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रियान पराग की टीम के लिए करो या मरो का मुकाबला, आज लखनऊ से भिड़ंत

जयपुर राजस्थान रॉयल्स को अगर प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीदों को बरकरार रखना है तो उसे लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ मंगलवार को होने वाले आईपीएल के मैच में खेल के हर विभाग में सुधार करना होगा। रॉयल्स ने अपने घरेलू मैदान सवाई मानसिंह स्टेडियम में अभी तक एक भी मैच नहीं जीता है और यहां होने वाला अंतिम मैच घरेलू टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। रॉयल्स इसके बाद लीग चरण के अपने अंतिम मैच में मुंबई इंडियंस का सामना करेगा।रायल्स को रविवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ निचले क्रम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों की खराब प्रदर्शन के कारण हार का सामना करना पड़ा।  RR vs LSG: राजस्थान का आज लखनऊ से घर पर सामना इसके अलावा उसकी फील्डिंग भी अच्छी नहीं रही थी। रॉयल्स (Rajasthan Royals) की टीम अच्छी शुरुआत के लिए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Suryavanshi) पर काफी हद तक निर्भर रही है, लेकिन इस युवा खिलाड़ी को दूसरे छोर से यशस्वी जायसवाल से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला है। ध्रुव जुरैल ने कुछ शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन पिछले मैच में उन्होंने कुछ धीमी पारी खेली जबकि दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे कप्तान रियान पराग (Riyan Parag) ने हाल के मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह चाहेंगे कि उनकी टीम आखिरी पांच ओवरों में बल्लेबाजी में और अधिक सटीक प्रदर्शन करे। आईपीएल के मौजूदा सत्र में अधिकतर टीम की फील्डिंग अच्छी नहीं रही है और उन्होंने कई कैच छोड़े हैं। राजस्थान भी इन टीमों में शामिल है जिसने कुछ अच्छे मौके गंवाए हैं। दिल्ली कैपिटल्स से मिली हार के बाद पराग ने टूर्नामेंट के अंतिम चरण में टीम के अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने पर निराशा व्यक्त की थी। प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है एलएसजी एलएसजी की टीम पहले ही प्लेऑफ (IPL 2026 Playoff) की दौड़ से बाहर हो चुकी है। वह अब बिना किसी दबाव के खेल रही है जिसका नमूना पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ मिली जीत में देखने को मिला। उसे राजस्थान रॉयल्स के बाद अपने आखिरी लीग मैच में पंजाब किंग्स का सामना करना है। उसकी टीम इन दोनों टीमों के समीकरण बिगाड़ने के लिए प्रतिबद्ध होगी। बल्लेबाजी एलएसजी की सबसे कमजोर कड़ी रही है, लेकिन मिशेल मार्श ने सीएसके के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन किया जिससे टीम जीत हासिल करने में सफल रही। वह अपना इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखकर इस सत्र का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। RR vs LSG Squads: इस प्रकार हैं टीम- राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरैल, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, युद्धवीर चरक, रवि ¨सह, विग्नेश पुथुर, ब्रिजेश शर्मा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), अब्दुल समद, आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्जके, हिम्मत सिंह, एडेन मार्करैम, निकोलस पूरन, अर्शिन कुलकर्णी, मिचेल मार्श, शाहबाज अहमद, आवेश खान, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी, मयंक प्रभु यादव, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नोत्र्जे, जोश इंग्लिस, मोहसिन खान, नमन तिवारी, आकाश महाराज सिंह, मुकुल चौधरी, मणिमारन सिद्धार्थ, अर्जुन सचिन तेंदुलकर, अक्षत रघुवंशी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया आत्मीय स्वागत

बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया आत्मीय स्वागत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक बैठक से अंतरराज्यीय समन्वय, सुरक्षा और विकास को मिलेगी नई दिशा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 19 मई 2026 का दिन बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। जगदलपुर में पहली बार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दोनों मुख्यमंत्रियों से विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा भी की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में पहली बार आयोजित हो रही यह उच्च स्तरीय बैठक क्षेत्र के लिए गौरव और विश्वास का विषय है। कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति बस्तर के बदलते स्वरूप और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण की दिशा में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया।               उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।           इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

वैश्विक संकट के बीच सड़क सुधार पर मंत्री देवांगन का बड़ा फॉर्मूला, डामर के विकल्प तलाशने के निर्देश

वैशविक संकट के बीच डामर का वैकल्पिक रास्ता निकाले, सुधारे सड़कों की दशा: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम के कार्यों की समीक्षा रायपुर  वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुये कहा है कि मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के परिणाम स्वरूप हो रही डामर की अनुपलब्धता के कारण सड़कों के डामरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे, जबकि राशि स्वीकृत कर निविदा आदि की कार्यवाही बहुत पहले की पूरी कर ली गई है, अतः उच्च स्तर पर चर्चा कर वैकल्पिक रास्ता निकाले तथा सड़कों की दशा सुधारें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात से पूर्व नालों एवं नालियों का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करायें, विकास कार्याे में अपेक्षित गति लायें तथा जिन निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्याे में लापरवाही दिखाई जा रही है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें।  उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा में आयोजित विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर नगर एवं बालको जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन तीनों जोन के 28 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित अन्य वार्ड पार्षद उपस्थित थे। वर्षा ऋतु के आगमन एवं सड़कों का डामरीकरण कार्य न हो पाने को गंभीरता लेते हुये उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि बरसात आने में अब ज्यादा दिन नहीं है, निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों के डामरीकरण की स्वीकृति बहुत पहले प्राप्त हो चुकी है, निविदा आदि की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है, कार्यादेश भी दिये जा चुके हैं किन्तु मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध के कारण हर जगह डामर की अनुपलब्धता बनी हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कोरबा में भी सड़कों का डामरीकरण कार्य रूका हुआ है, उन्होंने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि वे उच्च स्तर पर चर्चा करें तथा वैकल्पिक रास्ता निकालकर शहर की सड़कों को सुधारें ताकि आगामी बरसात में शहर वासियों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पडे़। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्येा की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें।  उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।  वार्डवार समीक्षा की, कार्याे में तेजी लाने दिये निर्देश  बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने कोसाबाड़ी, पं.रविशंकर शुक्ल नगर एवं बालको जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों, जिला खनिज न्यास मद,  अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के  निर्देश दिये।  पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा  बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवंागन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें  उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त तीनों जोन के 28 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।  समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें  इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा … Read more

आम आदमी पर महंगाई की नई मार, पेट्रोल-डीजल महंगा… फिर चर्चा में आया 90 पैसे फॉर्मूला

नई दिल्ली  पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल महंगा हुआ है। दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल के दाम 0.87 रुपये बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। वहीं, दिल्ली में डीजल 0.91 रुपये बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। उपभोक्ताओं को फिलहाल LPG की कीमतों में राहत है। कंपनियों ने मंगलवार को LPG सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। कोलकाता में मंगलवार को एक लीटर पेट्रोल का रेट अब 109.70 रुपये और डीजल का रेट 96.07 रुपये हो गया है। जबकि, चेन्नई में पेट्रोल आज 19 मई से 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.11 रुपये हो गई है। 5 दिन पहले 3-3 रुपये बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम अभी 5 दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल के रेट में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। पहले जहां तेल कंपनियों का डेली घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये की वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव बना हुआ है। क्रिसिल के अनुमान के अनुसार, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में राहत और ताजा बढ़ोतरी से घाटा घटकर पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर रह गया है। फिर भी, संघर्ष शुरू होने के बाद से कुल घाटा मई के अंत तक 1 लाख करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है। देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव     दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है.     मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है.     कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है.     चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है.     गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है.     नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है.     बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है.     भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है.     चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है.     हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.     जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है.     लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है.     पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है. 4 साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के रेट इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. वहीं मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी. पेट्रोल-डीजल और LPG रेट दिल्ली पेट्रोल: ₹98.64 प्रति लीटर डीजल: ₹91.36 प्रति लीटर घरेलू LPG सिलेंडर (14.2kg): ₹913 कमर्शियल सिलेंडर (19kg): ₹3,071.50 5 किलो सिलेंडर: ₹339 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट लखनऊ पेट्रोल: ₹98.42 डीजल: ₹91.73 घरेलू LPG: ₹950.50 कमर्शियल LPG: ₹3,194 5 किलो सिलेंडर: ₹352.50 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट कोलकाता पेट्रोल: ₹109.70 डीजल: ₹96.07 घरेलू LPG: ₹939 कमर्शियल LPG: ₹3,202 5 किलो सिलेंडर: ₹348 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट पटना पेट्रोल: ₹109.54 डीजल: ₹95.58 घरेलू LPG: ₹1,002.50 कमर्शियल LPG: ₹3,346.50 5 किलो सिलेंडर: ₹371.50 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट जयपुर पेट्रोल: ₹108.94 डीजल: ₹94.14 घरेलू LPG: ₹916.50 कमर्शियल LPG: ₹3,099 5 किलो सिलेंडर: ₹341.50 पेट्रोल-डीजल और LPG रेट बेंगलुरु पेट्रोल: ₹107.14 डीजल: ₹95.04 घरेलू LPG: ₹915.50 कमर्शियल LPG: ₹3,152 5 किलो सिलेंडर: ₹340 सरकार फिलहाल सब्सिडी देने के मूड में नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए फिलहाल किसी सरकारी सब्सिडी पैकेज पर विचार नहीं हो रहा है। कंपनियां अब भी पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं। ईरान युद्ध से बढ़ा दबाव अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। सरकार ने लंबे समय तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखीं, लेकिन आखिरकार 15 मई को पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करनी पड़ी। इसके 5वें दिन ही एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों को सीमित राहत देती है, लेकिन इससे महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

भोजशाला में आज जश्न का माहौल, ऐतिहासिक निर्णय के बाद श्रद्धालु दीपक और आतिशबाजी से मनाएंगे उत्सव

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर MP हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद भगवामय हो गया है. 15 मई 2026 को आए फैसले में हाई कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर भोजशाला को एक हिंदू मंदिर घोषित किया है, जिसके बाद से रोजाना नियमित रूप से श्रद्धालु भोजशाला पहुंच रहे हैं. चूंकि आज फैसले के बाद पहला मंगलवार है तो भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत की है।  ऐतिहासकि फैसले में हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर करार दिया गौरतलब है मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई, 2026 को सुनाए अपने ऐतिहासकि फैसले में भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर करार दिया था. हाई कोर्ट ने अपने 242 पन्नों के फैसले में साल 2003 के उस प्रशासनिक आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया, जिसके तहत शुक्रवार को मुस्लिमों को नमाज और मंगलवार को हिंदुओं को पूजा की सीमित अनुमति थी।  हाई कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में ASI की सर्वे रिपोर्ट को मुख्य आधार बनाया हाई कोर्ट ने मंदिर के पक्ष में सुनाए अपने ऐतिहासिक फैसले में ASI की सर्वे रिपोर्ट को मुख्य आधार बनाया. हाई कोर्ट का फैसला ASI की 98 दिनों के वैज्ञानिक और पुरातात्विक सर्वे पर आधारित है, जिसमें आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर करार दिया. कोर्ट ने माना कि ऐतिहासिक साक्ष्यों और एएसआई की वैज्ञानिक रिपोर्ट से यह सिद्ध होता है कि इस स्थान का धार्मिक चरित्र मां सरस्वती का मंदिर ही है।  11वीं शताब्दी में परमार राजवंश के प्रतापी राजा भोज ने की जशाला परिसर स्थापना उल्लेखनीय है ऐतिसाहसिक तथ्यों के मुताबिक 11वीं शताब्दी में परमार राजवंश के प्रतापी राजा भोज ने भोजशाला परिसर स्थापना की थी. मूल रूप से संस्कृत अध्ययन का एक प्रतिष्ठित केंद्र और विद्या की देवी मां सरस्वती (वाग्देवी) को समर्पित एक भव्य भोजशाला मंदिर है. साल 1875 में खुदाई के दौरान यहां से मां वाग्देवी की एक अत्यंत सुंदर ऐतिहासिक प्रतिमा मिली थी, जिसे तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारी अपने साथ इंग्लैंड ले गए थे। 

क्या बदलेगा IPL 2026 का शेड्यूल? ईंधन संकट पर चेयरमैन अरुण धूमल ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में जारी लंबे संकट का असर अब भारत में भी साफ दिखने लगा है. ईंधन की कमी और बढ़ती चिंताओं के बीच जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की, वहीं अब देश के सबसे बड़े क्रिकेट आयोजन इंडियन2026 पर भी सवाल उठने लगे हैं. क्या आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट को जारी रखना सही है, या देशहित में इसके स्वरूप में बदलाव होना चाहिए? इसी बहस के बीच अब सरकार, व्यापार जगत और क्रिकेट प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं।  आईपीएल 2026 के दौरान ऊर्जा खपत को लेकर सवाल उठने लगे हैं. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के प्रमुख ब्रिजेश गोयल ने खेल मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर आईपीएल को पुनर्निर्धारित (reschedule) करने की मांग की है. इस पर अब लीग चेयरमैन अरुण धूमल ने प्रतिक्रिया दी है।  IPL 2026 को पुनर्निर्धारित करने की मांग एक रिपोर्ट के अनुसार, अरुण धूमल ने कहा कि यदि भारत सरकार की ओर से कोई निर्देश आता है, तो वे इस मामले पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा, “अब तक मेरी जानकारी में BCCI को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. अलग-अलग संस्थाओं की अपनी राय हो सकती है, लेकिन हम भारत सरकार के प्रति जवाबदेह हैं यदि सरकार की ओर से कोई निर्देश आता है, तो हम उस पर जरूर अमल करेंगे।  सरकार के निर्देश का इंतजार CTI के पत्र में मांग की गई है कि मैचों के आयोजन को सीमित स्थानों तक रखा जाए और उन्हें बिना दर्शकों के कराया जाए, ताकि ईंधन की बचत हो सके. पत्र में यह भी कहा गया है कि आईपीएल 2026 के दौरान टीमें अब तक लाखों किलोमीटर की यात्रा कर चुकी हैं. जब देश का हर सरकारी विभाग, नेता, अधिकारी और आम नागरिक प्रधानमंत्री की सलाह पर फिजूल खर्च से बचने की कोशिश कर रहा है, ऐसे समय में आईपीएल ही एक ऐसा आयोजन है, जिस पर किसी भी संकट का असर नहीं दिख रहा. गोयल ने तर्क दिया कि हवाई यात्रा को कम करना, सीमित स्थानों पर मैच कराना और बिना दर्शकों के आयोजन करने से करोड़ों लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत हो सकती है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि महामारी के दौरान BCCI ने इसी तरह के कदम उठाए थे।  टूर्नामेंट की मौजूदा स्थिति 18 मई तक आईपीएल 2026 में कुल 62 मैच खेले जा चुके होंगे. लीग चरण के 8 मुकाबले अभी बाकी हैं, इसके बाद दो क्वालिफायर, एक एलिमिनेटर और 31 मई को फाइनल खेला जाएगा. बाकी मैच चेन्नई, जयपुर, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, मुंबई, धर्मशाला और न्यू चंडीगढ़ जैसे शहरों में आयोजित होने हैं. यानि अभी भी 13 दिन के बचे टूर्नामेंट में टीमों को को काफी ट्रैवल करना है। 

3-D उन्मूलन मिशन पर बड़वानी पुलिस, जनजातीय समाज में जागरूकता की नई पहल

जनजातीय अंचल में 3-D उन्मूलन के लिये बड़वानी पुलिस की पहल दारू, दहेज और डीजे मुक्त विवाह के लिये चलेगा अभियान बड़वानी जनजाति अंचल में पनप रही कुरीतियों के खिलाफ एक अनोखी पहल देखने को मिली, जब बड़वानी में पुलिस अधीक्षक स्वयं विवाह समारोह में पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने “3D” अर्थात दारू, दहेज और डीजे जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन का संकल्प दिलाया। यह विवाह केवल दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मिसाल बन गया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी ने लोगों को यह संदेश दिया कि समाज सुधार केवल कानून से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से संभव है। समारोह में उपस्थित लोगों ने भी 3D मुक्त विवाह का समर्थन करते हुए सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। पुलिस अधीक्षक बडवानी पद्म विलोचन शुक्ल के नेतृत्व में विगत माह से जिला पुलिस बडवानी द्वारा जिले में विवाह समारोह में दहेज, डीजे एवं दारू का उपयोग नही करने हेतु 3-डी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग की अभिनव पहल से प्रेरित होकर गत 4 मई को ग्राम धवली में पुलिस विभाग व्दारा आयोजित जनसंवाद में ग्राम जुनापानी के रामा नरगावे द्वारा अपने तीनों बच्चो के विवाह समारोह में दहेज, डीजे एवं दारू का उपयोग नही करने का संकल्प लिया था। रामा नरगावे द्वारा 17 मई को अपने पुत्र कृष्णा नरगावे, पुत्री रंजिता नरगावे एवं दिना नरगावे का विवाह समारोह बिना दहेज, डीजे एवं दारू के संपन्न किया गया। रामा नरगावे व्दारा पुलिस अधीक्षक बडवानी पद्म विलोचन शुक्ल को अपने बच्चों के विवाह समारोह में आमंत्रित करने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्राम जुनापानी विवाह समारोह में सम्मिलित हुए। उन्‍होंने दुल्हा-दुल्हनों को शुमकामना संदेश एवं उपहार देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। शुक्‍ल ने नरगावे दंपति को शॉल-श्रीफल देकर उनकी साहसिक पहल के लिये सम्मानित किया। विवाह समारोह में सम्मिलित जनजातीय समाज के लोगो ने भी सालों से चली आ रही सभी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्‍प लिया। भविष्य में बिना दहेज, डीजे एवं दारू के विवाह समारोह सम्पन्न कराने तथा दहेज नही लेने व देने की कुरीति को पूर्ण रूप से बंद करने का संकल्‍प दिलाया गया। विवाह समारोह में थाना वरला का पुलिस स्टाफ तथा वन मंडल अधिकारी सेंधवा इंदुसिंह गडरिया एवं गायत्री परिवार के सदस्य खुमसिंह तथा ग्राम सरपंच पटेल भी शामिल हुए।

सनराइजर्स का धमाका, चेन्नई को हराकर प्लेऑफ में पहुंची हैदराबाद; गुजरात को भी मिला फायदा

चेन्नई  सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने सोमवार को आईपीएल 2026 में प्लेऑफ में एंट्री कर ली। एसआरएच ने चेपॉक स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को पांच विकेट से हराया। पैट कमिंस की अगुवाई वाली टीम ने सीएसके की नैया डुबोकर ना सिर्फ अपना बल्कि गुजरात टाइटंस (GT) का भी प्लेऑफ टिकट कंफर्म किया। एसआरएच और जीटी के 13 मैचों में 8-8 जीत दर्ज करने के बाद 16-16 अंक हैं। बेहतर नेट रनरेट के कारण जीटी अंक तालिका में दूसरे जबकि एसआरएच तीसरे पायदान पर बरकरार है। डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) 13 मैचों में 18 अंक लेकर शीर्ष पर काबिज है और पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी। सीएसके को 13 मैचों में सातवीं हार के बाद एक स्थान का नुकसान उठाना पड़ा है। अब एक अनार और पांच बीमार प्लेऑफ में सिर्फ चार टीमों को ही जगह मिलती है। मौजूदा सीजन में अब प्लेऑफ का सिर्फ एक स्लॉट खाली रह गया है। एक स्थान के लिए सीएसके समेत पांच टीमें रेस में हैं। सीएसके आखिरी लीग मैच जीतकर 14 अंकों तक ही जा सकती है। सीएसकी हार से राजस्थान रॉयल्स (RR) तालिका में पांचवें नंबर पर आ गई है। राजस्थान को छोड़कर किसी भी टीम के पास 16 अंकों तक पहुंचने का मौका नहीं है। ऐसे में बाकी टीमों की उम्मीदें ना सिर्फ अपनी जीत बल्कि अन्य टीमों की हार पर टिकी होंगी। प्लेऑफ की रेस से अभी तक आधिकारिक तौर पर मुंबई इंडियंस (MI) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) बाहर हुई हैं। दोनों के 12 मैचों में 8-8 अंक हैं। ईशान किशन चुने गए प्लेयर ऑफ द मैच विकेटकीपर ईशान किशन के अर्धशतक की मदद से सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराया। जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य चेपॉक की धीमी विकेट पर आसान नहीं था। ईशान ने 47 गेंद की अपनी पारी में सात चौके और तीन छक्कों के दम पर 70 रन बनाए। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। हेनरिक क्लासेन ने 26 गेंद में 47 रन बनाए। उन्होंने ईशान के साथ तीसरे विकेट के लिए 75 रन की अहम साझेदारी की। हैदराबाद ने 19 ओवर में पांच विकेट पर टारगेट चेज किया। इससे पहले कप्तान कमिंस ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए। उन्होंने चार ओवर के स्पेल में 28 रन खर्च किए। चेन्नई ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। सीएसके ने घरेलू मैदान पर निर्धारित 20 ओवर में सात पर 180 रन जुटाए। चेन्नई की हार से कैसे मिला गुजरात-हैदराबाद को टिकट चेन्नई सुपर किंग्स की हार का मतलब है कि अब सिर्फ पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और सीएसके 16 अंकों तक नहीं पहुंच पाएंगी. सिर्फ राजस्थान ही है जो 16 अंक तक पहुंच पाएगी. जबकि गुजरात के पहले ही 16 अंक हैं और हैदराबाद के भी अब 16 अंक हो गए हैं. ऐसे में गुजरात और हैदराबाद प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर गईं हैं।  चेन्नई और दिल्ली यहां से अधिकतम 14 अंकों तक पहुंच सकती है, जबकि पंजाब और कोलकाता 15 अंकों तक. जबकि राजस्थान के दो मैच बचे हैं और उसके 12 अंक हैं. राजस्थान अपने बचे दोनों मैच जीतकर 16 अंकों तक जा सकती है।  हैदराबाद कर सकती है टॉप पर फिनिश हैदराबाद का आखिरी मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से है और अगर वह इसे जीत जाती है तो टॉप-2 में फिनिश कर सकती है. जबकि गुजरात ने अगर अपने आखिरी मैच में चेन्नई को हराया तो उसका टॉप स्पॉट फिक्स होगा. बेंगलुरु के भी 18 अंक हैं. अगर हैदराबाद ने बेंगलुरु को हराया और उसके बाद गुजरात ने चेन्नई को मात दी तो टॉप पर कौन रहेगा, इसको लेकर नेट रन रेट से फैसला होगा. हैदराबाद अगर बड़े अंतर से जीत दर्ज करती है तो वह टॉप पर फिनिश कर सकती है. लेकिन अगर हैदराबाद हारी तो वह तीसरे स्थान पर फिनिश करेगी, बशर्ते चेन्नई अपने आखिरी मैच में गुजरात को बुरी तरह ना रौंदे। 

मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी, 2 जून से स्वास्थ्य कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल का ऐलान

भोपाल  मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत 32 हजार संविदा कर्मचारियों ने दो जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे नाराज कर्मचारियों में यह निर्णय लिया है। हड़ताल की स्थिति में सरकारी अस्पतालों, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ऑनलाइन हेल्थ मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य योजनाओं का काम भी प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मामले में कर्मचारियों ने कहा है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। इससे पहले सरकार की ओर से मांगों पर सहमति जताई गई थी, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है। 25 मई से शुरू होगा आंदोलन आंदोलन की शुरुआत 25 से 27 मई तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन से होगी। 28 और 29 मई को कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। 2 जून से काम का बहिष्कार कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गई तो 2 जून से ऑनलाइन और ऑफलाइन सभी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। आंदोलन के अंतिम चरण में 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने सरकार से अपील की है कि समय रहते मांगों का समाधान कर आम जनता को होने वाली असुविधा से बचाया जाए। ये हैं प्रमुख मांगें संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा लागू करने, हर साल 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियां दूर करने, नियमित कर्मचारियों जैसी छुट्टियां और समान काम के बदले समान वेतन की मांग उठाई है। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें     सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित कर दिया जाए।     न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और हेल्थ इंश्योरेंस लागू किया जाए।     अन्य राज्यों की तरह हर वर्ष 10 प्रतिशत वेतन बढ़ाया जाए।     नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता दिया जाए।     स्वास्थ्य अधिकारियों सहित अन्य पदों के वेतन में उचित संशोधन और पूर्व की तरह इंक्रीमेंट दिया जाए।     वेतन संरचना में जो विसंगतियां हैं, उन्हें सुधारकर संशोधित किया जाए।     संविदा कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश का लाभ दिया जाए।     जब तक समान काम के बदले समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिलती, तब तक यह मुद्दा प्राथमिकता से हल किया जाए।