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MP Traffic हेलमेट नियम उल्लंघन पर सख्ती, हजारों लाइसेंस रद्द

भोपाल मध्यप्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के लिए बता दें कि 5 हजार से ज्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरई) द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर में 26 अप्रेल से लेकर 10 मई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा रेकॉर्ड तोड़ चालानी कार्रवाई की गई है। पूरे प्रदेश में हेलमेट नहीं पहनने वाले दो पहिया वाहन चालकों के 98 हजार चालानी कार्रवाई की गई है। जिससे 2.87 करोड़ से अधिक की रकम वसूली गई है। अभियान के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने के साथ नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामलों में सख्ती दिखाई है। इसमें करीब 5253 ड्राइविंग लाइसेंसों को निरस्त भी कर दिया गया है। हेलमेट पर की गई थी सख्ती बीते दिनों पहले ही प्रदेश के कई बड़े जिलों में हेलमेट को लेकर कड़ी निगरानी की गई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सबित कई जिलों में हेलमेट लगाए बिना दो पहिया वाहन चलाने वालों की निगरानी के लिए करीब 20 टीम तैयार की गई थी। यह टीम शहर के किसी भी रास्ते पर अचानक चैकिंग कर रही थी। वाहन चालकों से विवाद की स्थिति नहीं बने इसलिए चैकिंग टीम बॉडी वार्न कैमरे के साथ तैनात थी। इस दौरान भी कई लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस नियम तोडऩे की वजह से जब्त कर उसे निलंबित कराया गया। सीटबेल्ट-हेलमेट की अनदेखी से मौतें मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक की मौत हेलमेट न पहनने की वजह सड़क दुर्घटना में 75 प्रतिशत लोगों से हुई। साल 2024 में प्रदेश में 55,711 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 16,831 लोगों की मौत हुई। जिसमें सीटबेल्ड और हेलमेट नहीं लगाना मौतों का सबसे बड़ा कारण निकलकर सामने आया है। वाहन' और 'सारथी' पोर्टल ठप वहीं इंदौर में परिवहन विभाग द्वारा वाहन और सारथी पोर्टल से वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंस के काम किए जाते हैं, लेकिन 6 दिन से दोनों पोर्टल ठप पड़े है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस के काम नहीं हो रहे हैं। डीलरों को 7 दिन बाद पेनल्टी का फटका लगने का डर सता रहा है। रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल, ट्रांसफर, परमिट, फाइनेंस हटाना आदि के आवेदन होने के साथ वाहनों के सभी प्रकार के काम होते हैं। इसी तरह सारथी पोर्टल से लर्निंग लाइसेंस, पक्का लाइसेंस, रिन्यूअल, डुप्लीकेट की प्रक्रिया होती है, लेकिन काम नहीं होने से वाहन मालिक परेशान है। बताया जाता है कि यह समस्या पूरे प्रदेश में है। पोर्टल का सर्वर बदलने का काम चल रहा है, इसलिए ऐसी समस्या आ रही है।

घर में सांप दिखना शुभ या अशुभ? जानें वास्तु शास्त्र क्या कहता है

भीषण गर्मी में जब बाहर की जमीन तपने लगती है, तो सांप अक्सर ठंडक की तलाश में हमारे घरों का रुख करते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सांप का निकलना केवल एक इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह आपके जीवन और घर की ऊर्जा से जुड़ा एक बड़ा संकेत भी हो सकता है. समझते हैं कि सांपों का घर में आना धार्मिक और वास्तु के नजरिए से क्या संकेत देता है: सांप का दिखना: अच्छा या बुरा? तरक्की और सौभाग्य: हिंदू धर्म और वास्तु में सांपों को बदलाव, तरक्की और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. नई शुरुआत: जिस तरह सांप अपनी पुरानी खाल (केंचुली) छोड़कर नया रूप लेता है, वैसे ही उसका घर में आना जीवन में किसी नई शुरुआत का इशारा हो सकता है. आध्यात्मिक विकास: सांप की उपस्थिति आपके आध्यात्मिक विकास और खुद को बेहतर तरीके से समझने (आत्म-जागरूकता) को भी दर्शाती है. वास्तु दोष की चेतावनी: हालांकि, घर में इनकी मौजूदगी वास्तु व्यवस्था में किसी कमी या ऊर्जा के असंतुलन का संकेत भी हो सकती है. दिशाओं का महत्व उत्तर दिशा: वास्तु में सांपों का सीधा नाता उत्तर दिशा से माना गया है, जो आध्यात्मिक उन्नति की दिशा है. इस दिशा में सांप से जुड़े प्रतीक रखना ऊर्जा को बैलेंस करने में मदद करता है. दक्षिण-पश्चिम कोना: इस दिशा में कभी भी सांप से जुड़ी कोई फोटो या चीज न रखें, क्योंकि यह रिश्तों में तनाव और झगड़े पैदा कर सकता है. घर में सांप होने के संकेत सांप की मौजूदगी को इन आसान संकेतों से पहचाना जा सकता है: केंचुली: घर के किसी कोने या बगीचे में सांप की पुरानी खाल मिलना. आवाजें: सीलिंग या सीढ़ियों के नीचे रेंगने या सरसराहट की आवाजें आना. निशान: धूल भरी या नमी वाली जगह पर रेंगने के टेढ़े-मेढ़े निशान दिखना. ठंडी जगहें: भीषण गर्मी में सांप अक्सर बाथरूम, सिंक के नीचे, एसी या फ्रिज के पीछे और सीढ़ियों के नीचे छिपे होते हैं. गंध और मल: वातावरण में एक अजीब सी तीखी गंध महसूस होना या छोटे टुकड़ों जैसा मल दिखना. बचाव के लिए क्या करें? (Do's) सफाई और कबाड़: सांपों को रोकने के लिए घर को हमेशा साफ और कबाड़ मुक्त रखें, क्योंकि गंदगी में वे आसानी से छिप जाते हैं. नेचुरल चीजें: घर में लकड़ी, बांस या पौधों जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें, जो सकारात्मक माहौल बनाती हैं. घंटी और विंड चाइम्स: खिड़कियों या दरवाजों पर विंड चाइम्स या घंटियां लटकाएं; इनकी आवाज और कंपन से सांप दूर रहते हैं. इन गलतियों से बचें (Don'ts) शीशे की पोजीशन: घर में एक-दूसरे के ठीक सामने शीशे न लगाएं, क्योंकि यह ऊर्जा में टकराव पैदा करता है और सांपों को आकर्षित कर सकता है. उत्तर दिशा का महत्व: वास्तु में सांपों का सीधा संबंध उत्तर दिशा से माना जाता है, जिसे आध्यात्मिक उन्नति और प्रगति की दिशा कहा जाता है. इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि घर की ऊर्जा संतुलित रहे. दक्षिण-पश्चिम कोना: इस दिशा या कोने की विशेष सावधानी रखनी चाहिए; यहां कभी भी सांप से जुड़ी कोई फोटो या सजावटी सामान नहीं रखना चाहिए. वास्तु के अनुसार इस दिशा में सांप से जुड़ी चीजें रखने से परिवार के रिश्तों में झगड़े और तनाव पैदा हो सकते हैं.

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, ट्रंप बोले,शांति समझौता नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम होंगे

अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शांति समझौता जल्द नहीं हुआ तो तेहरान के लिए बहुत बुरा समय आने वाला है। फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर को दिए गए टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौते में दिलचस्पी रखनी चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में कहा कि ट्रंप प्रशासन से संदेश आए हैं जिसमें बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई गई है, लेकिन अमेरिका पर गहरे अविश्वास की वजह से प्रक्रिया धीमी हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बावजूद ईरान ने अमेरिका पर दो बार हमला करने का आरोप लगाया है, खासकर परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी पुरानी वार्ताओं के दौरान। अराघची ने वाशिंगटन के विरोधाभासी संकेतों को बातचीत में बाधा बताया। उन्होंने चीन जैसे देशों के कूटनीतिक समर्थन का स्वागत किया और क्षेत्रीय शांति के लिए भारत की बड़ी भूमिका की मांग की। वहीं, ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को ईरान के 14 सूत्री प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए, नहीं तो उसे असफलता का सामना करना पड़ेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ईरानी प्रस्ताव को खारिज करते हुए युद्धविराम को जीवन रक्ष' पर बताया था। इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव जारी है। इजरायल ने हाल ही में विस्तारित युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। लेबनानी मीडिया के अनुसार, 50 किलोमीटर से ज्यादा दूर के दो दर्जन से अधिक गांवों पर हमले हुए। इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बताया और कई गांवों के लिए निकासी चेतावनी जारी की। इन हमलों से सैकड़ों नागरिक बेघर हो गए और सिदोन व बेरूत की ओर पलायन शुरू हो गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम के विस्तार का स्वागत किया और सभी पक्षों से इसे पूरी तरह मानने की अपील की। युद्धविराम 17 अप्रैल को शुरू हुआ था और शुक्रवार को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया, लेकिन इसका उल्लंघन बार-बार हो रहा है। लेबनान के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक 2900 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें युद्धविराम के बाद 400 से अधिक शामिल हैं। हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले जारी रखे हैं। ईरान-अमेरिका वार्ता की सफलता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी अहम है। दोनों पक्षों को अविश्वास दूर कर ठोस कदम उठाने होंगे, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।

पहले पेट्रोल भराने की जिद में हंगामा, बचाने आए ग्राहकों को भी दी गालियां

खंडवा जिले के छैगांवमाखन स्थित जीओबीपी पेट्रोल पंप पर शुक्रवार देर रात पेट्रोल पहले भरवाने की बात को लेकर जमकर विवाद हो गया। दो युवकों द्वारा पेट्रोल पंप कर्मचारी के साथ मारपीट किए जाने और बीच-बचाव करने पहुंचे ग्राहकों से भी गाली-गलौज व धक्का-मुक्की करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पंप कर्मचारियों और ग्राहकों में डर का माहौल बन गया। मामले की शिकायत छैगांवमाखन थाने में दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार पंप कर्मचारी संतोष एक बस में डीजल भर रहा था। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और अपनी गाड़ी में पहले पेट्रोल डालने की बात कहने लगे। कर्मचारी ने उनसे कुछ देर इंतजार करने का अनुरोध किया। कहा कि बस में डीजल भरने के बाद उनकी गाड़ी में पेट्रोल डाल दिया जाएगा। इसी बात को लेकर दोनों युवक भड़क गए और विवाद शुरू कर दिया। अफरा-तफरी का बन गया माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवकों ने पहले कर्मचारी के साथ गाली-गलौज की और फिर धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद कुछ ग्राहक बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि युवकों ने उनके साथ भी अभद्रता की और धक्का-मुक्की की। घटना के दौरान कुछ देर के लिए पंप पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आए दिन हो रहे विवाद और हंगामे जानकारी के अनुसार विवाद करने वाले युवक बरुड़ गांव के निवासी विशाल और रोहित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन द्वारा मामले की शिकायत छैगांवमाखन थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पेट्रोल पंप संचालक ओम सोनी ने बताया कि उनके पंप पर आए दिन असामाजिक तत्वों द्वारा विवाद और हंगामे की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पंप पर चाकूबाजी जैसी गंभीर घटना हो चुकी है, जिससे कर्मचारी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। संचालक ने पुलिस प्रशासन से पंप पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  

ऐतिहासिक ढाई दिन का झोंपड़ा में धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई

अजमेर अजमेर में स्थित ऐतिहासिक अढ़ाई दिन का झोंपड़ा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यहां स्थानीय लोगों ने हनुमान चालीसा पाठ की परमिशन मांगी है. महाराणा प्रताप सेना ने जिला कलेक्टर को मेल कर अगले मंगलवार (19 मई) के लिए अनुमति की मांग की है. संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि हम शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन कराना चाहते हैं. परमान का दावा है कि अढ़ाई दिन का झोपड़ा केवल एक ऐतिहासिक संरचना नहीं, बल्कि प्राचीन संस्कृत कंठाभरण विद्यालय और हिंदू मंदिर का स्वरूप रहा है. "भोजशाला के फैसले से आस्था मजबूत हुई" मेल में लिखा, "परिसर की दीवारों और स्थापत्य में मौजूद शिल्प और ऐतिहासिक साक्ष्य इसकी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं. मध्यप्रदेश की भोजशाला से जुड़े न्यायालय के फैसले से सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को मजबूती मिली है." बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर पहुंचे थे और हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा संपन्न हुई. संगठन का दावा- कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी साथ ही महाराणा प्रताप सेना ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित हनुमान चालीसा पाठ पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा. किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है. 12वीं सदी की धरोहर देश-विदेश में विख्यात गौरतलब है कि ढाई दिन का झोपड़ा अजमेर की सबसे प्राचीन और चर्चित ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है. इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में माना जाता है. इंडो-इस्लामिक वास्तुकला, विशाल मेहराबों, नक्काशीदार स्तंभों और प्राचीन शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार का कहर, दंपती समेत 5 लोगों ने गंवाई जान

आजमगढ़  आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में दंपती समेत पांच लोगों की जान चली गई। हादसा सियरहा गांव के पास माइलस्टोन 238 के निकट हुआ, जहां तेज रफ्तार कार आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया घटना की सूचना मिलते ही कंधरापुर और कोतवाली पुलिस के साथ यूपीडा की राहत टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक पांचों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेस-वे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और राहत-बचाव कार्य के चलते अन्य वाहनों को भी रोका गया।  

किन राशियों के लिए सोना पहनना होता है शुभ? ज्योतिष शास्त्र में जानें पूरा असर

 ज्योतिष शास्त्र में सोने को बहुत खास धातु माना गया है. इस धातु के कारक होते हैं सूर्यदेव और बृहस्पति गुरु ग्रह. माना जाता है कि जिन लोगों की कुंडली में ये दोनों ग्रह मजबूत होते हैं, उनके लिए सोना पहनना फायदेमंद साबित हो सकता है. सोना धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में तरक्की के मौके भी मिल सकते हैं. हालांकि, यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है. कुछ राशियों को इसे पहनने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. सबसे पहले बात करते हैं उन राशियों की, जिनके लिए सोना शुभ माना गया है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के लोगों के लिए सोना पहनना अच्छा माना जाता है. इससे उनके अंदर हिम्मत और ऊर्जा बढ़ती है और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलते हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए भी सोना लाभकारी माना गया है. इसे पहनने से समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है और काम के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना रहती है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए सोना खास तौर पर शुभ होता है क्योंकि यह गुरु ग्रह से जुड़ा है. इसे पहनने से भाग्य मजबूत होता है और नौकरी व शादीशुदा जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है. मीन राशि (Pisces) मीन राशि वालों को भी सोना पहनना अच्छा माना जाता है. इससे उनके जीवन में अच्छे बदलाव आ सकते हैं और किस्मत का साथ मिल सकता है. अब बात उन राशियों की, जिन्हें सोना पहनने में सावधानी रखनी चाहिए. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के लोगों के लिए सोना हमेशा फायदेमंद नहीं होता. ऐसा माना जाता है कि शुक्र और गुरु के संबंध के कारण इस राशि वालों को बिना सलाह के सोना नहीं पहनना चाहिए. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के जातकों को भी सोना पहनने से पहले सोच-विचार करना चाहिए. कहा जाता है कि इससे जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं, इसलिए बेहतर होगा कि किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर ही इसे धारण करें.

भोजशाला पर फैसला: वाग्देवी प्रतिमा लौटाने को ब्रिटिश म्यूजियम पहले ही हुआ था तैयार-सावित्री ठाकुर

 धार  ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट के निर्णय के बाद धार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने दावा किया है कि ब्रिटिश संग्रहालय वर्ष 2017-18 में ही प्रतिमा लौटाने पर सहमत हो गया था, लेकिन एक शर्त के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। सावित्री ठाकुर ने बताया कि वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के लिए तत्कालीन राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र सरकार की ओर से ब्रिटिश म्यूजियम प्रबंधन से चर्चा कर रहे थे। वर्ष 2014 से 2017 के बीच सुब्रमण्यम स्वामी ने चार बार भोजशाला का दौरा भी किया था। सावित्री ठाकुर का कहना है कि वर्ष 2017-18 में ब्रिटिश म्यूजियम ने शर्त रखी थी कि वाग्देवी की प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए, जहां पर वह पहले स्थापित थी। उस समय मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण यह शर्त पूरी नहीं हो सकी। हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रतिमा को भोजशाला में पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह स्वयं इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगी। बहुचर्चित भोजशाला परिसर में अलग ही भावनात्मक, धार्मिक और ऐतिहासिक वातावरण है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानते हुए शुक्रवार को दिए महत्वपूर्ण फैसले के बाद श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना जारी है। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क (एक रुपया प्रति व्यक्ति) देकर परिसर में प्रवेश कर मां वाग्देवी की प्रतिमा के स्थान पर पहुंचकर श्रद्धा, आस्था और भावुकता के साथ नमन कर रहे हैं। लगता है जैसे जीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो मंदिर पक्ष में आए फैसले के बाद भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़े बुजुर्ग कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज के वरिष्ठ लोगों की आंखों में संतोष, भावुकता और वर्षों के संघर्ष के बाद विजय की खुशी एक साथ दिखाई दी। 90 वर्षीय हिंदू नेता विमल गोधा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के कई दशक भोजशाला मुक्ति आंदोलन को समर्पित किए हैं। उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब भोजशाला की बात उठाना ही संघर्ष माना जाता था। अब लगता है जैसेजीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो। आंदोलन से जुड़े रहे 75 वर्षीय सुरेशचंद्र भंडारी ने कहा कि यह आंदोलन सांस्कृतिक अस्मिता और इतिहास को बचाने की लड़ाई भी था। शुरुआती दौर में बहुत कम लोग खुलकर आंदोलन के साथ खड़े होते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह जन आस्था का आंदोलन बन गया। अब ऐसा लग रहा है जैसे संघर्ष की हर पीड़ा सार्थक हो गई।  

ग्वालियर में जनभागीदारी जनगणना अभियान की बैठक, महिला विंग के 31 सदस्य नियुक्त

आज जनभागीदारी जनगणना कार्य की मीटिंग डॉ अजित जैन के ग्वालियर निवास पर हुई जिसमें जनगणना कार्य में जनजागृति अभियान से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय संयोजक डॉ अजित  जैन ने इस कार्य के लिए महिला इकाई के 31 सदस्यों का गठन करते हुए भारत के संपूर्ण नगरों में कार्य हेतु महिला विंग को यह जिम्मेदारी सौंपी । महिला विंग के सभी पदाधिकारीगण और सदस्यों ने शपथ ली कि वे 15 दिवस में ही सभी नगरों में अपनी अपनी टीम गठित करके अति शीघ्र ही यह कार्य प्रारंभ कर देंगी।

बिलासपुर पुलिस की बढ़ेगी ताकत, नई ‘डायल 112’ गाड़ियों से तेज होगा रियल टाइम रिस्पांस

बिलासपुर आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे     सरकंडा     सिविल लाइन     तोरवा     कोतवाली     सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।