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पुलिस थानों में महिला शौचालय और तय ड्यूटी टाइम की मांग हाई कोर्ट पहुंची, पंजाब-हरियाणा सरकार को नोटिस

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पुलिस सुधारों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि पुलिस सुधारों पर फैसला कोर्ट नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन को लेना चाहिए। हालांकि हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन को इन मुद्दों पर दो महीने में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में दायर याचिका में मांग की गई कि पुलिसकर्मियों से लगातार लंबी ड्यूटी न कराई जाए, थानों में महिलाओं के लिए अलग और साफ शौचालय हों, आरोपितों को मीडिया के सामने परेड न कराया जाए और पुलिस व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाए। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने हालांकि इन मांगों पर सीधे आदेश जारी करने से इन्कार कर दिया, लेकिन पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिवों को इन मुद्दों पर विचार कर फैसला लेने के निर्देश जरूर दे दिए। सरकार को करना होगा फैसला अदालत ने कहा कि ये विषय नीतिगत और प्रशासनिक प्रकृति के हैं, जिन पर फैसला सरकार और सक्षम अधिकारियों को ही करना है।यह जनहित याचिका मोहाली निवासी निकिल सराफ ने दायर की थी। याचिका में कहा गया कि पुलिसकर्मियों, खासकर कांस्टेबलों के लिए पदोन्नति के अवसर बेहद सीमित हैं, जिससे पूरे करियर में ठहराव की स्थिति बन जाती है। मांग रखी गई कि प्रत्येक कांस्टेबल को सेवा के दौरान कम से कम तीन प्रमोशन दिए जाएं। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर आवास, पर्याप्त अवकाश, मेडिकल जांच और कठिन ड्यूटी के बदले अतिरिक्त वेतन जैसी सुविधाएं देने की भी मांग उठाई गई। महिलाओं के लिए अलग शौचालय नहीं याचिका में पुलिस थानों और चौकियों की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। कहा गया कि कई जगह महिलाओं के लिए अलग शौचालय तक नहीं हैं। लाकअप की हालत भी मानवाधिकार मानकों के अनुरूप नहीं है। अदालत से मांग की गई कि थानों में साफ-सुथरे और रोशनी वाले लॉकअप बनाए जाएं तथा पुलिस शिकायत प्राधिकरणों की जानकारी हर थाने में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए। इसके अलावा पुलिस बल के डिजिटलीकरण और संसाधनों के बेहतर उपयोग का मुद्दा भी उठाया गया। याचिका में कहा गया कि वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं की सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के कारण आम पुलिसिंग प्रभावित होती है। सोशल ऑडिट करवाने की मांग  इस व्यवस्था का स्वतंत्र सोशल ऑडिट कराने की मांग भी रखी गई।सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि याचिका में उठाए गए कई मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में लंबित एक अन्य मामले में विचाराधीन हैं। इसके बाद हाई कोर्ट ने केवल उन बिंदुओं पर सुनवाई की जो वहां लंबित नहीं हैं। अंत में हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 30 दिन के भीतर हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ प्रशासन को विस्तृत मांग पत्र देने की छूट देते हुए कहा कि संबंधित सरकार और प्रशासन दो महीने के भीतर उस पर स्पीकिंग ऑर्डर पारित कर निर्णय लें।

बाइक पर सवार होकर नक्सलियों के गढ़ रहे गांवों में पहुंचे कलेक्टर-सीईओ

बदलते बस्तर की नई तस्वीर, बंदूक के साए से सुशासन की छांव तक बाइक पर सवार होकर नक्सलियों के गढ़ रहे गांवों में पहुंचे कलेक्टर-सीईओ पहुँचविहीन गांव मैलासुर, दंतेषपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका में ग्रामीणों को दी सौगात स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया निर्माण की तत्काल स्वीकृति रायपुर बस्तर के सुदूर वनांचलों से डर और उपेक्षा का अंधेरा अब छंटने लगा है, और इसकी गवाह बनी सुकमा की वो तस्वीरें जहां जिले के मुखिया खुद दुर्गम रास्तों की परवाह किए बिना जनता के द्वार पहुंचे रहे हैं। कलेक्टर अमित कुमार और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने कोंटा विकासखंड के धुर नक्सल प्रभावित रहे और पहुंचविहीन गांवों भेज्जी, मैलापुर, दंतेशपुरम, बुर्कलंका, गछनपल्ली, बोदराजपदर और डब्बाकोंटा का ऐतिहासिक दौरा किया। सालों से मुख्यधारा से कटे इन गांवों के उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्तों पर जब अधिकारियों का काफिला मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकला, तो यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीणों के मन में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास जगाने का सफर बन गया। आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। चौपाल पर संवाद और श्सुशासन परिसरश् की सराहना अधिकारियों ने बुर्कलंका में बन रहे श्सुशासन परिसरश् का बारीकी से निरीक्षण किया। कलेक्टर अमित कुमार ने दुर्गम घने जंगलों के बीच बसे इस गांव में बने परिसर की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस बहुद्देशीय परिसर में एक ही बाउंड्रीवाल के भीतर स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, पीडीएस सेंटर और सामुदायिक भवन को समेटा गया है, जो ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सारी मूलभूत सुविधाएं देने का बेहतरीन मॉडल है। सुशासन शिविर के दौरान मैलासुर पंचायत में अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर सरपंच, पटेल, मुखिया और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा करने का संकल्प दोहराया। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगातें प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीणों की सेहत और बच्चों की शिक्षा पर रहा। कलेक्टर ने संवेदनशील पहल करते हुए भेज्जी पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, जबकि मैलासुर में इसके लिए तत्काल जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए। गछनपाल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों के रहने के लिए स्टाफ क्वार्टर को मंजूरी दी गई, ताकि चौबीसों घंटे इलाज की सुविधा मिल सके। शिक्षा की लौ को मजबूत करने के लिए दंतेषपुरम में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन को बारिश के मौसम से पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश शिक्षा विभाग को दिया गया, साथ ही अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। पेयजल, आजीविका और कृषि को मिला नया जीवन गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता लाने के लिए कलेक्टर ने आजीविका के नए द्वार खोले। मैलासुर और दंतेषपुरम के ग्रामीणों की मांग पर मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों का चिन्हाँकन किया गया और ग्रामीणों को मछली बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए दंतेषपुरम में एक नए डैम और तालाब निर्माण की बड़ी स्वीकृति दी गई, साथ ही क्रेड़ा विभाग को पानी टंकी बनाने के निर्देश दिए गए। मैलासुर और बोदराजपदर में पेयजल संकट को खत्म करने के लिए नए हैंडपंप और बोरिंग की तत्काल मंजूरी दी गई। पीएचई विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है, वहां बिना देरी किए तत्काल जलापूर्ति शुरू की जाए। और जहाँ काम पूरा नहीं हुआ है वहां तेजी से कार्य पूरा कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाये।  कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों में श्सुशासन परिसरश् और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण वाकई प्रेरणादायी है। कलेक्टर ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो चुके इन अंतिम छोर के गांवों तक विकास की रफ्तार पहुंचाना है। बारिश से पहले स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और जल जीवन मिशन से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा किया जाएगा, ताकि हर ग्रामीण तक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके। सड़कों से जुड़ेंगे दिल और रास्ते, विकास की रफ्तार होगी तेज बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे पहुंचविहीन रास्तों को अब पक्की सड़कों की मजबूती मिलने जा रही है। कलेक्टर ने बोदराजपदर, मैलासुर, दंतेशपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजेएसवाई) का तत्काल प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारीयांे को दिए। आरईएस विभाग द्वारा डब्बाकोंटा में निर्माणाधीन आश्रम का भी मुआयना किया गया। मोटरसाइकिल के पहियों से शुरू हुआ प्रशासन का यह सफर सुकमा के इन दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिख गया है, जो यह साबित करता है कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर की पहचान बंदूक से नहीं, बल्कि सुशासन और समृद्धि से हो रही है। केलक्टर के निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोंटा सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ सुमित ध्रुव, एडिशनल एसपी मनोज तिर्की, कार्यपालन अभियंता पीएमजेएसवाई रविंद्र ताती, महिला एवं बाल विकास अधिकारी रितिश टंडन, बीएमओ डॉ. दीपेश चंद्राकर सहित अन्य जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित थे।

UPSC परीक्षा 24 मई: कड़ी सुरक्षा, जैमर और हीट वेव के बीच प्रशासन अलर्ट

 अलीगढ़  संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को जिले में दो पालियों में कराई जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक व दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। शहर में कुल 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां कुल 4467 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। हीट वेव को देखते हुए डीएम ने पेयजल, पंखे व बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के दिए निर्देश डीएम ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को आयोग की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हीट वेव को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, पंखे, बिजली व अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से दुरुस्त रखने को कहा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे और मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सभी केंद्रों पर लगाए जाएंगे जैमर व अन्य व्यवस्था होंगी उपलब्ध अधिकारियों को पॉवर प्वाइंट व विद्युत व्यवस्थाओं की पहले से जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिले में नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज, श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय, चंपा अग्रवाल गर्ल्स इंटर कॉलेज, धर्म समाज महाविद्यालय, डीएवी इंटर कॉलेज, रतन प्रेम डीएवी गर्ल्स इंटर कॉलेज, राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज, बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज, एसएमबी इंटर कॉलेज, श्री टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज व श्री टीकाराम कन्या महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।  

संशोधित चयन सूची पर विवाद के बीच हाईकोर्ट का यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

चंडीगढ़ चंडीगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है। Punjab and Haryana High Court ने हरियाणा ग्रुप-D भर्ती में एक्सीलेंट स्पोर्ट्स पर्सन (ESP) श्रेणी के चयनित उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में “यथास्थिति बनाए रखने” के आदेश दिए हैं। यानी अगली सुनवाई तक चयनित उम्मीदवार अपनी नौकरी जारी रख सकेंगे। संशोधित सूची के बाद बढ़ा था विवाद यह मामला उस समय सामने आया जब Haryana Staff Selection Commission द्वारा 18 मई 2026 को संशोधित चयन सूची जारी की गई। नई सूची के आधार पर उन उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो पहले ही चयनित होकर विभिन्न विभागों में नौकरी जॉइन कर चुके थे। स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बना विवाद की वजह याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनके सभी दस्तावेज और प्रमाणपत्रों की जांच पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद महीनों तक सेवा लेने के बाद अब चयन रद्द करना पूरी तरह मनमाना और कानून के खिलाफ है। मामला मुख्य रूप से स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के सत्यापन से जुड़ा बताया गया। खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर संशोधित सूची तैयार की गई थी। हाई कोर्ट ने क्या कहा? मामले की सुनवाई जस्टिस Sandeep Moudgil की अदालत में हुई।याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील Jasbir Mor ने दलील दी कि चयनित उम्मीदवार नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं और अचानक की गई कार्रवाई से उनका रोजगार खतरे में पड़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि फिलहाल वर्तमान स्थिति बरकरार रखी जाए। अदालत ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं। अगली सुनवाई 2 सितंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 तय की है। फिलहाल इस अंतरिम आदेश से उन खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी सरकारी नौकरी संशोधित चयन सूची के बाद खतरे में पड़ गई थी।

राहु गोचर का असर: शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश से 5 राशियों को बड़ा लाभ

 राहु का गोचर ज्योतिष में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह अचानक बदलाव, सफलता और अप्रत्याशित लाभ का कारक ग्रह है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 1 मई को राहु का शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश हो चुका है, जो कि 2 अगस्त तक रहेगा. राहु का शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश कई राशियों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लेकर आया है. यह गोचर खासतौर पर करियर, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा के मामलों में प्रभाव डालेगा. आइए जानते हैं किन 5 राशियों को इस गोचर से सबसे ज्यादा लाभ मिलने वाला है और उनके जीवन में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे. मेष राशि राहु का यह गोचर मेष राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. अचानक धन लाभ के योग बनेंगे और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में प्रमोशन का रास्ता खोलेंगी. हालांकि, निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा, नहीं तो नुकसान भी हो सकता है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर ग्रोथ का संकेत दे रहा है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी का अवसर मिल सकता है. व्यापारियों को नए क्लाइंट और बड़े प्रोजेक्ट मिल सकते हैं. इस दौरान आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स आपको सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगी. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए राहु का यह गोचर सामाजिक प्रतिष्ठा और पहचान बढ़ाने वाला रहेगा. आपके काम की सराहना होगी और आप किसी बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हैं. आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन सोच-समझकर निवेश करना बेहतर रहेगा. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसरों का रहेगा. खासकर विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है. करियर में बदलाव के योग बन रहे हैं, जो आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे. आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर बेहद शुभ माना जा रहा है, क्योंकि राहु का संबंध इस राशि से विशेष रूप से होता है. इस दौरान आय के नए स्रोत बनेंगे और करियर में तेजी से उन्नति होगी. बिजनेस में विस्तार के योग हैं और साझेदारी से भी लाभ मिल सकता है.

इंदर कौर हत्याकांड में पुलिस को मिले अहम सबूत, फरार आरोपी पर शिकंजा तेज

लुधियाना पंजाबी सिंगर इंदर कौर के लुधियाना में हुए मर्डर केस में हत्यारे सुखविंदर सिंह सुक्खा के खिलाफ पुलिस ने LOC जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के हाथ कई अहम सबूत भी लगे है जिससे सुक्खा को कनाडा से लुधियाना लाया जाएगा। नेपाल से भी पुलिस कई लिंक खंगाल रही है। इस केस में अभी तक और किन लोगों की शमूलियत है इसे लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुटी है। उधर, इंदर कौर के शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद ये सामने आया है कि सिंगर के दो गोलियां लगी है। एक गोली उसकी छाती के दाहिनी तरफ आर पार हुई है और दूसरी गोली माथे में फंसी थी। क्या था पूरा मामला पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर की उसके NRI बॉयफ्रेंड सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खी बराड़ ने हत्या कर दी। शादी न करने पर उसने इंदर को लुधियाना में समराला के नजदीक नीलो नहर के किनारे कार में गोली मारी। इसके बाद लाश नीलो नहर और उसकी कार रामपुर गांव के पास नहर में फेंक दी। इंदर कौर की लाश समराला पुलिस को बंद पड़े टोल प्लाजा से 50 मीटर दूर नहर में पड़े सूखे पेड़ से फंसी हुई मिली। जहां लाश बरामद हुई है उससे 7 किलोमीटर दूर रामपुर गांव में नहर से थाना जमालपुर की पुलिस को इंदर की फोर्ड फिगो कार बरामद हुई। आरोपियों ने जहां रात के अंधेरे में कार को नहर में फेंका वहां पर दिन में भी जाने से लोग कतराते हैं। जब पुलिस कार को बरामद करने पहुंची तो गांव के लोग भी सहम गए। उनका कहना है कि इस रास्ते कोई अंजान आदमी आ ही नहीं सकता। उनका कहना है कि जो भी रात को यहां कार फेंकने आए हैं निश्चित तौर पर वो पहले भी आए होंगे। हत्या वाली जगह से 1 किलोमीटर दूर मिली लाश जानकारी के मुताबिक 13 मई की रात को करीब 8:30 बजे इंदर कौर अपनी सफेद रंग की फोर्ड फिगो कार से राशन लेने बाजार गई थी। 9 बजे सुखविंदर ने साजिश के तहत इंदर कौर को फोन करके नीलो नहर के पुल पर बुलाया। वहां सुखविंदर, उसका पिता प्रीतम सिंह और उसके दो दोस्त करमजीत सिंह और रविंदर सिंह रवि पहले से मौजूद थे। बंदूक के दम पर इंदर को कार समेत किया था किडनैप इन सबने मिलकर बंदूक के दम पर इंदर को कार समेत किडनैप कर लिया। इसके बाद उन्होंने इंदर की गोलियां मारकर हत्या कर दी और फिर लाश नहर में फेंक दी। 19 मई को इंदर कौर की लाश नीलो पुल से करीब आधा किमी दूर बंद टोल प्लाजा के पास नहर में पड़े सूखे पेड़ के पास फंसी हुई मिली। 6 दिन पानी में पड़े रहने के कारण शव फूला शव 6 दिन से पानी में पड़े रहने के कारण फूल गया था। इसलिए उसके बाहर निकालने में भी पुलिस को परेशानी हुई। पुलिस की टीम ने जब शव को बाहर निकाला तो उसके लिए उन्हें मेडिकल ग्लव्स पहनने पड़े। नहर के किनारे ग्लव्स अब भी पड़े हुए हैं। नहर में जहां से पुलिस को शव बरामद हुआ वहां पर न तो खून के निशान थे और न ही झाड़ियां टूटी हुई मिलीं।  

परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानकी और नकद फसलों पर दे रहे हैं जोर

जशपुर के किसान खेती में बना रहे हैं अलग पहचान परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानकी और नकद फसलों पर दे रहे हैं जोर चाय, नाशपाती, लीची, स्ट्रॉबेरी के बाद अब सेब की खेती में आजमा रहे हैं हाथ रायपुर जशपुर हमेशा फसल विविधताओं के लिए जाना जाता रहा है। यहां के किसान परंपरागत फसलों के साथ उद्यानकी और नकद फसलों पर भी जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर में उद्यानिकी फसलों के लिए अनुकूल वातावरण को देखते हुए किसानों को उद्यानिकी और नगद फसलों के लिए लगातार  प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन, नाबार्ड और उद्यानिकी  विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष प्रयास किया जा रहा है। किसानों  को उद्यानिकी फसलों के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन समन्वित प्रयासों से पिछले दो-ढाई सालों में यहाँ के किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानिकी एवं नगदी फसलों में रुचि लेने लगे हैं। जशपुर के किसान अब चाय, लीची, स्ट्राबेरी, नाशपाती के साथ सेब के बगान भी तैयार कर रहे हैं। जिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग, रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (त्म्।क्ै) व नाबार्ड के समन्वित प्रयासों से जशपुर ने फलोत्पादन व बागवानी में नई पहचान बनाई है। इन पहलों से स्थानीय किसानों की आय सुदृढ़ हुई है। कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।  जशपुर में सेब उत्पादन वर्ष 2023 में आरंभ हुआ। सेब खेती अब लगभग 410 एकड़ में विस्तारित है, जिसमें लगभग 410 किसान सेब की खेती कर रहे हैं। जिले के मनोर व बगीचा विकासखंड तथा शैला, छतौरी, करदना व छिछली जैसे पंचायतों में लगाए गए सेब के वृक्षों ने इस वर्ष उत्कृष्ट गुणवत्ता व आकार के फल दिए हैं। । स्थानीय किसान बताते हैं कि जशपुर के सेब स्वाद और गुणवत्ता के लिहाज से कश्मीर व हिमाचल के सेबों के समकक्ष हैं। रूरल डेव्हलपमेंट एंड डेव्हलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के 410 किसानों ने अपने 1-1 एकड़ जमीन पर सेब की खेती कर रहे हैं।  इसी तरह जिले में नाशपाती के बाग लगभग 3,500 एकड़ में फैले हुए हैं, जहाँ 3,500 से अधिक किसान नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई, गीधा आदि लाखों में नाशपाती की खेती हो रही है। यहीं से नाशपाती पैक कर दिल्ली, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा सहित दूसरे राज्यों में भेजी जाती है। नाशपाती का वार्षिक उत्पादन लगभग 1,75,000 क्विंटल तक पहुँच चुका है। किसानों को नाशपाती से प्रति एकड़ वार्षिक आमदनी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये मिल रहा है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार पहुँच जैसी योजनाएँ हैं, जिनसे किसान आत्मनिर्भर बने हैं और नई फसल विविधिकरण के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त कर रहे हैं। जशपुर में चाय की खेती पहले से होती आ रही है और यहां की चाय पत्ती की गुणवत्ता अच्छी है। अब जशपुर में सेब व नाशपाती उत्पादन के सफल विकास से जशपुर न केवल नए बाजारों के रूप में स्थापित हुआ है बल्कि स्थानीय किसानों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। भविष्य में इन फसलों का दायरा और विस्तारित करने की योजना है।

HSSC सचिव के रवैये पर हाई कोर्ट नाराज, कोर्ट में पेश न होने पर थमाया अवमानना नोटिस

चंडीगढ़. हरियाणा की सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन के सचिव चिन्मय गर्ग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अवमानना कार्रवाई शुरू करने के संकेत दिए हैं। अदालत ने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मामलों में अदालत के आदेशों को हल्के में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। मामला हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। सुनवाई के समय हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक बाल्यान अदालत में पेश हुए। उन्होंने न्यायालय को बताया कि आयोग के सचिव की ओर से जो हलफनामा दाखिल किया गया है, वह अदालत द्वारा उठाए गए सवालों और निर्देशों का संतोषजनक उत्तर नहीं देता। राज्य पक्ष ने कहा कि कुछ तथ्यों को और स्पष्ट करने की आवश्यकता है तथा विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए। इस पर जस्टिस संदीप मौदगिल ने राज्य सरकार को राहत देते हुए नया हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय तो दे दिया, लेकिन साथ ही सख्त टिप्पणी भी की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह “अंतिम अवसर” होगा और इसके बाद किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 तय कर दी। सुनवाई के दौरान सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब अदालत ने पाया कि एचएसएससी सचिव चिन्मय गर्ग स्वयं अदालत में उपस्थित नहीं हुए हैं। न्यायालय ने इस पर तुरंत राज्य के वकील से स्पष्टीकरण मांगा। अदालत को बताया गया कि सचिव उस समय एडवोकेट जनरल, हरियाणा के कार्यालय में मौजूद थे। यह जानकारी मिलते ही हाई कोर्ट ने तीखी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि पिछली सुनवाई में सचिव को व्यक्तिगत उपस्थिति से कोई छूट नहीं दी गई थी। इसके बावजूद उनका अदालत में उपस्थित न होना न्यायिक आदेशों की अनदेखी माना जाएगा। न्यायालय ने यह भी कहा कि जब कोई अधिकारी अदालत के समक्ष जवाबदेह होता है, तब उसका यह दायित्व बनता है कि वह स्वयं उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करे। केवल हलफनामा दाखिल कर देने से जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सचिव ने न्यायालय के आदेशों की “जानबूझकर और इरादतन अवहेलना” की है। अदालत ने माना कि न केवल समय पर स्पष्ट जवाब दाखिल नहीं किया गया बल्कि न्यायालय में अनुपस्थित रहकर सुनवाई प्रक्रिया को भी प्रभावित किया गया। इसी आधार पर सचिव के खिलाफ अवमानना कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि मामले को अत्यावश्यक श्रेणी में सूचीबद्ध किया जाए ।

नशा तस्करी पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, ड्रोन नेटवर्क की निगरानी पर NCB को निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी और हथियारों की सप्लाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को आदेश जारी किए हैं। आदेशों में साफ कहा है कि वे हर तीन महीने में ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों, बरामदगी, नशे के निस्तारण और नशा मुक्ति अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की लापरवाही, कमी या गंभीर स्थिति सामने आती है तो मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश उस जनहित याचिका का निपटारा करते हुए पारित किया, जिसे अदालत ने स्वयं संज्ञान लेते हुए शुरू किया था। हाई कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान अदालत ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया था। खबर में सीमा सुरक्षा बल द्वारा पंजाब में बढ़ती ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशीले पदार्थों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। समाचार रिपोर्ट में बताया गया था कि बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को 75 ऐसे व्यक्तियों की सूची सौंपी थी, जो कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए थे। इसके साथ ही यह भी सामने आया था कि वर्ष 2023 के दौरान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भारत भेजे जा रहे लगभग 755 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इतना ही नहीं, तस्करी के इस नेटवर्क के साथ हथियारों की सप्लाई भी जुड़ी हुई मिली और कई राइफल तथा पिस्तौल भी जब्त की गईं। सरकारों व एनसीबी ने दी थी स्टेटस रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई। इन रिपोर्टों में बताया गया कि राज्य सरकारों और एजेंसियों द्वारा नशे की रोकथाम, ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। अदालत ने इन रिपोर्टों का अवलोकन करने के बाद कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी लगातार निगरानी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। हर तीन महीने में देंगे विस्तृत रिपोर्ट खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक नियमित रूप से यह जानकारी देंगे कि कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए, उनका निस्तारण कैसे किया गया और नशा मुक्ति के लिए क्या कदम उठाए गए। अदालत ने यह जिम्मेदारी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से तय की है ताकि भविष्य में इन रिपोर्टों की न्यायिक समीक्षा की जा सके।

कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई पर खुशवंत साहेब का तंज, ‘जनसेवा नहीं, जेब सेवा चाहिए’

रायपुर. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर टीएस सिंहदेव और दीपक बैज में ठन गई है. इस पर दोनों के बीच चल रही बयानबाजी पर खुशवंत साहेब ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में कई गुट हैं. टीएस सिंहदेव गुट, दीपक बैज गुट, भूपेश गुट ना जाने और इनके कितने गुट सामने आएंगे कांग्रेस में. लगातार गुटबाजी चल रही है. जब चुनाव होता है, तब कांग्रेस में कुर्सी तोड़ कार्यक्रम चलता है. ये सिर्फ भ्रष्टाचार जानते हैं. खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा परिवारवाद की पार्टी रही है. ये अपने परिवार को ही नहीं संभाल पा रहे और देश संभालने की बात करते हैं. भारत जोड़ने की बात करते हैं, पहले अपनी पार्टी को तो जोड़ लें. आपस में युद्ध कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि इनके पास कोई विचारधारा, कोई सोच नहीं है. जेब भरने और भ्रष्टाचार करने के लिए सरकार में आना चाहते हैं. सीएम के दिल्ली दौरे पर मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिल्ली विकास और उन्नति के लिए जाते हैं. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करते हैं. छत्तीसगढ़ के लिए सौगात लेकर आते हैं. कांग्रेस पहले खुद को संभाल ले. केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर बीजेपी के घर-घर संपर्क अभियान चलाए जाने पर मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि हमारा तो सुशासन तिहार चारों तरफ चल रहा है. जन चौपाल लगाकर सीधे जनता से बात कर रहे हैं. जनता खुश है. वहीं कांग्रेस के पिटाई वाले बयान पर उन्होंने कहा कि जनता उन्हें पहले ही पिट चुकी है. 2023 और 2024 के चुनाव में भी पिट चुके हैं. आने वाले 2028 के चुनाव में भी जनता इन्हें कूटेगी-पिटेगी. इनके कार्यकर्ता और नेता ही एक-दूसरे को पिट रहे हैं. पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि पर खुशवंत साहेब ने कहा कि दूसरे देशों से तुलना करें, वहां कीमतें कैसे बढ़ रही हैं, और भारत में कीमत कितनी बढ़ रही हैं. पीएम मोदी चाहते हैं कि जनता को ज्यादा दिक्कत न हो, इसलिए ज्यादा दाम नहीं बढ़ रहे. कांग्रेस को समझना चाहिए कि युद्ध की स्थिति के कारण समस्याएं आ रही हैं. पढ़े-लिखे हैं, तो समझना चाहिए. भाजपा प्रशिक्षण शिविर को लेकर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है, अनेकों प्रकार के संगठनात्मक कार्य चलते रहते हैं. आज जिला प्रशिक्षण शिविर चल रहा है. प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण शिविर लग रहा. कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा, उन्हें जानकारी मिलेगी.