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छोटे-छोटे बदलावों से बनेगा बड़ा जनआंदोलन, मंत्री राजपूत ने दोहराया प्रधानमंत्री का संदेश

दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर प्रधानमंत्री जी के संदेश को जन आंदोलन बनाएं : मंत्री राजपूत मंत्रालय से पैदल पहुंचे शासकीय निवास स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सादगी का दिया संदेश भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक के उपरांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, अनुशासित जीवनशैली और सादगी का प्रेरणादायक संदेश दिया। मंत्री राजपूत मुख्यमंत्री सचिवालय से अपने शासकीय निवास सी-2, 74 बंगले तक पैदल पहुंचे। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को आंदोलन का रूप दें। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पैदल चलने और अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने का प्रयास करने की भी अपील की। मंत्री राजपूत ने कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली और लगातार बढ़ते तनाव के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। नियमित पैदल चलना न केवल शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और ऊर्जा भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग प्रतिदिन कुछ समय पैदल चलने की आदत विकसित करें तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में योग, व्यायाम और पैदल चलने जैसी गतिविधियों को शामिल करना चाहिए। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी हमारा योगदान बढ़ेगा। मंत्री राजपूत ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और समाज के जिम्मेदार लोगों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करना चाहिए। राजपूत ने कहा कि सादगीपूर्ण जीवनशैली भारतीय संस्कृति की पहचान रही है और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें व्यक्ति के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।  

SRH के विस्फोटक बैटर ने IPL में रचा इतिहास, ऋषभ पंत का ‘महारिकॉर्ड’ टूटा; हारकर भी टॉप पर RCB

 हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैच नंबर-67 में शुक्रवार (22 मई) को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से हुआ. हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए इस मैच में एसआरएच ने 55 रनों से जीत हासिल की. एसआरएच ने आरसीबी को जीत के लिए 256 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो चार विकेट पर 200 रन ही बना सकी।  इस जीत के बाद भी एसआरएच को एलिमिनेटर मुकाबला खेलना होगा. वहीं हार के बावजूद आरसीबी पहला क्वालिफायर 26 मई को गुजरात टाइटन्स (GT) से खेलेगी. आरसीबी अंकतालिका में पहले नंबर पर रही. आरसीबी को अंकतालिका में टॉप-2 पर बने रहने के लिए 166 रन बनाने थे, जो उसने आसानी से बनाए।  सनराइजर्स हैदाराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पहले ही प्लेऑफ में जगह बना चुकी थी. सनराइजर्स हैदाराबाद ने 14 मुकाबले खेलकर नौ में जीत हासिल की और उसके 18 अंक रहे. दूसरी ओर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी 14 मुकाबलों में से 9 में जीत दर्ज की. आरसीबी के भी 18 पॉइंट्स रहे।  रनचेज में वेंकटेश अय्यर ने विराट कोहली के साथ मिलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाई. वेंकटेश ने 4 छ्क्के और 4 चौके की मदद से 19 गेंदों पर 44 रन बनाए. ईशान मलिंगा ने वेंकटेश अय्यर कोआउट कर 62 रनों की ओपनिंग साझेदारी को ब्रेक किया. फिर साकिब हुसैन ने विराट कोहली का विकेट लिया, जिन्होंने दो चौके की मदद से 11 गेंदों पर 15 रनों का योगदान दिया।  देवदत्त पडिक्कल (21 रन) भी ज्याादा बड़ी इनिंग्स नहीं खेल पाए और ईशान मलिंगा का शिकार बने. यहां से रजत पाटीदार (56 रन) और क्रुणाल पंड्या (नाबाद 41 रन) ने चौथे विकेट के लिए 84 रन जोड़कर ये सुनिश्चित किया कि टीम क्वालिफायर-1 में भाग ले. टिम डेविड ने नाबाद 15 रन बनाए।  SRH के बैटर ने IPL में रच दिया नया इतिहास विस्फोटक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इतिहास रच दिया है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए हाईस्कोरिंग मुकाबले में क्लासेन ने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो टी20 क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया था।  हेनरिक क्लासेन अब दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने किसी टी20 सीरीज या टूर्नामेंट में नंबर-4 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 600 से ज्यादा रन बनाए हैं. इसी के साथ उन्होंने भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।  आरसीबी के खिलाफ मुकाबले से पहले हेनरिक क्लासेन को इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 45 रनों की जरूरत थी. उन्होंने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 51 रनों ठोक दिए और मौजूद आईपीएल सीजन में 600 रनों का आंकड़ा पार कर लिया।  इससे पहले नंबर-4 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए किसी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था. पंत ने आईपीएल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए 579 रन बनाए थे. अब क्लासेन ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास लिख दिया है।  क्लासेन ने ये रिकॉर्ड भी बनाया इतना ही नहीं, हेनरिक क्लासेन आईपीएल इतिहास के पहले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने किसी एक सीजन के लीग स्टेज के सभी 14 मैचों में दहाई का आंकड़ा पार किया हो. उनकी यह लगातार शानदार बल्लेबाजी सनराइजर्स हैदराबाद के लिए सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।  सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले हेनरिक क्लासेन को 23 करोड़ रुपये में रिटेन किया था और उन्होंने अपने प्रदर्शन से टीम के फैसले को पूरी तरह सही साबित किया है. आईपीएल 2026 में वह एसआरएच के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और अब तक 6 अर्धशतक जड़ चुके हैं।  आरसीबी के खिलाफ क्लासेन ने अपनी पारी में 2 चौके और 5 लंबे छक्के लगाए. उन्होंने ईशान किशन के साथ तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 113 रनों की विस्फोटक साझेदारी भी की, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया. हालांकि पारी के 17वें ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह क्रुणाल पंड्या की गेंद पर वेंकटेश अय्यर को कैच दे बैठे. लेकिन तब तक क्लासेन अपना काम कर चुके थे और एसआरएच को विशाल स्कोर की ओर पहुंचा दिया था।  हैदराबाद की पारी की हाइलाइट्स सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए चार विकेट पर 255 रन बनाए. सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत तूफानी रही. ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा ने मिलकर पहले विकेट के लिए 45 रनों की पार्टनरशिप की. रसिक सलाम डार ने ट्रेविस हेड (26 रन) को आउट कर इस साझेदारी का अंत किया. हेड के आउट होने के बाद भी अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ बैटिंग जारी रखते हुए सिर्फ 20 गेंदों पर फिफ्टी जमा दी. इस दौरान अभिषेक ने ईशान किशन ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े. स्पिनर सुयश शर्मा ने अभिषेक को पवेलियन भेजा. अभिषेक ने 22 गेंदों का सामना करते हुए 56 रन बनाए, जिसमें पांच छक्के और चार चौके शामिल रहे।  यहां से हेनरिक क्लासेन और ईशान किशन के बीच तीसरे विकेट के लिए 113 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने सनराइजर्स हैदराबाद को बड़े स्कोर तक पहुंचाया. ईशान ने आठ चौके और तीन छक्के की मदद से 46 बॉल पर 79 रनों का योगदान दिया. वहीं क्लासेन ने 24 बॉल पर 51 रनों की पारी खेली, जिसमें पांच छक्के और दो चौके शामिल रहे. नीतीश कुमार रेड्डी ने तीन छक्के और एक चौके की मदद से सिर्फ 12 गेंदों पर तूफानी 29* रन बनाए।  इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच अब तक 28 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने 15 मैचों में जीत हासिल की. वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 12 मैचों में सफलता मिली. जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा. मौजूदा सीजन में दोनों टीमों दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 28 मार्च 2026 को सीजन के ओपनिंग मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से परास्त किया था।  हैदराबाद vs बेंगलुरु h2h कुल आईपीएल मुकाबले: 28 हैदराबाद ने जीते: 16 बेंगलुरु ने जीते: 12 बेनतीजा: 1

कच्चे तेल में उछाल से आम आदमी पर मार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी; जानें ताजा भाव

नई दिल्ली  पेट्रोल और डीजल का रेट आज शनिवार, 23 मई 2026 को फिर से बढ़ गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 दिन के अंदर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम को बढ़ाया है। आज शनिवार को पेट्रोल की कीमतों में 0.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 0.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल का क्या रेट चल रहा है? पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी  ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम? तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी की है। लगातार तीसरी बार कीमतें बढ़ने से परिवहन खर्च और जरूरी सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा? पेट्रोल और डीजल महंगे होने का सबसे बड़ा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों का खर्च बढ़ेगा। वहीं, डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ सकता है। इसका असर सब्जियों, फल, दूध और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। माना जा रहा है कि अगर आने वाले दिनों में भी कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो महंगाई और बढ़ सकती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।    आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का रेट अभी आगे और बढ़ सकता है। यानी कीमतों में इजाफे के लिए तैयार रहिए। कुछ रिपोर्ट्स में तेल कंपनियों को 9 से 12 रुपये प्रति लीटर के नुकसान की बात कही गई है।

सौर ऊर्जा को जनआंदोलन बनाने पर जोर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए बड़े निर्देश

सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिकाधिक प्रोत्साहित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोलर उपकरणों की उपलब्धता बढ़ायें मंत्रालय में हुई ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा उत्पादन के पारम्परिक स्त्रोतों का उपयोग करते हुए राज्य में सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। किसानों के लिए सोलर पम्प और गांव से लेकर शहर तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोग को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्यों की बैठक में समीक्षा कर रहे थे। नवाचारों की प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों की प्रशंसा की। बैठक में बताया गया कि गत ढाई वर्ष में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग का नवाचार सफल हुआ है। इससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग को 35 प्रतिशत कम करने और 220 केव्ही के लगभग 10 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग के कार्य में सफलता मिली है। इसी तरह वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग का कार्य ड्रोन द्वारा किया जा रहा है। इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म का नवाचार भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में किया गया। लाइनमैन द्वारा चालू लाइन में ही वेयर हेन्ड तकनीक और हॉट लाइन स्टिक तकनीक का कार्य इससे संभव होता है। गत वर्ष चालू लाइन में 257 परिचालन किए गए। परिचालन कर्मियों और प्रशिक्षु इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए परिचालन सिम्युलेटर स्थापित किया जा रहा है। 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी ने विश्वसनीय संचालन का प्रमाण देते हुए विद्युत गृहों द्वारा लगातार विद्युत उत्पादन किया गया है। गत 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति इतिहास की सर्वाधिक पूर्ति है। ट्रांसमिशन कम्पनी का हानियां भी 2.60 प्रतिशत ही हैं। इसी तरह पारेषण उपलब्धता का प्रतिशत 99.52 है। समाधान योजना 2025-26 समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत विलंबित बिल के भुगतान पर सरचार्ज में छूट का लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया। कुल 1,970 करोड़ की देनदारियां निराकृत हुईं। उपभोक्ताओं को 473 करोड़ रूपए की सरचार्ज की राशि माफ की गई। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रगति पर है। तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड मीटरिंग के अंतर्गत 47 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हैं। इस कार्य में 139 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त की गई। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी प्रदेश में मार्च 2024 में कुल विद्युत क्षमता में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 25 था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 33 हो गया है। दो वर्ष पहले जहां 5 हजार 690 मेगावॉट ऊर्जा नवकरणीय स्त्रोतों से उत्पादित की जा रही थी, वहीं अब यह 8 हजार 608 मेगावॉट तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान 5 हजार 376 मेगावॉट सौर ऊर्जा का है। प्रदेश में पवन और अन्य नवकरणीय ऊर्जा से 3 हजार 232 मेगावॉट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग नीरज मंडलोई ने बताया कि विभाग द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णयों के पालन, राजस्व आय में वृद्धि, घोषणाओं को पूर्ण करने के कार्य को प्राथमिकता दी गई। विद्युत अधोसंरचना की वृद्धि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ परिणाम लाने के निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र शासन से बेहतर समन्वय के कारण जबलपुर आईलैंडिंग योजना के क्रियान्वयन के लिए 5.08 करोड़ रूपए के केन्द्रीय अनुदान की मंजूरी मिली है। राज्य भार प्रेषण केन्द्र की सायबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी 13.61 करोड़ रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ है। केन्द्र सरकार के पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड से प्राप्त अनुदान से प्रदेश में ओपीजीडब्ल्यू (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) की 10 हजार 752 किलोमीटर लाईन में सफलतापूर्वक स्थापना संभव हुई। इसके लिए केन्द्र सरकार 146 करोड़ रूपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ दिलवाया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि भी मिली है। कृषि फीडर विभक्तिकरण के 374 फीडर और एचटी लाईन में क्षमता वृद्धि के तहत लगभग 18 हजार कार्य पूर्ण किए गए हैं। ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रत्येक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।     मजरों टोलों के सभी घरों तक सभी कार्य पूर्ण करें।     विद्युत देयक वसूली और नगद संग्रहण में वृद्धि हुई है ,इसे कायम रखें।     ऊर्जा विभाग में 2500 करोड़ रुपए की हानि को कम किया है। ऐसे प्रयास जारी रखें।     जबलपुर में वन नेशन वन ग्रिड के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के कार्य के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।     विद्युत बचत उपाय पर निरंतर अमल हो।     प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया के घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। इन वर्गों के सभी लोगों को लाभ पहुंचाएं।     ऊर्जा की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी को अंजाम दें।     मध्यप्रदेश विद्युत जनरेशन कंपनी लाभ में है। इसके लिए कंपनी के पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं।     बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

कार खरीदने वालों को झटका, Maruti Suzuki ने बढ़ाए दाम

नई दिल्ली  भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India ने गुरुवार को अपनी कारों की कीमतों में जून 2026 से 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है. स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में, घरेलू कार बनाने वाली कंपनी ने कहा कि Maruti ने अपने पोर्टफोलियो में अपने सभी मॉडलों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है।  कंपनी ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि, "इनपुट कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए, कंपनी ने जून 2026 से अपने पोर्टफोलियो में मॉडल्स की कीमतें 30,000 रुपये तक बढ़ाने का फैसला किया है।  एक ऑफिशियल बयान में, कंपनी ने इस फैसले के लिए रॉ मटेरियल और ऑपरेशनल कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया, जिसका ऑटोमोटिव इंडस्ट्री पर असर पड़ रहा है।  कार बनाने वाली कंपनी ने आगे कहा कि, "पिछले कुछ महीनों से, कंपनी कॉस्ट कम करने के तरीकों से कॉस्ट पर पड़ने वाले असर को जितना हो सके कम करने की लगातार कोशिश कर रही है।  Maruti Suzuki India ने कहा कि उसने कॉस्ट का कुछ बोझ उठाने के लिए पिछले कुछ महीनों में कॉस्ट कम करने के कई कदम उठाए हैं, लेकिन कॉस्ट के खराब माहौल की वजह से कुछ हद तक असर पड़ना ज़रूरी हो गया है।  कंपनी ने आगे कहा कि उसने कस्टमर्स पर असर को जितना हो सके कम करने की कोशिश की है. अपनी फाइलिंग में उसने आगे कहा कि, "हालांकि, महंगाई का दबाव अब ऊंचे लेवल पर है और खर्च का खराब माहौल बना हुआ है, इसलिए कंपनी को बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा मार्केट पर डालना होगा, साथ ही यह भी पक्का करना होगा कि कस्टमर्स पर असर जितना हो सके कम से कम हो।  इसमें आगे कहा गया कि, "बदलाव की सही मात्रा हर मॉडल में अलग-अलग होगी." यह नई घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब भारत में कई ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियों ने कमोडिटी की ज़्यादा कीमतों, लॉजिस्टिक्स खर्च और सप्लाई चेन में महंगाई के दबाव को देखते हुए कीमतों में बढ़ोतरी की है।  इससे पहले, Mahindra & Mahindra ने 6 अप्रैल से अपने SUV और कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की थी. कंपनी ने कहा कि बढ़ती इनपुट और ऑपरेशनल लागत का हवाला देते हुए, कीमतों में 2.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी, जिसमें सभी मॉडलों में औसतन लगभग 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। 

एशिया के मैदान पर चमकेगी मध्यप्रदेश की बेटियों की प्रतिभा

भोपाल  मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, भोपाल की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों ने एक बार फिर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जापान में आयोजित होने वाले महिला अंडर-18 एशिया कप 2026 के लिए घोषित भारतीय टीम में अकादमी की 4 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। चयनित खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए देश एवं मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगी। प्रतियोगिता का आयोजन जापान के काकामिगाहारा में 29 मई से 06 जून 2026 तक किया जाएगा। अकादमी की चार बेटियों को मिला राष्ट्रीय मंच भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम में मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, भोपाल की गोलकीपर महक परिहार, मिडफील्डर स्नेहा दावड़े एवं नम्मी गीता, तथा फॉरवर्ड खिलाड़ी नौशीन नाज़ को शामिल किया गया है। इन खिलाड़ियों का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासित प्रशिक्षण और निरंतर मेहनत का परिणाम है। चार खिलाड़ियों का एक साथ भारतीय टीम में चयन मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था एवं महिला हॉकी विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। महिला अंडर-18 एशिया कप : पूल-ए में भारत की मजबूत चुनौती प्रतियोगिता में भारतीय टीम पूल-ए में शामिल है, जहां उसका मुकाबला कोरिया, मलेशिया एवं सिंगापुर जैसी मजबूत टीमों से होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 30 मई को मलेशिया के विरुद्ध करेगी। इसके बाद 31 मई को कोरिया तथा 2 जून को सिंगापुर के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। भोपाल में हुआ विशेष प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय मंच के लिए तैयार हुई टीम भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने प्रतियोगिता पूर्व अपना प्रशिक्षण शिविर भोपाल के राष्ट्रीय कैंप में पूर्ण किया, जहां खिलाड़ियों ने तकनीकी कौशल, सामरिक रणनीति, मैच फिटनेस एवं टीम समन्वय पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी तैयारी क्रम में भारतीय टीम ने भोपाल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध चार मैचों की श्रृंखला भी खेली, जिसमें टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आत्मविश्वासपूर्ण जीत दर्ज की। यह श्रृंखला खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण साबित हुई। जापान में होगा एशिया का बड़ा मुकाबला महिला अंडर-18 एशिया कप 2026 का आयोजन 29 मई से 6 जून 2026 तक काकामिगाहारा, जापान में किया जाएगा। भारतीय टीम को पूल-ए में कोरिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 30 मई को मलेशिया के विरुद्ध करेगी। इसके बाद 31 मई को कोरिया तथा 2 जून को सिंगापुर के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल 5 जून एवं फाइनल मुकाबला 6 जून को होगा। बेटियों का भारतीय टीम में चयन प्रदेश के लिए गौरव-  सारंग खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने भारतीय महिला अंडर-18 टीम एवं चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “मध्यप्रदेश की बेटियों का भारतीय टीम में चयन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। खिलाड़ियों ने अपने समर्पण, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह उपलब्धि अर्जित की है। हमें विश्वास है कि भारतीय टीम एशिया कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित करेगी। मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर अवसर एवं विश्वस्तरीय खेल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।” महिला हॉकी प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, भोपाल लगातार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार कर रही है। आधुनिक खेल अधोसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली, खेल विज्ञान आधारित फिटनेस प्रबंधन एवं अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से अकादमी देश की अग्रणी हॉकी प्रशिक्षण संस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रही है। एक साथ चार महिला खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश महिला हॉकी प्रतिभाओं के विकास में तेजी से अग्रणी भूमिका निभा रहा है।    

पश्चिम मध्य रेलवे का बड़ा फैसला, 14 स्टेशनों को मिला जंक्शन का दर्जा

बीना  पश्चिम मध्य रेलवे ने जबलपुर जोन के अंतर्गत जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडल के कुल 14 स्टेशनों को जंक्शन का दर्जा दिया है, इसमें मालखेड़ी स्टेशन भी शामिल है, जो कि अब जंक्शन के नाम से पहचाना जाएगा। जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद स्टेशन पर सुविधाओं में विस्तार की उम्मीद भी जाग गई है। बीना शहर से महज दो किलोमीटर दूर यह स्टेशन अभी जबलपुर मंडल में आता है, जहां पर सुविधाओं के विस्तार की मांग लगातार की जाती है, लेकिन यहां पर जो ट्रेनें खड़ी होती हैं, उनके अनुसार सुविधाओं में विस्तार की जरूरत है। दरअसल रेलवे अधोसंरचना विकास और नई रेल लाइनों, कॉर्ड लाइनों व बाईपास लाइनों के चालू होने के बाद यात्रियों व रेल परिचालन की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों के नामों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और भारतीय रेलवे सम्मेलन (आईआरसीए), नई दिल्ली के से चर्चा के बाद पश्चिम मध्य रेल के तीनों मंडलों (जबलपुर, भोपाल एवं कोटा) के कुल 14 रेलवे स्टेशनों के नामों में संशोधन कर उन्हें अब आधिकारिक तौर पर जंक्शन स्टेशन के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन सभी स्टेशनों के पुराने अल्फाबेटिकल (अक्षर) और न्यूमेरिकल (संख्यात्मक) कोड में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वह पहले की तरह ही रहेंगे। केवल नाम में जंक्शन शब्द जोड़ा गया है। अल्फाबेटिकल और न्यूमेरिकल कोड यथावत रहेंगे रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टेशनों के अल्फाबेटिकल और न्यूमेरिकल कोड में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल नाम के साथ 'जंक्शन' शब्द जोड़ा गया है।     पश्चिम मध्य रेलवे के 14 स्टेशनों के नाम में जुड़ा 'जंक्शन'     जबलपुर मंडल के सबसे ज्यादा 8 स्टेशन शामिल     भोपाल मंडल के 3 और कोटा मंडल के 3 स्टेशन अपग्रेड     रेलवे बोर्ड और IRCA की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना     स्टेशन कोड पहले जैसे ही रहेंगे, उनमें कोई बदलाव नहीं     नए रेल रूट और कॉर्ड लाइन शुरू होने के बाद लिया गया फैसला     यात्रियों को सही रूट चुनने और ट्रेनों के संचालन में मिलेगी सुविधा जबलपुर मंडल के ये स्टेशन बने जंक्शन कटनी साउथ → कटनी साउथ जंक्शन (KTES) कटनी मुड़वारा → कटनी मुड़वारा जंक्शन (KMZ) कैमा → कैमा जंक्शन (KMA) सगमा → सगमा जंक्शन (SAGM) बांसापहाड़ → बांसापहाड़ जंक्शन (BNSP) बीना मालखेड़ी → बीना मालखेड़ी जंक्शन (MAKR) कटंगी खुर्द → कटंगी खुर्द जंक्शन (KTKD) कछपुरा → कछपुरा जंक्शन (KEQ)   भोपाल मंडल के ये स्टेशन बने जंक्शन तलवड़िया → तलवड़िया जंक्शन (TLV) रूठियाई → रूठियाई जंक्शन (RTA) संत हिरदाराम नगर → संत हिरदाराम नगर जंक्शन (SHRN) नई रेल लाइनों और बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए 14 स्टेशनों को “जंक्शन” का दर्जा दिया गया है। इससे रेल संचालन और यात्रियों की सुविधा बेहतर होगी रेलवे अधिकारी, पश्चिम मध्य रेल विभाग कोटा मंडल के ये स्टेशन बने जंक्शन गंगापुर सिटी → गंगापुर सिटी जंक्शन (GGC) रामगंज मंडी → रामगंज मंडी जंक्शन (RMA) गुड़ला → गुड़ला जंक्शन (GQL) रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशनों को जंक्शन का दर्जा मिलने से ट्रेनों के सुचारू संचालन, नए रेल रूट के बेहतर प्रबंधन और यात्रियों को सही यात्रा मार्ग चुनने में काफी आसानी होगी। इसके साथ ही भविष्य में इन स्टेशनों पर सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी। मालखेड़ी से जाती हैं चार दिशाओं में ट्रेनें मालखेड़ी स्टेशन जो अब जंक्शन है, यहां से चार दिशाओं में ट्रेनें चलती हैं, यहां से सीधे कटनी, झांसी, आगरा, मथुरा दिल्ली, गुना, कोटा अजमेर व भोपाल, इटारसी, मुंबई की ओर ट्रेनें चलती हैं। स्टेशन पर सुविधाओं के अभाव में अभी सिर्फ 24 ट्रेनों का स्टॉपेज है, जबकि यहां पर करीब 36 से अधिक ट्रेनें निकलती हैं, जिनमें से कई ट्रेनों का स्टॉपेज यहां पर नहीं है। अब लोगों को उम्मीद है कि सभी ट्रेनें यहां पर रुकेंगी और रिजर्वेशन टिकट काउंटर, पर्याप्त स्टॉल सहित अन्य सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा। सुविधाएं बढ़ने से यात्रियों को परेशनियों से निजात मिलेगी। अभी सड़क, प्रकाश मूलभूत सुविधाओं की कमी है।

चेन्नई सुपर किंग्स करेगी बड़ा फेरबदल, 14 करोड़ वाला खिलाड़ी भी बाहर होने की कगार पर

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स लगातार तीसरा मैच हारकर IPL 2026 में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है. लगातार तीसरी बार है जब 5 बार की चैंपियन CSK प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर पाई. अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही चेन्नई अगले साल कई परिवर्तन करना चाहेंगी. ऐसे में कई प्लेयर्स हैं, जिनको लेकर माना जा रहा है कि चेन्नई उन्हें रिलीज कर देगी।  IPL 2027 से पहले मेगा ऑक्शन होगा, जिसमें सभी फ्रेंचाइजियों के लिए रिटेन करने वाले खिलाड़ियों की संख्या निश्चित होती है. ऐसे में चेन्नई कई प्लेयर्स को रिलीज कर सकती है, जो उनकी योजना में फिट नहीं बैठे या बैठेंगे. वहीं कई को इसलिए अलग किया जा सकता है क्योंकि उनसे पहले टीम दूसरे खिलाड़ियों को प्रायोरिटी देगी।  सरफराज खान सरफराज खान को चेन्नई सुपर किंग्स ने 75 लाख रुपये में खरीदा था. इस सीजन उन्हें 8 मैच खेलने को मिले, जिसमें खेली 7 पारियों में उन्होंने कुल 161 रन बनाए. मेगा ऑक्शन से पहले चेन्नई शायद ही सरफराज को रिटेन करे, हालांकि उनका प्राइस कम ही है लेकिन फिर भी टीम शायद उन्हें रिलीज कर दे।  खलील अहमद खलील अहमद प्रभाव नहीं छोड़ पाए, शुरूआती मैचों में वह बेअसर रहे और फिर चोट के कारण नहीं खेल पाए. उन्होंने 5 मैचों में सिर्फ 2 ही विकेट लिए. चेन्नई की गेंदबाजी इस बार अच्छी नहीं रही. मेगा ऑक्शन से पहले चेन्नई शायद ही खलील को भी रिटेन करे, टीम उन्हें रिलीज कर सकती है।  प्रशांत वीर प्रशांत को चेन्नई सुपर किंग्स ने रिकॉर्ड बोली (14 करोड़ 20 लाख रुपये) लगाकर खरीदा था, लेकिन वह कोई छाप नहीं छोड़ पाए. उन्होंने 6 मैच खेले और सिर्फ एक ही मैच में उन्हें गेंदबाजी दी गई, जिसमें डाले 2 ओवरों में उन्होंने 25 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया. ऐसा नजर आया कि प्रशांत उनकी योजना में फिट नहीं बैठ पा रहे. मेगा ऑक्शन से पहले फ्रेंचाइजी निश्चित संख्या तक ही प्लेयर्स को रिटेन कर सकती हैं, ऐसे में शायद चेन्नई प्रशांत वीर को रिलीज कर दे और अपने पर्स को बढ़ाना चाहे।  मुकेश चौधरी 29 वर्षीय तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी 2022 से चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ही खेल रहे हैं, इस साल उन्होंने 8 मैचों में 8 ही विकेट लिए. उनका इकॉनमी 8.89 का रहा, लेकिन शायद चेन्नई अब नए खिलाड़ियों को तलाशे. हालांकि मुकेश में शानदार प्रतिभा है, वह इस टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं लेकिन शायद वह उन खिलाड़ियों में न आएं जिन्हे चेन्नई मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन करना चाहे।  स्पेंसर जॉनसन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन को भी चेन्नई सुपर किंग्स रिटेन नहीं करना चाहेगी. जॉनसन ने इस साल खेले 3 मैचों में 2 विकेट लिए. जॉनसन को चेन्नई ने रिप्लेसमेंट के तौर पर सीजन के बीच में शामिल किया था, उनका प्राइस 1.5 करोड़ रुपये है. चेन्नई उन्हें अगले संस्करण के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले रिलीज कर सकती है। 

निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण, 34 कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्रदेश में संचालित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा के लिए 20 मई को मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा भोपाल, मण्डला, अशोकनगर, खंडवा, रीवा, नीमच एवं निवाड़ी जिलों में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कुल 34 कार्यों का रेंडम आधार पर चयन कर परीक्षण किया गया। निरीक्षित कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण, 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा एक कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम से संबंधित था। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल)  के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन)  एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बीडीसी)  अजय वास्तव, तकनीकी सलाहकार एमपीआरडीसी  आर.के. मेहरा सहित विभाग के समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। समीक्षा में निवाड़ी जिले में सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय से रियारा धाम तेहरका तक 1.50 किलोमीटर लंबाई की निर्माणाधीन सड़क के संबंध में संबंधित मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग सागर परिक्षेत्र को पुनः निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त 19 अन्य कार्यों में आंशिक सुधार कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निरीक्षण प्रतिवेदनों में की गई अनुशंसाओं का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पूर्व में किए गए निरीक्षणों की लंबित कार्यवाहियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व पूर्ण किया जाए। समीक्षा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों के संतोषजनक और समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं को निराकरण की जानकारी देकर संतुष्टि प्राप्त करने तथा विभागीय रैंकिंग में सुधार के लिये निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्षा ऋतु से पूर्व सड़क, पुल एवं भवनों के संधारण कार्य पूर्ण करने, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट स्थलों के सुधार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने तथा लोक कल्याण सरोवर योजना के कार्य 30 जून 2026 तक पूर्ण कर विभागीय पोर्टल पर जियो-टैग्ड वाली फोटो अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त भास्कराचार्य संस्थान द्वारा विकसित किए जा रहे लोक कल्याण सूचकांक मॉड्यूल में समय पर प्रविष्टियां दर्ज करने, सड़क किनारे पौधारोपण करने तथा विभागीय नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।  

Rupee Fall पर बोले अरविंद पनगढ़िया- रुपये को गिरने देने से घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्‍ली पिछले कुछ समय से रुपये में तेज गिरावट आई है, जिसे लेकर कुछ एक्‍सपर्ट्स का दावा है कि रुपया 100 लेवल के पार जा सकता है. यह भी खबर आई है कि आरबीआई रुपये को 100 लेवल पर जाने से बचाने के लिए कई प्रयास कर रहा है।  इस बीच, वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने RBI से आग्रह किया है कि 100 लेवल पर जाने से बचाने की कोशिश ना करें. इसे अपनी नीतिगत प्रतिक्रिया निर्धारित न करने दें. 100 सिर्फ एक नंबर है जैसे 99 और 101. उनका तर्क है कि मौजूदा तेल संकट के जवाब में करेंसी का कमजोर होना ही उचित उपाय है।  इकोनॉमिस्‍ट ने कहा कि तेल की कमी चाहे अस्थायी साबित हो या लंबे समय तक चलने वाली, रुपये में गिरावट होने देना ही सबसे व्यावहारिक उपाय होगा. उन्होंने कहा कि अगर तेल की कमी शॉर्टटर्म (3 महीने से एक वर्ष तक) रहती है, तो रुपया अभी गिरावट पर रहेगा, लेकिन तेल आयात बिल कम होने और विदेशी पूंजी द्वारा 'सस्ते' रुपये का लाभ उठाने के लिए भारतीय निवेश की तलाश करने के बाद इसमें काफी सुधार होगा।  रुपये को बचाने की कोशिश बेकार  उन्होंने तर्क दिया कि अगर रुकावट लंबे समय तक चलता है, तो भंडार में कमी या महंगे डॉलर-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से रुपये को बचाने के प्रयास विफल हो जाएंगे. पनगढ़िया ने कहा कि तेल की कमी लंबे समय तक चलने वाली है. ऐसे में गिरावट के अलावा किसी भी अन्य उपाय का सहारा लेना व्यर्थ होगा. रुपये को बचाने के प्रयास से भंडार तब तक कम होता रहेगा जब तक कि वह पूरी तरह समाप्त न हो जाए।  100 रुपये प्रति डॉलर के ऊपर जाना ही होगा इकोनॉमिस्‍ट ने कहा कि डॉलर बांडों को जारी करना और हाई इंटरेस्‍ट वाले NRI डिपॉजिट को भी अस्‍थायी समाधान बताकर खारिज कर दिया. उन्‍होंने कहा कि 100 रुपये प्रति डॉलर का लेवल पार करना ही होगा. पनगढ़िया ने 2013 के मुद्रा संकट से इसकी तुलना की, जब भारत को हाई महंगाई और व्यापक आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ा था।  उन्होंने कहा कि यह 2013 नहीं है. साल 2013 में महंगाई दो अंकों में थी. अब ऐसा नहीं है. इसलिए, अर्थव्यवस्था अवमूल्यन के साथ आने वाले कुछ महंगाई दबाव को अवशोषित करने के लिए अच्छी स्थिति में है. उन्होंने डॉलर बांडों और उच्च ब्याज वाले एनआरआई जमाओं को 'महंगे साधन' बताया है, जो बड़े पैमाने पर लाभ को धनी प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाते हैं।  अभी कहां है रुपया?  गौरतलब है कि ये बयान रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.95 पर पहुंचने और बुधवार को रिकॉर्ड निचले स्तर 96.86 पर बंद होने के एक दिन बाद आई है. भू-राजनीतिक तनाव में कमी और केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप के संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद गुरुवार को मुद्रा में 49 पैसे की उछाल आई और यह 96.37 पर बंद हुई।