आरोप था कि चुनावी मंच से दिए गए बयान से प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंची और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ. इसके बाद भोट थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई गवाह पेश किए और बयान दर्ज कराए।  क्या था पूरा मामला आजम खान के इस बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी. मामला रामपुर के एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा है. पिछली सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज इस मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. आजम खान वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं. उनके वकील और अभियोजन पक्ष दोनों ही आज कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे. यह मामला सात साल पुराना है और लंबे समय से अदालती प्रक्रिया में चल रहा था. आजम खान पर कई अन्य मामलों में भी मुकदमे चल रहे हैं, लेकिन इस विवादित बयान वाला केस खासा चर्चित रहा था।  आजम खान किस-किस मामले में दोषी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान पर कई मुकदमे दर्ज रहे हैं. अब तक उनके खिलाफ दर्ज मामलों में कई में उन्हें दोषी करार दिए गए हैं. दो पैन कार्ड फ्रॉड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की जेल और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. अपील में रामपुर सेशन कोर्ट ने अप्रैल 2026 में भी सजा बरकरार रखी. इसी वजह से आजम खान अभी भी जेल में हैं. 2016 के डूंगरपुर कॉलोनी में जबरन बेदखली और लूट के मामले उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान, पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला को 7 साल की जेल हुई थी. हेट स्पीच और भड़काऊ भाषण मामले में उन्हें 2-3 साल की सजा मिल चुकी है. फर्जी हथियार लाइसेंस, सरकारी काम में बाधा डालने आदि मामलों में भी छोटी-बड़ी सजाएं मिल चुकी हैं। 

आधुनिक विज्ञान से जुड़ रहे परिषदीय बच्चे, Yogi Adityanath सरकार की नई पहल चर्चा में

परिषदीय बच्चों को आधुनिक विज्ञान शिक्षा से जोड़ रही योगी सरकार गांव के बच्चों तक पहुंच रही प्रयोग आधारित विज्ञान शिक्षा, आईआईटी गांधीनगर की साइंस किट से बदल रही परिषदीय स्कूलों की तस्वीर 38 जिलों के 9,356 विद्यालयों में पहुंचीं साइंस किट, अब परिषदीय स्कूलों में भी प्रयोग कर सीखेंगे बच्चे लखनऊ योगी सरकार अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रयोग और अनुभव आधारित विज्ञान शिक्षा से जोड़कर सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने में जुट गई है। प्रदेश के 38 जिलों में 9,356 साइंस किटों की आपूर्ति कर सरकार ने सुनिश्चित कर दिया है कि अब गांव और गरीब परिवारों के बच्चों को भी वही आधुनिक और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जो अब तक बड़े निजी स्कूलों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित थी। प्रदेश के 38 जिलों में साइंस किटों की आपूर्ति की जा चुकी है। गोंडा में 370, शाहजहांपुर में 366, आगरा में 357, उन्नाव में 338, बुलंदशहर में 314 और अलीगढ़ में 301 साइंस किटें पहुंचाई गई हैं। वहीं लखीमपुर खीरी में 464 और सीतापुर में 469 साइंस किटों की आपूर्ति की गई है। योगी सरकार पहले ही मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन, स्कूल कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे अभियानों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब साइंस किटों की उपलब्धता से विज्ञान शिक्षा को भी व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने की कोशिश तेज हुई है। अब शिक्षा को केवल भवन और नामांकन तक सीमित न रखकर गुणवत्ता, तकनीक और प्रयोग से जोड़ा जा रहा है। प्रयोग आधारित शिक्षण को लगातार बढ़ावा मिलने से भविष्य में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार क्षमता दोनों तेजी से बढ़ेंगी। योगी सरकार की यह पहल इसी बदलाव की मजबूत नींव के रूप में देखी जा रही है। सरकार की रणनीति साफ है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला बच्चा भी संसाधनों और सीखने के अवसरों में किसी से पीछे न रहे। इस पूरी पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि साइंस किटों की आपूर्ति आईआईटी गांधीनगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। यानी अब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बच्चे भी प्रयोगशाला आधारित विज्ञान शिक्षा से जुड़ सकेंगे। योगी सरकार का यह कदम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भीतर वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार क्षमता विकसित करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि विज्ञान शिक्षा को केवल किताबों और परिभाषाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। जब बच्चे स्वयं प्रयोग करते हैं, मॉडल देखते हैं और गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं, तभी विज्ञान उनके लिए रोचक, व्यावहारिक और आसानी से समझ में आने वाला विषय बनता है। इसी सोच के तहत परिषदीय विद्यालयों में साइंस किट उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बच्चों को कक्षा में ही प्रयोग आधारित शिक्षण का अवसर मिल सके।

पाकिस्तान में छाई Dhurandhar 2, जबरदस्त व्यूअरशिप से Netflix सर्वर पर पड़ा असर

मुंबई  पाकिस्तान में आदित्य धर ने एक बार फिर अपनी फिल्म से बड़ा धमाका कर दिया है. दिसंबर में आई धुरंधर के बाद, इसके दूसरे पार्ट को भी वहां खूब पसंद किया जा रहा है. सरकार के बैन के बावजूद, धुरंधर द रिवेंज पाकिस्तान में ओटीटी पर छा चुकी है. ये दावा हम नहीं, बल्कि खुद पाकिस्तानी कर रहे हैं।  एक कंटेंट क्रिएटर माविया उमेर फारूकी ने इंस्टाग्राम पर अपना वीडियो डाला है, जिसमें उनके पीछे टीवी स्क्रीन पर नेटफ्लिक्स का होम पेज है. उसपर धुरंधर 2 नंबर 1 पर नजर आ रही है. क्रिएटर का दावा है कि पाकिस्तान में आदित्य धर की फिल्म रिलीज होते ही सबसे बड़ी फिल्म बन गई।  धुरंधर द रिवेंज ने किया धमाका उनका कहना है, 'पाकिस्तान में धुरंधर (द रिवेंज) नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है. हम सब पाकिस्तानी तो बोल रहे थे कि ये एक झूठी फिल्म है, मतलब ये क्या कर दिया रणवीर सिंह और आदित्य धर ने. आखिरी बार पाकिस्तान में किसी फिल्म को लेकर इतना क्रेज था, वो मनी हाइस्ट और स्क्विड गेम थी. लेकिन पिछले 24 घंटों के अंदर धुरंधर को 200 मिलियन पाकिस्तानियों ने देखा है. अब हम सभी को मालूम है कि रणवीर सिंह का किरदार झूठा है. लेकिन आदित्य धर ने उसे जिस तरह दिखाया है, वो देखकर हमें भी यकीन हो गया कि भई, रणवीर सिंह पाकिस्तान आया था. कमाल ही कर दिया है, अब मैं इस इंतजार में हूं कि ये कब नंबर 1 से हटेगी।  माविया उमेर फारूकी ने इस वीडियो से पहले एक वीडियो और पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान में धुरंधर द रिवेंज ने नेटफ्लिक्स क्रैश कर दिया था. उनका दावा था कि फिल्म स्ट्रीम होती ही 12 बजे इसे देखने बैठ गए थे. एक साथ फिल्म इतने लोगों ने चला दी जिससे नेटफ्लिक्स के सर्वर क्रैश हो गए।  बता दें कि धुरंधर पाकिस्तान समेत गल्फ देशों में भी बैन थी. मगर इसने उसके बावजूद वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा का किया था. अब इसका दूसरा पार्ट इंडिया में 4 जून को जियोहॉटस्टार पर प्रीमियर होना शुरू होगा, जिसे 5 जून को स्ट्रीम किया जाएगा। 

साइबर गुलामी मामले में खुलासा, भारतीय युवाओं को विदेश में फंसाकर कराई जा रही थी ठगी

 पटना राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। फरार मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। यह आरोप पत्र पटना स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल की गई है। एनआईए ने आनंद कुमार सिंह और उसकेचार सहयोगियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। यूपी के हैं दो आरोपित आरोप पत्र में शामिल तीन सह-आरोपी उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे, बिहार के अभिरंजन कुमार और उत्तर प्रदेश के रोहित यादव को इस वर्ष फरवरी में कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था। वहीं पांचवां आरोपी प्रहलाद कुमार सिंह फिलहाल जमानत पर बाहर है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने एक संगठित मानव तस्करी गिरोह के तहत भारतीय युवाओं को विदेश में वैध नौकरी और आकर्षक वेतन का झांसा देकर कंबोडिया भेजा। वहां पहुंचने के बाद पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और उन्हें फर्जी कंपनियों में साइबर ठगी से जुड़े काम करने के लिए मजबूर किया गया। युवाओं को दिए जाते थे ब‍िजली के झटके विरोध करने वाले युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जांच में सामने आया है कि पीड़ितों को बिजली के झटके दिए गए, जबरन कैद में रखा गया और भोजन-पानी तक से वंचित किया गया। एनआईए की जांच में आनंद कुमार सिंह को इस पूरे गिरोह का सरगना पाया गया है। एजेंसी के मुताबिक, वह भारत में एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के जरिए युवाओं की भर्ती करता था। इसके बाद कंबोडिया में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी अवैध तस्करी कराता था। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रत्येक युवक को फर्जी कंपनियों को बेचने के बदले 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर तक वसूले जाते थे। एनआईए ने कहा है कि मामले आरसी-10/2024/एनआइए/डीएलाई में गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच अभी जारी है।

बिजनेस में छाई मंदी होगी दूर, घर की इस जगह लगाएं उगते सूरज की फोटो

 सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का खास महत्व है। इसमें घर की दीवारों पर लगाई जाने वाली तस्वीरों का लोगों के जीवन पर पड़ने वाला खास प्रभाव बताया गया है। लोग अपने घर और ऑफिस में उगते हुए सूरज की तस्वीर लगाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाना अधिक शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर और ऑफिस में उगते हुए सूर्य की फोटो क्यों लगाई जाती है। अगर नहीं पता, तो आइए आपको बताते हैं इसकी खास वजह और नियम के बारे में। करियर में होगी खूब उन्नति- सूर्य देव को मान-सम्मान, सफलता तेज और यश का कारक माना जाता है। इसलिए घर में उगते हुए सूरज की फोटो लगाने से जॉब और बिजनेस में खूब तरक्की होती है और काम से आ रही बाधा दूर होती है। साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिलती है। सकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार- वास्तु के मुताबिक, घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। परिवार के सदस्यों के मन में नए विचार आते हैं। सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। मान-सम्मान में होती है वृद्धि- अगर आपके बनते काम बिगड़ रहे हैं, तो घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस फोटो को घर में लगाने से सभी कामों में सफलता मिलती है और कार्यक्षेत्र में आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। किस दिशा में लगाएं फोटो- पूर्व दिशा से सूर्य उदित होते हैं। इसलिए इस दिशा में उगते हुए सूर्य की फोटो को लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे शुभ परिणाम मिलते हैं। इसके अलावा आप उत्तर-पूर्व दिशा में भी उगते हुए सूर्य की फोटो लगा सकते हैं। इन दिशाओं में भूलकर भी न लगाएं फोटो- अगर आप घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाना चाहते हैं, तो पश्चिम या दक्षिण दिशा की दीवार पर भूलकर भी न लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में फोटो को लगाने से परिवार के सदस्यों को वास्तु दोष की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही ध्यान रखें कि फोटो में सूर्य की किरणें सुनहरी होनी चाहिए। अधिक ज्यादा लाल वाले भाव वाली तस्वीरें लगाने से बचें।  

पीएम मोदी की अपील का असर, राजस्थान में जज से लेकर अफसर तक साइकिल और ईवी का इस्तेमाल

 जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का देश में बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इस मुहिम से प्रेरित होकर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन इन दिनों लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से अदालत पहुंच रहे हैं. शनिवार को भी वे अपने गांधीनगर स्थित आवास से करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को भी साथ नहीं रखा, जो उनकी सादगी को दर्शाता है. हालांकि रास्ते में अंबेडकर सर्किल और हाईकोर्ट गेट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान लिया. वकीलों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा हाईकोर्ट परिसर में जब लोगों ने माननीय न्यायाधीश को साइकिल से आते देखा, तो हर कोई हैरान रह गया. अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट कर्मचारियों के बीच उनकी इस अनूठी पहल की जमकर चर्चा हो रही है. सभी ने इसे पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत फिटनेस और ईंधन की बचत के लिए एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया है. बड़े पदों पर बैठे लोगों ने बदला अपना अंदाज ईंधन बचाने और सादगी अपनाने का यह सिलसिला केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य शीर्ष पदों पर बैठे लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. इसी तरह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने सुरक्षा काफिले को सीमित किया है और हाल ही में वे एक कार्यक्रम में पर्यावरण अनुकूल ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) कार से पहुंचे. प्रशासनिक स्तर पर भी इसका असर दिख रहा है. जयपुर में आईपीएस विकास कुमार साइकिल चलाकर अपने दफ्तर पहुंचे, वहीं शुक्रवार को शहर में कुछ जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने साइकिल पर ही गश्त कर जनता के बीच एक बेहतरीन संदेश दिया.

हजारों करोड़ के घोटाले के आरोप में कंपनी और 7 निदेशकों पर बैन, हरियाणा में लाइसेंस बंद

 चंडीगढ़ प्लॉट-फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोपित पार्श्वनाथ डेवलपर्स को अब हरियाणा में लाइसेंस नहीं मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के साथ ही सात निदेशकों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी पर पिछले 20 वषों में सोनीपत में आठ सेक्टरों, रोहतक में तीन और पानीपत में दो सेक्टरों में विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसी तरह दिल्ली में भी विभिन्न आरोपों को लेकर बाराखंभा रोड पर स्थित थाने में एफआईआर दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालत में चल रही है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक अमित खत्री ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड और निदेशकों को विभिन्न अनियमितताओं के प्लॉट व फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ के घोटाले के आरोपित, दिल्ली में भी दर्ज हैं एफआईआर आरोपों के चलते हरियाणा में भविष्य में कोई भी लाइसेंस नहीं देने के आदेश जारी कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स को वर्ष 2006 में सोनीपत में आवासीय परियोजनाएं विकसित करने के लिए चार, 2007 में पानीपत और वर्ष 2010 में रोहतक में एक-एक लाइसेंस दिए थे। इन परियोजनाओं का लाइसेंस हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम 1975 और उसके नियम 1976 के प्रविधानों के तहत धोखाधड़ी के चलते निष्क्रिय किया जा चुका है। भूखंडों और फ्लैटों की बिक्री के दौरान धोखाधड़ी, जालसाजी और किए गए वादों का पालन न करने के संबंध में सरकार के पास आमजन से कई शिकायतें पहुंची हैं। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) भी लाइसेंसधारी कंपनी के खिलाफ कई आदेश पारित कर चुका है। दिवालियापन के कगार पर पहुंची कंपनी गंभीर वित्तीय और कानूनी समस्याओं का सामना कर रही पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड दिवालियापन के कगार पर पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) 452 करोड़ से अधिक के डिफाल्ट के बाद कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालिया पन समाधान प्रक्रिया शुरू करने की याचिका स्वीकार कर चुका है। एनसी एलटी ने कंपनी के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया है। इससे पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सोनीपत के कुंडली में 84.155 एकड़ क्षेत्र में आवासीय कालोनी विकसित करने के लिए कंपनी को दिया गया लाइसेंस रद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी विभिन्न मामलों में कंपनी को दोषी ठहराते हुए प्रतिकूल आदेश जारी कर चुके हैं। ईडीसी-एसआइडीसी के 331 करोड़ नहीं कराए जमा पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड पर 19 सितंबर 2024 तक बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और एसआइडीसी का 333.31 करोड़ रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया। गंभीर आरोपों में जांच का सामना कर रही कंपनी ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन तक नहीं किया। इन निदेशकों पर लगा प्रतिबंध दीपा गुप्ता, रक्षिता शर्मा, राजीव जैन, प्रदीप कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, सुभाष चंद्र सेतिया व अशोक कुमार