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JoSAA काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी, IIT-NIT की पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट 13 जून को आएगी

पटना. देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों आइआइटी, एनआइटी और अन्य में प्रवेश के लिए जाइंट सीट एलोकेशन अथारिटी (जोसा) ने काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिए हैं। मंगलवार की सुबह 10 बजे से जोसा काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन और च्‍वाइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (एएटी) में सफल होने वाले अभ्यर्थी सात जून से अपनी विशेष चाॅइस भर सकेंगे। उम्मीदवारों की सुविधा और सीट के अनुमान के लिए आठ जून और 10 जून को माक सीट एलोकेशन एक और दो के परिणाम प्रदर्शित किए जाएंगे। 11 जून की शाम तक रजिस्‍ट्रेशन छात्र 11 जून की शाम पांच बजे तक रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, जिसके बाद भरी गई च्‍वाइस सिस्टम द्वारा स्वतः लाक हो जाएगी। इसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया मुख्य रूप से पांच राउंड में आयोजित की जाएगी। पहले राउंड 13 जून को सुबह 10 बजे सीट एलोकेशन लिस्ट जारी होगी। चयनित छात्रों को आनलाइन रिपोर्टिंग, डाक्युमेंट अपलोड और 26 जून 2026 तक फीस का भुगतान करना होगा। दूसरे राउंड में 30 जून को शाम पांच बजे घोषित किया जाएगा, जिसके लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि तीन जुलाई है। 8 जुलाई तक फीस भुगतान तीसरा राउंड का परिणाम छह जुलाई को जारी होगा। इसके लिए फीस भुगतान आठ जुलाई तक किया जा सकता है। चौथा राउंड का कटआफ 10 जुलाई को जारी होगा। इसके लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। पांचवें और अंतिम राउंड का सीट आवंटन 16 जुलाई को किया जाएगा। यह राउंड आइआइटी और आइआइएससी के लिए फाइनल होगा। एनआईटी प्लस सिस्टम के लिए आंशिक प्रवेश शुल्क का आनलाइन भुगतान 22 से 24 जुलाई के बीच होगा। छात्र अपनी आवंटित सीट से नाम वापस लेने की प्रक्रिया भी राउंड दो, तीन और चार के दौरान कर सकते हैं।

पंजाब इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के पूर्व CMD ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, FIR रद्द करने की मांग

चंडीगढ़. पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक केडी चौधरी ने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। 76 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी ने याचिका दाखिल कर विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने और मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली और हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई आठ जुलाई तक स्थगित कर दी है। यह मामला वर्ष 2013 में लुधियाना के बसंत एवेन्यू क्षेत्र में 66 केवी ग्रिड सब-स्टेशन की स्थापना के लिए दी गई प्रशासनिक मंजूरी से जुड़ा है। विजिलेंस ब्यूरो का आरोप है कि ग्रिड निर्माण के दौरान विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। आरोपों के अनुसार ग्रिड के लिए निर्धारित न्यूनतम एक एकड़ भूमि और दो ग्रिड सब-स्टेशनों के बीच कम से कम पांच किलोमीटर की दूरी बनाए रखने की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर पूर्व सीएमडी समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। केडी ने आरोपों को निराधार बताया याचिका में केडी चौधरी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यों के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि बसंत एवेन्यू, दुगरी और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रहे बिजली लोड, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों और बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति को देखते हुए क्षेत्रीय इंजीनियरों और फील्ड अधिकारियों ने वर्ष 2008 से ही नए ग्रिड सब-स्टेशन की आवश्यकता जताई थी। यह प्रस्ताव विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक स्तरों पर जांच के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए उनके पास पहुंचा था। याचिका में कहा गया है कि जिन दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है, वे कोई वैधानिक नियम नहीं बल्कि पुराने विभागीय दिशा-निर्देश हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भूमि की उपलब्धता की कमी को देखते हुए कई मामलों में ऐसे मानकों में छूट दी जाती रही है। चौधरी ने दावा किया कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी कम भूमि और कम दूरी वाले कई ग्रिड सब-स्टेशनों को मंजूरी दी गई। दावा- एफआईआर में रिश्वत का जिक्र नहीं पूर्व सीएमडी ने अदालत को यह भी बताया कि एफआईआर में कहीं भी यह आरोप नहीं लगाया गया कि उन्होंने रिश्वत ली, व्यक्तिगत लाभ प्राप्त किया या सरकारी खजाने को किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान पहुंचाया। उनका तर्क है कि एक प्रशासनिक और तकनीकी निर्णय को आपराधिक रंग देकर कार्रवाई की गई है। याचिका में 13 वर्ष बाद एफआईआर दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। चौधरी ने कहा कि इसी शिकायत की वर्ष 2018 और 2021 में जांच की जा चुकी है और दोनों बार मामले को बंद कर दिया गया था। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के चर्चित भजन लाल बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला देते हुए एफआईआर को दुर्भावनापूर्ण और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। 8 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने तत्काल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई आठ जुलाई तक स्थगित कर दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से रखी जाएंगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक निर्णयों और आपराधिक जवाबदेही के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी बहस का विषय बन गया है।

किसानों को जागरूक करने बड़ा अभियान शुरू, जैविक खेती और उत्पादों पर रहेगा फोकस

रायपुर. रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से प्रभावित हो रहे मृदा स्वास्थ्य, घटती भूमि उर्वरता और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 1 से 30 जून तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा. अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और कृषक उन्मुख गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. अभियान के दौरान ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर कृषक संगोष्ठियां, कृषि चौपाल, जनजागरूकता कार्यक्रम और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी. कृषि वैज्ञानिक किसानों को रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव, प्राकृतिक खेती के लाभ, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा खेती की लागत कम करने के उपायों की जानकारी देंगे. साथ ही मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन और फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के उपयोग के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. प्रदेशभर में अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में दीवार लेखन के माध्यम से मृदा संरक्षण और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी. किसानों और नागरिकों को प्राकृतिक खेती अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी. पंचायत स्तर पर आयोजित कृषि चौपालों में किसानों और जनप्रतिनिधियों को अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत : राज्यपाल पटेल

महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग : राज्यपाल पटेल लोकभवन में लगा स्वास्थ्य शिविर  राज्यपाल ने महिलाओं को वितरित किए स्वच्छता किट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्वस्थ समाज एवं परिवार के लिए महिलाओं का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी व्यस्त जीवन शैली में अपने स्वास्थ्य की चिंता करें। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए समय निकाले। संतुलित आहार, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर शुभारंभ अवसर पर संदीपनि सभागार में उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को स्वच्छता किट प्रदान की। संदीपनि सभागार और सिविल डिस्पेंसरी में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों का अवलोकन किया। ज्ञातव्य है कि राज्यपाल पटेल के जन्म दिवस के अवसर पर लोक भवन में सोमवार को स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया था। अस्थिरोग संबंधी चिकित्सकीय जाँच के लिए बोन मिनरल डेनसिटी जाँच और परामर्श शिविर का सिविल डिस्पेंसरी में तथा एच.पी.व्ही. और महिला स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जागरूकता के लिए चिकित्सकीय परामर्श सत्र सांदीपनि सभागार में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।  

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही लाखों जिंदगियां : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बड़ेकनेरा में लाभार्थियों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री, महिलाओं, बच्चों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत मिला लाभ महतारी वंदन से आर्थिक संबल, मातृ वंदना से सुरक्षित मातृत्व और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई ताकत रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को मिला बल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है। महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है। अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व का सम्मान गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सक्षम योजना और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई दिशा कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है। किशोरियों को मिली हाइजीन किट, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है। कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है। जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विश्वास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

खेत से सड़क तक सुरक्षा पर जोर, किसानों को फ्री हेलमेट बांटेगी MP सरकार

शुजालपुर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि उनकी सरकार उन किसानों को मुफ्त हेलमेट देगी जो अपनी फसल, दूध, फल और सब्जियां बेचने के लिए मोटरसाइकिलों से शहरों और कस्बों की आवाजाही करते हैं। सीएम ने कहा कि अक्सर बिना हेलमेट सफर करने वाले इन किसानों को सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों के कारण जान गंवानी पड़ती है। इन किसानों का जीवन बचाना ही इस योजना का मकसद है। इस पहल के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है। हेलमेट देने की वजह भी बताई सीएम ने कहा कि किसान दूध-फल-सब्जी जैसा सामान मोटरसाइकिल पर गांव से शहर लाते हैं। हेलमेट न होने की वजह से उन पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हमारी सरकार हेलमेट देकर किसानों की जान बचाएगी। इस तरह हम दुर्घटनाओं को भी रोकेंगे और किसानों को सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। किसानों की बढ़ाएंगे आमदनी मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 134वां संस्करण सुनने के बाद किसानों से संवाद के दौरान यह घोषणा की। सीएम ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार हर हाल में किसानों की आमदनी बढ़ाएगी। गेहूं खरीद में बनाया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी सरकार जो निर्णय करती है, उसे लागू करती है। हमने आज 2,625 रुपये क्विंटल के दाम पर 1 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद का रिकॉर्ड बनाया है। अभी तक हमने अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लगभग 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड भी मध्य प्रदेश सरकार ने बनाया है। उड़द पर बोनस, दाल उत्पादन में एमपी नंबर वन सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। सरकार सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को लाभ देकर वचन को निभा रही है। हमारी सरकार उड़द को भी प्रोत्साहन दे रही है। पहली बार हम उड़द पर बोनस दे रहे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 है। हम उसमें और आगे बढ़ रहे हैं। तूअर दाल के आयात पर दी छूट मुख्यमंत्री ने कहा कि कि एक तरफ सरकार खेती पर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ कारखानों के माध्यम से दालों का उत्पादन भी यहीं करने की कोशिश कर रही है। तूअर दाल के आयात पर कारखानों को टैक्स की छूट देकर हमने वचन निभाया। मूंग और उड़द भी खरीदेगी सरकार सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार आने वाले समय में बरसात के बाद जब रबी की फसल आएगी तब दिन में बिजली देकर किसानों को कठिनाइयों से मुक्त करेगी। सरकार ने उड़द और मूंग की फसल के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से अब किसानों से मूंग और उड़द की फसलों की भी खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाद में शुजालपुर शहर में एक रोड शो भी किया।

पश्चिम बंगाल सरकार की नई पहल, अब महिलाएं सरकारी बसों में करेंगी फ्री सफर

कोलकत्ता   पश्चिम बंगाल में सोमवार से महिलाओं के लिए पूरे राज्य में मुफ्त बस यात्रा योजना लागू हो गई है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ता में आने से पहले किया गया एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा कर दिया है।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार गठन के बाद यह घोषणा की थी कि इस योजना को एक जून से लागू कर दिया जायेगा। राज्य में सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को अब किराया देने की आवश्यकता नहीं है। इस नयी व्यवस्था के तहत, सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को आज से नियमित किराये के टिकट के बजाय 'शून्य-मूल्य' के टिकट जारी किये जा रहे हैं। ये सुविधा उत्तरी जिलों से लेकर दक्षिणी क्षेत्रों तक पूरे राज्य में उपलब्ध है। इसमें कम दूरी तथा लंबी दूरी दोनों तरह के मार्ग शामिल हैं। इन 12 दस्तावेजों की मदद से महिलाएं कर सकेंगी फ्री सफर लंबी दूरी की बसों में यात्रा करने के लिए, महिला यात्रियों को मुफ्त टिकट प्राप्त करने से पहले 12 स्वीकृत पहचान दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, तस्वीर लगा हुआ पेंशन दस्तावेज, राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी पहचान पत्र, विद्यालयों, महा विद्यालयों या विश्वविद्यालयों की ओर से जारी छात्र पहचान पत्र और सरकार की ओर से जारी कोई अन्य पहचान दस्तावेज शामिल हैं। महिलाओं की प्रतिक्रिया राज्य सरकार के इस फैसले से महिलाएं बेहद खुश हैं. उनका कहना है- इस सरकार ने हमारी लड़कियों के बारे में सोचा है. अब तक हमें अपने पिता या पति से मदद मांगनी पड़ती थी, इस नियम के लागू होने से हम बहुत खुश हैं. एक अन्य महिला यात्री ने कहा- मैं काउंटर पर टिकट खरीदने आई थी, उन्होंने कहा कि महिलाओं को टिकट की जरूरत नहीं है. एक कार्ड दिया जाएगा. चूंकि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल आप अपना आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त में यात्रा कर सकती हैं. हालांकि, एक युवती ने कहा कि यह पहल बहुत अच्छी है, लेकिन जो लोग इसका खर्च उठा सकते हैं उन्हें बस का किराया देना चाहिए।  शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राज्यभर की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा शुरू करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने राज्य द्वारा संचालित सभी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के अपने चुनावी वादे को पूरा किया है. मुख्यमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक महिलाएं अब मुफ्त यात्रा के लाभों का आनंद ले रही हैं. महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना एक और बड़ा कदम आगे बढ़ गया है।  जो वादा किया था वो पूरा किया उन्होंने आगे कहा कि राज्य की माताओं और बहनों ने हम पर भरोसा जताया है. चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा किया था. उस वादे को पूरा करते हुए, आज से राज्य भर की सभी महिलाएं- पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं. राज्य सरकार पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक गरिमा, आर्थिक सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।  इन दस्तावेजों की हो रही जरुरत बसों में मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को गुलाबी कार्ड या स्मार्ट कार्ड तैयार रखना होगा. यदि आप वह कार्ड कंडक्टर को देंगी, तो वह आपको मुफ्त में यात्रा करने की अनुमति देगा. शून्य मूल्य का टिकट जारी करने के लिए ई-पीओएस मशीन को स्वाइप करना होगा. चूंकि यह कार्ड अभी तक लॉन्च नहीं हुआ है, इसलिए महिलाएं आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।  लंबी दूरी की बसों के लिए भी मुफ्त टिकट छोटी दूरी की बस में चढ़ते समय हर कोई टिकट खरीदता है. इसलिए पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त टिकट प्राप्त करने का विचार सभी को समझ में आता है, लेकिन लंबी दूरी की बस यात्रा के बारे में फ्री यात्रा के लिए क्या करना होगा. यदि कोई महिला यात्री सरकारी बस से दीघा या दार्जिलिंग जाना चाहती है, तो उसे सरकारी बस डिपो जाना होगा. वहां आपको अपना पहचान पत्र दिखाकर शून्य मूल्य का टिकट प्राप्त करना होगा।  महिलाओं को मिलेगा जीरो रुपये का टिकट सोमवार सुबह से ही सरकारी बसों के भीतर इस योजना की जानकारी देने वाले पत्रक प्रदर्शित कर दिये गये हैं। इसके साथ ही, बस कंडक्टरों और ड्राइवरों को भी इस कार्यक्रम को लागू करने तथा योग्य यात्रियों को शून्य-मूल्य टिकट जारी करने के संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, महिला यात्रियों को बस में चढ़ते ही मुफ्त टिकट मिलेंगे। इस योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार महिलाओं के लिए एक यात्रा कार्ड शुरू करने की योजना बना रही है। इस प्रस्तावित कार्ड प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लाभार्थी ही इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इस कार्ड को जारी किये जाने के संबंध में विस्तृत विवरण की घोषणा अभी नहीं की गयी है। इस योजना के शुभारंभ का कई महिला यात्रियों ने स्वागत किया है। सोमवार सुबह बस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री ने कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं, क्योंकि इससे उनके दैनिक परिवहन खर्च में कमी आयेगी। सरकार ने कहा है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं पर वित्तीय बोझ को कम करना और पूरे राज्य में किफायती सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच में सुधार करना है।

नौ साल बाद मिला इंसाफ! MP हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बीच आरोपी दोषमुक्त घोषित

जबलपुर  हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मामले का ट्रैक खो दिया और हुक या क्रूक से दोषसिद्धि का निर्णय पारित किया। यह अपीलार्थी के साथ घोर अन्याय है। लिहाजा, नौ वर्ष से जेल में बंद अपीलार्थी को दोषमुक्त करार दिया जाता है। बहुचर्चित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है अपीलकर्ता मंडीदीप, रायसेन निवासी संजय गुप्ता की ओर से अधिवक्ता आनंद कुमार शुक्ला, आशीष त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी व असीम त्रिवेदी ने पक्ष रखा। उन्हाेंने दलील दी कि अपीलार्थी 12 वर्षीय नितिन की हत्या के बहुचर्चित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। हत्या की और शव को बोरे में भरकर कूड़े में फेंक दिया रायसेन की ट्रायल कोर्ट ने उसके विरुद्ध तीन अप्रैल, 2017 को उम्रकैद व 17 हजार जुर्माने का फैसला सुनाया था। तब से नौ वर्ष हो गए, वह जेल की सलाखों में है। उस पर आरोप लगाया गया था कि उसने नितिन को घर पर बुलाया। हत्या की और शव को बोरे में भरकर कूड़े में फेंक दिया। बचाव पक्ष के वकीलों की ये रही दलीलें अपीलकर्ता के वकीलों ने दलील दी कि लास्ट सीन गवाह साहब सिंह ने नितिन को संजय के साथ नहीं, उसके बेटे के साथ देखा था। गवाह प्रेमसिंह लोवंशी ने बताया कि घटना तिथि सात अप्रैल, 2015 को संजय गुप्ता सुबह 8:30 से शाम पांच बजे तक आकाश फैक्ट्री में ड्यूटी पर था और रात आठ बजे से भोपाल में मालिक की बेटी की बर्थडे पार्टी में शामिल था। पुलिस ने ज्ञापन दो माह बाद चार जून, 2015 को बनाया और जब्त सामग्री एफएसएल जांच के लिए चार-छह माह बाद 30 अक्टूबर, 2015 को भेजी। ये रहा हाई कोर्ट का निष्कर्ष हाई कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने जिस सेमी लिक्विड ब्लड को संजय के बाथरूम से बरामद बताया, उसकी कोई बरामदगी नौ अप्रैल, 2015 के पंचनामा में दर्ज ही नहीं है। बरामद स्लिपर का साइज दर्ज नहीं, खुले प्लाट से मिली इसलिए महत्वहीन है। हथौड़े से चोट का मेडिकल कनेक्शन साबित नहीं, पेचकस पर फिंगर प्रिंट नहीं लिए गए। केस डायरी और कोर्ट में विरोधाभासी कार से मोटरसाइकिल हो गई गवाह साहब सिंह के बयान केस डायरी और कोर्ट में विरोधाभासी कार से मोटरसाइकिल हो गई। एफएसएल चेन आफ कस्टडी टूटी, छह माह तक माल थाने में रखा गया। हाई कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर ने सुप्रीम कोर्ट के शरद बिरधीचंद सारदा केस का हवाला देकर कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य में एक भी कड़ी टूटने पर दोषसिद्धि नहीं हो सकती। लिहाजा, दोषसिद्धि व दंडादेश निरस्त कर संजय गुप्ता को सभी आरोपों से बरी कर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया जाता है।  

MP में तबादला सीजन की शुरुआत, अधिकारी-कर्मचारी 15 जून तक होंगे इधर से उधर

 भोपाल  मध्य प्रदेश में आज से तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटने जा रहा है। यानी आज प्रदेश में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के ट्रांसफर होने लगेंगे। विभाग 15 जून तक प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादले कर सकेंगे। खास बात ये है कि, उन स्थानों को इस बार विशेष प्राथमिकता दी गई है, जो फिलहाल रिक्त पड़े हैं। ऐसे स्थानों को पहले भरा जाएगा। इसमें खास बात ये है कि, जनगणना कार्य में जुटे कर्मचारियों का ट्रांसफर नहीं होगा। बता दें कि, जिले के अंदर होने वाले तबादले का अधिकार प्रभारी मंत्री के पास रहेगा। जबकि, प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री मोहन यादव के समन्वय से अनुमति लेकर ही किए जा सकेंगे। नीति के दायरे से बाहर रखी गई सेवाएं मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, राज्य वन सेवा और मंत्रालय के कर्मचारियों के तबादले इस नीति के दायरे के बाहर रखे गए हैं। शिक्षकों के तबादलों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की अलग नीति है। वहीं, पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण तबादला बोर्ड के माध्यम से किए जाएंगे। तृतीय, चतुर्थ श्रेणी और राज्य स्तर के स्थानांतरण की प्रक्रिया जिले के भीतर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले जिला कलेक्टर के अधिकार में होंगे। हालांकि, इसमें संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री की मंजूरी होना अनिवार्य होगा। वहीं प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी अधिकारियों – कर्मचारियों के राज्य स्तर के तबादले संबंधित विभाग के मंत्री की अनुमति से संबंधित प्रशासनिक विभाग ही करेगा। जबकि, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना भी प्रभारी मंत्री की सलाह पर की जाएगी। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल पुलिस मुख्यालय की ओर से 5 जून तक आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के तबादले करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों ने स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की गई है। कई विभागों ने मांगा कर्मचारियों का विवरण शिक्षा विभाग के साथ साथ कई अन्य विभागों ने जिलों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी तलब की है। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों से 2 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नई नीति लागू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को साल 2026 की तबादला नीति जारी की थी। नीति जारी होने के बाद विभागों को 9 दिन में अपनी विभागीय तबादला नीति तैयार करने के साथ – साथ जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए थे। अब सभी विभाग नीति के अनुसार स्थानांतरण आदेश जारी कर सकेंगे। विभागवार तय की गई तबादलों की सीमा -नई तबादला नीति के तहत विभागों में कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तबादलों की अधिकतम सीमा तय हुई है। -200 तक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 20 फीसदी तबादले हो सकेंगे। -200 से 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 15 फीसदी स्थानांतरण किये जा सकेंगे। -1000 से 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 10 फीसदी तबादलों की अनुमति। -2001 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5 फीसदी तबादलों की अनुमति दी गई है। 15 जून तक जारी रहेगी प्रक्रिया मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश के मुताबिक, 15 जून तक सभी विभाग स्थानांतरण आदेश जारी कर सकेंगे। इसके बाद तबादलों पर फिर से रोक लगा दी जाएगी।

चेक गणराज्य में दम दिखाएंगे भारतीय बॉक्सर, ग्लासगो गेम्स से पहले होगा प्रदर्शन का आकलन

भिवानी. भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए जून का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। कामनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय मुक्केबाज अपनी तैयारियों को परखने के लिए चेक गणराज्य में होने वाली प्रतिष्ठित ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम मुक्केबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। यह टूर्नामेंट 16 से 21 जून तक आयोजित किया जाएगा और इसे पुरुष एवं महिला एलीट मुक्केबाजों के लिए गोल्ड-श्रेणी का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट माना जा रहा है। भारतीय टीम में वे मुक्केबाज शामिल होंगे जिनका चयन कामनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और संभावित टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यह प्रतियोगिता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, रणनीति और मानसिक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा होगी। महिला और पुरुषों की भारतीय टीम में नौ मुक्केबाज हरियाणा से हैं। टीम 13 या 14 जून को चेक गणराज्य के लिए दिल्ली से उड़ान भरेगी। वरिष्ठ कोच ने क्या बताया? द्रौणाचार्य अवार्डी और भारतीय खेल प्राधिकरण भिवानी से वरिष्ठ कोच महावीर सिंह बताते हैं उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और दुनिया के कई शीर्ष मुक्केबाज यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और कोचिंग स्टाफ इस प्रतियोगिता को कामनवेल्थ गेम्स से पहले सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय तैयारी मंच के रूप में देख रहे हैं। यहां खिलाड़ियों को यूरोप और अन्य महाद्वीपों के मजबूत मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कमजोरियों और मजबूत पक्षों का आकलन किया जा सकेगा। द्रौणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह कहते हैं इस वर्ष कामनवेल्थ गेम्स का आयोजन स्काटलैंड के शहर ग्लासगो में 23 जुलाई से दो अगस्त तक होगा। ऐसे में उस्ती नाद लाबेम में होने वाला प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजों के आत्मविश्वास, विश्व रैंकिंग और अंतिम टीम रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद भारतीय दल के कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से इस प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों की स्थिति का अंतिम आकलन इसी टूर्नामेंट के आधार पर करेगा, ताकि ग्लास्गो में भारत अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतर सके। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले चेक गणराज्य में होने वाली प्रतियोगिता अहम है। इसमें खिलाड़ी खुद को साबित करेंगे। वे पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतरेंगे। हमारे सभी मुक्केबाज ऊर्जा से सराबोर हैं और अपने बेस्ट परिणाम देते हुए खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। ये मुक्केबाज खेलने जाएंगे चेक गणराज्य मुक्केबाज    गृह राज्य/ज़िला    भार वर्ग जादूमणी     मणिपुर     55 सचिन सिवाच जूनियर     भिवानी (हरियाणा)     60 आदित्य     उत्तर प्रदेश (UP)     65 सुमित कुंडू     जींद (हरियाणा)     70 अंकुश     हिसार (हरियाणा)     80 कपिल     उत्तराखंड     90 नरेंद्र बेड़वाल     हिसार (हरियाणा)     90+ (प्लस) कॉमनवेल्थ में ये महिला मुक्केबाज खेलेंगी मुक्केबाज     गृह राज्य/ज़िला    भार वर्ग साक्षी ढांडा     भिवानी (हरियाणा)     51 kg प्रीति पंवार     भिवानी (हरियाणा)     54 kg जैस्मीन लंबोरिया     भिवानी (हरियाणा)     57 kg प्रिया घणघस     भिवानी (हरियाणा)     60 kg प्रवीण हुड्डा     रोहतक (हरियाणा)     65 kg अरूंधती चौधरी     राजस्थान     70 kg लवलीना बोरोगोहेन     असम     75 kg