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आजीविका मिशन को लेकर मंत्री पटेल सख्त, बोले- योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में लाएं सुधार

आजीविका मिशन अंतर्गत योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन करें बेहतर : मंत्री पटेल संविदा कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का हो निर्धारण, पदों का करे युक्तियुक्तकरण राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक में मंत्री पटेल ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक ली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विगत बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के एचआर मैनुअल पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग में 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का निर्धारण किया जाए और आवश्यकतानुसार पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने योजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, जिससे क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध रहे और विभाग की देयताएं (लायबिलिटी) कम हो सकें। बैठक में मंत्री पटेल ने जनोपयोगी सुविधाओं के लिए वन भूमि के उपयोग की अनुमति देने वाले नए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप एफआरए लैंड डायवर्शन' की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी, सुगम और त्वरित प्रक्रिया से वन भूमि पर रहने वाले अनुसूचित जनजाति के कृषकों और मजदूरों को बड़ी सुगमता होगी। इसके साथ ही, प्रदेश के 52 जिलों में स्थापित 85 आजीविका पुस्तकालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इन केंद्रों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्किल ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अंग्रेजी भाषा और अन्य आवश्यक कौशलों में प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीकृत वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0 के तहत वर्तमान बाजार की मांग के अनुसार स्किल्स की पहचान करने और स्किल गैप एनालिसिस के आधार पर ही नवीन परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की सफलता की कहानियों को बुकलेट, फ्लेक्स और फिल्मों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एमपीएसईडीसी के माध्यम से फंड फ्लो की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनाए जा रहे पोर्टल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए त्वरित कार्य करें। 5 हेक्टेयर से ऊपर के तालाबों की सूची तैयार करें और आवश्यकता के आधार पर अधूरे कार्यों को पूरा करें। 1 जुलाई से विकसित भारत – जी-राम-जी के तहत सभी निर्माण कार्य होने हैं इसलिए पूर्व से कार्य योजना तैयार रखें।इसमें विस्थापन के कारण शिफ्ट हुए परिवारों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें इस योजना का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

बादल अकादमी में सजी संस्कृति की महफिल, अमित शाह ने लिया लोकनृत्यों का आनंद

जगदलपुर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने बस्तर दौरे के दौरान बादल अकादमी पहुंचे, जहां उन्होंने बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा और लोकनृत्य प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक लोक संस्कृति की रंगारंग झलक देखने को मिली। मंच पर लोक गीत, गेड़ी नृत्य, शहीद गुंडाधुर पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, ‘जादू बस्तर’ और लोक कलाकार लखेश्वर बुधराम के गीतों ने माहौल को पूरी तरह बस्तरमय बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस खास मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने बस्तर की सांस्कृतिक विविधता और लोक कला की सराहना की। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी अतिथि नेता बादल अकादमी में ही रात्रि भोज में शामिल होंगे, जहां अनौपचारिक चर्चा के साथ बस्तर के विकास और सांस्कृतिक पहचान पर भी बातचीत होने की संभावना है।

मिथुन राशि में बना दुर्लभ त्रिग्रही राजयोग, कई राशियों के लिए शुभ संकेत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनका मिलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 18 मई यानी कल मिथुन राशि में शुक्र, गुरु और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही राजयोग का निर्माण हो चुका है. ग्रहों का यह शुभ संयोग जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. क्या है त्रिग्रही राजयोग? जब तीन शक्तिशाली ग्रह एक ही राशि में एक साथ आते हैं, तो उसे त्रिग्रही योग कहा जाता है. मिथुन राशि में देवताओं के गुरु 'बृहस्पति', सुख-वैभव के कारक 'शुक्र' और मन के स्वामी 'चंद्रमा' का एक साथ आना एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है. यह योग विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अपनी वाणी, व्यापार और रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं. 18 मई 2026 को मिथुन राशि में बनने वाले त्रिग्रही राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ा, लेकिन मिथुन राशि सहित कुछ अन्य राशियों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस अद्भुत संयोग का लाभ कुछ राशियों को प्राप्त हो सकता है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के लोगों के लिए यह राजयोग पराक्रम और साहस में वृद्धि का संकेत है. व्यापारिक मामलों में नई सफलताएं मिल सकती हैं. मिथुन राशि (Gemini) चूंकि यह युति इसी राशि में बन रही है, इसलिए मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि लेकर आएगा. करियर और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस योग के प्रभाव से आर्थिक लाभ होने की संभावना है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी और पारिवारिक शांति का कारक बनेगा. आय के नए स्रोत बन सकते हैं. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के लिए यह त्रिग्रही योग करियर के क्षेत्र में उन्नति के नए द्वार खोल सकता है. लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी नहीं चलेगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्य पूर्ण होते ही शीघ्र प्रारंभ हों स्वास्थ्य सेवाएं : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र सक्षम स्तर पर भेजे जाएं। साथ ही जिन संस्थानों में निर्माण कार्य पूर्णता के निकट हैं, वहां मैनपावर, आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जा सकें। स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों में निरंतर प्रगति बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत कुल 2841 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्ष 2025-26 में 1553 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 1178 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 61 कार्य निविदा स्तर पर हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2267 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 1315 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण एजेंसी के कार्यों पर विशेष जोर कुल 1282 स्वीकृत कार्य में से 1177 कार्य प्रगतिरत हैं, 81 कार्य निविदा स्तर पर हैं। इन परियोजनाओं हेतु लगभग 1372 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 546 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 34 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं के तहत कुल 1940 इकाइयों हेतु लगभग 1361 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके विरुद्ध लगभग 1150 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं और अब तक लगभग 877 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। कुल वित्तीय प्रगति 76 प्रतिशत दर्ज की गई है। भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 963 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 945 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 23 कार्य निविदा स्तर पर हैं। पीएम-अभिम योजना में 86 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 72 इकाइयों हेतु लगभग 76 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 63 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। अब तक लगभग 54 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा कुल वित्तीय प्रगति 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (IPHL) परियोजनाओं के अंतर्गत 51 इकाइयों में से 33 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 18 कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स अंतर्गत 23 इकाइयों में से 1 कार्य पूर्ण एवं 22 कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचसीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

रायपुर में नर्सिंग और PPHT परीक्षा की तैयारी पूरी, 12 परीक्षा केंद्रों पर जुटेंगे 1954 परीक्षार्थी

रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से 21 मई 2026 को होने जा रही दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पी.पी.एच.टी. और पोस्ट बेसिक नर्सिंग परीक्षा के लिए राजधानी रायपुर में 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों अभ्यर्थी शामिल होंगे। इन परीक्षाओं को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक पी.पी.एच.टी. परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं पोस्ट बेसिक नर्सिंग परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक चलेगी। दोनों परीक्षाओं में कुल 1,954 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। सुबह 7:30 बजे बांटी जाएगी गोपनीय सामग्री परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री का वितरण 21 मई की सुबह 7:30 बजे जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर Raipur से किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में विशेष व्यवस्था बनाई गई है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर उपेंद्र किण्डो को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के रोजगार अधिकारी केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का कहना है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल के दामों में 90 पैसे की बढ़ोतरी, चंडीगढ़-पंजाब में क्या है नया भाव

चंडीगढ़  ईंधन के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। अब लुधियाना में पेट्रोल के नए दाम 101.98 रुपये हो गए हैं। वहीं डीजल 91.79 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चंडीगढ़ में अब पेट्रोल का दाम 98.10 रुपये हो गया है। डीजल का भाव 86.09 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  तीन दिन पहले बढ़े थे भाव तीन दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल तीन रुपये लीटर महंगे हुए थे। जिसके बाद चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम 97.24 रुपये हो गए थे। वहीं डीजल 85.25 रुपये प्रति लीटर हो गया था। अब नई बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर नया बोझ पड़ गया है। पटियाला में पेट्रोल 101.3 रुपये और डीजल का दाम 90.80 रुपये है। अमृतसर में पेट्रोल का भाव 101.30 रुपये और डीजल का 90.80 प्रति लीटर हो गया है।   वाहन चालकों में नाराजगी बताया जा रहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, आम लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ी महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। लुधियाना में पेट्रोल की कीमत ₹101.11 से बढ़कर ₹101.98 हो गई है, यानी इसमें 85 पैसे की बढ़ोतरी हुई। वहीं डीजल के दाम ₹90.90 से बढ़कर ₹91.79 पहुंच गए, जिससे 89 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। जालंधर में पेट्रोल पहले ₹100.40 का था, तो अब बढ़ाकर ₹101.41 हो गया, जबकि डीज़ल ₹90.35 से बढ़ाकर ₹91.24 हो गया हैं। वहीं पठानकोट में पेट्रोल ₹101.60 से बढ़कर ₹102.46 हो गया, जबकि डीजल ₹91.38 से बढ़कर ₹92.25 हो गया है। चंडीगढ़ में पेट्रोल 97.27 से बढ़कर 98.12 रुपए हो गए। इसमें 85 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। डीजल के रेट 85.25 से बढ़कर 86.09 रुपए हो गए। उसमें 84 पैसे बढ़े हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित सिटको पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया की हमारे यहां अदानी टोटल गैस ग्रुप की सप्लाई है। सीएनजी के रेट आज ₹94.25 से बढ़कर ₹96 हो गए हैं। एक्सपर्ट क अनुसार, पेट्रोल-डीचल में हुई बढ़ोतरी से अब धान के सीजन में किसानों को ₹756 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने का किसानों पर क्या असर… किसानों को ₹756 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगाः पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सचदेवा के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के रेट एक बार फिर से बढ़ गए हैं। धान के सीजन में डीजल के रेट बढ़ने का सीधा असर किसानों पर भी दिखता है। पांच दिन में डीजल के रेट करीब 4 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं। पहले 3.11 रुपए प्रति लीटर बढ़ोत्तरी हुई और अब 89 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार पंजाब में धान सीजन (4 महीने) में कुल 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में पंजाब की किसानी पर 756 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। चार महीने में 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत: पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अुनसार, धान के चार महीने के सीजन के दौरान पंजाब में कुल 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत का अनुमान है। पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) के अनुसार, धान के सीजन (जून से सितंबर) के दौरान पंजाब में डीजल की कुल बिक्री का लगभग 50% हिस्सा सीधे कृषि क्षेत्र और किसानों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता: पंजाब में खेत तैयार करने (कद्दू करने) से लेकर सिंचाई और फसल कटाई तक औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता है। वहीं कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में लगभग 5.5 लाख पंजीकृत ट्रैक्टर, करीब 1.2 लाख फसल अवशेष प्रबंधन (पराली संभालने वाली) मशीनें और लगभग 1.5 लाख डीजल चालित ट्यूबवेल मौजूद हैं। इन कृषि उपकरणों और मशीनों में बड़े स्तर पर डीजल की खपत होती है, इसलिए डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों की खेती लागत और कृषि खर्च पर पड़ता है। अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं… डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए: मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।  

मध्य प्रदेश तंदूर बना! रिकॉर्ड तापमान से लोग बेहाल, इन जिलों में भीषण गर्मी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मई के तीसरे सप्ताह में आग बरसने लगी है. सोमवार को पूरा प्रदेश तप गया. यहां कई जिलों में पारा 46°C से ऊपर पहुंच गया. वहीं मंगलावर को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है. सोमवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वहीं आज मध्य प्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है।  47 डिग्री के करीब पहुंचा पारा सोमवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि नौगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजगढ़ में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, श्योपुर-मुरैना में 45 डिग्री सेल्सियस, दमोह-सतना में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस, सागर में पारा 44.7 डिग्री सेल्सियस, गुना-रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री, धार में 44.1 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  वहीं राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।  30 जिलों में लू का अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पांच जिलों में तीव्र लू की चेतावनी जारी की है, जबकि 30 जिलों में लू चलने का अलर्ट है. IMD के अनुसार, आज छतरपुर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है. तो वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 20 जिलों में तेज गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है।  इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा जबलपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, हरदा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा।  इन जिलों में लू का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार को सूबे के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, सतना, रीवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि, संबंधित क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई है। बड़े शहरों में तेज गर्मी बताया ये भी जा रहा है कि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन वहां भी तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं। 16 शहरों में 43 डिग्री से ऊपर तापमान  प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच बना रहा।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि गर्मी का असर अभी कम होने की संभावना नहीं है।

भारतीय वायुसेना में सान्या का बड़ा कारनामा, 93 साल बाद पहली बार किसी महिला ने किया ये कमाल

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना में महिलाओं का दम लगातार बढ़ता जा रहा है. अब स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जो आज तक कोई महिला अधिकारी हासिल नहीं कर सकी थी. सान्या भारतीय वायुसेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्हें सबसे प्रतिष्ठित कैट ए क्‍वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (Cat-A Qualified Flying Instructor, QFI) रेटिंग मिली है. यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं की बदलती भूमिका और बढ़ते भरोसे की बड़ी तस्वीर भी है।  IAF ने बताया ऐतिहासिक पल भारतीय वायुसेना (IAF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए लिखा-उत्कृष्टता को नई उड़ान मिली है. स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने इतिहास रचते हुए Cat-A Qualified Flying Instructor की प्रतिष्ठित योग्यता हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है.वायुसेना ने इसे देशभर के युवा एविएटर्स के लिए प्रेरणादायक बताया.IAF ने कहा कि सान्या की यह उपलब्धि समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता हासिल करने की निरंतर कोशिश की मिसाल है।  क्या होता है कैट ए क्‍वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर? भारतीय वायुसेना अपने पायलट इंस्ट्रक्टर्स की क्षमता को अलग-अलग कैटेगरी में बांटती है. इसमें Cat-C सबसे शुरुआती स्तर होता है जहां प्रशिक्षु या प्रोबेशनरी इंस्ट्रक्टर्स होते हैं. इसके बाद Cat-B आता है, जिसमें सामान्य फ्लाइंग ट्रेनिंग देने वाले इंस्ट्रक्टर्स शामिल होते हैं, लेकिन Cat-A इस पूरी प्रणाली का सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है. इस रेटिंग को हासिल करने वाले पायलट सिर्फ नए पायलटों को ही नहीं, बल्कि दूसरे फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स को भी ट्रेन कर सकते हैं. उन्हें एडवांस फ्लाइंग स्किल्स को परखने और एयर कॉम्बैट के लिए पायलट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाती है।  नई पीढ़ी के फाइटर पायलट तैयार करेंगे ऐसे इंस्ट्रक्टर Cat-A QFI की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. ऐसे इंस्ट्रक्टर्स युवा पायलटों को ट्रेन करते हैं, उनकी गलतियों को सुधारते हैं.उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें जटिल एयर कॉम्बैट स्किल्स के लिए तैयार करते हैं.इस भूमिका के लिए सिर्फ बेहतरीन उड़ान कौशल ही नहीं, बल्कि धैर्य, तकनीकी समझ, स्पष्ट निर्णय क्षमता और मानसिक संतुलन की भी जरूरत होती है. यही वजह है कि Cat-A रेटिंग को IAF में बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है।  2015 में हुई थी कमीशन सार्वजनिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक स्क्वाड्रन लीडर सान्या को 20 जून 2015 को 42 SSC (W) FP Course के जरिए भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन मिला था.उन्हें 2017 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट और फिर 2021 में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर प्रमोट किया गया. पिछले 10 सालों में उन्होंने खुद को एक शानदार ट्रांसपोर्ट पायलट के रूप में साबित किया है।  महिलाओं के लिए बड़ा माइलस्टोन IAF के 93 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी महिला अधिकारी ने Cat-A QFI रेटिंग हासिल की है. इसे भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।  आज महिला अधिकारी फाइटर जेट उड़ा रही हैं. हेलिकॉप्टर यूनिट्स संभाल रही हैं. फ्लाइट टेस्टिंग कर रही हैं और कमांड रोल्स में भी दिखाई दे रही हैं. अब फ्लाइंग इंस्ट्रक्शन जैसे सबसे कठिन क्षेत्रों में भी महिलाएं अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं।  शिवांगी सिंह के बाद एक और बड़ी उपलब्धि यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब कुछ महीने पहले ही स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं जिन्होंने QFI बैज हासिल किया था. उन्होंने तमिलनाडु के तांबरम स्थित Flying Instructors’ School में छह महीने का कठिन कोर्स पूरा किया था हालांकि इससे पहले महिला ट्रांसपोर्ट और हेलिकॉप्टर पायलटों को QFI बैज मिल चुका था लेकिन Cat-A रेटिंग हासिल करने वाली सान्या पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।  बदल रही है भारतीय सेना की तस्वीर 1990 के दशक में भारतीय सेना ने महिलाओं को शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए शामिल करना शुरू किया था. तब महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.आज महिलाएं फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं.युद्धपोतों पर तैनात हैं.फ्रंटलाइन यूनिट्स संभाल रही हैं. स्थायी कमीशन पा रही हैं और NDA जैसी प्रतिष्ठित सैन्य अकादमियों में ट्रेनिंग भी ले रही हैं हालांकि भारतीय सेना में अब भी टैंक और इन्फैंट्री की कुछ कॉम्बैट पोजिशन महिलाओं के लिए खुली नहीं हैं, लेकिन लगातार बदलाव की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं।  देशभर की लड़कियों के लिए बनीं प्रेरणा स्क्वाड्रन लीडर सान्या की यह उपलब्धि सिर्फ एक सैन्य रिकॉर्ड नहीं है. यह उन लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं और कठिन रास्तों पर आगे बढ़ना चाहती हैं.भारतीय वायुसेना ने भी कहा कि सान्या की सफलता आने वाली पीढ़ियों के एविएटर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। 

बस स्टैंड के पास गोलियों की गूंज, पुलिस मुठभेड़ के बाद 3 गैंगस्टर दबोचे गए

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक सेक्टर 43 बस स्टैंड के ठीक सामने उस समय हड़कंप मच गया, जब चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल और कथित गैंगस्टरों के बीच सीधी मुठभेड़ (Encounter) हो गई. गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर बैठी पुलिस टीम पर बदमाशों ने खुद को घिरता देख ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।   हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीनों कथित गैंगस्टरों को जिंदा दबोच लिया. तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।  जानकारी के अनुसार, इन बदमाशों की चंडीगढ़ पुलिस को गुप्ता सूचना मिली थी। जिसके बाद जाल बिछाकर बैठी पुलिस टीम पर बदमाशों ने खुद को घिरता देख ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए चंडीगढ़ के 43 सेक्टर के पास छिपे हुए हैं, पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जब आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की तभी फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों से तीन हथियार बरामद कर लिए हैं। आगे की पूछताछ पुलिस करेगी। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस को गोली लगी। गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मी ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिसकी वजह से पुलिस कर्मी बच गया। फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों को जिंदा गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग भी की. इस दौरान एक गोली सीधे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को जाकर लगी. गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मी ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिसने गोली को रोक लिया और जांबाज जवान की जान बाल-बाल बच गई। 

RG Kar मामले में शिकंजा और कसा, पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ ED केस को बंगाल सरकार की हरी झंडी

 कोलकाता बंगाल सरकार ने सोमवार को वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित जांच में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दे दी।  मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई क्रूर हत्या और बलात्कार के मामले में, ईडी को तत्कालीन आरजीकर अधीक्षक संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है।  शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जांच प्रक्रिया को लंबे समय तक जबरन और अनैतिक रूप से रोके रखा।  उन्होंने आगे कहा कि, हमारा मानना ​​है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता. मैं चाहता हूं कि असली दोषियों की जल्द से जल्द पहचान हो, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले, बंगाल की जनता को न्याय मिले।  आरजी कर मामला क्या है? कोलकाता के राधागोविंद कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 9 अगस्त 2024 की रात 31 साल की महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया था. ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था. इसके बाद इस मामले में कोलकाता पुलिस ने मुख्य आरोपी सिविल वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया। अस्पताल परिसर में हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल समेत देशभर में डॉक्टरों ने प्रदर्शन और हड़ताल देखने को मिली. कोलकाता के कई प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टर करीब 42 दिनों तक काम पर नहीं लौटे।  मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए. जांच के बाद सीबीआई ने गैंगरेप के आरोपों से इनकार किया. मामले में संजय रॉय को दोषी पाया गया. इसके बाद जनवरी 2025 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।  केंद्रीय एजेंसियों को सौंपे 7 राष्ट्रीय राजमार्ग इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में 7 राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की मंजूरी दे दी है, जिससे करीब एक साल से लंबित प्रक्रिया पूरी हो गई।  ये हाईवे पहले राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन थे, लेकिन अब इन्हें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) संभालेंगे. करीब एक साल तक प्रस्ताव लंबित रहने की वजह से इन मार्गों पर विकास और निर्माण कार्य पूरी तरह रुके हुए थे।