samacharsecretary.com

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, मेट्रो-बस नेटवर्क पर सरकार का बड़ा प्लान

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर दिल्ली सरकार द्वारा घोषित पहला मेट्रो मंडे आज है। सरकार ने जिस तरह से मेट्रो मंडे का प्रचार किया है और आम लोगों ने भी अपना निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा का उपयोग करने का अनुरोध किया है। इससे मेट्रो में यात्रियों की भीड़ बनने की संभावना है। इसे देखते हुए डीएमआरसी सोमवार को अतिरिक्त छह मेट्रो चलाएगी जो अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। डीटीसी की सभी 6300 बसें सड़कों पर होंगी। वहीं सरकारी 29 सरकारी कॉलोनियों से कर्मचारियों को मेट्रो स्टेशन तक लाने के लिए 58 बसों को लगाया गया है। मकसद यह है कि कर्मचारी और अधिकारी अपनी कॉलोनी से मेट्रो तक आराम से पहुंच सकें और मेट्रो से सफर करें। आम जनता से भी सरकार ने अपील की है कि वे भी अभियान में पूरी तरह से साथ दें। मेट्रो मंडे में अधिकारियों के साथ साथ दिल्ली सरकार के मंत्रियों के भी मेट्रो में सफर करने की संभावना है। सार्वजनिक परिवहन सेवा के रूप में सरकार के पास हैं ये इंतजाम मेट्रो मेट्रो का 416 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है। 303 स्टेशन और 343 ट्रेनों के साथ प्रतिदिन 4,500 से अधिक फेरे संचालित होते हैं। प्रतिदिन दिल्ली सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ सहित क्षेत्रों के 65 लाख से अधिक यात्री मेट्रो का उपयोग कर रहे। दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनें राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ती हैं। बस वर्तमान में दिल्ली में डीटीसी की कुल 6,300 सक्रिय बसों का बेड़ा संचालित हो रहा है, जिनमें 4,538 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इनमें 9 मीटर श्रेणी की 1,593 देवी बसें, 12 मीटर श्रेणी की 2,845 इलेक्ट्रिक बसें तथा 100 फीडर बसें शामिल हैं। एनसीआर क्षेत्र के लिए भी दिल्ली से रोहतक, सोनीपत, पानीपत, धारूहेड़ा और बड़ौत के लिए डीटीसी की ई बसें चल रही हैं। प्रधानमंत्री की अपील और दिल्ली सरकार के घोषित मंडे मेट्रो को देखते हुए डीएमआरसी ने सोमवार को फेरे बढ़ाने सहित कई जनहितकारी फैसले लिए हैं। डीएमआरसी 18 मई से प्रत्येक सोमवार को छह अतिरिक्त ट्रेनों से 24 अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाएगी। अन्य दिनों में भी आवश्यकतानुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे। डीएमआरसी हर सोमवार को अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करेगी। टिकटिंग की सुविधा बढ़ाई जाएगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सर्विस को मजबूत किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों में सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा देने के मकसद से कई अन्य कदम भी उठाए जाएंगे। भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा स्टाफ तैनात किया जाएगा, अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे, अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर चालू किए जाएंगे।

लू और गर्मी से बचाएगी सत्तू की छाछ, जानें देसी सुपर ड्रिंक की रेसिपी

इन दिनों सूरज की तपिश और झुलसाने वाली गर्मी और लू ने लोगों का हाल बेहाल किया हुआ है. कड़कती धूप और उमस के कारण शरीर का हाइड्रेशन लेवल तेजी से गिरता है जिससे थकान, चक्कर आना और पेट में जलन-एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में बहुत से लोग सुबह नाश्ते में चाय या हैवी पराठे खा लेते हैं जो पेट की गर्मी को और बढ़ा देते हैं. अगर आप इस चुभती-जलती गर्मी से खुद को बचाना चाहते हैं तो सुबह के नाश्ते में सत्तू की नमकीन छाछ को जरूर शामिल करें. भुने चने से बना सत्तू जहां प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस है. वहीं छाछ यानी मट्ठा पेट के लिए बेहतरीन प्रोबायोटिक का काम करती है. इन दोनों का यह देसी और पारंपरिक मेल न केवल आपके पेट को अंदर से बर्फ जैसी ठंडक पहुंचाता है बल्कि भयंकर लू और डिहाइड्रेशन से लड़ने के लिए दिनभर शरीर को भरपूर एनर्जी भी देता है. सत्तू की छाछ बनाने के लिए सामग्री भुने चने का सत्तू – 3 बड़े चम्मच ताजा दही या मट्ठा (छाछ) – 1 बड़ा गिलास ठंडा पानी – आधा गिलास (अगर दही का इस्तेमाल कर रहे हैं) पुदीने के पत्ते – 8-10 (बारीक कटे या क्रश किए हुए) हरी मिर्च – 1 छोटा चम्मच (बारीक कटी हुई, वैकल्पिक) भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच काला नमक – आधा छोटा चम्मच नींबू का रस – 1 चम्मच बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका अगर आप दही ले रहे हैं तो एक बड़े बर्तन या ब्लेंडर जार में दही और थोड़ा पानी डालकर उसे अच्छी तरह मथ लें ताकि वो पतला होकर छाछ की तरह बन जाए. अगर आप छाछ ले रहे हैं तो उसे फेंटने की जरूरत नहीं है. अब छाछ में 3 बड़े चम्मच सत्तू डालें. मथनी या व्हिस्कर की मदद से इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि सत्तू की कोई गुठली न रहे और यह पूरी तरह स्मूदी जैसा एकसार हो जाए. इस गाढ़े घोल में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, बारीक कटे पुदीने के पत्ते, हरी मिर्च और नींबू का रस डालकर एक बार फिर अच्छी तरह मिक्स कर लें. अब एक सर्विंग ग्लास में 2-3 आइस क्यूब्स डालें और ऊपर से तैयार सत्तू की छाछ पलटें. ऊपर से थोड़े से भुने जीरे और पुदीने की पत्ती से सजाकर सुबह नाश्ते के साथ या धूप में निकलने से ठीक पहले इसका आनंद लें.

रिवरफ्रंट से स्पोर्ट्स हब तक: गोमती तट पर 2035 तक बदल जाएगी राजधानी की तस्वीर

लखनऊ दिल्ली से जुड़े जिलों को लेकर बने एनसीआर की तर्ज पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपी एससीआर) की प्रस्तावित योजना में लखनऊ में गोमती नदी के किनारे पर बड़े स्तर पर विकास का खाका तैयार किया गया है। इस योजना के तहत गोमती तट को केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पर्यटन, संस्कृति, वेलनेस और सार्वजनिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। योजना को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें राष्ट्र प्रेरणा स्थल से लेकर इकाना स्टेडियम तक गोमती किनारे आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पहले चरण में बनेगा सांस्कृतिक और हेरिटेज कॉरिडोर: योजना के पहले चरण को वर्ष 2027 से 2032 तक लागू करने का प्रस्ताव है। इसमें एनएच-230 से आचार्य नरेंद्रदेव मार्ग तक करीब 11.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का विकास किया जाएगा। इस हिस्से में प्रेरणा स्थल और आसपास के क्षेत्रों को सिटी फॉरेस्ट व सांस्कृतिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार यहां हेरिटेज प्रोमेनेड, कल्चरल प्लाजा, ओपन एयर एग्जीबिशन स्पेस, स्कल्पचर गार्डन और मेमोरी वॉल बनाई जाएंगी। इसके अलावा सांस्कृतिक घाट, इंटरप्रेटिव पाथवे, रिवर डेक, फ्लोटिंग फाउंटेन और वाटर गार्डन जैसी सुविधाएं भी विकसित होंगी। रात के समय आकर्षण बढ़ाने के लिए सॉफ्ट और नॉन-इंट्रूसिव लाइट एंड साउंड जोन भी बनाए जाएंगे। योजना में यह भी प्रस्तावित है कि गोमती नदी के किनारे ऐसे सार्वजनिक स्थल विकसित किए जाएं जहां लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और मनोरंजन गतिविधियां कर सकें। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वेलनेस और स्पोर्ट्स हब बनेगा गोमती तट योजना का दूसरा चरण वर्ष 2030 से 2035 तक लागू किया जाएगा। इसमें एनएच-24 से आउटर रिंग रोड तक करीब 7.75 किमी क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इस हिस्से में वेलनेस एंड सस्टेनेबिलिटी पार्क और ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां इंडोर स्पोर्ट्स एरिया, ओपन प्लेइंग कोर्ट, स्टार गेजिंग एरिया, ईको ट्रेल्स व प्रोमेनेड बनाए जाएंगे। गोमती बैराज, लोहिया पथ व इकाना स्टेडियम के आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक रिवरफ्रंट सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। आधुनिक वॉकिंग जोन व हरित क्षेत्र विकसित करने पर विशेष जोर है। अशोक मार्ग से हनुमान सेतु तक विशेष कनेक्टिविटी योजना में अशोक मार्ग, हनुमान सेतु, गोमती बैराज और लोहिया पथ को जोड़ते हुए एकीकृत रिवर कॉरिडोर विकसित करने का भी प्रस्ताव शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी और गोमती तट राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल हो जाएगा। अनूपगंज आरओबी के सभी पिलर बने, डेक का काम शुरू दूसरी ओर, गोसाईगंज-मोहनलालगंज के बीच लखनऊ-सुल्ताननपुर रेल खंड पर स्थित अनूपगंज रेलवे क्रासिंग पर बनाए जा रहे ओवर ब्रिज के सभी पिलर तैयार कर लिए गए हैं। डेक निर्माण के लिए इनके ऊपर बेस भी बना दिए गए हैं। अब बलियाखेड़ा की तरफ से डेक(ब्रिज के ऊपर का सड़क वाला हिस्सा) बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे क्रासिंग के पास का ब्रिज का ढांचा नहीं खड़ा किया गया है। इसे गर्डर रखने की प्रक्रिया शुरू करने के कुछ महीनों पहले ही तैयार किया जाएगा। अनूपगंज आरओबी गोसाईगंज की तरफ से बलिया खेड़ा के पास से शुरू शुरू होगा और मोहनलालगंज की तरफ शिवलर के पास उतरेगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज के नीचे दोनों तरफ सर्विस लेन भी बनेगा। कुछ स्थानों पर सर्विस लेन के लिए भूमि अधिग्रहण चल रहा है। ब्रिज निर्माण कार्य में अभी तक 58% की प्रगति है। रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं: लखनऊ-सुल्तानपुर रेल खंड पर स्थित अनूपगंज क्रासिंग से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। क्रासिंग से रोजाना 30 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। गेट बंद होने पर यहाँ 30 से 45 मिनट का लंबा जाम लगता है। इसी समस्या के समाधान के लिए शासन ने यहां रेलवे ओवर ब्रिज को मंजूरी दी है। तीन लाख लोगों को लाभ आरओबी के बनने से गोसाईगंज, मोहनलालगंज समेत आसपास के दो दर्जन से अधिक इलाकों और कॉलोनियों में रहने वाली तीन लाख से ज्यादा की आबादी को सीधे तौर पर आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी।

दो महीने में तीसरी बार स्कूलों में बम की धमकी, लुधियाना में पुलिस अलर्ट पर

लुधियाना. पंजाब के लुधियाना शहर के स्कूलों को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। सोमवार को 8 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार बम की धमकी मिलने वाले स्कूलों की संख्या 8 से अधिक है। इसमें बाल भारती पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल सराभा नगर, बीसीएम स्कूल, बीवीएम उधम सिंह नगर, बीवीएम किचलू नगर, बीवीएम सेक्टर 39, द एशियन स्कूल इत्यादि शामिल है। जानकारी के अनुसार सोमवार को स्कूल प्रबंधन को बम से उड़ाने की धमकी मिली। उस समय स्कूल में परीक्षाएं चल रही थीं। धमकी की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस टीम, सुरक्षा अधिकारी और जांच एजेंसियां स्कूल परिसर में पहुंचीं और जांच अभियान शुरू किया गया। स्कूल परिसर में जांच शुरू पुलिस अधिकारियों ने स्कूल भवन, कक्षाओं, परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच शुरू की है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी हुई है। पहले भी मिल चुकी स्कूलों को धमकियां गौरतलब है कि बीते दो महीनों में यह तीसरी बार है जब लुधियाना के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इससे पहले 10 मार्च और 23 अप्रैल को भी धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। लगातार मिल रही धमकियों के कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन में भय का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। ई-मेल और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है।

आपदा से निपटने को बिहार तैयार, फायर ब्रिगेड बेड़े में शामिल हुए 80 आधुनिक वाहन

पटना. बिहार में फायर ब्र‍िगेड के बेड़े में 80 हाईटेक गाड़‍ियां शामिल हुई हैं। अग्निशमन व्‍यवस्‍था को मजबूत बनाने के लिए राज्‍य सरकार ने यह व्‍यवस्‍था की है। गांधी मैदान में मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाहनों को हरी झंडी द‍िखाई। उनके साथ डिप्‍टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद थे। इस अवसर पर इन गाड़‍ियों का लाइव डेमो भी किया गया। फायरकर्मियों ने तत्‍परता और साहस का प्रदर्शन किया। यह देख तालियां बजती रहीं। अग्निशमन व‍िभाग को मिली इन गाड़‍ियों में 36 स्‍कॉर्पियो हैं। आग लगने की सूचना मिलने पर कुछ ही देर में वाहन के साथ फायर कर्मी पहुंच जाएंगे। राज्य में अप्रैल और मई के दौरान आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में फूस के घर, खेतों के पास सूखी घास और बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की वजह से कई जिलों में नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। इसी स्थिति को देखते हुए अग्निशमन विभाग को आधुनिक संसाधनों से लैस करने का फैसला लिया गया। नई खरीदी गई 80 गाड़ियों में 36 स्कॉर्पियो वाहन भी शामिल हैं, जिन्हें त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया गया है। सरकार के मुताबिक, पहले कई इलाकों में दमकल गाड़ियों को पहुंचने में लंबा समय लग जाता था। सड़क, दूरी और सीमित संसाधन बड़ी चुनौती बनते थे। नई गाड़ियों के शामिल होने से अब जिला और प्रखंड स्तर पर अग्निशमन टीमों की तैनाती मजबूत होगी। इससे शुरुआती समय में ही आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी और नुकसान कम होगा। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। बिजली की खराब वायरिंग, ट्रांसफॉर्मर में खराबी, गैस सिलेंडर लीक और खेतों में जलावन जलाने जैसी वजहें बड़ी घटनाओं में बदल जाती हैं। ऐसे में फायर ब्रिगेड की तेज प्रतिक्रिया सबसे अहम होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए नए वाहनों को हाई-स्पीड मूवमेंट और त्वरित राहत कार्य के हिसाब से तैयार किया गया है। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने की उम्मीद है। अब तक कई गांवों में दमकल वाहन देर से पहुंचते थे। इससे छोटे हादसे भी बड़े नुकसान में बदल जाते थे। सरकार का दावा है कि नई गाड़ियों के जरिए गांवों तक राहत सेवाओं की पहुंच पहले से बेहतर होगी। इससे जान-माल की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। गर्मी के मौसम में बिजली उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने, खेतों और घरों के आसपास ज्वलनशील सामान नहीं रखने और आग लगने की स्थिति में तुरंत सूचना देने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि आधुनिक संसाधनों और तेज रिस्पॉन्स सिस्टम के जरिए इस बार अगलगी की घटनाओं में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

सफर होगा आसान और तेज, रायपुर-बलौदाबाजार फोरलेन परियोजना का DPR तैयार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में रायपुर से बलौदा बाजार और सारंगढ़ तक जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिल सकती है. रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार कर लिया गया है. नेशनल हाईवे विभाग लगभग 1500 करोड़ रुपए की लागत से इस प्रोजेक्ट पर खर्च करेगा. दो फेज में फोनलेन चौड़ीकरण का काम किया जाएगा. इससे 1 से सवा घंटे तक लोगों के समय की बचत होगी. जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में धनेली से पुराना विधानसभा तक 11.610 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा. इस हिस्से के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर सड़क फोरलेन बनेगी, जिस पर 1050 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. परियोजना के तहत सड़क को केवल फोरलेन ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि कई हिस्सों में सर्विस लेन भी तैयार की जाएगी. इसके अलावा चार बड़े फ्लाईओवर और कई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे शहर और गांवों के बीच यातायात अधिक सुगम हो सकेगा. रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग फोरलेन बनने से जाम और हादसे कम होंगे. भारी वाहनों के लिए अलग लेन मिलेगी. सीमेंट उद्योग को फायदा होगा, माल परिवहन आसान होगा और स्थानीय व्यापार-रोजगार बढ़ने की संभावना है. यहां बनेंगे ओवरब्रिज नरदहा चौक पर 200 मीटर हिस्से को छोड़कर सिक्स लेन फ्लाईओवर और धनेली चौक पर पुराने ब्रिज को तोड़कर फ्लाईओवर, धनेली गांव में नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. टेकारी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और बरौदा गांव में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा. दिल्ली भेजी गई ड्राइंग डिजाइन नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर ज्ञानेश्वर कश्यप ने कहा कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण दो चरणों में होगा. इसके लिए 1500 करोड़ रुपए का डीपीआर तैयार हो चुका है. पूरी ड्राइंग डिजाइन दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी. यदि किसी सुधार की आवश्यकता होगी तो उसे किया जाएगा, अन्यथा जल्द ही चौड़ीकरण शुरू होगा.

रिश्तों और जीवन को मजबूत बनाने के लिए चाणक्य के ये अनमोल सूत्र

 आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस दुनिया में जिसे लोग 'प्रेम' का नाम देते हैं, वह दरअसल एक युद्ध क्षेत्र की तरह है. बिल्कुल वैसा ही, जैसे दो सेनाएं आमने-सामने खड़ी हों. फर्क सिर्फ इतना है कि इस युद्ध में तलवार नहीं, बल्कि भावनाओं का आमना सामना होता है. और इस युद्ध की सबसे कठिन, सबसे जटिल लड़ाई एक स्त्री और एक पुरुष के बीच हर रोज, हर घर में होती है. अब इस बात को सुनकर आप कहेंगे कि चाणक्य बहुत कठोर हैं. प्रेम तो समर्पण और सच्चाई है. लेकिन चाणक्य नीति कहती है कि, 'अगर जहर का प्याला भी पीना पड़े, तो ऐसे पियो कि देखने वाला समझे कि तुम अमृत पी रही हो. यानी, तुम्हारी कमजोरी किसी को नहीं पता चलनी चाहिए चाहे वह तुम्हारा पति ही क्यों न हो. तो आइए जानते हैं वो 5 बातें, जिन्हें चाणक्य नीति के अनुसार हर स्त्री को अपने पति से छिपाकर रखना चाहिए. यह धोखा नहीं, बल्कि आत्मरक्षा है. 1. मायके की कमजोरियां कभी उजागर न करें चाणक्य के अनुसार, 'अपने घर की नींव को कमजोर मत दिखाओ. कई महिलाएं अपने पति को अपने मायके की आर्थिक या पारिवारिक समस्याएं खुलकर बता देती हैं. शुरुआत में यह सामान्य लगता है, लेकिन समय बदलने पर यही बातें हथियार बन सकती हैं. जब रिश्ते में कड़वाहट आती है, तो वही कमजोरियां ताने बनकर सामने आती हैं. इसलिए अपनी पृष्ठभूमि को हमेशा सम्मानजनक बनाए रखें. 2. अतीत को अतीत ही रहने दें चाणक्य कहते हैं कि घाव को बार-बार मत कुरेदो, वरना वह कभी नहीं भरेगा. अपने पुराने रिश्ते, गलतियां या दर्दनाक अनुभव हर बात में साझा करना जरूरी नहीं है. अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि सच बताने से रिश्ता मजबूत होगा, लेकिन कई बार यह असुरक्षा पैदा कर देता है. इसलिए अपने अतीत को वहीं रहने दें, जहां वह है. 3. अपना गुप्त धन जरूर रखें चाणक्य का स्पष्ट कहना है कि विपत्ति में धन ही काम आता है. हर स्त्री के पास अपनी बचत या आर्थिक सुरक्षा होनी चाहिए, जिसकी जानकारी हर किसी को न हो. यह धोखा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का प्रतीक है. पूरी तरह आर्थिक निर्भरता, सम्मान को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है. 4. अपनी लाचारी को पहचान न बनाएं चाणक्य कहते हैं कि दुनिया ताकत को सलाम करती है, कमजोरी को नहीं. बीमारी या दर्द को बार-बार जाहिर करना व्यक्ति की छवि को कमजोर बना सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि इलाज न कराएं, बल्कि अपनी पीड़ा को अपनी पहचान न बनाएं. मजबूती और संयम ही व्यक्ति को सम्मान दिलाते हैं. 5. अपने डर को कभी जाहिर न करें चाणक्य के अनुसार, सबसे बड़ी ताकत है अपनी भावनाओं पर नियंत्रण. अगर किसी को आपके सबसे बड़े डर का पता चल जाए, तो वह आपकी कमजोरी बन सकता है. इसलिए अपने डर को पहचानें, स्वीकार करें, लेकिन उसे किसी के सामने उजागर न करें. यही आत्मबल आपको मजबूत बनाता है. याद रखें शक्ति हमेशा रहस्य में छिपी होती है. और जो अपने रहस्यों को संभालना जानता है, वही जीवन की असली बाजी जीतता है.

गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का किया उद्घाटन अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार.. जनता के दरवाजे तक पहुँच गयी डिजिटल सरकार नेतानार में नागरिकों की सुविधाओं हेतु एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध रायपुर  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है। समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।  वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी ।  अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुविजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी। गृह मंत्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा । इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: पंचायत चुनाव, मेट्रो विस्तार और मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर रहा। इसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है। 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को हरी झंडी उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी (OBC) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए 'समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' (Dedicated OBC Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल छह महीने होगा। लोकतंत्र सेनानियों को मिला 'कैशलेस इलाज' का ऐतिहासिक तोहफा आपातकाल (इमरजेंसी) के खिलाफ लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन करने वाले उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। कैबिनेट ने इन्हें 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' के दायरे में लाते हुए शत-प्रतिशत कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब इन्हें और इनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। लखनऊ-आगरा मेट्रो के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर मुहर राजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा के मेट्रो नेटवर्क को रफ्तार देने के लिए दो बड़े फैसलों को मंजूरी मिली है। लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले मेट्रो के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (East-West Corridor) के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे को कैबिनेट ने स्वीकृत कर लिया है। आगरा में कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) के तहत मेट्रो स्टेशनों और वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण (Land Transfer) के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के अन्य अहम फैसले तीन नए मेडिकल कॉलेज: प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए हाथरस, बागपत और कासगंज जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति मिल गई है। समुदाय परियोजना का विस्तार: ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल (HCL) फाउंडेशन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चल रही 'समुदाय परियोजना' को अगले 5 साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। कौशल विकास: वस्त्रोद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) में रोजगार और युवाओं के हुनर को बढ़ावा देने के लिए नई कौशल विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। नियम प्रणालियों और वित्तीय ढांचों में बड़े सुधार कैबिनेट ने प्रशासनिक और वित्तीय पारदर्शिता के लिए कई संशोधनों को भी पास किया है।यूपीपीएससी परिसीमन के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के कृत्यों के परिसीमन में बदलाव करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परिवहन विभाग को राहत: यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स को रेशनलाइज (तर्कसंगत) करने पर मुहर लगी, जिससे रोडवेज की माली हालत सुधरेगी। जन्म-मृत्यु पंजीकरण: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी नई नियमावली को स्वीकृत किया गया है। वित्तीय प्रस्ताव: ऊर्जा विभाग द्वारा केनरा बैंक से निकाली गई 1500 करोड़ रुपये की राशि के कार्येत्तर इस्तेमाल के प्रस्ताव को कार्योत्तर मंजूरी दी गई। इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम और वर्ष 2007 में जारी राज्य प्रतिभूतियों के जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन के प्रस्तावों को भी पास किया गया।

‘जनता दर्शन’ में आए आमजनों से मिले सीएम योगी, हर आगंतुक की सुनीं समस्या

जनता दर्शन जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्पः मुख्यमंत्री  ‘जनता दर्शन’ में आए आमजनों से मिले सीएम योगी, हर आगंतुक की सुनीं समस्या  अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्या निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री से मिलने बिहार से पहुंचीं एक महिला, सीएम योगी ने किया अभिवादन भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें, परिवार का रखें विशेष ध्यान: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यस्ततम दिनचर्या के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों से मिले और हर किसी की समस्या सुनी। मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्प है। आपकी हर उचित समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्याओं के निस्तारण का भी निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में बिहार से भी एक महिला मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं, मुख्यमंत्री ने उनका अभिवादन कर कुशलक्षेम पूछा।  डीएम-एसपी स्वयं कराएं समस्या का समाधान  मुख्यमंत्री ने सभी के प्रार्थना पत्र लेने के उपरांत सम्बंधित जनपदों के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक स्वयं मामलों पर नजर रखें और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।  हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान सरकार की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि पूरी तत्परता व संवेदनशीलता से सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सभी को न्याय मिले। हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। महाराज जी प्रणाम! कवनो दिक्कत नाही बा, बस आपके दर्शन करेके रहल  ‘जनता दर्शन’ में सीएम योगी की प्रशंसक एक महिला बिहार से आई थीं। मुख्यमंत्री सभी की समस्या सुनते हुए उनके पास भी पहुंचे। पूछा कि कहां से आई हैं, आपको क्या परेशानी है। इस पर महिला ने कहा- महाराज जी, प्रणाम। हम बिहार से आइल बानी। हमके कवनो दिक्कत नाही बा। बस आपके दर्शन करेके रहल, त आ गइलीं। इस पर सीएम योगी ने उनका अभिवादन किया, फिर कहा कि गर्मी बहुत पड़ रही है। इस भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें और परिवार के सभी लोगों का भी विशेष ध्यान रखें।