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मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बठिंडा और फरीदकोट में टूटा रिकॉर्ड, आसमान से बरसेगी आग

बठिंडा.  पंजाब में तापमान बढ़ने से गर्मी का प्रकोप तेज हो गया है। बठिंडा और फरीदकोट में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक हफ्ते तक भीषण लू चलने की संभावना है जिससे लोगों को तपश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। दिन के साथ रात के समय भी उमस और गर्मी परेशान करेगी। पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप और बढ़ता तापमान राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसमी दशाओं में भारी बदलाव देखा जा रहा है। वायुमंडल में शुष्क हवाओं के प्रभाव के कारण मैदानी इलाकों में सूरज की किरणों का सीधा असर पड़ रहा है। इस बदलाव से दिन के समय चलने वाली तेज हवाएं अब गर्म थपेड़ों में बदल चुकी हैं। लुधियाना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है क्योंकि लोग अत्यधिक गर्म माहौल के कारण बाहर निकलने से बच रहे हैं। बठिंडा और फरीदकोट में रिकॉर्ड तोड़ तपश मौसम विज्ञान केंद्र के हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुछ विशिष्ट जिलों में गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरीदकोट और बठिंडा में अधिकतम तापमान बयालीस दशमलव छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन में पूरे राज्य में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। इन क्षेत्रों में रात के समय भी न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं हो रही है, जिससे रातें भी अत्यधिक गर्म और बेचैन करने वाली हो गई हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ-साथ पानी की खपत में भी भारी उछाल आया है। मौसम विभाग का एक हफ्ते का गंभीर अलर्ट आने वाले दिनों को लेकर मौसम वैज्ञानिकों ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, वह काफी चिंताजनक है। आगामी अट्ठारह मई से लेकर बाईस मई तक पूरे क्षेत्र में तीव्र गति से गर्म हवाएं चलने की पूरी संभावना जताई गई है। इस समयावधि के दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लू का थपेड़ा और अधिक आक्रामक रूप ले लेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को देखते हुए आम जनता को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से खुले आसमान के नीचे जाने से बचने तथा शरीर में पानी की कमी न होने देने की विशेष सलाह दी है।

Rajasthan : भीषण गर्मी की वापसी, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

 जयपुर मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश भागों में शनिवार से तापमान में बढ़ोतरी से तेज गर्मी का दौर एक बार फिर शुरू होगा. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में तापमान एक बार फिर बढ़ेगा. पश्चिमी राजस्थान में तीव्र गर्मी का दौर शुरू होगा.  राज्य के दक्षिण पूर्वी भागों में भी आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस रहने व 16 मई से एक बार फिर तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. आंधी-बारिश का अलर्ट बढ़ती गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. 17 मई को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ आंधी आ सकती है. विभाग के अनुसार, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, हल्की बूंदा बांदी भी हो सकती है. पिछले 24 घंटे शुष्क रहा मौसम राज्य में शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा. इस दौरान कई जगह उष्ण रात्रि और उष्ण लहर दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस फलोदी में रहा.राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में 18 से 22 मई के दौरान तेज सतही हवाएं 20-30 kmph चलने की संभावना है. नागौर में बारिश का अलर्ट मौसम व‍िभाग ने बार‍िश का अलर्ट जारी क‍िया है. नागौर ज‍िले में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ बार‍िश की संभावना है. मौसम व‍िभाग ने येलो अलर्ट जारी क‍िया है. अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलेंगी. 

मप्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी केस,सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद भी भुगतान लंबित, उठे सवाल

शासकीय अधिकारियों की हठधर्मिता माननीय उच्चतम न्यायालय का भी आदेश नहीं मान रहे अधिकारी। मप्र सरकार में ऐसे अधिकारियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है जो माननीय न्यायालयों के आदेशों के प्रति टाल-मटोल का रवैया अपना रहे हैं। और ऐसी फायलो पर बजाय आदेश क्रियान्वयन के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय घुमाया जाता है। इस तरह के अनेकों प्रकरण इस दफ्तर से उस दफ्तर में घूमते मिल जाएंगे । ऐसा ही एक प्रकरण 2016 में भोपाल से सेवानिवृत्त हुई श्रीमती लाजवर का है। सेवानिवृत्त होंने के पश्चात उनसे अधिक भुगतान वसूली की गई। न्याय दृष्टांतों के विपरीत होंने से माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की प्रिंसीपल बैंच ने वसूली आदेश निरस्त कर वसूली गई राशि 8 प्रतिशत व्याज सहित याचिकाकर्ता को भुगतान करने के आदेश पारित किए। किन्तु प्रशासन द्वारा आदेश का पालन न कर माननीय उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल की गई। यह अपील माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक 12-2-2026 को निरस्त करते हुए प्रिंसीपल बैंच जबलपुर का आदेश पालन करने का आदेश दिया गया। किंतु तीन माह व्यतीत होने के बाद भी आवेदिका को भुगतान नहीं किया गया है। शासन को इस मुद्दे पर गहराई से विचार करना चाहिए कि माननीय न्यायालय द्वारा निर्णीत प्रकरणों में इस प्रकार की लापरवाही और उदासीनता के पीछे की मंशा क्या हो सकती है? यह गंभीर प्रश्न है। SLP(c)no. 030907/2025

ईरान का बड़ा ऐलान: होर्मुज में ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और फीस वसूली की तैयारी

नई दिल्ली होर्मुज को लेकर ईरान फिर एक बार नया ऐलान कर दिया है जिससे दुनियाभर के कई देशों पर इसका असर पड़ सकता है। वैश्विक तेल सप्लाई के लिए अहम माने जाने वाले होमूर्ज के लिए ईरान नया ट्रैफिक सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने शनिवार को घोषणा की है कि ईरान ने होर्मुज में समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक प्रोफेशनल मैकेनिज्म तैयार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर किए गए एक पोस्ट में अजीजी ने बताया कि ईरान अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सुरक्षा की गारंटी के दायरे में रहते हुए, एक निर्धारित मार्ग के माध्यम से होर्मुज में यातायात प्रबंधन के लिए इस योजना को लेकर आया है, जिसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा। फीस भी वसूलेगा ईरान अजीजी के अनुसार, इस नई व्यवस्था का लाभ केवल उन्हीं पक्षों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग कर रहे हैं। इस सिस्टम के तहत दी जाने वाली विशेष सेवाओं के लिए जरूरी शुल्क भी वसूला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह समुद्री फ्रीडम प्रोजेक्ट के ऑपरेटरों के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा। ऐसे में एक बार फिर तनाव और बढ़ने की आशंका है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरानी क्षेत्र पर हमले शुरू किए थे। अमेरिका-ईरान ने सात अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी, जबकि ईरान ने होर्मुज से गुजरने के लिए नए ट्रैफिक सिस्टम लगाने नियमों की घोषणा की है। इससे पहले ईरान ने कहा है कि होर्मुज में बाधा आने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बिगड़ने के लिए सिर्फ वे जिम्मेदार हैं जिन्होंने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू किया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने कहा, ईरान पर एक साल से भी कम समय में दो गैर-कानूनी हमले हुए हैं, जिससे वह 'दो गहरे और आपस में जुड़े हुए' तरीकों से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोगों की मौत हुई और नागरिक, आर्थिक, ऊर्जा समेत कई चीजों में नुकसान हुआ। सैन्य अभियान खत्म होने के बाद भी इस संघर्ष के परिणाम बरकरार रहेंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्रीय और वैश्विक अस्थिरता के मूल कारणों की जांच होनी चाहिए। इरावानी ने कहा, वर्तमान अस्थिरता अचानक नहीं हुई। इसके पीछे इजरायली शासन और अमेरिका द्वारा थोपे गए सैन्य संघर्ष और अवैध हमलों का हाथ है। उन्होंने जोर दिया कि ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल यूनिट पर हुए सीधे हमलों ने वैश्विक ऊर्जा और सप्लाई को प्रभावित किया है। इसके अलावा प्रतिबंधों और अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी ने वैश्विक व्यापार और पण्य बाजार को चोट पहुंचाई थी।

Bihar Transfer List: पुलिस और राजस्व विभाग में बड़ी सर्जरी, कई जिलों में नई तैनाती

पटना राज्य सरकार ने शनिवार की देर रात बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में ईओयू, मद्य निषेध, साइबर सहित कई इकाईयों में नये डीएसपी की तैनाती हुई है। अधिसूचना के मुताबिक मो अली अंसारी को एआईजी ट्रैफिक बिहार, आशीष कुमार सिंह को पटना का ट्रैफिक डीएसपी, अशफाक अंसारी को डीएसपी मद्य निषेध, मनोज राम को एएसपी सीआईडी, वंदना को एएसपी मद्य निषेध, रेशु कृष्णा को डीएसपी सीआईडी, महेश चौधरी को डीएसपी ईओयू, धीरज कुमार को एसडीपीओ इमामगंज गया, नीलाभ कृष्ण को सीनियर डीएसपी ईओयू, कमलेश कुमार को सीनियर डीएसपी सीआईडी कमजोर वर्ग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कुमार को ईओयू का सीनियर डीएसपी, देंवेंद्र प्रसाद व अनुराग कुमार को ईओयू का डीएसपी, दयानंद कुमार को ट्रैफिक डीएसपी कैमूर, मो आसिफ आलम को कटिहार का साइबर क्राइम डीएसपी बनाया गया है। राजस्व : 34 अधिकारियों का तबादला इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसमें से 18 को अनुमंडल स्तर पर जबकि 16 को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की जिम्मेवारी दीगई है। अनुमंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों का पदनाम अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी दिया गया है। राजस्व विभाग के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें डीसीएलआर की शक्ति प्रदान करेगा।विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अमरनाथ चौधरी को अररिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं अमरेन्द्र कुमार को अरवल, शुभेन्द्र कुमार झा को औरंगाबाद, पंकज कुमार को बांका, चंद्रशेखर तिवारी को भोजपुर, राजेश रंजन को कैमूर, राजेश कुमार को खगड़िया, अक्षयवट तिवारी को किशनगंज, प्रकाश कुमार सिन्हा को लखीसराय, अशोक कुमार शर्मा को सहरसा, राजेश कुमार सिंह को शिवहर, संजय कुमार सिंह को सीवान, शरत कुमार मंडल को नवादा, सुबोध कुमार को मधुबनी और मो गुलाम शाहिद को सारण का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं भास्कर को बेगूसराय के मंझौल का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। जबकि ललित कुमार सिंह को बखरी, राकेश रंजन को पकड़ीदयाल, अजीत कुमार को फारबिसगंज, संतोष कुमार सुमन को नीमचक बथानी, रंजीत कुमार को मनिहारी, विकास कुमार सिंह को बारसोई, विक्रम भाष्कर को तारापुर, प्रवीण कुमार पांडेय को जयनगर, कौशर ईमाम को रजौली, सुजीत सुमन को बनमनखी, निलेश कुमार चौरसिया को डिहरी-ऑन-सोन, विनय कुमार को शिवहर, रवि शंकर सिन्हा को बेलसंड, मृत्युंजय कुमार को वीरपुर, सुधांशु शेखर को महनार, राजीव कुमार को बलिया और हलेन्द्र कुमार सिंह को हवेली खड़गपुर का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। विभाग ने स्थानांतरित अधिकारियों को अविलंब नए पदों पर योगदान करने को कहा गया है।

खेत तक ले गए आवारा कुत्ते, 6 साल के बच्चे की सिर की चमड़ी नोची

खंडवा  जिले के छैगांव माखन ब्लाक अंतर्गत ग्राम सुरगांव जोशी में आवारा श्वानों के हमले से छह वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे खंडवा से इंदौर रेफर करना पड़ा, जहां उसकी प्लास्टिक सर्जरी तक करनी पड़ी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। जानकारी के अनुसार अवि पुत्र अनिल पटेल, निवासी ग्राम चिचगोहन भेरू खेड़ा, अपनी बुआ के घर सुरगांव जोशी आया हुआ था। 14 मई को दोपहर करीब एक बजे वह घर के बाहर शौच के लिए गया था। इसी दौरान वहां घूम रहे 6 से 7 आवारा श्वानों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को करीब 50 मीटर दूर खेत तक घसीटकर ले गए और बुरी तरह नोच डाला।

तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूर हादसे का शिकार, 6 की हालत नाजुक

 श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक बड़े हादसे की खबर आ रही है। यहां आवदा थाना इलाके के भोजका गांव के पास तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में ट्रॉली में सवार करीब 40 मजदूर घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर काम खत्म करके वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां 6 मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।  

सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार बनेगा फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय हब

पटना बिहार में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में स्थापित किया गया था। जबकि, दूसरा संस्थान तमिलनाडू के तंजावुर में है। केन्द्र ने बिहार में तीसरे संस्थान की मंजूरी दी है। शनिवार को उन्होंने एक्स पर पोस्टकर लिखा कि वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे निफ्टेम की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह 100 एकड़ में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाई देगा और हमारे किसानों, युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है, नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद यहां संस्थान स्थापित करने का रास्ता प्रशस्त हो गया। क्या है निफ्टेम निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित उच्च शिक्षा संस्थान है। यह चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करता है। यह खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। बीटेक में जेईई मेन्स से होता है। एमटेक में प्रवेश इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित है। बालगृह के बच्चे उद्यमी भी बनेंगे इधर बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चे भी अब होटल मैनेजर और उद्यमी बनेंगे। राज्य सरकार ने बालगृह के बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने कीकार्ययोजना तैयार की है। मिशन वात्सल्य के तहत घर और परिवार से बिछड़ चुके बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दरियाई पानी के हक की लड़ाई: रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के साथ आज मुख्यमंत्री की रणनीतिक बैठक

अमृतसर.  पंजाब के मुख्यमंत्री अमृतसर के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। वह रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के सदस्यों के साथ बैठक कर राज्य के नदी जल अधिकारों और संसाधनों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस बातचीत में राज्य का पक्ष पूरी दृढ़ता से रखा जाएगा ताकि नदी संपदा के हितों को सुरक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री का अमृतसर दौरा और जल संकट पर विमर्श पंजाब के प्रशासनिक प्रमुख अमृतसर के एक बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर नदी जल के वितरण से जुड़े संवेदनशील मामलों पर सीधे संवाद स्थापित करना है। शाम के समय तय कार्यक्रम के अनुसार, वह रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के शीर्ष अधिकारियों और सदस्यों के साथ आमने-सामने की वार्ता में भाग लेंगे। यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें राज्य की जीवन रेखा माने जाने वाले जल संकट और उसके न्यायसंगत वितरण की रूपरेखा तय होनी है। रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के समक्ष कड़ा रुख इस रणनीतिक संवाद के दौरान पंजाब प्रशासन का पूरा ध्यान अपने हिस्से के अधिकारों को सुरक्षित रखने पर केंद्रित रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर राज्य का पक्ष बिना किसी समझौते के बेहद मजबूती से पेश किया जाएगा। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते पंजाब की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह इन नदियों पर निर्भर है, इसलिए ट्रिब्यूनल के सामने ऐतिहासिक तथ्यों और वर्तमान आवश्यकताओं को आधार बनाकर दलीलें दी जाएंगी। भविष्य की नीतियां और जल सुरक्षा की तैयारी बैठक में केवल तात्कालिक विवादों पर ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा और पर्यावरण के मोर्चे पर उत्पन्न चुनौतियों पर भी गंभीर मंथन किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि बदलती जलवायु और घटते भूजल स्तर के बीच दरियाई पानी पर पंजाब का पहला हक बनता है। इस उच्च स्तरीय विमर्श से निकलने वाले निष्कर्ष राज्य की कृषि और आर्थिक नीतियों की भविष्य की दिशा तय करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

NEET Paper Leak: बिवाल परिवार कनेक्शन से IMS-BHU तक जांच का दायरा बढ़ा

बनारस नीट पेपर लीक प्रकरण में आईएमएस बीएचयू के दो और छात्रों पर शक की सुई घूम रही है। ये दोनों छात्र सीकर के उसी कोचिंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, जहां कथित तौर पर बिवाल परिवार के बच्चों ने भी तैयारी की थी। इन्होंने सत्र 2025-26 में आईएमएस बीएचयू में प्रवेश लिया है। इनमें एक छात्र एमबीबीएस, जबकि छात्रा बीएएमएस कर रही है। केंद्र सरकार ने आईएमएस बीएचयू समेत मेडिकल कॉलेजों से संदिग्ध छात्रों की जानकारी भी मांगी है। सूत्रों के अनुसार बिवाल परिवार के छात्र जिस कोचिंग सेंटर में पढ़ते थे, उसने अपने प्रचार में यह दावा किया था कि छात्र का चयन नहीं हुआ तो फीस वापस होगी। इसी कोचिंग सेंटर से जुड़ी दो छात्राओं और एक छात्र का दाखिला पिछले साल आईएमएस बीएचयू में हुआ है। सीबीआई की कार्रवाई से आईएमएस-बीएचयू सतर्क नीट पेपर लीक प्रकरण में सीबीआई की संभावित कार्रवाई को देखते हुए आईएमएस-बीएचयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बताया जा रहा है कि संस्थान ने संदिग्ध छात्रों की प्रवेश संबंधी फाइलें और दस्तावेज अलग से निकाल लिए हैं, ताकि जांच एजेंसियों के मांगने पर उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि विवि की ओर से अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियां अब केवल कथित पेपर लीक तक सीमित न रहकर उन शैक्षणिक नेटवर्कों की भी जांच कर रही हैं। क्या है पूरा मामला सीबीआई ने जयपुर के बिवाल परिवार के दो भाइयों और भतीजे को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इनके परिवार के पांच बच्चों का दाखिला पिछले साल अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुआ है। इसमें एक आरोपी दिनेश की बेटी का दाखिला आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में हुआ था। अभी ये छात्रा यहां पर पढ़ाई कर रही है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग निकले सरगना सीबीआई की जांच में सामने आया है कि केमिस्ट्री-बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे। सीबीआई ने देशभर के छह और स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। अब तक मामले में कुल नौ गिरफ्तारी हुई है। एनटीए में चार नए अफसरों की नियुक्ति एनटीए में शनिवार को दो संयुक्त सचिवों व दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की गई। आईएसएस 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और आईआरएस 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज संयुक्त सचिवों होंगी।