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योगी सरकार की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का सफल उदाहरण

शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 योगी सरकार की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का सफल उदाहरण 72 जिलों के 1011 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित हुई परीक्षा, लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने किया प्रतिभाग एआई, फेस रिकग्निशन, बायोमैट्रिक अटेंडेंस, 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और लाइव कमांड कंट्रोल सिस्टम से हुई निगरानी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026  प्रदेश के 72 जिलों के 1011 परीक्षा केन्द्रों पर सफलतापूर्वक, शांतिपूर्ण एवं शुचितापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी को सौंपी गई थी। परीक्षा में पंजीकृत 4,44,958 अभ्यर्थियों में से लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थी दोनों पालियों में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में पारदर्शी, नकलविहीन और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का मॉडल बनकर उभरा है। प्रदेश के 72 जिलों में स्थापित 1011 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 पूरी शुचिता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा में कुल 4,44,958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 2,72,659 महिला, 1,72,297 पुरुष तथा 2 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल थे। प्रथम पाली में सामान्य ज्ञान एवं भाषा विषय की परीक्षा तथा द्वितीय पाली में अभिरुचि परीक्षण एवं विषय योग्यता की परीक्षा आयोजित की गई। दोनों पालियों में लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। कासगंज और पीलीभीत में सर्वाधिक 95 प्रतिशत तथा गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 84 प्रतिशत उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निगरानी के लिए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया, जहां से प्रदेश के सभी 1011 परीक्षा केन्द्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए लगभग 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और 5651 बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। परीक्षा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक, फिंगर प्रिंट आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन और रियल टाइम अटेंडेंस सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे केवल वास्तविक अभ्यर्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आधुनिक एआई सिस्टम के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों के स्ट्रांग रूम, प्रवेश एवं निकास द्वारों तथा परीक्षा कक्षों की लगातार निगरानी की गई। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अनाधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति पर तत्काल कंट्रोल रूम को अलर्ट प्राप्त हुआ और संबंधित केन्द्र से तुरंत संपर्क स्थापित कर स्थिति का सत्यापन किया गया। गोपनीय सामग्री के बॉक्स खोले जाने की सूचना भी सीधे कंट्रोल रूम में प्राप्त होती रही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली बार परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के लिए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को जीपीएस आधारित बॉडी बॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए। इन कैमरों के माध्यम से प्रतिनिधियों की लाइव लोकेशन, परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण तथा गोपनीय सामग्री से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कंट्रोल रूम से की गई। 29 और 30 मई को आयोजित बैठकों का भी सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय स्तर पर देखा गया। मंत्री ने बताया कि सभी परीक्षा केन्द्रों को VoIP (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) आधारित संचार प्रणाली से जोड़ा गया था। इसके माध्यम से आयोजक विश्वविद्यालय और परीक्षा केन्द्रों के बीच सुरक्षित एवं त्वरित संवाद स्थापित किया गया। परीक्षा के दौरान प्राप्त विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक अलर्ट का रियल टाइम समाधान सुनिश्चित किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। पिछले वर्षों में प्रदेश ने भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में अब परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी, जवाबदेह और अभ्यर्थी हितैषी बन चुकी है। उन्होंने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा परीक्षा आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में नवाचार और पारदर्शिता की इस प्रक्रिया को आगे भी निरंतर जारी रखेगी।

गुजरात टाइटन्स पर टूटा मुसीबतों का पहाड़! IPL फाइनल हारने के बाद टीम बस में लगी आग, मचा हड़कंप

 अहमदाबाद इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 फाइनल में रव‍िवार को मिली हार के बाद गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ एक बड़ा हादसा टल गया. टीम को लेकर होटल लौट रही बस में शॉर्ट सर्किट होने से वाहन बीच रास्ते खराब हो गया, जिसके बाद खिलाड़ियों और स्टाफ को तुरंत बस से बाहर निकालना पड़ा।  पीटीआई की र‍िपोर्ट के अनुसार, बस में तकनीकी खराबी आने के बाद अंदर धुआं फैलने लगा. स्थिति को देखते हुए टीम प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों ने खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित तरीके से बस से बाहर निकाला. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य घायल नहीं हुआ।  घटना के बाद पूरी टीम कुछ समय तक सड़क किनारे इंतजार करती रही. बाद में दूसरी बस की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को होटल पहुंचाया गया।  यह घटना गुजरात टाइटन्स के लिए पहले से ही निराशाजनक दिन के अंत में सामने आई. रविवार को खेले गए IPL 2026 फाइनल में टीम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के साथ गुजरात का खिताब जीतने का सपना भी टूट गया।  फाइनल से पहले भी गुजरात टाइटन्स का यात्रा कार्यक्रम काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रहा. टीम ने 27 मई को धर्मशाला से मुल्लांपुर का सफर तय किया था, जहां 29 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालिफायर-2 खेला गया।  इसके बाद 30 मई को अहमदाबाद लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन मुल्लांपुर में खराब मौसम के कारण टीम की उड़ान काफी देर तक प्रभावित रही. लगातार देरी के बाद गुजरात टाइटन्स का दल शनिवार देर शाम अपने घरेलू मैदान अहमदाबाद पहुंच सका था।  ऐसे में फाइनल में हार और फिर टीम बस में आई तकनीकी खराबी ने गुजरात टाइटन्स के लिए मुश्किलों से भरे एक लंबे और थकाऊ अभियान का निराशाजनक अंत कर दिया. हालांकि सबसे राहत भरी बात यह रही कि बस में धुआं फैलने के बावजूद सभी खिलाड़ी और स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित रहे। 

LPG Price Shock: फिर महंगा हुआ गैस सिलेंडर, 5 महीनों में 7 बार बढ़ी कीमतें, चेक करें ताजा रेट

नई दिल्ली आज एक जून को आम जनता को फिर से महंगाई का तगड़ा झटका लगा है. गैस कंपनियों ने एक बार फिर एलपीजी के कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं. दिल्ली-एनसीआर में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर अब 3113.50 रुपए हो गई है।  वहीं कोलकाता में कीमतों में 53.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कीमत 3255.50 रुपए हो गई है. 5 किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडरों की कीमतों में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और दिल्ली में इनकी कीमत 821.50 रुपए होगी. नई कीमतें आज यानी एक जून से लागू हो गई हैं।  ठीक एक महीने बाद फिर बढ़े दाम बता दें कि गैस कंपनियों ने ठीक एक महीने बाद दोबारा कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है. इससे पहले एक मई को कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई थी. तब कीमतों में सीधे 993 रुपए का इजाफा किया गया था. कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की ओर से किया जाता है. यानी अब बाहर खाना खाना आपके लिए और महंगा हो जाएगा।  महानगरों में बढ़ा वित्तीय बोझ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में व्यापारिक उपभोक्ताओं को अब प्रति सिलेंडर 42 रुपये अधिक चुकाने होंगे, जबकि कोलकाता में यह बढ़ोतरी 53.50 रुपये की है। इसके साथ ही दोनों शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे समय में यह फैसला आया है, जब कारोबारी पहले से ही ईंधन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं। 5 किलो एफटीएल सिलेंडर भी हुआ महंगा तेल कंपनियों ने सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और नागरिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में 5 किलो का एफटीएल सिलेंडर अब 821.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। 6 महीने में दोगुनी के करीब पहुंची कीमत साल 2026 की शुरुआत से ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी में दिल्ली में 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1,691.50 रुपये थी। इसके बाद फरवरी में 49 रुपये, मार्च में 115 रुपये, अप्रैल में 195.50 रुपये और मई में रिकॉर्ड 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई। अब जून में 42 रुपये की नई वृद्धि के बाद इसकी कीमत 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई है। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। पिछले 6 महीनों में बार-बार हुए संशोधनों ने कमर्शियल एलपीजी को कारोबारियों के लिए एक बड़ी लागत में बदल दिया है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में स्थिरता से राहत मिली हुई है।   महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल-डीजल और गैस के बाद अब दालों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट हालांकि राहत की बात यह है कि एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. राजदानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी भी 913 रुपए ही है. इससे उन लाखों परिवारों को राहत मिली है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।   वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते बढ़ाए गए दाम गौरतलब है कि एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते की गई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. इससे पता चलता है कि भारत इन दिनों सप्लाई में आई रुकावट और आयात पर बढ़े हुए खर्च का भारी दबाव झेल रहा है। 

IPL 2026 का नया सुपरस्टार! वैभव सूर्यवंशी ने 237 के स्ट्राइक रेट से बरपाया कहर, दिग्गजों के रिकॉर्ड खतरे में

अहमदाबाद      –776 रन, 237.30 का स्ट्राइक रेट और 72 छक्के… सूर्यवंशी ने ऐसे आंकड़े खड़े किए जो IPL इतिहास में पहले कभी नहीं दिखे.     -अभिषेक शर्मा, आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नामों वाले एलीट क्लब में सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आए.     -16 गेंद की फिफ्टी, 36 गेंद का शतक और 29 गेंदों पर 97 रन… हर बड़ी पारी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई.     -1000 IPL रन तक  440 गेंदों और 23 पारियों में यह मुकाम हासिल कर सूर्यवंशी ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया.     -521 रन और 46 छक्के… पहले छह ओवर उनके लिए रन बरसाने का मंच बन गए.     -पावरप्ले में सूर्यवंशी ने अकेले CSK, RCB, KKR, GT और DC से ज्यादा छक्के जड़ दिए.     -हर 4.5 गेंद पर एक छक्का लगाकर सूर्यवंशी ने T20 हिटिंग के नए मानक तय किए.     -बुमराह, स्टार्क, कमिंस और हेजलवुड जैसे दिग्गज भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से नहीं बच सके.     -मोहसिन खान और सुनील नरेन उन चुनिंदा नामों में रहे जिनके खिलाफ वह खुलकर नहीं खेल सके.     – प्रफुल्ल  हिंगे की पहली गेंद पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने अगली भिड़ंत में लगातार चार छक्के जड़कर हिसाब बराबर किया।  15 साल की उम्र में रिकॉर्डों का पहाड़ खड़ा करने वाले सूर्यवंशी के लिए यह सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है. आने वाले द‍िनों में वो क्या करेंगे, इस पर अब अनुमान लगाना भी मुश्क‍िल है. ऊपर जो तथ्य बताए गए हैं, वो केवल वैभव की इस आईपीएल की हाइलाइट्स मात्र हैं. आईपीएल फाइनल में उननकी टीम भले नहीं जीती हो, लेकिन उन्होंने आईपीएल के कई ख‍िताबों को अपने नाम किए. वहीं जता द‍िया कि आने वाले द‍िनों में क्या करेंगे।   इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स युवा प्रतिभाओं को तराशने वाली सबसे सफल फ्रेंचाइजी रही है. रवींद्र जडेजा, संजू सैमसन, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी इसी मंच से निकले. लेकिन 2026 का सीजन इस सूची में एक ऐसे नाम को सबसे ऊपर ले आया, जिसकी उम्र अभी महज 15 साल है. वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ शानदार प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि T20 बल्लेबाजी की उन सीमाओं को भी तोड़ दिया, जिन्हें अब तक अछूता माना जाता था।  सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा. उन्होंने सिर्फ 327 गेंदों का सामना किया, जिनमें से 135 बार गेंद बाउंड्री के पार गई. इनमें 72 छक्के शामिल रहे. पूरे सीजन में उनके बल्ले से छह बार 50 से ज्यादा स्कोर निकले, जिनमें एक 36 गेंदों का शतक भी था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी चार फिफ्टी 16 गेंद या उससे कम में पूरी हुईं।  उनकी बल्लेबाजी का असर इस बात से भी समझा जा सकता है कि उनका स्ट्राइक रेट बाकी राजस्थान बल्लेबाजों से 87.03 ज्यादा रहा. IPL इतिहास में किसी सीजन में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बीच यह सबसे बड़ा अंतर है।  IPL इतिहास के 18 सीजन में सिर्फ चार बल्लेबाज ही किसी एक सीजन में उनसे ज्यादा रन बना पाए हैं, लेकिन किसी का स्ट्राइक रेट उनके आसपास भी नहीं पहुंचा. T20 क्रिकेट के इतिहास में 500 से ज्यादा रन और 200 से अधिक स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों की सूची बेहद छोटी है. इसमें वैभव सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आते हैं. उनके 776 रन इस विशेष क्लब में दूसरे नंबर पर मौजूद अभिषेक शर्मा के 563 रनों से 38 प्रतिशत ज्यादा हैं. इस सूची में आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नाम भी शामिल हैं।  अगर 300 से ज्यादा रन और 200 से ऊपर स्ट्राइक रेट वाले T20 टूर्नामेंटों को देखा जाए तो केवल अभिषेक शर्मा ने उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट दर्ज किया, लेकिन वह सिर्फ 304 रन ही बना सके थे. दूसरी तरफ सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में 230 से ज्यादा स्ट्राइक रेट बनाए रखते हुए 776 रन ठोक दिए।  2025 में अपने डेब्यू सीजन में प्रतिभा की झलक दिखाने वाले सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि क्या वह दूसरे साल भी उसी स्तर का प्रदर्शन कर पाएंगे. उन्होंने इसका जवाब धमाकेदार अंदाज में दिया. राजस्थान रॉयल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार चार जीतों से की और उसमें सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही।  वह IPL इतिहास के पहले बल्लेबाज बने, जिन्होंने अपने शुरुआती दोनों सीजन में शतक लगाया. 2025 में गुजरात  टाइटन्स के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाने वाले सूर्यवंशी ने 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में सैकड़ा जड़ दिया।  वह IPL में दो शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड बल्लेबाज भी बने. इतना ही नहीं, उन्होंने यशस्वी जायसवाल के नाम दर्ज अनकैप्ड बल्लेबाज के सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को 151 रन के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया।  2026 में सूर्यवंशी ने चार बार 16 गेंद या उससे कम में अर्धशतक पूरा किया. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने अपने पूरे करियर में भी इतनी बार ऐसा नहीं किया है. इससे पहले  ट्रेव‍िस हेड और निकोलस पूरन ने 2024 में एक सीजन में दो-दो बार यह उपलब्धि हासिल की थी।  एलिमिनेटर में SRH के खिलाफ उनकी 16 गेंदों की फिफ्टी IPL प्लेऑफ इतिहास की संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी रही. जयपुर में स्ट्राइक SRH के खिलाफ लगाया गया 36 गेंदों का शतक IPL इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक था. दिलचस्प बात यह है कि दूसरे नंबर पर भी उनका ही नाम दर्ज है. एलिमिनेटर में वह 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर आउट हुए, नहीं तो सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो सकता था।  सीजन की आखिरी पारी में उन्होंने IPL में 1000 रन पूरे किए और ऐसा करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. सिर्फ 440 गेंदों में 1000 रन तक पहुंचकर उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिनको यह उपलब्धि हासिल करने में 545 गेंदें लगी थीं. सूर्यवंशी ने केवल 23 पारियों में 1000 IPL रन पूरे किए, जो लीग के इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज और किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज रिकॉर्ड है।  पावरप्ले सूर्यवंशी का सबसे पसंदीदा शिकार क्षेत्र साबित हुआ. उनके 776 रनों में से … Read more

बाल यौन शोषण पर सख्त रुख: सहमति का तर्क खारिज, दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश

 नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने बाल यौन शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि व्यावसायिक यौन शोषण के लिए किसी नाबालिग की तस्करी की जाती है, तो दोषियों पर कठोर 'पोक्सो एक्ट' के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। जस्टिस जे.बी. पार्डीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने एनजीओ 'प्रज्वला' की याचिका पर यह अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि बाल यौन शोषण का हर मामला कानूनन गैर-सहमति वाला ही माना जाएगा। सहमति का तर्क पूरी तरह खारिज कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि मानव तस्करी के मामलों में पीड़ित बच्ची की 'सहमति' का कोई अर्थ नहीं रह जाता, चाहे अपराधी ने डराने, धमकाने या बहलाने-फुसलाने जैसे हथकंडों का इस्तेमाल किया हो या नहीं। कोर्ट का पूरा ध्यान अपराधियों की करतूतों और उनकी नीयत पर होना चाहिए। यदि पीड़ित को यह पता भी हो कि उसे वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा है, तब भी वह पीड़ित ही रहेगी, क्योंकि काम के हालातों को लेकर उसे धोखे में रखा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 23 मानव तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाता है और यह अधिकार सरकार के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी लागू होता है पुनर्वास ही असल सशक्तिकरण सुप्रीम कोर्ट ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे संवेदनशील मामलों को किसी एक कानून के चश्मे से न देखें, बल्कि भारतीय न्याय संहिता और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के साथ पोक्सो एक्ट का भी समग्रता से इस्तेमाल करें। पोक्सो लागू होने से पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज करने और मेडिकल जांच की प्रक्रिया अधिक संवेदनशील व सुरक्षित हो जाती है। कोर्ट ने पीड़ितों को सिर्फ 'बचाव का पात्र' मानने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास पर जोर दिया, क्योंकि बिना पुनर्वास के वे दोबारा उसी दलदल में गिरने को मजबूर हो जाते हैं।

बिहार में शराबबंदी के बीच अंतरराष्ट्रीय तस्करी का नया नेटवर्क उजागर

मुजफ्फरपुर बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद धंधेबाजों का नेटवर्क तेजी से पैर पसार रहा है। अब तस्करों का दायरा सिर्फ दूसरे राज्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे सीधे विदेशों से भी शराब की खेप मंगवाने से नहीं डर रहे हैं। मुजफ्फरपुर में भूटान से तस्करी कर लाई गई विदेशी शराब की एक बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की नींद उड़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह नया ट्रेंड एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। भूटान से बंगाल सीमा पार कर मुजफ्फरपुर पहुंची खेप उत्पाद विभाग ने मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर भूटान निर्मित शराब के 115 कार्टन जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि धंधेबाज भूटान से चोरी-छिपे सीमा पार कर पहले पश्चिम बंगाल में दाखिल हुए थे। इसके बाद किशनगंज, फारबिसगंज, पूर्णिया, मधुबनी और दरभंगा फोरलेन के रास्ते होते हुए इस बड़ी खेप को मुजफ्फरपुर लाकर स्टॉक किया गया था। जांच टीम अब उस गाड़ी और उसके मालिक की पहचान करने में जुटी है, जिसके जरिए इतनी लंबी दूरी तय कर शराब यहाँ पहुँचाई गई। तीन बड़े धंधेबाज फरार, छापेमारी इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी के पीछे स्थानीय नेटवर्क का हाथ सामने आया है। मामले में अहियापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले तीन कुख्यात धंधेबाजों—लखपत पासवान, सुशील झा और निखिल कुमार के नाम उजागर हुए हैं। शनिवार को जांच टीम ने इन फरार आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, हालांकि फिलहाल तीनों पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है। 150 की बोतल को 1200 में बेचने का खेल पकड़े गए नेटवर्क से शराब तस्करी का एक बेहद खतरनाक तरीका सामने आया है। उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि भूटान जैसे टैक्स-फ्री देश से महज 150 रुपये मूल्य की 750 एमएल शराब मंगवाई जाती थी। इसके बाद धंधेबाज इसमें पानी, रंग और जानलेवा स्पिरिट मिलाकर इसकी मात्रा को सवा से डेढ़ लीटर (यानी एक से दो बोतल) तक बढ़ा देते थे। इस मिलावटी शराब को असली दिखाने के लिए बोतलों पर रॉयल चैलेंज (Royal Challenge), रॉयल स्टैग (Royal Stag) और मैकडॉवेल नंबर वन (McDowells No. 1) जैसे नामी ब्रांड्स के नकली रैपर और स्टिकर चिपका दिए जाते थे। इसके बाद इस मिलावटी और जानलेवा शराब को बाजारों में 1200 रुपये प्रति बोतल तक की ऊंची कीमत पर बेचा जाता था। टैक्स-फ्री राज्य और देश निशाने पर उत्पाद विभाग के अनुसार, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करों का एक बहुत बड़ा सिंडिकेट बिहार में सक्रिय है। हाल के दिनों में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के तस्करों की गिरफ्तारियों से पता चला है कि अब शराब की बोतलों से बारकोड को खरोंचकर भेजा जा रहा है, ताकि जांच में उस दुकान का पता न चल सके जहाँ से शराब खरीदी गई। इसके अलावा, मुनाफे को अधिकतम करने के लिए धंधेबाज अब चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, दमन और दीव जैसे टैक्स-फ्री राज्यों को निशाना बना रहे हैं, जहां शराब बेहद सस्ती मिलती है। भूटान से शराब की खेप पकड़े जाने का बिहार में यह पहला मामला है, जो इसी रणनीति का हिस्सा है। अंधापन और मौत दे रही यह शराब शराब की मात्रा बढ़ाने के लिए धंधेबाजों द्वारा धड़ल्ले से इस्तेमाल की जा रही स्पिरिट मानव शरीर के लिए बेहद घातक है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के रसायनशास्त्र विशेषज्ञ सह इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेजेज साइंस, प्रो. अरविंद कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि शराब में मिलाई जाने वाली स्पिरिट काफी घातक होती है। जब इसे मात्रा बढ़ाने के लिए डायलूट किया जाता है, तो यह 'मिथाइल अल्कोहल' का रूप ले लेती है। इसके सेवन से व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो सकता है। यदि स्पिरिट की मात्रा थोड़ी भी अधिक हो जाए, तो व्यक्ति की मौके पर ही जान जाने का पूरा खतरा रहता है। भूटान से लाई गई शराब को डायलूट कर एक से दो बोतल बनाने का धंधा किया जा रहा था। तीन धंधेबाजों का नाम सामने आया है। जिनके विरुद्ध अभियोग दर्ज कर गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। दीपक कुमार सिंह, उत्पाद इंस्पेक्टर

भारतीय राजनीति में पहली बार! डिप्टी सीएम अरुण साव बने विधायक दूल्हे की बैलगाड़ी के सारथी

भारतीय राजनीति में पहली बार "डिप्टी सीएम अरुण साव बने विधायक दूल्हे की बैलगाड़ी के सारथी छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव बने विधायक दीपेश साहू की बैलगाड़ी में निकली बारात के सारथी बेमेतरा/रायपुर  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव निकले बैलगाड़ी में सारथी बनकर दूल्हे राजा हैं भाजपा विधायक दीपेश साहू। बेमेतरा में आयोजित सामूहिक मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह करने का फैसला किया और बारात के सारथी बनने राजधानी रायपुर से बेमेतरा पहुंचे डिप्टी सीएम अरुण साव, बैलगाड़ी में निकली बारात के सारथी बने डिप्टी सीएम अरुण साव।

सूर्या चौहान केस: हत्या के बाद पुलिस कार्रवाई में मुख्य आरोपी ढेर

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सूर्य चौहान की हत्या मामले ने जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ का बकरीद से पहले का एक बयान खासी चर्चा में है। बकरीद के मौके पर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए थे। खुले में नमाज पढ़ने और सार्वजनिक स्थल पर पशुओं की कुर्बानी देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया था। सीएम योगी ने इससे पहले महिलाओं की सुरक्षा के मामले पर यमराज वाला बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बेटियों के साथ छेड़खानी और व्यापारियों के खिलाफ अपराध करने वालों को यह सोचना चाहिए कि अगले चौराहे पर यमराज इंतजार कर रहे होंगे। असद ने सीएम योगी की बात नहीं मानी। लगातार बढ़ी थी मांग सूर्या चौहान की हत्या के बाद से लगातार मामले में एक्शन की मांग हो रही थी। सूर्या की मां और भाई लगातार इस मामले में मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर की मांग कर रहे थे। इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने कांड के मुख्य आरोपी असद को ढेर कर दिया। 17 वर्षीय छात्र सूर्य प्रताप चौहान उर्फ सूर्या के हत्यारों पर लगातार एक्शन जारी है। गाजियाबाद पुलिस की ओर से असद पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 28 मई को 17 वर्षीय किशोर पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसकी मौत हो गई थी। सूर्या की मौत के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के कड़े निर्देश के बाद भी हत्याकांड को अंजाम दिए जाने को लेकर चर्चा गरमाई। मामले में खोड़ा पुलिस पर भी सवाल खड़े हुए। हालांकि, मामले में सरकार की ओर से अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे। ऐसे में पुलिस लगातार एक्शन में दिखी। सीएम ने लगातार दिया हैं संदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुंडे और माफियाओं को पिछले दिनों लगातार एक संदेश दिया है, अगर अपराध करोगे तो कार्रवाई के लिए भी तैयार रहना होगा। सीएम योगी ने लखनऊ से लेकर मऊ तक के कार्यक्रमों के दौरान साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में आज कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता है। प्रदेश में आज कोई व्यापारी से जबरन गुंडा टैक्स नहीं ले सकता है। प्रदेश में बेटियां नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। अगर कोई गुंडा बेटियों को छेड़ने का प्रयास करता है, तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने के लिए बैठे रहते हैं। यही बात उन्होंने अपराध करने वालों को भी कही थी। हालांकि, बकरीद के दिन सुनियोजित साजिश रचते हुए जिस प्रकार से असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या को मार डाला। यह एक प्रकार से सीएम योगी आदित्यनाथ की लगातार अपील को नजरअंदाज किए जाने के तौर पर देखा गया। अब इस मामले में योगी सरकार का सख्त एक्शन सामने आया है। असद के एनकाउंटर के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। हालांकि, 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में आरोपी के एनकाउंटर के बाद पीड़ित परिवार संतोष जता रहा है। ब्रजेश पाठक का आया बयान सूर्या चौहान की हत्या मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सूर्या के हत्यारों को गिरफ्तार किया था। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मारा गया। डिप्टी सीएम ने कहा कि इस हत्याकांड और अपराध में शामिल हत्यारों एवं अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम योगी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। रीना भाटी ने भी बोला हमला सूर्या केस में खोड़ा नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष रीना भाटी ने कहा कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद थी। योगी सरकार ने कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बनाए रखा। यह एनकाउंटर एक कट्टरपंथी सोच वाले व्यक्ति के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर कोई भी ऐसी विचारधारा पर चलेगा, तो उसका भी यही हश्र होगा।  

उच्च शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होंगी नई कक्षाएं

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 शासकीय महाविद्यालयों में नए संकाय एवं विषय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा, श्री अनुपम राजन ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश छह शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय प्रारंभ किया जाएगा। इसके अंतर्गत भौतिकी, रसायन विज्ञान, प्राणीशास्त्र, गणित एवं वनस्पति विज्ञान विषयों का संचालन किया जाएगा। जिन महाविद्यालयों में विज्ञान संकाय प्रारंभ किया जा रहा है, उनमें शासकीय महाविद्यालय देवेंद्रनगर, केसली, रहली, गढ़ाकोटा, शाहगढ़ और जावर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, शासकीय महाविद्यालय ढाना में स्नातक स्तर पर इतिहास विषय प्रारंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। शासकीय महाविद्यालय देवेंद्रनगर में स्नातकोत्तर स्तर पर राजनीतिक शास्त्र, शासकीय महाविद्यालय बम्हनी में स्नातकोत्तर स्तर पर राजनीतिक शास्त्र, हिन्दी एवं समाजशास्त्र, शासकीय महाविद्यालय नईगढ़ी राजनीतिक शास्त्र, भूगोल एवं समाजशास्त्र, शासकीय कन्या महाविद्यालय बासौदा में स्नातकोत्तर स्तर पर भौतिकी, रसायन शास्त्र, प्राणीशास्त्र, गणित एवं वनस्पति शास्त्र, शासकीय महाविद्यालय बंडा में स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र, हिन्दी, इतिहास, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र एवं रसायन शास्त्र, शासकीय महाविद्यालय रहली स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी साहित्य, राजनीतिक शास्त्र, समाजशास्त्र, शासकीय महाविद्यालय गढ़ाकोटा में हिन्दी साहित्य, राजनीतिक शास्त्र, समाजशास्त्र, शासकीय महाविद्यालय शाहगढ़ में हिन्दी साहित्य, राजनीतिक शास्त्र, भूगोल एवं इतिहास, विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। उच्च शिक्षा विभाग के इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों की ओर उनका पलायन भी कम होगा। विभाग का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।  

2033 से शामिल होंगी नई सबमरीन, हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत

नई दिल्ली  भारत ने पनडुब्बी क्षमता में अपने पड़ोसी देशों को मात देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहा है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना ने जर्मनी के साथ एक डील को लेकर अच्छी खबर दी है। भारतीय नौसेना के मुताबिक भारत और जर्मर्नी के बीच 6 नए कन्वेंशनल सबमरीन के निर्माण के लिए अब कुछ ही महीनों में कॉन्ट्रैक्ट की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान टेक्नोलॉजी का भी ट्रांसफर किया जाएगा। इस डील के फाइनल होने से चीन और पाकिस्तान जैसे देशों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। पूर्व नौसेना प्रमुख के मुताबिक भारत के मजगांव डॉक और जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स के बीच अनुबंध को पूरा होने में बस कुछ और महीने ही लगेंगे। पहली पनडुब्बी के 2033 में शामिल होने की उम्मीद है, जिसके बाद 2038 तक हर साल एक पनडुब्बी शामिल की जाएगी। इस मामले पर अब पूर्व नौसेना प्रमुख रहे एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बयान दिया है। उन्होंने इस डील की पूरी कहानी बताई है। सबसे पहले इस पनडुब्बी की खासियत इन पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत इनकी AIP तकनीक है, जिसके कारण इन्हें बैटरी चार्ज करने के लिए बार-बार पानी की सतह पर नहीं आना पड़ेगा। ये पनडुब्बी 2 से 3 सप्ताह तक लगातार पानी के भीतर छिपी रह सकती हैं। इन्हें आधुनिक टॉरपीडो और भारी मारक क्षमता वाली मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस-एनजी) से लैस किया जाएगा। ये खामोश और अत्याधुनिक पनडुब्बियां हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की समुद्री चुनौतियों का मुकाबला करने में भारतीय नौसेना को एक बड़ी रणनीतिक बढ़त देंगी। होर्मुज जैसे संकट के लिए तैयार रहना जरूरी: नौसेना प्रमुख पूर्व नौसेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को इंटरव्यू देते हुए कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और संरक्षा से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है। नौसेना की तात्कालिक प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक अरब सागर में उपस्थिति, निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा प्रदान करके सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना रही है। इन समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करने की हमारी दीर्घकालिक योजना किसी एक निश्चित समाधान पर निर्भर रहने के बजाय समुद्री क्षेत्र की जागरूकता, परिचालन क्षमता और साझेदारी को मजबूत करना है। हम महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्गों पर निरंतर उपस्थिति बनाए रखते हैं, जैसे कि 2008 से समुद्री डाकुओं से बचाव के लिए अदन की खाड़ी में एक जहाज की निरंतर तैनाती। हमारे सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) ने परिचालन प्रतिक्रियाओं के समन्वय के लिए सहयोगी देशों के साथ संबंध स्थापित किए हैं। नौसेना प्रमुख बोले- हमारा लक्ष्य भारत के समुद्री हितों की पूर्ण सुरक्षा करना पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय नौसेना के प्रयास किसी विशिष्ट राष्ट्र को लक्षित नहीं करते, न ही हम अपने उद्देश्यों को केवल क्षेत्र पर "वर्चस्व" स्थापित करने तक सीमित रखते हैं। हमारा सर्वोपरि लक्ष्य भारत के समुद्री हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना और एक स्थिर, स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देना है। हम कई रणनीतिक कदमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं – पहला, हम अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहे हैं और 2035 तक 200 से अधिक जहाजों वाली नौसेना बनने की दिशा में दृढ़ता से अग्रसर हैं। दूसरा, हमने मिशन-आधारित तैनाती और समुद्री क्षेत्र की जागरूकता के माध्यम से निरंतर परिचालन पहुंच बनाए रखी है, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और हिंद महासागर क्षेत्र में अपने जहाजों और विमानों की लगभग निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की है; और अंत में, भारत ने महासागर की परिकल्पना के तहत क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को काफी मजबूत किया है।