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सुखना लेक पर साइकिल चलाते नजर आए हरियाणा CM, लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की सुखना लेक पर मंगलवार सुबह हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री ने मॉर्निंग वॉक करने के साथ साइकिलिंग कर लोगों को फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ आह्वान के तहत मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने आम लोगों, युवाओं और मॉर्निंग वॉक पर आए नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें नियमित व्यायाम और साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया। आत्मनिर्भर भारत के लिए विपक्ष से भी मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देशवासियों से सहयोग मांगा है। इस अभियान में विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब सभी मिलकर स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देंगे। विपक्ष से भी मिलकर साथ आने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में साथ आना चाहिए। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा, "हरियाणा में भी हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अपनी राज्य सरकार के स्तर पर SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।" पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब वर्चुअल मीटिंग के साथ-साथ 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) जैसे विकल्पों को भी अपनाने का फैसला किया है, जिससे यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार हरियाणा सरकार ने भी अपनी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने के लिए सरकार वर्चुअल मीटिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। लोगों ने लिया फिटनेस का संकल्प सुखना लेक पर मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कई युवाओं ने साइकिलिंग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही। पीएम ने की थी देश से अपील गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हालही में देश से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी। पीएम मोदी की इस अपील के बाद देश के कई राज्यों के सीएम ने अपनी कारों का काफिला छोटा कर दिया था। खुद पीएम मोदी का काफिला भी छोटा हुआ था। इसके अलावा तमाम राज्यों के मंत्रियों और बड़े अधिकारियों ने भी अपना काफिला छोटा किया था। दिल्ली सरकार की सीएम और अन्य मंत्री तो दिल्ली मेट्रो में सफर करते हुए नजर आए थे। बीजेपी नेताओं ने भी अपने काफिले को छोटा करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में सफर करना शुरू किया था। वहीं विपक्ष ने पीएम मोदी की अपील के बाद पीएम मोदी पर ही निशाना साधा था और कहा था कि पीएम, देश को बताएं कि ऐसी कौन सी वजह है, जिसको लेकर पीएम मोदी को देशवासियों से इस तरह से अपील करनी पड़ रही है।  

PM सूर्य घर योजना में डिजिटल पहल, ‘सोलर चाचा’ व्हाट्सऐप चैटबॉट और ‘मेरा सोलर-बड़ा होनहार’ अभियान लॉन्च

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत व्हाट्सऐप चैटबॉट सोलर चाचा एवं मेरा सोलर-बड़ा होनहार अभियान का हुआ शुभारंभ ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर करें कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर बैंकर्स और वेंडर्स समन्वय पूर्वक कार्य करें : मंत्री शुक्ला भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिये सोलर एनर्जी का इस्तेमाल आज की महती आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर कार्य करने को कहा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये सभी बैंकर्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में कार्य करने वाले वेंडर्स से समन्वय पूर्वक कार्य करने का आग्रह किया। ऊर्जा मंत्री तोमर और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित व्हाट्सपेए चेटबॉट, 'सोलर चाचा' और 'मेरा सोलर-बड़ा होनहार' प्रचार अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं कॉउंसिल ऑफ एनर्जी एन्वायरमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत प्रारंभ किये गये चेटबॉट और प्रचार अभियान से निश्चित की जनता लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा उतना ज्यादा लाभ जनता को भी मिलेगा। इससे अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से अब योजना संबंधी जानकारी आमजन तक और अधिक सरलता एवं त्वरित रूप से पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही ऊर्जा विभाग के माध्यम से सभी तरह की सोलर से जुड़े कार्य मे विभाग पूरी तत्परता के साथ सहयोग देगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार प्रदेश के हर गाँव की हर छत पर सौर संयंत्र को स्थापित करने के समग्र प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि बिजली के बिल को न्यूनतम किया जाये ताकि सौर एनर्जी का उपयोग करने वालों को अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके। मंत्री शुक्ला ने सभी बेंकर्स और वेंडर्स को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मंशानुसार लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये तत्पर होकर कार्य करने का संकल्प लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि बेंकर्स और वेंडर्स के कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं का यथासंभव शीघ्रता से निराकरण किया जायेगा। मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश तेजी से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने बेंकर्स और वेंडर्स से सीधे संवाद कर जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में समन्वित प्रयास किये जायेंगे। इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक 1,97,663 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 1,25,291 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 469.39 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा इन स्थापनाओं के लिए अब तक 888.26 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया जा चुका है। कार्यक्रम में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एजेंसियों को मंत्री तोमर और मंत्री शुक्ला ने मंच से सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने वेंडर्स श्रेणी में मेसर्स सोलर स्क्वायर एनर्जी मेसर्स आरडी पावर एंड डेफा सॉल्यूशन प्रो. रूपेश राठौट मेसर्स एचएम सोलर एनर्जी सेटार्स शुभम सोलर सॉल्यूशन, मेसर्स भंडारी सोलट, मेसर्स सूर्यमटेक इंजीनियरिंग, मेसर्स ए जी सोलर मेसर्स ट्रायंगल एंटरप्राइजेज, मैसर्स कान्हा उठटपाइजेज, मेसर्स ग्रीन एटा सोलर सॉल्यूशंस मेसर्स ऑटोसिस इंदौर, मेसर्स महावीर मल्टी इंजीनियरिंग को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बैंक श्रेणी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एण्ड सिंध बैंक और डिस्कॉम श्रेणी में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवकरणीय ऊर्जा कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारी तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत कार्यरत पंजीकृत वेंडर्स उपस्थित रहे।  

सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पीएम मोदी का ‘करीबी’ बनकर ठगी करने वाले आरोपी को मिली जमानत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने के आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब तीन साल से जेल में बंद आरोपी मोहम्मद काशिफ को सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को जमानत दे दी। काशिफ पर आरोप है कि उसने पीएम मोदी और अन्य मंत्रियों के साथ अपनी एडिट की हुई यानी मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर लोगों से धोखाधड़ी की थी। हाईकोर्ट के फैसले को किया रद्द बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें काशिफ की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि आरोपी लगभग तीन साल से हिरासत में है और इस मामले में अपराध की कथित आय 1.10 करोड़ रुपये है। अदालत ने कहा- हम विवादित आदेश को इस कारण से रद्द करने के इच्छुक हैं कि अपीलकर्ता तीन साल से जेल में है। आरोपी ने कोर्ट में दी यह अंडरटेकिंग सुनवाई के दौरान आरोपी काशिफ ने कोर्ट को यह वचन दिया कि वह भविष्य में किसी भी उच्च संवैधानिक या सरकारी अधिकारी के नाम का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसके साथ ही, कोर्ट ने उसे ट्रायल में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया है कि यदि काशिफ सहयोग नहीं करता है या जमानत की शर्तों और अंडरटेकिंग का उल्लंघन करता है, तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) जमानत रद्द कराने के लिए निचली अदालत का रुख कर सकता है। क्या है पूरा मामला? ऐसे करता था ठगी: ईडी के मुताबिक, काशिफ ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ अपनी मॉर्फ्ड और एडिटेड तस्वीरें पोस्ट की थीं। इसका मकसद लोगों में यह भ्रम पैदा करना था कि उसकी सरकार के उच्च स्तर तक सीधी पहुंच है। नौकरी और ठेके का झांसा: इस झूठे रसूख का इस्तेमाल कर उसने लोगों से सरकारी विभागों में काम कराने, सरकारी नौकरी दिलाने और सरकारी ठेके दिलाने का वादा करके पैसे ऐंठे। 1.10 करोड़ की बरामदगी: यह मामला अप्रैल 2023 में दर्ज एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) से जुड़ा है, जो गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की एफआईआर पर आधारित था। ईडी ने काशिफ से जुड़े ठिकानों से 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी का दावा किया है। कोर्ट में किसने क्या दी दलील? काशिफ की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि मूल अपराध में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है। वह 25 मई 2023 से हिरासत में है और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के ट्रायल में काफी देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत नवंबर 2023 में आरोप तय हुए थे और अगस्त 2024 में पहले गवाह की गवाही पूरी हुई थी। वहीं, ईडी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने जमानत का विरोध किया और कहा कि ट्रायल में कोई अनुचित देरी नहीं हुई है। इससे पहले, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी ईडी की दलीलों को मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे जेल से रिहा करने का आदेश दे दिया है।

बिहार में शुरू हुआ सहयोग शिविर, पंचायत स्तर पर सुनी जाएंगी जनता की समस्याएं

पटना  सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं। अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे। दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है। 31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।  

कैंसर इलाज में उम्मीद की नई किरण, IIT प्रोफेसर बुशरा अतीक का अहम रिसर्च

कानपुर  आईआईटी के बायोलाजिकल साइंस और बायोइंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर बुशरा अतीक और उनकी शोध टीम को कैंसर अनुसंधान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रो. अतीक ने कोलोरेक्टल कैंसर (आंत का कैंसर) को शरीर में तेजी से फैलाने वाले और इसके इलाज को बेअसर करने वाले एक खास प्रोटीन डीकेसी -1 की पहचान की है। चिकित्सा जगत में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही यह खोज प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' ने 18 मई को ही प्रकाशित की है। इस खोज से भविष्य में आंत के कैंसर का अधिक सटीक और प्रभावी इलाज संभव हो सकेगा। प्रो. बुशरा अतीक के शोध के मुताबिक शरीर में डीकेसी-1 प्रोटीन का स्तर बढ़ने से कैंसर कोशिकाएं न सिर्फ बेहद आक्रामक हो जाती हैं, बल्कि उन पर दवाओं का असर भी खत्म होने लगता है। शोध के अनुसार यह प्रोटीन शरीर में स्फिंगोलिपिड नामक फैट के निर्माण की प्रक्रिया को बाधित करता है। स्फिंगोलिपिड आमतौर पर कोशिकाओं की बनावट और उनकी प्राकृतिक मृत्यु (अपोप्टोसिस) को नियंत्रित करते हैं। जब डीकेसी-1 का स्तर बढ़ता है तो शरीर में ऐसे लिपिड ज्यादा बनने लगते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को सुरक्षा कवच देते हैं। यही वजह है कि कई गंभीर मरीजों में कीमोथेरेपी और अन्य दवाएं बेअसर हो जाती हैं। शोध अध्ययन में सामने आया है कि जिन मरीजों में इस प्रोटीन का स्तर ज्यादा था, उनमें कैंसर बेहद उन्नत (एडवांस्ड) स्टेज में पहुंच चुका था। इस आधार पर जब शोधकर्ताओं ने लैब के भीतर आरएनए इंटरफेरेंस तकनीक के जरिए जब डीकेसी-1 प्रोटीन के स्तर को कम किया तो इसके चौंकाने वाले और सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। ऐसा करने से कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई। कैंसर कोशिकाएं दवाओं और कीमोथेरेपी के प्रति अधिक संवेदनशील हो गईं, यानी उन पर दवाओं ने दोबारा काम करना शुरू कर दिया। प्रो. बुशरा अतीक के अनुसार कैंसर सिर्फ जीन या कोशिकाओं की खराबी नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबालिज्म (उपापचय) से भी गहराई से जुड़ा है। अब शोधकर्ता डीकेसी-1 और स्फिंगोलिपिड मेटाबालिज्म को टारगेट करने वाली नई दवाएं विकसित कर सकेंगे, जो कैंसर के मरीजों के लिए एक नई जीवनदायिनी साबित हो सकती हैं।  

सोशल मीडिया स्टंट बना मुसीबत, नदी के बीच ले गए थार; वायरल वीडियो पर बवाल

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के कालागढ़ क्षेत्र से सोशल मीडिया की सनक का एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने इंटरनेट पर वायरल होने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल दी. मामला रामगंगा नदी का बताया जा रहा है, जहां तेज बहाव और गहरे पानी के बीच थार गाड़ी उतारकर रील बनाई गई. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नदी के बीच तेज बहते पानी में एक थार गाड़ी खड़ी है और उसके आसपास कई युवक मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि वहां मौजूद कुछ लोग नदी में नहाने आए थे, लेकिन रील बनाने की होड़ में माहौल अचानक खतरनाक बन गया. वीडियो देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जरा सी चूक किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती थी।  स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाल के दिनों में डैम और नदी किनारे रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है. कई बार लोग जोखिम भरे स्टंट करते हुए नजर आते हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है. लोगों का कहना है कि कुछ मिनट की सोशल मीडिया प्रसिद्धि के लिए इस तरह जीवन से खिलवाड़ करना बेहद चिंताजनक है।  घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस संबंधित युवकों की पहचान में जुटी है. हालांकि जांच में सबसे बड़ी परेशानी यह आ रही है कि वीडियो में थार का नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा।  सूत्रों के अनुसार, यह गाड़ी उत्तराखंड के जसपुर क्षेत्र की बताई जा रही है. जानकारी मिली है कि दो नई थार खरीदने के बाद कुछ युवक उनकी रील बनाने के लिए रामगंगा नदी पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि गाड़ियों का अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ था, इसलिए उन पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी. फिलहाल पुलिस वाहन और उसके मालिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी और डैम जैसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह न बने। 

Gurdaspur Accident: नेशनल हाईवे पर दर्दनाक टक्कर, कार सवार 4 दोस्तों की गई जान

गुरदासपुर पंजाब के गुरदासपुर जिले में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। पठानकोट-गुरदासपुर नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्झा सिंह के पास एक तेज रफ्तार ऑल्टो कार की किसी अज्ञात भारी वाहन से भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार पठानकोट के चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तड़के 4 बजे हुआ हादसा, धमाके से सहमे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। हाईवे पर अचानक हुए तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का मंजर बेहद खौफनाक था। दुर्घटनाग्रस्त ऑल्टो कार (नंबर PB-35Y-8420) के परखच्चे उड़ चुके थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार वाहन का सुराग लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। खड़े या आगे चल रहे ट्रक से टक्कर की आशंका मामले की जांच कर रहे एएसआई दलजीत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार ऑल्टो कार सड़क किनारे खड़े या आगे जा रहे किसी भारी वाहन (जैसे ट्रक या ट्राला) से पीछे से टकराई है। हादसे के तुरंत बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा। मृतकों में एक की पहचान, परिवार में पसरा मातम हादसे का शिकार हुए चार युवकों में से एक की पहचान पठानकोट के भदरोआ स्थित टीचर कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय विक्रम उर्फ विक्की के रूप में हुई है। विक्की स्लीपवेल मैट्रेस के शोरूम में काम करता था और कुछ दिन पहले अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त कार विक्की ही चला रहा था। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गया है। हादसे की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन गुरदासपुर के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के अनुसार, अन्य तीन मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, जिनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से रात के समय हाईवे पर निगरानी मजबूत करने और सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है।

लू का ऑरेंज अलर्ट, राजस्थान के कई जिलों में तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच

राजयपुर जस्थान भीषण गर्मी की चपेट में है. पिलानी और चित्तौड़गढ़ में तापमान 46 डिग्री पार हो गया है. इन दोनों जिलों में पारा 46.2 डिग्री दर्ज किया गया. राज्य के लगभग सभी शहरों में सोमवार (18 मई) को अधिकतम तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा. राजधानी जयपुर में भी 43.6 डिग्री दर्ज किया गया. हीटवेव के अलर्ट को देखते हुए अगले 4-5 दिन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. मंगलवार (19 मई) के लिए 7 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 5 जिलों में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है. इन जिलों में भी तापमान 45 के पार मौसम विभाग के अनुसार, श्रीगंगानगर में तापमान 46.1 डिग्री  बना हुआ है. बीकानेर में पारा 46, वनस्थली में 45.6, फतेहपुर में 45.5, कोटा में 45.3, बाड़मेर और चूरू में 45.1 डिग्री दर्ज किया गया. बारां, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बालोतरा, जोधपुर और श्रीगंगानगर में येलो अलर्ट है. वहीं, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में लू का ऑरेंज अलर्ट है.    हीट वेव को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी! तेज़ गर्मी और लू सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है। इस भीषण गर्मी में खुद का और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखें। धूलभरी आंधी भी बढ़ाएगी परेशानी इस सप्ताह राज्यभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में लू जैसी स्थिति रहने का अनुमान है. अगले चार से 5 दिनों तक पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में 20–30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने का पूर्वानुमान जताया है. लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान के अधिक रहने की संभावना है.

बेअदबी मामले को लेकर सड़कों पर उतरे सिख संगठन, कपूरथला चौक पर जोरदार प्रदर्शन

जालंधर  जालंधर के बस्ती पीर दाद रोड इलाके में  देर रात श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन अंगों की बेअदबी की घटना सामने आई है। इसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं और संगत के सदस्य बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। बेअदबी की खबर फैलते ही लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। घटना को लेकर संगत ने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए रात करीब साढ़े 10 बजे बस्ती बाबा खेल क्षेत्र के मुख्य पुल पर चक्का जाम कर पक्का धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना पर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की।  हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट हो गया। बाद में देर रात करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी कपूरथला चौक पहुंच गए, जहां धरना और विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी आतिश भाटिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।  प्रदर्शन कर रहे सिख संगठनों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा, चाहे उन्हें पूरी रात सड़कों पर क्यों न बैठना पड़े। वहीं बस्ती बावा खेल पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और माहौल खराब करने की धाराओं के तहत अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पूरे शहर में तनाव और रोष का माहौल बना हुआ है। एडीसीपी सुखविंदर सिंह ने कहा कि बेअदबी के मामले में बीएनएस की धारा 299 और जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। 

वैश्विक तनाव ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, अमृतसर में मशरूम उद्योग पर संकट गहराया

अमृतसर. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज में बाधा का असर अब पंजाब के मशरूम उद्योग पर भी साफ दिखने लगा है। हर वर्ष मई में शुरू होने वाली मिल्की मशरूम की खेती इस बार संकट में है। उर्वरक, कंपोस्ट और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से अधिकांश उत्पादकों ने खेती शुरू ही नहीं की। हालात यह हैं कि अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु, मानांवाला, वेरका और अजनाला जैसे प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में केवल 20 प्रतिशत किसानों ने ही इस बार मशरूम उत्पादन का जोखिम उठाया है। मशरूम उत्पादक जागीर सिंह का कहना है कि युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों, कंपोस्ट और परिवहन लागत पर पड़ा है। उर्वरक एवं कंपोस्ट के दाम तीन गुना तक बढ़े पिछले कुछ सप्ताह में उर्वरक एवं कंपोस्ट के दाम तीन गुना तक बढ़ चुके हैं। जिन किसानों को पहले एक ट्राली कंपोस्ट 12 से 15 हजार रुपये में मिल जाती थी, उन्हें अब इसके लिए 35 से 40 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। उधर, जंडियाला गुरु के मशरूम उत्पादक सरबजीत सिंह का कहना है कि मिल्की मशरूम की खेती नियंत्रित वातावरण पर निर्भर करती है। इसमें तापमान, नमी और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लगातार बिजली की आवश्यकता होती है, लेकिन डीजल और बिजली की लागत बढ़ने से उत्पादन खर्च अत्यधिक बढ़ गया है। उस पर प्लास्टिक पैकेजिंग और परिवहन भी महंगा हो चुका है। ऐसे में छोटे उत्पादकों के लिए लागत निकालना मुश्किल हो गया है। होर्मुज मार्ग प्रभावित होने से मानांवाला क्षेत्र में उर्वरकों की सप्लाई प्रभावित हुई है। कई कंपनियों ने समय पर माल पहुंचाने में असमर्थता जताई है, जबकि कुछ ने सीधे दाम बढ़ा दिए हैं। किसानों का कहना है कि यदि हालात सामान्य नहीं हुए तो आने वाले महीनों में मशरूम उत्पादन और घट सकता है। उल्लेखनीय है कि अमृतसर से उत्पादित मशरूम देश सहित विदेश में भी भेजा जाता है। अमृतसर का जलवायु मशरूम उत्पादन के लिए अनुकूल है। यही कारण है कि अमृतसर स्थित खालसा कालेज में मशरूम उत्पादन के लिए एक वर्षीय डिप्लोमा भी शुरू किया गया है। मांग के मुकाबले उत्पादन बेहद कम रहेगा इस बार इस बार मांग के मुकाबले उत्पादन कम होगा। पंजाब में होटल इंडस्ट्री, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड कारोबार और घरों में मशरूम की मांग अधिक है। वेजीटेरियन लोगों के लिए मशरूम पहली पसंद है। खासकर मिल्की व बटन मशरूम की मांग गर्मियों में अधिक रहती है। लेकिन इस बार उत्पादन कम होने से बाजार में भारी कमी देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में मशरूम के दाम में 30 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। पहले स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उत्पादन होने से आपूर्ति सामान्य बनी रहती थी, लेकिन इस बार कई यूनिट बंद पड़े हैं। जिन किसानों ने उत्पादन शुरू भी किया है, वे सीमित मात्रा में मशरूम तैयार कर रहे हैं ताकि नुकसान का जोखिम कम रहे। मशरूम उद्योग पूरी तरह आयात आधारित कच्चे माल पर निर्भर नहीं है, लेकिन उर्वरक, रसायन और ईंधन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का सीधा असर इसकी लागत पर पड़ता है। निकट भविष्य में उपभोक्ताओं को महंगे मशरूम खरीदने पड़ सकते हैं। होटल और कैटरिंग व्यवसाय में यदि आपूर्ति कम रही तो मेन्यू की लागत बढ़ाना मजबूरी बन जाएगी। वास्तविक स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंचने लगा है। कभी सस्ती और पौष्टिक मानी जाने वाली मशरूम जल्द ही उपभोक्ता की पहुंच से दूर होने की संभावना है।