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कप्तानी छोड़ने के बाद संकट में पंत का भविष्य, LSG कर सकती है रिलीज

नई दिल्ली ऋषभ पंत का लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ भविष्य अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है. कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद ऐसा माना जा रहा था कि शायद फ्रेंचाइजी के भीतर चल रही चर्चाओं पर विराम लग जाएगा, लेकिन अंदरखाने तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक LSG मैनेजमेंट अगले सीजन से पहले पंत को रिलीज करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है. दरअसल, IPL 2025 मेगा ऑक्शन में 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर शामिल किए गए पंत टीम के लिए उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके. पिछले दो सीजन में उन्होंने 28 मैचों में सिर्फ 581 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 135.74 और औसत 26.40 रहा. कप्तान के तौर पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद निराशाजनक रहा. 28 मुकाबलों में टीम को केवल 10 जीत मिली और उनका जीत प्रतिशत 35.71 रहा. IPL 2026 में LSG का प्रदर्शन और भी खराब रहा. टीम 14 मैचों में सिर्फ 4 जीत के साथ अंक तालिका में सबसे नीचे रही. ऐसे में टीम मैनेजमेंट बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गया है. फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने की इच्छा जताई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया. टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने कहा- ऋषभ ने फ्रेंचाइजी से यह अनुरोध किया था और हमने सम्मानपूर्वक इसे स्वीकार किया. ऐसे फैसले आसान नहीं होते. ड्रेसिंग रूम में उनके योगदान के लिए हम आभारी हैं. अब हमारा फोकस टीम को दोबारा मजबूत बनाने और नए सिरे से तैयार करने पर है. सूत्रों की मानें तो LSG के भीतर यह सोच मजबूत हो रही है कि 27 करोड़ रुपये की कीमत के मुकाबले पंत का प्रदर्शन टीम को अपेक्षित फायदा नहीं दे पाया. टीम मैनेजमेंट में टॉम मूडी, जस्टिन लैंगर और केन विलियमसन जैसे अनुभवी क्रिकेट‍िंंग माइंड  शामिल हैं और माना जा रहा है कि वे अगले सीजन के लिए ज्यादा संतुलित कॉम्बिनेशन बनाना चाहते हैं. हालांकि टीम में बदलाव की चर्चा के बीच निकोलस पूरन को राहत मिल सकती है. 21 करोड़ रुपये में रिटेन किए गए पूरन का मौजूदा सीजन भी खास नहीं रहा और उन्होंने सिर्फ 234 रन बनाए, लेकिन पिछले सीजन में उनके बल्ले से 524 रन निकले थे. यही वजह है कि फ्रेंचाइजी अभी भी उन पर भरोसा बनाए रखने के पक्ष में दिख रही है. IPL सर्किट में लंबे समय से यह चर्चा रही है पंत और पूरन पर कुल 48 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद टीम को वैसा प्रदर्शन नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी. अब देखना दिलचस्प होगा कि LSG अगले सीजन से पहले कितने बड़े फैसले लेती है और क्या ऋषभ पंत वास्तव में टीम से बाहर होने वाले हैं.

प्रवीण कंसल और नीरज कंसल ED की गिरफ्त में, रियल एस्टेट घोटाले में बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ मोहाली के रॉयल एस्टेट के प्रमोटर् प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को ईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पिछले हफ्ते ही ईडी ने रॉयल एस्टेट के चंडीगढ़, मोहाली स्थित कई ठिकानों पर रेड की थी। प्रवीण कंसल और नीरज कंसल पर गलत तरीके से मोहाली में प्रोजेक्ट के सीएलयू लेने का आरोप है। इसके अतिरिक्त जमीन की खरड़ फरोख्त में भी गड़बड़ी की शिकायत है। मोहाली विजिलेंस ने भी प्रवीण कंसल और नीरज कंसल के साथ साथ इंदु कंसल और नायब तहसीलदार तरसेम मित्तल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया हुआ है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट ने भी कंपनी के प्रमोटर को कस्टडी में लेकर पूछताछ जय आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ कंपनी के प्रमोटर्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद रॉयल एस्टेट के प्रमोटर्स गायब हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। कंपनी के प्रमोटर्स के खिलाफ मोहाली में 11 जून को फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा जालसाजी का केस दर्ज हुआ था । यह केस आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं नरेश कुमार गर्ग और प्यारे लाल गर्ग ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 में संपत्ति उनके नाम पर खरीदी गई थी। वर्ष 2013 में बिना उनकी जानकारी और सहमति के उसी संपत्ति को मोतियाज रॉयल सिटी कंपनी)ल के नाम ट्रांसफर कर दिया गया यह ट्रांसफर तथाकथित सप्लीमेंट्री सेल डीड के माध्यम से की गई। नरेश गर्ग ने शिकायत में कहा था कि यह ट्रांसफर फर्जी बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर किया गया। आरोपियों (कंपनी के डायरेक्टर्स) ने मिलकर साजिश रची और सरकारी अधिकारी की मिलीभगत से रजिस्ट्री करवाई गई। मोतियाज के प्रमोटर्स पर मुख्य आरोप धोखाधड़ी करके संपत्ति हड़पना और फर्जी दस्तावेज बनाने का है। कंपनी की दलील कंपनी के प्रमोटर्स ने कोर्ट में दलील दी थी कि यह कोई धोखाधड़ी नहीं, बल्कि तकनीकी गलती थी। मूल सेल डीड में गलती से खरीदार के रूप में शिकायतकर्ताओं का नाम आ गया। बाद में बोर्ड ने प्रस्ताव पास कर सुधार किया गया। शिकायतकर्ता इस प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत थे। यह सिविल विवाद है, क्रिमिनल केस नहीं कोई पैसा या संपत्ति हड़पने की मंशा नहीं थी। वे जांच में शामिल हो चुके हैं, इसलिए कस्टडी में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। वहीं सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि आरोप गंभीर और स्पष्ट साजिश दर्शाते हैं। इससे दस्तावेज़ फर्जी होने का संदेह मजबूत होता है। सरकारी वकील की दलील कानून के अनुसार सप्लीमेंट्री सेल डीड से मालिकाना हक नहीं बदला जा सकता। संपत्ति ट्रांसफर के लिए सभी मालिकों का उपस्थित होना जरूरी है।यहां तक कि सरकारी अधिकारी ने भी नियमों का उल्लंघन किया और अवैध ट्रांजैक्शन को मंजूरी दी। इसलिए गहन जांच के लिए आरोपियों की कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है। हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया गंभीर मामला है। दस्तावेज़ों से धोखाधड़ी और साजिश का मामला बनता है। संपत्ति बिना मालिक की सहमति के ट्रांसफर की गई। मूल दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए गए। आरोपी बोर्ड प्रस्ताव का असल नहीं दिखा पाए।

खोड़ा में दिल दहला देने वाली वारदात, बच्चे को बुलाकर दिया चाकू; हत्या से इलाके में हड़कंप

गाजियाबाद यूपी के गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में ईद के मौके पर हुए जानलेवा चाकू हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. घायल युवक की नोएडा के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।  मृतक युवक की पहचान सूर्या चौहान (17 वर्ष) निवासी नवनीत विहार खोड़ा के रूप में हुई है. परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार घटना कल बीती 28 मई 2026 की शाम करीब 3:30 बजे की है. मृतक की मां के मुताबिक, सूर्या चौधरी स्कूल के पास गली में खड़ा था, तभी अरशद, नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक समेत अन्य युवकों ने बच्चे को बहला-फुसलाकर बुलाया. अरशद ने पूछा कि क्या उसने कभी बकरी को कटते देखा है, ‘नहीं’ कहने पर बच्चे पर चाकू से वार कर दिया गया. आरोप है कि आरोपियों ने सूर्या को पकड़ लिया और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।  घटना के दौरान शोर सुनकर मृतक का भाई यश चौहान और उसकी मां मौके पर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि हमलावर सूर्या को गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गए. घायल युवक को तुरंत नोएडा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।  घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई. हत्या करने वाले आरोपी युवक मुस्लिम समुदाय से है, मृतक युवक और हत्या करने वाले युवक पहले से जानकार और मित्र है और दोनों के बीच कुछ माह पूर्व झगड़ा हुआ था. आरोप है कि उसी का बदला लेने के लिए पहले फोन कर युवक को बुलाया गया और फिर एक बड़े चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी गई. ऐसे में घटना को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी रोष है।  एहतियात के तौर पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. मौके पर खोड़ा नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रीना भाटी भी मौजूद रहीं. हिंदू संगठन से जुड़े लोगो की मांग है कि खोड़ा में युवक की मुस्लिम लड़कों द्वारा की गई हत्या में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और गिरफ्तारी के साथ ही उनके घरों पर बुलडोजर की कार्यवाही होनी चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, विनेश फोगाट चयन ट्रायल्स में ले सकेंगी हिस्सा

नई दिल्ली भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2026 एशियन गेम्स के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी. ये ट्रायल्स 30 और 31 मई को आयोजित होने हैं. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर किया था. हाईकोर्ट ने पहले ही विनेश फोगाट को ट्रायल्स में भाग लेने की इजाजत दी थी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि विनेश फोगाट का मामला सामान्य खिलाड़ियों से अलग है, क्योंकि उन्होंने देश को कई मौकों पर गौरवान्वित किया है. कोर्ट ने कहा, 'अगर कोई और खिलाड़ी होता तो मामला अलग होता. उन्होंने देश का नाम रोशन किया है.' हालांकि, कोर्ट ने खेल मामलों में बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता भी जताई. जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, 'आप शानदार रेसलर हैं, आपने देश को गर्व महसूस कराया है, लेकिन देश पहले है. हाईकोर्ट पूरे शेड्यूल को बाधित नहीं कर सकता.' सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के तरीके पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि खेल प्रशासन में इस तरह तेजी से हस्तक्षेप करने से पूरे स्पोर्ट्स सिस्टम और शेड्यूल पर असर पड़ सकता है. दरअसल, पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि मातृत्व को किसी खिलाड़ी के करियर में 'अक्षम्यता' या बाहर करने का आधार नहीं बनाया जा सकता. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने WFI को निर्देश दिया था कि विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने दिया जाए. अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल विनेश को राहत देते हुए ट्रायल्स में खेलने की मंजूरी दे दी है, लेकिन साथ ही WFI की याचिका पर उनका जवाब भी मांगा है. मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी.

ठनका-आंधी से बिहार बेहाल: आज भी भारी बारिश का अलर्ट, 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है हवा

पटना  बिहार में आज भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पटना समेत राज्य के 15 जिलों में झमाझम बारिश के साथ वज्रपात और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। आईएमडी की ओर से राज्य भर में खराब मौसम के दुष्प्रभाव से बचने की चेतावनी दी गई है। बीते 24 घंटों में खराब मौसम ने कम से कम 21 लोगों की जान ले ली। 18 की मौत ठनका की चपेट में आने से हुई जबकि तीन लोग आंधी के शिकार बन गए। आज सूर्योदय का वक्त 05:00 AM तो सूर्यास्त शाम 06:43 PM बजे बताया गया है। हवा मेंनमी का स्तर 41 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सी के आसपास रहेगा। धूप निकलने पर उमस भी बढ़ेगा। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज 30 मई शनिवार को राज्य के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर,दरभंगा, शिवहर, सीतामढ़ी, भोजपुर, सारण, गोपालगंज, गया, सिवान, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, नवादा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है बीते 24 घंटों में बिहार का मौसम खतरनाक रहा है। बेमौसम बारिश ने बिहार में कहर बरपाया। शुक्रवार को मौसम के बुरे प्रभाव से कम से कम 21 लोगों के मौत की खबर है। आंधी से सैंकड़ों की संख्या में पेड़ और बिजली के पोल गिर गए जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई ट्रेनें ट्रैक पर फंसी रहीं तो चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा। आठ डिग्री तक अधिकतम तापमान में आई कमी मौसमविदों के मुताबिक मौसम में आए बदलाव से आठ डिग्री तक अधिकतम तापमान में कमी आई है। सर्वाधिक कमी पटना में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुई। सीवान के जीरादेई में 8.3 डिग्री, अरवल में 6.6 डिग्री, औरंगाबाद में 8.1 डिग्री, गया में 7.9 डिग्री, डेहरी में 7.8 डिग्री, वैशाली में 6.4 डिग्री, दरभंगा में 3.6 डिग्री, सुपौल में 2.3 डिग्री, भागलपुर में 1.5 डिग्री, शेखपुरा में 5.3 डिग्री, सबौर में 8.2 डिग्री, मधुबनी में दो डिग्री, नालंदा में 7.5 डिग्री, छपरा में 5.6 डिग्री की कमी आई है। शुक्रवार को राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान कैमूर में 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट से भीषण गर्मी से बिहार वासियों को राहत मिली।

सिर्फ 5 रुपये में किसानों को बड़ी सौगात, 1.10 लाख से ज्यादा स्थाई कृषि पंप कनेक्शन जारी

मात्र 5 रुपये में 1 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को मिला नया स्थाई कृषि पंप कनेक्शन भोपाल  राज्‍य शासन द्वारा घोषित 'किसान कल्याण वर्ष 2026' के अंतर्गत किसानों को सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन आसानी से उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी के कार्यक्षेत्र में किसानों को अब मात्र 5 रूपये के प्रारंभिक शुल्‍क में नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब तक 01 लाख 10 हजार 478 कृषि पम्‍प कनेक्‍शन उपलब्‍ध करा दिये गये हैं। भोपाल रीजन के 8 जिलों के 9 हजार 305 गावों में 85 हजार 362 कृषि पम्‍प उपभोक्‍ताओं ने तथा ग्‍वालियर रीजन के 8 जिलों के 7 हजार 284 गावों में 25 हजार 116 कृषि पम्‍प उपभोक्‍ताओं ने 5 रूपये में नवीन कनेक्‍शन योजना का लाभ उठाया है। कंपनी द्वारा कृषि पम्पों के कनेक्शनों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए ऐसे कृषक जिनके खेत विद्युत की उपलब्ध लाइन के समीप स्थित हैं, उनको प्रारंभिक शुल्‍क 5 रूपये में स्थाई कृषि पंप कनेक्शन प्रदान किये जा रहे हैं। कनेक्‍शन की शेष शुल्‍क राशि का भुगतान मासिक देयकों के साथ किश्‍तों में लिया जा रहा है। कंपनी ने कहा है कि आवेदक 5 रूपये में नवीन कनेक्‍शन के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी विद्युत केन्‍द्र/जोन अथवा कंपनी के कॉल सेन्‍टर नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

साई सुदर्शन फिर बने हिट-विकेट का शिकार, चौका जड़ने के बाद बना डाला शर्मनाक रिकॉर्ड

 मुल्लांपुर आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में शुक्रवार (29 मई) को मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटन्स के बीच मैच हुआ. जिसे गुजरात टाइटन्स ने एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से जीता. गुजरात ने रनचेज 8 गेंद शेष रहते हुए हास‍िल कर ल‍िया।  गुजरात की टीम अब 31 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख‍िलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में आईपीएल 2026 का फाइनल खेलेगी . गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन ग‍िल ने शानदार 104 रनों की कप्तानी पारी खेली. वहीं साई सुदर्शन ने भी 58 रन बनाए. शुक्रवार को हुए इस मैच में टॉस र‍ियान पराग ने जीता और बल्लेबाजी करने का फैसला किया. राजस्थान ने पहले खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी के 96 रनों की बदौलत 20 ओवर्स में 6 व‍िकेट के नुकसान पर 214 का स्कोर खड़ा किया था।  गुजरात की पारी की हाइलाइट्स  215 रन के रनचेज के जवाब में गुजरात के ओपनर्स शुभमन ग‍िल और साई सुदर्शन ने शानदार शुरुआत की. दोनों ने लंबे-लंबे शॉट खेलने की वजह ग्राउंडेड शॉट खेले. राजस्थान के गेंदबाज मैच में व‍िकेट लेने के ल‍िए जूझते रहे. हालांकि GT का स्कोर जब 167 था तभी, 13वें ओवर मे साई सुदर्शन (58) एक बार फ‍िर से प‍िछले मैच की तरह ह‍िट व‍िकेट आउट हो गए. वहीं गुजरात जब जीत के करीब थी, तभी वो 52 गेंदों पर 104 रन जड़कर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए. जब ग‍िल आउट हुए तो गुजरात को जीत के लिए 30 गेंदों पर 33 रन चाहिए थे.  वहीं वॉश‍िंंगटन सुंदर भी मैच जल्दी खत्म करने के चक्कर में 16 रन बनाकर नांद्रे बर्गर की गेंद पर आउट हो गए.  हालांकि राहुल तेवत‍िया और जोस बटलर मैच फ‍िन‍िश करके ही वापस लौटे। साई सुदर्शन फिर हुए हिट-विकेट, बना डाला शर्मनाक रिकॉर्ड आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटन्स और राजस्थान रॉयल्स के मुकाबले के दौरान एक बार फिर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया. गुजरात के स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन लगातार दूसरे मैच में हिट-विकेट आउट हो गए।  हालांकि इस मैच में गुजरात को राजस्थान के ख‍िलाफ 7 व‍िकेट से जीत मिली. अब 31 मई को गुजरात की टीम आईपीएल फाइनल में अहमदाबाद में आरसीबी से खेलेगी।    मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में सुदर्शन शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने 32 गेंदों में 58 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।  गुजरात की पारी के 13वें ओवर में ब्रजेश शर्मा गेंदबाजी करने आए. ओवर की पहली गेंद लो फुलटॉस थी, जिसे सुदर्शन ने ऑफ साइड में स्क्वायर के पीछे चौके के लिए खेल दिया.  दूसरी गेंद पर उन्होंने एक रन लिया. तीसरी गेंद पर शुभमन ग‍िल ने चौका जड़ा, चौथी लीगल गेंद पर ग‍िल ने एक रन लिया।  इसके बाद पांचवीं गेंद  तेजी से बाउंड्री पार कर गई, लेकिन उसी दौरान साई का बल्ला हाथ से छूट गया और सीधे स्टंप्स पर जा गिरा. अंपायर ने तुरंत उन्हें हिट-विकेट आउट करार दिया. स्टेडियम में मौजूद फैन्स भी इस तरह के आउट को देखकर दंग रह गए, जबकि कप्तान शुभमन गिल निराश होकर घुटनों पर बैठ गए।  कमेंट्री के दौरान रवि शास्त्री ने मजाकिया अंदाज में कहा- फेविकोल कहां है? ग्लू कहां है? क्योंकि लगातार दूसरे मैच में सुदर्शन इसी तरह आउट हुए. इससे पहले RCB के खिलाफ मुकाबले में भी बल्ला हाथ से छूटकर स्टंप्स से टकराया था।  इस विकेट के साथ साई सुदर्शन ने एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. अब वह मेंस T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 3 बार हिट-विकेट आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में आ गए हैं. इस लिस्ट में आंद्रे रसेल और शोएब मलिक भी शामिल हैं. खास बात ये है कि सुदर्शन के तीनों हिट-विकेट IPL में ही आए हैं।  पुरुषों के T20 में सबसे ज्यादा हिट-विकेट आउट 3 – आंद्रे रसेल 3 – शोएब मलिक 3 – साई सुदर्शन  वैभव सूर्यवंशी, 96 रन जड़कर IPL में रचा नया इतिहास  स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया. हालांकि इस बार उनकी पारी सिर्फ ताबड़तोड़ शॉट्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संयम, समझदारी और मैच सिचुएशन के हिसाब से खेली गई जिम्मेदार बल्लेबाजी भी देखने को मिली।  हालांकि इस मैच में राजस्थान को 7 विकेट से हार मिली. गुजरात ने 214 के रनचेज को 8 गेंद शेष रहते हुए 7 विकेट से नाम किया. गुजरात की टीम अब 31 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख‍िलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में आईपीएल 2026 का फाइनल खेलेगी . गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन ग‍िल ने शानदार 104 रनों की कप्तानी पारी खेली. वहीं साई सुदर्शन ने भी 58 रन बनाए. शुक्रवार को हुए इस मैच में टॉस र‍ियान पराग ने जीता और बल्लेबाजी करने का फैसला किया. राजस्थान ने पहले खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी के 96 रनों की बदौलत 20 ओवर्स में 6 व‍िकेट के नुकसान पर 214 का स्कोर खड़ा किया था।  न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार (29 मई) को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों पर 96 रन बनाए. अपनी पारी में उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के जड़े और 204.26 के स्ट्राइक रेट से रन कूटे।  दिलचस्प बात यह रही कि शुरुआती ओवरों में वैभव ने थोड़ा संभलकर बल्लेबाजी की. उन्होंने विकेट बचाने पर ध्यान दिया और फिर सेट होने के बाद गुजरात के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. यही वजह रही कि उनकी पारी बाकी मुकाबलों से अलग नजर आई।  वैभव को कगिसो रबाडा ने 96 रन के स्कोर पर आउट किया. वह इस आईपीएल तीसरी बार नर्वस नाइन्टीज का शिकार बने. इसके साथ ही वह डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ के साथ IPL में सबसे ज्यादा बार 90s में आउट होने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए।  उनकी शानदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 214 रन बनाए. रविंद्र जडेजा ने 45 रन की अहम पारी खेली, जबकि डोनोवन फरेरा ने सिर्फ 11 गेंदों पर 38 … Read more

बुजुर्गों के कल्याण और संरक्षण के लिए सरकार लगातार कर रही पहल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को नई दिशा और गति प्रदान की गई है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाएं और पहलें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। बदलते सामाजिक परिवेश में जहां पारिवारिक संरचना में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, वहीं वरिष्ठजनों की देखभाल और उनके अधिकारों की रक्षा एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरा है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। कानूनी संरक्षण: अधिकारों की मजबूत नींव वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार दिलाने के लिए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। यह अधिनियम वरिष्ठजनों को यह अधिकार देता है कि यदि वे स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं, तो वे अपने बच्चों या संबंधितों से भरण-पोषण प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश में इस अधिनियम के तहत प्रत्येक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय को भरण-पोषण अधिकरण तथा जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को अपील अधिकरण घोषित किया गया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय विभाग के जिला अधिकारियों को भरण-पोषण अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से संचालित करते हैं। अधिनियम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा या परित्याग को दंडनीय अपराध माना गया है, जिससे समाज में उनके प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही, भरण-पोषण हेतु मासिक राशि निर्धारित करने का प्रावधान भी वरिष्ठजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। संस्थागत व्यवस्था: आश्रय और देखभाल प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय और देखभाल की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। विभिन्न संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से संचालित वरिष्ठ आश्रमों में जरूरतमंद वरिष्ठजनों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं एवं मनोरंजन की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसी कड़ी में भोपाल में विकसित “संध्या छाया” वरिष्ठजन निवास एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर वरिष्ठजनों को सुरक्षित, आरामदायक एवं गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करता है। यहां वातानुकूलित कक्ष, लाइब्रेरी, फिजियोथेरेपी, चिकित्सा सुविधाएं एवं मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल दर्शाती है कि राज्य शासन वरिष्ठजनों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। योजनाएं और कार्यक्रम: समग्र विकास की दिशा भारत सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से भी राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, आजीविका, सामाजिक सहभागिता एवं जागरूकता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वरिष्ठजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अंतर-पीढ़ी संवाद, सामूहिक गतिविधियां और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनकी सक्रियता बनी रहती है, बल्कि समाज में उनके अनुभवों का लाभ भी नई पीढ़ी को मिलता है। हेल्पलाइन और सहायता तंत्र: हर समय साथ वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए Elder Line 14567 जैसी पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। यह टोल-फ्री हेल्पलाइन वरिष्ठजनों को जानकारी, परामर्श, भावनात्मक सहयोग एवं आपात स्थिति में सहायता प्रदान करती है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठजन अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं और उन्हें त्वरित समाधान प्राप्त होता है। यह सेवा न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाती है कि शासन हर समय उनके साथ खड़ा है। सम्मान और सामाजिक स्वीकृति वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर “शतायु सम्मान” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठजनों को सम्मानित किया जाता है। यह पहल समाज में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का वातावरण तैयार करती है। नवाचार और सुधार राज्य शासन द्वारा समय-समय पर नियमों में संशोधन कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उदाहरण के लिए, शासकीय कर्मचारियों द्वारा माता-पिता की उपेक्षा करने पर उनके वेतन से भरण-पोषण भत्ता काटकर सीधे माता-पिता के खाते में जमा करने का प्रावधान एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है। यह व्यवस्था न केवल वरिष्ठजनों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि परिवारों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देती है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम एक समग्र, संवेदनशील और प्रभावी तंत्र के रूप में उभरकर सामने आए हैं। कानूनी संरक्षण, संस्थागत व्यवस्थाएं, योजनाएं, हेल्पलाइन सेवाएं और सम्मान कार्यक्रम—इन सभी प्रयासों ने मिलकर वरिष्ठजनों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाया है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मध्यप्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयास न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। आने वाले समय में इन पहलों के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे, जो एक संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

सिद्धारमैया के बेटे की कैबिनेट एंट्री के संकेत, कांग्रेस में चार डिप्टी CM मॉडल पर चर्चा

बेंगलुरु  मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के इस्तीफे के बाद से कर्नाटक की राजनीति में बड़ा उलफेर देखने को मिल रहा है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बनने जा रही नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए चार डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल पर चर्चा करेंगे। जिसमें चार डिप्टी सीएम को लेकर भी मंथन होगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्दरमैया, डीके शिवकुमार और AICC के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक के दौरान राज्यसभा उम्मीदवारों, MLC उम्मीदवारों और मंत्रिमंडल में फेरबदल पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा। चार डिप्टी सीएम बनाने की संभावना सूत्रों ने आगे बताया कि सिद्दरमैया के मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना कम है। पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। सिद्दरमैया के बेटे को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी सूत्रों के अनुसार, सिद्दरमैया के बेटे और विधान परिषद के सदस्य यतींद्र को डीके शिवकुमार की कैबिनेट में शामिल किए जाने की पूरी उम्मीद है। उन्हें कोई अहम मंत्रालय मिलने की संभावना है, ताकि सिद्दरमैया की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जा सके। कांग्रेस विधायक दल की बैठक की तारीख आज तय की जाएगी जो कि अब महज एक औपचारिकता ही लगती है। इसके बाद, कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय की जाएगी। कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों पर होने हैं चुनाव कर्नाटक में राज्यसभा की जिन चार सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से कांग्रेस दो सीटें आसानी से जीतती दिख रही है। तीसरी सीट पर भी उसे बढ़त हासिल है, जिसके लिए उसे बस कुछ और वोटों की जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि AICC के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला तीन में से दो राज्यसभा सीटों के लिए नामों का पैनल पेश करेंगे, और खड़गे को राज्यसभा में दोबारा मौका दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में विधान परिषद (MLC) की सात सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए भी संभावित नामों का एक पैनल पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंपा जाएगा। राज्यपाल ने स्वीकार किया इस्तीफा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बीते गुरुवार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने गुरुवार दोपहर तीन बजे लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया, लेकिन राज्यपाल की अनुपस्थिति के कारण उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। आज राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्दरमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राज्यपाला ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए लिखा, "मैं थावरचंद गहलोत भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनके नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।" 

पेट्रोल-एथेनॉल दोनों पर दौड़ेगी Hero की नई बाइक, लॉन्च इवेंट में शामिल होंगे पेट्रोलियम मंत्री

नई दिल्ली स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp आगामी 3 जून को अपनी एक नई मोटरसाइकिल बाजार में उतारने वाली है. इस बाइक को लेकर खास बात यह है कि यह बाइक 100 प्रतिशत फ्लेक्स-फ्यूल यानी E100 (100 प्रतिशत इथेनॉल) पर चलेगी और यह कंपनी की पहली फ्लेक्स-फ्यूल बाइक होने वाली है।  यह लॉन्च कंपनी के अल्टरनेटिव फ्यूल की तरफ बढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि इस मोटरसाइकिल को पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी और रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी की मौजूदगी में लॉन्च किया जाएगा।  नए फ्यूल के विकल्प Hero MotoCorp की इस मोटरसाइकिल की सबसे बड़ी खासियत इसकी 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने की क्षमता है. यह बात इसे भारत में अभी बिक रहे फ्लेक्स-फ्यूल टू-व्हीलर्स से बिल्कुल अलग बनाती है. उदाहरण के लिए बता दें कि Suzuki Gixxer SF 250 और Honda CB 300F फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें हैं, लेकिन ये प्योर इथेनॉल का इस्तेमाल नहीं करती हैं, बल्कि E85 फ्यूल के लिए ट्यून की गई हैं।  कंपनी ने यह लॉन्च ऐसे समय में रखा है कि जब सरकार फ्यूल में ज़्यादा विविधता लाने पर ज़ोर दे रही है. पश्चिम एशिया संकट के बाद, तेल कंपनियों को पेट्रोल पंपों पर फ्लेक्स-फ्यूल की उपलब्धता बेहतर करने के लिए बढ़ावा दिया गया है, जिससे इन अल्टरनेटिव फ्यूल गाड़ियों को बाज़ार में ज़्यादा मज़बूत इस्तेमाल मिल रहा है।  Hero HF Deluxe का फ्लेक्स फ्यूल वर्जन किया था प्रदर्शित Hero MotoCorp ने 2025 भारत मोबिलिटी एक्सपो में अपने फ्लेक्स-फ्यूल डायरेक्शन का प्रीव्यू पहले ही कर दिया था. वहां, कंपनी ने जयपुर में अपने सेंटर फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (CIT) में डेवलप की गई Hero HF Deluxe का इथेनॉल-बेस्ड वर्जन प्रदर्शित किया था।  कंपनी ने उस प्रोटोटाइप में 100cc का BS6 इंजन इस्तेमाल किया था और इसे E20 से E85 तक के इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल के साथ काम करने के लिए इंजीनियर किया गया था. इस मोटरसाइकिल को सरकार की क्लीनर और रिन्यूएबल फ्यूल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की कोशिशों के चलते डिजाइन किया गया था।  फ्लेक्स फ्यूल क्यों है जरूरी बता दें कि फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां पेट्रोल और इथेनॉल के मिश्रण पर चलने के लिए बनाई जाती हैं, जिनमें इथेनॉल की मिलावट अलग-अलग होती है. इसका उद्देश्य फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करना और स्टैंडर्ड पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों के मुकाबले उत्सर्जन को कम करना है. भारत के लिए, यह तकनीक ट्रांसपोर्ट फ्यूल में इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने की बड़ी कोशिशों में भी फिट बैठती है।