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सत्ता के सेमीफाइनल में पंजाब की सियासत गरमाई, निकाय चुनाव में सभी दलों की साख दांव पर

चंडीगढ़  सत्ता का सेमीफाइनल माने जाने वाले पंजाब के निकाय चुनाव में सभी दलों के दिग्गज खूब पसीना बहा रहे हैं क्योंकि उनकी साख दांव पर है।  भाजपा, कांग्रेस, शिअद और आप के सभी वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक व सांसद चुनावी रण में अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। चूंकि अब चुनाव को सिर्फ तीन दिन बचे हैं लिहाजा सभी दिग्गज अपने साथियों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं। पंजाब में 26 मई को 105 नगर निकायों के चुनाव होने हैं इनमें 8 नगर निगम और 97 नगर परिषद और नगर पंचायतें शामिल हैं। 29 मई को परिणाम आएगा जो करीब आठ महीने बाद सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एक आधार तय करेगा। चूंकि यह पूरा चुनाव शहरी वोटर पर आधारित है इसलिए राजनीतिक पार्टियां ज्यादा सतर्क हैं। वे जानती हैं कि ये चुनाव पंचायती चुनाव की तरह जातियों व समुदायों की सियासत के घेरे से बाहर रहेंगे। दलों ने उतारी दिग्गजों की फाैज राजनीतिक मामलों के जानकार परमजीत सिंह भी कहते हैं कि शहरी वोटर पढ़ा-लिखा व विकास का पक्षधर होता है। शहर की बुनियादी सुविधाएं उनकी बड़ी अपेक्षाओं में शामिल होती हैं और वे जाति-लिंग की सीमाओं को पार करते हुए मतदान करता है इसीलिए सभी दलों ने शहरी वोटरों को रिझाने के लिए अपने दिग्गजों की फौज उतारी है। भाजपा की रणनीतिक बैठकें, सुखबीर ने खुद संभाला मोर्चा भाजपा ने अपने प्रदेश स्तरीय सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विभिन्न जिलों के निकायों की जिम्मेदारियां सौंपी रखी हैं। इनके अलावा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू भी बतौर स्टार प्रचारक विभिन्न जिलों में रणनीतिक बैठकें कर प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं की मेहनत को जीत में बदलने की कोशिशों में लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। उनके साथ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा और बिक्रम सिंह मजीठिया को भी कई जिलों की जिम्मेदारियां सौंपी गई है। सुखबीर तो प्रत्याशियों के बुलावे पर जनसभाएं कर मतदाताओं को अकाली दल के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक परगट सिंह समेत अन्य विधायक और सांसद भी अपने प्रत्याशियों को जितवाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। आप के मंत्रियों, विधायक की परफॉर्मेंस होगी तय निकाय चुनाव आम आदमी पार्टी के मंत्रियों व विधायकों की परफाॅर्मेंस तय करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों और मंत्रियों को उनके हलकों में स्थित निकायों को जितवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी जीत या हार से पार्टी यह मालूम करना चाहती है कि उनके विधायकों व मंत्रियों की साढ़े चार साल में अपने-अपने क्षेत्रों के मतदाताओं पर कितनी पकड़ है। कुछ माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव और अब निकाय चुनाव के परिणामों को आधार बनाकर ही आप आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों का बंटवारा करेगी। खराब प्रदर्शन वाले वाले विधायकों का टिकट भी कट सकता है।  

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका को मारने की थी प्लानिंग? ईरानी गार्ड्स पर बड़ा आरोप

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है. ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) से ट्रेनिंग पाए एक खतरनाक आतंकवादी ने इवांका ट्रंप की जान लेने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था।'द पोस्ट' अखबार को मिली जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी छह साल पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए अपने गुरु और ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था।  सुरक्षा एजेंसियों ने इवांका ट्रंप की हत्या का प्लान बना रहे आतंकी को पकड़ लिया है. उसकी पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है. वो इराकी नागरिक बताया जा रहा है।  कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था आतंकी दरअसल 6 साल पहले बगदाद में डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने एक बड़े ऑपरेशन में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. अल-सादी इस हमले को अपने गुरु की मौत मानता था और तभी से ट्रंप परिवार को तबाह करने की फिराक में था।  आरोपी अल-सादी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार, खासकर उनकी बेटी इवांका ट्रंप को जान से मारने की कसम खाई थी. जांच के दौरान सुरक्षा बलों को अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट भी बरामद हुआ है. वो काफी समय से उनके घर की रेकी कर रहा था।  ‘हमें इवांका को मारना होगा’— मिला आलीशान घर का ब्लूप्रिंट जांच एजेंसियों को आरोपी अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट बरामद हुआ है, जिससे साफ है कि वह लंबे समय से रेकी कर रहा था। वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने बताया कि सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी अक्सर कहता था, “हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा और ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाकर खाक करना होगा, जैसे उसने हमारे कमांडर को तबाह किया।” फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आतंकी से पूछताछ कर रही हैं। सोशल मीडिया पर दी थी खुली धमकी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित 24 मिलियन डॉलर के घर की तस्वीरें और नक्शे इस आतंकी ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किए थे। आतंकी ने सोशल मीडिया (X और स्नैपचैट) पर अरबी भाषा में लिखा था, 'मैं अमेरिकियों से कहता हूं, इस तस्वीर को देखो और जान लो कि न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हारी रक्षा कर पाएगी। हम अभी निगरानी और विश्लेषण के चरण में हैं। हमारा बदला सिर्फ समय की बात है।' अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के अनुसार, वह अक्सर स्नैपचैट पर साइलेंसर लगी पिस्तौल की तस्वीरें भेजकर अपने टारगेट को डराता था। अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice – DoJ) के अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, अल-सादी कोई आम अपराधी नहीं बल्कि यूरोप और अमेरिका में हुए 18 आतंकी हमलों और नाकाम कोशिशों का मुख्य साजिशकर्ता है। उस पर मार्च में एम्स्टर्डम में 'बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन' पर फायरबम फेंकने, अप्रैल में लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला करने और मार्च में ही टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी कराने के गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा वह बेल्जियम के लीज में एक सिनागॉग (यहूदी प्रार्थना स्थल) पर बमबारी और रॉटरडैम में आगजनी की साजिश में भी शामिल रहा है। तुर्की में हुआ गिरफ्तार, सरकारी पासपोर्ट ने चौंकाया सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जब अल-सादी को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया, तो उसके पास से इराक का 'सर्विस पासपोर्ट' (Service Passport) मिला। अल-सादी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक दौरों के नाम पर एक ट्रैवल एजेंसी चलाता था, जिसकी आड़ में वह दुनिया भर में घूमकर आतंकी नेटवर्क और स्लीपर सेल्स तैयार करता था। फिलहाल, अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के निर्देश पर आरोपी अल-सादी को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखा गया है और आगे की पूछताछ जारी है। 'हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा' वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने इस आतंकी के इरादों के बारे में एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद, अल-सादी लोगों से कहता फिर रहा था कि हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा. वो कहता था कि हमें ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाकर खाक कर देना चाहिए, जिस तरह उसने हमारे घर (कमांडर सुलेमानी) को तबाह किया था। 

नौतपा में मिट्टी का घड़ा रखने से दूर हो सकती है आर्थिक तंगी, वास्तु में बताया गया उपाय

 इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होगा और 2 जून तक रहेगा. यह साल के सबसे गर्म दिन होते हैं. कहते हैं कि नौतपा में सूरज सबसे ज्यादा आग उगलता है और धरती तपने लगती है. इन गर्म दिनों में जल, मौसमी फल या ठंडी चीजों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, नौतपा में एक बड़ा ही सरल उपाय लोगों को आर्थिक तंगी से निजात दिला सकता है. यह उपाय जल की दिशा और मिट्टी के घड़े से जुड़ा है. वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) या उत्तर दिशा को जल की दिशा माना गया है. इस दिशा को भगवान कुबेर की दिशा भी माना जाता है. इसलिए नौतपा में इस दिशा में एक मिट्टी का घड़ा जल से भरकर रखने से घर की एनर्जी बैलेंस होती है. यह एक उपाय न सिर्फ तपती गर्मी में आपकी प्यास बुझाएगा, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी लाभ देगा. कहते हैं कि जिन घरों की उत्तर-पूर्व दिशा या उत्तर दिशा में मिट्टी के घड़े में पानी भरकर रखा जाता है, वहां धन की कभी कमी नहीं होती है. मिट्टी के घड़े की जगह ये चीजें भी कारगर यदि आप घर में मिट्टी का घड़ा नहीं रखना चाहते तो उसकी जगह मिट्टी से बनी कुछ दूसरी चीजें अच्छा विकल्प हो सकती हैं. आप मिट्टी की सुराही, मिट्टी का गमला, मिट्टी से निर्मित मूर्तियां, दीपक या गुल्लक आदि भी रख सकते हैं. ये सभी चीजें आपको बहुत लाभ देंगी. हालांकि आप पानी से जुड़ी कोई चीज रखेंगे तो इसका शुभ प्रभाव ज्यादा हो सकता है. यदि आप गमला, गुल्लक या भगवान की कोई प्रतिमा रख रहे हैं तो वहां हर रोज संध्याकाल में एक दीपक जरूर जलाएं. न करें ये 5 गलतियां वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पानी से भरा मटका सुख-संपन्नता और पवित्रता का प्रतीक होता है. इसलिए कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. पानी के इस घड़े को कभी पूरी तरह खाली न छोड़ें. इसमें थोड़ा बहुत पानी हमेशा रहना चाहिए. रात को सोने से पहले सुनिश्चित करें कि मटका पूरा भरा हो. यह मटका कहीं से टूटा या चटका हुआ नहीं होना चाहिए. ऐसा मटका रखना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है. घड़े के आस-पास अग्नि तत्व से जुड़ी चीजों को बिल्कुल न रखें. इसका नतीजा भी बुरा हो सकता है.

बिहार में शराबबंदी पर सख्ती, जहरीली शराब मामले में बड़ी कार्रवाई

चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में अप्रैल में जहरीली शराब से दस लोगों की मौत मामले में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया। सीएम सम्राट चौधरी का कहना है कि राज्य में नीतीश कुमार द्वारा लागू मद्य निषेध कानून लागू रहेगा। जो भी लोग, जनता या अधिकारी शराबबंदी कानून का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार करेगी। निलंबित होने वाले मद्यनिषेध पदाधिकारियों में मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, चलिष्णु दल के मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज, सिकरहना सह सदर के मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार के साथ मद्यनिषेध अवर निरीक्षक उदय कुमार, मुकेश कुमार, नागेश कुमार और धर्मेंद्र झा शामिल हैं। इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक (मद्यनिषेध) अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, रोशनी कुमारी, बसंत कुमार महतो, कबिन्द्र कुमार, रंजीत कुमार और शशि ऋषि शामिल हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय ग्रुप सेंटर मद्यनिषेध भागलपुर निर्धारित किया गया है। तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में दो एएसआई निलंबित पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र में पिछले माह जहरीली शराब से हुई 10 मौत के मामले में दो एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के बाद मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में घटनास्थल से जब्त अवैध स्प्रिट में मेथेनॉल की भारी मात्रा पाई गई, जो मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए विभाग ने मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रंजीत कुमार व रौशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मद्यनिषेध ग्रुप सेंटर, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है। बीते अप्रैल में रधुनाथपुर और तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परसौना, गदरिया व बालगंगा गांव में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक कुल 10 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जिनका इलाज अलग-अलग जगहों पर कराया गया। मद्य निषेध विभाग ने इस घटना के बाद मोतिहारी के मद्यनिषेध थाने में पदस्थापित एएसआई रौशनी कुमारी व रंजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही मद्यनिषेध उपायुक्त, दरभंगा को मामले की जांच सौंपी थी। दरभंगा उपायुक्त ने घटनास्थल की जांच करते हुए अवैध स्प्रिट के नमूने जब्त किये थे। जांच में मद्यनिषेध थाने की लापरवाही साबित जांच में पता चला कि पिछले कई माह से मोतिहारी मद्यनिषेध थाना शराब और स्प्रिट के धंधे की जांच ही नहीं कर रहा था। इस मामले में थाने को न कोई गुप्त सूचना मिल पायी और न ही उसने कोई एहतियाती या निरोधात्मक कदम उठाये। इतना ही नहीं घटनास्थल से जब्त स्प्रिट में मेथेनॉल की अधिक मिलावट पाई गई, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। इस मामले में दोनों एएसआई के स्प्ष्टीकरण को विभाग ने अमान्य करार दिया है। अंतत: मद्यनिषेध विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को दोनों एएसआई को निलंबित कर दिया।

बिना लाइसेंस स्मार्ट मीटर जांच? हाईटेक लैब पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ  स्मार्ट मीटर की जांच मामले में नियामक आयोग ने मध्यांचल एमडी को नोटिस जारी करके दस दिनों में जवाब मांगा है। यह नोटिस नियामक आयोग में दर्ज शिकायत पर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया था कि मध्यांचल की हाईटेक लैब के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है। आयोग ने इस पर मध्यांचल से स्पष्टीकरण मांगा है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर आ रहीं शिकायतों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। मीटरों की जांच मध्यांचल की हाईटेक लैब में हुई और मीटरों की गुणवत्ता पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को दे दी गई। इसके बाद सवाल उठे कि यह लैब तो स्मार्ट मीटर की जांच करने के लिए अधिकृत ही नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नियामक आयोग में शिकायत की कि लैब के पास एनएबीएल द्वारा इंडियन स्टैंडर्ड 16444 (स्मार्ट मीटर) की जांच का लाइसेंस नहीं है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि स्मार्ट मीटर की जांच कैसे की गई? उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सभी मीटरों में एक समान पैरामीटर तो लैब में जांचे जा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के संवेदनशील पैरामीटर की जांच नहीं हो सकती। स्मार्ट मीटर पर लगातार घेर रहा विपक्ष बता दें कि स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों पर उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी लगातार सरकार को घेर रहा है। खासतौर से समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को समाजवादी पार्टी पार्टी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मो.आजम खान की अगुवाई में अन्य फ्रंटल संगठनों के कई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। पोस्टपेड किए गए स्मार्ट मीटर वहीं सरकार के आदेश के बाद अब प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्ट पेड किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अलीगढ़ में बिजली विभाग ने सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में अपडेट कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और उसी आधार पर भुगतान करना होगा। जून के शुरुआती हफ्ते में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का पहला मासिक बिल जारी किया जाएगा जिसमें बिजली उपयोग का विवरण भी होगा। बिजली विभाग की ओर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।

AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

‘हर सफर का एक अंत होता है…’ विजय शंकर ने क्रिकेट से लिया संन्यास, फैंस हुए भावुक

 नई दिल्ली स्टार ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक लंबे और भावुक संदेश के जरिए उन्होंने अपने क्रिकेट सफर को याद किया. विजय शंकर ने अपने पोस्ट में लिखा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी रहा है. 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू करने वाले विजय ने 25 साल लंबे सफर के बाद अब नए अवसरों की ओर बढ़ने का फैसला किया है।  35 साल के विजय शंकर ने लिखा, 'देश के लिए खेलना मेरे जीवन के सबसे गर्व और खुशी भरे पलों में से एक रहेगा. मैंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) से संन्यास लेने का फैसला किया है, ताकि नए अवसरों की तलाश कर सकूं और आगे भी क्रिकेट से जुड़ा रहूं.' 2019 में भारत की वनडे वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे विजय शंकर ने अपने करियर के खास पलों को भी याद किया. उन्होंने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में गेंदबाजी करने और वर्ल्ड कप में पहली ही गेंद पर विकेट लेने को अपने जीवन की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल बताया।  अपने भावुक संदेश में विजय शंकर ने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड), भारतीय टीम, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TCA), त्रिपुरा टीम के साथ-साथ आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) फ्रेंचाइजीज गुजरात टाइटन्स (GT), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH), चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) का धन्यवाद किया. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्रिकेट करियर के दौरान उन्हें आलोचना, ट्रोलिंग और काफी नफरत का सामना करना पड़ा. हालांकि उन्होंने हर मुश्किल का सामना सकारात्मक सोच के साथ किया।  विजय शंकर का दर्द छलक पड़ा विजय शंकर ने लिखा, 'मैंने बहुत ज्यादा नफरत और निगेटिविटी देखी है, लेकिन मैंने उसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ने का रास्ता चुना. अगर मैं ऐसा कर सकता हूं तो कोई भी कर सकता है. क्रिकेट ने मुझे जिंदगी जीना सिखाया है. क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है.' उन्होंने अपने कोच, सपोर्ट स्टाफ, फिजियो, ट्रेनर, मीडिया, दोस्तों और परिवार का भी खास धन्यवाद किया।  विजय शंकर ने कहा कि उनके करीबी लोग हर मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे. अपने संदेश के आखिर में विजय शंकर ने लिखा, 'मैं हमेशा क्रिकेट का आभारी रहूंगा. क्रिकेट ने मुझे पहचान दी, जिंदगी दी और सबकुछ सिखाया।  35 साल के विजय शंकर ने भारतीय टीम के 12 ओडीआई और 9 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. वनडे इंटरनेशनल में विजय ने 223 रन बनाए और 4 विकेट झटके. वहीं टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम पर 43 रन और पांच विकेट दर्ज हैं. विजय ने आईपीएल में कुल 78 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 1233 रन बनाए और 9 विकेट चटकाए। 

पेट्रोल-डीजल कीमतों ने बढ़ाई टेंशन, पंजाब में तीसरी बार बढ़े दाम

लुधियाना. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। तेल कंपनियों की ओर से नौ दिनों के भीतर तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का असर अब सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर दिखाई देने लगा है। निजी वाहन चलाने वालों से लेकर ऑटो, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों तक सभी पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शुक्रवार को जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत 102.16 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 103.01 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल का रेट 91.93 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 92.83 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब तीन रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को 86 पैसे प्रति लीटर और अब 23 मई को फिर करीब 85 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। घरेलू बजट प्रभावित होने लगा लगातार बढ़ रही कीमतों से लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होने लगा है। रोजाना निजी वाहन से काम पर जाने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। वहीं ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है। कई चालकों का कहना है कि किराया बढ़ाए बिना खर्च निकालना मुश्किल होता जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इसका असर आने वाले दिनों में बाजार में बिकने वाली रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई दे सकता है। उद्योगों को कच्चा माल और तैयार सामान पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च आएगा, जिसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। ग्राहकों की बढ़ी चिंता कुबेर पेट्रो के राजू शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार हुई बढ़ोतरी से ग्राहकों में चिंता बढ़ी है। पेट्रोल पंपों पर आने वाले लोग लगातार दाम बढ़ने को लेकर सवाल कर रहे हैं और इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो महंगाई और बढ़ सकती है। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

घर के मुख्य द्वार की चरमराहट भी हो सकती है वास्तु दोष, जानें कारण और उपाय

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार (Main Door) को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है.  यह केवल हमारे घर में आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि सुख, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी का प्रवेश द्वार भी है.  लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके घर का मुख्य दरवाजा खुलते या बंद होते समय अजीब सी चरमराने या चर-चर की आवाज करता है? यदि हां, तो इसे केवल एक तकनीकी समस्या या कब्जों (hinges) का सूखापन समझकर नजरअंदाज न करें.  वास्तु विज्ञान के अनुसार, मुख्य दरवाजे से आने वाली यह कर्कश आवाज एक गंभीर वास्तु दोष है, जो आपकी तरक्की की राह में रोड़ा अटका सकती है.  आइए जानते हैं इसके पीछे का वास्तु कनेक्शन और इसे दूर करने के बेहद आसान उपाय. दरवाजे से आने वाली आवाज का वास्तु कनेक्शन वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार से आने वाली कोई भी कर्कश या तीखी आवाज घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) के प्रवेश का संकेत देती है.  इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं: राहु दोष की दस्तक: दरवाजे से आने वाली कर्कश आवाज कुंडली में राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को बढ़ाती है. इससे घर में अचानक कोई दुर्घटना होने की आशंका रहती है या कानूनी खर्चे बढ़ सकते हैं. धन की हानि (कंगाली का संकेत): माना जाता है कि जिस घर का मुख्य दरवाजा आवाज करता है, वहां पैसा आता तो है पर पानी की तरह बह जाता है.  बरकत रुक जाती है और यह दोष धीरे-धीरे घर में दरिद्रता लाने का कारण बनता है. मानसिक तनाव और गृह क्लेश: सुबह-शाम दरवाजे की यह आवाज सीधे हमारे अवचेतन मन पर बुरा असर डालती है.  इससे घर के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आता है, जिससे बिना बात के आपसी झगड़े और मानसिक तनाव का माहौल बना रहता है. तुरंत करें ये अचूक वास्तु उपाय अगर आपके घर के दरवाजे से भी ऐसी आवाज आती है, तो सबसे पहले उसमें तेल या मोबिल ऑयल डालकर उसकी आवाज को तुरंत ठीक करें.  इसके बाद नीचे दिए गए वास्तु उपाय अपनाएं: 1. हल्दी का छिड़काव और स्वस्तिक निर्माण आवाज ठीक करने के बाद दरवाजे की चौखट को साफ पानी से पोंछ लें. इसके बाद गंगाजल या साफ पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर चौखट पर छिड़कें.  हल्दी भगवान विष्णु और समृद्धि का प्रतीक है.  इसके साथ ही मुख्य द्वार पर कुमकुम या हल्दी से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं, इससे कोई भी नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती. 2. देहरी (चौखट) का महत्व और चांदी का तार घर की मुख्य देहरी को हर दिन साफ रखें.  वास्तु के अनुसार, अगर संभव हो तो मुख्य द्वार की देहरी (threshold) के नीचे चांदी का एक छोटा सा सीधा तार दबा दें. चांदी शीतलता और समृद्धि का प्रतीक है, जो घर की सकारात्मक ऊर्जा को बाहर जाने से रोकती है और राहु के दोष को शांत करती है. 3. संध्या दीपक (चौमुखी दीया) शाम के समय (सूर्यास्त के दौरान) मुख्य द्वार के दाहिनी (Right) ओर घी या तिल के तेल का दीपक जरूर जलाएं. यदि संभव हो तो चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक जलाएं. यह प्रकाश शुभ माना जाता है. इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान नेमप्लेट का सही चुनाव: मुख्य द्वार पर हमेशा साफ, सुंदर अक्षरों वाली नेमप्लेट लगाएं.  लकड़ी या तांबे (Copper) की नेमप्लेट सबसे शुभ मानी जाती है. यह परिवार के यश और कीर्ति को बढ़ाती है. दरवाजे के खुलने की दिशा: वास्तु के अनुसार, घर का मुख्य दरवाजा हमेशा अंदर की तरफ और घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) खुलना चाहिए. बाहर की तरफ खुलने वाला दरवाजा खुशियों को बाहर धकेलता है. जूते-चप्पलों का ढेर हटाएँ: जूते-चप्पलों का ढेर या टूटा-फूटा सामान कभी भी मुख्य द्वार के ठीक सामने या पीछे न रखें. यह सीधे तौर पर देवी लक्ष्मी के रास्ते में रुकावट लाता है और राहु-केतु के कुप्रभाव को बढ़ाता है. तोरण लगाएं: मुख्य द्वार पर ताजे आम या अशोक के पत्तों का तोरण (बंदनवार) लगाना बेहद शुभ होता है.  यह घर में आने वाली हर नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मकता में बदल देता है.

RCB vs SRH: मैदान से सोशल मीडिया तक पहुंची विराट कोहली और ट्रेविस हेड की भिड़ंत

हैदराबाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच शु्क्रवार (22 मई) को खेले गए धमाकेदार IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) मुकाबले के बाद अब मैदान की लड़ाई सोशल मीडिया तक पहुंच गई है. विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच हुई ऑनफील्ड तकरार अभी शांत भी नहीं हुई थी कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का एक इंस्टाग्राम पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह वायरल हो गया. मैच खत्म होने के कुछ देर बाद ट्रेविस हेड ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर तस्वीर शेयर की. यह तस्वीर गेंदबाजी के दौरान की है. तस्वीर के नीचे लिखा था, 'शरीर को असमंजस में रहने दो.' बस फिर क्या था… सोशल मीडिया पर फैन्स ने इस पोस्ट को सीधे विराट कोहली विवाद से जोड़ना शुरू कर दिया. कई यूजर्स का मानना है कि यह पोस्ट कहीं ना कहीं विराट कोहली के साथ हुई बहस का जवाब था. ट्रेविस हेड का रहस्यमयी पोस्ट हालांकि असल में यह एक फिटनेस और जिम से जुड़ा टर्म है, जिसका मतलब होता है शरीर को लगातार नई चुनौतियां देना, ताकि वह एक ही रूटीन का आदी ना बन जाए. लेकिन जिस तरह मैच में हेड ने गेंदबाजी की और विकेट भी लिया, उसके बाद यह पोस्ट चर्चा का बड़ा विषय बन गया. दिलचस्प बात यह रही कि ट्रेविस हेड आमतौर पर गेंदबाजी नहीं करते, लेकिन आरसीबी के खिलाफ उन्होंने गेंद हाथ में ली और आते ही असर भी दिखाया. हेड ने आरसीबी कप्तान रजत पाटीदार का विकेट झटका और फैन्स को चौंका दिया. मैच के दौरान विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच कई बार तीखी बातचीत देखने को मिली थी. जब आरसीबी रनचेज कर रही थी, तब कोहली बार-बार हेड की तरफ देखकर उन्हें गेंदबाजी करने के लिए उकसाते नजर आए. कमेंटेटर्स के मुताबिक कोहली मजाकिया लेकिन आक्रामक अंदाज में कह रहे थे, 'आओ, कुछ गेंदें डालो.' ट्रेविस हेड ने बाद में विराट को जवाब देते हुए कहा, 'तुम तो आउट हो गए, इससे पहले कि मैं गेंदबाजी करने आता. हालांकि असली बवाल मैच खत्म होने के बाद मचा. कोहली ने ट्रेविस हेड से हाथ तक नहीं मिलाया. कोहली ने एसआरएच के कप्तान पैट कमिंस समेत बाकी खिलाड़ियों से हाथ मिलाया, लेकिन हेड के साथ उनका कोई इंटरैक्शन नजर नहीं आया. इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी. कुछ फैन्स ने विराट कोहली के एग्रेशन को नापसंद किया, जबकि कुछ का मानना था कि मैच खत्म होने के बाद मामला वहीं खत्म हो जाना चाहिए था. पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'मैदान पर गर्म माहौल में ऐसी बातें हो सकती हैं, लेकिन मैच के बाद जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था.'