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लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन पुलों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज सेतु परिक्षेत्र के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेशभर में निर्माणाधीन पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में नागरिकों की सुविधा, बारहमासी संपर्क, तेज और सुव्यवस्थित यातायात के लिए पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके प्रस्ताव और कार्ययोजना तैयार करते समय यातायात के दबाव, दोनों ओर की सड़कों, तथा आसपास स्थित वर्तमान पुलों व फ्लाईओवर्स के साथ ही भविष्य की जरुरतों का भी ध्यान रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता भी एस.के. कोरी भी बैठक में मौजूद थे। सभी सेतु संभागों के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में स्वीकृत कार्यों के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर वन व्यपवर्तन, भू-अर्जन और इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग के लंबित मामलों से यथासमय शासन को अवगत कराने को कहा, जिससे इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद तकनीकी स्वीकृति, भू-अर्जन और निविदा की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से तेजी से पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए अर्जित भूमि का तत्काल नामांतरण भी कराने को कहा। विभागीय सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 जुलाई तक इन सभी कार्यो के प्राक्कलन भी भेजने को कहा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों की निविदा प्रक्रिया आगामी एक-दो महीने में पूर्ण कर बरसात के तुरंत बाद कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही 30 अप्रैल तक किए कार्यों का भुगतान तत्काल करने को कहा। श्री बंसल ने सेतु परिक्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंताओं और एसडीओ को अपने क्षेत्र में चल रहे सभी कार्यों और उनके कार्यस्थलों की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर ठेकेदारों से सख्ती से काम कराने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने काम में ढिलाई, लापरवाही और लेट-लतीफी करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्च-2026 तक पूर्ण हुए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।

एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज गति से होगी संपन्न

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में "एयर एम्बुलेंस एमपी" पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत किसी भी नागरिक को समय पर उपचार के अभाव में जीवन न गंवाना पड़े। नए पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुरोध की प्रक्रिया अब और अधिक सरल एवं तेज होगी। पोर्टल में एयर एम्बुलेंस फ्लीट की रियल टाइम ट्रैकिंग, सेवा अनुरोधों का सुगम डिजिटल प्रवाह, सेवा प्रदाताओं को तत्परता के लिये रियल टाइम नोटिफिकेशन तथा अनुमोदन प्राधिकारी को समयबद्ध स्वीकृति के लिए अलर्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश में यह सेवा अब तक 140 जीवनरक्षक मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। इनमें नवजात शिशुओं, हृदय रोग, ट्रॉमा, न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों एवं अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों का सफल एयर मेडिकल ट्रांसफर शामिल है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत आयुष्मान भारत कार्डधारकों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों से दूरी एवं आर्थिक स्थिति जीवनरक्षक उपचार में बाधा नहीं बने।   सेवा के संचालन के लिए भोपाल में 24×7 एयर मेडिकल ऑपरेशन व्यवस्था स्थापित की गई है। इसके अंतर्गत एक फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट "बीचक्राफ्ट किंग एयर सी -90" तथा एक मल्टी इंजन हेलीकॉप्टर "एडबल्यू -109" लगातार स्टैंडबाय पर उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, फ्लाईओला एविएशन के सीएमडी एस. राम ओला और फ्लाईओला एविएशन की डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. मोनिका तिवारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

नेतरहाट तराई के गांव में पानी के लिए हाहाकार, 300 लोगों की जिंदगी प्रभावित

लातेहार नेतरहाट की तराई में बसे सुदूरवर्ती नैना गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। 18 मई को गांव का एकमात्र सरकारी कुआं अचानक तेज आवाज के साथ धंस गया। इस घटना के बाद गांव में नल-जल योजना के तहत होने वाली पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। करीब 50 परिवारों और लगभग 300 की आबादी वाले इस गांव के लिए यही कुआं जीवनरेखा था। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था। कुआं धंसने के बाद गांव में पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति बन गई है और ग्रामीणों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है। नदी पर बढ़ी निर्भरता, महिलाएं-बच्चे परेशान कुएं के ध्वस्त होने के बाद अब नैना गांव के लोगों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए नदी और अन्य अस्थायी जलस्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के बीच कई ग्रामीणों को रोज लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है। गांव की महिलाएं शकुंतला देवी, विमला देवी और मनीता देवी ने बताया कि पहले पानी घर तक पहुंच जाता था, जिससे राहत रहती थी। अब सुबह-शाम पानी के लिए दूर नदी तक जाना मजबूरी बन गया है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में परेशानी और बढ़ गई है। पानी की कमी के कारण खाना बनाने, पशुओं को पानी पिलाने और अन्य दैनिक कार्यों में भी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से बुनियादी सुविधाओं की कमी रही है, लेकिन अब पानी जैसी जरूरी सुविधा भी बाधित हो गई है। विभाग ने जांच व जल्द समाधान का दिया भरोसा गांव के उमेश महतो समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक जलस्रोत की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि नैना गांव में यही एक भरोसेमंद सरकारी जलस्रोत था। इसके ध्वस्त होने के बाद पूरा गांव संकट में आ गया है। ग्रामीणों ने कुएं की मरम्मत कराने या नए कुएं अथवा बोरिंग की व्यवस्था जल्द कराने की मांग उठाई है। समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी जा रही है। फिलहाल नैना गांव के लोग भीषण गर्मी में राहत के लिए प्रशासनिक पहल का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं सूचना मिलने के बाद विभाग गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है। संबंधित कनीय अभियंता को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी व पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। दीपक कुमार महतो, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग लातेहार।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने रायपुर परिक्षेत्र के दोनों मंडलों के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के दोनों मंडलों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों से दोनों मंडलों में स्वीकृत, निर्माणाधीन और निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बरसात के पहले सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें गड्डामुक्त करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप और श्री टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 जुलाई तक इन सभी कार्यो के प्राक्कलन भी भेजने को कहा। उन्होंने शासकीय राशि के सदुपयोग और निर्माण कार्यों से ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लाभान्वित करने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की पूर्ण उपयोगिता (Functionality) व टिकाऊपन (Sustainability) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर निर्माण कार्य में निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। विभागीय सचिव ने अनुविभागीय अधिकारियों से लेकर प्रमुख अभियंता तक सभी अधिकारियों को प्रत्येक मंगलवार को दिनभर मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर परिक्षेत्र में भवन और सड़क निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं में पुल-पुलियों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा पड़ने पर उनके भी चौड़ीकरण की कार्ययोजना के साथ काम करने को कहा।  श्री बंसल ने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत और विभाग के कार्यों में प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शहर के बीच बनने वाली सड़कों के निर्माण के पहले संबधित नगरीय निकाय से समन्वय कर भविष्य के लिए नालियों, अंडरग्राउंड केबल फिटिंग, पाइपलाइन इत्यादि के लिए अग्रिम प्रावधान करने को कहा, ताकि सड़कों की बार-बार खुदाई की जरूरत न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नई सड़कों के प्रस्ताव तैयार करते समय अगले दस वर्षों के ट्रैफिक, आबादी की जरूरत और आसपास संभावित विकास परियोजनाओं को ध्यान में रखने को कहा। उन्होंने भवनों में अच्छी गुणवत्ता की निर्माण सामग्री, खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, पेंट, पुट्टी, सेनिटरी फिटिंग, नल, इलेक्ट्रिक फिटिंग इत्यादि का उपयोग करते हुए सभी भवनों में दिव्यांगों के लिए रैंप और रेलिंग के भी प्रावधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन के साथ ही पूरे परिसर में समुचित पहुंच मार्ग, हरियाली, साफ-सफाई और बाउंड्री-वॉल की कार्ययोजना पर जोर दिया, ताकि भवनों की ज्यादा से ज्यादा उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने शहर की सभी सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर झाड़ियों, घास-फूस व कचरों को हटाकर अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उन्होंने रायपुर नगर निगम के साथ मिलकर सड़क के दोनों किनारों की नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के पानी के कारण सड़कों पर जल का जमाव न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की संपत्तियों, पोल्स व डिवाइडर्स पर अनाधिकृत विज्ञापन, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और फ्लेक्स लगाने वालों पर संपत्ति विरूपण की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। रायपुर परिक्षेत्र के दोनों मंडलों के अधीक्षण अभियंता, सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर कांफ्रेंस में की समीक्षा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला अपनी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में संवेदनशील प्रयास करे। लोक सेवा गारंटी, सी.एम. हेल्पलाइन और जनसुनवाई राज्य शासन के सुशासन के पैमाने हैं। सभी अधिकारियों को आमजन से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर संवेदनशील होकर कार्य करना होगा। उन्होंने अवैध गतिविधियों को सख्ती से रोकने और अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक के साथ योजनाओं, कार्यक्रमों तथा कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव जैन ने सुशासन के विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की और कलेक्टर्स से कहा कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण हो और प्रयास करें कि एक भी प्रकरण निर्धारित अवधि से बाहर नहीं जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं और शिकायतकर्ता की शिकायत को गंभीरता से लें तथा शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। उन्होंने स्वामित्व योजना में और बेहतर कार्य करने की जरूरत बताई तथा राजस्व संग्रहण बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नजूल नवीनीकरण के कार्य को जन-अभियान चलाकर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सी.एम हेल्पलाइन के शत-प्रतिशत प्रकरणों को अटेंड करने और पेयजल की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकृत करने को कहा है। मुख्य सचिव जैन ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर्स से कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और अपराधियों में शासन-प्रशासन का खौफ होना चाहिए। मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव गृह से कहा कि वे अपराधों की रोकथाम आदि के लिए एक प्रक्रियागत निर्देश कलेक्टर्स और एसपी को भेजें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को गंभीरता से लें। अवैध खनिज उत्खनन तथा भंडारण और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करें, डिस्ट्रिक टास्क फोर्स की हर माह मिटिंग करें। बिना नम्बर प्लेट और टूटी-फूटी नम्बर प्लेट के खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त पाए जाने वाले वाहनों को राजसात करें और जितनी जल्दी हो ऐसे वाहनों को नीलाम भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खनन अपराधों के पुराने प्रकरण निकाले जाएं और समीक्षा कर पता लगाएं कि किन मामलों में अब तक सजा हुई है और यदि सजा नहीं हुई है तो ऐसे प्रकरणों में तत्परता से औपचारिकता पूर्ण कर सजा दिलाने के प्रयास किये जाएं। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने शैक्षणिक संस्थाओं के आस-पास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाने के लिए कहा है। उन्होंने एनकार्ड की बैठक हर माह करने तथा पाक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित गति से कार्रवाई करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि विस्फोटक अधिनियम का पूरे प्रदेश में सख्ती से पालन किया जाए और आमजन को भी सूचना तंत्र में शामिल करें तथा अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने आगामी त्यौहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव जैन ने आगामी खरीफ सीजन की समीक्षा करते हुए प्रदेश में खाद, बीज और उर्वरक के पर्याप्त भंडारण पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर्स से कहा कि उर्वरक और खाद का वितरण ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किया जाए। उन्होंने ई-विकास पोर्टल को देश का अग्रणी पोर्टल बताया। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि ऐसे प्रयास हों कि उर्वरक वितरण केन्द्रों पर न लाईन लगें और न भीड़ हो। उन्होंने डी.ए.पी. की जगह एन.पी.के. को बढ़ावा देने के लिए किसानों से संवाद करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव ने नरवाई जलाने के प्रकरणों में कमीं लाने के लिए किसानों के बीच लाभकारी उपायों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने उत्पादन गतिविधियों की समीक्षा में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का क्लस्टर के रूप में विस्तार करने के लिए क्षेत्र चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश का देश में चौथा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्य सचिव ने कोल्डस्टोरेज आदि विकसित करने और एमएसएमई विभाग से समन्वय कर कृषि आधारित उद्योग लगाने पर कलेक्टर्स को योजना बनाने को कहा है। उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग में पशुनस्ल सुधार, वेक्सीनेशन एवं निराश्रित पशुओं के गौशाला में शिफ्टिंग कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास के कार्यों में उद्यमी और हितग्राही मॉडल में और बेहतर कार्य करने की जरूरत बताई तथा स्थानीय मछुआरों को कोल्ड स्टोरेज ब्रांडिंग और मार्केटिंग में मदद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने उपार्जन कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि आगामी एक-दो दिन में तीन-चार संभागों के जिलों में बारिश की आशंका के दृष्टिगत उपार्जित गेहूं को सुरक्षित कर ले और प्रयास करें कि शत-प्रतिशत फसल परिवहन होकर गोदामों तक पहुंच जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जित उपज का सम्पूर्ण भुगतान खरीदी के एक सप्ताह के भीतर किसानों को हो जाए। औद्योगिक नीति एवं निवेश तथा एमएसएमई विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि अपने जिलों की इकोनॉमी बढाने के लिए कृषि, उद्यानिकी से समन्वय कर औद्योगिक वातावरण बनाए जिससे निवेशक उनके जिलों में भी निवेश करे। मुख्य सचिव ने बताया कि जीएसडीपी में कृषि और उद्यानिकी का योगदान 37 से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने भारत सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत औद्योगिक पार्कों के विकास और निवेश आकर्षण के प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर्स को एक जिला-एक उत्पाद के तहत दूसरा उत्पाद भी चयनित करने को कहा है और मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार शेष 58 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव जैन ने नगरीय एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण में बेहतर उपलब्धि अर्जित करने निर्देश दिए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में कलेक्टर्स को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्वच्छता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन का सभी स्तर पर पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल ई-क्लीन प्रोग्राम … Read more

वैभव सूर्यवंशी ने खेली विस्फोटक पारी, लेकिन मामूली लक्ष्य तक ही सीमित रही Rajasthan Royals

नई चंडीगढ़  दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो का है। जो भी टीम आज का मैच जीतेगी वह 29 मई को गुजरात टाइटंस के साथ क्वालीफायर 2 खेलेगी जिसमें से दूसरा फाइनलिस्ट निकलेगा। आरसीबी पहले ही गुजरात टाइटंस को हराकर फाइनल में पहुंच चुकी है। RR VS GT Eliminator Pich Report: मुल्लनपुर में पहला पारी का औसतन स्कोर 214 रन है। पिच नंबर चार का प्रयोग किया जाएगा खेलने के लिए जोकि बैटिंग के अनुकूल है। ऐसे में आज भी हाईस्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। खासकर तब जब वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा जैसे धुरंधर बल्लेबाजों का आमना सामना हो रहा हो।

मोटर व्हीकल SI भर्ती पर बड़ा फैसला: डिग्री नहीं, सिर्फ डिप्लोमा उम्मीदवार होंगे शामिल

जयपुर राजस्थान में SI भर्ती 2021 पहले से ही विवादों में है, जिसे कोर्ट के आदेश पर रद्द कर दिया गया है. जबकि अब SI भर्ती की परीक्षा फिर से आयोजित होने वाली है. वहीं अब मोटर व्हीकल एसआई भर्ती (MVSI भर्ती 2021) को लेकर भी हाई कोर्ट का फैसला आय गया है, जिस पर काफी समय से विवाद चल रहा था. MVSI परीक्षा भी 2021 में हुई थी और इसमें सफल हुए अभ्यर्थी की मेरिट लिस्ट बन चुकी है. लेकिन अब हाई कोर्ट के फैसले से फिर विवाद खड़ा होने वाला है. दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने Motor Vehicle Sub Inspector (MVSI) भर्ती 2021 विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती नियमों में केवल डिप्लोमा योग्यता निर्धारित है, वहां डिग्री धारकों को स्वतः पात्र नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने परिवहन उप निरीक्षक भर्ती (MVSI) से जुड़ी विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया. कोर्ट ने केवल डिप्लोमा धारकों को भर्ती में शामिल करते हुए राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए. क्या था विवाद दरअसल, मोटर व्हीकल एसआई भर्ती परीक्षा में डिग्री धारक यानी बीटेक और बीई करे हुए अभ्यर्थियों ने दावा किया कि चूंकि वे उच्च योग्यता रखते हैं. ऐसे में उन्हें भर्ती में शामिल किया जाए. वहीं, डिप्लोमा धारकों ने तर्क दिया कि भर्ती विज्ञापन विशेष रूप से उनके लिए था और डिग्री धारकों को शामिल करना नियमों के खिलाफ होगा. हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद बुधवार (27 मई) को यह आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि भर्ती नियमों के शेड्यूल में MVSI पद के लिए “minimum qualification” शब्द का उल्लेख नहीं है. नियमों में स्पष्ट रूप से Automobile Engineering या Mechanical Engineering में डिप्लोमा को ही पात्रता माना गया है. साथ ही, केवल वही योग्यताएं मान्य हैं जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार द्वारा समकक्ष घोषित किया गया हो. ऐसे में अदालत नियमों में ऐसी योग्यता नहीं जोड़ सकती जो वहां मौजूद ही नहीं है.

राईस मिलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार पर जोर, छत्तीसगढ़ में लागू होगी ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’

रायपुर छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम (FCI), मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ विपणन वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से उन्नत (अपग्रेड) करना आवश्यक होगा, ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा कार्यशाला में रखे गए सुझावों एवं व्यवहारिक समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे। कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, ताकि योजना के अनुरूप मिलिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक चुनौतियों एवं उद्योग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे विषयों पर ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी एवं आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदेशभर से आए राईस मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने योजना लागू करने से पहले इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित करने के लिए खाद्य विभाग और खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले का आभार व्यक्त करते हुए ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 12.29 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नारायणपुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने एजी सिनेमा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 12 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नगर पालिका नारायणपुर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे। नारायणपुर को विकसित, खुशहाल और समृद्ध बनाने का संकल्प           उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नारायणपुर जिले को विकसित, खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं ने शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से मलखंभ जैसे कठिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं की उन्होंने सराहना की। यह कार्यक्रम नारायणपुर जिले के विकास, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। युवाओं की प्रतिभा को मिला सम्मान         उप मुख्यमंत्री साव ने नेशनल स्कूल ड्रामा, नई दिल्ली की प्रस्तुति “चंदा के चकोर” की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जिले की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिला रही हैं। उन्होंने जिले में आयोजित पांच दिवसीय करियर गाइडेंस कार्यक्रम को युवाओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे।  जिले के विकास के लिए 307 करोड़ रूपए की स्वीकृति           साव ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद नारायणपुर जिले के विकास कार्यों के लिए 307 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में 32 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नारायणपुर को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मॉडल नगर के रूप में विकसित होगा नारायणपुर           वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नारायणपुर को एक विकसित और आधुनिक नगर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय क्षेत्र में 120 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 23 करोड़ रूपए की लागत से लाइब्रेरी भवन का भूमिपूजन किया गया है। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का सम्मान           कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी शॉल औरफल भेंटकर सम्मानित किया गया। किसानों और हितग्राहियों को मिला लाभ           विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा पांच किसानों को किसान समृद्धि योजना अंतर्गत बोर खनन एवं पंप स्थापना के लिए 1.99 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा दो किसानों को बागवानी विकास हेतु 3.85 लाख रूपए के चेक प्रदान किए गए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा तीन हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए। विभागीय योजनाओं की जानकारी ली       उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा विभाग के स्टॉल में स्वयं विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

बिहार: आधुनिक तकनीक से बदलेगी मत्स्य पालन की तस्वीर, बढ़ेगी किसानों की आय

दरभंगा बिहार में दरभंगा जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। आधुनिक तकनीक और उन्नत मछली प्रजातियों के सहारे जिले में मत्स्य पालन को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। किसानों को मिला उन्नत मछलियों का स्पान मत्स्य निदेशालय, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग तथा बिहार एक्कावाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (बीएआइपी) के संयुक्त प्रयास से मंगलवार को जिले के चयनित मत्स्य पालकों के बीच उन्नत मछलियों का स्पान वितरित किया गया। प्रथम चरण में नौ मत्स्य पालकों को 21 लाख जयंती रोहू और 18 लाख अमृत कतला का स्पान उपलब्ध कराया गया। वैज्ञानिक तकनीक से तैयार प्रजातियां जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि जयंती रोहू और अमृत कतला उच्च उत्पादन क्षमता वाली उन्नत प्रजातियां हैं। इन्हें वैज्ञानिक चयन प्रजनन तकनीक के माध्यम से विकसित किया गया है। इन मछलियों की वृद्धि सामान्य प्रजातियों की तुलना में अधिक तेज होती है, जिससे किसानों को कम समय में ज्यादा उत्पादन प्राप्त होगा। किसानों की आय बढ़ाने पर जोर उन्होंने कहा कि उन्नत प्रजातियों के उपयोग से मत्स्य पालकों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलने के साथ किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। विभाग का उद्देश्य मत्स्य पालन को रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बनाना है। प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिलेगा बीएआइपी टीम के राहुल कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। समावेशी विकास की दिशा में पहल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और उन्नत प्रजातियों के प्रयोग से दरभंगा में मत्स्य पालन का व्यापक विकास होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।