samacharsecretary.com

हीटवेव के बीच पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, दफ्तरों के नए टाइम टेबल से लोगों को मिलेगी राहत

चंडीगढ़  भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को राहत देने के उद्देश्य से अहम फैसला लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों का समय बदलने की घोषणा की है। जनहित में नए समय के अनुसार कामकाज का समय मौजूदा सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे की बजाय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा। 25 मई से लागू होगा बदला हुआ समय इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि बदला हुआ समय 25 मई से लागू होगा और अगले आदेशों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "यह फैसला आम लोगों की सुविधा के लिए लिया गया है ताकि वे पूरे पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के दौरान सरकारी दफ्तरों में आसानी से अपने काम करवा सकें। हर किसी की भलाई सुनिश्चित करने के लिए सभी भागीदारों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है।" छुट्टी लिए बिना पूरे होंगे सरकारी काम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि बदले हुए समय से लोग अपने काम से छुट्टी लिए बिना सुबह-सुबह अपने सरकारी काम पूरे कर सकेंगे। उन्होंने कहा, "इस कदम से कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि वे दिन में तापमान बढ़ने से पहले अपनी ड्यूटी खत्म कर सकेंगे।" मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब कर्मचारियों को अपने बच्चों के साथ बिताने के लिए अधिक समय मिलेगा, जो स्कूलों और कॉलेजों के बदले हुए समय के कारण लगभग उसी समय घर लौटेंगे। उन्होंने कहा, "यह फैसला पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय पहुंच और नागरिकों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" बिजली बचाने के लिए उठाया गया कदम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि यह नया समय प्रदेश भर के स्कूलों व कॉलेजों के साथ-साथ पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों पर लागू होगा। उन्होंने आगे कहा, "पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) के आंकड़ों के अनुसार बिजली का पीक लोड दोपहर 1:00 बजे के बाद शुरू होता है, इसलिए दफ्तरों का नया समय बिजली की खपत को कम करने और बिजली के बुनियादी ढांचे पर दबाव को घटाने में भी मदद करेगा।" समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि जनता की सुविधाओं की रक्षा और लोगों की भलाई सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

योगी सरकार का एक्शन मोड जारी, IAS और PCS अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर

 लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। यूपी की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए हैं। मुरादाबाद के संयुक्त मजिस्ट्रेट रहे आईएएस राम मोहन मीणा को सीडीओ प्रतापगढ़ बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग दायित्व संभाल रहे 19 पीसीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। सुल्तानपुर के मुख्य राजस्व अधिकारी के पद पर सृष्टि धवन को तैनाती दी गई है। सुशील प्रताप सिंह कुलसचिव भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, अपर निदेशक सस्कृति निदेशालय, संयक्त सचिव एलडीए, दुर्गेश मिश्रा को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर नगर निगम, ब्रजेश कुमार सिंह को अपर जिलाधिकारी (नगर) मेरठ, अनिरूद्ध प्रताप सिंह को एडीएम एफआर मुजफ्फरनगर बनाया गया है। पीसीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा अपर आयुक्त वाराणसी, सृष्टि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी सुल्तानपुर के पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनोज कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव, राजीव राज को एडीएम एफआर जालौन, गौरव रंजन श्रीवास्तव को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर नगर निगम, अनुपम मिश्रा को उपसचिव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, सीमा पांडे को अपर नगर आयुक्त, वाराणसी नगर निगम, नितीश कुमार सिंह को एडीएम प्रशासन बुलंदशहर बनाये गए हैं प्रमोद कुमार पांडे को अपर आयुक्त आजमगढ़ मंडल, आयुष चौधरी को एडीएम एफआर सीतापुर, सुनील कुमार त्रिवेदी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर, संजय कुमार को नगर मजिस्ट्रेट हरदोई, अजीत कुमार सिंह को एडीएम एफआर गौतमबुद्धनगर, सुरेश कुमार पाल को मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया और त्रिभुवन को एडीएम एफआर बदायूं के पद पर तैनाती दी गई है। इसके पहले हुए थे दो एडीजी समेत 9 आईपीएस के ट्रांसफर इसके पहले गुरुवार को शासन ने कानपुर और आगरा जोन के एडीजी समेत नौ आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया था। एडीजी कानपुर जोन के पद पर तैनात रहे आलोक सिंह को डीजी पीएसी मुख्यालय के साथ डीजी विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ को एडीजी कानपुर जोन बनाया गया है। वहीं एडीजी अपराध रहे एसके भगत आगरा जोन के नए एडीजी नियुक्त किए गए हैं। शासन ने डीजी नागरिक सुरक्षा के साथ डीजी विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डीके ठाकुर को डीजी होमगार्ड के पद पर तैनाती दी है। उन्हें डीजी नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। डीजी सीआईडी के साथ डीजी साइबर क्राइम का भी पदभार संभाल रहे बिनोद कुमार सिंह को इन पदों के साथ-साथ डीजी यूपी-112 को भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह अब तिहरी जिम्मेदारी संभालेंगे।

पीएचएफ पर खिलाड़ियों का असंतोष, शिविर भत्ता घटाकर 3.5 डॉलर किए जाने का मामला

कराची  पाकिस्तान के हॉकी खिलाड़ियों की आर्थिक परेशानियां जारी हैं। उन्हें पाकिस्तान हाकी महासंघ (पीएचएफ) से अभी तक बकाया राशि नहीं मिली है। इस साल अगस्त में नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआइएच विश्व कप से पहले पाक हॉकी खिलाड़ियों के दैनिक प्रशिक्षण शिविर भत्ते में भी कटौती की गई है। राष्ट्रीय महासंघ (पीएचएफ) के अंतरिम निकाय ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों और अधिकारियों को अब विदेशी दौरों पर प्रतिदिन 110 डालर (लगभग 30647 पाकिस्तानी रुपये) का भत्ता मिलेगा। हालांकि खिलाड़ियों ने शिकायत की है कि उनके प्रशिक्षण शिविर भत्ते को 11 डॉलर (लगभग 3000 पाकिस्तानी रुपये) से घटाकर 3.5 डालर (लगभग 1000 रुपये) कर दिया गया है। पीएचएफ के एक सूत्र के अनुसार अनुभवी खिलाड़ियों ने पीएचएफ से प्रशिक्षण शिविर की अवधि के लिए मिलने वाले भत्ते की पुष्टि करने को कहा था। पाकिस्तान ने गुरुवार को बेल्जियम और इंग्लैंड में अगले महीने होने वाले एफआइएच प्रो लीग मैचों के लिए अपनी 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की, लेकिन कप्तान का नाम नहीं बताया। पीएचएफ के इस रवैये से भी खिलाड़ी नाखुश हैं। शकील अम्माद बट पिछले साल की शुरुआत से ही पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे हैं। एफआइएच प्रो लीग का तीसरा चरण 13 से 27 जून तक निर्धारित है, जिसमें पाकिस्तान बेल्जियम, स्पेन, इंग्लैंड और अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के विरुद्ध खेलेगा।

साहिबगंज-पाकुड़ बॉर्डर पर रोजमर्रा की तरह चल रही आवाजाही, प्रशासन ने बताया शांत माहौल

साहिबगंज  पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचलों के बीच झारखंड-बंगाल सीमा पर सुरक्षा और आम जनजीवन को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच जमीनी हकीकत पूरी तरह सामान्य है. प्रभात खबर की टीम ने साहिबगंज और पाकुड़ जिले से सटे बरहरवा, राजमहल और पाकुड़ के सीमावर्ती इलाकों में ‘ग्राउंड जीरो’ पर जाकर वास्तविक हालातों की पड़ताल की, जिसमें बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और रोजमर्रा की तरह पाई गई. नाव, ट्रेन और बसों से सामान्य आवाजाही ग्राउंड जीरो पड़ताल के दौरान पाया गया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आम लोगों और वाहनों का आवागमन सामान्य दिनों की तरह ही जारी है. बरहरवा रेल रूट, राजमहल गंगा घाट और पाकुड़ से जुड़े विभिन्न सड़क मार्गों पर यात्रियों को किसी भी तरह की अतिरिक्त रोक-टोक या विशेष सघन जांच अभियान जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ रहा है. सीमावर्ती हाट-बाजारों में भी व्यापारिक गतिविधियां नियमित रूप से चल रही हैं और नदी मार्ग से नावों के जरिए लोग सामान्य रूप से आ-जा रहे हैं. हालांकि स्थानीय पुलिस की सामान्य गश्त जरूर देखने को मिली, लेकिन बॉर्डर को लेकर किसी विशेष पाबंदी जैसी कोई तस्वीर नहीं है. बंगाल से दुकानदारों के पलायन की चर्चा महज अफवाह ज्ञात हो कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के हावड़ा सहित अन्य शहरी इलाकों में सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी. इसके बाद से यह चर्चा तेज थी कि वहां से उजाड़े गए बड़ी संख्या में फुटपाथी दुकानदार और अन्य लोग झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं. लेकिन प्रभात खबर की इस ग्राउंड रिपोर्टिंग में इन दावों की किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है. साहिबगंज और पाकुड़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी कोई असामान्य या बड़े पैमाने पर आवाजाही नहीं देखी गई है और न ही स्थानीय प्रशासन या क्षेत्रीय सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है, जिससे साफ है कि यह चर्चा महज एक अटकलें और अफवाह है. भारत-बांग्लादेश से सटे मालदा बॉर्डर पर बीएसएफ का कड़ा पहरा झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर जहां सामान्य स्थिति है, वहीं दूसरी ओर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सुरक्षा बेहद सख्त दिखी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गतिविधियां पहले की तुलना में काफी सक्रिय हो चुकी हैं. महदीपुर, कालियाचक और वैष्णवनगर जैसे बेहद संवेदनशील और नदी-खेतों से जुड़े ओपन बॉर्डर वाले इलाकों में बीएसएफ द्वारा गश्त और चौकसी काफी बढ़ा दी गई है. खासकर रात के वक्त फ्लडलाइट और आधुनिक सर्विलांस उपकरणों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन की अफवाहों से बचने की अपील मालदा के गुलाबगंज जीरो पॉइंट पर भी फिलहाल सुरक्षात्मक सतर्कता के बीच गतिविधियां सामान्य हैं, जहां भारतीय परिवार अपने वैध पहचान पत्र दिखाकर रोजाना की तरह आ-जा रहे हैं. इस पूरी स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों के जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से चलने वाली किसी भी अपुष्ट खबर और अफवाह पर ध्यान न दें. झारखंड-बंगाल अंतरराज्यीय सीमा पर पूरी तरह शांति और सामान्य माहौल है, जबकि देश की सुरक्षा के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह अलर्ट मोड में काम कर रही है.

धनबाद में तंबाकू के खिलाफ बड़ा अभियान, स्कूलों में चलेंगी जागरूकता गतिविधियां

 धनबाद  31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। ग्लोबल एडल्ट टबैको सर्वे-टू 2016-17 के अनुसार राज्य में 38.9 प्रतिशत वयस्क किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। ग्लोबल यूथ टबैको सर्वे-फोर 2019 के अनुसार झारखंड में 13-15 आयु वर्ग के 5.1 प्रतिशत विद्यार्थी वर्तमान में किसी न किसी तंबाकू उत्पाद का उपयोग करते हैं। इनमें तीन प्रतिशत पान उत्पाद तथा 2.7 प्रतिशत धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद का उपयोग करते हैं। इसी सर्वेक्षण में 6.7 प्रतिशत विद्यार्थियों ने घर, 17.6 प्रतिशत ने बंद सार्वजनिक स्थल तथा 19.7 प्रतिशत ने खुले सार्वजनिक स्थानों में परोक्ष धूम्रपान करते पाए गए। ग्लोबल यूथ टबैको सर्वे-फोर के विद्यालय-आधारित अवलोकन में झारखंड के 76.7 प्रतिशत विद्यालयों में परिसर, प्रवेश द्वार, 100 गज की परिधि में तंबाकू उपयोग के संकेत मिले। निकोटीन बच्चों एवं किशोरों में लत, सीखने की क्षमता, ध्यान, व्यवहार तथा मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए विद्यालयों के अंदर और आसपास तंबाकू नियंत्रण, जागरूकता तथा प्रवर्तन को प्राथमिकता से लागू किया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी डीईओ-डीएसई को 11 जून से 18 जून तक अपने जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी एवं आवासीय विद्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता के लिए विभिन्न गतिविधियां कराने का निर्देश दिया है। प्रखंड व जिला स्तर पर होंगे कार्यक्रम जिला एवं प्रखंड स्तर पर बैठक, विद्यालयों में तंबाकू निषेध शपथ, प्रभात फेरी रैली, निबंध, वाद-विवाद, क्विज, चित्रकला, पोस्टर प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, समूह चर्चा का आयोजन शामिल है। सभी जिलों में शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर की परिधि में विशेष प्रवर्तन अभियान चलेगा। प्रवर्तन के दौरान दुकानों की सूची, चेतावनी, चालान, हटाए गए विक्रय केंद्र, जब्ती एवं अन्य कार्रवाई का रिकार्ड रखा जाएगा। जिला स्तर पर डीईओ-डीएसई, जिला तंबाकू, नियंत्रण समन्वय समिति, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, नगर निकाय तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक भी होगी।

ईंधन की कीमतों में उछाल: जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के पार, डीजल भी हुआ महंगा

जयपुर देशभर में शनिवार (23 मई) सुबह पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. राजधानी जयपुर में पेट्रोल 93 पैसे प्रति लीटर और डीजल 92 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. पेट्रोल 109.87 रुपये और डीजल 95.09 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है. इससे पहले भी मंगलवार (19 मई) को जयपुर में पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ. वहीं, पिछले शुक्रवार 15 मई को 3.25 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और 3.02 रुपए प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़े थे. 10 दिन के भीतर तीसरी बार बढ़े दाम खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच पेट्रोल और डीजल को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है. इसी बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में 10 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी नहीं देश के कई शहरों में सीएनजी की कीमत में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. 8 दिन में सीएनजी के दाम में भी कुल 4 रुपया प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन जयपुर में सीएनजी के भाव स्थिर बने हुए हैं. राजस्थान राजधानी में कीमत 94.41 रुपये है.   ईवी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर वहीं, लगातार पेट्रोल और डीजल को लेकर चल रही चिंता के बीच मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. कैबिनेट बैठक में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर दिया गया. सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को लोगों से मितव्ययिता से पेट्रोल डीजल का उपयोग करने की अपील करने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ोतरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. प्रदेश में 262 स्थान पर 591 नई इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाने की घोषणा की गई है.

Fake CLU Scam में बड़ा खुलासा, ED के रडार पर गमाडा अधिकारी; जालंधर में एक्शन तेज

जालंधर  प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने जालंधर में बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार शाम इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी के सचिव अजय सहगल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई फर्जी सहमति पत्र के आधार पर धोखाधड़ी से भूमि उपयोग परिवर्तन यानी सीएलयू हासिल करने और मनी लांड्रिंग के आरोप में की गई है। ईडी ने यह जांच पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। किसानों ने शिकायत दी थी कि सीएलयू प्राप्त करने के लिए उनकी सहमति में फर्जीवाड़ा किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि सहगल ने 15 भूस्वामियों की 30.5 एकड़ जमीन को लेकर फर्जी सहमति पत्र तैयार किए थे। किसानों के फर्जी हस्ताक्षर से हासिल किया सीएलयू इन फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर आरोपियों को 'सनटेक सिटी' नामक रियल एस्टेट मेगा प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए सीएलयू दिया गया। सीएलयू लेने के लिए भूस्वामियों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल हुआ। इससे पहले ईडी ने 7 मई को इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी और एबीएस टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आठ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। बालकनी से फेंके 21 लाख रुपये, बिना मंजूरी बेचे फ्लैट तलाशी के दौरान बालकनी की जाली से 21 लाख रुपये नकद नीचे सड़क पर फेंके गए, जिन्हें बाद में ईडी अधिकारियों ने बरामद कर लिया। अजय सहगल ने फर्जी सहमति पत्रों से प्राप्त सीएलयू के आधार पर ला कैनेला आवासीय बहुमंजिला परिसर और डिस्ट्रिक्ट 7 वाणिज्यिक परिसर भी विकसित किए। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इन परियोजनाओं में रेरा पंजीकरण और मंजूरी से पहले ही इकाइयों की बिक्री की जा रही थी। गमाडा के शीर्ष अधिकारी भी जांच के दायरे में अजय सहगल ने आज तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के लिए प्लाट एस्टेट अधिकारी गमाडा को स्थानांतरित नहीं किए हैं। इसके अलावा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में हुई चर्चाओं के विपरीत, सनटेक सिटी को फायदा पहुंचाने के लिए केवल 30 एकड़ भूमि के लिए आंशिक सीएलयू रद्द किया गया। ईडी इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां करने की तैयारी में है। गमाडा के शीर्ष अधिकारी और अन्य सरकारी कर्मचारी जिन्होंने इस धोखाधड़ी में अजय सहगल का समर्थन किया और बदले में रिश्वत ली, वे भी जांच के रडार पर हैं। जांच में गमाडा और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जहां गरीब किसानों की कीमत पर रियल एस्टेट डेवलपर्स को फायदा पहुंचाया गया।

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में बड़ा ट्विस्ट, अभीरा- अरमान की जिंदगी में नया तूफान

 स्टार प्लस का चर्चित शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट के चलते सुर्खियों में बना हुआ है. शो में समृद्धि शुक्ला और रोहित पुरोहित की जोड़ी दर्शकों को काफी पसंद आ रही है. हालांकि कहानी में अब भी अभीरा और अरमान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. आने वाले एपिसोड में दोनों की जिंदगी में ऐसा मोड़ आने वाला है, जो परिवार को हिलाकर रख देगा. अभीरा और अरमान ने विद्या को किया माफ शो में अब तक दिखाया गया कि अभीरा और अरमान ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर विद्या को माफ कर दिया. इसके बाद पूरा परिवार साथ मिलकर वट सावित्री पूजा करता नजर आया. घर में खुशी का माहौल बना, लेकिन यह सुकून ज्यादा देर टिकने वाला नहीं है. जल्द ही दोनों की जिंदगी में एक नई परेशानी दस्तक देने वाली है. नया फर्म खोलने का फैसला करेगी अभीरा आने वाले एपिसोड में अरमान, कावेरी से नौकरी को लेकर बात करेगा. उसे डर होगा कि केवल गैराज के भरोसे परिवार की जिम्मेदारियां संभालना मुश्किल है. इसी दौरान कावेरी उसे अपनी फर्म जॉइन करने की सलाह देगी, लेकिन अरमान इस ऑफर को ठुकरा देगा. दूसरी तरफ अभीरा, अरमान की बातें सुन लेगी और बड़ा फैसला करेगी. वह अपनी नई लॉ फर्म शुरू करने का ऐलान करेगी. अभीरा के लिए यह सिर्फ करियर नहीं, बल्कि उसकी मां का अधूरा सपना भी है, जिसे वह हर हाल में पूरा करना चाहती है. अरमान की बिगड़ सकती है तबीयत नई शुरुआत की खुशी के बीच अरमान की तबीयत अचानक बिगड़ने लगेगी. उसे तेज सिरदर्द की शिकायत होगी, लेकिन अभीरा और अरमान इस परेशानी को नजरअंदाज कर देंगे. आगे चलकर यही लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है. रिपोर्ट्स की मानें तो अरमान किसी गंभीर बीमारी का शिकार होने वाला है. जब अभीरा को इस सच्चाई का पता चलेगा तो वह पूरी तरह टूट जाएगी. यह ट्रैक शो में इमोशनल ड्रामा बढ़ाने वाला है. मायरा की हरकत बढ़ाएगी मुश्किलें वहीं दूसरी तरफ मायरा की जिंदगी में भी नया मोड़ आने वाला है. कम उम्र में उसका एक लड़के के करीब आना परिवार के लिए नई टेंशन खड़ी करेगा. मायरा की यह हरकत अभिरा और अरमान की परेशानियों को और बढ़ाने वाली है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में शो की कहानी कौन सा नया मोड़ लेती है.

सम्राट चौधरी की घोषणा, NEET एग्जाम देने वालों के लिए फ्री बस सुविधा

पटना. NEET पेपर लीक मामले के बाद दोबारा परीक्षा कराए जाने की संभावनाओं के बीच बिहार सरकार ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह नि:शुल्क होगी।  मठ-मंदिरों की ओर से हो पेयजल की व्‍यवस्‍था इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, राज्य के मठ-मंदिरों तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों से भी एक खास अपील की है। कहा है कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था में सहयोग करें। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं भी दीं। नीट मामले में सियासत जारी इधर, NEET पेपर लीक मामले को लेकर सियासत लगातार गरमाई हुई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं, एक दिन पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि NEET मामले की जांच जारी है। और केंद्र सरकार दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बयान देने की आदत है और उनकी बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

रोनाल्डो पर धनवर्षा: खिताबी जीत के बाद 105 करोड़ रुपये का बोनस तय

नई दिल्ली  क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम फुटबॉल की दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर दुनिया के कोने-कोने में फैंस बनाए हैं. अब पुर्तगाल के इस दिग्गज सुपरस्टार ने सऊदी अरब की धरती पर भी इतिहास रच दिया है. तीन साल की कड़ी मेहनत, अटूट प्रतिबद्धता और मैदान पर लगातार किए गए प्रयासों के बाद आखिरकार रोनाल्डो ने अल नसर के साथ अपना पहला सऊदी प्रो लीग खिताब जीत लिया है. इस खिताबी जीत के साथ ही जहां अल नसर का सात साल पुराना सूखा खत्म हुआ, वहीं रोनाल्डो पर धनवर्षा भी होने वाली है. 105 करोड़ का बोनस, अल नासर को चैंपियन बनाने वाले रोनाल्डो पर होगी धनवर्षा रोनाल्डो को 105 करोड़ रुपये बोनस मिलेंगे. अल नसर के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) का जो कॉन्ट्रैक्ट हुआ है, वह खेल जगत के सबसे महंगे करारों में से एक है. इस कॉन्ट्रैक्ट में उनके प्रदर्शन के आधार पर कई बड़े बोनस और वित्तीय भत्तों का प्रावधान शामिल किया गया था. सऊदी प्रो लीग का खिताब अपने नाम करते ही रोनाल्डो के इस कॉन्ट्रैक्ट का एक विशेष क्लॉज एक्टिवेट हो गया है. लीग ट्रॉफी जीतने के इनाम के तौर पर रोनाल्डो को 11 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम बोनस मिलेगा. भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 105 करोड़ रुपये बैठती है. यह बोनस उनकी नियमित सैलरी और साइनिंग फीस के अलावा है. मैदान पर पसीना बहाने और टीम को चैंपियन बनाने के बदले मिलने वाला यह इनाम रोनाल्डो की इस सफलता को और भी ज्यादा खास और ऐतिहासिक बना देता है. रोनाल्डो को 105 करोड़ रुपये बोनस मिलेंगे. कहां गायब हो गई केन्या क्रिकेट टीम…जिसने 2003 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला, गलती कहां हुई? क्यों तैयार नहीं हो पाई नई पीढ़ी विनेश फोगाट मामले में हाईकोर्ट सख्त… रेसलिंग फेडरेशन को लगाई फटकार, कहा- बदले की भावना से काम न करें सीजन का आखिरी और निर्णायक मुकाबला रियाद के अल-अव्वल पार्क स्टेडियम में खेला गया. पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और फैंस को उम्मीद थी कि उनकी टीम इस बार इतिहास रचेगी. कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो की अगुवाई में अल नसर ने मैदान पर उतरते ही आक्रामक रुख अपनाया. इस बेहद दबाव वाले मैच में अल नसर ने दमैक क्लब को 4-1 से करारी शिकस्त दी. पूरे मैच के दौरान रोनाल्डो विपक्षी टीम के डिफेंस के लिए सिरदर्द बने रहे. उन्होंने अपनी कप्तानी और खेल दोनों से टीम को फ्रंट से लीड किया. मैच के शुरुआती दौर में ही रोनाल्डो ने एक शानदार फ्री-किक को गोल में तब्दील कर स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. मैच के 81वें मिनट में जब दमैक वापसी की कोशिश कर रहा था, तब किंग्सले कोमैन ने एक बेहतरीन पास बढ़ाया. रोनाल्डो ने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट के अंदर डाल दिया और स्कोर लाइन को अल नसर के पक्ष में सुरक्षित कर दिया. खत्म हुआ अल नसर का 7 साल लंबा सूखा यह जीत अल नसर क्लब और उसके प्रशंसकों के लिए केवल एक ट्रॉफी भर नहीं है, बल्कि यह एक बड़े कड़े इंतजार का सुखद अंत है. अल नसर ने इससे पहले आखिरी बार सीजन 2018-19 में सऊदी प्रो लीग का खिताब जीता था. इसके बाद से टीम लगातार कोशिश कर रही थी, लेकिन खिताबी सफलता उनसे दूर भाग रही थी. सात साल के इस लंबे सूखे को खत्म करने में रोनाल्डो की मौजूदगी सबसे बड़ा फैक्टर साबित हुई. जब रोनाल्डो सऊदी अरब आए थे, तो उन पर कई सवाल उठाए गए थे. उन्होंने कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड तो अपने नाम किए, लेकिन टीम को कोई आधिकारिक बड़ा खिताब नहीं दिला पा रहे थे. अब इस जीत के साथ उन्होंने उन सभी आलोचकों को करारा जवाब दे दिया है. रोनाल्डो का मेगा कॉन्ट्रैक्ट क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पिछले साल ही अल नसर के साथ दो साल का एक नया और बेहद आकर्षक करार किया था. इस कॉन्ट्रैक्ट के आंकड़े किसी को भी हैरान करने के लिए काफी हैं. इस नए करार के तहत रोनाल्डो को हर साल 178 मिलियन पाउंड (लगभग 2200 करोड़ भारतीय रुपये) की फिक्स्ड सैलरी मिलती है. रोनाल्डो जब भी मैदान पर टीम के लिए एक गोल दागते हैं, तो उन्हें बोनस के तौर पर लगभग 1 करोड़ रुपये दिए जाते हैं. यदि वह अपने साथी खिलाड़ी को गोल करने में मदद (असिस्ट) करते हैं, तो उन्हें हर असिस्ट के लिए अलग से लगभग 50 लाख रुपये मिलते हैं. यदि वह सीजन में सबसे ज्यादा गोल करके गोल्डन बूट अपने नाम करते हैं, तो उसके लिए भी उनके कॉन्ट्रैक्ट में करोड़ों रुपये का अलग से इनाम तय किया गया है.