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सेना में भर्ती का इंतजार खत्म, परीक्षा तिथि जारी; पांच शहरों में होगी परीक्षा

मोहला/रायपुर. भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। भर्ती वर्ष 2027 के लिए आयोजित होने वाली ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह परीक्षा 1 जून से 12 जून 2026 के बीच दो चरणों में आयोजित होगी। छत्तीसगढ़ में इसके लिए 5 शहरों में 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। भारतीय सेना की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 जून से 5 जून तक और दूसरा चरण 8 जून से 12 जून तक चलेगा। परीक्षा प्रतिदिन 3 से 4 शिफ्टों में आयोजित होगी, ताकि सभी अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। छत्तीसगढ़ के 5 शहरों में बनाए गए 10 परीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य के पांच प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर शामिल हैं। इन शहरों में कुल 10 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू पंजीकृत अभ्यर्थी 'भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (https://joinindianarmy.nic.in/)' पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे प्रवेश पत्र पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी: भारतीय सेना भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। किसी भी प्रकार की सिफारिश या बिचौलियों की मदद से नौकरी दिलाने का दावा करने वालों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। सहायता के लिए सेना भर्ती कार्यालय से करें संपर्क यदि किसी अभ्यर्थी को परीक्षा, एडमिट कार्ड या भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कोई समस्या होती है, तो वे नया रायपुर स्थित सेना भर्ती कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह कार्यालय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास स्थित है। सहायता के लिए कार्यदिवस में दूरभाष नंबर 0771-2965212 और 0771-2965214 उपलब्ध हैं। युवाओं में उत्साह, तैयारियां तेज परीक्षा तिथियों की घोषणा के बाद राज्यभर के युवाओं में उत्साह का माहौल है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।

तपती दिल्ली पर मेहरबान हुआ मौसम! तेज बारिश और ठंडी हवाओं से गिरा तापमान

  नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है. तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में बारिश हो रही है. नई दिल्ली में भी जोरदार बारिश देखने को मिली है. मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है और भयानक गर्मी से राहत महसूस की जा रही है।  मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-NCR में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद संवहन विकसित हुआ है. इसके चलते संतुलन बनने तक कुछ समय के लिए गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।  येलो अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. आंधी-तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बता दें, दिल्ली के कई इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट जारी है. जबकि नई दिल्ली में भी जोरदार बारिश शुरू हो गई है।  मुंबई में भी मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 घंटों के दौरान मुंबई, रायगढ़ और रत्नागिरी में हल्की बारिश की संभावना है।  रविवार को मौसम कैसा रहेगा? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 24 मई रविवार को दिल्ली में आसमान ज्यादातर साफ रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में लू चल सकती है. दिन के दौरान सतह पर लगातार तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।  दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. वहीं, अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना जताई गई है। 

प्रचंड धूप और लू से तप रहा उत्तर प्रदेश, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

लखनऊ यूपी में प्रचंड धूप, गर्म हवाओं ने शुक्रवार को भी 25 शहरों को झुलसाया। बांदा 46.4 और प्रयागराज 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए रेड, 18 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और लू चलने की चेतावनी जारी की है। क्या है वजह मध्य भारत में प्रति चक्रवात, शुष्क पछुआ से समूचा प्रदेश तप रहा है। कहां असर चार जिलों के लिए लू का रेड, 18 में ऑरेन्ज अलर्ट। तापमान अधिकतम 42.4 डिग्री, न्यूनतम सामान्य से 3.3 डिग्री 28.8 डिग्री यहां रेड अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रयागराज। आगे क्या: दो दिन बाद पछुआ और बढ़ाएगी तपिश मौसम विभाग के अनुसार हवा के ऊपरी क्षोभमंडल में पुरवा ने जोर पकड़ लिया है। इससे हवा में नमी बढ़ गई, जिसके कारण ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी आई है। मौसम मुख्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह राहत 48 घंटे की है, इसके बाद फिर गर्म पछुआ जोर पकड़ेगी और तपिश चढ़ेगी। आसमान से बरसती आग को कम नहीं कर सका एक डिग्री गिरा पारा भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को पश्चिम यूपी में दिन के तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी राहत नहीं दे सकी। दिनभर चिलचिलाती धूप और लू के बीच वेस्ट यूपी में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी रहा। अब तक दिन में जारी भीषण गर्मी का असर अब रात को भी होने लगा है। मेरठ में शुक्रवार को न्यूनतम मापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो इस सीजन का सर्वाधिक है। गुरुवार की रात मेरठ में सीजन की सबसे गर्म रही। आने वाले 24-48 घंटे में दिन-रात के तामपान में और बढ़ोतरी के आसार हैं। रात में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। मेरठ में अभी नियंत्रण में वेट 24 मई को राहत की आस निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार 24 मई के आसपास दिल्ली और वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी एवं हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इससे तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कम है। वेट बल्ब तापमान सामान्य भीषण गर्मी के बीच मेरठ में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यहां अभी वेट बल्ब तापमान सामान्य सीमा में है। वेट बल्ब तापमान हवा के तापमान और उसकी आर्द्रता यानी नमी का संयुक्त माप है जो बताता है कि पसीना आने पर शरीर स्वयं को कितना ठंडा रख सकता है। थर्मामीटर पर गीला कपड़ा लपेटकर मापा जाता है। जब गर्म हवा में नमी अधिक होती है तो पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता और शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। ऐसे में हमें सामान्य से कहीं अधिक भीषण गर्मी का अहसास होता है। वैज्ञानिक स्थिति में 35 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब तापमान मानव शरीर के लिए अधिकतम सीमा है। वेट बल्ब तापमान ऊपर चला जाता है तो पसीना वाष्पीकृत होना पूरी तरह बंद हो जाता है और मौत तक हो सकती है। शुक्रवार को मेरठ में वेट बल्ब तापमान 27.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो अभी सहनीय श्रेणी में है। 25-30 डिग्री का वेट बल्ब तापमान असहज की स्थिति पैदा करता है 30-31 डिग्री सेल्सियस उच्च जोखिम स्तर लाता है। 31-35 डिग्री सेल्सियस अत्यधिक जोखिम श्रेणी है।

शिक्षा मंत्री पहुंचे जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल, ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण का लिया फैसला

दुर्ग. गांधी चौक स्थित शहर के सबसे पुराने एवं ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल के संरक्षण और शैक्षणिक उन्नयन को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विगत दिनों शिक्षा विभाग एवं आरईएस के अधिकारियों के साथ विद्यालय परिसर का निरीक्षण किये। देश की आजादी से पूर्व स्थापित विद्यालय से दुर्ग शहर की कई पीढ़ियों की भावनात्मक स्मृतियाँ जुड़ी हैं। वर्षों से यह विद्यालय न केवल शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, बल्कि शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत, संरचनात्मक मजबूती तथा उसके मूल स्वरूप एवं ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के विषय में शिक्षक और इंजिनियरों से विस्तृत चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जेआरडी स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि दुर्ग शहर की विरासत और पहचान है। इस विद्यालय से हजारों विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यहां से पढ़कर निकले विद्यार्थी आज देश-प्रदेश के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खेल, साहित्य, पत्रकारिता, कला, पुलिस, सेना, राजनीति एवं प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में इस विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने दुर्ग का नाम गौरवान्वित किया है। स्वयं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी इसी विद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं, जिसके कारण इस संस्था से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। सुपर 30 क्लास की योजना जेआरडी स्कूल में सुपर-30 योजना प्रारंभ करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य दुर्ग एवं आसपास के विद्यार्थियों को बड़े शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

बुध गोचर 2026: मिथुन राशि में प्रवेश से बदलेगा इन 4 राशियों का भाग्य

 ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, चातुर्य और व्यापार का कारक माना जाता है. कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होने से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता बेहतरीन होती है और वह बिजनेस व करियर में बड़ी सफलता हासिल करता है. साल 2026 के मई महीने के अंत में बुध देव एक बेहद महत्वपूर्ण गोचर करने जा रहे हैं. 29 मई 2026 को बुध ग्रह वृषभ राशि से निकलकर अपनी स्वयं की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे. अपनी ही राशि में बुध का आना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद शक्तिशाली और शुभ माना जाता है. स्वराशि में होने के कारण बुध देव यहां पूर्ण रूप से सकारात्मक फल देने के लिए बाध्य होते हैं. इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान करियर, आर्थिक स्थिति और मान-सम्मान में जबरदस्त लाभ मिलने वाला है. आइए जानते हैं कि 29 मई से किन भाग्यशाली राशियों का समय बदलने जा रहा है. 1. मिथुन राशि (Gemini): व्यक्तित्व में निखार और नए अवसर बुध देव आपकी ही राशि के स्वामी हैं और यह गोचर आपकी राशि के प्रथम भाव (लग्न भाव) में होने जा रहा है. इस अवधि में आपकी सोचने और समझने की शक्ति बहुत तेज होगी. आप जो भी फैसले लेंगे, वे भविष्य में आपको बड़ा लाभ पहुंचाएंगे. आपकी वाणी में आकर्षण बढ़ेगा, जिससे आप कार्यस्थल पर या बिजनेस मीटिंग्स में लोगों को आसानी से प्रभावित कर सकेंगे. यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं या नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो 29 मई के बाद का समय अत्यंत अनुकूल है. 2. कन्या राशि (Virgo): करियर में बड़ी सफलता और पदोन्नति कन्या राशि के स्वामी भी बुध ग्रह ही हैं. बुध का यह गोचर आपकी राशि से दशम भाव (कर्म और करियर भाव) में होने जा रहा है. कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी. आपके सीनियर्स आपकी कार्यशैली से प्रभावित होंगे, जिससे इंक्रीमेंट या प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे. जो लोग लंबे समय से एक अच्छी नौकरी की तलाश में भटक रहे थे, उन्हें इस दौरान मनमुताबिक ऑफर मिल सकता है. इस अवधि में आपको पिता या पैतृक संपत्ति से कोई बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना रहेगी. 3. तुला राशि (Libra): भाग्य का भरपूर साथ और यात्राएं तुला राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर उनके नवम भाव में होने जा रहा है. पिछले काफी समय से आपके जो काम सरकारी बाधाओं या पैसों की कमी के कारण रुके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे. भाग्य का साथ मिलने से आपको अचानक धन लाभ हो सकता है. लॉटरी, शेयर मार्केट या किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के योग हैं. शिक्षा या नौकरी के सिलसिले में विदेश जाने की चाह रखने वाले जातकों को इस दौरान कोई शुभ समाचार मिल सकता है. 4. कुंभ राशि (Aquarius): शिक्षा में उन्नति और आकस्मिक धन कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध देव का गोचर उनके पंचम भाव (शिक्षा, बुद्धि और संतान भाव) में होने जा रहा है. यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह गोचर आपके लिए वरदान साबित हो सकता है. एकाग्रता बढ़ेगी और परिणाम आपके पक्ष में आएंगे. आपकी बुद्धि और रणनीतियों के बल पर आप कमाई के नए जरिए ढूंढने में सफल रहेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. संतान की ओर से कोई बड़ी और अच्छी खबर मिल सकती है, जिससे परिवार का माहौल खुशनुमा हो जाएगा. बुध देव की कृपा पाने के सरल उपाय 29 मई से शुरू हो रहे इस गोचर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जातकों को नियमित रूप से भगवान गणेश की आराधना करनी चाहिए. बुधवार के दिन गणपति जी को दूर्वा (घास) अर्पित करें और 'ऊं बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप करें. इसके अलावा, अपनी बहन या बुआ को कोई हरा उपहार देना भी आपके भाग्य को मजबूत करेगा.

महंगाई का नया झटका! पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जानें पंजाब और चंडीगढ़ में आज का ताजा भाव

चंडीगढ़  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। आज पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। 10 दिन में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। बढ़ती कीमतों से लोगों में हाहाकार मच गया है।बढ़ोतरी के बाद अब लुधियाना में पेट्रोल का दाम 103.03 रुपये हो गया है। वहीं अमृतसर में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है।  लोग बोले-कैसे चलेगा घर वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे लोगों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे। 10 दिन में कितना बढ़ा दाम? ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में बेहद तेज रफ्तार से हुई है:     ताजा बढ़ोतरी (23 मई): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     इससे पहले (मंगलवार): पेट्रोल +87 पैसे, डीजल +91 पैसे     15 मई को: तेल कंपनियों ने एक बार में पेट्रोल और डीजल दोनों पर करीब 3 रुपये प्रति लीटर का झटका दिया था आखिर दाम क्यों बढ़ रहे हैं? इस लगातार बढ़ोतरी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहा भू-राजनीतिक संकट है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की सप्लाई पर मंडरा रहे खतरे ने वैश्विक कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई हलचल का असर तुरंत देश के अंदर दिखने लगता है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रूड बास्केट (कच्चे तेल की कीमतों का औसत) की कीमत में भारी उछाल आया है, जिससे तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) का घाटा बढ़ता जा रहा था। अब इसी घाटे की भरपाई आम उपभोक्ताओं की जेब से करवाई जा रही है। सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, महंगी होंगी ये सब चीजें विशेषज्ञों और आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों में तेल भरवाने तक सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) सीधा महंगी हो जाती है। जब ट्रकों का किराया बढ़ेगा, तो मंडियों से लेकर दुकानों तक आने वाली हरी सब्जियां, फल, दूध, राशन (अनाज-दाल) और दूसरी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी अपने आप बढ़ जाएंगे। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में रसोई का बजट और भी बिगड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों की मानें तो अगर वैश्विक स्तर पर तनाव खत्म नहीं हुआ और कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे, तो तेल कंपनियां आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं। पंजाब में सूख सकते हैं पंप पंजाब के पेट्रोल पंपों पर तो पेट्रोल-डीजल खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। एक दिन पहले ही पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को इस संबध में पत्र लिखा है और मांग की है कि सप्लाई सही करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए। अगर सप्लाई न हुई तो आगे स्थिति बिगड़ सकती है।  एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अशोक कुमार थापर ने कहा कि तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की उचित सप्लाई नहीं दे रही हैं। इस वजह से उनका स्टॉक खत्म हो रहा है। वह कंपनियों से बात कर रहे हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। सूबे में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है और इस समय डीजल की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन सप्लाई न होने से स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने पेट्रोल पंपों को एक हजार लीटर पेट्रोल और 2 हजार डीजल का स्टॉक रखने के लिए बोला है लेकिन सप्लाई न होने के कारण उनके लिए इन आदेशों की पालना करना मुश्किल हो गया है।   पेट्रोल की कीमत (Petrol price today) दिल्ली – 99.51 रुपये नोए़़डा – 99.51 रुपये भोपाल – 96.85 रुपये चंडीगढ़- 98.95 रुपये गुवाहाटी – 103.01 रुपये जयपुर – 109.87 रुपये पटना – 110.37 रुपये लखनऊ – 99.28 रुपये पोर्टब्लेयर – 92.16 रुपये रांची – 102.60 रुपये कोलकाता – 110.64 रुपये चेन्नई – 105.31 रुपये डीजल की कीमत (Diesel price today) दिल्ली – 92.49 रुपये नोएडा – 92.84 रुपये भोपाल – 111.71 रुपये चंडीगढ़ – 86.49 रुपये गुवाहाटी – 94.39 रुपये जयपुर – 95.05 रुपये पटना – 96.53 रुपये लखनऊ – 92.64 रुपये पोर्टब्लेयर – 82.22 रुपये रांची – 97.66 रुपये कोलकाता – 97.02 रुपये चेन्नई – 96.98 रुपये 10 दिन में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल (petrol diesel price hike news) इस महीने सबसे पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले हफ्ते शुक्रवार को 3-3 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद एक बार फिर से तेल की कीमतों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 90 पैसे की बढ़ोतरी की थी। आज हुए इजाफे को अगर मिला लें तो 10 दिन में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये प्रति लीटह महंगा हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी (Crude oil price today) ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का रेट बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट (WTI) का रेट 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 97.46 डॉलर प्रति बैरल आज बिक रहा है। बता दें, युद्ध से पहले इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल था। क्रूड ऑयल के बढ़े हुए रेट की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हुई हैं। आगे अभी और बढ़ेगा पेट्रोल और डीजल का दाम? आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा या गिरावट इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर लगता है कि पेट्रोल और डीजल का … Read more

आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोगों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर, बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोग की जानकारी और लाभ जन-जन तक पहुंचायें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुजुर्ग रोगियों के लिए वयोमित्र कार्यक्रम एक आदर्श मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन से जुड़े स्थानों पर आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा व्यवस्था और वेलनेस केन्द्र स्थापित करने की पहल सराहनीय है। अन्य प्रदेशों में हुए ऐसे सफल प्रयोगों और नवाचारों का अध्ययन कर बेहतर कार्य करते हुए उन्होंने जन-जन तक इनकी जानकारी और इनका लाभ पहुंचाने के आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वृद्ध नागरिकों की डोर टू डोर आयुष देखभाल के लिए वयोमित्र कार्यक्रम उपयोगी है। इसी तरह कारूण्य के अंतर्गत असाध्य रोगों का कष्ट झेल रहे रोगियों के जीवन को गुणवत्तापूर्ण बनाने का कार्य भी प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुष विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के साथ किए गए एमओयू के अंतर्गत प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें विश्व धरोहर स्थल खजुराहो जिला छतरपुर के साथ ही ओंकारेश्वर जिला खण्डवा, चंदेरी जिला अशोकनगर, चित्रकूट जिला सतना, पचमढ़ी जिला नर्मदापुरम, ओरछा जिला निवाड़ी के अलावा उज्जैन, दतिया, मंदसौर, आलीराजपुर, सिंगरौली और आगर-मालवा शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी के साथ ही ऐसी चिकित्सा पद्धतियों का प्रोत्साहन आवश्यक है जो भारतीय परम्परा से जुड़ी हैं। प्रदेश के अनेक स्थानों पर प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य कार्यरत हैं। इनकी सेवाओं से बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित होते हैं। उज्जैन सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ लेकर शल्य चिकित्सा के बिना रोगियों को लाभान्वित करने के उदाहरण मिलते हैं। सामान्य प्रसव करवाने वाले अस्पताल भी प्रदेश में संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीवन आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ लेने वाले नागरिकों को भी प्रोत्साहन कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य नीति-2017 और विजन-2047 के अनुक्रम में प्रदेश के जिला स्तरीय चिकित्सालयों में विकल्प के रूप में आयुष चिकित्सा के लिए पृथक विंग स्थापित करने का कार्य चल रहा है। प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट की स्थापना भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यों की गति बढ़ाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के व्यापक संचालन के अंतर्गत सुप्रजा, आयुर्विद्या, वयोमित्र, मस्कुलर-स्केलेटल प्रिवेंटिव कार्यक्रम और कारूण्य का लाभ नागरिकों को दिलवाया जा रहा है। जनजातीय बहुल और सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जिलों में आयुर्वेद औषधियों का वितरण भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथी चिकित्सालयों में आयुष विंग की स्थापना की कार्यवाही चल रही है। पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज स्थापित करने और 12 जिलों में 50 बिस्तर क्षमता के आयुष अस्पताल प्रारंभ करने का कार्य चल रहा है। भारत सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत गत दो वर्ष में नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ और शुजालपुर जिला शाजापुर में नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय के निर्माण की मंजूरी मिली है। भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय के परिसर में 29 करोड़ की लागत से प्रशासनिक और अकादमिक भवन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 6 जिला आयुष कार्यालय बन कर तैयार हो गए हैं। इसी तरह 80 आयुष औषधालयों के भवन बनाए जाने थे, जिनमें से 53 का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। आयुष विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी 9 आयुष महाविद्यालयों को फर्स्ट रेफेरल यूनिट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। सभी 9 आयुष महाविद्यालयों में हॉस्टल बनाने, सीट क्षमता का 100 तक उन्नयन करने, यूनानी पाठ्यक्रम हिंदी में उपलब्ध करवाने, आयुष महाविद्यालयों में शोध कार्य बढ़ाने और बालाघाट में आयुष शोध केन्द्र का संचालन प्रारंभ करने का भी लक्ष्य है। श्रम विभाग से समन्वय कर प्रदेश के लगभग 13 लाख कर्मचारी राज्य बीमा में पंजीकृत श्रमिक परिवारों को आयुष चिकित्सा पद्धति की कैशलेस सुविधा दिलवाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य बीमा में आयुष को शामिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रदेश में 7 आयुष महाविद्यालयों में फार्मेसी विभाग स्थापित करने, आयुष विश्वविद्यालय की पहल और एक प्राकृतिक एवं योग महाविद्यालय स्थापित करने तथा ऐसे जिलों जहां आयुष चिकित्सा सुविधा नहीं है, वहां 20 आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारंभ करने के कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। बैठक में आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव आयुष शोभित जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मत्स्योद्योग में आएगी स्टार्टअप क्रांति, पारंपरिक मछली पालन से आगे बढ़ने पर जोर : राज्यमंत्री पंवार

पारंपरिक मछली पालन से आगे बढ़कर स्टार्टअप आधारित होगा मत्स्योद्योग : राज्यमंत्री पंवार मध्यप्रदेश बनेगा देश का ब्लू इकॉनमी हब: केज कल्चर के लिए डेढ़ से दो लाख प्रस्ताव निवेशकों के लिए नियुक्त होंगे कॉन्टैक्ट ऑफिसर, योजना, सब्सिडी और दस्तावेजीकरण में करेंगे मदद कोल्ड चेन, हैचरी और फिश फीड पर मिलेगी सब्सिडी: कृषि उत्पादन आयुक्त बर्णवाल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मत्स्योत्पादन को दोगुना करने के विजन को लेकर 'मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026' के सफल क्रियान्वयन की दिशा में शुक्रवार को राज्य स्तरीय 'हितधारक सम्मेलन' हुआ। इस सम्मेलन में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार की उपस्थिति में मत्स्य क्षेत्र के उद्यमियों और निवेशकों ने उत्साह दिखाया। राज्यमंत्री पंवार ने कहा कि प्रदेश में पहले वर्ष 10 हज़ार केज लगाने का लक्ष्य था, लेकिन निवेशकों की ओर से लगभग 2 लाख केज लगाने के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह दिखाता है कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में विभाग द्वारा सकारात्मक पहल की जा रही है। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने कहा कि आज का यह समागम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार पहली बार पारंपरिक मत्स्य पालन की सीमाओं से आगे बढ़कर एकीकृत मत्स्योद्योग (हितग्राही और उद्यमी मॉडल) पर काम कर रही है। इसे केवल एक समाज आधारित योजना के रूप में न देखकर, हर वर्ग को साथ लेकर चलने और रोजगार सृजन की 'स्टार्टअप आधारित ब्लू इकॉनमी' के रूप में देखा जाना चाहिए। केज कल्चर के लिए खत्म हो आवेदन की समय सीमा: पंवार राज्यमंत्री पंवार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केज कल्चर के प्रस्ताव प्राप्त करने की प्रक्रिया को किसी समय-सीमा में न बांधा जाए। इसे एक सतत प्रक्रिया बनाया जाए जिससे अधिक से अधिक युवा उद्यमी और हितग्राही इससे जुड़ सकें। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्य विकास के लिए 100 करोड़ रुपये तक खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कोल्ड चेन मेंटेन करने, हैचरी निर्माण और फिश फीड के लिए शासन द्वारा पूरी सहायता और सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बैंकिंग और इंश्योरेंस क्षेत्र के हितधारकों से मत्स्य उत्पादन के आधुनिकीकरण में सहयोग की अपील की। हर निवेशक के साथ जुड़ेंगे कॉन्टैक्ट ऑफिसर: सचिव सिंह मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के सचिव स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश जलाशयों का केंद्र है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए हर निवेशक के साथ सुविधानुसार एक 'कॉन्टैक्ट ऑफिसर' नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी निवेशक के सभी आवश्यक दस्तावेजीकरण, सब्सिडी और अन्य विभागीय कार्यों को पूर्ण कराने में मदद करेगा। साथ ही, विभाग द्वारा मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जुड़े एक्सपर्ट्स की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी। राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने केज कल्चर के प्रस्तावों के अनुरूप प्राथमिक रूप से चयनित केज कल्चर के हितधारकों को अभिस्वीकृति पत्र वितरित किये गए। मत्स्य महासंघ के प्रबंध संचालक अनुराग चौधरी ने सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में निवेशकों और उद्यमियों के साथ 'राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस' भी आयोजित की गई, जिसमें स्टेक होल्डर्स से प्राप्त प्रस्तावों और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, प्रदेश में 'केज कल्चर' को बढ़ावा देने के लिए इसमें इस्तेमाल होने वाले सीड, फीड और जाल आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विक्रेताओं के साथ भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के संचालक मनोज पथरोलिया, मत्स्य महासंघ के महाप्रबंधक रवि गजभिए समेत प्रदेश भर से आए मत्स्य उद्यमी, निवेशक, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। उप संचालक, मत्स्योद्योग गिरीश मेश्राम ने सभी अतिथियों, निवेशकों और हितधारकों के प्रति आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया।  

एलएसजी बनाम पंजाब: जीत के बावजूद PBKS को रहेगी राजस्थान के नतीजे की चिंता

 लखनऊ  आईपीएल के 68वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स की भिड़ंत पंजाब किंग्स से होगी। पंजाब के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है, क्योंकि उसकी नजरें प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने पर होंगी। वहीं, एलएसजी घरेलू मैदान पर जीत के साथ अपने अभियान का समापन करना चाहेगी। हालांकि, ऋषभ पंत की कप्तानी वाली टीम अपने खराब प्रदर्शन की वजह से पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है, लेकिन पिछले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स पर मिली जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। इकाना में खेले गए मैच में निकोलस पूरन और मिचेल मार्श ने शानदार बल्लेबाजी कर टीम की जीत सुनिश्चित की। सिर्फ जीत नहीं का काफी पंजाब ने 13 मैचों में छह मुकाबले जीते हैं और अंक तालिका में पांचवें नंबर पर है। ऐसे में एलएसजी के खिलाफ जीत से उसके 15 अंक हो जाएगा। हालांकि, अगले मैच में जीतने के बाद भी पंजाब को राजस्थान रॉयल्स की जीत-हार पर निर्भर रहना होगा, जो इतने ही मैचों में 14 अंक के साथ चौथे स्थान पर है। यदि राजस्थान अपना आखिरी मुकाबला जीतती है तो 16 अंकों के साथ उसे प्लेऑफ का टिकट मिल जाएगा। लखनऊ की चिंता अस्थिरता लखनऊ के लिए इस सीजन में सबसे बड़ी चिंता बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अस्थिरता रही है। मोहम्मद शमी और आवेश खान जैसे अनुभवी गेंदबाज लगातार असर नहीं छोड़ सके। हालांकि, युवा तेज गेंदबाज आकाश सिंह और प्रिंस यादव ने कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया है। बल्लेबाजी में मिचेल मार्श, निकोलस पूरन और एडेन मार्करम टीम की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। जोश इंग्लिस आखिरी मैचों में टीम से जुड़े, लेकिन उन्होंने बढ़िया बल्लेबाजी की है। ऋषभ पंत लगातार दूसरे सीजन में भी बल्ले से संघर्ष कर रहे है, जिसके कारण टीम ने 13 मैचों में नौ गंवाए और सिर्फ चार में जीत मिल सकी। हालांकि, इन सबको भुलाकर मेजबान टीम घर में आखिरी मुकाबला जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी। आसान नहीं होगी पंजाब की राह लगातार छह हार ने पंजाब किंग्स की इस प्लेऑफ की राह मुश्किल बना दी है। सीजन की शुरुआत में शानदार लय में दिख रही टीम अब दबाव में नजर आ रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब ने शुरुआती मुकाबलों में आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए खुद को खिताब के दावेदारों में शामिल कर लिया था, लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे चरण में टीम का प्रदर्शन पूरी तरह बिखर गया। पंजाब किंग्स ने अपने पहले दस मुकाबलों में छह जीत दर्ज कर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बना ली थी। उस समय टीम का नेट रन रेट भी बेहतर था और बल्लेबाजी इकाई संतुलित दिखाई दे रही थी, लेकिन इसके बाद टीम लगातार हार के भंवर में फंस गई। लगातार छह मैच गंवाने के बाद अब पंजाब के लिए नॉक आउट की राह केवल अपनी जीत पर नहीं, बल्कि दूसरी टीमों के परिणामों पर भी निर्भर हो गई है निरंतरता की कमी टीम की सबसे बड़ी समस्या प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही। शुरुआती मैचों में जहां शीर्ष क्रम ने जिम्मेदारी निभाई, वहीं पिछले मुकाबलों में बल्लेबाज बड़े मौकों पर विफल रहे। श्रेयस अय्यर, प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या जैसे बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। मध्यक्रम भी दबाव के समय टीम को संभालने में नाकाम रहा। कई मुकाबलों में पंजाब अच्छी स्थिति में होने के बावजूद मैच गंवाती नजर आई। गेंदबाजी विभाग में भी पंजाब को लगातार संघर्ष का सामना करना पड़ा। आखिरी ओवरों में रन रोकने में टीम असफल रही, जबकि स्पिन आक्रमण अपेक्षित असर नहीं छोड़ सका। ऐसे में इकाना स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला पंजाब किंग्स के पूरे सीजन का सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है। यदि टीम अपनी गलतियों से सीख लेकर संतुलित प्रदर्शन करती है तो वापसी की उम्मीद बनी रह सकती है, लेकिन एक और हार पंजाब के अभियान का अंत साबित हो सकती है। रिकॉर्ड पंजाब के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल सात मुकाबले खेले गए हैं। इन मैचों में लखनऊ ने चार बार जीत हासिल की है, जबकि पंजाब को तीन में जीत मिली है। ऐसे में रिकार्ड पंजाब के पक्ष में है।  

बालाघाट का बेटा पहुंचेगा NASA! सांदीपनि विद्यालय के छात्र का शैक्षणिक भ्रमण के लिए चयन

बालाघाट के सांदीपनि विद्यालय का छात्र जाएगा नासा, शैक्ष्रणिक भ्रमण के लिए हुआ चयन आईएसएससी 2026 में देशभर में हासिल किया प्रथम स्थान, अंतरिक्ष विज्ञान में सांदीपनि विद्यालय की गूंज पहुंची नासा तक बालाघाट प्रदेश के बालाघाट जिले स्थित सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र मयंक मात्रे ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। आईएसएससी 2026 में मयंक मात्रे ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता के आधार पर उनका चयन प्रतिष्ठित नासा एजुकेशन टूर के लिए हुआ है। मयंक की यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनकी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। “Grand Winner” घोषित मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसी क्रम में बालाघाट जिले के सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी के कक्षा 12वीं के छात्र मयंक मात्रे ने आईएसएससी (International Space Science Competition) में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर विद्यालय एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के साथ उन्हें “Grand Winner” घोषित किया गया तथा आगामी सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले नि:शुल्क नासा एजुकेशन टूर (USA) के लिये चयनित किया गया है। यह प्रतियोगिता Go4Guru द्वारा देशभर के स्कूल एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों को आईएसएससी 2026 प्रतियोगिता की जानकारी दिए जाने के बाद इच्छुक विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में मयंक ने 8 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया। 4 मई को घोषित परिणामों में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-5 प्राप्त कर देशभर के शीर्ष 17 विद्यार्थियों में स्थान बनाते हुए फाइनल राउंड के लिए चयनित हुए। इसके बाद 15 मई 2026 को जूम के माध्यम से आयोजित लाइव फाइनल राउंड में नासा से संबद्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रतिनिधियों एवं Go4Guru टीम की उपस्थिति में प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में त्वरित उत्तर आधारित विभिन्न क्विज राउंड हुए, जिनमें प्रतिभागियों को कुछ ही सेकंड में उत्तर प्रस्तुत करना था। देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के मध्य प्रतिस्पर्धा करते हुए मयंक ने सर्वाधिक 155 अंक प्राप्त किए और आईएसएससी 2026 के विजेता घोषित हुए। इस उपलब्धि के अंतर्गत मयंक का चयन आगामी नासा शैक्षणिक भ्रमण (NASA Educational Tour) के लिए किया गया है। इस दौरान उन्हें केनेडी स्पेस सेंटर, ऑरलैंडो का भ्रमण, अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय परिसर का अवलोकन, थीम पार्क अनुभव तथा डिज़्नी स्प्रिंग्स जैसी शैक्षणिक एवं प्रेरणादायक गतिविधियों में सहभागिता का अवसर प्राप्त होगा। मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी निरंतर मेहनत, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि वे नियमित अध्ययन के साथ ISRO, NASA एवं Space Science से संबंधित विषयों का लगातार अध्ययन करते रहे। गौरतलब है कि विद्यालय के उप प्राचार्य हुमराज पटले के नेतृत्व में विद्यालय में विज्ञान, नवाचार एवं समग्र विकास आधारित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विद्यालय में नियमित अकादमिक संवाद, शिक्षक समीक्षा बैठकें, योजनाबद्ध शैक्षणिक गतिविधियाँ एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिये विभिन्न प्रक्रियाएँ संचालित की जाती हैं। साथ ही, पीपल संस्था द्वारा प्रदान किए जा रहे सतत शैक्षणिक सहयोग, प्रशिक्षण आधारित मार्गदर्शन, अकादमिक सुझावों एवं विभिन्न शिक्षण प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने विद्यालय में शिक्षण गुणवत्ता, अकादमिक संवाद एवं सीखने के वातावरण को और अधिक बेहतर एवं परिणामोन्मुख बनाया है। छात्र की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।