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कोर्ट ने सुनाया बड़ा निर्णय, Vijay Mishra और परिवार को मामले में दोषी माना

  लखनऊ भदोही के बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा और उनके परिवार को अदालत से बड़ा झटका लगा है. भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने रिश्तेदार की संपत्ति अवैध रूप से हथियाने के मामले में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल की सजा सुनाई है. वहीं इस मामले में उनकी बहू रूपा मिश्रा को 4 साल की कैद की सजा दी गई है. कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर विजय मिश्रा और उनका परिवार चर्चा में आ गया है।  कोर्ट ने विजय मिश्रा समेत पूरे परिवार को माना दोषी बताया जा रहा है कि यह मामला रिश्तेदार की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने और धोखाधड़ी से जुड़ा था. लंबे समय से इस मामले की सुनवाई चल रही थी. अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई दस्तावेज और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी माना. फैसले के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।  विजय मिश्रा के लिए यह लगातार दूसरा बड़ा झटका है. इससे महज दो दिन पहले प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने एक हत्याकांड मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. अब एक और मामले में सजा मिलने से उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. लगातार दो अलग-अलग मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद विजय मिश्रा की राजनीतिक और सामाजिक छवि पर भी बड़ा असर पड़ रहा है।  विजय मिश्रा का भदोही की राजनीति में रहा है प्रभाव पूर्वांचल की राजनीति में विजय मिश्रा लंबे समय तक प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं. भदोही जिले की राजनीति में उनका मजबूत दबदबा रहा है. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें रंगदारी, कब्जा, मारपीट और हत्या जैसे गंभीर आरोप शामिल रहे हैं. कई मामलों में जांच एजेंसियां और पुलिस पहले से कार्रवाई करती रही हैं।  अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि लगातार मिल रही सजाओं से विजय मिश्रा और उनके परिवार की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं. वहीं अभियोजन पक्ष ने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया है. फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद सभी दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।   

राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी मामले की सुनवाई स्थगित, अब 4 जुलाई को होगी अगली तारीख

नई दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ दायर रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई एक बार फिर टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। यह याचिका वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने से जुड़े आरोपों पर आधारित है, जिसमें बिना भारतीय नागरिकता प्राप्त किए नाम शामिल होने का दावा किया गया है। अदालत में फिलहाल मामले की प्रक्रिया जारी है और अगली तारीख पर आगे की सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसी दौरान शिकायतकर्ता के वकील विकास त्रिपाठी ने भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त कुछ दस्तावेजों को कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल करने की अनुमति मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि उनकी फिलहाल मांग ट्रायल शुरू कराने की नहीं है, बल्कि मामले में पुलिस जांच कराने की है। वकील का तर्क था कि इस पूरे प्रकरण में कई ऐसे तथ्य हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है, इसलिए विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए। यह मामला सोनिया गांधी से जुड़ी उस याचिका पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी, जबकि उनका नाम 1980 की नई दिल्ली मतदाता सूची में पहले से दर्ज बताया जा रहा है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि यदि सोनिया गांधी को 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त हुई थी, तो फिर 1980 की नई दिल्ली मतदाता सूची में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया। याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या उस समय मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का उपयोग किया गया था या नहीं। इसी आधार पर मामले में विस्तृत पुलिस जांच की मांग की गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन रिवीजन पिटीशन में याचिकाकर्ता ने यह अतिरिक्त दावा किया है कि वर्ष 1982 में सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि नाम हटाए जाने के पीछे क्या कारण थे और यह प्रक्रिया किन दस्तावेजों या नियमों के आधार पर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। मामले में पहले ही यह आरोप भी शामिल है कि 1983 में नागरिकता मिलने से पहले 1980 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने और बाद में हटाए जाने की परिस्थितियों की जांच की जाए।

एयरपोर्ट जांच में पकड़ा गया करोड़ों का गोल्ड, अमृतसर से मलेशिया जा रहे यात्री से मिला खजाना

अमृतसर अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने जांच के दौरान एक यात्री के कब्जे से करोड़ों रुपये मूल्य का सोना बरामद किया है। बरामद किए गए सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2.58 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार संबंधित यात्री फ्लाइट संख्या एमएच-119 के जरिए कुआलालंपुर जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। चेकिंग के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कस्टम विभाग की टीम ने उसे रोककर विस्तृत जांच की। तलाशी लेने पर उसके पास से सोना बरामद हुआ। कस्टम अधिकारियों के मुताबिक बरामद सोने का कुल वजन 1 किलो 676 ग्राम है। सोने को जब्त कर लिया गया है और यात्री से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना कहां से लाया गया था और इसे किसे सौंपा जाना था। कस्टम विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर तस्करी रोकने के लिए निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।   

छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह का बड़ा कार्यक्रम, डायल 112 सेवा को मिलेंगी 400 नई गाड़ियां

रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि डॉयल 112 की सुविधा 16 जिलों में लागू था, अब यह पूरे प्रदेश में लागू होगा. केंद्रीय गृहमंत्री शाह 18 मई को रायपुर पुलिस लाइन से डॉयल 112 की 400 गाड़ियां का शुभारंभ करेंगे. 33 जिलों में 33 सर्वसुविधा युक्त गाड़िया रवाना होंगी. वहीं प्रदेश को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की स्थापना की सौगात मिलेगी. 18 मई को बस्तर दौरा करेंगे HM शाह उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के दौरे को लेकर जानकारी दी कि केंद्रीय गृहमंत्री 18 मई को बस्तर दौरे पर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस दौरान नेतानार सुरक्षा केंद्र को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की शुरुआत होगी, जिसका उद्घाटन गृहमंत्री शाह करेंगे. सुरक्षा कैंपों में अस्पताल, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी. दौरे के दौरान मुख्य सचिव बस्तर के विकास कार्यों को लेकर गृहमंत्री शाह को प्रेजेंटेशन देंगे. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री शाह शहीद जवानों के परिजनों, नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों और नक्सल उन्मूलन के लिए काम कर रहे विभिन्न वर्गों से भी मुलाकात करेंगे. इसके अलावा 19 मई को वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम नहीं होगा, यह वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कैंसिल किया गया है. भूपेश के IPL बंद करने वाले बयान पर डिप्टी शर्मा की प्रतिक्रिया पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आईपीएल बंद करने की सलाह वाले बयान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जो भी उनका भाव होगा, सकारात्मक दिशा में कहना चाह रहे तो जरूर ध्यान दिला देना चाहिए. वह भी अच्छा सोच रहे हैं. पीएम मोदी जो सोच रहे हैं, वैसा ही भूपेश बघेल अगर सोच रहे हैं तो एक बार उन्हें बता देना चाहिए.

क्या इंसानों में तेजी से फैल रहा है हंतावायरस? WHO ने जारी की नई जानकारी

नई दिल्ली दुनिया भर में खौफ फैलाने वाले एंडीज हंतावायरस के बारे में वैज्ञानिकों को अब भी बहुत कम जानकारी है. खासकर यह वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक रह सकता है. कितने समय तक दूसरों में फैल सकता है. यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है. MV Hondius क्रूज जहाज पर फैले इस वायरस ने 11 लोगों को बीमार किया और 3 लोगों की जान ले ली. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस वायरस की गहराई से जांच कर रहा है।  एंडीज हंतावायरस सिर्फ हवा या चूहों से नहीं, बल्कि इंसान के कई तरह के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है. इसमें लार, मां का दूध और स्पर्म शामिल हैं. क्रूज जहाज पर हुई इस घटना के बाद वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि यह वायरस यौन संबंध या निकट संपर्क से भी फैल सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि संक्रमण के बाद व्यक्ति कितने समय तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है, इसकी सही जानकारी नहीं है।  WHO ने शुरू की जरूरी स्टडी विश्व स्वास्थ्य संगठन की उभरती बीमारियों और जूनोसिस यूनिट की प्रमुख मारिया वान केरखोवे ने बताया कि एंडीज हंतावायरस पर कई अध्ययन चल रहे हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है नेचुरल हिस्ट्री स्टडी. यह स्टडी वायरस के इंसान के शरीर में जीवन चक्र को समझने की कोशिश करेगी।  मारिया वान केरखोवे ने कहा कि यह स्टडी उन लोगों के नियमित सैंपल लेकर करेगी जो क्वारंटाइन में हैं. इससे पता चलेगा कि वे संक्रमित हैं या नहीं. क्या वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं या नहीं. यह जानकारी इसलिए बहुत जरूरी है क्योंकि अभी तक हंतावायरस के लिए कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है।  क्रूज जहाज पर फैला खतरा अप्रैल महीने में MV Hondius क्रूज जहाज पर यह वायरस तेजी से फैला. जहाज पर सवार यात्री और कर्मचारी दोनों प्रभावित हुए. इस घटना के बाद पूरी दुनिया में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. कई देशों में क्रूज यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी गई है. हंतावायरस के प्रकारों के बारे में कुछ जानकारी है, लेकिन एंडीज स्ट्रेन नया और खतरनाक है।  वैज्ञानिक नहीं जानते कि संक्रमण के बाद वायरस शरीर में कितने दिन, हफ्ते या महीने तक एक्टिव रह सकता है. अगर यह वायरस लंबे समय तक शरीर में छिपा रह सकता है तो ठीक हो चुके व्यक्ति भी दूसरों को संक्रमित कर सकता है. यही वजह है कि WHO क्वारंटाइन में रह रहे लोगों पर लगातार नजर रख रहा है. उनके सैंपल (खून, लार, स्पर्म आदि) की जांच कर रहा है। फिलहाल हंतावायरस का कोई स्पेसिफिक इलाज नहीं है. डॉक्टर सिर्फ सपोर्टिव केयर दे सकते हैं, जैसे ऑक्सीजन, दर्द निवारक दवाएं और फेफड़ों की देखभाल. अगर वायरस लंबे समय तक संक्रामक रहता है तो क्वारंटाइन की अवधि बढ़ाई जा सकती है. यही वजह है कि WHO इस स्टडी को बहुत महत्व दे रहा है।  आगे क्या हो सकता है? वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में स्टडी के नतीजे सामने आएंगे. इससे पता चलेगा कि संक्रमित व्यक्ति को कितने समय तक अलग-थलग रखना चाहिए. किन-किन सावधानियों का पालन करना चाहिए. खासकर पुरुषों को यौन संबंध बनाने, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सावधानी बरतने और निकट संपर्क से बचने की सलाह दी जा सकती है।  एंडीज हंतावायरस अभी भी कई राज छिपाए हुए है. WHO की यह नई स्टडी वायरस को बेहतर समझने में मदद करेगी. फिलहाल सतर्कता और साफ-सफाई ही सबसे बड़ा बचाव है. वैज्ञानिक लगातार काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी बीमारियों को रोका जा सके और प्रभावित लोगों का सही इलाज किया जा सके।     

फातिमा सना बनीं कप्तान, पांच नए खिलाड़ियों को मिला डेब्यू मौका

नई दिल्ली आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. पाकिस्तानी टीम की कप्तानी एक बार फिर स्टार ऑलराउंडर फातिमा सना को सौंपी गई है. पाकिस्तान की टीम में पांच ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जो विमेंस T20 वर्ल्ड कप में डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. इनमें सायरा जबीन, तस्मिया रुबाब, नतालिया परवेज, इमान फातिमा और रमीन शमीम शामिल हैं. हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ ODI सीरीज में दो शतक जड़ने वाली गुल फिरोजा टीम के टॉप ऑर्डर की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी. इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज मुनीबा अली और आयशा जफर से भी बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही है. मिडिल ऑर्डर में आलिया रियाज और इरम जावेद भी अहम भूमिका निभा सकती हैं. पाकिस्तान की टीम की असली ताकत एक बार फिर उसकी गेंदबाजी मानी जा रही है. स्पिन विभाग में सादिया इकबाल, नाशरा संधू और तुबा हसन जैसी अनुभवी गेंदबाज मौजूद हैं. वहीं तेज गेंदबाजी का जिम्मा कप्तान फातिमा सना, डायना बेग और तस्मिया रुबाब संभालेंगी. आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून को होनी है और इसका खिताबी मुकाबला 5 जुलाई को निर्धारित है. इस बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) कर रहा है. टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान अपना पहला मुकाबला चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ खेलेगा. भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर अभी से जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. पाकिस्तानी टीम अब तक हर महिला T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी है, लेकिन यह टीम कभी नॉकआउट स्टेज तक नहीं पहुंच पाई. इस बार युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण के साथ पाकिस्तान इतिहास बदलने की कोशिश करेगा. पाकिस्तानी टीम  फातिमा सना (कप्तान), गुल फिरोजा, आयशा जफर, इरम जावेद, इमान फातिमा, आलिया रियाज, नतालिया परवेज, सायरा जबीन, मुनीबा अली, तुबा हसन, रमीन शमीम, सादिया इकबाल, नाशरा संधू, डायना बेग और तस्मिया रुबाब. पाकिस्तानी टीम का शेड्यूल 14 जून बनाम भारत, बर्मिंघम 17 जून बनाम साउथ अफ्रीका, बर्मिंघम 20 जून बनाम बांग्लादेश, साउथम्प्टन 23 जून बनाम ऑस्ट्रेलिया, लीड्स 27 जून बनाम नीदरलैंड्स, ब्रिस्टल

भोजशाला में बदला माहौल! HC के आदेश के बाद हुई मां वाग्देवी की पूजा, भक्त बोले- अब बिना रोक-टोक दर्शन

धार  मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित किए जाने के बाद शनिवार को यहां पूजा-अर्चना शुरू हो गई। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा भोजशाला-कमाल मौला विवाद पर फैसला सुनाए जाने के बाद हिंदू पक्ष में खुशी का माहौल है। फैसले के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा की।  हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार हुई पूजा शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति के पदाधिकारियों के साथ श्रद्धालु भोजशाला परिसर में एकत्र हुए। यहां पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला परिसर में यह पहली पूजा मानी जा रही है। भोजशाला परिसर में पूजा के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हाईकोर्ट ने भोजशाला को माना मंदिर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने अपने फैसले में भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित किया और हिंदू पक्ष को वहां पूजा करने का अधिकार दिया। अदालत ने उन याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया, जिनमें भोजशाला परिसर हिंदुओं को सौंपने और परिसर में मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने से रोकने की मांग की गई थी। शुक्रवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने उस पुराने आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। भोजशाला फैसले पर उषा ठाकुर का दिग्विजय सिंह पर हमला, बोलीं- तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे धार भोजशाला को लेकर आए न्यायालय के फैसले के बाद पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के शासनकाल में भोजशाला आंदोलन से जुड़े लोगों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय हिंदू संगठनों और आंदोलनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश की गई थी. उषा ठाकुर ने कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं और अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति के कारण आज भी हाई कोर्ट के फैसले पर बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भोजशाला हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और वर्षों पुराने संघर्ष के बाद अब न्यायपालिका से न्याय मिला है. पूर्व मंत्री ने कहा कि बरसों पुराना सपना अब पूरा हुआ है. मां सरस्वती और मां वाग्देवी का आशीर्वाद समाज को मिला है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि एक मंदिर को मंदिर कहलाने में इतना लंबा समय गुजर गया. हालांकि अब अदालत के फैसले ने सत्य को सामने ला दिया है और सत्य की जीत हुई है. उषा ठाकुर ने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे नेता अपने वोट बैंक की राजनीति के कारण इस तरह के बयान देते रहेंगे, लेकिन हिंदू समाज की आस्था भोजशाला से जुड़ी है और अब यहां प्रतिदिन पूजा होगी. उन्होंने कहा कि समाज लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं वर्षों से भोजशाला आंदोलन से जुड़ी रही हैं. आंदोलन के संघर्ष को उन्होंने बहुत करीब से देखा है और पूरे घटनाक्रम की साक्षी रही हैं. उनके मुताबिक यह फैसला केवल कानूनी जीत नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान की भी जीत है।  भोजशाला में अभी चित्र ले जाने की अनुमति नहीं, संयम में श्रद्धालु, उत्साह से किए दर्शन इंदौर हाई कोर्ट के फैसले के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार की भोजशाला पहुंचे. दर्शन करने वालों में महिलाएं और बच्चियां भी शामिल रहीं. कई श्रद्धालु अपने साथ हनुमान जी और मां सरस्वती के चित्र लेकर पहुंचे थे. श्रद्धालुओं ने धार्मिक चित्रों को परिसर के भीतर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी. सुरक्षा कर्मियों ने श्रद्धालुओं को बताया कि उन्हें अभी तक हाई कोर्ट के नए आदेशों या प्रशासन की ओर से किसी बदलाव संबंधी निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं. ऐसे में फिलहाल पुरानी व्यवस्था और निर्धारित नियमों के तहत ही प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की अनुबंध एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही किसी नई व्यवस्था को लागू किया जा सकेगा. हालांकि इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. लोग शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन और पूजा-अर्चना करते नजर आए. परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी को नमन कर आशीर्वाद लिया. वहीं भोज उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने भी श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की. समिति ने कहा कि हाई कोर्ट के विस्तृत दिशा-निर्देश और आधिकारिक आदेश मिलने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. पदाधिकारियों ने समाज से कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का आग्रह किया. कोर्ट ने कहा – भोजशाला का धार्मिक स्वरूप मंदिर का अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि भोजशाला परिसर और कमाल मौला मस्जिद का विवादित क्षेत्र एक संरक्षित स्मारक है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस विवादित परिसर का धार्मिक स्वरूप भोजशाला का है, जहां देवी सरस्वती का मंदिर स्थित है। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी माना कि ऐतिहासिक साहित्य और उपलब्ध साक्ष्यों से यह साबित होता है कि यह स्थान देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर था। साथ ही यह जगह प्राचीन समय में संस्कृत शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में भी जानी जाती थी।  पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना शनिवार सुबह सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच श्रद्धालु और भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी परिसर पहुंचे। इनमें संरक्षक विश्वास पांडे, भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा, श्रीश दुबे, केशव शर्मा और अशोक जैन शामिल थे। सभी ने मां वाग्देवी के स्थान और यज्ञ कुंड के पास पुष्प अर्पित कर दंडवत प्रणाम किया। श्रद्धालु बोले- भोजशाला मंदिर थी, है और रहेगी दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि सालों बाद उन्हें बिना रोक-टोक पूजा करने का अवसर मिला है। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा, "भोजशाला … Read more

नगर काउंसिल चुनाव को लेकर राजपुरा में हलचल तेज, भाजपा के 23 प्रत्याशी मैदान में

राजपुरा नगर राजपुरा नगर काउंसिल चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राजपुरा नगर कौंसिल के 31 वार्डों में से भाजपा के 23 उम्मीदवारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 16 मई होने के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों में खासा उत्साह देखने को मिला। भाजपा की ओर से नामांकन प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाल रहे रुपिंदर सिंह रूपी ने बताया कि 23 उम्मीदवारों की फाइलें पूरी होने के बाद उनके नामांकन पत्र संबंधित चुनाव अधिकारियों के पास जमा करवा दिए गए हैं। शेष उम्मीदवारों की फाइलें भी तैयार की जा रही हैं और शनिवार तक सभी प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल कर देंगे। रुपिंदर सिंह रूपी ने कहा कि भाजपा उम्मीदवार पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में हैं और उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों पर विश्वास जताया है तथा आने वाले समय में पंजाब में भी भाजपा सरकार बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राजपुरा नगर काउंसिल चुनावों में भाजपा भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी। साथ ही कहा कि पार्टी शहर के विकास, मूलभूत सुविधाओं और बेहतर नागरिक सेवाओं के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ऑफिशियल गाना ‘दाई दाई’ रिलीज, शकीरा और बर्ना बॉय ने दी आवाज

ज्यूरिख  अगले माह अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में शुरू होने वाले फुटबॉल के महाकुंभ फीफा विश्व कप के लिए आधिकारिक गीत 'दाई दाई' रिलीज कर दिया गया है। फीफा ने शुक्रवार को बताया कि शकीरा और नाइजीरिया के गायक-गीतकार बर्ना बाय ने इस गाने को गाया है। यह गाना उत्तरी अमेरिका में 11 जून से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का आधिकारिक गीत होगा। फीफा ने कहा कि दाई दाई फुटबॉल, संस्कृति और एकता का जीवंत नमूना है। यह शकीरा और बर्ना बॉय की विश्व भर में जानी पहचानी ओजभरी आवाज और ऊर्जा का शानदार मिश्रण है। शकीरा, बर्ना बॉय ने ही इसे रिलीज किया है। फीफा ने कहा कि वह प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इस गाने से मिलने वाली रॉयल्टी का उपयोग फीफा वैश्विक नागरिक शिक्षा कोष की मदद के लिए करेगा। कुछ इस तरह है दाई दाई गाना इस गाने में एक ही लाइन में दुनिया के कई सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी और इस साल के विश्व कप में हिस्सा लेने वाले देशों के नाम लिए गए हैं। जैसे कि ब्राजील, उरुग्वे, अर्जेंटीना, कोलंबिया। साथ ही शकीरा खुशी से कहती हैं मेक्सिको, जापान, कोरिया, नीदरलैंड्स। इस गाने में पहले कोरस के बाद शकीरा और बर्ना बॉय बारी-बारी से अपने-अपने लाइन गाते हैं। फिर एक-दूसरे की लाइन को गाते हैं। शकीरा ने पिछले हफ्ते पहली बार दाई दाई गाने के छोटे से हिस्से को इंटरनेट मीडिया पर साझा किया था। इसमें ब्राजील के रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम के मैदान के बीच में उनके डांस का एक मिनट लंबा टीजर क्लिप दिखाया गया था। इससे पहले मार्च में, कोका-कोला ने विश्व कप के लिए अपना आधिकारिक एंथम शेयर किया था। रियल की जीत के बावजूद एमबापे को झेलनी पड़ी हूटिंग स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में रियल मैड्रिड की ओविएडो पर 2-0 से जीत के बावजूद रीयल के फैंस ने एमबापे सहित टीम के अन्य खिलाड़ियों के विरुद्ध हूटिंग की। ओविएडो पहले ही लीग से बाहर हो चुका है। चोट के कारण कुछ समय बाहर रहने के बाद काइलियन एमबापे इस मुकाबले में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए थे। हूटिंग पर एमबापे ने कहा कि मेरे करियर में पहले भी मेरी हूटिंग हुई है। यह खेल का ही एक हिस्सा है। कभी-कभी फैंस खुश नहीं होते। दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रेनिंग के दौरान रियल के खिलाड़ियों के बीच बहस से हुई थी, जिसके चलते क्लब ने फेडेरिको वाल्वरडे और आरेलियन टचौमेनी पर भारी जुर्माना लगाया था।

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे निर्देश, सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त निर्देश जारी किया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों तथा विभागाध्यक्षों को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन स्थापित करना है। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। कारकेड वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ईंधन व्यय में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। ईंधन और वाहन व्यय में मितव्ययिता पेट्रोल एवं डीजल पर होने वाले व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। विदेश यात्राओं पर रोक अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहन भौतिक बैठकों के स्थान पर वर्चुअल एवं ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार भौतिक बैठकें यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाएंगी और विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होंगी। ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान कार्यालयीन समय के बाद सभी विद्युत उपकरण—जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर—अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे। ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (PDF, PPT आदि) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, कार्यालयीन पत्राचार एवं नोटशीट का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कमी लाई जा सके। iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक प्रशिक्षण के स्थान पर iGOT कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा। विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शासन का मानना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।