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पीएम सूर्यघर योजना में यूपी का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में मिला सम्मान

पीएम सूर्यघर योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश का लहराया परचम, देश में बना सौर ऊर्जा का अग्रणी राज्य लाखों परिवारों के बिजली बिल हुए कम, उत्तर प्रदेश ने हासिल किए चार राष्ट्रीय प्रथम पुरस्कार योगी सरकार के प्रयासों से यूपी में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना लखनऊ  भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अग्रणी पहचान स्थापित की है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।    मंत्रालय द्वारा जारी पुरस्कार सूची के अनुसार सौर ऊर्जा माह (मई 2026) में उच्च स्तरीय उपभोक्ता आधार श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (1,02,035), सर्वाधिक सौर संयंत्र स्थापना (64,734) तथा सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (779) के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त डिस्कॉम निरीक्षणों की श्रेणी में राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त जनपद लखनऊ ने देश में कुल रूफटॉप स्थापना (1 लाख से अधिक) में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 5.64 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है, जिससे राज्य देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है। योगी सरकार के प्रयासों से योजना का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। लाखों परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है और अनेक उपभोक्ता अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं। इससे घरेलू बचत बढ़ी है, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है तथा स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में तेजी आई है। योगी सरकार द्वारा अपनाए गए विकेन्द्रीकृत क्रियान्वयन एवं केंद्रीकृत निगरानी मॉडल, जिला स्तर पर प्रभावी समन्वय, डिस्कॉम की सक्रिय भागीदारी तथा व्यापक जनजागरूकता अभियानों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मानते हुए उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संकल्प को भी नई गति प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का किया शुभारंभ, महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की

सबके लिए सबसे प्यारी होती है मां, हर नागरिक अवश्य लगाए ‘एक पेड़ मां के नाम’- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का किया शुभारंभ, महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की मुख्यमंत्री ने कपूर, वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम व विधायक ओपी श्रीवास्तव ने लगाया आंवला का पौधा सीएम योगी की उपस्थिति में एक साथ लगाए गए 200 से अधिक पौधे, मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ ली सेल्फी आमजन व स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री को दी जन्मदिन की बधाई   लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर  कुकरैल रेंज अवध वन प्रभाग में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां कपूर का पौधा लगाया, जबकि वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री ने यहां महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की। सीएम  की उपस्थिति में एक साथ 200 से अधिक पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी भी ली और मिष्ठान वितरित किया। सभी ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई भी दी।  हर व्यक्ति मां के नाम पर अवश्य लगाए एक पौधा  मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने लक्ष्य रखा कि नागरिक के रूप में मां व मातृभूमि के प्रति हमारा दायित्व बनता है। इसीलिए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की थीम मां को समर्पित की। हर व्यक्ति के लिए मां सबसे प्यारी होती है, इसलिए दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर व्यक्ति मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाकर इस अभियान को आगे बढ़ाए। शहर-गांव के फॉरेस्ट को विकसित करे। वन विभाग ने 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए हैं। आज 5 करोड़ पौधरोपण लक्ष्य के साथ यह कार्यक्रम बढ़ रहा है। पर्यावरण की गंभीर चिंता से ग्रसित है विश्व  सीएम ने कहा कि विश्व आज पर्यावरण की गंभीर चिंता से ग्रसित है। हर व्यक्ति जानता है कि पर्यावरण की चुनौती केवल प्रकृति की ही नहीं, बल्कि जीव सृष्टि की भी है। मौसम चक्र में आए परिवर्तन से अतिवृष्टि, अनावृष्टि आदि के कारण हम सभी इसके दुष्प्रभाव को देख रहे हैं। यह आपदा मानव निर्मित है और इस समस्या का समाधान भी मनुष्य को ही निकालना है।  पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से दूरी बनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक धरती मां के प्रति अपने दायित्वों व कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे तो हम पर्यावरण संरक्षण कर धरती माता को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रयास यह है कि हर व्यक्ति पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से दूरी बनाए और पर्यावरण की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास का हिस्सा बने।  अपील-सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कतई न करें मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के सरल उपायों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाएं यानी सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह रोकें। इससे होने वाले नुकसान से बचाने की कार्रवाई हर कोई आसानी से कर सकता है। सीएम ने अपील की कि कोई भी प्लास्टिक वेस्ट किसी सार्वजनिक स्थान, जलस्रोत, वाटिका, जंगल, उपवन आदि में न फेंकें।  बरसात की एक-एक बूंद को सुरक्षित करें सीएम ने जल संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित करने का प्रयास करें। पेड़ को क्षति न पहुंचाएं और हर महत्वपूर्ण आयोजन पर एक पेड़ अवश्य लगाएं। 9 वर्ष में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया। इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए विश्व पर्यावरण दिवस पर आज ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का शुभारंभ हो रहा है। सीएम ने स्कूली छात्रों से इस अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने, प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए सजग रहने, अभिभावकों को भी सचेत करने, जल संरक्षण के लिए व्यापक अभियान का हिस्सा बनने और पौधरोपण महाभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

सीएम योगी ने निभाया प्रकृति और मातृ सम्मान का संदेश, आवास पर लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’

सीएम योगी ने अपने आवास पर लगाया एक पेड़ मां के नाम आम का पौधा रोपकर मुख्यमंत्री ने सभी को दी विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामना पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी और तभी जीव सृष्टि भी बचेगीः मुख्यमंत्री लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधा लगाकर सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामना दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बचेगी तो जीव सृष्टि भी बचेगी, इसलिए हर नागरिक मातृभूमि के प्रति ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करे। पर्यावरण के प्रति सरकार ने अपने उत्तरदायित्वों का किया निर्वहन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने पर्यावरण व प्रकृति के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए 9 वर्ष में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2017 में शासन संभालते ही डबल इंजन सरकार ने वन महोत्सव के अवसर पर 5 करोड़ पौधरोपण कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उस समय हमारे सामने तमाम चुनौतियां थीं। न नर्सरी थी और न ही इतने बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अनुभव था, लेकिन वन एवं अन्य विभागों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।  9 वर्ष में प्रदेश में लगे 242 करोड़ से अधिक पौधे सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष के अंदर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया, जिससे प्रदेश का फॉरेस्ट कवर भी बढ़ा। पीएम मोदी ने प्रकृति व मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करते हुए कृतज्ञता स्वरूप तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के क्रम में आज पौधरोपण महाभियान प्रारंभ होने जा रहा है।  मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च दायित्वों में एक है पर्यावरण रक्षा  सीएम योगी ने प्रभु श्रीराम के उद्घोष ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ का भी जिक्र करते हुए कहा कि जननी व जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता हर नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च दायित्वों में एक है। प्रदेश सरकार पर्यावरण की रक्षा के लिए एक ओर वृहद पौधरोपण कार्यक्रम चला रही है, तो दूसरी ओर ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज, मौसम चक्र में परिवर्तन जैसी पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव, शहर, जनपद व प्रदेश प्लास्टिक मुक्त हो। सिंगल यूज प्लास्टिक को हतोत्साहित कर उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप से मिट्टी के बर्तनों को प्रोत्साहित किया गया। राज्य सरकार ने इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना पर जोर दिया। अप्रैल से जून तक हर गांव व शहर के तालाबों से प्रजापति व कुम्हार समाज के लोगों को निशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। उन्हें मैन्युअल के साथ ही सोलर व इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराया गया।  सीएम की अपील- सभी लोग पौधे लगाएं और उनका संरक्षण करें  मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए और अनेक मॉडल प्रस्तुत किए गए। विकास प्राधिकरण ने निश्चित क्षेत्रफल से बड़े एरिया में बनने वाले आवासीय भवनों तथा कमर्शियल परिसरों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया है। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सभी लोगों से पौधे लगाने और उनका संरक्षण किए जाने की अपील की।  इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, केपी मलिक, बलदेव सिंह औलख, दानिश आजाद अंसारी, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव (वन) वी हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी आदि मौजूद रहे।

यशस्वी जल्दी आउट, मुल्लांपुर टेस्ट में भारत की शुरुआत लड़खड़ाई

न्यू चंडीगढ़ भारत और अफगानिस्तान के बीच इकलौता टेस्ट मैच आज (6 जून) से शुरू हुआ है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में है. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने जीता है और पहले बैटिंग का निर्णय लिया. भारत की ओर से स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर मानव सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. भारत और अफगानिस्तान दोनों का साल 2026 में ये पहला टेस्ट मैच है. यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के 2025-27 चक्र का हिस्सा नहीं है. ऐसे में भारत इस मुकाबले को अगस्त में प्रस्तावित श्रीलंका दौरे के मद्देनजर तैयारियों के तौर पर देख रहा है, जहां शुभमन ब्रिगेड को दो टेस्ट मैच खेलने हैं. भारतीय टीम की पहली पारी में शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही. यशस्वी जायसवाल सिर्फ 24 रन बना सके और उन्हें मोहम्मद सलीम सफी ने पवेलियन रवाना किया. अफगानिस्तान का टेस्ट डेब्यू जून 2018 में भारत के खिलाफ बेंगलुरु में हुआ था. तब भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को पारी और 262 रनों से हराया था. अब दूसरी बार अफगानिस्तान संग भारतीय टीम टेस्ट मैच खेल रही है. देखा जाए तो अफगानिस्तान ने केवल 12 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उसने चार में जीत हासिल की. सात मुकाबले अफगानी टीम ने हारे और एक मुकाबला ड्रॉ़ पर छूटा. मुकाबले में भारत की प्लेइंग-11: केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल, मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा. अफगानिस्तान की संभावित प्लेइंग-11: सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज, अब्दुल मलिक, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अफसर जजई (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खरोटी, जियाउर रहमान शरीफी और मोहम्मद सलीम सफी.

पशु कल्याण की बड़ी पहल: झांसी में पांच एकड़ भूमि पर विकसित होगा गो आश्रय व पशु चिकित्सा केंद्र

झांसी में पांच एकड़ भूमि पर बनेगा गो आश्रय स्थल और पशु चिकित्सा एवं सेवा केंद्र पशुपालन विभाग की भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से संचालित होंगी पशु कल्याण गतिविधि मोठ तहसील में 5 एकड़ जमीन पर दया भावना फाउंडेशन बनाएगा पशु चिकित्सा एवं सेवा केंद्र योगी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी के बाद एमओयू का रास्ता हुआ साफ झांसी, सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए झांसी में पशु चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बुधवार को मिली मंजूरी के बाद अब पशुपालन विभाग के साथ दया भावना फाउंडेशन नाम की गैर सरकारी संस्था का एमओयू किया जाएगा। दया भावना फाउंडेशन इस पशु चिकित्सालय का निर्माण, पशु आश्रय स्थल का निर्माण और संचालन का काम करेगी। झांसी जिले के मोठ तहसील के ग्राम सभा बम्हरौली में पशुपालन विभाग की पांच एकड़ जमीन पर पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा। दया भावना फाउंडेशन सोनागिरी की झांसी शाखा पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण करेगी। इसमें पशुओं के उपचार के साथ ही उनके आश्रय की व्यवस्था रहेगी और चारे के उत्पादन आदि की गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। सारी गतिविधियां फाउंडेशन की ओर से की जाएंगी और जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग का रहेगा।  पशुपालन विभाग के झांसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. अरविंद सागर ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब गैर सरकारी संस्था के साथ एमओयू किया जाएगा। निराश्रित, बीमार और दुर्घटना का शिकार होने वाले पशुओं को संरक्षण देने में इससे काफी मदद मिलेगी। इस जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग के पास रहेगा जबकि पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल के निर्माण और संचालन का काम संस्था करेगी।

श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हादसे का शिकार, पंजाब में 8 लोगों की गई जान, कई घायल

फिरोजपुर पंजाब में फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट के जंगा वाला मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई। सभी श्रद्धालु डेरा ब्यास जा रहे थे। शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद माैके पर चीख पुकार मच गई। मृतकों में पांच महिलाएं और दस साल का एक बच्चा शामिल है।  डेरा ब्यास जा रहे थे श्रद्धालु जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी मे कई श्रद्धालु डेरा ब्यास दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दाैरान सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगा वाला मोड़ पर पिकअप की ट्राले से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का माैका ही नहीं मिला। लोग उछलकर आगे के शीशे से टकराए और सड़क पर गिरते गए। एक के बाद एक आठ लाशें बिछ गई। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्राले वाले की आंख लग गई थी और गाड़ी रांग साइड थी। पिकअप वाले को लगा कि ट्राला रांग साइड आ रहा है तो उसने गाड़ी हल्की मोड़ ली। इसी दाैरान अचानक ट्राले वाले की आंख खुल गई और उसने तुरंत अपनी गाड़ी सीधी कर ली। इसी दाैरान दोनों वाहन आपस में टकरा गए।  माैके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग माैके पर पहुंचे और लोगों को गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस भी माैके पर पहुंची और वाहनों को हटाकर रास्ता साफ करवाया। माैके पर माैत हादसे में महिंद्रा पिकअप में सवार आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि 20 के करीब जख्मी हो गए। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। जख्मियों को फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिंद्रा पिकअप गाड़ी में खचाखच लोग भरे हुए थे। ये सभी डेरा ब्यास जा रहे थे। बड़ी लापरवाही वहीं हादसे के बाद सामने आया कि पिकअप में लगभग 30 लोग बैठे थे। गाड़ी की छत और फर्श के बीच में एक विभाजन कर लोगों को भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी के पीछे भी लकड़ी के फट्टे लगाकर उसे बढ़ाया गया था और एक सीढ़ी लगा दी गई थी।   

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन

लेखा परीक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन के दावों को आयोग ने बताया भ्रामक और तथ्यहीन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन  लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि आयोग ने कहा, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का किया जा रहा प्रयास आयोग की अभ्यर्थियों से अपील, भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें लखनऊ  उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित किए जा रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन किया गया है तथा पदों का विज्ञापन संबंधित विभागों से प्राप्त अधियाचन और उनकी पुष्टि के आधार पर जारी किया गया है। आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न विभागों के नियंत्रणाधीन लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 रिक्त पदों पर चयन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। विज्ञापन जारी होने के बाद कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के सहायक लेखाकार के आरक्षित पदों को लेकर आरक्षण नीति के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय से सहायक लेखाकार के 609 पदों का अधियाचन प्राप्त हुआ था। इन पदों के संबंध में आरक्षण की गणना और श्रेणीवार वर्गीकरण शासन के प्रचलित नियमों एवं आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप किए जाने की पुष्टि स्वयं निदेशालय द्वारा की गई थी। विभाग ने यह भी अवगत कराया था कि पदों की श्रेणीवार गणना संवर्ग में सृजित कुल पदों के आधार पर की गई है, जो पूरी तरह नियमसम्मत है। आयोग ने बताया कि कुल 22 अधियाचनों के आधार पर 1829 पदों का विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के 609 पद भी शामिल हैं। आयोग को प्राप्त प्रत्येक अधियाचन में आरक्षण संबंधी गणना की पुष्टि संबंधित विभागों और निदेशालयों से प्राप्त होने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध है तथा आरक्षण नीति के उल्लंघन संबंधी दावे निराधार हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

पेड़ लगाकर मनाया पर्यावरण दिवस, जिंदल स्टील मशीनरी डिवीजन रायपुर ने दिखाई हरियाली के प्रति प्रतिबद्धता

जिंदल स्टील लिमिटेड, मशीनरी डिवीजन, रायपुर ने वृक्षारोपण अभियान के साथ विश्व पर्यावरण दिवस मनाया रायपुर,  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिंदल स्टील लिमिटेड, मशीनरी डिवीजन, रायपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए परिसर में पौधारोपण किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति की रक्षा और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री निलेश शाह, प्रमुख – मशीनरी डिवीजन ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। श्री सूर्योदय दुबे, प्रमुख – मानव संसाधन (एचआर), रायपुर ने कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए संगठन की सतत विकास एवं सामुदायिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती है, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की संस्कृति को भी बढ़ावा देती है। वृक्षारोपण अभियान में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण हेतु निरंतर हरित पहलों का समर्थन करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

यूपी बोर्ड छात्रों के लिए सुनहरा मौका, इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के आवेदन 27 जून तक

यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को एक और अवसर, इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए 27 जून तक आवेदन -योगी सरकार ने दिया असफलता को सफलता में बदलने का मौका, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा अवसर – हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू – 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक किए जा सकेंगे आवेदन प्रयागराज/लखनऊ शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने और किसी एक परीक्षा परिणाम को उनके भविष्य की बाधा न बनने देने की दिशा में योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट तथा इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की है। पात्र परीक्षार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे। पारदर्शी, तकनीक आधारित और विद्यार्थी हितैषी व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे प्रत्येक छात्र को अपनी क्षमता सिद्ध करने का अवसर मिल सके और उसका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट परीक्षा के अंतर्गत एक विषय में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे, जबकि कम्पार्टमेंट परीक्षा के अंतर्गत दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी किसी एक विषय की परीक्षा देने के पात्र होंगे। इसके लिए परीक्षा शुल्क 256.50 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में मानविकी, विज्ञान एवं वाणिज्य वर्ग के ऐसे विद्यार्थी, जो किसी एक विषय के किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण हैं, आवेदन कर सकेंगे। व्यावसायिक वर्ग के ट्रेड विषयों के ऐसे परीक्षार्थी भी पात्र होंगे, जो किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण रहे हैं। इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा का शुल्क 306 रुपये निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की मंशा है कि किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति केवल एक परीक्षा परिणाम के कारण बाधित न हो। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को अपनी त्रुटियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो न्यूनतम अंतर से सफलता से वंचित रह गए हैं। परीक्षार्थियों को निर्धारित शुल्क कोषागार चालान के माध्यम से जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के बाद उसकी प्रति तथा शुल्क जमा करने के चालान की मूल प्रति डाउनलोड कर अंतिम तिथि के बाद तीन दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को पंजीकृत डाक से भेजना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन विषयों में लिखित, प्रायोगिक अथवा प्रोजेक्ट कार्य शामिल हैं, उनके लिए निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी। जो परीक्षार्थी किसी विषय के केवल एक भाग में अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें उसी भाग की परीक्षा देने की सुविधा होगी। लिखित, प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट परीक्षाओं की तिथियां अलग से घोषित की जाएंगी।

मध्यप्रदेश में तबादलों की आंधी: 74 पुलिस अफसरों के बदले ठिकाने, अनु बेनिवाल जबलपुर रवाना

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए कई IPS अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला और नई जगहों पर तैनाती का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान राज्यपाल के नाम और निर्देश पर गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव ने भारतीय पुलिस सेवा के 8 अधिकारियों का नवीन पदस्थापना से जुड़ा आदेश जारी किया। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य शासन निम्नलिखित भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक बताए गए पद एवं स्थान पर पदस्थ किया जाता है। नए आदेश के अनुसार अनु बेनीवाल को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ग्वालियर से हटाकर ASP जबलपुर बनाया गया है। जबकि मिनी शुक्ला को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिंहगढ़ से हटाकर ADCP (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त), जोन-2, भोपाल पुलिस बनाया गया है। IPS अधिकारी करणदीप को बालाघाट जिले के बैहर से हटाकर उज्जैन भेजा गया है, वहीं सुजावल जग्गा को धार से हटाकर ग्वालियर भेजा गया है। तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चित नाम IPS दम्पति अनु बेनीवाल और आयुष जाखड़ का रहा। दोनों अफसरों को शिवपुरी से एएसपी के पद पर जबलपुर ट्रांसफर किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पुलिस तंत्र में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बड़ी संख्या में अधिकारियों के स्थानांतरण को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजगढ़ एसडीओपी को मिला प्रमोशन राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में पदस्थ एसडीओपी मिनी शुक्ला को प्रमोट कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-2) भोपाल नगरीय पुलिस बनाया गया है। मिनी शुक्ला का विवाह पिछले वर्ष आईएएस अधिकारी सुमित पांडेय से हुआ था। सुमित पांडेय वर्तमान में भोपाल में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। नई पोस्टिंग के बाद दोनों अधिकारी अब भोपाल में साथ सेवाएं देंगे। 66 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 66 अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। इन्हें विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस इकाइयों में एसपी और उप सेनानी के पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस पूरी सूची में विंध्य क्षेत्र से सबसे प्रमुख नाम आरती सिंह महाजन (SPS 2008 बैच) का है। रीवा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर लंबे समय से अपनी सशक्त सेवाएं दे रहीं। आरती सिंह महाजन का तबादला अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पी.टी.सी. (पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज), इंदौर के पद पर कर दिया गया है। 1. सुश्री अनु बेनिवाल, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-ग्वालियर नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-जबलपुर 2. श्री ओमप्रकाश, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांजी, बालाघाट नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-3, इंदौर नगरीय पुलिस 3. श्री करणदीप, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बैहर, जिला-बालाघाट नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-उज्जैन 4. श्री आयुष जाखड, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) करैरा, जिला-शिवपुरी नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-जबलपुर 5. श्री गौरव पाण्डेय, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जिला-सिंगरौली नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-सतना 6. सुश्री मिनी शुक्ला, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नरसिंहगढ़, जिला-राजगढ नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-2, भोपाल नगरीय पुलिस 7. श्री राज कृष्णा, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सबलगढ, जिला-मुरैना नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महू इंदौर ग्रामीण 8. श्री सुजावल जग्गा, भापुसे (आर.आर.-2022) वर्तमान पोस्टिंग- नगर पुलिस अधीक्षक, जिला-धार नई पोस्टिंग- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-ग्वालियर